क्या पुरानी कांग़ेस का विसर्जन करना जरुरी होगा……?


आज दशहरा है और बुराई से लड़ने के लिये शक्ति को जन्म लेना ही पड़ता है.देश की राजनीति आज विपक्ष शून्य है. सत्तापक्ष की चकाचौंध और जीत को देखकर सारे विपक्षी दल हिम्मत हारकर समय को निहार रहे हैं.  क्या करें क्या न करें इसी ऊहापोह में समय निकाल रहे हैं.मुख्य विपक्षी दल कांग़ेस की भी वही स्थिति है राहुल गांधी  चुनावी जंग हारते ही मैदान छोड़ कर दूर जा बैठे हैं. विपक्षी विचार धारा का समर्थन करने वाली जनता अब प़ियंका गांधी की तरफ टक टकी लगाकर देख रही है और सोच रही है कि क्या प़ियंका गांधी भविष्य में कांग़ेस की बागडोर ले उसको पुनर्जीवित कर सकेंगी.
अगर कांग़ेस को पुनर्जीवित करना है तो इसके संगठन में आमूल चूल परिवर्तन करना जरुरी होगा और यह तभी हो सकता जब पूरी कांग़ेस को जो पुरानी हो चुकी है विसर्जित कर एक नये संगठन का ढांचा खड़ा किया जाये.
अभी हाल ही में उत्तरप़देश में संगठन की बागड़ोर एक स्थानीय युवा को सौंपने से ये साफ नजर आ रहा है कि अब कांग़ेस जमीनी स्तर पर प़भाव रखने वाली युवा शक्ति को वरियता देना चाहती भी है.जरुरी भी है.
कांग़ेस को यदि भविष्य में दिल्ली की सत्ता हासिल करनी है तो समूचे प़देशों के संगठनों में आमूल चूल परिवर्तन कर ऐसे नवयुवकों को पदासीन करना होगा जो संगठन की ताकत बन सत्ता की गलत नीतियों से लड़ सकें.
और इस युवा शक्ति का नेतृत्व स्वयं प़ियंका गांधी को करना होगा.
रास्ता है तो कठिन लेकिन प़यत्न और हिम्मत और विश्वासपात्र सहयोगियों से हर चीज संभव हो सकती है.अभी तो कांग़ेस को युवा शक्ति को खुद से जोड़ने की जरुरत है जो देश में एकबार फिर से सत्तापक्ष की गलत नीतियों से सड़क पर जाकर कर लड़ सके.

संपादक करुणेश शर्मा की कलम से
शिवपुरी मध्यप़देश
मों 6264806398

संघ के 94वें स्थापना दिवस पर बोले मोहन भागवत, ‘स्वार्थी तत्व दे रहे हैं लिंचिंग को बढ़ावा’

नागपुर में आरएसएस के विजयदशमी कार्यक्रम में भाजपा के कई बड़े नेता जिनमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, वीके सिंह भी मौजूद.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर अपना 94वां स्थापना दिवस मना रहा है. इस मौके पर संघ ने एचसीएल के संस्थापक शिव नडार को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है.

सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा, ‘जनता ने सरकार में विश्वास दिखाया है. सरकार में जनभावना की समझ है. उन्होंने कहा देश में उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल है. बहुत दिनों के बाद देश में कुछ अच्छा हो रहा है. सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. इस सरकार में कड़े निर्णय लेने की क्षमता है.’

भागवत ने अपने संबोधन के दौरान मोदी सरकार की भी तारीफ की. उन्होंने कहा चंद्रयान मिशन ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है. हमें भारत को विश्व का सिरमौर बनाना है. इसके लिए हमें लंबा चलना है.’

सरसंघचालक ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने को बड़ा कदम बताया है. उन्होंने कहा, ‘सेना का मनोबल अच्छा है और सीमाओं की चौकसी काफी अच्छी है. इसका प्रमाण पिछले कुछ सालों में हमें कई बार देखने को मिला है.’

उन्होंने कहा, ‘देश के भीतर होने वाली उग्रवादी घटनाओं में भारी कमी आई है. उग्रवादी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं. उग्रवादियों के आत्मसमर्पण की संख्या भी बढ़ी है.’

भागवत ने कहा, ‘मार्ग के रोड़े, बाधाएं और हमें रोकने की इच्छा रखने वाली शक्तियों के कारनामे अभी समाप्त नहीं हुए हैं. हमारे सामने कुछ संकट हैं जिनका उपाय हमें करना है. कुछ प्रश्न है जिनके उत्तर हमें देने हैं, और कुछ समस्याएं हैं जिनका निदान कर हमें उन्हें सुलझाना है.’

सौभाग्य से हमारे देश के सुरक्षा सामर्थ्य की स्थिति, हमारे सेना की तैयारी, हमारे शासन की सुरक्षा नीति तथा हमारे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कुशलता की स्थिति इस प्रकार की बनी है कि इस मामले में हम लोग सजग और आश्वस्त हैं.

हमारी स्थल सीमा तथा जल सीमाओं पर सुरक्षा सतर्कता पहले से अच्छी है. केवल स्थल सीमा पर रक्षक व चौकियों की संख्या व जल सीमापर (द्वीपों वाले टापुओं की) निगरानी अधिक बढ़ानी पड़ेगी.

उन्होंने कहा, ‘गत कुछ वर्षों में एक परिवर्तन भारत की सोच की दिशा में आया है. उसको न चाहने वाले व्यक्ति दुनिया में भी है और भारत में भी. भारत को बढ़ता हुआ देखना जिनके स्वार्थों के लिए भय पैदा करता है, ऐसी शक्तियां भी भारत को दृढ़ता व शक्ति से संपन्न होने नहीं देना चाहती.’

भागवत ने कहा, ‘समाज के विभिन्न वर्गों को आपस में सद्भावना, संवाद तथा सहयोग बढ़ाने के प्रयास में प्रयासरत होना चाहिए. समाज के सभी वर्गों का सद्भाव, समरसता व सहयोग तथा कानून संविधान की मर्यादा में ही अपने मतों की अभिव्यक्ति यह आज की स्थिति में नितांत आवश्यक बात है.’

मोहन भागवत से पहले कार्यक्रम को मुख्य अतिथि शिव नडार ने संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘मैं आप सभी को विजयदशमी की शुभकामनाएं देता हूं और मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मुझे यहां आमंत्रित किया गया. रेशिमबाग का यह मैदान आज आरएसएस के कार्यकर्ताओं की ऊर्जा से जीवंत है.

नडार ने कहा, ‘देश कई सारी चुनौतियों का सामना कर रहा है. लेकिन इन सभी समस्याओं का सामाधान अकेली सरकार नहीं कर सकती है. निजी क्षेत्र, देश के नागरिक और गैर-सरकारी संगठनों को इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपना योगदान देना चाहिए.’

आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शिव नडार का कार्यक्रम में स्वागत किया. कार्यक्रम शुरू होने से पहले मोहन भागवत नडार को संघ के संस्थापक डॉ हेडगेवार के समाधि स्थल पर ले गए. उसके बाद नडार संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधवराव गोलवलकर की समाधि स्थल पर भी गए.

नागपुर में हो रहे इस कार्यक्रम में भाजपा के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, वीके सिंह इस मौके पर मौजूद थे.

नडार के संबोधन से पहले संघ के स्वयंसेवकों ने पथ संचलन का प्रदर्शन किया. इस संचालन की अध्यक्षता संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत कर रहे थे.

बता दें कि आरएसएस की स्थापना साल 1925 में नागपुर में हुई थी. कांग्रेस के पूर्व नेता डॉ हेडगेवार ने कांग्रेस छोड़कर संघ की स्थापना की थी. 1940 में हेडगेवार की मृत्यु के बाद माधव सदाशिवराव गोलवलकर ने संघ की कमान संभाली. संघ की स्थापना 1925 में दशहरे के दिन ही हुई थी. इसलिए संघ हर साल विजयदशमी के दिन अपना स्थापना दिवस मनाता है. इस कार्यक्रम में आयुध पूजा भी होती है जिसमें शस्त्रों की पूजा की जाती है.

हर साल स्थापना दिवस के मौके पर संघ समाजिक क्षेत्र में काम कर रहे विशेष लोगों को स्थापना दिवस के दिन आमंत्रित करता है. पिछले साल पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उनके जाने को लेकर काफी विवाद भी हुआ था.

बंद हो सकताा बिगबॉस में चल रहा नंगा नाच, शिवसेना उतरी सडको पर.

मुजफ्फरनगर जनपद में शिवसेना ने बिग बॉस कार्यक्रम में हो रहे नंगेनाच व् अश्लीलता को लेकर हंगामा जताते हुए सलमान खान का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया। शिवसेना कार्यकर्ताओं का आरोप था बिग बॉस में लव जिहाद जैसा प्रकरण पिछले दिनों सलमान खान ने कश्मीरी लड़के के साथ मिलकर एक हिंदू लड़की को एक बंद कमरे में भेजने का काम किया। वहीं केंद्र और प्रदेश सरकार से भी लव जिहाद पर कार्यवाही की शिवसेना ने मांग की है।

दरअसल मामला मुज़फ्फरनगर के प्रकाश चौक है जहाँ पर शिवसेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलर्स टीवी पर चल रहे बिग बॉस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सलमान खान के पोस्टर को जूते मारकर आग के हवाले किया। शिव सेना नेताओ ने आरोप लगाया कि सलमान खान बिग बॉस जैसे कार्यक्रम के माध्यम से लव जिहाद को बढ़ावा दे रहा है पिछले दिनों बिग बॉस के एक कार्यक्रम में हिन्दू युवती को कश्मीर के मुस्लिम युवक के साथ बेडरूम में भेजा गया ,शिवसेनिक मनोज सैनी ने बताया की इस कार्यक्रम में अश्लीलता इस कदर हावी ह माँ बाप बच्चो के साथ TV नहीं देख सकते बहन भाई एक साथ बैठकर इसे नहीं देख सकते ये हिन्दू संस्कर्ति को बदनाम करने की साजिस ह जो बिलकुल बर्दास्त नहीं की जा सकती शिव सेना नेताओ ने भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाया कि हिन्दू संस्कृति की रक्षा के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार भी इस तरह के कार्यक्रमो पर रोक लगाने में विफल रही है उन्होंने सरकार से मांग की है।की अविलम्ब बिग बॉस जैसे कार्यक्रमो पर रोक लगाई जाए।

पेरिस में शस्त्र पूजन करेंगे राजनाथ सिंहभारत को सौंपे जाएंगे राफेल विमान

पेरिस पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट भी किया है. राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, फ्रांस पहुंचकर मैं खुश हूं. यह महान देश भारत का अहम साझेदार है. हमारा यह खास रिश्ता औपचारिक संबंधों से भी ज्यादा गहरा और लंबा है.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह पेरिस पहुंच गए हैं. विजयादशमी पर फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय परंपरा के अनुसार राजनाथ सिंह शस्त्र पूजा भी करेंगे. विधिवत शस्त्र पूजा के बाद रक्षामंत्री फ्रांस की कंपनी दसॉ से खरीदे गए लड़ाकू विमान राफेल का अधिग्रहण करेंगे और विमान में उड़ान भी भरेंगे. राफेल उन्नत प्रौद्योगिकी से लैस लड़ाकू विमान है. दसॉ के साथ हुए सौदे की पहली खेप में भारत विजयादशमी के मौके पर 4 राफेल विमान हासिल करेगा.

पेरिस पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट भी किया है. राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, फ्रांस पहुंचकर मैं खुश हूं. यह महान देश भारत का अहम साझेदार है. हमारा यह खास रिश्ता औपचारिक संबंधों से भी ज्यादा गहरा और लंबा है. फ्रांस की मेरी यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच के वर्तमान सामरिक साझेदारी का विस्तार करना है.

भारत में शस्त्र पूजा की परंपरा काफी अरसे से होती आई है. महाराणा प्रताप की इस धरती पर राजपूत राजा दुश्मनों को रणभूमि में छक्के छुड़ाने से पहले अस्त्र-शस्त्र की पूजा करते रहे हैं. इसी परंपरा का पालन करते हुए भारतीय सेना में भी विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा की जाती है.

इसलिए आज मिलेगा राफेल

शायद इसी परंपरा को निभाने के लिए राफेल विमान का अधिग्रहण विजया दशमी के दिन हो रहा है. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी मनाई जाती. इसी दिन भगवान राम ने लंका के राजा रावण पर विजय प्राप्त की थी. इसलिए विजया दशमी को आसुरी शक्तियों पर देवता की विजय के रूप में मनाया जाता है.

शस्त्र पूजा के साथ लड़ाकू राफेल के अधिग्रहण के पीछे शायद यही धारणा होगी कि यह विमान भारत की ओर आंख उठाने वाली हर ताकत को नेस्तनाबूद करने में देश के सैन्य बल के लिए अहम साबित होगा.

बढ़ेगी भारत की सैन्य ताकत

बताया जाता है कि भारतीय वायुसेना के बेड़े में इस लड़ाकू विमान के शामिल होने पर देश की सामरिक ताकत बढ़ेगी और दक्षिण एशिया में जहां पाकिस्तान का हमेशा शत्रुता का बर्ताव रहा है वह आंख उठाकर देखने की हिमाकत नहीं करेगा.

रक्षा विशेषज्ञों की माने तो राफेल की क्षमता के समान पाकिस्तान के पास अब तक कोई विमान नहीं है. रिटायर एयर मार्शल एम. मथेश्वरण ने कहा कि पाकिस्तान के पास मल्टी रोल विमान एफ-16 है. लेकिन वह वैसा ही है जैसा भारत का मिराज-2000 है. पाकिस्तान के पास राफेल जैसा कोई विमान नहीं है.