पाकिस्तान में डिजिटल सेंसरशिप पर भड़के गूगल-फेसबुक, कहा- यही हालात रहे तो देश छोड़ देंगे

पाकिस्तान

सोशल मीडिया और सर्च इंजन कंपनियों पर तो कई देशों में कुछ कारणों से प्रतिबंध लगते रहते हैं, लेकिन पाकिस्तान में फेसबुक, गूगल, ट्विटर जैसी कंपनियों पर सेंसरशिप पाकिस्तान को अब भारी पड़ने वाला है, क्योंकि पाकिस्तान के डिजिटल सेंसरशिप कानून को लेकर इन कंपनियों ने पाकिस्तानी सरकार को चेतावनी दी है।

फेसबुक, ट्विटर और गूगल समेत कई कंपनियों के ग्रुप एशिया इंटरनेट कोएलिशन ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को चेतावनी भरे लहजे चिट्ठी लिखकर कहा है कि यदि पाकिस्तान अपने डिजिटल सेंसरशिप कानून में बदलाव नहीं करता है तो इन कंपनियों को पाकिस्तान में अपनी सेवाएं मजबूरन बंद करनी होगी। सोशल मीडिया कंपनियों का आरोप है कि पाकिस्तान ने डिजिटल सेंसरशिप कानून बनाते समय किसी एक्सपर्ट की राय नहीं ली।

पाकिस्तान के डिजिटल सेंसरशिप कानून में क्या है?

दरअसल पाकिस्तान में जो डिजिटल सेंसरशिप कानून बनाया गया है उसमें आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर कोई पैमाना तय नहीं किया गया है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति किसी कंटेंट को आपत्तिजन मान सकता है और उसे हटाने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों से अपील कर सकता है। अपील के 24 घंटों के अंदर इन कंपनियों को कंटेंट को हटाना होगा, वहीं इमरजेंसी में यह सीमा 6 घंटे की होगी। इस सेंसरशिप के तहत सब्सक्राइबर, ट्रैफिक, कंटेंट और अकाउंट से जुड़ी जानकारी खुफिया एजेंसियों के साथ साझा करने का भी प्रावधान है।

50 करोड़ रुपये जुर्माना का है प्रावधान

नए कानून के मुताबिक इन कंपनियों को पाकिस्तान में अपना स्थायी ऑफिस खोलना होगा। इसके अलावा लोकस सर्वर भी बनाना होगा। साथ ही पाकिस्तान से बाहर रह रहे पाकिस्तानी लोगों के अकाउंट पर नजर रखनी होगी। कानून को तोड़ने पर 50 करोड़ रुपये के जुर्माना का प्रावधान है। कंपनियों ने अपने पत्र में लिखा है कि पाकिस्तान का डिजिटल सेंसरशिप कानून 7 करोड़ इंटरनेट यूजर्स की निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का का उल्लंघन है। यदि इस कानून में बदलाव नहीं हुए तो पाकिस्तान छोड़ना पड़ेगा।

भोपाल / 70 साल के रिटायर्ड इंजीनियर से शादी के अगले ही दिन 5 लाख के जेवर लेकर भागी 40 साल की लुटेरी दुल्हन

भोपाल.ये कहानी यूं तो फिल्मी लगती है, लेकिन है हकीकत। ईश्वर को साक्षी मानकर रिटायर्ड इंजीनियर ने जिस गरीब महिला को आसरा दिया, वह एक लुटेरी दुल्हन निकली। शादी के दिन ही उसने इंजीनियर की पहली पत्नी के पूरे जेवर हथिया लिए। मां की मौत का बहाना बनाकर अगले दिन मायके रवाना हुई, लेकिन फिर नहीं लौटी। मां की तेरहवीं के लिए इंजीनियर से 40 हजार भी हड़प लिए। जांच में पता चला कि लुटेरी दुल्हन ने अपने पति के साथ मिलकर कोटा में भी एक बुजुर्ग को ठगा है। क्राइम ब्रांच ने दोनों जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया है।

एक साल पहले कोलार रोड निवासी 70 वर्षीय रिटायर्ड इंजीनियर की पत्नी का निधन हो गया था। एक बेटा है, जो प्रदेश से बाहर रहता है। अकेलापन महसूस होने पर उन्होंने कुछ दिनों पहले अखबार में वैवाहिक विज्ञापन दिया। इसके दो दिन बाद शंकर दुबे नाम से एक व्यक्ति ने उन्हें कॉल किया। कहा मैं पन्ना जिले के भितरवार गांव से बोल रहा हूं। मैंने पेपर में विज्ञापन देखा था। मेरे घर के पास ही करीब 40 वर्ष की रानी मिश्रा नाम की एक गरीब महिला रहती है, जो अविवाहित है।

बचपन में एक गाय ने उसके पेट में सींग मार दिया था, इसलिए वह मां नहीं बन सकती। यही वजह रही कि उसकी शादी नहीं हो सकी है। यदि आप उसे स्वीकार कर लें तो उसे भी सहारा मिल जाएगा। झांसे में आकर इंजीनियर ने शादी करने के लिए हामी भर दी। बीती 19 फरवरी को दोनों जालसाज इंजीनियर के घर आए और 20 फरवरी को ईश्वर को साक्षी मानकर रानी से इंजीनियर ने शादी कर ली। इंजीनियर ने अपनी पहली पत्नी के जेवर रानी को पहनने के लिए दे दिए।

फंसता गया इंजीनियर- पत्नी की हर चाल को मानता रहा सच

मां की तबीयत बिगड़ गई है, जाना होगा
शादी के दिन ही रानी के पास एक कॉल आया। उसने इंजीनियर से कहा- मां की तबीयत बिगड़ गई है, मुझे जाना होगा। आने-जाने के नाम पर उसने साढ़े सात हजार रुपए लिए और गहने पहनकर शंकर के साथ गांव चली गई। गांव पहुंचकर इंजीनियर को कॉल किया कि मां अब नहीं रही। तेरहवीं के बाद ही लौट सकूंगी। इसके लिए मुझे 40 हजार रुपए की जरूरत पड़ेगी। शंकर ने आकर इंजीनियर से 40 हजार रुपए भी हड़प लिए, लेकिन रानी दोबारा नहीं लौटी।

घर की कलह खत्म करने दिया साथ
दैनिक भास्कर के सवाल पर रामफल ने कहा कि मैं पहले सेना में जवान था। तबीयत खराब रहने के कारण नौकरी छोड़नी पड़ी। सुनीता से पहले मैंने एक अन्य महिला से भी शादी की थी। दोनों पत्नियों के बीच में कलह बढ़ रही थी। इसलिए मैंने सुनीता से कहा कि तुझे जहां जाना है, जा, लेकिन घर मेंे कलह मत कर। इसके कुछ दिन बाद ही वह विज्ञापन पढ़कर उसने अपनी मदद करने के लिए मुझे तैयार कर लिया।

कोटा से आए कॉल से हुआ खुलासा: पत्नी के लौटने का इंतजार कर रहे इंजीनियर को कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र से कॉल आया था। कॉलर ने कहा कि मुझे एक महिला की कॉल डीटेल में आपका नंबर मिला है। क्या आप इसे जानते हैं? इंजीनियर ने कहा कि हां, वह मेरी पत्नी है। कॉलर ने तस्वीर मांगी। वाॅट्सएप पर तस्वीर भेजते ही उसने जवाब दिया, इसने तो मेरे साथ भी शादी की थी। मेरी पत्नी के जेवर और नकदी लेकर भागी है। सच्चाई पता लगाने के लिए इंजीनियर ने कॉल किया तो रानी का फोन स्विच्ड ऑफ था।

पड़ोसी नहीं, पति-पत्नी निकले दोनों जालसाज
एएसपी निश्चल झारिया ने बताया कि तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। शंकर ने इंजीनियर से खुद को रानी का पड़ोसी बताया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शंकर का असली नाम रामफल शुक्ला है अौर रानी का सुनीता शुक्ला। वह रामफल की पत्नी है। दोनों सतना के रहने वाले हैं। कोटा में हुई घटना के दौरान भी रानी उर्फ सुनीता ने मां की तबीयत बिगड़ने और उनका निधन होने का बहाना बनाकर ये वारदात की थी।

आरोप-प्रत्यारोप / कानून मंत्री रविशंकर ने कहा- सोनिया गांधी ने भड़काऊ भाषण दिया; सिब्बल बोले- 69 घंटे बाद शांति की अपील करने के लिए धन्यवाद, मोदीजी

नई दिल्ली. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को दिल्ली हिंसा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- सोनिया गांधी ने लोगों के बीच भड़काऊ भाषण दिया। सीएए को लोकतांत्रिक तरीके से पूरी बहस के बाद लाया गया है, तब भी कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। वहीं, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट किया- तत्काल जवाब, हमारे भाई-बहनों से 69 घंटे बाद अपील करने के लिए धन्यवाद, मोदीजी। इस बीच 38 लोगों की मौत हो गई। अभी भी मरने वालों की गिनती जारी है, करीब 200 घायल हो गए। जहां तक हमारे मुख्यमंत्री की बात है तो उन्होंने प्रार्थना की और आपके मंत्रियों ने कांग्रेस पर आरोप लगाए।

सिब्बल ने कहा- जो 8 सीटें बीजेपी ने जीती उनमें से 5 जो सीटें हैं वो इसी उत्तर-पूर्वदिल्ली में है तो क्यों केवल उत्तर-पूर्वदिल्ली में ये हादसे हुए जहां बीजेपी जीती है, ये सवाल हमें पूछना होगा और इसका जवाब भी मिलना चाहिए।

प्रसाद ने कहा- विवादित बयानों पर पार्टी ने संज्ञान लिया

दिल्ली हिंसा के मामले में कार्रवाई के मुद्दे पर प्रसाद नेकहा- इस पर पुलिस एक्शन लेगी। जहां तक भाजपा के कुछ नेताओं के बयानों का सवाल है, पार्टी ने इस पर संज्ञान लिया है।उन्होंने कहा-अब दूसरा सवाल करना है मुझे सोनिया गांधी से।ये दूसरा नोटिफिकेशन है 2010 का, जिसमें देश में जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लागू करने की बात कही गई थी। लेकिन,अब अपनी सरकार के दौरान हुए फैसले से ही कांग्रेस पीछे हट रहीहै।

सोनिया हमें राजधर्म न सिखाएं: प्रसाद

भाजपा नेता ने कांग्रेस पर प्रताड़ना का शिकार हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के मुद्दे पर अपने रुख से पलटने का आरोप लगाया। प्रसाद ने कहा- सोनिया गांधी हमें राजधर्म न सिखाएं। आपका इतिहास मुद्दों से पलटने और रुख बदलने का रहा है।

‘भाजपा संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं करती’
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है, लेकिन उसे देश में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। भाजपा इस प्रकार के संवेदनशील मुद्दों का विशुद्ध राजनीतिकरण करने की कड़ी निंदा करती है। हम सभी को मिलकर शांति और सौहार्द कायम करने के लिए साथ मिलकर बात करनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में आज पीएम मोदी 296.07 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे

नई दिल्ली: चित्रकूट के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री जिले के गोंडा गांव से 14,716.26 करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहे 296.07 किलोमीटर लम्बे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास शनिवार की अपराह्र डेढ़ बजे करेंगे.  इस मौके पर राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. त्रिपाठी ने बताया कि जारी प्रोटोकाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री प्रयागराज से हेलीकॉप्टर के जरिये चित्रकूट के गोंडा गांव अपराह्र एक बजे पहुंचेंगे और बुंदेलखंड़ एक्सप्रेस-वे के निर्माण स्थल पर आधा घण्टे पूजा-अर्चना कर डेढ़ बजे शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे.  उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उसके बाद विभिन्न मदों के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं चेक वितरण के बाद अपराह्न करीब ढाई बजे प्रयागराज के लिए उड़ान भरेंगे और वहां से विशेष विमान से दिल्ली रवाना हो जाएंगे.

बुंदेलखंड़ एक्सप्रेस-वे चित्रकूट जिले के भरतकूप क्षेत्र से शुरू होकर बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया होकर इटावा में कुदरैल गांव के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा.  इस चार से छह लेन वाले एक्सप्रेस-वे की लंबाई 296.07 किलोमीटर है और इसकी अनुमानित लागत 14,716.26 करोड़ रुपये है. 

प्रधानमंत्री मोदी चित्रकूट जिले के बीहड़ इलाके के 239 ग्राम पंचायतों के 470 राजस्व गांवों में 1515.51 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल की पांच पाइप लाइन परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे. 

अफगानिस्तान / अमेरिका-तालिबान के बीच आज शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे; मोदी-ट्रम्प की चर्चा के बाद पहली बार भारत को न्योता

वॉशिंगटन/काबुल.अमेरिका और अफगानिस्तान के आतंकी गुट तालिबान के बीच शनिवार को कतर में शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इस दौरान भारत समेत 30 देशों के राजदूतों को दोहा आने का न्योता भेजा गया है। इस समझौतेमें भारत की भूमिका अहम रही है। 24-25 फरवरी को भारत दौरे पर आए अमेरिकीराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा की थी। शांति समझौते से पहले भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला शुक्रवार रातकाबुल पहुंचे। उन्होंनेराष्ट्रपति अशरफ गनी और सरकार के आला अधिकारियों से मुलाकात की। शृंगला ने राष्ट्रपति गनी को प्रधानमंत्री मोदी का पत्र भी सौंपा।

9/11 हमले के बाद अमेरिका ने 2001 में तालिबान के खिलाफ जंग के लिए अपने सैनिक अफगानिस्तान भेजे थे। यहां आतंकी गुटों के साथ लड़ाई में उसके 2352 सैनिक मारे जा चुके हैं। अमेरिका अब अफगानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी चाहता है। इसके लिए उसकी अफगान सरकार औरतालिबानप्रतिनिधियों के साथ लंबे वक्त से चर्चा चल रही थी। लेकिन शांति समझौते को लेकर सहमति इसी हफ्ते बनी। राष्ट्रपति ट्रम्पने शुक्रवार रात डील को अंतिम रूप देने के लिए हरी झंडी दी।

ट्रम्प और मोदी की चर्चा के बाद भारत को न्योता

तालिबान ने 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान पर शासन किया था,लेकिन भारत ने कभी तालिबान से बातचीत को प्राथमिकता नहीं दी। लेकिन 24-25 फरवरी को भारत दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने नरेंद्र मोदी से शांति समझौते को लेकर चर्चा की थी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री मोदी से इस संबंध में बात की है, हम समझौते के बेहद करीब हैं। भारत इस मामले में साथ देगा और इससे सभी लोग खुश होंगे।’’इसी के बाद अमेरिका ने पहली बार भारत को तालिबान के साथ किसी बातचीत के लिए आधिकारिक तौर पर न्योता दिया है। इस समझौते के दौरान कतर में भारतीय राजदूत पी कुमारन मौजूद रहेंगे।

‘अफगानिस्तान के पास शांति और विकास का बेहतर मौका’

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, ‘‘विदेश मंत्री माइक पोम्पियो तालिबान के साथ डील साइन करेंगे। इसके बाद रक्षा मंत्री मार्क एस्पर अफगानिस्तान सरकार के साथ साझा बयान जारी करेंगे। अगर अफगानिस्तान और तालिबान की सरकार इन प्रतिबद्धताओं पर खरी उतरती है, तो हमारे पास अफगानिस्तान में युद्ध को समाप्त करने और अपने सैनिकों को घर लाने के लिए रास्ता बनेगा।” उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों से शांति और बेहतर भविष्य के लिए इस मौके को भुनाने का आग्रह करते हुए कहा कि यह आखिरकार अफगानिस्तान के लोगों पर निर्भर करेगा कि वे अपना काम कैसे करेंगे।

तालिबान ने 5 हजार लोगों की रिहाई की मांग की: रिपोर्ट

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में युद्धविराम के लिए तालिबान ने समझौते में अपने 5 हजार लोगों की जेल से रिहाई की मांग की है। इसके बाद 10-15 दिन के भीतर फिर से सभी प्रतिनिधियों की बैठक होगी। इसमें युद्ध के बाद महिला और अल्पसंख्यकों को लेकर योजनाओं और इलाके के विकास पर चर्चा होगी। शुक्रवार रात अफगान सरकार के 6 सदस्यीय दल ने दोहा के लिए उड़ान भरी। इन सदस्यों को राष्ट्रपति गनी ने खुद चुना है।

सायटिका के दर्द को दूर करती हैं होम्योपैथी की मीठी गोलियां


इस रोग की सम्भावना 40 से 50 वर्ष की उम्र में ज्यादा होती है

एलोपैथी में जहां सायटिका दर्द का उपचार केवल दर्द निवारक दवाइयां एवं ट्रेक्शन है वहीं पर होम्यापैथी में रोगी के व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर दवाईयों का चयन किया जाता है जिससे इस समस्या का स्थाई समाधान हो जाता है।


डाॅ. अनुरुद्ध वर्मा

क्या करूं सायटिका के दर्द से बहुत परेशान हूं, काफी इलाज किया लेकिन कुछ फायदा ही नहीं हो रहा है। यह अनेक लोगों का दर्द है। आखिर क्या है सायटिका और क्यों होता है यह तथा क्या है इसका इलाज?

सायटिका जिसे वैद्यकीय भाषा में गृध्रसी एवं बोलचाल की भाषा में अर्कुलनिसा कहते हैं। सायटिका आजकल एक सामान्य समस्या बन गई है और इस रोग की सम्भावना 40 से 50 वर्ष की उम्र में ज्यादा होती है। इसका दर्द बहुत ही परेशान करने वाला होता है और दैनिक जीवन को काफी कष्टदायी बना देता है।

क्या है सायटिका

सायटिक नर्व नितम्ब से लेकर जांघ के पिछले भाग से होकर पैर की एड़ी तक जाती है। यह नर्व कूल्हे से पैर तक के दर्द का एहसास स्पाइनल कार्ड के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचाती है।

क्या हैं सायटिका रोग के कारण

सायटिका रोग के अनेक कारण है-

गठियावायुउपदंशचोट लगनासियाटिक नर्व पर लगातार दबाव पड़नाअस्थि मज्जा के कुछ रोग हो जानास्लिप डिस्क हो जानाअधिक देर तक बैठनाअर्बुद लेम्बासेक्रल फाइब्रोसाइटिस आदि के कारण होता है।

क्या हैं सायटिका रोग के लक्षण

सायटिका रोग में नितम्बों से लेकर घुटनों के पिछले हिस्से तक और कभी-कभी एड़ी तक दर्द की एक लकीर जैसी खींची हुई मालूम पड़ती है और यह दर्द कभी-कभी हल्का एवं कभी-कभी असहनीय हो जाता है। कुछ देर बैठे रहने के बाद फिर उठने एवं चलने-फिरने पर बहुत ही तकलीफदेय एवं सुई चुभने जैसा दर्द होता है। इसी के साथ पैर में कभी-कभी झंझनाहट भी महसूस होती है। इस दर्द के कारण रोगी को बेचैनी महसूस होती है और रात में उसकी नींद भी खुल जाती है।

क्या है सायटिका का होम्योपैथिक उपचार

एलोपैथी में जहां सायटिका दर्द का उपचार केवल दर्द निवारक दवाइयां एवं ट्रेक्शन है वहीं पर होम्यापैथी में रोगी के व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर दवाईयों का चयन किया जाता है जिससे इस समस्या का स्थाई समाधान हो जाता है। सायटिका रोग के उपचार में प्रयुक्त होने वाली औषधियां इस प्रकार हैं।

कोलोसिन्थ

रोगी के चिड़चिड़े स्वभाव के कारण क्रोध आ जाता हो, गृध्रसी बायी ओर का पेशियों में खिंचाव व चिरने-फाड़ने जैसा दर्द विशेषकर दबाने या गर्मी पहुंचाने से राहत मालूम हो।

नेफाइलियम

पुरानी गृध्रसी वात आराम करने से पैरों की पिंडलियों मं ऐंठन होने की अनुभूति के साथ सुन्नपन व दर्द अंगों को ऊपर की ओर खींचने एवं जांघ को उदर तक मोड़ने से राहत हो।

रसटॉक्स

ठंड व सर्द मैसम में रोग बढ़ने की प्रवृत्ति, अत्यधिक बेचैनी के साथ निरन्तर स्थिति बदलते रहने का स्वभाव, गृध्रसी वात का जो दर्द चलने-फिरने से आराम होता है एवं आराम करने से ज्यादा, साथ ही सन्धियों एवं कमर में सूजन के साथ दर्द होता हो।

ब्रायोनिया

अत्यधिक चिड़चिड़ापन, बार-बार गुस्सा आने की प्रवृत्ति, पुराने गृध्रसी वात, दोनों पैर में सूई की चुभन तथा चीड़फाड़ किए जाने जैसा दर्द हो जो चलने फिरने से बढ़ता हो एवं आराम करने से घटता हो, साथ ही पैरों के जोड़ सूजे हुए, लाल व गर्म हो, जिसमें टीस मारने जैसा जलन युक्त दर्द हो।

गुएकम

सभी तरह के वात जैसे गठिया व आमवाती दर्द जो खिंचाव के साथ फाड़ती हुई महसूस हो, टखनों मे दर्द जो ऊपर की ओर पूरे पैरों में फैल जाया करता हो, साथ ही पैरों के जोड़ सूजे हुए, दर्दनाक व दबाव के प्रति असहनीय, गर्मी बर्दास्त न हो।

जोड़ों में दर्द का उपाय नीचे देखिए…

लाइकोपोडियम

सायटिका जो विशेषकर दायें पैर में हो, दर्द कमर से लेकर नीचे पैर तक हो एवं पैरों में सुन्नपन व खिंचाव के साथ दर्द महसूस हो, साथ ही साथ रोगी को बहुत पुरानी वात व गैस हो व भूख की कमी महसूस हो।

आर्निका माॅन्ट

बहुत पुरानी चोट जिनके वजह से रोग प्रार्दुभाव स्थान में लाल सूजन व कुचलने जैसा दर्द हो साथ ही रोग ठंड व बरसात से बढ़े, आराम व गर्माहट से घटे।

कॉसटिकम

दाहिने पैर में रोग की शुरुआत, रोग वाली जगह का सुन्न व कड़ा होना, ऐसा मालूम होता हो कि जैसे वहां की मांसपेशियां एक साथ बंधी हुई हो साथ ही नोच-फेंकने जैसा दर्द होता रहे।

ट्यूबरकुलिनम

जिन रोगियों के वंश में टी.बी. का इतिहास हो, साथ ही उनको सायटिका दर्द भी पुराना हो। इसके अतिरिक्त बेलाडोना, जिंकमेट, लीडमपाल, फेरमफॅास, आर्सेनिक एल्बम, कैमोमिला, कैल्मिया, अमोनियम मेयोर, कॉली बाइक्रोम, नेट्रसल्फ आदि औषधियों का प्रयोग रोगी के लक्षणों के आधार पर किया जाता है।

सावधानियां

सायटिका रोग के सम्बन्ध में अनेक भ्रान्तियां व्याप्त हैं। कुछ तथाकथित चिकित्सक चीरा लगाकर गन्दा खून निकालकर सायटिका के इलाज का दावा करते हैं जो कि गलत है क्योंकि इस रोग का खून के गन्द होने से कोई सम्बन्ध नहीं है। इस प्रकार के इलाज से आपकी समस्या बढ़ सकती है। सायटिका रोगी को निम्न सावधानियां अपनानी चाहिए।रोगी को बिस्तर पर आराम करना चाहिए।रोगी को नियमित रूप से व्यायाम एवं टहलना चाहिए।रोगी को हल्का भेजन लेना चाहिए।अस्वास्थ्यप्रद वातावरण एव सीलन

रोजगार सहायक बर्खास्त, सचिव के निलंबन का प्रस्ताव, पीएम आवास योजना में हितग्राहियों को गलत लाभ दिलाना पड़ा भारी

कटनी प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही पाए जाने पर जनपद पंचायत बहोरीबंद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मीना कश्यप ने बुधनवारा की रोजगार सहायक उमा पटेल की को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत के सचिव आदेश पटेल के निलंबन की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीशचंद्र गोमे को भेजा है। जांच में यह भी पाया गया कि बुधवारा के हितग्राही पवन सिंह पिता परदेसी यादव का आवास अभी बना नहीं और इसे जियोटैगिंग में पूर्ण बता दिया गया है। इसके अलावा अभिलाषा और ललिता का भी आवास अपूर्ण है। जिसे पूर्ण बताकर राशि निकाल ली गई है। हैरानी की बात तो यह है कि जियो टैगिंग सिस्टम लेकर आया गया है ताकि बेपरवाही पकड़ी जा सके, लेकिन लापरवारों ने उसका भी उपाय ढूंढ़ लिया है। इस बड़ी योजना में मनमानी न हो इसके लिए जनपद से लेकर जिले तक अधिकारी तैनात किए गए हैं, इसके बाद भी मॉनीटरिंग ठीक से नहीं हो रही है और इस तरह से घोर लापरवाही हो रही है।

जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल कार्रवाई के आदेश जनपद सीईओ को दिए। इस मामले को मैं ग्राम रोजगार सहायक उमा पटेल को दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा बता दें कि अन्य प्रधानमंत्री आवास निर्माण में भी ग्राम रोजगार सहायक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जिसके बाद अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। बता दें कि ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक जानते हुए भी हितग्राहियों को गलत तरीके से लाभ दिया है। 2 हितग्राहियों ने जबलपुर जिले के पनागर में व कटनी की बुधनवारा ग्राम पंचायत में आवास योजना का लाभ लिया है। मामले को जानते हुए भी सचिव व रोजगार सहायक ने मामले को दबाए रखा।
इनका कहना है
इस मामले में ग्राम रोजगार सहायक को बर्खास्त कर दिया गया है। जनपद सीईओ ने सचिव के निलंबन का प्रस्ताव भेजा है। मामले का परीक्षण कराया जा रहा है। शीघ्र ही दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जगदीशचंद्र गोमे, जिला पंचायत सीईओ।

कोरोना के भूत ने मुकेश अंबानी को भी कर दिया बर्बाद ! देखते-देखते डूब गए 5 अरब डॉलर

कोरोना वायरस(Coronavirus) का खौफ न सिर्फ चीन में बल्कि दुनियाभर में लोगों में है. एक तरफ इससे इंसानों की जान जा रही है दूसरी तरफ भारत के दिग्गज कारोबारी इससे बर्बादी की कगार पर जा रहे हैं. कोरोना वायरस न सिर्फ चीन की अर्थव्यवस्था पर कहर बनकर टूट रहा है बल्कि भारत के भी दिग्गज कारोबारी अपनी संपत्ति गंवाते जा रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक और देश के सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी की संपत्ति को 500 करोड़ डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा है. मुकेश अंबानी पिछले सालभर में 5 अरब डॉलर की संपत्ति गंवा चुके हैं. बड़ी बात यह है कि इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा उन्हें बीते पखवाड़े में गंवाया.

पिछले 11 दिनों में शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज को करीब 54 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर आदमी हैं. दूसरी तरफ, आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला को भी 884 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. पिछले दो महीने में आईटी दिग्गज अजीम प्रेमजी को अपनी संपत्ति में 869 मिलियन डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा है.

इसके अलावा गौतम अडाणी को भी 496 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. टाटा ग्रुप कंपनियों को 41,930 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. टाटा की 21 कंपनियां इस दौरान रेड जोन में रहीं. 11 दिनों यानि 13 से 27 फरवरी के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज को लगभग 53,700 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. आज के दिन भी सेंसेक्स 1100 अंक लुढ़का. इससे RIL के शेयर में 2.8 पर्सेंट की गिरावट आई.

बताया जा रहा है कि कोरोनावायरस के कहर के कारण शेयर बाजार लगातार गिरता जा रहा है. शेयर बाजार गिरने के कारण ही इन दिग्गज कारोबारियों की संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा है. 12 फरवरी से 27 फरवरी के 11 सेशन्स के दौरान सेंसेक्स 3000 अंक लुढ़क चुका है. ऐसे में इन कारोबारियों की दौलत को 11.52 लाख करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है.

अब राशन लेना है तो आंखों का करवाना होगा स्कैन, सरकार ने जारी की नई नीति

थंब इंप्रेशन में आ रही दिक्कतों के बाद सरकार ने एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया है. (प्रतीकात्मक फोटो)
भोपाल. अब यदि आपको राशन लेना है तो आंखों का स्कैन करवाना होगा. इसके बाद ही आपको सरकार से मिलने वाला राशन प्राप्त हो सकेगा. इससे पहले थंब इंप्रेशन के जरिए राशन वितरण किया जाता था. थंब इंप्रेशन में आ रही दिक्कतों के बाद सरकार ने एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्णय लिया है.

दस दुकानों से शुरू होगा प्रोजेक्ट

इस पायलेट प्रोजेक्ट की शुरूआत भोपाल और इंदौर से होगी. इस प्रोजेक्ट के जरिए सरकार का फोकस 10 राशन दुकानों पर आईरिस स्कैनर लगवाने का है.आइरिस स्कैनर लगने से राशन कार्ड धारक की पहचान आंखों के जरिए भी हो सकेगी और उसे राशन मिलने में परेशानी नहीं होगी. किसान और ग्रामीण क्षेत्रों में काम-काज करने वाले मजदूरों के हाथ की रेखाओं के साथ अंगुलियों और अंगूठे की रेखाएं भी घिस जाती हैं जिससे कई बार थंब इंप्रेशन नहीं मिल पाते थे और हितग्राही राशन लेने से वंचित रह जाते थे.

तो पूरे प्रदेश में अपनाया जाएगा मॉडल

यदि ये प्रोजेक्ट 10 दुकानों में सफल रहा तो ये आईरिस स्कैनर प्रदेश की हर राशन दुकानों पर लगाए जाएंगे. सरकार इस प्रोजेक्ट को सफल करने के साथ ही सभी दुकानों को इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी में है. अपात्र या श्रेणी के बाहर आए हितग्राहियों का नाम काटने को लेकर एक्‍शन मोड में सरकार आ चुकी है. इस नई व्यवस्था से ऐसे लोगों की मॉनिटरिंग हो सकेगी.

बीजेपी की हिदायत

कांग्रेस प्रवक्ता मानक अग्रवाल की मानें तो नई टेकनोलॉजी का इस्तेमाल करके सरकार कई सुविधा से वंचित लोगों की मदद कर सकेगी तो वहीं सरकार के इस प्रयास को बीजेपी ने भी सराहा है लेकिन सरकार को साथ ही ये हिदायत भी दी है की योजना का लाभ हितग्राहियों को हर हाल में मिलना ही चाहिए.