भोपाल / प्रदेश के विकास से जुड़े सवाल पर सिंधिया बोले- अभी तक तो मुझसे पूछा ही नहीं गया, जब पूछा जाएगा तो राय दूंगा

भोपाल.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है मध्यप्रदेशके विकास के लिए अभी तक उनसे कोई चर्चा नहीं की गई है। जब उनसे इस बारे मेंपूछा जाएगा तो वे अपनी राय जरूर देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी सभीक्षेत्र में बहुत काम होना बाकी है। रविवार सुबह ज्योतिरादित्य भोपाल में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विजय लक्ष्मी साधौ के यहां पहुंचे थे। सिंधिया रविवार को भोपाल में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।

जब पूछा जाएगा तो राय जरूर देंगे: सिंधिया

साधो केनिवास के बाहर निकलते हुए सिंधिया ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा- प्रदेश की जनता ने जिस विश्वास से हमें (कांग्रेस) कोचुना है। उसके विश्वास पर हमें खरा उतारना पड़ेगा। जब मीडियाकर्मियों नेउनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए कमलनाथ सरकार को कोई राय दी है? तोजबाव में उन्होंने कहा किअभी तक तो ऐसा नहीं हुआ है। लेकिन जब उनसे पूछा जाएगा तो वे अपनी राय जरूर देंगे।

अमेजन पर केंद्रीय मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी पर सिंधिया ने कहा कि अगर ऐसा माहौल बनाया जाएगा तो निवेश करने कौन आएगा। आज निवेश करने के लिए कई देश उद्योगपतियों के लिए लाल कारपेट बिछाए हुए हैं। अगर मंत्री ही ऐसी बातें कहेंगे तो कौन हमारे यहां निवेश करने आएगा।

भोपाल दौरे से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मीतेज हो गईं।

सिंधिया केराज्यसभा में जाने की अटकलें

समर्थकों द्वारा सिंधिया को काफी समय से प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की जा रही है। लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने अभी ये मामला लटका रखा है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मई में खाली हो रही प्रदेश कोटे की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटे कांग्रेस के खाते में जाना तय है। इसमें से एक सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा में भेज महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।

सरकार के दिए टॉयलेट में यह शख्स बनाने लगा खाना, आखिर क्यों ?

किचन या रसोईघर किसी भी घर का सबसे अहम हिस्सा होता है लेकिन क्या कभी आपने ये सुना है कि किसी शख्स ने अपने घर के टॉयलेट को ही किचन बना लिया. आपका जवाब होगा नहीं. आप सोच रहेंगे भला ऐसा कौन करेगा लेकिन ऐसा हुआ है उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जहां एक परिवार को गरीबी ने ऐसा करने पर मजबूर कर दिया.

दरअसल बाराबंकी के अकनपुर गांव में राम प्रकाश नाम के एक शख्स को स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक टॉयलेट मिला, लेकिन गरीबी और लाचारी से बेबस वह शख्स उसे किचन के रूप में इस्तेमाल करने लगा.

राम प्रकाश को ऐसा इसलिए करना पड़ा, क्योंकि उसके पास रहने के लिए कोई अच्छी जगह नहीं थी और बारिश के मौसम में वो खाना भी नहीं बना पाते थे. ऐसे में ईंट सीमेंट से बने टॉयलेट को ही उसके परिवार को रसोईघर के रूप में इस्तेमाल करने पर मजबूर होना पड़ा, क्योंकि मौसम से बचने के लिए उसके पास दूसरा कोई उपाय नहीं था.

अपनी इस बेबसी, गरीबी और लाचारी को लेकर राम प्रकाश ने बताया,  ‘हमारे पास रहने की कोई अच्छी व्यवस्था नहीं है और हम झोपड़ी में रहने के लिए मजबूर हैं. इसी वजह से हमें टॉयलेट को ही किचन बनाना पड़ा और बीते एक साल से हम टॉयलेट में ही खाना बना रहे हैं.’

इस बात का खुलासा तब हुआ जब कुछ लोगों ने राम प्रकाश के झोपड़ी के बाहर बने टॉयलेट से एक दिन धुआं उठता हुआ देखा. प्रशासन तक इस बात की खबर पहुंचने के बाद बाराबंकी के अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं. इस मामले को लेकर बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉक्टर आदर्श सिंह ने कहा, जिसका नाम भी पात्रता सूची में दर्ज होता है उसे पीएम आवास दिया जाता है. इसके अलावा जो भी लोग सूची से छूटे हुए हैं और इसके पात्र हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास दिया जाएगा.

FATF से बाहर किए जाने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका से लगाई गुहार

वॉशिंगटन, एजेंसी। पाकिस्तान अपने को ग्रे सूची में डाले जाने से खासा परेशान है, अब वो अपने को इस सूची से हटाने के लिए तमाम तरह के जतन कर रहा है। अब पाकिस्तान नेअमेरिका से फिर अपने को एफएटीएफ (वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स) की ग्रे सूची से हटाने का आग्रह किया है। एफएटीएफ आतंकी वित्तपोषण और वैश्विक धन शोधन (money laundering) पर नजर रखता है।

विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शुक्रवार रात को इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि अमेरिका अगले महीने एफएटीएफ की बीजिंग बैठक में इसे सूची से हटाने के अपने प्रयासों को वापस ले लेगा। उनका कहना है कि अमेरिका पाकिस्तान को इस सूची से बाहर कर देगा। उन्होंने बताया कि यह बैठक हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अप्रैल में पेरिस में बैठक होने वाली है जहां विश्व निकाय तय करेगा कि पाकिस्तान सूची में बना रहे या उसे हटा दिया जाए।

एफएटीएफ ने पाकिस्तान को उन देशों की सूची में रखा है जो मनी लॉन्ड्रिंग को खत्म करने में विफल रहे हैं और जहां आतंकवादी अभी भी अपनी गतिविधियों के लिए धन जुटा सकते हैं। अगर अप्रैल तक सूची से नहीं हटाया गया, तो पाकिस्तान ईरान जैसे गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करने वाले देशों की एक काली सूची में जा जाएगा।

उन्होंने अमेरिका के मुख्य सांसदों और अधिकारियों के साथ कई बैठकों के बाद शुक्रवार को संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी तीन दिवसीय यात्रा समाप्त की, जिसमें राज्य के सचिव माइक पोम्पिओ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ’ब्रायन शामिल थे। विदेश मंत्री ने एक राजनयिक मिशन पर ईरान, सऊदी अरब और अमेरिका का दौरा करने वाले सप्ताह को वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव को कम करने के लिए खर्च किया।

उन्होंने अमेरिका से पाकिस्तान के लिए अपनी यात्रा सलाह की समीक्षा करने और देश में निवेश को प्रोत्साहित करने का भी आग्रह किया। अमेरिका की यात्रा अभी भी पाकिस्तान को एक देश के रूप में प्रस्तुत करती है क्योंकि अमेरिकियों को आतंकवाद के खतरों के कारण यात्रा करने से बचना चाहिए। पाकिस्तान में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने वाशिंगटन को याद दिलाते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में पाकिस्तान को 10 शीर्ष पर्यटन स्थलों में शामिल किया है। संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने भी एक बार फिर राजनयिकों और उनके परिवारों के लिए इस्लामाबाद को एक सुरक्षित शहर घोषित किया था। उन्होंने वाशिंगटन को भी ऐसा करने के लिए कहा। 

यह पूछे जाने पर कि एफएटीएफ की बीजिंग बैठक महत्वपूर्ण क्यों थी? उन्होंने कहा कि चीन की राजधानी में लिए गए फैसले का असर सेना की पेरिस योजना पर भी पड़ेगा, जो यह तय करेगा कि पाकिस्तान ग्रे सूची में शामिल था या नहीं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे अमेरिकी मित्र हमें बताएं कि उनकी नीति क्या है। आप हमारे साथ साझा करते हैं कि आपने क्या उपाय किए हैं या करने का इरादा है। मंत्री ने स्वीकार किया कि एफएटीएफ सूची से हटाना रातोंरात नहीं हो सकता है लेकिन कहा कि अमेरिका हटाने के इंतजार के दौरान पाकिस्तान के साथ अपनी व्यस्तता बढ़ा सकता है। 

उन्होंने कहा कि कृपया विचार करें कि आप पाकिस्तान के निर्यात को बेहतर बनाने में कैसे मदद कर सकते हैं, हमारे विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ा सकते हैं, हमें आपके मार्गदर्शन की भी आवश्यकता है। हमें पर्यटन उद्योग में भी आपके निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पिछले साल प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ अपनी बैठकों में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि वह पाकिस्तान को एफएटीएफ ग्रे सूची से देखना चाहते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी अब इसके लिए काम करेंगे।

विदेश मंत्री ने कहा कि इस्लामाबाद ने एफएटीएफ की मांगों को पूरा करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं और अमेरिका के लिए राष्ट्रपति ट्रम्प की प्रतिज्ञा को पूरा करने का समय आ गया है। श्री कुरैशी ने कहा कि जब सचिव पोम्पेओ 2018 में इस्लामाबाद आए थे। उनसे कहा कि हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को फिर से कायम करने में रुचि रखते हैं। श्री पोम्पेओ ने कहा कि यह केवल काबुल के माध्यम से चलाया जा सकता है। मैंने उससे कहा कि हमने अपना वादा पूरा किया। तालिबान मेज पर आ गया। फिर आपने कहा कि प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक और शक्तिशाली होना चाहिए, हमने ऐसा ही किया।

जब पाकिस्तान ने ऐसा किया, तो उन्होंने कहा कि तालिबान को यह समझ देनी चाहिए कि वे रक्त-त्याग और शत्रुता को रोकेंगे। यह एक आसान काम नहीं था, लेकिन यह भी हुआ है। उन्होंने कहा कि तालिबान सभी शत्रुता को समाप्त करने के लिए तैयार हैं। अफगान संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है। ईरान सहित सभी क्षेत्रीय शक्तियाँ इसका समर्थन कर रही हैं। तो, इसका लाभ उठाएं और एक समझौते पर हस्ताक्षर करें। इस समझौते से एक अंतर-अफगान वार्ता होगी। उन्हें इस पैटर्न का पालन करना चाहिए। उन्होंने वाशिंगटन को याद दिलाया कि पाकिस्तान ने आपकी उम्मीदों को पूरा किया।  

स्वच्छता सर्वे 2020 / भोपाल में सफाई का जायजा लेने ऑटो-बाइक पर घूम रही टीमें, अफसरों को हिदायत- वायरलेस पर लोकेशन न बताएं

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानीभोपाल की सफाई की परीक्षा शुरू हो गई है। स्वच्छता सर्वे की टीम शहर मेंपहुंच गई है। टीमें कहींऑटो तो कहींबाइक से लोकेशन पर पहुंच रही हैं। दोनों टीमों को लीड कर रहे अफसरों नेसाफ कर दिया है कि कोई भी निगमकर्मी या अफसर उनके साथ नहीं रहेगा। साथ ही,नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को वायरलेस सेट पर टीम की लोकेशन भीनहीं बताने के निर्देश दिए गए हैं।

जहां जरूरत होगी वहां निगम कर्मचारियों को बुला लेंगे- टीम
स्वच्छता सर्वे टीम के आने की भनक लगने पर जोनल अधिकारी और कर्मचारीयदि लोकेशन पर पहुंच भी जाते हैं तो दूर खड़े होकर सर्वे की प्रोसेस को देखते रहते हैं। जहां जरूरत होती है वहां टीम अधिकारियों कोफोन करके बुला लेती है। शनिवार कोएक टीम ने शहर केवार्ड नंबर-32 से अपना दौरा शुरू किया। सरस्वती नगर और उसके आसपास के क्षेत्र में टीम ने कुछ लोगों से स्वच्छता की स्थिति को लेकर सवाल पूछे। वहीं,दूसरी टीम ने बाग सेवनिया से सर्वेशुरू किया। अगले कुछ दिन में इन दोनों टीम में कुछ और लोगों के जुड़ने की संभावना है। दोनों टीमों के अफसरजियो टैगिंग और टाइम स्टैंप फोटो ले रहे हैं। टीम जिस भी क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है, वहां फोटो इस तरह से ली जा रही है कि वह पूरा कवर हो।

इनके जवाब तय करेंगे स्टार रेटिंग

आपका शहर स्वच्छ सर्वेक्षण में भागीदारी कर रहा है, पता है?पिछले 6 माह में स्वच्छता के लिए 10 में से कितने नंबर देंगे?आप शहर में सार्वजनिक और व्यावसायिक क्षेत्र की स्वच्छता के आधार पर 10 में से कितने नंबर देंगे?सूखा व गीला कचरा अलग-अलग देने के लिए कहा जाता हैशहर में सड़कों के डिवाइडर पर पौधे या हरी घास लगी है?सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता को 10 में से कितने नंबर देंगेशहर के ओडीएफ और जीएफसी स्टेटस की जानकारी है?

इनके जवाब तय करेंगे शहर की रैंकिंग

1. क्या आपका कचरा आपके घर से रोज कलेक्ट हो रहा है?
2. सूखा व गीला कचरा अलग देने के लिए कहा गया है
3. क्या आप आसपास क्राकरी बैंक, फूड बैंक, कचरे का रीयूज और रिसाइकल के संदेश और व्यवहार देखते हैं?
4. पड़ोस में कोई सीएंडडी वेस्ट दो दिन से अधिक समय तक लावारिस पड़ा देखते हैं?
5. क्या आपके शहर में होम कम्पोस्टिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है? क्या आप होम कम्पोस्टिंग करते हैं?
6. क्या आप निकटतम पब्लिक टॉयलेट का पता लगाने के लिए गूगल मैप का उपयोग करते हैं। क्या जानते हैं कि यह जानकारी गूगल मैप पर उपलब्ध है?
7. क्या आप अपने शहर के होटल, स्कूल, अस्पताल, आरडब्ल्यूए, सरकारी कार्यालय और बाजारों की रैंकिंग की जानकारी है?
8. क्या आपने कभी स्वच्छ भारत मिशन की एक्टिविटी में भाग लिया है या किसी संस्था की एेसी एक्टिविटी को देखा है?
9. आपको पता है कि आपका शहर स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में भाग ले रहा है?
10. क्या आप अपने शहर के कम्युनिटी और पब्लिक टॉयलेट का अच्छ रखरखाव देखते हैं?
11. क्या आप अपने आसपास के स्वच्छता स्तर से संतुष्ट है।
12. क्या आप इन दिनों अपने शहर में आयोजित कार्यकमों में सिंगल यूज प्लास्टिक का कम उपयोग देखते हैं।

यहां सर्वेक्षण

नेहरू नगर, बिट्टन मार्केट, 11 नंबर, 12 नंबर सरस्वती नगर, डिपो चौराहा, रोशनपुरा, खटलापुरा, जहांगीराबाद बाजार, जद्दा, कुम्हार मोहल्ला, बाल विहार, वसुंधरा कॉलोनी, पुलिस लाइन, अहीरपुरा, कुम्हार मोहल्ला, मीट मार्केट, विजय मार्केट, पिपलानी ।

ये टीमें कर रहीं हैं शहरमें स्वच्छ सर्वेक्षण
केंद्र ने स्वच्छ सर्वेक्षण के इंडिपेंडेंट अॉब्जरवेशन के लिए इस बार इप्सॉस, कैंटार और क्यूसीआई तीन एजेंसियां नियुक्त की हैं। क्वालिटी कौंसिल अॉफ इंडिया (क्यूसीआई) ओडीएफ और वाटर प्लस के लिए सर्वे कर रही है। कैंटार स्टार रेटिंग के लिए और इप्सॉस ओवरऑल रैंकिंग का सर्वे कर रही है। तीनों एजेंसियों ने मैनेजमेंट, स्टेटिस्टिक्स और सेनिटेशन जैसी फील्ड के ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट को असेसर के रूप में नियुक्त किया है।

सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद केंद्र बना रहा है सोशल मीडिया को नियंत्रित करने के नियम


केंद्र सरकार सोशल मीडिया को रेगुलेट करने को लेकर दिशा-निर्देश बना रही है। इसके लिए सूचना और प्रसारण, आईटी, कानून और गृह मंत्रालय काम कर रहे हैं। जनवरी के अंतिम सप्ताह तक यह गाइडलाइन फाइनल हो जाएगी। इसकी मदद से सोशल मीडिया पर धामक भावनाओं को भड़काने वाली, राष्ट्र विरोधी, झूठी खबरों को रोकने के लिए नियमों की दशा और दिशा तय की जा सकेगी।  

दरअसल सोशल मीडिया के नियम और गाइडलाइन के चारो मंत्रालयों की भूमिका अहम है। वर्तमान स्थिति की बात करें तो अभी प्लेटफार्म अपने स्तर पर ही पोस्ट की निगेहबानी करते हैं। चुनाव आयोग के आग्रह के बाद आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने स्वयं अपने लिए नियमों की व्याख्या कर रखी है। केंद्र ने 2012 में सोशल मीडिया को लेकर एक गाइड लाइन तो तैयार की थी लेकिन उसके लागू करने के मसौदे पर कभी फैसला नहीं हो पाया है। जबकि पिछले आठ सालों में सोशल मीडिया देश की रोजमर्रा की जिदंगी में घर कर गया है। 

सोशल मीडिया का दायरा और प्रभाव कई गुना बढ़ गया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सोशल मीडिया पर लगातार हेटस्पीच, फेक न्यूज, अपमानित करने वाली पोस्ट और देश की एकता को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गाइडलाइन या दिशा-निर्देश को लेकर जवाब मांगा था। न्यायालय ने सरकार से पूछा था कि वह सोशल मीडिया को नियमित करने के लिए क्या कर रही हैं। 

गत 22 अक्टूबर को सोशल मीडिया से जुड़ी एक सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर कहा गया था कि वह 15 जनवरी तक सोशल मीडिया को लेकर नियमावली या गाइडलाइंस तैयार कर लेगी। हालांकि इसी बीच सुप्रीमकोर्ट ने फेसबुक, वॉटसअप, इस्टाग्राम सहित तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म को लेकर तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, मुंबई हाईकोर्ट में चल रहे मामलों का संज्ञान लेते हुए सभी मामलों को अपने दायरे में कर लिया था। इसके लिए जनवरी के आखिरी हफ्ते में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है। इसलिए सरकार सुनवाई से पहले सोशल मीडिया के लिए नियम बनाने की कवायद में जुटी है।

इसके अलावा वरिष्ट अधिकारी ने कहा देश में बाकी सभी मीडिया माध्यमों को लेकर नियमावली और प्रसारण मानक हैं। ऐसे में सोशल मीडिया के लिए भी नियमों का तंत्र विकसित होना चाहिए। केंद्र सरकार दिशा-निर्देशों को तय करने में सोशल मीडिया को लेकर संसद में पेश होने के बाद प्रवर समिति के पास पड़े डेटा प्रोटेक्शन बिल के प्रावधानों से भी सहायता ले रही है.

योगी सरकार का चिन्मयानंद के खिलाफ रेप केस वापस लेने का आदेश, पीड़िता ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

यूपी सरकार ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के खिलाफ चल रहे बलात्कार के मुकदमे को वापस लेने का फैसला लिया है. इससे लिए सरकार ने शाहजहांपुर जिला प्रशासन को एक आदेश भेजा है.

शाहजहांपुर: यूपी सरकार ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के खिलाफ चल रहे बलात्कार के मुकदमे को वापस लेने का फैसला लिया है. इससे लिए सरकार ने शाहजहांपुर जिला प्रशासन को एक आदेश भेजा है. वहीं दूसरी ओर कथित बलात्कार पीड़िता ने राष्ट्रपति को एक पत्र भेज कर सरकार के इस कदम पर आपत्ति दर्ज कराई और चिन्मयानन्द के खिलाफ वारंट जारी करने की मांग की है.

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सर्वेश दीक्षित ने बताया कि राज्य सरकार के गृह विभाग ने शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद पर धारा 376 (बलात्कार) और 506 (धमकाने) के तहत दर्ज मुकदमा वापस लिए जाने का आदेश जिला प्रशासन को जारी किया है.

इस बीच, राज्य सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने लखनऊ में संवाददाताओं से इस मामले पर कहा कि सरकार ने पुराने मामले वापस लिए जाने की बात कही है लेकिन वह वास्तव में वापस लिया जाएगा या नहीं, इसका फैसला अदालत ही करेगी. अगर किसी को सरकार के कदम पर आपत्ति है तो वह उसे अदालत में चुनौती दे सकता है.

बहरहाल, इस मामले में अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार सिंह की ओर से मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत को भेजे गये पत्र में कहा है कि सरकार ने छह मार्च को भेजे गए पत्र में चिन्मयानन्द से मुकदमा वापस लेने का निर्णय लिया है.

वहीं, दूसरी ओर चिन्मयानन्द पर बलात्कार का मामला दर्ज कराने वाली महिला ने राष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश और जिला जज को पत्र भेजकर राज्य सरकार के इस कदम पर आपत्ति दर्ज करायी है. उन्होंने कहा है कि चिन्मयानन्द के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘यही बीजेपी ‘बेटियों के सम्मान में, भाजपा मैदान में’ का नारा दे रही थी और अब वही पार्टी मेरा मुकदमा खत्म करा रही है, यह बहुत ही दुखद है. सरकार को न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए थी. मैंने अदालत में इस पर प्रार्थनापत्र दे दिया है कि आरोपी के खिलाफ वारंट जारी करके उसे जल्द से जल्द जेल भेजा जाए.’’

क्या है मामला?

बता दें कि जौनपुर से सांसद रहे स्वामी चिन्मयानंद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री थे. उस वक्त उनके संपर्क में आई एक महिला उनके एक विद्यालय में प्राचार्य थी. उसने 30 नवम्बर 2011 को चिन्मयानन्द के खिलाफ शहर कोतवाली में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था.

3 लाख की चिल्लर लेकर पहुंचा बैंक ग़ाहक जमा करने

अमेठी
उत्तर प्रदेश के अमेठी में 14 बोरियों में तीन लाख का चिल्लर जमा करने पहुंचे ग्राहक को देखकर बैंककर्मी हैरान रह गए। आनाकानी के बाद बैंककर्मी पैसा लेने के लिए राजी हुए, लेकिन गिनने के लिए तीन कर्मचारियों को लगाना पड़ा। तीन दिनों की गिनती के बाद बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।

मुसाफिरखाना क्षेत्र के अढ़नपुर गांव निवासी पवन कुमार सिंह ने इलाहाबाद बैंक से तीन लाख केसीसी पर लोन ले रखा था। ऋण अदायगी न कर पाने के कारण यह बढ़कर छह लाख रूपये हो गया। बैंक ने ग्राहक को किसान ऋण मुक्ति योजना का लाभ देते हुए कुल राशि का आधा पैसा जमा करने को कहा। योजना के तहत पवन को ऋण का आधा पैसा जमा करना था, शेष आधा पैसा बैंक को स्वयं वहन करना था।

योजना का लाभ लेने के लिए पवन बीते गुरूवार को 14 बोरियों में चिल्लर भरकर बैंक पहुंचा, तो बैंक के सामने इन चिल्लरों को गिनने की चुनौती उठ खड़ी हुई। शाखा प्रबंधक स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राहक को योजना का लाभ देने के लिए बैंक द्वारा तीन कर्मियों को लगाकर चिल्लर को गिनने का निर्णय लिया गया।

शहरी क्षेत्र शिवपुरी में अंग्रेजी शराब की दुकान एव शराब बिक्री केंद्रों पर निगरानी की जरूरत


[ संपादक करुणेश शर्मा की कलम से]

शिवपुरी शहर में अंग्रेजी शराब की दुकान एवं देसी शराब की दुकानों पर शराब पीने की व्यवस्था ठेकेदार द्वारा की गई है जिसके कारण सड़कों पर शराब पीने वाले अभद्रता करते देखे गए हैं यहां से गुजरने वालों को अक्सर शराबियों की फबत्तियों का शिकार होना पड़ता है महिलाओं का निकलना बहुत ही मुश्किल का काम हो गया है.
शाम ढलते ही यहां शराबियों का जमघट लगना शुरू हो जाता है और वहां पर माहौल नमकीन बेचने वाले छोटे-छोटे दुकानदारों के आसपास शराबियों को खड़ा होकर शराब पीते हुए देखा जा सकता है जिसके कारण रास्ता पर चलने वालों का निकलना दूभर हो रहा है महिलाओं पर सभी आदमियों पर शराबी अक्सर फब्तियां कसते हुए देखे जा सकते हैं इस कारण शहर में वातावरण काफी दूषित ऊंचा होता जा रहा है पुलिस अधीक्षक से अनुरोध है कि यहां पर पुलिस की निगरानी की व्यवस्था की जाए जिससे सभ्य नागरिकों महिलाओं को आवागमन में कोई परेशानी ना हो विशेषकर शाम के 6:00 बजे से रात्रि के 9:00 बजे तक लगभग सभी देसी अंग्रेजी शराब की दुकानों पर भीड़ देखी जा सकती है जैसे लक्ष्मी निवास के सामने.
ग्वालियर बायपास पुल के पास वाला शराब खाना पुरानी शिवपुरी का नीलगढ़ चौराहा और देसी दुकानों पर लगभग सभी दुकानों पर यही स्थिति दिखाई दे रही है

वन विभाग की मेहरबानी से शिवपुरी जिले में अवैध उत्खनन जोरों पर

[संपादक करुणेश शर्मा की कलम से]
शिवपुरी जिला इन दोनों खनिज माफियाओं के चंबल में दिखाई दे रहा है पत्थर की अवैध खनन की अगर बात करें तो वन विभाग ही मुख्यमंत्री कमलनाथ के अवैध उत्खनन संबंधी कानून की धज्जियां उड़ाने में जुटा हुआ है
सुरवाया दहिया अर्जुन गवाह चिरकुंडा
मुराई बम्हारी अतरौली डोंगरी मजेरा इत्यादि खदानों पर जोरदार इसे वन विभाग की मेहरबानी से अवैध उत्खनन फर्शी पत्थर का जारी है इसे रोकने के लिए वन विभाग ही सरकारी ड्यूटी में है किंतु जिस दिन वन विभाग को जाना होता है उस दिन पत्थर माफियाओं को खबर कर दी जाती है कि आज हम आ रहे हैं उसी दिन वन विभाग कागजी खानापूर्ति पूरी करके सरकार को भेज देते हैं कि यहां पर अवैध उत्खनन नहीं है जबकि बाकी दिनों में अवैध उत्खनन जोरदार ई से चलकर मध्यप्रदेश शासन को करोड़ों रुपए का राजस्व का चूना लगाया जा रहा है
दरिया के जंगल से सटे सर्वे नंबर 433 436 437 438 और 439 में खनिज विभाग द्वारा प्रशासन की मिलीभगत से सतीश वर्मा नामक व्यक्ति के नाम खनिज पट्टा स्वीकृत है जबकि इस क्षेत्र में फसल खड़ी हुई है यहां पर पत्थर नाम की कोई चीज नहीं है इसी पट्टे के आधार पर अवैध उत्खनन अन्य क्षेत्रों में जोरदार इसे चल रहा है अवैध उत्खनन वन क्षेत्र में कर कर सतीश वर्मा नामक ठेकेदार रॉयल्टी ऊंचे दामों में बेचकर ट्रक वालों को मुहैया करा रहा है प्रशासन इस बारे में अगर बारीकी से जांच करें तो पाएंगे कि स्वीकृत खदान एरिया पर पत्थर ना होकर फसल खड़ी हुई है इस प्रकार वन विभाग व खनिज विभाग यशस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ के उत्खनन माफिया के विरोध में चलाए जा रहे जा रहे अभियान को पलीता लगा रहे हैं
मुराई कैन वाया खिलोना फुटेला अर्जुन गवाह आदि इलाके से अवैध पत्थर का खनन जरदारी से चल रहा है इस अवैध खनन से आसपास का जंगल एरिया बुरी तरह से तबाह हो रहा है और वन विभाग के कर्ताधर्ता इस अवैध खनन पर मौन है क्योंकि सब कुछ मिलीभगत से चल रहा है रेवेन्यू के अधिकारियों की सांठगांठ भी इस गोरखधंधे में प्रतीत हो रही है अवैध पत्थर खनन हो रहा है तो कैन वाया कुटेला अर्जुन गवाह आदि क्षेत्रों में भी इस समय खनन माफियाओं के झुंड टूट पड़े हैं
मुराई क्षेत्र से तमाम फर्शी पत्थर बड़ा गांव के रास्ते बाहरी क्षेत्रों में निकाला जा रहा है वन क्षेत्र में यह खनन जोरदार इसे चलाया जा रहा है मुख्यमंत्री कमलनाथ से यह अपील है की शिवपुरी जिला सदैव पत्थर के अवैध उत्खनन रेत के अवैध उत्खनन में संलिप्त रहा है प्रशासन व वन विभाग की मिलीभगत से यहां पर माफिया फल फूल रहे हैं बस शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर यहां के जंगलों को नष्ट कर रहे हैं
इसी प्रकार रेत माफिया भी यहां पर बड़ी दमदार इसे अवैध उत्खनन कर शासन को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं सूत्रों के हवाले से खबर है कि इन खनन माफियाओं पर किसी राजनैतिक हस्ती का वरदहस्त है इस कारण प्रशासन तालमेल बैठाने में ही अपनी भलाई समझता है क्या मुख्यमंत्री कमलनाथ शिवपुरी जिले में ठोस कार्रवाई को अंजाम देकर एक मिसाल कायम करेंगे