अयोध्या पर कोर्ट के फैसले से इकबाल अंसारी खुश, तो ओवैसी नाराज, जानें किसने क्या कहा

अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने अपना फैसला सुना दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़,  जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस नजीर की बेंच ने अयोध्या मामले पर फैसला सुनाया। अब तक जो सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, उसके मुताबिक, अयोध्या में विवादित जमीन हिन्दुओं को मंदिर के लिए दी जाएगी और मुस्लिमों को केंद्र सरकार अलग उपयुक्त स्थान पर पांच एकड़ जमीन देगी। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर अयोध्या समेत देश भर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। साथ ही यूपी, दिल्ली, बिहार, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया। फैसले के बाद शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। तो चलिए जानते हैं अयोध्या मामले पर किसने क्या कहा…

हमें खैरात में 5 एकड़ जमीन नहीं चाहिए- ओवैसी 

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असंतुष्टि जताई और कहा कि मैं इस फैसले से संतुष्ट नहीं हूं। साथ ही मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ओवैसी ने ये कहकर मानने से इनकार कर दिया कि हम खैरात की जमीन नहीं ले सकते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका निजि विचार है, मगर सुन्नी बक्फ बोर्ड को इसका फैसला लेना है कि वह इस जमीन के प्रस्ताव को मानते हैं या नहीं। 

  • बाबा रामदेव का बयान:

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर बाबा रामदेव ने कहा कि आज सत्यमेव जयते चरितार्थ हुआ है। बाबा रामदेव ने कहा कि मंदिर निर्माण में मुस्लिम और मस्जिद बनाने में हिंदुओं को सहयोग देना चाहिए। वहीं, आध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए शनिवार को कहा कि इससे हिंदू तथा मुस्लिम समुदायों के सदस्यों को ”खुशी तथा राहत मिली है। 

  • सभी मिलकर राम मंदिर बनाएंगे- संघ प्रमुख मोहन भागवत

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरएसएस का बयान आया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मीडिया को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अयोध्या फैसले पर पर उन्होंने पूरे देश से भाईचारा बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस फैसले को जय और पराजय की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब हम सभी मिलकर राम मंदिर बनाएंगे।

  • पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।

– यूपी सुन्नी वक्फबोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी बोलेः हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। अदालत द्वारा अयोध्या में दी जा रही पांच एकड़ जमीन लेने न लेने पर फैसला बाद में लेंगे। शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज होना ही था। सत्तर साल तक शिया वक्फबोर्ड खामोश क्यों रहा।

बरेली: आला हजरत दरगाह का बयान
तन्ज़ीम उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है, ये फैसला बहुत संतुलित है दोनों सम्प्रदायिक के हितों में है और दोनों कि जीत हुई है और सालों से चले आ रहे विवाद का खात्मा हुआ।

अमित शाह का ट्वीट:

श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूं। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा है। यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा। उन्होंने आगे कहा कि दशकों से चले आ रहे श्री राम जन्मभूमि के इस कानूनी विवाद को आज इस निर्णय से अंतिम रूप मिला है। मैं भारत की न्याय प्रणाली व सभी न्यायमूर्तियों का अभिनन्दन करता हूं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश इकबाल अंसारी

बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, उससे खुश हूं। मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं।

नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट का फैसले का सभी के द्वारा स्वागत किया जाना चाहिए। यह हमारे समाजिक सौहार्द्र के लिए फायदेमंद होगा। इस मुद्दे पर अब आगे कोई विवाद नहीं होना चाहिए, लोगों से मेरी यही अपील है।

नितिन गडकरी की प्रतिक्रिया

अयोध्या फैसले पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का हम सभी को सम्मान करना चाहिए और शांति कायम रखना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद SC की बेंच के पांचों जजों ने एकमत से आज अपना निर्णय दिया। हम SC के फ़ैसले का स्वागत करते हैं। कई दशकों के विवाद पर आज SC ने निर्णय दिया। वर्षों पुराना विवाद आज ख़त्म हुआ। मेरी सभी लोगों से अपील है कि शांति एवं सौहार्द बनाए रखें।

  • फैसले की अहम बातें:

फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए अयोध्या में उपयुक्त स्थान पर पांच एकड़ का प्लॉट देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकार तीन महीने के भीतर ट्रस्ट बनाएगा और यह ट्रस्ट मंदिर का निर्माण करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, राम जन्म स्थान पर एएसआई की रिपोर्ट मान्य है। एएसआई रिपोर्ट के मुताबिक, खाली जमीन पर मस्जिद नहीं बनी थी। एएसआई यह नहीं बताया कि मंदिर को गिराकर मस्जिद बनाई गई, मुस्लिम गवाहों ने भी माना, दोनों पक्ष पूजा करते थे। पुरातत्व विभाग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसने पाया कि नीचे हिंदू मंदिर पाया गया, गुंबद के नीचे वो समतल की स्थिति में था, हिंदू अयोध्या को राम का जन्मस्थान मानते हैं।

फैसले से पहले छावनी में तब्दील हुई अयोध्या
रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के मद्देनजर अयोध्या छावनी में तब्ब्दील हो गई है। जमीन से आसमान तक पुलिस निगरानी की व्यवस्था की गई है। शहर के हर चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। आसमान से ड्रोन कैमरे चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए हैं। अयोध्या की सुरक्षा के प्रभारी एडीजी अभियोजन आशुतोष पांडेय ने बताया, ”अयोध्या में सुरक्षा के लिये 60 कंपनी पीएसी और अर्धसैनिक बल तैनात किए गये हैं। इसमें 15 कंपनी पीएसी, 15 कंपनी सीआरपीएफ और 10 कंपनी आरएएफ हाल में अयोध्या आयी है जबकि 20 कंपनी पीएसी पहले से ही यहां तैनात थी। इसके अलावा दूसरे जनपदों से आये सुरक्षाकर्मियों में 1500 सिपाही, 250 सब इंस्पेक्टर, 150 इंस्पेक्टर, 20 डिप्टी एसपी, 11 एडिशनल एसपी तथा दो एसपी तैनात किये गये हैं। इसके अलावा अयोध्या के विभिन्न थानों में तैनात सुरक्षा बल तो पहले से ही यहां पर हैं।

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