अपेक्स बैंक की मोबाइल बैंकिंग सुविधा का लोकार्पण

. भोपाल ,
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) की मोबाइल बैंकिंग सुविधा का लोकार्पण एवं वर्ष 2020 की डायरी, कैलेंडर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंक के ग्राहकों के लिए मोबाइल बैंकिंग सुविधा उपलब्ध करवाने की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों को व्यवसायिक बैंकों की तरह सक्षम बनाने की आवश्यकता है। सहकारी बैंक आम ग्राहकों के अलावा बड़ी संख्या में किसानों से जुड़ें है। इसलिए उन्हें बैंकिंग की हर अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। अपेक्स बैंक द्वारा शुरू की गई मोबाइल बैंकिंग सेवा से एक लाख ग्राहक लाभान्वित होंगे। इसके लिए एप तैयार किया गया है। इस सुविधा के लागू होने से  बैंक के ग्राहकों को अपेक्स बैंक की सभी शाखाओं में मोबाइल के माध्यम से सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी। ग्राहकों को गुगल प्ले स्टोर अथवा एप्पल स्टोर से एमपी अपेक्स एम-बैंकिंग एप को डाउनलोड करना होगा। संचालित बैंकिंग संव्यवहार में द्विस्तरीय सुरक्षा प्रणाली युक्त है। जिसमें ओटीपी एवं टी पिन का उपयोग कर ही संव्यवहार हो सकेगा।

डायरी, कैलेंडर का विमोचन

मुख्यमंत्री द्वारा विमोचित अपेक्स बैंक की डायरी, कैलेंडर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष पर केन्द्रित है। कैलेंडर में महात्मा गांधी के विचारों को रेखांकित किया गया है। साथ ही स्वाधिनता आंदोलन के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। इस मौके पर सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री सचिन यादव, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक अशोक सिंह, प्रमुख सचिव सहकारिता, किसान कल्याण एवं कृषि विकास अजीत केसरी, आयुक्त सहकारिता डॉ. एन. के. अग्रवाल एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक प्रदीप नीखरा उपस्थित थे।

योगी बोले जो सीएए पर मौन रहेगा वह भी अपराधी । योगी ने मप्र में और क्या क्या कहा ? पढ़ें पूरी खबर

ग्वालियर
सीएए के समर्थन में सभा करने ग्वालियर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां कांग्रेस पर जमकर बरसे । उन्होंने कहाकि यह कानून किसी मजहब के खिलाफ नही है लेकिन कांग्रेस इसके विरोध के बहाने देश का।सामाजिक ढांचा छिन्न भिन्न करने में लगी है जिसके खिलाफ सबको खड़ा होना पड़ेगा । मौन रहबे वाला भी अपराधी की श्रेणी में गिना जाएगा।

श्री योगी भाजपा द्वारा सी ए ए कानून के समर्थन में चलाए जा रहे जन जागरण अभियान के तहत ग्वालियर पहुंचे और जीवाएमसी क्लब में आयोजती सभा मे अपना संबोधन दिया । बाद में उन्होंने रैली में भी शिरकत की । कुछ दूर साथ चलने के बाद वे वापिस लौट गए जबकि रैली आगे रवाना हो गई ।

योगी ने कहाकि कांग्रेस देश के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है।

कांग्रेस वामपंथ की अवधारणा का सहारा लेकर दुष्प्रचार करने में जुटी है।

उन्होंने कहाकि यह कानून किसी जाति मजहब के खिलाफ नही है । उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण करने का काम किया है,जो कि जिन्ना और कांग्रेस के पद की लालसा के चलते हुए किया ।

योगी ने निशाना साधते हुए कहाकि संविधान बचाने की वो लोग बात कर रहे है जिसने संविधान का गला घोंटने का काम किया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान भारत और दुनिया के लिए नसूर बना हुआ है। यही कारण है कि भारत मे मुस्लिम 6 से 7 गुना बढ़ा, वही पाकिस्तान में हिन्दू घटा है।1950 नेहरू लियाकत के समझौते में साफ था जो जिस देश मे अल्पसंख्यक के रूप में रह रहे है उनका पूरा ख्याल रखा जाए,भारत ने तो अपना वादा निभाया लेकिन पाकिस्तान ने नही निभाई।

योगी ने दावा किया कि भीम राव अम्बेडकर और गांधी जी पाकिस्तान  विभाजन के खिलाफ थे,लेकिन कांग्रेस की टीम थी जो हर हाल में सत्ता चाहती थी ।

उनका यह भी कहना था कि  ये कोई नया कानून नही है बल्कि 1955 में बने कानून में ही बदलाव किया है ।

 भाजपा नेता ने दावा किया कि अब pok में भी मांग उठने लगी है कि उन्हें भी कश्मीर के साथ लेलो । उन्होंने कहाकि दुर्भाग्य से  कांग्रेस को आज भी शरणार्थियों और घुसपैठियों में अंतर समझ मे नही आता है।कांग्रेस की नीयत साफ नही थी उन्होंने कोर्ट में तथ्य नही रखे इसीलिए फैसला आने में देरी हुई।

ईरान ने स्वीकाराः यूक्रेन के यात्री विमान को ‘गैरइरादतन’ मार गिराया, रूहानी ने बताया अक्षम्य गलती

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने सेना के हवाले से कहा है कि उनके देश ने मानवीय चूक के चलते ‘गैरइरादतन’ यूक्रेन के विमान को मार गिराया था। इससे पहले ईरान के नागरिक उड्डयन प्रमुख अली आबेदजाहेद ने शुक्रवार को कहा कि वह पूरी तरह से ‘आश्वस्त’ हैं कि इस सप्ताह तेहरान के बाहर दुर्घटनाग्रस्त हुआ यूक्रेन का विमान मिसाइल की चपेट में नहीं आया था।

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ईरानी मीडिया में कहा कि आंतरिक जांच के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि ये दर्दनाक घटना मानवीय चूक की वजह से हुआ जिसमें 176 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और हादसे के जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा रहा है जिससे इस अक्षम्य गलती की सजा दी जा सके।

गौरतलब है कि यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान तेहरान से उड़ान भरने के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। ईरान द्वारा इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले के कुछ देर बाद यह विमान हादसा हुआ था

यह विमान यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहा था। बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए इस विमान में ईरान के 82, कनाडा के 63, यूक्रेन के 11, स्वीडन के 10, अफगानिस्तान के चार, जर्मनी के तीन और ब्रिटेन के तीन नागरिक सवार थे।

दरअसल ब्रिटेन और कनाडा ने आरोप लगाए हैं कि यूक्रेन का विमान ईरान की मिसाइल से गिरा है। ये बयान तब आए हैं जब कुछ वीडियो फुटेज सामने आए और कहा जा रहा है कि ये फुटेज तब के हैं जब मिसाइल विमान से टकराया था।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक खबर में कहा कि उसने एक वीडियो का सत्यापन किया है जिसमें इस वीडियो में कोई वस्तु आकाश की तरफ उठती दिखाई दे रही है और इसके बाद इसका प्रकाश मद्धिम होता है और यह तेजी से आगे बढ़ती जाती है और कुछ सेकेंड के बाद तेज धमाके की आवाज सुनाई देती है।

उन्होंने कहा,‘‘हमने कुछ वीडियो देखे हैं,हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि विमान में 60 से 70 सेकेंड तक आग ली थी। लेकिन ये कहना कि यह किसी से टकराया था,वैज्ञानिक दृष्टि से सही नहीं होगा।

पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराने की तकनीक नहीं ढूंढ पा रहीं अमेरिका, कनाडा और इजरायल की कंपनियां

भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। पहले ये ड्रोन पंजाब से लगती सीमा में देखे गए, तो उसके बाद जम्मू और कश्मीर में भी ऐसी घटनाएं सामने आईं। अब राजस्थान सीमा पर भी ड्रोन देखे गए हैं। गृह मंत्रालय ने ड्रोन को मार गिराने वाली तकनीक खोजने के लिए कई कंपनियों से बातचीत की है। इनमें अमेरिका, कनाडा और इजराइल के अलावा कई स्वदेशी कंपनियां भी शामिल हैं।

बीएसएफ सूत्रों के अनुसार, विभिन्न कंपनियों के प्रोजेक्ट देखे गए हैं, लेकिन कोई भी तय मापदंडों पर खरा नहीं उतर सका। सीमा सुरक्षा बल चाहता है कि कोई ऐसा उपकरण हो, जिसकी मदद से ड्रोन को तकनीकी तौर पर खत्म किया जा सके।
 

एनटीआरओ (राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन) और डीआरडीओ जैसे संगठनों को भी ड्रोन की जानकारी देने, उसे पकड़ने वाले रडार और मार गिराने वाला सिस्टम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। ड्रोन को हथियार से मार गिराने की बजाए कोई ऐसा सिस्टम तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है, जो ड्रोन के संचार सिस्टम को ही ठप कर सके।

जैसे ही कोई ड्रोन सीमा के निकट आए, वह उस सिस्टम की मदद से खुद जमीन पर आ गिरे। बीएसएफ के सूत्रों का कहना है कि हम ऐसा ही कोई सिस्टम विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। जब तक यह सिस्टम नहीं बन जाता, तब तक विभिन्न एजेंसियां ही ड्रोन पर नजर रखेंगी।

खुद लंबे समय तक रॉ में काम कर चुके बीएसएफ के डीजी विवेक जौहरी ड्रोन की स्थिति से निपटने के लिए पंजाब और जम्मू कश्मीर के उन क्षेत्रों में गए हैं, जहां पर कुछ समय पहले ड्रोन देखे जाने या गिराने के मामले सामने आए थे। बीएसएफ को रात में ड्रोन पर नजर रखने के लिए कौन से उपकरण मुहैया कराए जाएं, इन योजना पर भी काम हो रहा है।

दूसरी ओर पाकिस्तान ड्रोन की मदद से भारतीय सीमा में घातक हथियार, ड्रग्स और नकली करेंसी तक भेजने लगा है।

सुरक्षा एजेंसियों के बीच हो गई थी तनातनी

विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच ड्रोन को लेकर कुछ माह पहले तनातनी हो गई थी। यह नहीं स्पष्ट हो पा रहा था कि ड्रोन आने की जानकारी सबसे पहले किस एजेंसी के पास होनी चाहिए। अगर ड्रोन दिख रहा है, तो उसे जब्त करने या मार गिराने की जिम्मेदारी किसके पास है।

स्थानीय प्रशासन की ओर से कहा जाता है कि हमारी पुलिस के पास ऐसे कोई तकनीकी उपकरण नहीं है, जिससे कि ड्रोन को मार गिराया जा सके।

सीमावर्ती इलाकों का सिविल प्रशासन इसके लिए बीएसएफ को ही कह सकता है। दूसरी ओर बीएसएफ का यह कहना था कि ड्रोन को मार गिराने वाले पर्याप्त उपकरण हमारे पास नहीं हैं। ऐसे मामले में एयरफोर्स बेहतर कर सकती है।

इस मामले में जब एयरफोर्स से कहा गया तो उनका जवाब था कि ड्रोन ज्यादा ऊंचाई पर नहीं होते, इसलिए हमारा रडार वहां तक नहीं पहुंच सकता।

गृह मंत्रालय ने इन सब बातों को एक बड़ी लापरवाही मानते हुए विभिन्न एजेंसियों से जवाब तलब किया था। पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में अनेक ड्रोन आ चुके हैं। जिन इलाकों में ये ड्रोन देखे गए, वहां के स्थानीय लोगों ने भी इसकी पुष्टि की है। इनमें अनेक ड्रोन तो रात के समय आए हैं।

बीएसएफ के एक अधिकारी का कहना है कि दिन में ड्रोन जैसी कोई भी वस्तु दिखती है, तो हम अपने कंट्रोल रुम को सूचित कर देते हैं। अगर वहां से आदेश आता है, तो ड्रोन को मार गिराया जाता है।

हालांकि यह सब इतना आसान नहीं है। अगर ड्रोन पांच सौ मीटर से ऊपर है, तो उसे पकड़ पाना मुश्किल होता है। रात में हमारे पास ऐसा कोई उपकरण नहीं है, जिससे हम उसे देख सकें या गिराने में सफल हो जाएं। बीएसएफ के सूत्र बताते हैं कि हम कई कंपनियों के उपकरण देख रहे हैं।

उम्मीद है कि जल्द ही ड्रोन को मार गिराने वाला सिस्टम तैयार कर लिया जाएगा। तब तक सभी एजेंसियां अपने स्तर पर ड्रोन से निपटेंगी।

विरोध प्रदर्शनों के बीच देश में नागरिकता कानून लागू, जानना जरूरी हैं ये 5 बड़ी बातें

देशभर में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शनों के बावजूद नागरिकता संशोधन क़ानून शुक्रवार से यानी 10 जनवरी से लागू हो गया है. इस कानून के संसद से पारित होने के बाद ही देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. कई शहरों में इसके समर्थन में भी रैलियां हुई हैं. बीजेपी ने इस क़ानून के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए एक अभियान भी शुरू किया है. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना में कहा कि कानून दस जनवरी से प्रभावी होगा, जिसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी. अधिसूचना में कहा गया है, ”नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (2019 का 47) की धारा 1 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार 10 जनवरी 2020 को उक्त अधिनियम के प्रावधान प्रभावी होने की तारीख के रूप में तय करती है.” संशोधित नागरिकता कानून को 11 दिसंबर को संसद द्वारा पारित किया गया था.

प्रमुख बड़ी बातें

इस कानून में पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को आसानी से भारत की नागरिकता मिलेगी. 

नागरिकता हासिल करने के लिए उन्हें यहां कम से कम 6 साल बिताने होंगे. पहले नागरिकता हासिल करने के लिए कम से कम 11 साल बिताने का पैमाना तय था.

पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और आस-पास के देशों के हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के वो लोग जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 की निर्णायक तारीख तक भारत में प्रवेश कर लिया था. वे सभी भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं.

ओसीआई कार्ड धारक यदि नियमों का उल्लंघन करते हैं तो केंद्र के पास उनका कार्ड रद्द करने का अधिकार होगा. 

ओसीआई कार्ड स्थायी रूप से विदेश में बसे भारतीयों को दिए जाने वाला कार्ड है.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 16 जनवरी से प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगे

इस दौरान वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भी पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं से संवाद भी करेंगे.

सिंधिया के 7 महीने बाद मध्य प्रदेश दौरे से गरमाई सियासत, प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी व राज्यसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा है
पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के चार दिवसीय दौरे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. सिंधिया अपने इस दौरे के दौरान सात माह बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे. सिंधिया के इस दौरे को लेकर तरह-तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं. उनके इस दौरे को प्रदेश अध्यक्ष पद की दावेदारी और राज्यसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 16 जनवरी से प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगे, इस दौरान वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय भी पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं से संवाद भी करेंगे. सिंधिया करीब सात महीने के लंबे अंतराल के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे. इनके इस ऐलान से सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. सिंधिया के इस दौरे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष पद की दावेदारी और राज्यसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

सिंधिया तय कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली से ग्वालियर 16 जनवरी को आएंगे, उसके बाद ग्वालियर में पिछोर, बदरवास, कोलारस, शिवपुरी और अशोकनगर क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जिसके बाद अशोकनगर के सांसद केपी यादव के निवास उनके पिता के निधन के पर 17 जनवरी को शोक संवेदनाएं व्यक्त करने पहुंचेंगे. इसी दौरे के दौरान उनके विदिशा और इंदौर जाने की भी उम्मीद है. सिंधिया सात महीने के लंबे समय के अंतराल के बाद 18 जनवरी को कांग्रेस कार्यालय आने से पहले भोपाल में कई कार्यक्रमों में शामिल होकर जनसभा को संबोधित करेंगे. 19 जनवरी को राजधानी के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेगे, इस दौरान प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेगें, जिसके बाद वे मंत्री गोविंद राजपूत के निवास भी भेंट करने जा सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि सिंधिया आखिरी बार पिछले साल की 10 जून को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे, इसके बाद अब उनका यह कार्यक्रम तय हुआ है. वैसे सिंधिया समर्थकों का कहना है कि ये नियमित दौरा है, क्योंकि हर माह सिंधिया इस तरह का दौरा करते हैं. सिंधिया आज से नहीं पिछले कई सालों से प्रतिमाह चंबल, भोपाल संभाग और मालवा के दौरे करते रहे हैं, इसका प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा की दावेदारी से कोई संबंध नहीं है.

मध्‍य प्रदेश में बढ़ेंगी शराब की दुकानें, अहाता भी रहेगा साथ

भोपाल प्रदेश में लगभग पांच साल बाद शराब दुकानों की संख्या बढ़ेगी। राज्य सरकार ने शराब ठेकेदारों को शहरी क्षेत्र में पांच और ग्रामीण इलाके में 10 किलोमीटर के दायरे में उप दुकान खोलने की सशुल्क अनुमति देने का प्रावधान कर दिया है। दूसरी शराब दुकान न होने पर ही ठेकेदार को ठेके की दर पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देनी होगी। इसके साथ ही अहाता भी अनिवार्य रूप से खोलना होगा और इसकी फीस भी अलग से ही चुकानी होगी।
बताया जा रहा है कि सरकार ने यह कदम शराब की अवैध बिक्री पर रोक लगाने और राजस्व नुकसान के मद्देनजर उठाया है। गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। प्रदेश में अब तक 2544 देसी और 1061 विदेशी शराब दुकानें हैं। इस साल सरकार ने आबकारी से 13 हजार करोड़ रुपए राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।
देसी-विदेशी दोनों के ठेकेदार खोल सकेंगे उपदुकान
वाणिज्यिक कर विभाग ने देशी और विदेशी शराब (आबकारी) नीति में नया प्रावधान शामिल करते हुए उपदुकान खोलने की व्यवस्था लागू की है। दरअसल, यह बात हमेशा सामने आती है कि शराब की अवैध रूप से बिक्री होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में शराब दुकानों की दूरी होने के कारण बीच-बीच में अवैध रूप से शराब का भंडारण करके बिक्री की जाती है।
इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और ठेकेदारों के बीच भी विवाद की स्थिति बनती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से कितना राजस्व मिलेगा, फिलहाल इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है, क्योंकि चालू वित्तीय वर्ष के लगभग ढाई माह से कुछ अधिक समय ही बाकी है।
ऐसे देना होगी अतिरिक्त फीसदो करोड़ रुपए सालाना मूल्य (ठेका) की मूल दुकान होने पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देनी होगी।

दो करोड़ से पांच करोड़ रुपए तक वार्षिक मूल्य (ठेका) की दुकान होने पर पहले दो करोड़ रुपए तक 15 प्रतिशत और बाकी हिस्से के लिए दस प्रतिशत अतिरिक्त देना होगा।

पांच करोड़ रुपए से अधिक वार्षिक मूल्य (ठेका) की दुकान होने पर पहले दो करोड़ रुपए पर 15 प्रतिशत, दो से पांच करोड़ रुपए के लिए 10 प्रतिशत और शेष मूल्य के लिए पांच प्रतिशत राशि अतिरिक्त देनी होगी।
दो ठेकेदारों के बीच ऐसे होगा निपटारा
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दो दुकानों के बीच यदि 12 किलोमीटर की दूरी है तो दुकानदार चार किलोमीटर के दायरे में उपदुकान खोल सकेगा। यदि दूसरे दुकानदार को आपत्ति नहीं हो तो यह दायरा पांच, छह या अधिक किलोमीटर भी हो सकता है।

मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नामों की जल्द हो सकती है घोषणा

भोपाल: मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही निगम-मंडल और आयोगों में नियुक्तियों का इंतजार कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को है। अब जल्द ही उनका इंतजार खत्म होने वाला है। कांग्रेस सेवा दल शिविर में भाग लेने पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने इस बात के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को उन्होंने कहा, कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद नाम फाइनल कर लिए जाएंगे। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर भी उन्होंने कहा, कि इस पर भी जल्द फैसला ले लिया जाएगा।

पार्टी के लिए संघर्ष करने वालों को मिलेगा मौका

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ निगम-मंडलों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर ऐसे कार्यकर्ताओं और नेताओं को मौका देना चाहते हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए संघर्ष किया है। पार्टी नेतृत्व ऐसे लोगों के नाम पर ही विचार कर रहा है, जिन्होंने पिछले दस वर्षों में पार्टी की तरफ से आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है।

क्या शिवपुरी के विकास के लिये,सदैव चिंतित रहीं, यशोधरा राजे पुनः प़यास करने जा रहीं.

                                                                                                  

शिवपुरी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिवपुरी शहर को करोडो रूपये की सुन्दर सडक और सिंध जलावर्धन की सौगात देने वाली पूर्व मंत्री शिवपुरी विधायक श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया व्यक्तिगत तौर पर जितने भी सोर्स शिवपुरी को उसकी पुरानी पहचान लौटाने के हो सकते है। उन पर विचार-विमर्श उपरान्त मौजूद स्थिति की समीक्षा करेंगी और शहर को सु-व्यवस्थित सुन्दर बनाने क्या बेहतर हो सकता है इसके लिए वह सुझाव भी लेंगी। सिंधिया का संभावित दौरा बैसे तो सामान्य ही कहा जायेगा लेकिन बदली कार्यशैली के बीच वह जिस तरह से शहर को लेकर चिंतित है और मौजूद समस्याआंे के समाधान में जुटी है उसे लेकर लगता है कि इस मर्तवा वह किसी ऐसी योजनाओं को मूर्तरूप देने के मूड में है जो शिवपुरी वासियों को ऐतिहासिक उपलब्धि हो सकती है।