➖➖➖➖ सलमान और प्रवीण कक्कड़ की मुलाकात मे गहरी दोस्ती दिखी.


**डॉ भूपेंद़ विकल


शिवपुरी।आईफा अवार्ड की भोपाल मे आयोजित मुख्यमंत्री कमलनाथ की पत्रकार वार्ता मे प्रख्यात अभिनेता सलमान खान की शिवपुरी मे रहे ,शिक्षा ग्रहण की ओर शिवपुरी का नाम रोशन करने बाले वर्तमान मे मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी.प्रवीण कक्कड़ की गहरी दोस्ती दिखाई दी ।
सोशल मीडिया पर इनके चाहने बालोने इनके फोटोज वायरल कर दिये।अनेक समाचार-पत्रों व वेब न्यूज पोर्टल मे खबरें प्रकशित हुई है।
शिवपुरी मे भी इनके मित्रो व प्रेमियों मे हर्ष व्याप्त है।
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मध्य प्रदेश / कैबिनेट ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास किया, कमलनाथ सरकार ने कहा- यह अधिनियम संविधान के आदर्शों के अनुरूप नहीं

भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में नागरिकता संशोधन कानून को वापस लेने के लिए संकल्प पारित किया गया है। संकल्प में मांग की गई है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को निरस्त किया जाए। यह जानकारी कैबिनेट की बैठक के बाद जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने दी। बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। इससे पहले केरल, पंजाब, राजस्थान विधानसभा ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था।

मंत्री शर्मा ने कैबिनेट बैठक में पारित संकल्प को पढ़कर सुनाया। सरकार ने कहा कि संसद में पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 संविधान के आदर्शों के अनुरूप नहीं है।

सरकार ने संकल्प पत्र में कहा…

संकल्प पत्र में कहा- यह पहला अवसर है जब धर्म के आधार पर विभेद करने के प्रावधान संबंधी कोई कानून देश में लागू किया गया है। इससे देश का पंथनिरपेक्ष रूप और सहिष्णुता का ताना-बाना खतरे में पड़ जाएगा।कानून में ऐसे प्रावधान किए गए जो लोगों की समझ से परे हैं और आशंका को भी जन्म देते हैं। इसके परिणाम स्वरूप ही देशभर में कानून का व्यापक विरोध हुआ है और हो रहा है। मध्यप्रदेश में भी इस कानून के विरोध में लगातार प्रदर्शन देखे गए हैं जो कि शांतिपूर्ण रहे हैं। इनमें समाज के सभी वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं। इन तत्वों के मद्देनजर मध्यप्रदेश शासन भारत सरकार से आग्रह करता है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 को निरस्त किया जाए। साथ ही ऐसी नई सूचनाएं, जिन्हें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर 2020 में अद्यतन करने के लिए कहा है उन्हें भी वापस लिया जाए। उसके बाद ही जनगणना का काम हाथ में लिया जाए।

भोपाल / एयरपोर्ट के बाद अब योगेश ने हमीदिया में उत्पात मचाया, टीआई को काटा, सिपाही की वर्दी फाड़ी

भोपाल.राजाभोज एयरपोर्ट पर रविवार शाम उत्पात मचाने वाले योगेश त्रिपाठी ने गांधी नगर के नए थाना प्रभारी विजय सिंह सेंगर के हाथ में दांत से काट लिया। सिपाही भोजराज की वर्दी भी फाड़ दी। पुलिस मेडिकल चैकअप कराने के लिए उसे लेकर हमीदिया पहुंची तो भी योगेश ने हंगामा मचाया। पुलिस ने समझाया तो गाली-गलौज करने लगा। इधर, 3दिन बीत जाने के बाद भी एयरपोर्ट अथॉरिटी और सीआईएसएफ के अफसर इस मामले में बरती गई लापरवाही की जिम्मेदारी तय नहीं कर पाई है।

गांधीनगर थाने में सुबह सिर दीवार पर मारा, अस्पताल में चीखता-चिल्लाता रहा योगेश

योगेश 5 दिन तक गांधी नगर पुलिस की रिमांड पर है। मंगलवार सुबह 10 बजे उसने गुस्सा करना शुरू कर दिया। अपना सिर दीवार पर मारा तो पुलिस उसे हमीदिया अस्पताल ले गई। यहां उसके हाथ-पैर स्ट्रेचर से बांध दिए। योगेश के साथ उसकी मां और बहन भी अस्पताल पहुंचीं। बेटे को इस हाल में देखकर दोनों की आंखें नम हो गईं।

कुछ लिखने को कहा तो लिखा- एवरीथिंग इज गुड
पुलिस ने मंगलवार सुबह उसकी मन:स्थिति जानने के मकसद से कोरे कागज पर कुछ लिखने के लिए कहा। योगेश ने पहले तो आनाकानी की फिर पेन उठाकर लिखना शुरू कर दिया। लिखा- सुबह हो गई है, गुड मॉर्निंग। मैं समझ गया हूं, आप लोग मुझे कहीं लेकर जाने वाले हैं। आदेश का पालन होगा। सोमवार को उसने लिखा था एवरीथिंग इज गुड, सब ठीक हो रहा है।

सिपाही से बोला था- मैं इंटरव्यू देने आया हूं
स्टेट हैंगर के गेट पर तैनात एसएएफ के सिपाही संजय यादव से उसने कहा कि मैं इंटरव्यू देने आया हूं, मेरी ट्रेनिंग चल रही है। जवानों जैसी वेशभूषा देखकर सिपाही उसके झांसे में आ गया और उसे एंट्री दे दी। इसी लापरवाही पर संजय को सस्पेंड कर दिया गया है। गांधी नगर थाना प्रभारी तरुण भाटी के लाइन अटैच होने के बाद नवागत सब इंस्पेक्टर विजय सिंह सेंगर ने बतौर थाना प्रभारी आमद दे दी है।

एयरपोर्ट पर 18 चेकपोस्ट, दो मूविंग पार्टी फिर भी नहीं तय हुई जिम्मेदारी

इस मामले में एयरपोर्ट अथॉरिटी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं कर पाई है। इतना सब होने के बाद भी एयरपोर्ट डायरेक्टर अनिल विक्रम जवाबदारी से बचते रहे। भास्कर के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इस मुद्दे पर बात करना ठीक नहीं है। एक-दो महीने बीत जाएं तब बात कर सकते हैं। ये हाल तब हैं, जब तीन महीने पहले एयरपोर्ट परिसर से 30 कैट आई चोरी हो गई थीं। संभागायुक्त की बैठक में भी एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ाने का मुद्दा उठ चुका है। इस बीच दो दिन से सुरक्षा व्यवस्था में खामियां तलाश रहे जीएम सिक्योरिटी कैप्टन सुधीर कुमार मलिक ने मंगलवार को भी निरीक्षण किया।

पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था की मांगी रिपोर्ट

डीजीपी विजय कुमार सिंह का कहना है कि एडीजी इंटेलीजेंस और आईजी भोपाल से स्टेट हैंगर की सुरक्षा व्यवस्था व पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है। जानकारी चाही गई है कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई। चूक के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है। इधर, योगेश के दोस्त और इंस्टीट्यूट ऑफ साॅफ्टवेयर टेक्नालॉजी (आईएसटी) के डायरेक्टर शिवनाथ बिल्लाेरे ने बताया कि याेगेश का व्यवहार भी दूसरे बच्चाें की भांति ही सामान्य था। वह पढ़ाई में औसत था।

अगले 3 साल में भारत को मिल जाएंगे सैन्‍य कमान, सेना में होगा अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल

नई दिल्‍ली: अब से तीन वर्षों में भारत सैन्य इतिहास में सबसे बड़े पुनर्गठन में थलसेना, वायुसेना और नौसेना के संचालन को एकीकृत करने वाले सैन्य कमानों का संचालन शुरू कर देगा. चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ का पद संभालने के बाद पहली बार अपने संबोधन में जनरल बिपिन रावत ने कहा, ‘यह उनका लक्ष्‍य था कि सेना के तीनों अंगों को एक ऐसे सशस्‍त्र बल के रूप में विकसित करना, जिसमें उनकी क्षमताएं, साजो-सामान और सैनिक एकीकृत हों. इसका उद्देश्‍य है खर्च में कमी लाना, जनशक्ति को युक्तिसंगत बनाना औ यह सुनिश्चित करना कि सशस्‍त्र बल एकजुट इकाई के रूप में लड़ें.’

कमान की संख्‍या को फिलहाल अंतिम रूप नहीं दिया गया है, चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ फिलहाल तैयार हो रहे प्रस्‍तावों को देख रहे हैं, जिससे अंतत: एक पश्चिमी थिएटर कमान, उत्तरी कमान जो लद्दाख से लेकर नेपाल की सीमा को कवर करेगा और जम्‍मू कश्‍मीर के लिए एक अलग थिएटर कमान का गठन हो सकेगा. एक पूर्वी थिएटर कमान संभवतः नेपाल के पूर्व में सीमावर्ती क्षेत्रों को कवर करेगी. इन थिएटर कमांड्स की संख्या, जो फिलहाल सेना के नेतृत्व में होगी, अभी भी तय नहीं की गई है.

पाकिस्‍तान और चीन से लगती जमीनी सीमाओं को कवर करने वाली इन कमांड्स के अलावा भारत के पास नेवी के तहत एक प्रायद्वीपीय कमान भी होगी. साथ ही वायुसेना के तहत एक एयर डिफेंस कमान और अंतरिक्ष कमान भी होगी. हर थिएटर कमान में एक अभिन्न वायु सेना तत्व होगा और आवश्यकता की प्रकृति के आधार पर, अतिरिक्त विमान तैनात किए जा सकते हैं. सीडीएस ने कहा, ‘हमें लगता है कि वहां मौजूद सभी साजो-सामान को एक सेवा के तहत एकीकृत रहना चाहिए और नियंत्रण के मुद्दों का सरलीकरण किया जाना चाहिए.’

चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ और सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों के बीच प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि तय समय के भीतर कमानों को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करना उनका उद्देश्य था.

जनरल रावत ने कहा कि उच्च मूल्य वाले सैन्य अधिग्रहण, जैसे नौसेना के लिए प्रस्तावित तीसरा विमान वाहक, ‘अर्थव्यवस्था कैसे आगे बढ़ती है, इस पर निर्भर करता है. नौसेना ने तीसरे स्‍वदेशी विमान वाहक पोत को मंजूरी देने के लिए वर्षों तक सरकार से लड़ाई लड़ी है, जो फिलहाल सेवारत आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विक्रांत, जिसका जल्द ही परीक्षण शुरू होने वाला है, का पूरक होगा.

इसी तरह, भारतीय वायुसेना के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को लगता है कि उच्च सेवा सुनिश्चित करने के लिए महंगे लड़ाकू विमानों की खरीद को कम करना महत्वपूर्ण है. भारत 114 लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण करने की प्रक्रिया में है, जिसके लिए वैश्विक निविदा पहले ही जारी की जा चुकी है.

जनरल रावत ने समझाते हुए कहा, ‘मेनटेनेंस साइकल को देखें, अगर एक छोटे समय में ज्‍यादा विमानों का अधिग्रहण होगा तो एक साथ ही उनके रखरखाव की भी जरूरत होगी. इसका मतलब यह होगा कि इनमें से कई एक साथ एक समय के लिए कमीशन से बाहर हो जाएंगे. इसके बजाय, वायुसेना के लिए चरणबद्ध अधिग्रहण की एक प्रणाली का मतलब होगा कि कम से कम कुछ प्रमुख संसाधन जैसे कि लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन परिचालन के लिए उपलब्ध होंगे जबकि अन्य की सर्विस की जा रही होगी.’

लागत कम करने का एक अन्‍य तरीका यह होगा कि बेहद उच्‍च गुणवत्ता वाले गोला-बारूद का देश में ही निर्माण किया जाए. उन्‍होंने सवाल किया कि अगर गोला-बारूद की उपयोगिता योग्‍य समय 10 साल है तो क्‍या आप उसे 20 साल के लिए स्‍टॉक करेंगे? यह जरूरी है कि जरूरत के वक्‍त तेजी से गोला-बारूद के उत्‍पादन करने की क्षमता विकसित की जाए.

सबसे दूरगामी प्रस्तावों में से एक, सीधे भारतीय सशस्त्र बलों के 1.33 लाख करोड़ रुपये के पेंशन बजट में कटौती करने की आवश्यकता से जुड़ा हुआ है, जो गैर-अधिकारी रैंक के कर्मियों को 58 वर्ष की आयु तक नियोजित करने में सक्षम करेगा. जनरल रावत ने कहा, ‘मुझे लगता है कि सेना के एक तिहाई लोग 58 वर्ष की उम्र तक काम कर सकते हैं. वर्तमान में सशस्‍त्र बलों से सैनिक 37-38 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं, जबकि अधिकारी सामान्‍यत: 58 वर्ष की उम्र में रिटायर होते हैं. पेंशन का बजट बहुत ज्‍यादा है. क्या यह टिकाऊ है?’

अपनी तात्‍कालिक प्राथमिकताओं को बताते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ ने कहा कि वह बर्बादी को कम से कम करने की कोशिश करेंगे. सप्‍लाइज की ओवर स्‍टॉकिंग को रोकेंगे और अगर संभव हुआ तो जेनरेटर और वाहनों के कलपुर्जों जैसे सामानों की जीरो स्‍टॉकिंग की ओर भी बढ़ेंगे क्‍योंकि ऐसे सामान बाजार में आसानी से मिल जाते हैं. उन्‍होंने कहा कि अधिशेष यानी सरप्‍लस और कमियों को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने की आवश्यकता है. संयुक्तता और अनुकूलन समय की आवश्यकता है.

मप्र / पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा की संपत्ति का मामला कोर्ट में पहुंचा, पहली पत्नी के बहू-बेटों ने मांगा हिस्सा

भोपाल. पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा की पहली पत्नी सावित्री देवी के परिवार ने संपत्ति बंटवारे की मांग की है। सतीश दयाल शर्मा की पत्नी शोभा शर्मा और उनके दोनों बेटे सर्वेश दयाल शर्मा और सौरभ दयाल शर्मा ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि उन्हें अपने दादा (शंकर दयाल) की संपत्ति पर पूरा हक है। लेकिन, आशुतोष दयाल यानी डॉ. शर्मा की दूसरी पत्नी विमला शर्मा के बेटे उन्हें यह हक नहीं दे रहे हैं। सर्वेश और सौरभ ने कहा कि वे चाहते हैं कि दादाजी की संपत्ति सार्वजनिक की जाए और उसमें से उन्हें आधा हिस्सा दिया जाए। हालांकि, उन्होंने स्वीकारा कि वे कोलार में जिस मकान में रह रहे हैं वह आशुतोष के नाम पर है। लेकिन, कुछ समय से दोनों परिवारों का आपस में कोई संपर्क नहीं है।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा के परिवार में संपत्ति को लेकर तनातनी चल रही है। डॉ. शर्मा की पहली पत्नी सावित्री देवी के एक ही बेटे सतीश और दूसरी पत्नी विमला शर्मा के बेटे आशुतोष हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि डॉ. शंकर दयाल शर्मा की दिल्ली, भोपाल इंदौर और रायसेन जिले में करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र बनाएगा राम मंदिर, लोकसभा में PM मोदी ने की ट्रस्ट की घोषणा

नई दिल्ली, एजेंसी। बजट सत्र चल रह है। बुधवार को पीएम मोदी ने लोकसभा में बोलते हुए राम मंदिर पर एक बड़ी जानकारी साक्षा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने राम मंदिर को लेकर ट्रस्ट तैयार कर लिया है। जल्द ही यह ट्रस्ट मंदिर निर्माण पर फैसले लेगा। ट्रस्ट का नाम- श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र। इसके अलावा अभी दोनों सदन चल रहे हैं। इसमें विपक्ष कई मुद्दों पर केंद्र को घेरता नजर आ सकता है। इन मुद्दों में CAA और NRC आम है, जिनपर आज नहीं बल्कि पिछले दिनों से विपक्ष हमलावर है। 

पीएम मोदी बोले- सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था। इसने सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने को भी कहा था। आज सुबह एक बैठक में कोर्ट के निर्णय के अनुरूप बड़े फैसले लिए गए हैं। हमने अयोध्या में यूपी सरकार को सुन्नी वक्फ बोर्ड के लिए 5 एकड़ जमीन देने का अनुरोध किया। यूपी सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है।

-पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा, ‘9 नवंबर को फैसले के बाद, भारत के सभी नागरिकों ने देश की लोकतांत्रिक प्रणाली में अपनी धारणा साबित कर दी थी। मैं भारत के लोगों द्वारा दिखाए गए चरित्र की सराहना करता हूं। भारत में रहने वाले सभी समुदाय एक बड़े परिवार के सदस्य हैं। हमारी संस्कृति, परंपराएं, हमें वसुधैव कुटुंबकम और सर्वे भवन्तु सुखिनः का दर्शन देती हैं और इसी भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती हैं’। 

-पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा, ‘9 नवंबर, 2019 को मैं करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए पंजाब में था। वो एक अद्भुत अनुभव था। इसी दौरान मुझे राम जन्मभूमि मामले पर ऐतिहासिक निर्णय के बारे में पता चला था।’ इससे पहले उन्होंने कहा कि करोड़ों देशवासियों की तरह ही मेरे हृदय के करीब है इस विषय पर बात करना मैं अपना सौभाग्य समझता हूं। ये विषय श्रीराम जन्म भूमि से जुड़ा हुआ है। ये विषय है अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर से जुड़ा हुआ है।

-सरकार ने राममंदिर के दर्शन के लिए जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए एक और बड़ा फैसला किया है। सरकार ने फैसला किया है कि अधिकृत भूमि, जो लगभग 67.703 एकड़ है और अंदर और बाहर के कोर्टयार्ड को राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र में दे दिया जाएगा। ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा।

-पीएम मोदी ने कहा कि ट्रस्ट मंदिर निर्माण पर सभी फैसले लेगा।

-लोकसभा में पीएम मोदी: हमने अयोध्या में राम मंदिर के विकास के लिए एक योजना तैयार की है। एक ट्रस्ट बनाया गया है, इसे ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र’ का नाम दिया गया है।

आरएसएस की बैठक / भाजपा की अंदरूनी गतिविधियों पर चर्चा हो सकती है, मोहन भागवत 34 संगठनों के कामकाज की समीक्षा करेंगे

भोपाल. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की समन्वय बैठक बुधवार से होने जा रही है। सर संघचालक मोहन भागवत 34 संगठनों के साथ उनके कामकाज की समीक्षा करेंगे। इसमें भाजपा भी शामिल है, लेकिन पहली बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और संगठन महामंत्री सुहास भगत के अलावा प्रदेश में रह रहे राष्ट्रीय पदाधिकारी कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा, प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर, अजय प्रताप सिंह, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, विधायक दल के मुख्य सचेतक नरोत्तम मिश्रा, चारों केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गेहलोत, प्रहलाद पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते को भी बुलाया गया है।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश महामंत्री विष्णु दत्त शर्मा को दिल्ली चुनाव के कारण छूट मिली है। बैठक सुबह 8 बजे से गुरुवार दोपहर तक शारदा विहार में चलेगी। प्रदेश भाजपा के तमाम बड़े नेताओं को बुलाए जाने से साफ है कि संघ प्रमुख भाजपा की अंदरूनी गतिविधियों पर भी बात कर सकते हैं, लेकिन यह बातचीत चुनिंदा लोगों के बीच होगी। मप्र में पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त होना है। अटकलें हैं कि दूसरे नेता भी दावेदारी पेश कर रहे हैं। भाजपा की गतिविधियों, कार्यक्रमों, आयोजनों के साथ सीएए के अभियानों के बारे में भागवत बात कर सकते हैं। भाजपा के अलावा आरएसएस के अन्य अनुषांगिक संगठनों के कामकाज की भी समीक्षा होगी। भाजपा से उसके समन्वय के बारे में भागवत पूछेंगे। चार दिवसीय दौरे पर आए भागवत ने मंगलवार को विभाग प्रचारकों के साथ बात की थी।

ऐसे स्वयंसेवक बनाओ जो हर परिस्थिति में खड़े रहें
सर संघचालक भागवत ने प्रांत व जिले में काम कर रहे विभाग, जिला एवं प्रांत प्रचारकों से चर्चा करते हुए कहा कि धर्म संस्कृति एवं समाज के विकास को पूर्ण करने का दायित्व हमारा है। इसमें सभी स्वयंसेवकों को जुटना होगा। समस्याओं के समाधान के लिए ऐसे सामर्थ्यवान स्वयंसेवक खड़े करने हैं जो परिस्थिति के साथ स्वयं की भूमिका को तय करने के लिए तैयार रहें। भागवत ने ग्राम विकास के कार्यों पर चर्चा की एवं वर्तमान कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी वर्ष के कार्यक्रमों को सामने रखा।

संघ ने चयनित गांवों का दो श्रेणियों में किया विभाजन
ग्राम विकास के लिए चयनित गांवों को संघ ने दो भागों में विभाजित किया है। प्रभात ग्राम जिसमें सेवा कार्यों के बाद परिवर्तन दिखाई देने लगा है। उदय ग्राम, जहां काम अभी शुरू हुआ है। मालवा प्रांत में 193 उदय ग्राम एवं 120 प्रभात ग्राम हैं। इसी प्रकार मध्य भारत, महाकौशल प्रांत एवं छत्तीसगढ़ में भी उदय ग्रामों एवं प्रभात ग्रामों की संख्या क्रमश: 21 एवं 8, 54 एवं 12 और 27 एवं 14 है।

CM योगी के करीबी महंत कौशलेंद्र गिरि पर जानलेवा हमला, बाल-बाल बचे

बलिया.रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा गांव के पास सोमवार देर शाम को अराजकतत्वों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी श्रीनाथ बाबा मठ के मठाधीश महंत कौशलेंद्र गिरि पर हमला कर दिया. इस अप्रत्‍याशित घटना में उनकी स्कॉर्पियो क्षतिग्रस्त हो गई. इस घटना में मठ के पुजारी टुन्ना बाबा को हल्की चोटें भी आई हैं. वहीं, महंत कौशलेंद्र गिरि बाल-बाल बच गए हैं. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस अराजकतत्वों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. इस घटना को लेकर महंत के शिष्यों के साथ हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश है.

जानकारी के मुताबिक, महंत कौशलेंद्र गिरि अपने सहयोगियों के साथ स्कॉर्पियो से बेसवान गांव एक निमंत्रण में जा रहे थे. उसी दौरान मुडेरा गांव के पावर हाउस के पास लगभग आधा दर्जन लोगों ने उनकी गाड़ी पर तबातोड़ पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान गाड़ी में सवार मठ के पुजारी टुन्ना बाबा चोटिल हो गए. सहयोगियों ने महंत कौशलेंद्र गिरि को बचा लिया. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच कर बदमाशों की तलाश में लग गई है.

कार्यक्रम में वापस गए बिना लौट आए महंत
पथराव के बाद हमलावर फरार हो गये. महंत ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी और बिना कार्यक्रम में गए वापस अपने मठ रसड़ा लौट आए. घटना की सूचना मिलने पर मौके पर कोतवाली प्रभारी सुरेन्द्र सिह पुलिस फोर्स के साथ मठ पहुंचे. वहीं, कुछ देर बाद सीओ केपी सिह ने भी घटना की जानकारी लेते हुए जांच शुरू कर दिया.

मप्र / राजगढ़ कलेक्टर पर एएसआई को थप्पड़ मारने का आरोप प्रमाणित; डीजीपी ने गृह विभाग को लिखा पत्र, कार्रवाई हो

भोपाल. राजगढ़ जिले की कलेक्टर निधि निवेदिता पर एएसआई को थप्पड़ मारने का आरोप प्रमाणित पाया गया है। डीजीपी वीके सिंह ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर यह जानकारी दी। डीजीपी ने लिखा है कि कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि पुलिस चाहे तो इस मामले में सीधे कार्रवाई कर सकती थी, लेकिन मामला कलेक्टर से जुड़ा होने की वजह से सरकार को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी गई है। इस पत्र के बाद आईएएस एसोसिएशन और आईपीएस एसोसिएशन में मतभेद उजागर हो गए हैं। 

राजगढ़ के ब्यावरा में 19 जनवरी को सीएए के समर्थन में हुई रैली के दौरान ड्यूटी पर तैनात एएसआई नरेश शर्मा ने शिकायत की थी कि कलेक्टर मैडम ने उन्हें थप्पड़ मारा। एएसआई ने शिकायत में बताया था कि दोपहर 1 बजे वे ड्यूटी पर तैनात थे। उसी दौरान कलेक्टर मैडम आईं और उन्होंने गाड़ी का गेट खोलकर उसे थप्पड़ मार दिया। कलेक्टर के इस व्यवहार से वह बहुत आहत हैं। इस शिकायत की जांच एसडीओपी सौम्या अग्रवाल ने की। जांच में शिकायत सही पाई गई। यह जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी गई थी।

पुलिस मुख्यालय ने पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट के तथ्य सरकार को बताए हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि यह रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच गई है। आईएएस एसोसिएशन ने भाजपा नेता को थप्पड़ मारे जाने के मामले में कलेक्टर का बचाव किया था। हालांकि अब जांच रिपोर्ट के सवाल पर एसोसिएशन के पदाधिकारी कुछ भी बोलने तैयार नहीं है। पीएचक्यू की रिपोर्ट मिलने के बाद गृहमंत्री बाला बच्चन भी चुप्पी साध गए हैं। उनका कहना है कि डीजीपी के पत्र के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

क्या था मामला 
सीएए के समर्थन में हुई रैली के दौरान भाजपा नेता को कलेक्टर निधि निवेदिता ने थप्पड़ मार दिया था। इस मामले में जब कलेक्टर की आलोचना हुई तो आईएएस एसोसिएशन उनके पक्ष में आ गया। हालांकि इसके कुछ दिनों बाद कलेक्टर द्वारा एक पटवारी को थप्पड़ मारे जाने का वीडियो वायरल हो गया। फिर एएसआई ने भी एसपी को ऐसी ही शिकायत की। पटवारी और एएसआई के साथ हुई घटना भी 19 जनवरी की है।