मैं शपथ लेता हूं कि …. ” मैं चमचा हूं “

** व्यंग **

ध्यप़देश की राजनीति में चमचा पुराण की चर्चा वर्तमान समय में चरम पर पहुंच आम हो गई है न शर्म उनको आ रही जिन्होंने संविधान की शपथ ली है न शर्म उनको है जिनके चमचे बन मंत्री पद पर बैठ मंत्री जी मलाई खा रहे हैं.
हमारे देश की बिडंबना ही कहेंगे कि संविधान की शपथ ले उस संविधान को ताक पर रख निम्न दर्जे की बात कर मध्यप़देश के मंत्री आखिर क्या साबित करना चाहते हैं.
शायद इनको ये भी याद नहीं होगा शपथ में कौन से शब्द इन्होंने बोले थे और उनका मंतव्य क्या था. शब्द साफ हैं न किसी से राग न द्वेष न भय न पक्षपात केवल संविधान के प़ति वफादारी रहेगी.
हम फिर इन चमचा मंत्री जी को वो शब्द याद करवाते हैं जो इस प़कार हैं.


मैं,   ईश्वर की शपथ लेता हूं / सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा, मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा, मैं… राज्य के मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक और शुद्ध अंत:करण से निर्वहन करूंगा तथा मैं भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना, सभी प्रकार के लोगों के प्रति संविधान और विधि के अनुसार कार्य करूंगा. ’    ………… “

उपर जो शपथ का प़ारुप है उसमें साफ लिखा है श्रद्धा और निष्ठा केवल संविधान के प़ति होगी न कि किसी के चमचा बन किसी और के प़ति तो यह चमचा पुराण साफ तौर पर जाहिर कर रहा है कि आप संविधान की शपथ लेकर संविधान की अवमानना कर रहे हैं. क्यों न ऐसे चमचा मंत्रियों को पद से अलग कर दिया जाये.
जनता इनको चुनती है और ये जनता और संविधान के प़ति वफादार न होकर खुले आम चमचा होने की घोषणा करने लगते हैं क्या यह सही है , इन लोगों की इन्ही हरकतों के कारण इनके आका आज सड़क पर हैं. इनके आका भी इनको कई बार हिदायत दे चुके हैं कि चरण वंदना और चमचा पुराण की परंपरा बंद करो पर ये हैं कि मानते नहीं हैं. आज ऐसे ही चमचा लोगों के कारण इनके आका की हालत ऐसी हो गई है कि घर के रहे न घाट के और इन सबसे उपर है हमारा संविधान और प़जातांत्रिक ढांचा इन चमचा मंत्रियों को अपनी संवैधानिक मर्यादाओं और सीमाओं का तो ख्याल रखना ही चाहिये. 2020 के समय जब सोशल मीडिया प़जातंत्र का मजबूत स्तंम्भ साबित हो रहा तब क्या यह सब उचित है इस पर विचार करने का दायित्व बुद्धिजीवी और जनता का है
लेखक:
सत्येंद़ सिंह रघुवंशी
चीफ एडीटर द न्यूजलाईट
97,मयूर नगर,ग्वालियर

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