उमा भारती, पैर में हुए दो फ्रैक्चर, सिर में भी आई चोट ऋषिकेश यात्रा पर थीं.

नई दिल्ली, 

उत्तराखंड के ऋषिकेश में पैर फिसलने के कारण बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती चोटिल हो गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. सिर में चोट के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री के बाएं पैर में दो फ्रैक्चर आए हैं.

उमा भारती फिलहाल गंगोत्री के दौरे पर हैं, जहां से गंगा निकलती हैजौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है

उत्तराखंड के ऋषिकेश में पैर फिसलने के कारण बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती चोटिल हो गईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. सिर में चोट के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री के बाएं पैर में दो फ्रैक्चर आए हैं. जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है. इस हादसे की जानकारी उमा भारती ने खुद ट्वीट के जरिए दी.

रविवार दोपहर ऋषिकेश में ब्रह्मपुरी आश्रम के पास बीजेपी नेता का पैर फिसल गया. सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में सिर्फ सूजन आई लेकिन सोमवार सुबह उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां उन्होंने ज्यादा दर्द की शिकायत की. चोट के बारे में ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ है और यह अगले एक महीने तक रहेगा. डॉक्टरों की टीम ने मुझे 24 घंटे अस्पताल में रुकने को कहा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती फिलहाल गंगोत्री के दौरे पर हैं, जहां से गंगा निकलती है.  

सिलसिलेवार ट्वीट में उमा भारती ने लिखा, कल जब मैं ऋषिकेश से थोड़ा ऊपर गरुड़ चट्टी पहुंची वहां पर घने जंगलों के बीच में गंगा किनारे पर राम तपस्थली है. वहीं पर हमारा आज एक दिन का ब्रेक था. लेकिन कल ही एक ऐसी अनचाही घटना घटित हुई कि मुझे देहरादून के हिमालयन हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा.

उन्होंने आगे कहा, रविवार दोपहर के भोजन के बाद फिसल गई, जिससे मेरे पांव में सूजन आई. रात में बहुत सूजन और दर्द बढ़ गया. सोमवार सुबह मुझे देहरादून के हिमालयन अस्पताल में जांच के लिए लाया गया. एक्स-रे से पता लगा है कि मेरे बाएं पांव के पंजे में दो जगह फैक्चर हुआ है और सिर में भी चोट लगी है. अगले ट्वीट में उन्होंने कहा, योग्य डॉक्टरों की टीम ने मुझे अस्पताल से छोड़ा ही नहीं. अब मैं यहां अस्पताल में 24 घंटे के लिए भर्ती हूं. पांव में प्लास्टर चढ़ चुका है जो डेढ़ महीने तक रहेगा.

पूर्व प़धानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती आज>मनाई जा रही.

नई दिल्ली,

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 102वीं जयंती पर आज मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने श्रद्धांजलि दी.

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 102वीं जयंती पर आजप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रद्धांजलि दीसोनिया, प्रणब ने समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि दी

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 102वीं जयंती पर आज मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद किया और कहा कि हमारी पूर्व पीएम श्रीमती इंदिरा गांधी को उनकी जयंति पर श्रद्धांजलि.

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. सोनिया गांधी ने इंदिरा गांधी के समाधि स्थल शक्ति स्थल पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

सोनिया गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी शक्ति स्थल पहुंचे और इंदिरा गांधी को याद किया. हालांकि इस बार राहुल गांधी समाधि स्थल पर नहीं दिखे, जबकि पिछली बार उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की थी.

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को इलाहाबाद में हुआ था. वह दो अलग-अलग अवधि में 15 वर्षों से अधिक समय तक देश की प्रधानमंत्री रहीं. 31 अक्टूबर, 1984 को उनकी हत्या कर दी गई थी.

सरकार का बड़ा फैसला, अंधेरे में शिक्षा हासिल करने वाले 93 हजार स्कूलों में पहुंचाई जाएगी बिजली

भोपाल/ मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश के सराकारी स्कूलों में बिना बिजली के पढ़ने को मजबूर छात्रों को बड़ी सौगात दी है। बतां दें कि, आजादी के बाद से अब तक प्रदेश के 93 हजार 231 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बिजली उपलब्ध नहीं थी। अब सरकार इन सभी स्कूलों में बिजली व्यवस्था करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने इन स्कूलों को रोशन करने के लिए 4 करोड़ 22 लाख 83 हजार 680 रुपये आवंटित भी कर दिये हैं।प्राथमिक और माध्यमिक शाला अधोसंरचना संरक्षण और विकास योजना में सरकार के पास 4 करोड़ 23 लाख 25 हजार 310 रुपये पहले से जमा थे। इसमें से सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में नौनिहाल अभी भी तेज गर्मी में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। क्योंकि, इन शिक्षालयों में अब तक हवा के लिए पंखे नहीं हैं। इसका कारण ये है कि, यहां अब तक बिजली व्यवस्था ही नहीं है।मिलेंगी ये सुविधाएं

इसके साथ ही इन स्कूलों में छात्रों को कंप्यूटर का ज्ञान देने और शहरों जैसी स्मार्ट क्लास भी संचालित करना संभव नहीं है। क्योंकि, इन सब चीजों को सुचारू करने में इस्तेमाल होने वाली बिजली ही इन स्कूलों में अब तक नहीं है। सरकार के इस फैसले के बाद अब सुदूर ग्रामीण अंचलों के स्कूल भी रोशन हो सकेंगे। साथ ही, गर्मियों के दिनों में यहां पढ़ने वाले बच्चे कूलर, पंखे की शीतल हवा का आंनंद ले सकेंगे।रोशनी के लिए मंजूर हुए 26 करोड़

अब तक प्रदेश के जिन स्कूलों में बिजली नहीं थी, उनके लिए सरकार ने 26 करोड़ 84 लाख 65 हजार रुपये की स्वीकृति दे दी है। इसमें से पहले चरण में 4 करोड़ 22 लाख रुपये आवंटित भी किये जा चुके हैं।शिक्षा केन्द्रों तक सरकार ने पहुंचाई राशि

प्रदेश के सभी 52 जिलों के सभी बिजली विहीन स्कूलों में बिजली पहुंचाई जाने की कवायद शुरु हो जाएगी। सरकार ने सभी स्कूलों में सभी जिला शिक्षा केन्द्रों को तय राशि पहुंचा दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अब जल्द ही प्रदेश के सभी स्कूलों में बिजली को लेकर एक जैसी व्यवसथाएं होंगी।वो जिले जिनमें सबसे ज्यादा हैं बिजली विहीन स्कूल

1- रीवा- 3747
2- धार- 3558
3- खरगौन- 2918
4- सतना- 2779
5- बड़वानी- 2751
6- शिवपुरी- 2760
7- बैतूल- 2651
8- छिंदवाड़ा- 2620
9- विदिशा- 2473
10-राजगढ़- 2388

स्कूल में अनुपस्थित मिले शिक्षक तो होगी कार्यवाही,कलेक्टर ने दिखाई सख्ती !

स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित मिले उनके विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव भेजें।

अंतर्विभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर के निर्देश।
शिवपुरी। सभी जिलाधिकारियों को स्कूल आवंटित किए गए हैं। वह इस सप्ताह आवंटित किए गए स्कूलों का भ्रमण कर लें और रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजें। स्कूलों में कोई कमी दिखती है तो उसे भी मेंशन करें। यदि स्कूलों में शिक्षक बिना अनुमति लिए और सूचना दिए बिना अनुपस्थित मिलते हैं  तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। ऐसे शिक्षकों के निलंबन का प्रस्ताव भेजे। यह निर्देश कलेक्टर अनुग्रह पी ने सोमवार को आयोजित अंतर्विभागीय समन्वय बैठक में सभी जिलाधिकारियों को दिए हैं।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एच.पी.वर्मा, अपर कलेक्टर आर.एस. बालोदिया, एसडीएम एवं सभी विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर अनुग्रह पी ने खाद्य विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन की कार्यवाही जल्द पूरी की जाए। उन्होंने समस्त एसडीएम को भी इस संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पूर्व में जिन संस्थाओं के पास अधिक दुकानें हैं उन्हें चिन्हित करें। इसी प्रकार सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक को निर्देश दिए हैं कि कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन किया जाना है। इसके लिए हितग्राहियों का चयन किया जाए। उन्होंने कहा है कि दिव्यांग शिविर का आयोजन भी सभी विकासखंडों में किया जाना है। इन शिविरों में जनपद सीईओ एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित होकर दिव्यांगजनों को लाभ प्रदान करें।
इस सोमवार को आयोजित होने वाली बैठक में कलेक्टर अनुग्रह पी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिलाधिकारी अपने-अपने कार्यालयों की विभिन्न शाखाओं एवं अधीनस्थ कार्यालय में निरीक्षण करें और स्टाफ के कार्य की मॉनिटरिंग करें। यह देखें कि कार्यालयों में फाइल संधारण और विभिन्न शाखाओं में समय पर काम हो रहा है। जारी किए गए आदेशों का समय पर क्रियान्वयन किया जा रहा है या नहीं। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा है कि अपना टूर प्लान तैयार करें और इसी माह में आगामी माह की कार्य योजना से अवगत कराएं। अधिकारी भ्रमण करें और बेहतर काम करके दिखाएं।

सुप़ीम कोर्ट के कॉलेजियम में जस्टिस आर भानुमति शामिल

नई दिल्ली: देश के चीफ जस्टिस पद से जस्टिस रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में नये सदस्य के तौर पर जस्टिस आर भानुमति शामिल होंगी. कॉलेजियम में सुप्रीम कोर्ट के पांच सबसे वरिष्ठ जस्टिस होते हैं. जस्टिस भानुमति पिछले 13 वर्षों में जस्टिस रुमा पाल के बाद कॉलेजियम का हिस्सा बनने वाली दूसरी महिला होंगी.

जस्टिस पाल 2006 में सेवानिवृत्त होने से पहले कॉलेजियम का सदस्य बनने वाली अभी तक की आखिरी महिला थीं. सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम में सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए चयन करने और नामों की सिफारिश करने के लिए सदस्य के तौर पर पांच सबसे वरिष्ठ जस्टिस होते हैं. हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए लोगों के नामों की सिफारिश करने वाले कॉलेजियम में उसके सदस्यों के तौर पर सुप्रीम कोर्ट के तीन सबसे वरिष्ठ जस्टिस होते हैं.

कोलारस विधायक रघुवंशी और प़भारी मंत्री तोमर में नोंक झौंक रघुवंशी ने मांगी सुरक्षा


शिवपुरी। जिला योजना समिति की बैठक में विवाद, प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और कोलारस बीजेपी विधायक वीरेंद्र सिंह रघुवंशी में नोंकझोंक, बैठक के बाहर आकर बोले वीरेंद्र सिंह रघुवंशी, “मुझे मंत्री से जान का खतरा”, “प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से जान का खतरा”, वीरेंद्र रघुवंशी ने सुरक्षा की मांग की, “महात्मा गांधी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नाम रखे जाने की बात से भड़के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर”-विधायक, “मंत्री प्रघुम्न सिंह माधवराव सिंधिया के नाम पर रखना चाहते थे मेडिकल कॉलेज का नाम”-विधायक

रक्षा / रूस ने कहा- भारत सरकार कामोव हेलिकॉप्टर डील में देरी कर रही, ये समझ से परे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 साल पहले रूस से सेना के लिए 200 हेलिकॉप्टर खरीदने का समझौता किया था
यह डील एक अरब डॉलर की थी, रूसी कंपनी ने कहा- उसे अब तक भारत से लेटर ऑफ रिक्वेस्ट नहीं मिले

मॉस्को.रूस में रक्षा जरूरतों के लिए हेलिकॉप्टर बनाने वाली कंपनी रोस्टेक ने भारत के साथ डील में देरी को लेकर सवाल उठाए। कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव एंड्री बोगिंस्की ने कहा है कि भारत ने काफी समय पहले सेना के लिए 200 हेलिकॉप्टर खरीदने की डील साइन की थी। इस बारे में हमने भारतीय रक्षा मंत्रालय को सभी जरूरी जानकारियां मुहैया कराईं। लेकिन समझ नहीं आ रहा कि भारत की तरफ से इस समझौते में देरी क्यों हो रही है।

भारत ने नौसेना के लिए 100 हेलिकॉप्टर खरीदने में रुचि दिखाई थी’

भारत और रूस के बीच इस हेलिकॉप्टर डील पर 2015 में सहमति बन गई थी। ये डील एक अरब डॉलर (करीब 7100 करोड़ रुपए) की है। भारत को रूस के बने 60 कामोव केए 226-टी हेलिकॉप्टर्स रेडी टू यूज कंडीशन में मिलने थे, जबकि 140 हेलिकॉप्टर ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट के तहत भारत में ही बनने थे। भारत ने नौसेना के लिए अलग से 100 हेलिकॉप्टर खरीदने पर भी बात की थी। 

दुबई एयर शो में न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत के दौरान बोगिंस्की ने कहा कि हमने भारत के रक्षा मंत्रालय को समझौते की सभी अहम जानकारियां मुहैया करा दीं, लेकिन भारत की तरफ से अब तक कदम नहीं उठाया गया है। हम देरी का कारण नहीं समझ पा रहे हैं।

बोगिंस्की ने आगे कहा, “अगर भारतीय नौसेना के लिए 100 हेलिकॉप्टर्स की डील और पिछली डील को साथ जोड़ लिया जाए तो भारत को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि रूसी हेलिकॉप्टर अभी भारत की तरफ से औपचारिक रिक्वेस्ट लेटर का इंतजार कर रहे हैं।” 

रूस मध्यपूर्व के देशों को भी हेलिकॉप्टर बेचेगा

रूस मध्यपूर्व के देशों के साथ भी हेलिकॉप्टर डील कर सकता है। इन देशों ने रूस के आधुनिक एमआई 38 और वीआरटी-500 हेलिकॉप्टर में रुचि दिखाई है। बोगिंस्की के मुताबिक, कुछ भारतीय कंपनियों ने भी वीआरटी-500 के ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी पर बात की है।

शीतकालीन सत्र आज से शुरू, संसद में पिछली बार से ताकतवर हुआ विपक्ष

संयुक्त विपक्ष की ताकत लोकसभा में 200 के आंकड़े को पार कर गई है !
शिवसेना के विरोधी खेमे में जाने से संसद में विपक्ष की मजबूती और बढ़ी!

नई दिल्ली
शिवसेना के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से बाहर होने के साथ विपक्ष ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले अपनी संख्या को बढ़ा लिया है. संयुक्त विपक्ष की ताकत लोकसभा में 200 के आंकड़े को पार कर गई है, जहां संख्या की कमी के कारण विपक्ष के नेता का पद खाली है.

विपक्ष में शामिल हुई शिवसेना

शिवसेना के लोकसभा में 18 सांसद हैं और राज्यसभा में तीन सांसद हैं. पार्टी महाराष्ट्र में नए राजनीतिक समीकरण बनने के साथ विपक्ष की बेंच में चली गई है. महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना की बातचीत चल रही है जहां फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है. लोकसभा वेबसाइट के विवरण के अनुसार, कांग्रेस के लोकसभा में 52 सांसद हैं, डीएमके के 24, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 22 और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के 22 सांसद हैं, जबकि शिवसेना विपक्ष की पांचवी सबसे बड़ी घटक पार्टी है.

फारूक अब्दुल्ला का मुद्दा उठा

हालांकि तीन महत्वपूर्ण पार्टियां वाईएसआरसीपी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और बीजू जनता दल (बीजद) तकनीकी रूप से तो विपक्ष में हैं लेकिन उनका रुख राजनीति के लिहाज से बदलता रहता है. राज्यसभा में जहां विपक्ष तेजी से अपनी पकड़ खोता जा रहा है, शिवसेना के शामिल होने से इसे ताकत मिली है. शिवसेना के राज्यसभा में तीन सांसद हैं. विपक्ष ने सरकार की ओर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की हिरासत का मुद्दा उठाया. अब्दुल्ला लोकसभा के सदस्य हैं.

चिदंबरम को शामिल करने की मांग

अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने और राज्य के पुनर्गठन के बाद से फारूक अब्दुल्ला, दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला व पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती को नजरबंद किया गया है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा, फारूक अब्दुल्ला को संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए. उन्हें बीते तीन महीनों से नजरबंद रखा गया है और पूर्व के उदाहरणों के अनुसार, जेल में बंद पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को भी कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति मिलनी चाहिए. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने मजबूती से कहा कि विपक्ष संसद के शीतकालीन सत्र में आर्थिक संकट का मुद्दा उठाएगा.

शिवसेना से सहमत बीजेपी

संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने बीजेपी की पूर्व सहयोगी शिवसेना के बारे में कहा, शिवसेना कांग्रेस के साथ गठजोड़ बनाने पर काम कर रही है. उसने विपक्ष में बैठने का विकल्प चुना है. हम इस पर सहमत हैं और उनके मंत्री भी सरकार से इस्तीफा दे चुके हैं. इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार से शुरू होने जा रहे संसद के महत्वपूर्ण शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को आहूत सर्वदलीय बैठक में भाग लिया.

अयोध्या केस में 5 मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में दायर करेंगे रिव्यू पिटिशन

अयोध्या केस पर SC में रिव्यू पिटिशन दायर करेगा AIMPLB
अयोध्या मामले पर चार मुस्लिम पक्षकार AIMPLB के साथ
सुन्नी वक्फ बोर्ड और इकबाल अंसारी नहीं जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का ऐलान किया है. साथ ही मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन न लेने का निर्णय किया है.  ऐसे में अब अयोध्या मामला एक बार फिर देश की शीर्ष अदालत में पहुंच सकता है. बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी की अध्यक्षता में रविवार को लखनऊ में हुई बैठक के बाद बोर्ड के सदस्यों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कई विरोधाभास हैं, ऐसें में रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का फैसला किया गया है.

रिव्यू पिटिशन दायर करने को राजी ये पक्षकार

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में कुल 8 मुस्लिम पक्षकार थे. ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर मुस्लिम पक्षकारों में से पांच ने रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का फैसला किया है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने रविवार को बताया कि मुस्लिम पक्षकारों में से मिसबाहुद्दीन, मौलाना महफूजुर्रहमान, मोहम्मद उमर और हाजी महबूब ने पुनर्विचार याचिका दायर करने पर अपनी सहमति AIMPLB को दे दी है. इसके अलावा जमीयत उलेमा-ए-हिंद (हामिद मोहम्मद सिद्दीकी) की ओर से मौलाना अरशद मदनी ने भी रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का ऐलान किया है.

रिव्यू पिटिशन दाखिल नहीं करेंगे ये पक्षकार

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर मुस्लिम पक्षकारों में इकबाल अंसारी पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि हमने कोर्ट के फैसले का सम्मान किया, ऐसे में हम अब इस मामले को यहीं पर खत्म कर देना चाहते हैं और अब पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेंगे. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साफ कर दिया कि वह शीर्ष फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा.

मुस्लिम पक्षकार क्या कहते हैं?

बाबरी मस्जिद के मुकदमे के वादी मौलाना महफूजुर्रहमान के प्रतिनिधि खालिक अहमद ने aajtak.in से बात करते हुए कहा कि वह मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ हैं और पुनर्विचार याचिका उनकी तरफ से दायर की जाएगी. मुस्लिम पक्षकार मोहम्मद उमर भी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सुर में सुर मिला रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने पर सहमत हैं.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुस्लिम पक्ष के खिलाफ आया है. मदनी ने कहा, ‘हमें पता है सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका 100 प्रतिशत खारिज हो जाएगी, लेकिन पुनर्विचार याचिका दाखिल करना हमारा अधिकार है और हमें इसका इस्तेमाल करना चाहिए.’

कुल मुस्लिम पक्षकार

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट में कुल 14 अपीलें दायर की गई थीं. इनमें से 6 याचिकाएं हिंदुओं की तरफ से हैं और 8 मुस्लिम पक्षकारों की ओर से दाखिल की गई थीं. मुस्लिम पक्षकारों में सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद (हामिद मोहम्मद सिद्दीकी), इकबाल अंसारी, मौलाना महमूदुर्रहमान, मिसबाहुद्दीन, मौलाना महफूजुर्रहमान मिफ्ताही, मोहम्मद उमर, हाजी महबूब और मौलाना असद रशीदी शामिल थे. AIMPLB इस मामले में सीधे तौर पर शामिल नहीं था, लेकिन मुस्लिम पक्षकार की ओर से पूरा मामला उसी की निगरानी में चल रहा था.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर 9 नवंबर को अपना फैसला सुनाया. देश की शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में अयोध्या की 2.77 एकड़ विवादित जमीन रामलला विराजमान को राम मंदिर बनाने के लिए दे दी है. जबकि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन देने का निर्देश सरकार को दिया है. साथ ही यह भी निर्देश दिया कि मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार एक ट्रस्ट बनाए और उसमें निर्मोही अखाड़े को भी प्रतिनिधित्व दिया जाए. हालांकि, निर्मोही अखाड़े का दावा सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था लेकिन मंदिर के ट्रस्ट में उसक हिस्सेदारी सुनिश्चित कर दी.