अब बाबरी के अवशेष के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगा मुस्लिम पक्ष, जिलानी-धवन में हुई चर्चा

बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी (बीएमएसी) अगले सप्ताह बाबरी मस्जिद के अवशेष पर दावा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी। मुस्लिम पक्ष उस जगह से 1992 में गिराई गई बाबरी मस्जिद के अवशेष हटवाना चाहता है।

कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा कि हमने अपने वकील राजीव धवन के साथ चर्चा की है और उनका भी विचार है कि हमें मस्जिद के अवशेष पर दावा करना चाहिए। लिहाजा हम अगले सप्ताह दिल्ली में बैठक कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।

मस्जिद के लिए दी गई जगह से मुस्लिम पक्षकार नाखुश
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले के मुस्लिम पक्षकारों ने तोड़ी जा चुकी बाबरी मस्जिद के बदले मस्जिद बनाने के लिए दी गई जमीन की लोकेशन को लेकर नाखुशी जताई है। उनका कहना है कि जमीन नगर केंद्र से बहुत दूर हैं।

मामले के पक्षकार मोहम्मद उमर ने कहा कि जमीन का स्थान प्रमुख जगह नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अयोध्या में किसी भी प्रमुख स्थान पर जमीन आवंटित की जानी चाहिए, लेकिन आवंटित भूमि गांव में है और सड़क से 25 किलोमीटर दूर है, इसलिए यह प्रमुख स्थान नहीं है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड को यहां दी गई जमीन
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बुधवार को पत्रकारों को बताया था कि राज्य सरकार ने लखनऊ राजमार्ग पर अयोध्या में सोहावाल तहसील के धन्नीपुर गांव में जमीन का आवंटन पत्र सुन्नी वक्फ बोर्ड को दे दिया है। भूमि का यह टुकड़ा जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर है।

पहचानी गई जमीन तो अयोध्या तक में नहीं: मुस्लिम पक्षकार
मुकदमे के दूसरे पक्षकार हसबुल्लाह बादशाह खान ने कहा कि इस्माइल फारूकी के मामले में 1994 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट उल्लेख किया था कि मस्जिद और मंदिर 67 एकड़ की सीमा के अंदर होगी। 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, मस्जिद के लिए जमीन अयोध्या में एक अहम स्थान पर दी जाएगी। रौहानी थाना क्षेत्र और सोहावाल तहसील में पहचानी गई जमीन तो अयोध्या तक में नहीं है।

अयोध्या की बराबरी नहीं की जा सकती: जफरयाब जिलानी
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य और वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि शहर का नाम बदलने और उसकी नगरपालिका की सीमा का विस्तार करने का मतलब यह नहीं है कि जिस जमीन की पेशकश की गई है, वह अयोध्या में ही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल दिवाली के दौरान फैज़ाबाद जिले का नाम बदल कर अयोध्या कर दिया था। मुकदमे से संबंधित सभी दस्तावेज़ों में अयोध्या एक छोटा शहर है, फैज़ाबाद का शहर है। अब सरकार द्वारा बनाए गए नए जिले में इस अयोध्या की बराबरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत मुस्लिम संगठनों ने बाबरी मस्जिद के बदले में दूसरी जगह जमीन स्वीकार करने की निंदा की है।

बिरयानी वाले बयान पर घिरे योगी, चुनाव आयोग ने जारी किया नोटिस

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। योगी आदित्यनाथ ने करावल नगर की रैली में कहा था कि केजरीवाल शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को बिरयानी खिला रहे हैं। अब आयोग ने योगी को मामले में नोटिस जारी किया है।

दिल्ली चुनाव प्रचार में भाजपा के स्टार प्रचारक योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शाहीन बाग के जाम ने पूरी दिल्ली को जाम कर दिया है। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि उन शाहीन बाग वालों को केजरीवाल बिरयानी खिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के खांसते-खांसते आज पूरी दिल्ली खांस रही है। सीएम योगी ने कहा कि एक पाकिस्तानी मंत्री अरविंद केजरीवाल के समर्थन में बयान क्यों दे रहा है? क्योंकि उन्हें पता है कि केजरीवाल केवल शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को बिरयानी खिला सकते हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रचार गुरुवार शाम को पूरा हो गया। पूरे चुनाव प्रचार में भाजपा ने शाहीन बाग के मुद्दे को जमकर भुनाया। भाजपा ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर शाहीन बाग धरने का आयोजन करने का आरोप लगाया। भाजपा की ओर से सांसद प्रवेश वर्मा और मॉडल टाउन से उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर जमकर हमला किया।

दिल्ली का चुनाव प्रचार पूरा होने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों को मतदान और नतीजों का इंतजार हैं। अब 8 फरवरी को मतदान और 11 फरवरी को नतीजे सामने आएंगे। 

दिल्ली: सीबीआई ने उपमुख्यमंत्री सिसोदिया के ओएसडी को रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

सीबीआई ने दो लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले में दिल्ली सरकार के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जिन्हें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) बताया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि गोपाल कृष्ण माधव नामक अधिकारी को जीएसटी संबंधित मामले में कथित रूप से दो लाख रुपये रिश्वत लेते देर रात को गिरफ्तार किया गया।

इसे लेकर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि मुझे पता चला है कि सीबीआई ने एक जीएसटी इन्स्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह अधिकारी मेरे ऑफिस में बतौर ओएसडी भी तैनात था। सीबीआई को उसे तुरंत सख्त से सख्त सजा दिलानी चाहिए। ऐसे कई भ्रष्टाचारी अधिकारी मैंने खुद पिछले 5 साल में पकड़वाए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि माधव को पूछताछ के लिए तत्काल सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया। सूत्रों ने कहा कि इस मामले में सिसोदिया की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। मामले की जांच जारी है। वह 2015 से सिसोदिया के कार्यालय में तैनात हैं। यह गिरफ्तारी दिल्ली विधानसभा चुनाव से दो दिन पहले की गई है।

सीएए के विरोध पर भारी बोडो समझौता, असम पीएम मोदी के स्वागत को तैयार

नई दिल्ली 
अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब पीएम नरेंद्र मोदीको संशोधित नागरिकात कानून (सीएए) को लेकर भड़के आक्रोश की वजह से असम में जापानी पीएम शिंजो आबे के साथ शिखर सम्मेलन को रद्द करना पड़ा था, लेकिन केंद्र सरकार के एक अन्य फैसले ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।कोकराझार में लोगों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए गुरुवार को सड़कों और गलियों में मिट्टी के दीए जलाए। ऑल बोडो स्टूडेंट यूनियन (एबीएसयू) ने कोकराझार में बाइक रैली भी निकाली। पीएम के स्वागत की जोरदार तैयारियां की गई हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को असम में कोकराझार का दौरा करेंगे जहां वह बोडो समझौते पर हस्ताक्षर होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। पिछले दिसंबर में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने के बाद से यह प्रधानमंत्री का पहला पूर्वोत्तर दौरा होगा। प्रदर्शनों में तीन व्यक्ति मारे गए थे। 

पीएम ने गुरुवार को ट्वीट किया, ‘मैं असम में दौरे को लेकर उत्सुक हूं। मैं एक जनसभा को संबोधित करने के लिए कोकराझार में रहूंगा। हम बोडो समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर किए जाने का जश्न मनाएंगे जिससे दशकों की समस्या का अंत होगा। यह शांति और प्रगति के नये युग की शुरूआत का प्रतीक होगा।’बोडो समझौते पर हस्ताक्षर 27 जनवरी को सरकार द्वारा नैशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के चार धड़ों, आल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन और एक नागरिक समाज समूह के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य असम के बोडो बहुल क्षेत्रों में दीर्घकालिक शांति लाना है। 

प्रधानमंत्री ने हाल के एक ट्वीट में हस्ताक्षर वाले दिन को ‘भारत का एक बहुत खास दिन बताया था’ और कहा था कि यह बोडो लोगों के लिए परिवर्तनकारी परिणाम लाएगा। समझौते पर हस्ताक्षर होने के दो दिनों में एनडीएफबी के विभिन्न धड़ों के 1615 से अधिक सदस्यों ने अपने हथियार सौंप दिये थे और मुख्यधारा में शामिल हो गए थे। 

मोदी ने 26 जनवरी को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपील की थी कि जो भी हिंसा के मार्ग पर हैं वे मुख्यधारा में लौट आयें और अपने हथियार डाल दें। मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच एक शिखर बैठक पिछले साल दिसंबर में गुवाहाटी में होनी थी लेकिन सीएए विरोधी प्रदर्शनों के चलते उसे रद्द कर दिया गया था। मोदी को हाल में गुवाहाटी में सम्पन्न ‘खेलो इंडिया’ खेलों के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया था लेकिन वह उसमें शामिल नहीं हुए। 

मध्यप़देश लोकसेवा आयोग ने पदों की संख्या बढ़ाई

इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग MPPSC (Madhya Pradesh Public Service Commission) ने राज्य सेवा परीक्षा 2019 SSE (State Service Examination 2019) के लिए पदों की संख्या (Total number of post) बढ़ा दी है। MPPSC SSE 2019 के लिए कुल 145 नए पद शामिल किए गए हैं जबकि एक पद कम कर दिया गया है। इस तरह अब कुल रिक्त पदों की संख्या 533 हो गई है जो पहले 379 थी। लोक सेवा आयोग ने गुरुवार को शुद्धि पत्र जारी कर दिया है।

गुरुवार को राज्य सेवा परीक्षा के 14 नवंबर को जारी विज्ञापन के लिए शुद्धिपत्र जारी किया है। इसके जरिए पूर्व घोषित रिक्तियों में द्वितीय श्रेणी के 101 पद व तृतीय श्रेणी के 44 पद जोड़े गए हैं। साथ ही पूर्व में परीक्षा में शामिल मुख्य निरीक्षक मोटर व्हीकल परिवहन के 5 पदों को अब 4 कर दिया गया है। यानी 1 पद घटाया गया है। इससे पहले राज्य सेवा में कुल पदों की संख्या 379 थी, जो अब सवा पांच सौ पार हो गई है। नए शामिल किए गए पदों में जिला आबकारी अधिकारी, जिला पंजीयक, सहायक संचालक उद्योग, विकासखंड अधिकारी के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी के ख व ग श्रेणी के पदों के साथ ही आबकारी उपनिरीक्षक, उप पंजीयक के पद भी शामिल हुए हैं। पदों की संख्या बढ़ने से उम्मीदवार राहत महसूस करेंगे।

असल में पद बढ़ने से चयन की संभावना और सफलता का प्रतिशत भी बेहतर होगा। नियमानुसार पीएससी मुख्य परीक्षा के चयन परिणाम के पहले तक भी पदों की संख्या में परिवर्तन कर सकता है। इस आधार पर अभी कुछ और पदों के जुड़ने की संभावना बनी हुई है।

21वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी पुरस्कार (आईफा) 27से29 मार्च इंदौर में सलमान खान ने की भोपाल में शिरकत

बॉलीवुड के सुपरस्टार्स सलमान खान का राजनेताओं संग भी काफी अच्छा रिश्ता रहा है।हाल ही में सलमान खान ने इस साल इंदौर में होने वाले 21वें अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी पुरस्कार (आईफा) की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिरकत की।इस दौरान ये कॉन्फ्रेंस भोपाल में आयोजित की गई।जहां सलमान के साथ जैकलीन फर्नाडीस भी नजर आई।सलमान खान इस साल आईफा में ना सिर्फ शामिल होगें बल्कि इसकी मेजबानी भी करेंगे वही इस दौरान उनका एक्टर रितेश देशमुख भी साथ देने वाले है।

जिसके लिए सलमान ने कहा कि आईफा का हिस्सा बनना हमेशा खुशी की बात होती है और इनके 21वें सेलिब्रेशन के अवसर पर, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं अपने गृहनगर इंदौर में पहली बार आईफा अवार्ड्स की मेजबानी करूंगा।बता दें इस कॉन्फ्रेंस में सलमान-जैकलीन के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ भी मौजुद थे जिन्हें सलमान खान ने अपना छोटा भाई कहा।सलमान ने कहा कि इस यंग स्टेट के लिए इनसे बड़ा यूथ सीएम (सीएम) कोई नहीं है।जिस पर सीएम ने भी सलमान का शुक्रिया किया और कहा कि इस पल के लिए मैं काफी खुश हूं की आज टोरंटो, लंदन, न्यूयॉर्क और मैड्रिड जैसे दुनिया के चुनिंदा शहरों के बाद आईफा की यात्रा इंदौर पहुंच गई है।ये वाकई में एक दिलचस्प शुरुआत है।

आपको बता दें कि इसकी तैयारियां शुरु होने लगी है आईफा 27 से 29 मार्च तक इंदौर में ही आयोजित होगा जिसमें कैटरीना, जैकलीन, हुमा, श्रद्दा जैसी अभिनेत्रियां प्रस्तुति देंगी तो वही रिजीत सिंह, सचिन-जिगर और तनिष्क बागची के संगीत की भी बौछार होंगी।

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कमलनाथ सरकार का बड़ा फैसला,30 नगर परिषदों को तोड़कर वापस बनेगी 113 ग्राम पंचायते……

भोपाल कमलनाथ सरकार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के एक और बड़े फैसले को पलटने जा रही है। शिवराज सरकार द्वारा 2016 और 2018 में बनाई गईं 30 नगर परिषदों को सरकार फिर से ग्राम पंचायत में बदलने जा रही है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब यहां नगरीय निकाय चुनाव नहीं होंगे, बल्कि ग्राम पंचायत चुनाव ही होंगे। 30 नगरीय निकायों का विघटन कर यहां 113 ग्राम पंचायत ही रहेंगी। गौरतलब है कि शिवराज सरकार ने 2018 में 21 और 2016 में 9 नगर परिषद के गठन का फैसला किया था। यहां अभी तक नगरीय निकाय चुनाव नहीं हुए थे। आने वाले महीनों में यहां चुनाव होने थे, लेकिन नगरीय विकास विभाग ने इन्हें फिर से विघटित करने का फैसला किया है। नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह की सहमति मिलने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव भी आ सकता है। माना जा रहा है कि कैबिनेट के कुछ मंत्री इस फैसले पर असहमति जता सकते हैं।
30 नगर परिषद टूटकर बनेंगी 113 ग्राम पंचायत
राज्य सरकार ने विभिन्न ग्राम पंचायतों को मिलाकर अलग-अलग जिलों में 30 नगर परिषद का गठन किया था। यह निकाय टूटेंगे तो वापस 113 ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आ जाएगी।
इन जिलों के निकाय टूटेंगे
जिला–नगर परिषद–ग्राम पंचायत बनेगी
सागर–मालथौन–6
सागर–बांदरी–8
सागर–बिलहरा–7
सागर–सुरखी–5
पन्ना–गुन्नोर–1
गुना–मधुसूदनगढ़–6
अशोकनगर–पिपरई–1
शिवपुरी–रन्नोद–3
शिवपुरी–पोहरी–7
शिवपुरी–मगरौनी–3
भिंड–रौन–6
भिंड–मालनपुर–4
खरगोन–बिस्टान–5
बड़वानी–ठीकरी–2
बड़वानी–निवाली बुजुर्ग–5
धार–बाग–6
धार–गंधवानी–6
रीवा–डभौरा–7
सिवनी–केवलारी–7
सिवनी–छपारा–3
हरदा–सिराली–3
बैतूल–घोड़ाडोंगरी–1
बैतूल–शाहपुर–1
ग्वालियर–मोहना–1
मंदसौर–भैंसोदा मंडी-1
शहडोल–बकहो–1
अनुपपुर–वनगंवा(राजनगर)–1
अनुपपुर–डोला–1
अनुपपुर–डूमरकछार–1
उमरिया–मानपुर–4

फैशन डिजाईनर मनीष मल्होत्रा को मिला फिल्मफेयर अवार्ड ऑफ ऑनर

इंडस्ट्री के यह बेहतरीन डिजाइनर फिलहाल करण जौहर की अगली परियोजना ‘तख्त’ पर काम कर रहे हैं, जो अगले साल रिलीज होगी.

साल 2020 के फिल्मफेयर अवॉर्ड की घोषणा के बाद अब बॉलीवुड फैशन में अपने 30 साल के बेहतरीन और अमूल्य योगदान के लिए डिजाइनर मनीष मल्होत्रा को फिल्मफेयर अवार्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया. इस सम्मान को लेकर मनीष मल्होत्रा काफी उत्साहित हैं और

उन्होंने इस पर कहा, “मैं यह समझने में कभी-कभार विफल रहता हूं कि सिनेमा और फैशन के बीच एक छोटी सी दरार क्यों है. मेरे ख्याल से दोनों ही रचनात्मक माध्यम हैं और दोनों को साथ में मिलाना एक बेहद ही शानदार मुद्दा है.”

एक विशेष साक्षात्कार में डिजाइनर ने कहा, “एक तकनीकी परिधान डिजाइनर से लेकर फैशन हाउस तक का मेरा सफर आज एक फुल सर्कल जैसा लगता है. मुझे अपने इस सफर पर गर्व है और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस सफर में जुड़ने वालों और मेरे काम को अपना समर्थन देने के लिए फिल्मफेयर को मेरा धन्यवाद.”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे देश के भविष्य के बेहद प्रतिभाशाली सितारों सहित आज कलाकारों की चौथी पीढ़ी के साथ काम करते हुए तीस साल हो गए. एक हजार से अधिक फिल्में, अब तो मैंने इन्हें गिनना भी बंद कर दिया है.”

इंडस्ट्री के यह बेहतरीन डिजाइनर फिलहाल करण जौहर की अगली परियोजना ‘तख्त’ पर काम कर रहे हैं, जो अगले साल रिलीज होगी.

मल्होत्रा ने बताया, “मैंने हाल ही में अपने पिता को खोया है. 93 साल की उम्र में उनका निधन हुआ. एक चीज जो मैंने उनसे सीखी है, वह ये कि कभी रुकना नहीं है. उन्होंने 91 साल की उम्र तक काम किया और जब उनकी सेहत ने उन्हें ऐसा करने की और अनुमति नहीं दी, तब वह रुके. मैं तो बस 53 साल का हूं. मुझे लगता है कि यह आधा ही सफर है, अभी तो मीलों चलना है.”

दक्षिण भारत के फिल्म एक्टर्स के यहां आयकर विभाग की छापामारी




आयकर विभाग ने तमिलनाडु में कई बड़ी फिल्मी हस्तियों से जुड़ी जगहों पर छापेमारी की है. इस छापेमारी के दौरान अनुमानित तौर पर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित आय का पता चला है. साथ में जाने माने अभिनेता विजय के निवेश और कमाई की जांच की जा रही है.

आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को एक बयान में बताया कि बुधवार से जारी छापेमारी की कार्रवाई की जद में एक फिल्म प्रोडक्शन हाउस और अभिनेता विजय का आवास भी आया. विभाग ने बताया कि अचल संपत्तियों में अभिनेता का निवेश और हाल में आई उनकी फिल्म (बिजिल) के लिए प्रोड्कशन कंपनी से उनकी कमाई मौजूदा छापेमारी में जांच का विषय है.

छापेमारी पर शुरू हुई राजनीति

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के एस अलागिरी, विजय के समर्थन में आगे आ गए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी संभावनाएं हैं कि इन छापेमारियों का मकसद अभिनेता को ‘डराने’ का हो. उन्होंने कहा कि विजय की 2017 में आयी फिल्म ‘मेरसाल’ में जीएसटी और नोटबंदी को लेकर कुछ संवाद थे, जिसका विरोध भाजपा नेताओं ने किया था.

विभाग ने जांच के दायरे में किसी का भी नाम नहीं लिया है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि प्रोड्क्शन हाउस का नाम एजीएस एंटरटेंमेंट है, जो ‘बिजिल’ का निर्माता है और फाइनेंसर मदुरै के रहने वाले अंबु चेझियान हैं.

कई जगह हुई छापेमारी

राज्य के अलग अलग हिस्सों में 38 परिसरों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई थी. इस दौरान अघोषित आय का पता चला, जिसका 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का होने का अनुमान है.

विभाग ने बताया कि चेन्नई और मदुरै में गुप्त स्थानों पर रखी गयी करीब 77 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी जब्त की गई है. यह कथित रूप से फिल्म फाइनेंसरों से संबंधित है. छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में संपत्ति के दस्तावेज, वचन पत्र, पोस्ट डेटिड चेक और अन्य दस्तावेज़ों को जब्त किया गया है.

सूत्रों ने बताया कि विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘बिजिल’ की सफलता के बाद संदिग्ध कर चोरी की सूचना मिलने पर छापेमारी की कार्रवाई की गई थी.