कांग्रेस सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद – धैर्यवर्धन

करेरा में लूट की घटना ने पुलिस को चुनौती दी ।


करेरा के बाज़ार में व्यापारी अतुल सोनी के साथ हुई गोली मारने की घटना अपराधियों का बड़ा दुस्साहस है ।इस घटना पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य धैर्यवर्धन ने कड़ा रोष जताते हुए यथाशीघ्र अपराधियों की धरपकड़ की मांग की है । धैर्यवर्धन ने कहा कि भरे बाज़ार दुकानदार के पैर में गोली मारकर आभूषण का बैग छीनकर ले जाना यह शिवपुरी जिले की पुलिस को गंभीर चुनौती दी है ।
भाजपा के वरिष्ठ नेता धैर्यवर्धन ने कहा कि व्यापारियों का जीवन संकट में है । कल हुई घटना उनके प्राणों के लिए भी संकट उत्पन्न कर सकती थी । करेरा अनुविभाग की पुलिस को चाहिए की वह रेत की कमाई से ध्यान हटाकर कानून व्यवस्था को सुधारने में रुचि लें।

आतंकवाद पर अमेरिकी रिपोर्ट से लगी पाक को मिर्ची, कहा- दुनिया को हमने बनाया सुरक्षित

इस्लामाबाद, । पाकिस्तान को आतंकवाद पर अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट से मिर्ची लगी है। बौखलाए पाकिस्तान ने मंगलवार को इस रिपोर्ट पर निराशा जताई है, जिसमें आतंकवादी संगठन लश्कर और जैश पर कार्रवाई करने में नाकाम रहने पर पाकिस्तान की आलोचना की गई है। पाकिस्तान ने आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी रिपोर्ट पूरी तरह से जमीनी स्थिति की अनदेखी कर रही है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार को ‘कंट्री रिपोर्ट ऑन टेररिज्म 2018’ की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सरकार ने तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को पाकिस्तान में सुरक्षित पनाह दी है। पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मुहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों पर शिकंजा कसने में नाकाम रहा है। जो पाकिस्तान से बाद दूसरे देशों में आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं और पाकिस्तान की धरती से ही ऑपरेट कर रहे हैं।

आतंकवाद के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध

अमेरिकी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि हम आतंकवाद को खत्म करने के लिए नेशनल एक्शन प्लान के तहत ठोस कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान पर किए गए दावे से निराश हैं।

दुनिया को बनाया सुरक्षित स्थान

पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि रिपोर्ट पूरी तरह से जमीनी हकिकत से अलग है और आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा दिए गए योगदान की अनदेखी करता है। बयान में पाकिस्तान की तरफ से दावा किया गया है कि उसके प्रयासों से न केवल इस क्षेत्र से अल-कायदा का खात्मा हुआ है, बल्कि इसने दुनिया को एक सुरक्षित स्थान भी बनाया है।

संस्थाओं पर कसी जा रही नकेल

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान ने सभी नामित संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ यूएनएससी 1267 प्रतिबंधों के तहत व्यापक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा एफएटीएफ के एक्शन प्लान को लागू करने के लिए भी पाकिस्तान काम कर रहा है, जिसके लिए समय सीमा फरवरी तक बढ़ाई गई है।

मध्य प्रदेश: कमलनाथ सरकार के आगे खाली जा रहे बीजेपी के दांव

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झाबुआ सीट जीतने के बाद कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया है। हालांकि उसे आगे भी इसे बरकरार रखने के लिए पवाई विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव में जीत हासिल करनी होगी। पवाई से बीजेपी विधायक को अयोग्य करार दे दिया गया है, जिसे राज्य में बीजेपी के लिए एक और झटके के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी ने पिछले महीने हुए एक उपचुनाव में झाबुआ सीट भी गंवा दी थी, जिससे 230 सदस्यों वाली विधानसभा में उसकी संख्या घटकर 108 पर आ गई है। वहीं झाबुआ में जीत के बाद कांग्रेस के विधायकों की संख्या 115 पर पहुंच गई है।

बीजेपी विधायक प्रहलाद लोधी को पिछले हफ्ते एक निचली अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें अयोग्य करार दे दिया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश विधानसभा में सदस्यों की संख्या 229 हो गई है, जिसमें कांग्रेस के पास बहुमत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा ने बताया, ‘झाबुआ में जीत के बाद कांग्रेस के पास 115 सीट हो गई है और पवाई उपचुनाव में जीत के बाद हम 116 सीटों के साथ अकेले बहुमत में होंगे। हमारी सरकार पूरी तरह मजबूत और स्थिर है।’ राज्य विधानसभा में बीजेपी की सीटों की संख्या घट रही है और उसके शीर्ष नेताओं के बीच आंतरिक कलह की भी खबर आ रही है।

लोकसभा चुनाव में बीजेपी का बेहतर प्रदर्शन 
चार महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने एक सीट को छोड़कर राज्य की सभी सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बावजूद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। बीजेपी नेताओं ने मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस की नाव डुबाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कमलनाथ की अगुआई वाली सरकार ही बीजेपी पर भारी पड़ती दिख रही है। 

कांग्रेस अब पहले से ज्यादा मजबूत 
ओझा ने कहा, ‘झाबुआ में जीत के बाद हमारी सरकार पहले से ज्यादा मजबूत है। एसपी के एक और 4 निर्दलीय विधायक हमारे साथ मजबूती से बने हुए हैं। इसके अलावा पिछले विधानसभा सत्र के दौरान दो बीजेपी विधायकों ने एक बिल पर हमारे पक्ष में मतदान दिया था और हमारी सरकार में भरोसा जताया था।’ बीजेपी ने विधानसभा में अपनी संख्या कम होने के डर से इन दोनों विधायकों- नारायण तिरुपति और शरद कोल पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। 

आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं 
इसके अलावा पार्टी ने एक सरकारी अधिकारी की बैट से पिटाई करने वाले अपने विधायक आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की थी, जो पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं। हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी ने जरूर एक सार्वजनिक बैठक में इस घटना को लेकर नाखुशी जाहिर की थी। बीजेपी ने कृषि कर्ज माफी के वादे को पूरा नहीं कर पाने को लेकर कमलनाथ सरकार को घेरने की कोशिश की है, लेकिन कमलनाथ ने बार-बार इसे कई चरणों में पूरा करने का आश्वासन दिया है। 

अयोध्या फैसले वाले दिन 183 लोग रहेंगे नजरबंद, जानें क्यों


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अयोध्या प्रकरण में जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा, उस दिन बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा सहित 183 लोगों को नजरबंद कर दिया जाएगा। योगेश वर्मा दो अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान मेरठ में हिंसा फैलाने के आरोपी हैं। हिंसा की फाइल पुलिस ने दोबारा खोल ली है। इसमें जितने भी लोग जेल गए थे, उन सभी को नजरबंद करने की तैयारी है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी फैसले वाले दिन इंटरनेट सुविधा बंद कराने पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि लोग कोई भड़काऊ मैसेज वायरल न करने पाएं।

एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि दो अप्रैल 2018 को भारत बंद के दौरान मेरठ में हिंसा हुई थी। शोभापुर पुलिस चौकी फूंक दी गई थी। एक प्रदर्शनकारी की गोली लगने से मौत हो गई थी। करोड़ों रुपये की संपत्ति को दंगाइयों ने नुकसान पहुंचाया था। इस हिंसा में बसपा के पूर्व विधायक और मेयर पति योगेश वर्मा सहित 183 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। सैकड़ों लोग जेल भी गए थे। अयोध्या प्रकरण में फैसले वाले दिन इन लोगों से शहर का माहौल प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए उस हिंसा में नामजद हुए लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इन्हें एक दिन के लिए नजरबंद भी किया जा सकता है।

विवादित फोटो शेयर करने पर प्रतिबंध
एसएसपी ने बताया कि दस हजार से ज्यादा व्हाट्स एप ग्रुपों पर नजर रखी जा रही है। इसमें जो लोग शामिल हैं, उनमें से कुछ के नंबर सर्विलांस पर भी लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि साइबर की अतिरिक्त चार टीमें बना दी गई हैं। आईजी कार्यालय और पीटीएस में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस साइबर लैब भी अपना काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रकरण से जुड़े विवादित फोटो को शेयर करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ड्रोन से होगी निगरानी
ट्रैफिक पुलिस के पास चार ड्रोन कैमरे हैं। सभी को निकलवा लिया है। इसके साथ चार अन्य ड्रोन कैमरों की अलग से व्यवस्था की जाएगी। यह सभी आठ ड्रोन कैमरे अतिसंवेदनशील व संवेदनशील क्षेत्र हापुड़ अड्डा, लिसाड़ी गेट, श्याम नगर, पिलोखड़ी का पुल, कांच का पुल, जाकिर कालोनी, भूमिया पुल, जली कोठी, सोतीगंज समेत आदि क्षेत्रों में उड़ाए जाएंगे। जिससे शहर की निगरानी हो सके।

40 मीटिंग हो रहीं रोज
अयोध्या प्रकरण को लेकर शहर में ही हर थाना क्षेत्र में 40 से ज्यादा मीटिंग रोजाना हो रही हैं। इसके साथ पूरे जिले में 75 से ज्यादा स्थानों पर अयोध्या प्रकरण को लेकर मीटिंग हो रही हैं। सभी थानेदार और सीओ को हर रोज अलग-अलग वर्ग की बैठक करने का निर्देश दिया गया है।
अयोध्या प्रकरण में जल्द फैसला आने वाला है। मीटिंग का दौर जारी है। यदि किसी ने शहर का माहौल खराब करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई होगी। -अजय साहनी, एसएसपी मेरठ,

तमिलनाडू की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की सहयोगी शशिकला की 1,600 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त



नई दिल्ली. आयकर विभाग (Income Tax Depatment) ने बड़ी कारवाई करते हुए तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता (J Jayalalithaa) की सहयोगी वी के शशिकला (VK Sasikala) की 1600 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति को जब्त किया है. आधिकारियों ने इस बात की जानकारी मंगलवार को दी. शशिकला पिछले 4 सालों से कर्नाटक के परप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल में हैं.

नोटबंदी के दौरान खरीदी थीं ये संपत्तियां

अधिकारियों ने बताया कि शशिकला ने चेन्नई, पुदुचेरी और कोयम्बटूर में संपत्तियों को फर्जी नामों से ले रखा था. इन संपत्तियों का मूल्य 1500 करोड़ रूपये था, जिन्हें शशिकला ने नवबंर 2016 में नोटबंदी के दौरान खरीदा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को 8 नवंबर 2016 को पूरे देश में बंद कर दिया था, जिसके तुरंत बाद शशिकला ने विमुद्रीकृत (Demonetized) नोटों का उपयोग करके इन संपत्तियों को खरीदा.

अधिकारियों ने बताया कि शशिकला ने चेन्नई, पुदुचेरी और कोयम्बटूर में संपत्तियों को फर्जी नामों से ले रखा था. इन संपत्तियों का मूल्य 1500 करोड़ रूपये था, जिन्हें शशिकला ने नवबंर 2016 में नोटबंदी के दौरान खरीदा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को 8 नवंबर 2016 को पूरे देश में बंद कर दिया था, जिसके तुरंत बाद शशिकला ने विमुद्रीकृत (Demonetized) नोटों का उपयोग करके इन संपत्तियों को खरीदा.

आय से अधिक संपत्ति का है आरोप

अधिकारियों ने कहा कि शशिकला के खिलाफ बेनामी संपत्ति लेनदेन अधिनियम, 1988 की धारा 24 (3) के तहत कुर्की का अस्थायी आदेश जारी किया गया है. कर विभाग ने शशिकला और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ वर्ष 2017 में बड़े पैमाने पर छापे मारे थे और इन परिसंपत्तियों के बारे में दस्तावेज बरामद किए गए थे. वह आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद बेंगलुरु की जेल में बंद हैं.

संपत्तियों का हुआ था नकद लेने-देन

अधिकारियों ने बताया कि इन परिसंपत्तियों को खरीदने के लिए नकद भुगतान किया गया था और निष्पादन का काम दोनों पक्षों के बीच ‘समझौता ज्ञापन’ पर हस्ताक्षर के जरिये किया गया. जबकि नोटबंदी के दौरान नगद लेन-देन पर रोक थी. विगत दिनों में इस मामले के संबंध में कर अधिकारियों द्वारा उनसे इस बारे में पूछताछ की गई थी.

शशिकला पर थे ये आरोप

दिसंबर 2016 में जयललिता की मृत्यु के बाद अन्नाद्रमुक पार्टी की बागडोर संभालने वाली शशिकला को बाद में मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले खेमे ने पार्टी से निकाल दिया था. 2011 में शशिकला पर जयललिता को धीमा जहर देकर मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा था. जिसके चलते शशिकला से पूछताछ भी हो चुकी है.

मोदी सरकार शिक्षकों को शिक्षण के अलावा अन्य कार्योंं से मुक्त करने की तैयारी में.


नई दिल्ली। स्कूली शिक्षकों के लिए फिलहाल राहत देने वाली एक बड़ी खबर है। आने वाले दिनों में उन्हें सभी गैर- शैक्षणिक कार्यो से पूरी तरह से मुक्त किया जा सकता है। ऐसे में उनके जिम्मे अब सिर्फ और सिर्फ बच्चों को पढ़ाने की ही जवाबदेही रहेगी। अभी स्कूलों में पढ़ाने वाले इन शिक्षकों का सबसे ज्यादा फोकस बच्चों के लिए दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) तैयार कराने और उन्हें खिलाने को लेकर ही रहता है। इसके अलावा वोटर लिस्ट तैयार करने, जनगणना करने आदि काम भी उनके जिम्मे रहते है।

शिक्षक गैर-शैक्षणिक गतिविधियों से दूर रहेंगे

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रस्तावित नई शिक्षा नीति के अपने अंतिम मसौदे में स्कूली शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक गतिविधियों से पूरी तरह से अलग करने का सुझाव दिया है। साथ ही उम्मीद जताई है, कि इससे स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार भी दिखेगा।

शिक्षक मिड- डे मील की जिम्मेदारी से मुक्त होंगे

प्रस्तावित नई शिक्षा नीति तैयार करने वाली कमेटी ने अपने प्रारम्भिक मसौदे में भी शिक्षकों को मिड- डे मील की जिम्मेदारी से अलग रखने का सुझाव दिया गया था। हालांकि इसे मंत्रालय ने अब और सख्त बताते हुए इनमें मिड-डे मील के साथ ही सभी गैर-शैक्षणिक कार्यो से उन्हें मुक्त रखने का सुझाव दिया है। यह कदम इसलिए भी अहम है, क्योंकि स्कूलों में शिक्षकों की पहले से ही भारी कमी है।

देश भर के स्कूलों में दस लाख पद खाली हैं

एक रिपोर्ट के मुताबिक देश भर के स्कूलों में कुल स्वीकृत पदों के मुकाबले करीब दस लाख पद खाली पड़े है। यही वजह है कि मंत्रालय ने प्रस्तावित नीति ने इसे प्रमुखता से जगह दी है। प्रस्तावित नीति के जल्द ही कैबिनेट के सामने पेश किए जाने की तैयारी है।

शिक्षकों को बीएलओ जैसी जिम्मेदारी से मुक्त करने का सुझाव

स्कूली शिक्षकों को चुनावी कार्य सहित दूसरे गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने का सुझाव इससे पहले नीति आयोग ने भी दिया था। हालांकि दिल्ली जैसे कुछ राज्यों ने इस पर गंभीरता दिखाई और शिक्षकों को बीएलओ (बूथ लेवल आफीसर) जैसी जिम्मेदारी से अलग किया है। बावजूद इसके ज्यादातर राज्यों में अभी भी शिक्षकों को लंबे चलने वाले चुनाव कार्यो से जोड़कर रखा गया है। पिछले दिनों नीति आयोग ने राज्यों से ऐसे शिक्षकों को ब्यौरा मांगा था। साथ ही प्रत्येक जिलों से पूछा था कि क्या वह शिक्षकों के अलावा और किसी को भी चुनावी कार्यो की जिम्मेदारी दे सकता है।

प़धानमंत्री की तस्वीर से छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर सजा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर से छेड़छाड़ करके उसे फेसबुक पर पोस्ट करना एक शख्स को भारी पड़ाइस पोस्ट के लिए कन्याकुमारी के जबीन चार्ल्स को एक साल के लिए सोशल मीडिया से दूर रहना पड़ेगाजबीन ने इसके लिए बाकायदा मद्रास हाई कोर्ट में लिखित हलफनामा भी दिया है और अपनी गलती मानी है.

कन्याकुमारी
प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर से छेड़छाड़ करके उसे फेसबुक पर पोस्ट करना एक शख्स को भारी पड़ गया है। इस पोस्ट के एक महीने बाद तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के निवासी जबीन चार्ल्स को एक साल के लिए सोशल मीडिया से दूर रहना पड़ेगा। जबीन ने इसके लिए बाकायदा मद्रास हाई कोर्ट में लिखित हलफनामा भी दिया है।

सोमवार को अग्रिम जमानत लेने के लिए जबीन ने मद्रास हाई कोर्ट को लिखित में दिया कि वह अगले एक साल तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करेंगे। जस्टिस जी आर स्वामीनाथन ने कहा कि अगर जबीन को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए पाया गया तो उनकी जमानत कैंसल कर दी जाएगी। जस्टिस स्वामीनाथन ने जबीन को कहा कि वह एक माफीनामा लिखकर भी कोर्ट को दें।

अखबार में भी माफीनामा छपवाने के लिए तैयार
बता दें कि एक महीने पहले जबीन की इस पोस्ट के अगले ही दिन बीजेपी पदाधिकारी नांजिल राजा ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और मामला हाई कोर्ट पहुंच गया। जबीन चार्ल्स ने अपने बचाव में सुप्रीम कोर्ट द्वारा कही गई बात याद दिलाई कि पब्लिक फोरम पर अपनी राय रखना कोई अपराध नहीं है। हालांकि, चार्ल्स ने अपनी इस पोस्ट पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस पोस्ट को तुरंत ब्लॉक कर दिया था क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था कि प्रधानमंत्री का अपमान सही नहीं है।

उन्होंने कोर्ट के सामने यह भी कहा कि वह स्थानीय अखबार में भी माफीनामा छपवाने के लिए तैयार हैं। कन्याकुमारी की वाडसरी पुलिस ने चार्ल्स के खिलाफ 11 अक्टूबर को आईपीसी की धारा 505 (2) और आईटी ऐक्ट 2000 की धारा 67 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

िशवपुरी की सपना बड़ाया ने केबीसी में जीती 160,000 रुपये की धनराशि.

शिवपुरी। सपना बड़ाया केबीसी में हॉट सीट पर पहुंचने में कामयाब हो गई थी लगातार प्रयासों के बाद उन्हें सफलता मिली .

सपना की कामयाबी पर शहर भर में खुशी की लहर दौड़ गई है। बता दें कि शहर की पॉश श्रीराम कालोनी में रहने वाली सपना बढ़ाया शहर के व्यवसायी परिवार से हैं और समाजसेवा में बढ़चढ़कर भागीदारी करती हैं। केबीसी का यह एपीसोड 5 नवंबर को सोनी लिव पर टेलिकास्ट हुआ.

उन्होंने 9वे प्रश्न के बाद क्विट कर लिया था क्योकि सभी लाइफ लाइन खत्म होने के बाद उनके पास और कोई लाइफ लाइन नही बची थी ऒर वे उस सवाल के जबाब में कन्फ्यूज़ थी जबकि वो सही जबाब था  . अगर इस प़श्न का जवाब देतीं तो सपना बड़ाया 3,20,000 की धनराशि जीत सकती थीं.

आदमी पार्टी के 11 विधायकों को राहत अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज

नई दिल्ली: दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के 11 विधायकों को बड़ी राहत मिली है. लाभ के पद के मामले में अयोग्य ठहराने वाली याचिका को राष्ट्रपति ने खारिज कर दिया है. चुनाव आयोग ने कहा कि राष्ट्रपति का 28 अक्टूबर का फैसला उसकी तरफ से दी गयी राय पर आधारित है. इस फैसले का बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा ‘सत्यमेव जयते’.

जिन 11 आप विधायकों राहत मिली है उनमें बुराड़ी से विधायक संजीव झा, लक्ष्मी नगर से विधायक नितिन त्यागी, जंगपुरा से विधायक प्रवीण कुमार, आदर्श नगर से विधायक पवन कुमार शर्मा, गोंडा से विधायक दत्त शर्मा, वजीरपुर से विधायक राजेश गुप्ता, रोहतास नगर से विधायक सरिता सिंह, संगम विहार से विधायक दिनेश मोहनिया, ओखला से विधायक अमानतुल्लाह खान, नजफगढ़ से विधायक कैलाश गहलोत और तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह का नाम शामिल है.



मार्च, 2017 में विवेक गर्ग नामक एक शख्स ने राष्ट्रपति के समक्ष याचिका देकर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत समेत आप के 11 विधायकों को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराने की मांग की था. उनका दावा था कि दिल्ली के ग्यारह जिलों में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों का सह अध्यक्ष होने के नाते ये सभी विधायक लाभ के पद पर आसीन हैं.

यह मुद्दा चुनाव आयोग के पास भेजा गया जिसने अगस्त में राय दी कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सह अध्यक्ष होने से वे विधायक के रूप में अयोग्य नहीं हो जाते क्योंकि उन्हें वेतन, भत्ते, फीस आदि के रूप में पारिश्रमिक नहीं मिलते. उसके अलावा उन्हें स्टाफ कार, कार्यालय का स्थान, कर्मचारी, टेलीफेान या निवास भी नहीं दिये गये हैं.