उद्धव ठाकरे का ऐलान- नागरिकता साबित करना मुश्किल, महाराष्ट्र में नहीं लागू होगा NRC

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है कि वह महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू नहीं करेंगे. शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने साक्षात्कार में उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) नागरिकता को छीनने के बारे में नहीं है, यह देने के बारे में है. अगर एनआरसी लागू किया गया, तो हिंदुओं और मुसलमानों दोनों के लिए नागरिकता साबित करना मुश्किल होगा. मैं ऐसा नहीं होने दूंगा.’

इससे पहले लोकसभा में शिवसेना ने नागरिकता संशोधन बिल पर मोदी सरकार का समर्थन किया था. हालांकि जब नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा से पारित होकर राज्यसभा पहुंचा, तो शिवसेना ने सदन से वाक आउट किया था. इसके बाद संसद के दोनों सदनों से नागरिकता संशोधन बिल पारित हो गया था और राष्ट्रपति की मंजूरी से कानून बन गया था. नागरिकता संशोधन अधिनियम को सरकारी गजट में भी प्रकाशित किया जा चुका है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का यह ताजा बयान उस समय सामने आया है, जब नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम मुसलमानों के खिलाफ है और धर्म के आधार पर भेदभाव करता है.

नागरिकता संशोधन अधिनियम की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है. हालांकि मोदी सरकार का कहना है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न के शिकार अल्पसंख्यकों यानी हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी समुदाय के लोगों को नागरिकता देने के लिए लाया गया है. इसका हिंदुस्तान के मुसलमानों से कोई लेना देना नहीं हैं. मोदी सरकार का यह भी कहना है कि अभी तक एनआरसी को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई है.

राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई कर यूरिया की 200 बोरी जप्त

नरसिंहपुर 

यूरिया की कमी के चलते महंगे दामों में बेच रहे थे खादi

संयुक्त टीम ने ग्राम सहावन के सहावन टोला में ट्रैक्टर ट्राली में भरा खाद 100 बोरी यूरिया से भरा हुआ था अधिकारियों के पूछने पर नरेश ने बताया कि देवेंद्र चौक से पिता नर्मदा प्रसाद चौकसे से पनागर वालों का है जो कि यहां पर खड़ा करके चला गए हैं Iराजस्व विभाग के अधिकारियों ने तहसीलदार विनोद कुमार साहू उर्वरक निरीक्षक कृषि अधिकारी पीएस कौशल ने पनागर पहुंचकर देवेंद्र चौकसे पिता नर्मदा प्रसाद चौकसे  के घर पर छापा मार कार्यवाही की गई वहां से 72 बोरी खाद मिला वहीं ग्राम पनागर में एक जगह और छापामारी की गई अरविन्द चौकसे पिता धनश्याम चौकसेेए के यहां 81 बोरी यूरिया खाद अवैध रूप से रखा पाया गया वह कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कोई प्रमाण नहीं बता पाए कि किसी के लिए यूरिया की मात्रा में कार भाई मैं और आर आई सुरेश उपाध्याय पटवारी गजेन्द्र वर्मा एवं प्रधान आरक्षक राकेश दीक्षित धर्मेन्द्र शर्मा सैनिक राजेश कोरव आदि  मौजूद रहे

पाकिस्तान / महंगाई से परेशान सांसदों की मांग- तनख्वाह में 400% का इजाफा हो, परिवार को मुफ्त हवाई यात्रा की सुविधा मिले

इस्लामाबाद. महंगाई से परेशान पाकिस्तान के सांसद एक प्रस्ताव संसद में पेश करने जा रहे हैं। इसमें सैलरी 400 फीसदी बढ़ाने की मांग है। इतना ही नहीं, इन सांसदों की यह भी मांग है कि उनके परिवारों के लिए हवाई यात्रा मुफ्त की जाए। महंगाई के अलावा इन सांसदों का एक तर्क यह भी है कि डॉलर की तुलना में पाकिस्तानी रुपए की कीमत लगातार गिरती जा रही है। फिलहाल, एक डॉलर 156 पाकिस्तानी रुपए के करीब है। मुल्क में महंगाई दर 13.25 हो चुकी है।

महंगाई से जिंदगी मुहाल
पाकिस्तान के अखबार ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ सांसदों ने सीनेट सचिवालय में एक प्रस्ताव जमा कराया है। इसमें कहा गया है कि सीनेट के चेयरमैन-डिप्टी चेयरमैन के अलावा नेशनल एसेंबली के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर की सैलरी में चार सौ फीसदी और सभी सांसदों के वेतन में सौ फीसदी यानी दोगुनी वृद्धि की जाए। प्रस्ताव के अनुसार, सांसदों की यह मांग भी है कि उनके परिवार को बिजनेस क्लास में मुफ्त हवाई यात्रा की सुविधा मिले। प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि महंगाई और रुपए की कीमत में जारी गिरावट की वजह से वे यह मांग करने पर मजबूर हैं।

वित्त मंत्रालय करेगा विचार
सीनेट सचिवालय ने यह प्रस्ताव फिलहाल, विचार के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है। दोनों मंत्रालय इस पर विचार के बाद स्पीकर को रिपोर्ट सौंपेंगे। सीनेट चेयरमैन और नेशनल असेंबली के स्पीकर की सैलरी करीब ढाई लाख पाकिस्तानी रुपए है। इसे आठ लाख सत्तर हजार रुपए करने की मांग है। इतना वेतन सुप्रीम कोर्ट के जजों को मिलता है। सीनेट के डिप्टी चेयरमैन और नेशनल एसेंबली के डिप्टी स्पीकर की तनख्वाह वर्तमान में करीब 1.84 लाख रुपए प्रतिमाह है। इसे भी 400 गुना करने की मांग है।

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बजट 2020 पर उठाए सवाल, कहा- अब अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की उम्मीद छोड़ चुकी है सरकार?

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को पेश आम बजट को लेकर दावा किया कि इससे साबित होता है कि केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की उम्मीद छोड़ चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट में रोजगार सृजन को लेकर कुछ नहीं कहा गया है. चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, ”मैंने हाल के वर्षों का सबसे लंबा बजट भाषण देखा. यह 160 मिनट तक चला. मुझे समझ नहीं आया कि बजट 2020-21 से क्या सन्देश देने का इरादा था.” उन्होंने कहा, ”मुझे इस बजट में कोई यादगार विचार या बयान नहीं दिखा.” 

पूर्व वित्त मंत्री ने दावा किया कि सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने की उम्मीद छोड़ चुकी है. उन्होंने कहा, ”सरकार यह नहीं मान रही है कि अर्थव्यवस्था संकट में है. सरकार सुधार में यकीन नहीं करती.” चिदंबरम ने सवाल किया, ”क्या वित्त मंत्री ने आर्थिक समीक्षा नहीं पढ़ी? मुझे लगता है कि नहीं पढ़ी.” जनता ऐसा बजट नहीं चाहती थी और इस बजट के लिए भाजपा को वोट नहीं दिया था. वित्त मंत्री सीतारमण ने शनिवार को संसद में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए आम बजट पेश किया. 

चीन में कोरोना वायरस का तांडव जारी, 304 लोगों की मौत, 14,380 संक्रमित

इस वायरस का दिसंबर की शुरुआत में पता चला था और इसके हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान स्थित बाजार से फैलने की आशंका है जहां मांस के लिए जंगली जानवरों की बिक्री होती है.

बीजिंग: चीन में फैले घातक कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 304 हो गई है और इससे 14,380 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने अपनी दैनिक रिपोर्ट में बताया कि शनिवार तक इस बीमारी के कारण 304 लोगों की मौत हो गई और 14,380 लोगों के इस विषाणु से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. चीन के एनएससी के अनुसार सभी लोगों की मौत हुबेई प्रांत में हुई है.

आयोग ने बताया कि शनिवार को इस संक्रमण के 4,562 नए संदिग्ध मामले सामने आए. उसने बताया कि शनिवार को 315 मरीज गंभीर रूप से बीमार हो गए और 85 लोगों को स्वास्थ्य सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

आयोग ने बताया कि कुल 2,110 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और कुल 19,544 लोगों के इस विषाणु से संक्रमित होने का संदेह है. कुल 328 लोगों को स्वास्थ्य में सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

कुल 21 देशों में कोरोना वायरस से जुड़े मामले सामने आए
चीन के वुहान से फैलते हुए अब कोरोना वायरस कई देशों में दस्तक दे चुका है. अब तक कुल 21 देशों में कोरोना वायरस से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं. थाईलैंड में छुआछूत से कोरोना वायरस फैलने का पहला मामला सामने आया है. चीनी पर्यटक की वजह से एक टैक्सी ड्राइवर भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गया. थाईलैंड में एक ही दिन में कोरोना वायरस को लेकर 5 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद अब थाईलैंड मे कोरोना वायरस से जुड़े मामलों की संख्या 19 तक पहुंच गई है.

नोवेल कोरोना वायरस वायरस सी-फूड से जुड़ा है
नोवेल कोरोना वायरस का ताजा मामला चीन के वुहान प्रांत में सामने आया. यहां पांच जनवरी को नोवेल कोरोना वायरस से एक शख्स की मौत हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस अभी विकसित हो रहा है.डब्ल्यूएचओ की प्राथमिक जांच से मिली जानकारी के मुताबिक, यह वायरस सी-फूड से जुड़ा है. कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं. यह वायरस ऊंट, बिल्ली और चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है. दुर्लभ स्थिति में पशु मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं.

सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण वाले किसी भी शख्स के संपर्क में आने से बचें
वहीं सभी सामान्य जनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा गया है कि सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण वाले किसी व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से बचें. (किसी भी व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें). घर में हर किसी को हर समय हाथ की सफाई रखनी चाहिए और हाथ धोना चाहिए, विशेष तौर पर छींकने या खांसने के बाद.

हिंदूवादी नेता रंजीत बच्चन को हत्या से हड़कंप




लखनऊ. अन्तरराष्ट्रीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष रंजीत बच्चन   की सरेराह गोली मारकर हत्या  के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है. लखनऊ में कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद यह पहली बड़ी वारदात है. लिहाजा पुलिस हत्या की वजह तलाशने में जुटी है. पुलिस की कई टीमें हत्या की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है.

बता दें  रंजीत बच्चन समाजवादी पार्टी से भी जुड़े थे. वह सपा के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी करवाते रहे हैं. यही वजह थी कि उन्हें हजरतगंज के पॉश ओसीआर बिल्डिंग में फ्लैट आवंटित किया गया था. बताया जा रहा है कि उन्होंने दो शादियां की थीं. पहली पत्नी से किसी वजह से उनका संबंध विच्छेद हो गया था. इसी मामले में रंजीत बच्चन के खिलाफ गोरखपुर में पारिवारिक रंजिश का एक एफआईआर भी दर्ज है. लिहाजा, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.

जांच के लिए चार टीमें गठित

लखनऊ पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने इस हत्याकांड की जांच के लिए चार टीमों का गठन किया है. एक टीम उनके पार्टी से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है. दूसरी टीम उनके सोशल मीडिया अकाउंट को खंगाल रही है. इसके अलावा दो टीमें उनके घर आने-जाने वालों और परिवार वालों से संपर्क कर जानकारी जुटाने में लगी है.

कमलेश तिवारी हत्याकांड से जोड़कर हो रही जांच

उधर, पुलिस हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड से जोड़कर भी मामले की छानबीन में जुटी है. पुलिस ने बरेली के डीआईजी राजेश पांडेय से भी संपर्क कर जांच में सहयोग करने को कहा है. कमलेश तिवारी हत्याकांड में तीन आरोपी अभी हल में ही जमानत पर रिहा होकर जेल से बाहर आए हैं. बरेली पुलिस से तीनों से पूछताछ के लिए कहा गया है.

‘साइलेंट किलर’ है उच्च रक्तचाप रोजाना के जीवन में कुछ सावधानियां आवश्यक हैं.

ह्रदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनिया का लगभग हर तीसरा व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure)से प्रभावित है। हाई ब्लड प्रेशर का कोई इलाज नहीं है हालांकि दवाओं के जरिए इसे कंट्रोल रखा जाता है, जो कहीं न कहीं आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं। हालांकि खानपान की आदतों और लाइफस्‍टाइल को कंट्रोल कर पर हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचा जा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में रक्त हमारी धमनियों पर दबाव डालता है, जिसके कारण ब्लड-प्रेशर बढ़ जाता है, इसी को हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं। यह समस्या किसी भी व्यक्ति को किसी भी उम्र में हो सकती है। एक बार हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का शिकार हो जाने पर इससे छुटकारा पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। हाई ब्लड-प्रेशर को ‘साइलेंट किलर’भी कहा जाता है। इसके कारण आप कई अन्य बीमारियों का भी शिकार हो सकते हैं, जिससे शरीर के अंगों पर भी नुकसानदेह प्रभाव पड़ता है। इस लेख में हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि कैसे आप हाई ब्लड प्रेशर को बड़ी आसानी से लो कर सकते हैं या लो रख सकते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर को कम रखने के 10 तरीके

ध्यान लगाएं

ध्यान तनाव से राहत देता है, और कई अध्ययनों से पता चला है कि यह ब्लड प्रेशर को भी कम कर सकता है। हर दिन,चुपचाप बैठने के लिए और सांस लेने के लिए कम से कम पांच मिनट का समय जरूर निकालें।
तनाव से दूर रहें

तनाव हार्मोन आपकी रक्त वहिकाओं को सिकड़ोने लगते हैं और ब्लड प्रेशर में अस्थायी रूप से बढ़ोत्तरी होने लगती है। इसके अलावा समय के साथ-साथ तनाव अस्वस्थकर आदतों को बढ़ा देता है, जिसके कारण बढ़ जाता है। इन आदतों में ओवरईटिंग, खराब नींद, दवाओं का गलत प्रयोग और शराब शामिल है।
वजन करें कम

बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम रखने का सबसे प्रभावी तरीका है वजन कम करना। और इसके लिए आपको बहुत ज्यादा वजन कम करने की जरूरत नहीं है। अगर आप 3 से 5 किलोग्राम तक भी वजन कम कर लेते हैं तो आप ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं।
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एक्सरसाइज

अपने स्वास्थ्य में अंतर लाने के लिए बहुत ज्यादा एक्सरसाइज की जरूरत नहीं है। सप्ताह में कम से कम पांच दिन आधा घंटा एक्सरसाइज करने का लक्ष्य बनाएं। सुनिश्चित करें कि जो आपको पसंद हो उसे ही करें, ऐसा करने से आपमें एक्सरसाइज की ललक रहेगी। जैसे अगर आपको डांस पसंद है, तो आप आधा घंटा डांस कर सकते हैं। और तो और अगर आपको बागवानी पसंद है, तो ये भी में मदद कर सकती है।
अच्छी आदतें अपनाएं

खान-पान की अच्छी आदतों को अपनाएं, जिसमें अलग-अलग तरह के फूड, साबुत अनाज, फल और हरी सब्जियां और नमक व सैच्यूरेटेड फैट का कम से कम सेवन शामिल है।

डॉक्टर की दी गई दवा ही लें

अगर जीवनशैली में ये बदलाव करने के बाद भी आपका ब्लड प्रेशर बहुत अधिक रहता है और कम नहीं हो रहा है, तो आपका डॉक्टर दवाओं का सेवन करने की सलाह दे सकता है। वे काम करती हैं और आप उनका दीर्घकालिक परिणाम देखेंगे, खासकर अगर आपको अन्य किसी बीमारी का जोखिम हो तो। हालांकि, दवाओं के सही संयोजन को खोजने में कुछ समय जरूर लग सकता है।
शराब की मात्रा को सीमित करें

बहुत ज्यादा मात्रा में शराब पीना निश्चित रूप से आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है, इसलिए शराब की मात्रा को कम करने पर ध्यान दें।
हाई प्रोटीन फूड का सेवन

सैल्मन या ट्यूना जैसी मछली, अंडे, चिकन, बीन्स और दाल जैसे हाई प्रोटीन फूड का सेवन करने की आदत डालें। इसके साथ ही आप हाई प्रोटीन के लिए पीनट बटर, छोले, चीज का भी सेवन कर सकते हैं।
धूम्रपान, कैफीन को कहें न

धूम्रपान और कैफीन आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करती है लेकिन इनके प्रभाव स्थायी होते हैं। इनका प्रभाव 45 से 60 मिनट तक रहता है और हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव अलगअलग होता है। आप इनकी मात्रा को सीमित कर खुद ब खुद अंतर पा सकते हैं।
ब्लड प्रेशर पर नजर रखें

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर पर नजर रखें और उसका रिकॉर्ड रखें। ऐसा करने के बाद हमेशा डॉक्टर से सलाह करना न भूलें।

हाईकोर्ट ने तलब किया अध्यापक संवर्ग-1 व 2 की परीक्षा का रिकॉर्ड

ग्वालियर। उच्च न्यायालय ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा ली गई अध्यापक संवर्ग-1 व 2 की परीक्षा में पूछे गए तीन गलत प्रश्नों को कैंसिल किए जाने की मांग को लेकर प्रस्तुत याचिका पर मंडल से रिकॉर्ड तलब किया है।
याचिकाकर्ता मनीष ने एडवोकेट एमपीएस रघुवंशी के माध्यम से प्रस्तुत की गई याचिका में कहा है कि मंडल द्वारा 26 फरवरी-2019 को ली गई परीक्षा में तीन प्रश्नों के उत्तर गलत होने पर आपत्ति की गई थी। इसके बाद भी मंडल ने इन प्रश्नों को निरस्त नहीं किया। जबकि एक सही प्रश्न को निरस्त कर दिया। इस मामले में मंडल के अधिवक्ता विवेक खेडकर का कहना था कि यदि कोई आपत्ति आती है तो मंडल द्वारा तय की गई प्रक्रिया अपनाई जाती है।
उनका कहना था कि किसी भी परीक्षा में किसी प्रश्न पर सवाल लगता है, तो उसे की कमेटी को भेजा जाता है। इस मामले में भी आपत्तियां आने के बाद उसे की कमेटी को भेजा गया। की कमेटी ने आपत्तियों को सही नहीं पाए जाने पर खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ता का कहना था कि एक सही प्रश्न था उसे कमेटी ने कैंसिल कर दिया। हालांकि इस परीक्षा में कुल 13 प्रश्न गलत थे, लेकिन तीन प्रश्नों को लेकर ही याचिका पेश की गई है। जो प्रश्न गलत बताए गए उनमें सामान्य ज्ञान का एक, गणित के 11 तथा एक रीजनिंग का प्रश्न था।

ग्‍वालियर में कोरोना का संदिग्ध मरीज इलाज के लिए भटका.

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर जैसे बड़े शहर में भी कोरोना वायरस जैसी बीमारी के बारे में डॉक्टर सतर्क नहीं हैं। गुरुवार को सामने आए कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज के बारे में पता चला है कि जब वह जिला अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने उसके स्वजन को पर्ची पकड़ाकर शाम को निजी क्लीनिक पर बुलाया। मरीज इलाज के लिए इधर से उधर भटकता रहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो घर लौट गया। फिर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को फोन किया तब स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज के घर पहुंची।

हैरानी की बात यह है कि टीम के पास एन-95 मॉस्क तक नहीं थे। वह यूज्ड मॉस्क दे रहे थे। मरीज शुक्रवार को जेएएच पहुंचकर भर्ती हो गया है। जहां स्वाब (कफ) का सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे भेज दिया गया है।

चीन से लौटे दर्पण कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय चिकित्सा छात्र के बारे में यह प्रचारित किया जा रहा है कि वह खुद ही अस्पताल से गायब हो गया।

इसकी वजह से एयरपोर्ट पर उसका स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ था। 18 जनवरी को चीन में मरीज मिलने लगे। उसे चार दिन पहले ही खांसी-जुकाम हो गया। इसलिए वह गुरुवार दोपहर में जिला अस्पताल मुरार में डॉ. विनोद बाथम के पास चेकअप के लिए पहुंचा था। डॉक्टर ने सर्दी खांसी की सामान्य दवा लिखकर लौटा दिया था। जब डॉक्टर को बताया कि वह चीन से लौटकर आया है, जहां कोरोना वायरस फैला है।

इस पर डॉक्टर ने कहा कि आप पैथोलॉजी में चले जाओ शायद वहां पर इसकी कोई जांच की व्यवस्था हो। पैथोलॉजी के डॉक्टर ने स्वाइन फ्लू वार्ड में भेजा, जहां पर डॉक्टर नरेश लछवानी मौजूद थे। वह अपनी बीमारी बताता इसके पहले ही डॉक्टर एक इमरजेंसी केस देखने के लिए उठकर चले गए। इसके बाद मरीज घर लौट गया।

डॉक्टर ने थमाई पर्ची, क्लीनिक पर आओ

मरीज के परिजन ने बताया कि जिला अस्पताल में डॉ. बाथम कोरोना वायरस का ‘क” भी नहीं जानते हैं। उन्होंने हमें सर्दी खांसी की दवाई लिखने के बाद एक पर्ची पर अपना नंबर लिखकर दे दिया। फिर बोले कि शाम को अस्पताल के सामने उनके क्लीनिक पर आ जाएं।

सिविल सर्जन के कहने पर लगाया था फोन

जैसे ही मुझे मरीज के बारे में पता चला तो उसकी पूरी काउंसलिंग की और उसे जांच के लिए जेएएच भेजा। शाम को सिविल सर्जन ने उसे बुलाने के लिए फोन कराया था। मुझे जिस बीमारी का इलाज ही नहीं आता, उस बीमारी के मरीज को क्लीनिक पर बुलाकर मुझे मरना है क्या। मैंने उसे यह भी बताया था कि आपके पास वरिष्ठ अफसरों का भी फोन आएगा।

डॉ. विनोद बाथम, जिला अस्पताल मुरार

मरीज के घर पहुंचा तब पता चला

ओपीडी में बहुत भीड़ रहती है, इमरजेंसी वार्ड में गंभीर हालत में आए मरीज को देखने गया था, हो सकता उस समय कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज आया हो। मुझे तो तब पता चला जब मुझे उसे लेने के लिए मरीज के घर पर भेजा गया।

डॉ. नरेश लछवानी, नोडल ऑफिसर कोरोना वायरस के जिला अस्पताल