राज कपूर की बेटी ऋतु नंदा का निधन, शोक में परिवार

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर की बहन और अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की सास ऋतु नंदा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर ने अपनी बुआ के गुजर जाने की खबर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की है. वह 71 साल की थीं.

रिद्धिमा कपूर ने अपनी बुआ के गुजर जाने की खबर शेयर करते हुए रिद्धिमा ने लिखा, “सबसे दयालु और सज्जन लोग जिनसे मैं मिली हूं – वे आपको फिर दोबारा वैसा महसूस नहीं कराते जैसे आप पहले किया करते थे. भगवान आपकी आत्मा को शांति दे.”

रिद्धिमा की पोस्ट पर एकता कपूर ने कमेंट किया, “दिल को छू लेने वाला शोक संदेश.” मालूम हो कि पिछले साल अगस्त में श्वेता बच्चन के ससुर रंजन नंदा का निधन हो गया था. रिद्धिमा कपूर साहनी इस खबर को शेयर करने वाले सबसे पहले लोगों में से एक थीं. उन्होंने लिखा था, “आप थे, हो और हमेशा एक लीजेंड रहोगे. हमेशा इतना प्यार देने के लिए शुक्रिया.”

निर्भया के गुनहगारों की क्यूरेटिव पिटिशन सुप्रीम कोर्ट से खारिज

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी विनय शर्मा और मुकेश द्वारा दायर की गई क्यूरेटिव पिटिशन (समीक्षा याचिका) की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने पूरी कर ली है। हालांकि फैसला सामने आने में अभी समय लगेगा।

न्यायमूर्ति एन वी रमणा, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ विनय शर्मा और मुकेश की ओर से दायर समीक्षा याचिका पर आज पौन दो बजे सुनवाई शुरू की। इसके लिए उन्होंने पांच मिनट का समय तय किया था। जस्टिस रमना के चेंबर में यह सुनवाई पूरी हुई है।

कैसे होती है क्यूरेटिव याचिका की सुनवाई
बता दें कि समीक्षा याचिकाओं पर फैसला न्यायाधीशों के कक्ष में होता है। यह किसी भी व्यक्ति के लिए सजा से बचने का अंतिम न्यायिक रास्ता है। मौत की सजा पाने वाले अन्य दो दोषियों अक्षय और पवन गुप्ता ने समीक्षा याचिका दायर नहीं की है। गौरतलब है कि निचली अदालत ने चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी देने के लिए मौत का वारंट जारी कर दिया है।

आपको बता दें कि निर्भया कांड के दो दोषियों विनय कुमार शर्मा औैर मुकेश ने डेथ वारंट जारी होने के दो दिन बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दोषी विनय और मुकेश ने अपने कानूनी अधिकार का उपयोग करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन (सुधारात्मक याचिका) दायर की थी।

मालूम हो कि बीते सात जनवरी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को डेथ वारंट जारी किया था। इसके आधार पर चारों की फांसी के लिए 22 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई है।

गौतलब है कि दिल्ली के मुनीरका में 16 दिसंबर 2012 की रात सड़क दौड़ रही बस में एक जिंदगी चीख रही थी.. वो हैवानों से गुहार लगा रही थी अपनी जान बख्शने के लिए, लेकिन 6 दरिंदों को तरस नहीं आया। उन्होंने कुछ ऐसा किया जिससे सुनकर पूरी दुनिया रो पड़ी। उस लड़की के साथ दरिंदों ने न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसके जिस्म के साथ वो खिलवाड़ किया, जिसे सुनकर देश भर के लोग सिहर उठे।

दरिंदों ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में चलती बस से नीचे फेंक दिया। इसके बाद पीड़िता को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में कुछ सुधार नहीं होने की वजह से  29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर भेजा गया। वहां इलाज के दौरान पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई।

महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा- मैं सिंधिया जी का चमचा हूं और जीवन पर्यंत रहूंगा, राजनीति छोड़ दूंगा, सिंधिया को नहीं

अशोकनगर.मध्यप्रदेश केश्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया ने सोमवार को अशोक नगर में मीडिया के साथ बातचीत की।उन्होंने कहा, ‘मैं महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया का चमचा हूं और जीवन पर्यंत रहूंगा। इसमें क्या दिक्कत है और मुझे इस बात पर गर्व है। कल तक सांसद केपी यादव (गुना के भाजपा सांसद) चमचा नहीं थे क्या?महाराज की गाड़ी के पीछे नहीं दौड़ते थे क्या?इसमें कौन सी बात है। मुझे महाराज ने टिकट दिया। मेरा जीवन संवारा, मुझे कैबिनेट मंत्री बनाया।’

मीडिया कॉफ्रेंस के दौरान जब भाजपासांसद द्वारा उनको सिंधिया का गुलाम कहने के बारे में प्रतिक्रिया पूछी तोसिसोदिया ने कहा, ‘उन्होंने मुझे गुलाम नहीं चमचा कहा था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं सौभाग्यशाली हूं कि मैं इतने बड़े कद के व्यक्ति का चमचा हूं। मैं तो चाहूंगा कि आप मुझे कढ़ाई भी कह दो। चमचा कढ़ाई इकट्ठी कह दो। मैं हूं तो हूं इसमें क्या बात है और जीवन पर्यन्त रहूंगा, अंतिम सांस तक रहूंगा। राजनीति छोड़ दूंगा लेकिन महाराज सिंधिया को नहीं छोडूंगा।’

अब सांसद के यहां नहीं जाएंगेसिंधिया

आगामी 17 जनवरी को जिले के दौरे पर आ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सांसद केपी यादव के पिता के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त करने उनके घर जा रहे थे। लेकिन जनआक्रोश रैली में सांसद डॉ. यादव के बयान के बाद पूर्व सांसद का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। श्रममंत्री ने कहा कि हिन्दू संस्कृति में अगर कोई शत्रु भी है और उसके परिवार में कोई गमी होती है तो यह माना जाता है कि संवेदनाएं व्यक्त करने जाना चाहिए। महाराज ने उसी संस्कार संस्कृति का पालन करते हुए उसको अपने कार्यक्रम में डाला।

‘बेटे को मंजूर नहीं कि सांसद उनके घर आएं’

श्रममंत्री ने कहा कि उनके परिवार के निकट होने के नाते हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उनके यहां जाएं लेकिन जिस तरीके से उनके बेटे ने भाषण दिया वह बहुत कष्टदायक है। उन्होंने कहा कि सिंधिया जी का कद बहुत बड़ा है। जो भी काम करते हैं दिल से करते हैं, सच्चे मनसे करते हैं इसलिए उन्होंने सांसद के घर जाने का प्रोग्राम बनाया। परंतु बेटे को मंजूर नही है कि कोई उनके घर पर श्रद्धांजलि देने आए तो इसमें क्या किया जा सकता है।

DSP देवेंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद श्रीनगर से नई दिल्ली तक ख़तरे की घंटी, 8 बड़ी बातें

जम्मू-कश्मीर में बहादुरी के अवॉर्ड पाने वाला एक पुलिस अफ़सर आतंकियों को लाने ले जाने और अपने घर में शरण देने का आरोपी पाया गया है. इस ख़बर ने श्रीनगर से दिल्ली तक सुरक्षा एजेंसियों को हैरान परेशान कर दिया है. डीएसपी देविंदर सिंह को बीते शनिवार दो आंतकियों के साथ कुलगाम के क़रीब चेकिंग के दौरान गिरफ़्तार किया गया. उसके घर पर पड़े छापों में भी हथियार बरामद हुए हैं, उसकी निशानदेही पर दूसरी जगहों से भी हथियार मिले हैं. देविंदर सिंह के घर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोमवार को नए सिरे से छापामारी की. देवेंदर सिंह हिज़्बुल मुजाहिदीन के कमांडर नावीद बाबू और उसके दो सहयोगियों इरफ़ान और रफ़ी को दक्षिण कश्मीर के शोपियां से अपने घर श्रीनगर तक लाया था. अगली सुबह शनिवार तो दस बजे वो जम्मू के लिए चले, सूत्रों के मुताबिक जम्मू से वो दिल्ली जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन श्रीनगर से 50 किलोमीटर दूर वानपोह में पकड़ लिए गए.

8 बड़ी बातें

A देविंदर सिंह की गिरफ़्तारी से श्रीनगर से नई दिल्ली तक ख़तरे की घंटियां बजने लगी हैं.  वो एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी था- यहां, वो बस कुछ ही दिन पहले जम्मू-कश्मीर में दो दिन के दौरे पर आने वाले विदेशी राजनयिकों का स्वागत कर रहा था.  

B जिन लोगों को वो लेकर जा रहा था, वे कट्टर आतंकवादी हैं. नावीद कश्मीर में हिज़्बुल मुजाहिदीन की कमान में दूसरे नंबर पर है. सोशल मीडिया के प्रचार में भी उसकी तस्वीरें हैं. 11 मज़दूरों और कई सुरक्षाकर्मियों पर हमले के सिलसिले में पुलिस को उसकी तलाश है. उसके सिर पर 20 लाख रुपये का इनाम है. 

C हिज़्बुल मुजाहिदीन का इरफ़ान बीते कुछ सालों में 5 बार पाकिस्तान जा चुका है. रफ़ी भी हिज़्बुल मुजाहिदीन का है.  पुलिस अफसर के साथ 26 जनवरी से पहले दिल्ली जा रहे आतंकियों की ख़बर के बाद कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं.  

D सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित पुलिस अधिकारी ने नवीद को कई बार अलग-अलग जगहों पर पहुंचाया था. पिछले साल, वह उसे जम्मू ले गया था. 

E सूत्रों का कहना है कि देवेंदर सिंह से आतंकियों जैसा ही सलूक किया जा रहा है और सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की टीम उससे पूछताछ कर रही है. 

F पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह शुक्रवार सुबह से ही देवेंद्र सिंह और नवीद बाबू की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे.

G देवेंदर सिंह जब कथित रूप से तीनों आतंकियों को शुक्रवार की शाम अपने घर ले गया तो सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी पहले से ही उसपर नजर बनाए हुए थे. 

H 2013 में देवेंद्र सिंह तब चर्चा में आया था जब संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु द्वारा लिखी गई एक चिट्ठी, जिसमें दावा किया गया था अधिकारी ने उसे संसद हमले के एक आरोपी को साथ दिल्‍ली ले जाने और उसके रहने की व्‍यवस्‍था करने को कहा था.

CAA प्रदर्शनः कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकारा- कहा पाकिस्तान में नहीं है जामा मस्जिद

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भी लताड़ लगाई है। नागरिकता कानून को लेकर दरियागंज इलाके में जामा मस्जिद के पास प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर मंगलवार को तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई।

अदालत ने कहा कि लोग किसी भी स्थान पर शांति से प्रदर्शन कर सकते हैं। जामा मस्जिद कहीं पाकिस्तान में नहीं है, जहां किसी को प्रदर्शन की अनुमति नहीं है, बल्कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन तो पाकिस्तान में भी होते हैं। अदालत ने दिल्ली पुलिस से आगे कहा कि कौन से कानून में यह उल्लेख है कि किसी धार्मिक स्थल के सामने विरोध करने पर प्रतिबंध है।

चंद्रशेखर की याचिका खारिज

वहीं अदालत ने इसी मामले में तिहाड़ में बंद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की जमानत याचिका पर आज होने वाली सुनवाई को बुधवार के लिए स्थगित कर दिया है। अदालत ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि सहारनपुर में उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को अदालत में प्रस्तुत करने के लिए पुलिस को पर्याप्त समय मिल सके।

प्रदर्शन करने में गलत क्या है: जज

दरियागंज में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन को लेकर अदालत ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद एक उभरते हुए नेता हैं। अगर वो प्रदर्शन कर रहे हैं, तो इसमें गलत क्या है। मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि मैंने कई मामले ऐसे देखे हैं जिनमें लोग संसद के बाहर भी प्रदर्शन करते हैं। 

20 दिसंबर को हुआ था प्रदर्शन

दरअसल 20 दिसंबर को नागरिकता कानून के विरोध में दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए थे। दरियागंज में जामा मस्जिद के समाने और इंडिया गेट पर प्रदर्शनकारी एक साथ जुटे थे। जामा मस्जिद के पास भी नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद वहां प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान वहां हिंसा भड़की, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और टैंकरों से पानी की बौछार की। पुलिस ने चंद्रशेखर को हिरासत में लेने की कोशिश भी की, लेकिन पहली बार में असफल रही।

चंद्रशेखर जामा मस्जिद के अंदर था और उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस बाहर इंतजार करती रही। समर्थकों से घिरा होने के कारण पुलिस उस तक पहुंच नहीं सकी और वह वहां से भाग निकला। चंद्रशेखर ने कहा था कि जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दोपहर बाद से विरोध शांतिपूर्वक चल रहा है। प्रशासन के लोग दिन में जामा मस्जिद में घुसे और वहां मौजूद लोगों पर लाठीचार्ज किया। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने देर रात जामा मस्जिद से हिरासत में ले लिया था।

लो फिर पार्टी विरोधी बयान दे गए दिग्विजय सिंह के विधायक भाई लक्ष्मण सिंह |

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की मजबूत जड़ एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के विधायक भाई लक्ष्मण सिंह लगातार पार्टी विरोधी बयान दे रहे हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने नागरिकता कानून का समर्थन किया था अब जनरल बिपिन रावत की चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्ति का समर्थन किया है। 

बिपिन रावत की नियुक्ति का विरोध करने वालों पर तंज कसा

ट्विटर पर जारी अपने बयान में मध्य प्रदेश के गुना जिले की चाचौड़ा सीट से कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने लिखा है कि ‘जनरल बिपिन रावत को CDS बनाना एक अच्छा निर्णय है। सेनाओं में तालमेल अच्छा होगा।अब हमारे देश में सशक्त सेना के साथ,सशक्त संविधान है। साम्प्रदायिक और “घटिया” राजनीति करने वालों के लिए यह बुरी खबर हो सकती है।’ इस तरह उन्होंने कांग्रेस के उन सभी नेताओं को घटिया राजनीति करने वाला बताया जो बिपिन रावत की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं।

बिपिन रावत की नियुक्ति पर कांग्रेस का स्टैंड

कांग्रेस ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) के तौर पर जनरल बिपिन रावत की नियुक्ति को लेकर कई सवाल खड़े किए। कांग्रेस का आरोप है कि ‘वैचारिक झुकाव’ की वजह से ही बिपिन रावत को सरकार ने सीडीएस नियुक्त किया है। सरकार के कदम को गलत बताते हुए पार्टी ने सीडीएस के कार्यक्षेत्र को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे हैं। आपको बता दें कि रावत आर्मी चीफ के तौर पर भी कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं के निशाने पर रहे हैं। 

प़िंस हैरी और उनकी पत्नी को शाही परिवार से अलग रहने की मांग को मंजूरी

प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल ने हाल ही में घोषणा की है कि वे दोनों ब्रिटिश शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के कर्तव्यों से पीछे हटना चाहते हैं.



लंदन ,महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अपने पोते प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल को बदलाव के लिए समय देने की सोमवार को हामी भर दी. इस दौरान दोनों पति-पत्नी अपना वक्त ब्रिटेन और कनाडा में गुजारेंगे. इस मुद्दे पर चर्चा के बाद बकिंघम पैलेस की ओर से जारी बयान से यह बात सामने आयी है कि राज परिवार के दोनों सदस्यों की भविष्य में क्या भूमिका होगी इस पर बाद में फैसला होगा.

महारानी ने इस मुद्दे पर अपने पोते से आमने-सामने मुलाकात कर भविष्य में उनके और उनकी पत्नी की भूमिका के बारे में चर्चा की. गौरतलब है कि हैरी और मेगन ने हाल ही में घोषणा की है कि वे दोनों ब्रिटिश शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के कर्तव्यों से पीछे हटना चाहते हैं.

क्या था मामला?
शाही दंपति प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल ने बुधवार को घोषणा की थी कि वे शाही भूमिका भविष्य में नहीं निभाना चाहते हैं. इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा था कि वे अपना समय कनाडा और उत्तर अमेरिका के बीच बीताना चाहते हैं. साथ ही आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहते हैं. इस मुद्दे को सुलझाने के लिए महारानी ने बैठक बुलाई. दो घंटे चली इस बैठक के बाद उन्होंने अपने पोते और उसकी पत्नी को हां कह दी. बता दें कि इन दिनों मेगन कनाडा में अपने बेटे आर्ची के साथ हैं.

इस मौसम में हैं तिल के हैरान कर देने वाले फायदे

हम सभी के घरों में तिल का इस्तेमाल तो होता ही है. आमतौर पर मीठी चीजों में! सर्दियों के दौरान गुड़ के साथ इसका स्वाद बहुत पसंद आता हैं

तिल  के फायदे

हम सभी के घरों में तिल का इस्तेमाल तो होता ही है. आमतौर पर मीठी चीजों में! सर्दियों के दौरान गुड़ के साथ इसका स्वाद बहुत पसंद आता है. तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करता है. दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है.

तिल में सेसमीन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है. अपनी इस खूबी की वजह से ही यह लंग कैंसर, पेट के कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका को कम करता है. इसके अलावा भी तिल के कई फायदे हैं:

1. तनाव को कम करने में सहायक
तिल में कुछ ऐसे तत्व और विटामिन पाए जाते हैं जो  तनाव को कम करते हैं.

2. हृहय की मांसपेशि‍यों के लिए
तिल में कई तरह के लवण जैसे कैल्श‍ियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम होते हैं जो हृदय की मांसपेशि‍यों को सक्रिय रूप से काम करने में मदद करते हैं.

3. हड्डियों की मजबूती के लिए
तिल में डाइट्री प्रोटीन और एमिनो एसिड होता है जो बच्चों की हड्डियों के विकास को बढ़ावा देता है. इसके अलावा यह मांस-पेशियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है.

4. त्वचा के लिए
तिल का तेल त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. इसकी मदद से त्वचा को जरूरी पोषण मिलता है और इसमें नमी बरकरार रहती है.

राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कमलनाथ सरकार में सुगबुगाहट.

भोपाल कमलनाथ सरकार द्वारा सरकारी संस्थाओं में अशासकीय पदों पर नियुक्तियों को लेकर अब जल्द ही फैसले के आसार दिखाई दे रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ अखिल अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव व प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया की मुलाकात में हाईकमान की मंशा के अनुरूप नियुक्तियों पर फैसला लिए जाने की संभावना है। संभवत: विधानसभा की विशेष बैठकों के बाद राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी। सूत्रों से यह भी संकेत मिले हैं जिन लोगों को पार्टी ने लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में टिकट दिया था, उनकी नियुक्तियों को फिलहाल टाला जाए। हालांकि इनमें कुछ दिग्गज नेताओं को अपवाद स्वरूप शामिल किया जा सकता है। कांग्रेस की सत्ता में 15 साल बाद वापसी और डेढ़ दशक के लंबे संघर्ष के बाद पार्टी से उम्मीद लगाए बैठे नेताओं को सरकार जल्द ही नए साल का उपहार दे सकती है। इसमें पार्टी की गुटीय राजनीति, क्षेत्रीय व जातीय समीकरणों के संतुलन को बनाने की कोशिश की जा रही है।
मंत्रिमंडल के गठन में गुटीय संतुलन में क्षेत्रीय व जातीय संतुलन गड़बड़ाने से कुछ नाराजगी दिखाई दी है। इस बारे में कांग्रेस महासचिव बाबरिया को भी दौरों तथा भोपाल में मुलाकातों में क्षेत्रीय व जातीय प्रतिनिधि मंडलों ने शिकायतें भी की हैं, जिनको लेकर वे कई बार अपने बयानों में कह भी चुके हैं।
बाबरिया ने की सीएम से मुलाकात : कांग्रेस महासचिव दीपक बाबरिया ने कुछ नियुक्तियों को लेकर सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी जताई है और वे एआईसीसी-पीसीसी के बीच तालमेल की कमी के बारे में बयान भी दे चुके हैं। इसके बाद ही बाबरिया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक राजनीतिक नियुक्तियों पर भी दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। सरकार 16-17 जनवरी को आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन कानून विधेयक के अनुसमर्थन को लेकर आयोजित विस की विशेष बैठकों के बाद राजनीतिक नियुक्तियों पर विचार करेगी।
सहकारिता क्षेत्र से शुरुआत संभव : माना जा रहा है कि फिलहाल सहकारिता क्षेत्र में कांग्रेस अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए पार्टी के सहकारिता में सक्रिय नेताओं की नियुक्ति पहले कर सकती है। इसमें प्रदेश की करीब दर्जनभर सहकारी संस्थाओं तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इनकी नियुक्ति प्रशासक के रूप में की जा सकती है।
सरकार में अभी ऐसा है असंतुलन
राज्य के 52 जिलों में से 20 जिलों का सरकार में प्रतिनिधित्व है।
ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खरगोन, सागर, धार, गुना जिलों के तो दो लेकर तीन तक मंत्री हैं।
ग्वालियर के ही तीन मंत्री हैं, जबकि इससे बड़े भोपाल, इंदौर व जबलपुर के दो-दो मंत्री ही हैं।
धार-गुना और सागर जैसे जिलों के भी दो-दो मंत्री हैं।
ग्वालियर-चंबल तथा भोपाल- होशंगाबाद के 11 मंत्रियों की संख्या से अन्य क्षेत्रों के असंतुलन की स्थिति बन गई है।
महाकोशल के चार मंत्री बनाए गए हैं, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को मिलाकर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व आधा दर्जन हो गया है।
*ये जिले वंचित : छतरपुर, पन्ना, सतना, विदिशा, रतलाम, झाबुआ, खंडवा और उज्जैन से किसी को मंत्री नहीं बनाया गया है।