पंजाब / करतारपुर कॉरिडोर को कम वक्त में तैयार करने के लिए इमरान खान को धन्यवाद देता हूं: मोदी

,नई दिल्ली/इस्लामाबाद.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। पंजाब के डेरा बाबा नानक में रैली को संबोधित करने के बाद वे कॉरिडोर के चेकपोस्‍ट पर पहुंचे हैं। इससे पहले मोदी ने कहा कि कॉरिडोर को कम वक्त में तैयार करने के लिए इमरान खान को धन्यवाद देता हूं। पाकिस्तान के श्रमिक साथियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इतनी तेजी से अपनी तरफ के कॉरिडोर को पूरा करने में मदद की। इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य 11 महीने में पूरा हुआ है।

उन्होंने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं आज देश को करतारपुर साहिब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं। जैसी अनुभूति आप सभी को कार सेवा के समय होती है, वही, मुझे इस वक्त हो रही है। मैं आप सभी को, पूरे देश को, दुनिया भर में बसे सिख भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

गुरु नानक देव हमारे प्रेरणा पुंज हैं: मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी, सिर्फ सिख पंथ की, भारत की ही धरोहर नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं। गुरु नानक देव एक गुरु होने के साथ-साथ एक विचार हैं, जीवन का आधार हैं। उन्होंने सीख दी कि धर्म तो आता जाता रहता है लेकिन सत्य मूल्य हमेशा रहते हैं। उन्होंने सीख दी है कि अगर हम मूल्यों पर रह कर काम करते हैं तो समृद्धि स्थायी होते हैं। करतारपुर के कण-कण में गुरु नानक देवजी के पसीने की महक मिली है। यहां की वाणी में उनकी वाणी की गूंज मिली हुई है।मोदी ने कहा कि संसार में सेवा का मार्ग अपनाने से ही मोक्ष मिलता है और जीवन सफल होता है। हम समाज के भीतर सद्भाव पैदा करने की हर कोशिश करेंगे। हम भारत का अहित सोचने वाली ताकतों से सावधान रहेंगे, सतर्क रहेंगे। नशे जैसी समाज को खोखला करने वाली आदतों से दूर रहेंगे। अपनी आने वाली पीढ़यो को दूर रखेंगे। विकास के पथ को सशक्त करेंगे।

मोदी ने बेर साहिब गुरुद्वारे में माथा टेका

वेसुबह करीब 11 बजे डेरा बाबा नानक पहुंचे थे।यहां वे सिखों के पाकिस्तान स्थित तीर्थ स्थल गुरुद्वारा दरबार साहिब और भारत स्थित डेरा बाबा नानक साहिब को जोड़ने वाले करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले वे पंजाब के सुल्तानपुर लोधी पहुंचे थे। यहां उन्होंने बेर साहिब गुरुद्वारे में माथा टेका। उधर, सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था भारत से पाकिस्तान स्थित करतारपुर कॉरिडोर पहुंचा। डेरा बाबा नानक में अकाली नेता सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, गुरदासपुर से सांसद सन्नी देयोल ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। यहां मोदी ने भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया। उधर, पंजाब के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू करतारपुर कॉरिडोर टर्मिनल पहुंचे, जहां से वे पहले जत्थे के साथ करतारपुर साहिब के दर्शन करने पाकिस्तान जाएंगे।

पाकिस्तान के वो 4 गुरुद्वारे जहां कण-कण में नानक

गुरुद्वारा ननकाना साहिब (लाहौर)

  • लाहौर से करीब 80 किलोमीटर दूर गुरु नानक जी का जन्म स्थान है। पहले इसे राय भोए दी तलवंडी के नाम से जानते थे। नानक जी के जन्म स्थान से जुड़ा होने से अब यह ननकाना साहिब बन गया है। गुरुद्वारा ननकाना साहिब लगभग 18,750 एकड़ में है। ये जमीन तलवंडी गांव के एक मुस्लिम मुखिया राय बुलार भट्टी ने दी थी।

करतारपुर साहिब (नारोवाल)

  • सिखों के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। गुरु नानक 4 यात्राओं को पूरा करने के बाद यहीं बसे थे। यहां उन्होंने हल चलाकर खेती की। गुरु जी अपने जीवन काल के अंतिम 18 वर्ष यहीं रहे और यहीं अंतिम समाधि ली। यहीं गुरु जी ने रावी नदी के किनारे ‘नाम जपो, किरत करो और वंड छको’ का उपदेश दिया था। लंगर की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। यह नारोवाल जिले में है।

गुरुद्वारा पंजा साहिब (रावलपिंडी)

  • रावलपिंडी से 48 किलोमीटर दूर है। बताते हैं कि एक बार गुरु जी अंतरध्यान में थे, तभी वली कंधारी ने पहाड़ के ऊपर से एक विशाल पत्थर को गुरु जी पर फेंका। जब पत्थर उनकी तरफ आ रहा था, तभी गुरु जी ने अपना पंजा उठाया और वह पत्थर वहीं हवा में ही रुक गया। इस कारण गुरुद्वारे का नाम ‘पंजा साहिब’ पड़ा। आज भी पंजे के निशान ज्यों के त्यों है।

गुरुद्वारा चोआ साहिब (पंजाब प्रांत)

  • यहां श्री गुरु नानक देव जी ठहरे थे, यह जगह 72 साल बाद 550वें प्रकाश पर्व पर श्रद्धालुओं के लिए खोली गई है। यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मौजूद है। इस गुरुद्वारा साहिब को महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाने का काम शुरू किया था, जो 1834 में बनकर पूरा हुआ। 72 वर्ष बंद रहे इस गुरुद्वारे में बनी भित्ति चित्रकला लगभग लुप्त हो चुकी है।

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