मंगलवार को कमलनाथ सख्त लहजे में बोले- हाउसिंग सोसायटियों की जांच करो, जरूरत पड़े तो कर लो टेकओवर

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को अफसरों पर सख्त तेवर अपनाए। भूमाफिया पर कार्रवाई, हाउसिंग सोसाटियों और आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी जताई। उन्होंने हाउसिंग सोसायटियों को लेकर कहा कि जनता की जीवनभर की पंूजी हड़प कर धोखाधड़ी करने वाली हाउसिंग सोसाटियों की जांच की जाए। इसमें दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। इसमें औपचारिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य मंत्रालय में जनाधिकार कार्यक्रम में कलेक्टर-कमिश्नरों से वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान उन्होंने कहा कि हाउसिंग सोसायटियों की जांच का बड़ा अभियान चलाया जाए। इस दौरान भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कहा कि ५०० से ज्यादा सोसायटी की हम जांच कर रहे हैं। इनमें २३ पर कार्रवाई की गई है, तो सीएम ने कहा कि भोपाल में जब इतना बड़ा भू-माफिया चलित है, तो पूरे प्रदेश में कितना होगा? कितने मिडल क्लास और लोअर मिडल क्लास के लोग इन मुसीबतों का सामना कर रहे होंगे? हालत एेसी है कि जनता तो इन समस्या को बताने में भी डरती होगी। जिन सोसायटी में ज्यादा गड़बड़ी हैं, उन्हें जरूरत पड़े तो टेकओवर कर लो। मुख्य सचिव को उन्होंने कहा कि इस पर अभियान चले। पुलिस एक्शन की भी रिपोर्ट दो।
अफसर कान खोलकर सुन लें, सख्त कार्रवाई करूंगा…
सीएम ने आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में बेहद खराब फीडबैक का हवाला देकर सख्त तेवर में कहा कि बड़े अफसर कान खोलकर सुन लें, कलेक्टर अपनी जिम्मेदारी तय कर लें। इसमें ढि़लाई पर अब सख्त कार्रवाई करूंगा। यह कार्यक्रम औपचारिकता बन गया है। इसमें कोई काम नहीं हो रहा। शिकायतें आ रही है कि कोई फॉलोअप नहीं है। बस, कागज लेकर रख लेते हो। इसलिए लिखकर रख लो कि अब इस कार्यक्रम में कोई लापरवाही न हो। काम का सोच व कल्चर बदल लो।
कार्रवाई में माफिया का अंतर जरूरी…
कमलनाथ ने कहा कि माफिया के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढ़ील नहीं आनी चाहिए, लेकिन माफिया और सामान्य नियमों के उल्लंघन में अंतर किया जाए। निशाने पर माफिया होना चाहिए। माफिया पर कार्रवाई में दुश्मनी नहीं निकाली जाए। छोटे प्रकरणों पर कार्रवाई न की जाए। कम्पाउंडिंग के केस अलग रखे जाएं। उन्होंने कहा कि शुद्ध के लिए युद्ध में मिलावटी दवाओं के खिलाफ अभियान चलें।
४ कलेक्टर नहीं आए-
सीएम ने आते ही पूछा कि कितने कलेक्टर मौजूद नहीं है? इस पर पता चला कि पन्ना, शहडोल, बैतूल व बड़वानी कलेक्टर नहीं आए। इस पर सीएम ने नाराजगी जाहिर की।
ये भी अहम निर्देश-जो अफसर तबादले के बावजूद रिलीव नहीं, उन्हें तुरंत रिलीव किया जाए। इसमें सख्ती हो।

पीडीएस पर गुणवत्ता पर ध्यान दो। भंडारण की तैयारी समय पर हो।

वनाधिकार पट्टे में गलत तरीके से आवेदन रद्द न किए जाए। पात्रों को अनिवार्य रूप से पट्टे मिले।

सरकारी जमीन पर खेती करने वालों की सूची बनाई जाए। कहां क्या कार्य हो रहा है, इसकी एक महीने में सूची दो।

खाद की ब्लैक मार्केटिंग न हो सके। कर्जमाफी की सूची का डाटा क्रासचेक हो।
राशन की दुकानों में भारी गड़बड़ी-
कमलनाथ ने कहा कि राशन की दुकानों में बहुत गड़बड़ी हो रही है। ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें आ रही है। शुद्ध का युद्ध में कड़ी कार्यवाही की जरूरत है। नाबार्ड से कर्ज नहीं मिलने या बैंक से मंजूरी में देरी की शिकायतें हैं। इसमें देखा जाए कि लोगों को परेशान न किया जाए। नीमच में एक खदान की ब्लास्टिंग से पास की फसलें खराब होने की शिकायत आई, तो सीएम ने नाराज होकर कहा कि एेसी खदानें क्यों चल रही है। जो खदानंे आम जीवन को प्रभावित करें, वो तुरंत बंद होनी चाहिए।
दो अफसरों पर एक्शन-
शिवपुरी में गरीब व्यक्ति अपनी जमीन का कब्जा पाने में आठ साल परेशान रहा, इस पर सीएम ने कहा कि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो। उन्होंने बुरहानपुर में किसान के गलत प्रकरण में बैंक मैनेजर और सीईओ जिला पंचायत को निलंबित करने के निर्देश दे दिए। भोपाल के एक प्रकरण में निराकरण में भारी देरी पर सीएम ने कहा कि क्या अधिकारी का निलंबन किया गया। सीधी में बीमा की राशि किसान को नहीं मिलने पर भी सीएम ने काफी नाराजगी जताई। कहा कि इस तरह की समस्या सीएम हेल्पलाइन में आने के पहले ही हल होनी चाहिए।

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