वित्त मंत्री का बड़ा ऐलान- LIC में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि सरकार LIC में अपने हिस्से को बेचेगी. वित्त मंत्री के इस ऐलान के साथ ही विपक्ष की ओर से हंगामा किया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट दे दी है, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया गया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि 2020-21 के लिए जीडीपी का अनुमान 10 फीसदी का है. इस वित्तीय वर्ष में खर्च का अनुमान 26 लाख करोड़ रुपये का है.IDBI बैंक की शेष पूंजी को स्टॉक एक्सचेंज में बेचा जाएगा. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि बैंकों में लोगों की जमा 5 लाख रुपये तक की राशि अब सुरक्षित रहेगी. पहले ये सीमा सिर्फ 1 लाख रुपये की थी.

निर्मला बोलीं- राष्ट्रीय सुरक्षा हमारे लिए बड़ा मुद्दा, हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में ऐलान किया कि ऐतिहासिक धरोहर के लिए 3000 करोड़ का पैकेज दिया जाएगा. बड़े शहरों में स्वच्छ हवा के लिए 4400 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है. एक अच्छे देश को चलाने के लिए जिन बिंदुओं का जिक्र जरूरी है, मोदी सरकार ने उन सभी को पूरा किया है.
वित्त मंत्री ने कहा कि देश में सुरक्षा का मुद्दा सबसे अहम है. पीएम मोदी की अगुवाई में हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त रही है.
अपने भाषण में टैक्सपेयर्स के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि देश में टैक्स के नाम पर उगाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, टैक्सपेयर्स के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं. कंपनी अधिनियम में संशोधन किया जाएगा. नॉन गैजेट पोस्ट के लिए कॉमन टेस्ट करवाया जाएगा. इसके साथ ही राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी का प्रस्ताव रखा जाएगा.

Budget 2020 LIVE: 150 कॉरपोरेट ट्रेनें चलाई जाएंगी, तेजस ट्रेनों से जोड़े जायेंगे टूरिस्ट स्थल

नई दिल्ली| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले वित्त वर्ष यानी 2020-21 के लिए आम बजट पेश कर दिया है। लड़खड़ाती इकॉनमी को सपॉर्ट देने के लिए ग्रामीण इकॉनमी को बजट में क्या मिला, यह अहम है।

वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब तबके का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर कायम है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए 16 अहम फैसले लिए गए हैं। वह बोलीं, कृषि मंडियों में कामकाज में सुधार की जरूरत है, हम सस्टेनेबल क्रॉपिंग पैटर्न पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारा खास फोकस दलहन पर है। किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, पीएम कुसुम स्कीम के जरिए 20 लाख किसानों को सोलर पंप मुहैया करवाए जाएंगे और 100 सूखाग्रस्त जिलों के विकास पर काम होगा।
-उन राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो केंद्र के मॉडल लॉ को मानेंगे।
-पानी की कमी की समस्या, 100 ऐसे जिलों के लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे।
-अन्नदाता ऊर्जादाता भी है। पीएम कुसुम स्कीम से फायदा हुआ है। अब हम 20 लाख किसानों को सोलर पंप देंगे।
-15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा।
-अगर बंजर जमीन है तो सोलर पावर जेनरेशन यूनिट लगा सकते हैं, उसे ग्रिड को बेच भी सकते हैं।
-खाद के बैलेंस्ड इस्तेमाल पर जोर. अधिक केमिकल फर्टिलाइजर यूज करने की प्रवृत्ति घटेगी।
-162 मिलियन टन के भंडारण की क्षमता है। नाबार्ड इसे जीयोटैग करेगा. नए बनाए जाएंगे, ब्लॉक और ताल्लुक के स्तर पर बनेंगे, राज्य सरकार जमीन दे सकती है। एफसीआई अपनी जमीन पर भी बना सकती है।

विलेज स्टोरेज स्कीम – सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए, इसमें महिलाओं की भूमिका अहम होगी।
-मिल्क, मीट, फिश को प्रीजर्व के लिए किसान रेल बनेगा।
-कृषि उड़ान लांच किया जाएगा. ये प्लेन कृषि मंत्रालय की तरफ से चलेंगे।
– होर्टिकल्चर – 311 मिलियन टन के साथ ये अन्न उत्पादन के आगे निकल चुका है, हम राज्यों को मदद करेंगे। वन प्रॉडक्ट , वन डिस्ट्रिक्ट का स्कीम बनाएंगे।
-इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम – संचयित इलाकों में नैचुरल फार्मिंग – जैविक खेती के लिए पोर्टल है. ऑनलाइन मार्केट मजबूत बनाया जाएगा
– फिनांसिंग ऑन निगोशिएबल वेयर हाउसिंग स्कीम – मजबूत बनाएंगे।
-नॉन बैंकिंग फाइनान्स कंपनियों को उत्साहित किया जाएगा. 15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज किसानों को देने का लक्ष्य है। मिल्क प्रोसेंसिंग क्षमता 108 मिलियन टन करने का लक्ष्य।
– समुद्री इलाकों के किसानों के लिए फिश उत्पादन का लक्ष्य 208 मिलियन टन। 3077 सागर मित्र बनाए जाएंगे, तटवर्ती इलाकों के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
– दीनदयाल अंत्योदय योजना – 58 लाख एसएचजी बने हैं. इन्हें मजबूत बनाएंगे।
इन 16 स्कीमों के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये का फँड आवंटित किया जाएगा। कुल फंड में कृषि, सिंचाई के लिए 1.2 लाख करोड़ रुपये की राशि शामिल है।
क्या थीं उम्मीदें
उम्मीद की जा रही थी कि सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-किसान) का बजट 20 पर्सेंट कम कर सकती है। कृषि मंत्रालय ने इस योजना के तहत किसानों को पैसे देने के लिए 60,000 करोड़ रुपये की मांग की थी, जबकि 2019-20 के बजट में इस योजना के लिए 75,000 करोड़ रुपये का आवंटन तय किया गया था।
किसानों के हाथों में ज्यादा पैसे लाने की कोशिश
शहरी इलाकों की हालत बेहतर नहीं है। FMCG पर होनेवाले खर्च में 36-40% का योगदान ग्रामीण इलाकों से आता है। यह आमतौर पर शहरी इलाकों के मुकाबले तेज रहता है और यहां की सुस्ती दूर करने और ग्रामीण उपभोक्ताओं, खासतौर पर किसानों के हाथ में ज्यादा पैसा लाने का समय आ गया है। बजट से उम्मीद की जा रही थी कि किसान क्रेडिट कार्ड्स जैसे उधारी के संस्थागत साधनों के जरिए ग्रामीण किसानों को फायदा पहुंचाया जा सकता है।
हालांकि ऐसी रियायतों से ग्रोथ को सपॉर्ट देने के लिए जरूरी संसाधान तलाशने का दबाव बनेगा। पूरी तरह अतिरिक्त उधारी पर निर्भर रहने के बजाय सरकार के पास ऐसेट बेचकर फंड जुटाने का भी मौका है।

उमा ने सिंधिया को गले लगाया, विजयवर्गीय को देख खुश नजर आए ज्योतिरादित्य

ग्वालियर. ग्वालियर में शुक्रवार को रात सियासत की एक अनोखी तस्वीर देखने के लिए मिली. रेलवे स्टेशन पर उमा भारती (Uma Bharti), कैलाश विजयवर्गी और ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindhia) का मिलना हुआ. सिंधिया ने झुककर उमा भारती को नमन किया तो उमा भारती ने सिंधिया को गले लगाया और सिर पर हाथ फेर कर दुलार किया. वहीं सिंधिया ने विजयवर्गी को देखकर खुशी जताई और फिर दोनों गले मिले. इस दौरान उमा, सिंधिया और विजयवर्गी के बीच कुछ देर के लिए बातचीत भी हुई.

समर्थकों ने की नारेबाजी तो लगा होगा टकराव…
ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की रात जैसे ही शताब्दी एक्सप्रेस आकर रुकी, तो ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली जाने के लिए शताब्दी में सवार होने के लिए पहुंचे थे, सिंधिया के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए शताब्दी एक्सप्रेस के एग्जिक्यूटिव कोच की तरफ बढ़े, इसी दौरान कोच से भोपाल से ग्वालियर आई थी. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और कैलाश विजयवर्गी थे जो वहां पर उतरे. इस दौरान उमा और कैलाश का सामना सिंधिया से हुआ पहले तो दोनों के समर्थक जमकर नारेबाजी करने लगे. यह देख ऐसा लगा कि शायद थोड़ी देर बाद यहां तनाव ने हो जाए.जैसे ही उमा भारती और सिंधिया का आमना सामना हुआ तो सिंधिया ने उमा भारती को झुककर नमन किया, तो वहीं उमा भारती ने सिंधिया को गले लगाया. कुछ देर बातचीत हुई उमा भारती ने सिंधिया के सिर पर दुलार से हाथ भी फेरा. उमा के पीछे से कैलाश विजयवर्गी भी सिंधिया के सामने आए. सिंधिया की नजर विजयवर्गीय पर पड़ी तो सिंधिया मुस्कुराए और फिर कैलाश विजयवर्गीय से भी गले मिले. इस दौरान उमा भारती के पैरों में तकलीफ देखकर व्हील चेयर मंगाई गई सिंधिया ने उमा भारती को व्हील चेयर पर बैठाकर विदाई ली.

भारत से डरकर क्या PoK को पाकिस्तान में मिलाने जा रहे हैं इमरान?

पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को अपने देश में मिलाने की खबरों को खारिज कर दिया है. पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वायत्त पीओके को पाकिस्तान में मिलाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है और ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया है.

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 6 सप्ताह से ज्यादा समय से पीओके के विलय की खबरें आ रही थीं. दरअसल, पीओके के प्रधानमंत्री फारूक हैदर खान ने दावा किया था कि वह पीओके के ‘आखिरी प्रधानमंत्री’ होंगे. इसी बयान के बाद पीओके के पाकिस्तान में विलय की रिपोर्ट्स आने लगी थीं. इसके बाद सरकार ने एक प्रशासनिक सेवा का नाम भी बदल दिया जिससे ये कयास और भी तेज हो गए.

हालांकि, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता आइशा फारूकी ने गुरुवार को इन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, पीओके से संबंधित ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है.

उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि सरकार गिलगिट-बाल्टिस्तान का दर्जा बदलने के लिए नया कानून लाने जा रही है. आइशा ने कहा, ये केवल मीडिया का अनुमान है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहती हूं.

भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया था और राज्य को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिए थे. इसके बाद से पाकिस्तान की मीडिया में भी ऐसे कयास लगने लगे थे कि उनकी सरकार पीओके का विलय कर सकती है. बता दें कि भारत पीओके को अपना हिस्सा मानता है और सरकार इस पर प्रशासनिक नियंत्रण लेने की भी बात करती रही है. गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में भी कहा था कि जब वह कश्मीर बोलते हैं तो उसमें पीओके भी शामिल होता है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि उनकी सरकार 5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस मनाएगी और भारत सरकार द्वारा किए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघन को उजागर करेगी.

आइशा ने कहा, हमारी योजना में सिर्फ पाकिस्तान में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रदर्शन शामिल है. ये एक सतत प्रक्रिया और राष्ट्रीय प्रयास है. सौ से ज्यादा देशों में हमारे दूतावास आने वाले कश्मीरी एकजुटता दिवस को लेकर रणनीति तैयार कर रहे हैं. ये कैंपेन सिर्फ पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं है.

कुरैशी ने कहा, “पाकिस्तानी और कश्मीरी अवाम एकजान और एक कौम हैं. हम अपने कश्मीरी भाई-बहनों को कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे. यह सरकार या विपक्ष का मामला नहीं है बल्कि कश्मीरी भाई-बहनों के अधिकारों की जंग है जिसे हम मिलकर लड़ेंगे. हमने कश्मीर पर बेहतर प्रस्ताव के लिए अपने विदेश मंत्रालय के दरवाजे खोले हुए हैं.”

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने यह भी दावा किया कि कश्मीर मुद्दे पर अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहले से कहीं अधिक आवाजें उठ रही हैं और ‘यह साफ हो चुका है कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला नहीं है.’

भारत को दहलाने की थी साजिश, मारे गए आतंकियों के पास से मिला पाकिस्तान में बने हथियारों का जखीरा

जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर पुलिस टीम पर फायरिंग करने वाले आतंकियों को लेकर बड़ी बात सामने आई है। पुलिस टीम पर हमला करने वाले जिन तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को मुठभेड़ में ढेर किया, उनके पास से पाकिस्तान में बने हथियार बरामद हुए हैं। शुक्रवार को अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा मारे गए ये तीनों आतंकवादियों की पुलिस को निशाना बनाने की योजना थी। साथ ही बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की प्लानिंग थी।

अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने आतंकियों के पास से जिन चीजों को बरामद किया है, उनमें पाकिस्तान में निर्मित मॉर्फिन इंजेक्शन, आईईडी और कवच भेदी गोलियां शामिल हैं। पुलिस द्वारा बरामद किए गए ये हथियार, इन आतंकवादियों का कनेक्शन सीधे पाकिस्तान से जोड़ता है। मारे गए ये तीनों आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी थे।

हथियारों का जखीरा बरामद

पुलिस ने मारे गए आतंकियों के पास से शुक्रवार को एके -47 राइफल, मैगजीन और ग्रेनेड भी बरामद किए थे। इसके अलावे, उन आतंकियों के पास से तीन डेटोनेटर, आरडीएक्स, छह चाइनीज ग्रेनेड और 32,000 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने कहा कि ये तीनों आतंकवादी ट्रकों के जरिए भारत में घुस गए थे। हालांकि, वे भारत और पाकिस्तान के बीच बहने वाली नदियों और अन्य जल निकायों के माध्यम से भी वे घुसपैठ करने में सक्षम थे। पुलिस ने बताया कि ये तीनों आतंकी ट्रक में छुप कर श्रीनगर की ओर जा रहे थे, तभी सुबह 5 बजे सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस ने उन्हें टोल प्लाजा पर रोक दिया।

चेकिंग के दौरान मुठभेड़

ट्रक को पुलिस ने जैसे ही जांच करने के मकसद से रोका, आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एक जवान घायल हो गया। हालांकि, तीनों आतंकियों को पुलिस ने मार गिराया। एक आतंकी को जहां पुलिस ने सुबह ही मार गिराया, जबकि दो आतंकी जो जंगल की ओर भागे गए थे, उन्हें भी बाद में मार दिया गया।

राज्य पुलिस प्रमुख ने बताया कि ट्रक चालक एवं कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया और पूरे जंगल क्षेत्र को घेर लिया गया। बाद में, मुठभेड़ में दो और आतंकवादी मारे गये। समीर, कंडक्टर आसिफ और एक अन्य आतंकवादी से पूछताछ की जा रही है।

पुलवामा के आत्मघाती हमलावर का भाई था चालक

जैश ए मोहम्मद (जेईएम) के आतंकवादियों को कश्मीर ले जा रहे ट्रक का चालक पुलवामा आत्मघाती बम हमलावर का रिश्ते का भाई था। ट्रक चालक की पहचान पुलवामा के समीर डार के रूप में हुई है। उसका भाई मंजूर डार 2016 में मारा गया था। वह आदिल डार का रिश्ते का भाई है। जेईएम के आदिल डार ने पिछले वर्ष फरवरी में विस्फोटकों से लदी कार से पुलवामा जिले के लेथपुरा इलाके में सीआरपीएफ की बस को टक्कर मार दी थी जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे।

बड़े आतंकी हमले की थी साजिश

अधिकारी की मानें तो उसने आतंकवादियों को कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के दयाला चक इलाके से देर रात करीब दो बजे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद अपने साथ लिया। अधिकारियों को संदेह है कि आतंकवादियों ने महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर आतंकवादी हमले की योजना बनाई होगी। साथ ही करीब 300 किलोमीटर लंबे राजमार्ग के समीप सुरक्षा शिविरों को भी निशाना बनाने की उनकी योजना रही होगी क्योंकि उनके पास तार काटने की मशीन और बुलेटप्रूफ जैकेट भी थे।

दोषियों को फांसी देने में अब नहीं होगी देरी, दिशानिर्देश बनाने पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट राजी

सुप्रीम कोर्ट मौत की सजा के मामलों में पीड़ित और समाज केंद्रित दिशानिर्देश बनाने के लिए केंद्र की याचिका पर विचार करने के लिए शुक्रवार को राजी हो गया। केंद्र सरकार ने 22 जनवरी को याचिका दायर कर दलील दी थी कि मौजूदा दिशानिर्देश केवल आरोपी और दोषी केंद्रित हैं। 

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने उन सभी पक्षकारों से जवाब मांगा है, जिनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में शत्रुघ्न चौहान मामले में दोषियों को मौत की सजा देने संबंधित दिशानिर्देश बनाए थे।

पीठ ने ने साफ तौर पर कहा है कि केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए शत्रुघ्न चौहान मामले से संबंधित दोष साबित करने और मौत की सजा का मुद्दा यथावत रहेगा। इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। पीठ ने शत्रुघ्न चौहान मामले में नामित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। 

जघन्य अपराध में शामिल लोगों के ‘न्यायिक प्रक्रिया का मजाक’ बनाने पर गौर करते हुए केंद्र ने 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और डेथ वारंट जारी होने के बाद फांसी की सजा की समय सीमा सात दिन करने की मांग की। 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में चार दोषियों के फांसी की सजा में विलंब को देखते हुए केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में यह अर्जी दायर की थी।

कोरोनावायरस / वुहान से 324 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का विमान दिल्ली पहुंचा, आज दूसरी फ्लाइट चीन रवाना होगी

बीजिंग/नई दिल्ली.कोरोनावायरस के डर के बीच चीन के वुहान में फंसे 324 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का डबल डेकर जंबो 747 विमान शनिवार सुबह दिल्ली पहुंच गया। 324 में से 211 छात्र, 110 वर्किंग प्रोफेशनल और तीन किशोर शामिल हैं। सभीको 14 दिनों के लिए छावला स्थित आईटीबीपी सेंटर और मानेसर के शिविर ले जाया गया। वहीं, वुहान में बाकी नागरिकों को वापस लाने के लिए आज एयर इंडिया का एक और विमान रवाना होगा।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया, “दिल्ली एयरपोर्ट से एयर इंडिया का एक और विमान 12.50 बजे वुहान के लिए रवाना होगा। इसमें पहले विमान में गए डॉक्टरों की टीम ही मौजूद रहेगी। रेस्क्यू टीम को एयर इंडिया के ऑपरेशन डायरेक्टर कैप्टन अमिताभ सिंह नेतृत्व करेंगे।” पहली फ्लाइट में राम मनोहर लोहिया के 5 डॉक्टरों टीम मौजूद थी। इसमें एक पैरामेडिकल स्टाफ, 5 कॉकपिट क्रू मेंबर और केबिन क्रू के 15 सदस्य थे। इससे पहले, विमान को वुहान एयरपोर्ट से उड़ान भरने में थोड़ी देरी हुई थी। चीनी अधिकारियों ने स्क्रीनिंग के दौरान शरीर का तापमान ज्यादा होने के कारण छह भारतीयों को विमान में बैठने नहीं दिया।

चीन में मृतकों की संख्या 259 हुई

उधर, चीन में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 259 हो गई है वहीं 11,791 लोग इस संक्रमण की चपेट में हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को यह जानकारी दी। आयोग ने कहा, “31 जनवरी की मध्यरात्रि तक स्वास्थ्य आयोग को 31 प्रांतों से 11,791 लोगों में कोरोनावायरस का संक्रमण पाए जाने की सूचना मिली है जिसमें से 1,795 लोगों की हालत गंभीर है। 17,988 से अधिक लोगों में कोरोनावायरस का संदेह पाया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोनावायरस के 2,100 के नएमामले सामने आए हैं।”

गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए सफदरजंग में 50 बेड की व्यवस्था

स्वास्थ्य मंत्रालय में विशेष सचिव संजीव कुमार ने बताया कि चीन से सभी भारतीय छात्रशनिवार को भारत पहुंचेंगे। उन्हें एहतियातन 14 दिनों तक दिल्ली के छावला में स्थित आईटीबीपी सेंटर में रखा जाएगा। वहीं, सफदरजंग अस्पताल में भी गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए अलग से 50 बेड का इंतजाम किया गया है। हरियाणा के मानेसर में भी चीन से लौटने वाले भारतीयों के लिए सेना ने एक शिविर बनाया है, जिसमें करीब 300 लोगों को रखा जा सकता है। सभी लोग डॉक्टरों की टीम और स्टाफ की निगरानी में रहेंगे।

डब्ल्यूएचओने शुक्रवार को ग्लोबल इमरजेंसी की घोषणा कीथी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को ग्लोबल इमरजेंसी की घोषणा कर दी थी। हालांकि, चीन की यात्रा और किसी भी प्रकार के व्यापार पर रोक नहीं लगाई गई थी। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, भारत समेत 21 देशों में कोरोनावायरस संक्रमण के 100 मामले सामने आए हैं। इनमें चीन, हॉन्गकॉन्ग, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, भारत, श्रीलंका, नेपाल, थाइलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, ताइवान, मकाऊ, वियतनाम, यूएई, रूस और ब्रिटेन शामिल हैं।

सीएए / रविशंकर प्रसाद ने कहा- सरकार शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत को तैयार, नागरिकता कानून पर शंकाएं दूर करेंगे

नई दिल्ली. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को सीएए को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ बातचीत का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने ट्वीट किया कि वह तय रूपरेखा के तहत शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे। इस दौरान उनकी सीएए को लेकर शंकाएं भी दूर की जाएगी। शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ 15 दिसंबर से प्रदर्शन चल रहा है।

इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में एक चुनावी रैली के दौरान सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बाबरपुर में ईवीएम का बटन इतने गुस्से के साथ दबाना कि करंट शाहीन बाग के अंदर लगे। वहीं, भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा था- सत्ता में आए तो सरकारी जमीन पर बनी मस्जिदें हटा देंगे, एक घंटे में शाहीन बाग भी साफ हो जाएगा।

दिल्ली में 20 से ज्यादा जगहों पर सीएए को लेकर प्रदर्शन हो रहा है

दिल्ली में सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की जगहें लगातार बढ़ रही हैं। शाहीन बाग और जामिया यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ विरोध दिल्ली में 20 जगहों तक पहुंच चुका है।दक्षिण पूर्व जिला में गेट-7 जामिया यूनिवर्सिटी, शाहीन बाग रोड नंबर 13, लाला लाजपत राय मार्ग निजामुद्दीन, दक्षिण जिला में दांडी पार्क हौज रानी मालवीय नगर, मध्य जिला में तुर्कमान गेट, उत्तर जिला में इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के पास, डेयरी वाला पार्क आजाद मार्केट जंगल वाली मस्जिद, शाही ईदगाह के ईस्ट गेट पर विरोध प्रदर्शन लगातार चल रहे हैं।

Budget Session: पीएम मोदी बोले, सीएए पर कुछ गलत नहीं किया, हमें फ्रंटफुट पर रहना चाहिए

नई दिल्ली, । यह तय है कि बजट सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानों में घमासान देखने को मिलेगा। एक तरफ जहां विपक्ष सीएए, एनपीआर को एकजुटता का सबसे बड़ा शस्त्र मानकर विरोध को और धारदार बनाने की कोशिश में जुटा है।

वहीं राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजग सहयोगियों को भी स्पष्ट किया कि ‘इस मुद्दे पर रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है बल्कि आक्रामक तरीके से अपना पक्ष रखें।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘विपक्ष सीएए को मुस्लिम विरोधी होने का दुष्प्रचार कर रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि हमारे लिए अल्पसंख्यक भी उतने ही अपने हैं, जितने दूसरे नागरिक हैं।’

राजग के सहयोगी दल भी इस मुद्दे पर एकजुट

ध्यान रहे कि राजग के सहयोगी दल भी इस मुद्दे पर एकजुट हैं। पहले थोड़ा अलग रुख दिखा रहा अकालीदल अब पूरी तरह साथ है। वहीं जदयू में अलग राग अलाप रहे नेताओं को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह पहले भी बार-बार कह चुके हैं कि सीएए से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने भी पिछले निर्णय में इसपर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था।

नैतिक आधार पर सरकार के साथ महात्मा गांधी से लेकर प्रणव मुखर्जी और मनमोहन सिंह तक के बयान हैं। ऐसे में वर्तमान सत्र में घमासान लाजिमी है। एनडीए नेताओं ने त्रिपुरा के ब्रू जनजाति और बोडो समस्या के समाधान के लिए प्रधानमंत्री की तारीफ की।

सीएए पर सरकार के तेवर सख्‍त, कहा- विरोध के नाम पर हिंसा की जगह नहीं

नागरिकता संशोधन कानून को ऐतिहासिक फैसला बताते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी साफ संदेश दे दिया कि विरोध प्रदर्शनों के दबाव में सरकार इस पर झुकने वाली नहीं है। साथ ही विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा को खारिज करते हुए राष्ट्रपति ने दो टूक कहा कि बहस-चर्चा ही विवाद समाधान का रास्ता है। बजट सत्र की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे थे।

सीएए पर विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और विरोध के बीच अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने नागरिकता संशोधन कानून को महात्मा गांधी की इच्छा के अनुरूप बताते साफ कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार के मद्देनजर इस कानून का लाया जाना अपरिहार्य था।

उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद बने माहौल में गांधीजी ने साफ कहा था कि ‘पाकिस्तान के हिंदू और सिख, जो वहां नहीं रहना चाहते, वे भारत आ सकते हैं, उन्हें सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है।’ उन्होंने सीएए पारित करने के लिए संसद के दोनों सदनों के सदस्यों का अभिनंदन करते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और बढ़ा है और ननकाना साहिब की घटना इसका ताजा प्रमाण है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे अत्याचार की निंदा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह हम सभी का दायित्व है कि विश्व के सामने पाक के ऐसे कृत्यों को बेनकाब किया जाए।