डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी जीत, महाभियोग के आरोपों से सीनेट ने किया बरी

डोनाल्ड ट्रंप के महाभियोग को खरिज कर दिया गया
चलती रहेगी डैमोक्रेटिक पार्टी की अगुआई में जांच

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी राहत मिली है. सीनेट में दो हफ्ते तक चले ट्रायल के बाद डोनाल्ड ट्रंप के महाभियोग को खरिज कर दिया गया. डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगियों रिपब्लिकन के बहुमत वाले सीनेट ने शक्ति के दुरुपयोग के आरोप को 52-48 के अंतर से खारिज किया. दूसरे आरोप यानी कांग्रेस (संसद) की कार्रवाई बाधित करने के आरोप से 53-47 वोट के अंतर से खारिज किया गया.

सीनेट में महाभियोग भले ही खारिज हो गई हो लेकिन डैमोक्रेटिक पार्टी की अगुआई में चल रही जांच समाप्त नहीं होगी. वहीं राजनीतिक जानकार मानते हैं कि ट्रंप को पूरे कार्यकाल में 50 फीसदी समर्थन नहीं मिला था लेकिन महाभियोग पर फैसला आने की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति को 49 फीसदी लोगों का समर्थन मिला. 

डोनाल्ड ट्रंप महाभियोग का आरोप लगने के बावजूद दोबारा राष्ट्रपति चुनाव लड़ने वाले पहले व्यक्ति हैं.

ट्रंप ने बुधवार को कांग्रेस के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए कहा कि देश एक बार फिर बेहद सम्मानित तरीके से आगे बढ़ रहा है. ट्रम्प ने अपने करीब एक घंटे के संबोधन में कहा, ‘हम उस रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं, जिसकी कुछ समय पहले तक कल्पना करना मुश्किल था और अब हम पीछे नहीं मुड़ने वाले.’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके नेतृत्व में नौकरियां बढ़ रही है, आय बढ़ रही है, गरीबी कम हुई है और हमारा देश बेहद सम्मानित तरीके से आगे बढ़ रहा है. राष्ट्रपति ने कहा कि खराब अर्थव्यवस्था के साल अब लद गए हैं… झूठे वादों, बेरोजगारी और अमेरिकियों की सम्पत्ति, ताकत और प्रतिष्ठा में कमी आने की बहानेबाजी के दिन भी अब बीत गए.

पाकिस्तान में चीनी व्यक्ति को हुआ पेट दर्द तो शख्स ले गया उसे अस्पताल, बोला- ‘डॉक्टर इसे कोरोना वायरस है’ और फिर…

पाकिस्तान (Pakistan) के प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के चितराल में अपने तरह के एक अनूठे मामले में एक व्यक्ति पर जानलेवा कोरोना वायरस की अफवाह फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यक्ति का कहना है कि उसने एक चीनी नागरिक की तबियत अचानक बिगड़ जाने पर उसे अस्पताल पहुंचाया था और ‘डॉक्टरों को कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर चीनी नागरिक का मुकम्मल टेस्ट करने की’ सलाह दी थी.

पुलिस का कहना है कि इरशाद नाम के इस व्यक्ति ने पेट दर्द का इलाज करा रहे एक चीनी नागरिक को कोरोना वायरस का मरीज बता दिया. बिना इजाजत अस्पताल में चीनी की फोटो खींचकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और यह सूचना भी फैला दी कि यह चीनी हाल ही में चीन से लौटा है. पुलिस ने कहा कि अफवाह फैलाने के आरोप में इरशाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

इरशाद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत हासिल कर ली है. उसका कहना है कि बीते दिनों बाजार में यह चीनी नागरिक तबियत खराब होने के बाद अचानक गिर पड़ा था. इसके बाद उसने खुद ही चीनी को अस्पताल पहुंचाया था और अस्पताल वालों से बस यही गुजारिश की थी कि कोरोना वायरस को मद्देनजर रखकर इसकी मुकम्मल जांच कर लें.

अनूठी मिसाल / राष्ट्रस्तरीय किसान मेला: नाैकरी छाेड़ मात्र तीन पशुओं से शुरू की डेयरी, हर माह दाे से तीन लाख कमा रहीं अरुणा और सुनीता

हिसार .आदमपुर की रहने वाली अरुणा और सुनीता ने अध्यापक और प्राइवेट नाैकरी काे छाेड़कर मात्र तीन पशुओं से डेयरी फार्म शुरू किया था। अब दोनों के डेयरी फार्म में 80-80 तक पशु हैं। दूध, पनीर, और पशुओं की बिक्री कर दोनों हर माह दाे से लेकर तीन लाख रुपए तक कमा रही हैं। यही नहीं सुनीता यू-ट्यूब और फेसबुक पर अन्य महिलाओं और पशुपालकाें काे पशुपालनके टिप्स भी देती हैं।

केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान में लगाए गए राष्ट्र स्तरीय मेले में सुनीता और अरुणा पहुंचीं। जहां पर उन्हें सम्मानित भी किया गया। अरुणा पूर्व में आदमपुर के एक स्कूल में अध्यापिका थी। सुनीता काे मल्टीनेशनल कंपनी में जाॅब के लिए ऑफर मिला था। दोनों ने नाैकरी काे ठुकराकर पशुपालन में कॅरिअर बनाने की ठानी। अब दोनों अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्त्राेत बन गई हैं।

पशुपालकाें काे दिया संदेश
पुराने ताैर तरीकाें के अलावा पशुपालकाें काे वैज्ञानिक तरीके से भी पशुपालन करना चाहिए। निश्चित ही सफलता मिलती है। काेई भी कार्य छाेटा-बड़ा नहीं हाेता है। मन लगाकर किए कार्य में सफलता हर हाल में मिलती है। सफलता मिलने में भले ही देर सकती है।

यू ट्यूब वीडियो देख हुई प्रभावित
अरुणा देवी ने बताया कि वर्ष 2001 में यू ट्यूब पर एक वीडियाे देखी थी। इसमें पशुपालन में एक किसान के हर माह लाखों रुपए कमाने के बारे में दिखाया गया था। वीडियाे से वह काफी प्रभावित हुई तथा उसने अपने पति सुभाष चंद के साथ आदमपुर में ही तीन पशुओं से डेयरी फार्म शुरू किया। अब डेयरी फार्म में करीब 80 पशु हैं। वह हर माह तीन लाख रुपए तक कमा रही हैं। इसके लिए वह प्रदेशभर में दूध के अलावा पनीर, दही और भैंसाें की बिक्री करती हैं।

भाई के साथ मिलकर शुरू किया था डेयरी फार्म
सुनीता ने बताया कि उसने केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र में ट्रेनिंग लेने के बाद अपने भाई के साथ आदमपुर में डेयरी फार्म शुरू किया था। इसमें मुर्रा नस्ल समेत कई प्रजातियाें के करीब 60 पशु हैं। हर माह दाे लाख रुपए तक कमा रही है।

खासियत यह है कि सुनीता ने यू-ट्यूब पर भी अपना चैनल बनाया हुआहै। एमकॉम कर चुकी सुनीता यू-ट्यूब चैनल और फेसबुक पेज लाइव आकर वह पशुपालकाें काे पशुओंकाे पालने, बीमारियाें से निजात की भी जानकारी देती है।

यही नहीं किसानों काे गोष्ठी के माध्यम से जागरूक किया जाता है। केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान के डायरेक्टर डाॅ. एसएस दहिया का कहना है कि अन्य किसान और पशुपालक भी संस्थान में आकर ट्रेनिंग ले सकते हैं, ताकि वह पशुपालन में कैरियर बनाकर खुद का बिजनेस स्थापित कर सके।

ग्वालियर / मंत्री प्रद्युम्न सिंह ताेमर के डांस का वीडियो वायरल; अपने भाई की बारात में जमकर नाचे

ग्वालियर. सफाई अभियान काे लेकर अक्सरसुर्खियों में रहने वालेखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रीप्रद्युम्न सिंह तोमर का डांस करते हुए वीडियो वायरल हो रहा है।वह बारातियों के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं। वह कुछ देर के लिए मंजीरा मास्टर भी बन जाते हैं। उनका डांस वीडियो वायरल हो रहा है। मंत्री अपने भाई की शादी में डांस कर रहे थे।

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मंगलवार की रात को अपनेचचेरे भाई सीटू तोमर की शादी में शामिल हुए।हजीरा से बारात शुरू हुई जो वृंदावन गार्डन पहुंची।बारात में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर परिवार सहित शामिल हुए।दूल्हा बने चचेरे भाई वा धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, सत्येंद्र सिंह तोमर ने भैया प्रद्युम्न सिंह सेगुजारिश की तो मंत्री अपनी खुशी रोक नहीं पाए और बारात के बीच में पहुंचकर थिरकने लगे। थोड़ी देर के लिए वह मंजीरा मास्टर बन भी बन गए और मंजीरे बजाते हुए डांस करने लगे।वो बारातियों के साथ फिल्मी गानों परझूम-झूमकर नाच रहे थे और उनके समर्थक ताल से ताल मिला रहे थे।मंत्रीनाचे तो समर्थकों ने उन पर नोट भी उड़ाए।

इमरती देवी का डांस वीडियो भी वायरल हुआ था 
मंत्री प्रद्युम्न सिंह का डांस करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। इससे पहले ग्वालियरअंचल की एक अन्य मंत्रीइमरती देवी के डांस वीडियो भी सामने आया था।पिछले दिनों नानी बनी इमरती देवी ने अपनी बेटी और नातिन के गृह प्रवेश पर संगीत का कार्यक्रम रखा था, जिसमें उन्होंने डांस किया था। वहीं दमोह के पथरिया सेबसपा विधायक रामबाई का डांस वीडियो भी वायरल हो चुका है।

मप्र / केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, ट्रिपलआईटी भोपाल को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा

भोपाल. मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) की मेंटरशिप में सत्र 2107-18 स्व भोपाल में संचालित आईआईआईटी सहित देश के पांच और आईआईआईटी को भी अब बाकी आईआईआईटी की तरह राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित करने की मंजूरी भारत सरकार ने दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आईआईआईटी अमेंडमेंट बिल -2020 को स्वीकृत कर यह फैसला लिया गया।

इसके साथ ही निर्णय लिया गया है कि यह पांचों आईआईआईटी पीपीपी मोड पर ही स्थापित रहेंगे। वर्तमान में करीब में 20 आईआईआईटी है। इनमें से सिर्फ 15 संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा पूर्व में मिला था। इनमें भोपाल के अलावा सूरत,भागलपुर, अगरतला और रायचूर पांच ऐसे आईआईआईटी शामिल है, जिन्हें यह दर्जा नहीं मिला है। अब संसद में यह बिल पास होते ही इन संस्थानों को अंतिम रूप से राष्ट्रीय महत्व का दर्जा मिल जाएगा।

आईआईआईटी भोपाल को राज्य शासन ने जमीन आवंटित कर दी है। हालांकि यह संस्थान अभी भी इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप के लिए ऐसी इंडस्ट्री की खोज कर रहा है जो इसके उद्देश्यों की पूर्ति कर सके। वर्तमान में इसके करीब 350 छात्र-छात्राओं की कक्षाएं मैनिट परिसर में संचालित हो रही हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला चंदा, मोदी सरकार ने दिया 1 रुपया नकद!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ऐलान कर दिया. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे. इनमें 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे. गठन के बाद ट्रस्ट को केंद्र सरकार की ओर से 1 रुपये का नकद दान भी मिला. यह ट्रस्ट को मिला पहला दान बताया जा रहा है.

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठितश्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को पहले दान के तौर पर 1 रुपया नकद दिया ताकि ट्रस्ट अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर सके.

केंद्र सरकार की ओर से यह दान ट्रस्ट को गृह मंत्रालय में अवर सचिव डी. मुर्मू ने दिया. अधिकारी ने बताया कि ट्रस्ट अचल संपत्ति सहित बिना किसी शर्त के किसी भी व्यक्ति से किसी भी रूप में दान, अनुदान, अंशदान, योगदान ले सकता है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान की पैरवी करने वाले सीनियर एडवोकेट केशवन अय्यंगार परासरण ट्रस्ट में होंगे. ट्रस्ट में जगतगुरु शंकराचार्य, जगतगुरु माधवानंद स्वामी, युगपुरुष परमानंद जी महाराज का नाम भी सदस्यों में होंगे. इसके अलावा पुणे के गोविंद देव गिरि, अयोध्या के डॉक्टर अनिल मिश्रा, कामेश्वर चौपाल और निर्मोही अखाड़ा के धीरेंद्र दास का नाम भी शामिल है.

शुरुआत में तो ट्रस्ट वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण के आवास से कार्य करेगा, लेकिन बाद में इसका स्थायी कार्यालय खोला जाएगा. इस ट्रस्ट के पास राम मंदिर निर्माण और इससे जुड़े विषयों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय करने के अधिकार होंगे. ट्रस्ट का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में होगा.

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के कुछ देर बाद मोदी ने राम मंदिर निर्माण की ‘वृहद योजना’ और इसके लिए ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ नामक ट्रस्ट के गठन की लोकसभा में सूचना दी. मोदी ने कहा कि मंत्रिमंडल का निर्णय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में गत 9 नवंबर को उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले के अनुरूप है.

शीर्ष अदालत ने लंबे समय से लंबित इस धार्मिक मुद्दे का समाधान करते हुए अयोध्या में संबंधित स्थल पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था और केंद्र को इसके वास्ते ट्रस्ट निर्माण के लिए तीन महीने का समय दिया था. सुप्रीम कोर्ट की तीन महीने की समयसीमा चार दिन बाद खत्म होने वाली थी.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर मेरी सरकार ने अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थल पर विशाल और भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए एक वृहद योजना को आज स्वीकृति दे दी है और इसका निर्माण कार्य देखने के लिए ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ नाम से एक ट्रस्ट गठित किया है.’

ट्रस्टी होने की शर्त

ट्रस्टी में से एक के लिए अनिवार्य शर्त हिंदू होना भी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक निर्मोही अखाड़ा के मंहत धीरेंद्र दास भी एक ट्रस्टी होंगे. इस ट्रस्ट के चेयरमैन को ट्रस्टी ही नियुक्त करेंगे.

आरबीआइ के गाइड लाइन से अनजान हैं ग्राहक, बैंक में हर खाताधारी के पैसे का बीमा होता है.

समाज का हर वर्ग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा भविष्य व अपने बाल-बच्चों के लिए सुरक्षित रखना चाहता है। इसके लिए हर व्यक्ति बैंक में खाता खोल कर उसमें थोड़े-थोड़े पैसे जमा करता है। लेकिन आज साइबर क्राइम काफी अधिक बढ़ गया है। इसके चलते बैंक में भी किसी का पैसा सुरक्षित नहीं है। कब किसके साथ साइबर क्राइम हो जाए यह कहना मुश्किल है। साइबर अपराधी कम पढ़ लिखे लोगों के साथ-साथ अब शिक्षित वर्ग को भी अपने झांसे में लेकर उनकी कमाई को उनके बैंक खाते से निकाल ले रहे हैं। इसकी जानकारी उस समय हो रही है जब एसएमएस से सूचना मिली रही है। आनन-फानन में पीड़ित थाना में पहुंचते हैं और आवेदन देते हैं तथा टाल फ्री नंबर पर अपने खाता से राशि निकासी होने की सूचना संबंधित बैंक के हेड आफिस को देते हैं। थाना में प्राथमिकी आवेदन देने के दो या तीन दिन के बाद होती है। इसके चलते उनकी राशि पुन: नहीं मिल पाती। जबकि आरबीआइ के गाइडलाइन के अनुसार ऐसा नहीं है।
आरबीआइ की यह है गाइड लाइन –
ताजा मामला एक सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक शिव परसन दुबे के साथ हुआ है। नगर के वार्ड 13 में रहने वाले सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक के अनुसार आरबीआइ के गाइडलाइन की जानकारी यहां के ग्राहकों को नहीं है। इसी के चलते बैंक कर्मी भी इसका फायदा उठा रहे हैं। उनके अनुसार यदि किसी की राशि साइबर अपराधियों द्वारा अवैध रूप से निकासी कर ली जाती है तो घटना के तीन दिन के अंदर यदि उक्त व्यक्ति प्राथमिकी की कॉपी बैंक में जमा करता है तो सारी जवाबदेही बैंक की होती है। बैंक को उक्त व्यक्ति का पैसा दस दिन के अंदर लौटाना है। उन्होंने बताया कि बैंक में जमा हर खाताधारी के पैसे का बीमा होता है। बैंक के कर्मी स्वयं आरबीआइ के नियम का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने अपनी घटना के बारे में बताते हुए कहा कि 21 नवंबर 2019 को उनके पीएनबी के खाता से अवैध निकासी की गई। आरबीआइ के गाइडलाइन के अनुसार उन्होंने सारी प्रक्रिया पूरी कर बैंक में प्राथमिकी की कॉपी तीन दिनों के अंदर समर्पित की। इसके बाद छह दिसंबर 2019 को उनके खाते से निकासी की गई राशि को क्रेडिट किया गया। लेकिन अब बैंक द्वारा राशि निकासी पर रोक लगा दी गई। इस प्रक्रिया की जानकारी ग्राहकों को नहीं है, इसके चलते उनकी राशि नहीं लौट रही।
प्रचार-प्रसार का है अभाव-
जिले में बैंक द्वारा साइबर अपराध से बचाव के लिए लोगों को जागरूक नहीं किया जा रहा है। सिर्फ हेड आफिस से कभी-कभार मोबाइल पर मैसेज आता है, जिसमें यह लिखा रहता है कि कोई बैंक एटीएम पिन कोड या अन्य जानकारी नहीं मांगता। लेकिन आज भी कई लोग ऐसे हैं जिनका मोबाइल नंबर खाता से लिक नहीं है। इसके चलते कई लोगों को इस बात का मैसेज भी नहीं आता। इसके अलावा बैंक प्रबंधन द्वारा सिर्फ अपने-अपने खाता में इसके प्रचार को लेकर पोस्टर आदि चस्पा दिए गए हैं। जिस पर सभी ग्राहकों की नजर नहीं पहुंचती। इसके चलते लोग साइबर अपराध के बारे में पूरी जानकारी नहीं रख पाते। साइबर अपराधी फोन कर अपनी बातों से लोगों को ऐसा भ्रमित करते हैं कि वे सच में बैंक के ही कर्मी बोल रहे हैं। ऐसे में कई लोग उन्हें बैंक खाता की जानकारी देकर अपनी राशि गंवा देते हैं।

4103 पदों पर भारतीय खाद्य निगम FCI में बम्पर भर्ती.

भारतीय खाद्य निगम FCI ने जूनियर इंजीनियर (सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल मैकेनिकल इंजीनियरिंग), स्टेनो ग्रेड- II, टाइपिस्ट, सहायक ग्रेड- II और III की भर्ती के लिए एक नवीनतम अधिसूचना जारी की है।

विज्ञापन संख्या – 1/2020

पद का विवरण :

पद का नाम : जूनियर इंजीनियर, टाइपिस्ट, स्टेनो और अन्य पद

पद की संख्या : 4103

वेतनमान : रु. 9300 /- से 29950 /-(प्रति माह)

शैक्षिक योग्यता : स्नातक, डिग्री, डिप्लोमा

आयु सीमा : 18 – 28 वर्ष।

कार्यस्थल : आल इंडिया

आवेदन शुल्क :

जनरल /ओबीसी के लिए – 500 /-

एससी / एसटी के लिए – कोई शुल्क नहीं

आवेदन कैसे करें : ऑफलाइन

चयन प्रकिया : उम्मीदवारों का चयन ऑनलाइन परीक्षा, कौशल परीक्षा, दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तिथियाँ :

आवेदन जमा करने की प्रारंभिक तिथि : 17 जनवरी 2020

आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि: 19 फरवरी

आजाद हिंद फौज के महानायक कर्नल ढिल्लन की पुण्यतिथि पर याद कर रहे शिवपुरी वासी

सर्वधर्म प्रार्थना सभा के साथ समाधि स्थल पर शहरवासी श्रद्धांजलि देकर उन्हें करेंगे याद नेताजी सुभाषचंद्र..

सर्वधर्म प्रार्थना सभा के साथ समाधि स्थल पर शहरवासी श्रद्धांजलि देकर उन्हें करेंगे याद

नेताजी सुभाषचंद्र बोस के आजाद हिंद फौज में कर्नल रहे गुरुबख्श सिंह ढिल्लन की 14वीं पुण्यतिथि पर सारा शहर उन्हें श्रद्धांजलि देकर याद करेगा। भारत सरकार द्वारा पदम भूषण से सम्मानित कर्नल ढिल्लन पर डाक विभाग द्वारा टिकट भी प्रकाशित किया गया है। खास बात यह है सेवानिवृत्ति के बाद शहर से 10 किमी दूर स्थित हातौद को अपनी कर्मस्थली इसलिए बनाया क्योंकि गोरिल्ला युद्ध के प्रणेता अमर शहीद तात्याटोपे की शिवपुरी बलिदान स्थली थी और गोरिल्ला युद्ध में वह भी माहिर थे।

इतिहासकार अरुण अपेक्षित की माने तो शिवपुरी में कर्नल ढिल्लन को बसने की नसीहत जाने-माने कवि घासीराम जैन ने दी थी। इसके बाद जब 1951 में वह शिवपुरी आए तो उनकी आजाद हिंद फौज में वीरता के किस्से सुनकर शहरवासी दंग थे और उनसे मिलने आतुर थे। जब वह समाजसेवी और कवि घासीराम जैन के साथ शायर हाफिज निसार साहब से मिले तो उन्होंने शहर से 10 किमी दूर ग्राम कोटा में स्थित हातौद की जमीन को मात्र 1 रुपए में कर्नल ढिल्लन को दिया था और इसके बाद उन्होंने यहां ढिल्लन फार्म विकसित कर इसे अपना स्थायी निवास बना लिया था।

आज यह होंगे कार्यक्रम

आजाद हिंद फौज के महानायक पद्म भूषण कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की तेरहवीं पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा 6 फरवरी को सुबह 11.30 बजे समाधि स्थल आजाद हिंद पार्क ग्राम हातौद में आयोजित की गई है। जिसमें प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधि और शहरवासी शामिल होंगे, जबकि समाजसेवी संस्था बीपीएम जयहिंद मिशन बार पैदल मशाल यात्रा स्थानीय तात्याटोपे समाधि स्थल से स्व.कर्नल के ग्राम हातौद स्थित समाधि स्थल पहुंचेगी जहां यात्रा का समापन होगा।