सरकार की नई पहल! प्लास्टिक का विकल्प बनेगा बांस लाखों में होगी कमाई, जानिए इसके बारे में सबकुछ

नई दिल्ली. प्लास्टिक (Single Use Plastic) पर बैन के बाद अब बांस (Bamboo) प्लास्टिक के सामान का बड़ा विकल्प बनने जा रहा है. घर बनाने से लेकर फर्नीचर तक सब बांस के तैयार हो रहे हैं. मोदी सरकार (Modi Government) ने इसकी खेती और बिजनेस (Business) के लिए एक बड़ा प्लान बनाया है, जिसमें वो किसानों (Farmers) को हर पौधे पर 120 रुपये की मदद भी दे रही है. इस स्कीम के बारे में जानिए और फायदा उठाईए. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने की कई बार अपील कर चुके हैं. खादी ग्रामोद्योग आयोग (Khadi and Village Industries Commission) ने बांस की बोतल को लॉन्च कर दिया है.

क्या है राष्ट्रीय बैंबू मिशन? 

न्यूज18हिंदी ने बातचीत में कृषि मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी अल्का भार्गव ने बताया कि मोदी सरकार ने बांस की खेती (Bamboo Farming) का बड़ा प्लान बनाया है. इससे बिजनेस की बड़ी संभावना बन रही है. इसके लिए राष्ट्रीय बैंबू मिशन (National Bamboo Mission) बनाया गया है. ताकि इसकी खेती और बिजनेस बढ़े. हर राज्य में मिशन डायरेक्टर बनाए गए हैं. वो जिलेवार अधिकारी तय कर रहे हैं कि कौन इस काम को देखेगा. इसमें एग्रीकल्चर (Agriculture), फॉरेस्ट और इंडस्ट्री तीन विभाग शामिल है. इंडस्ट्री इसके प्रोडक्ट की मार्केट बताएगी.

बांस से क्या-क्या बना सकते हैं आप?

बांस की बोतलें बना सकते हैं. यह कंस्ट्रक्शन के काम आ रहा है. आप इससे घर बना सकते हैं. फ्लोरिंग कर सकते हैं. फर्नीचर बना सकते हैं. हैंडीक्रॉफ्ट और ज्वैलरी बनाकर कमाई कर सकते हैं. बैंबू से अब साइकिलें भी बनने लगी हैं. कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का दावा है कि सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई), रुड़की ने इसे कंस्ट्रक्शन के काम में लाने की मंजूरी दी है. अब शेड डालने के लिए सीमेंट की जगह बांस की सीट भी तैयार की जा रही है. हरिद्वार में रेलवे ने इसी से स्टेशन का शेड बनाया है.

सितंबर में ही झारखंड सरकार ने दो दिवसीय बांस कारीगर मेले का आयोजन किया था. जिसमें सीएम ने कहा कि बांस की खेती करने वाले किसानों को सरकार चीन और वियतनाम भेजेगी. वहां वे बांस के प्रोड्क्टस बनाने की ट्रेनिंग लेंगे और फिर मास्टर ट्रेनर बनकर यहां अन्य किसानों को ट्रेनिंग देंगे.

किसान को कितनी सहायता मिलेगी?

तीन साल में औसतन 240 रुपये प्रति प्लांट की लागत आएगी. जिसमें से 120 रुपये प्रति प्लांट सरकारी सहायता मिलेगी.

नार्थ ईस्ट को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में इसकी खेती के लिए 50 फीसदी सरकार और 50 फीसदी किसान लगाएगा.

50 फीसदी सरकारी शेयर में 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य की हिस्सेदारी होगी. जबकि नार्थ ईस्ट में 60 फीसदी सरकार और 40 फीसदी किसान लगाएगा. 60 फीसदी सरकारी पैसे में 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी राज्य सरकार का शेयर होगा.

हर जिले में इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं वो आपको पूरी जानकारी दे देंगे.

कितने साल में तैयार होती है खेती?

बांस की खेती आमतौर पर तीन से चार साल में तैयार होती है. चौथे साल में कटाई शुरू कर सकते हैं.

इसका पौधा तीन-चार मीटर की दूरी पर लगाया जाता है इसलिए इसके बीच की जगह पर आप कोई और खेती कर सकते हैं.

इसकी पत्तियां पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल हो सकती हैं. बांस लगाएंगे तो फर्नीचर के लिए पेड़ों की कटान कम होगी. इससे आप पर्यावरण रक्षा भी करेंगे.

अभी हम काफी फर्नीचर चीन से मंगा रहे हैं, इसलिए आप इसकी खेती से इंपोर्ट कम कर सकते हैं.

कितनी होगी कमाई?

जरूरत और प्रजाति के हिसाब से एक हेक्टेयर में 1500 से 2500 पौधे लगा सकते हैं.

अगर आप 3 गुणा 2.5 मीटर पर पौधा लगाते हैं तो एक हेक्टेयर में करीब 1500 प्लांट लगेंगे. साथ में आप दो पौधों के बीच में बची जगह में दूसरी फसल उगा सकते हैं.

4 साल बाद 3 से 3.5 लाख रुपये की कमाई होने लगेगी. हर साल रिप्लांटेशन करने की जरूरत नहीं. क्योंकि बांस की पौध करीब 40 साल तक चलती है.

दूसरी फसलों के साथ खेत की मेड़ पर 4 गुणा 4 मीटर पर यदि आप बांस लगाते हैं तो एक हेक्टेयर में चौथे साल से करीब 30 हजार रुपये की कमाई होने लगेगी.

इसकी खेती किसान का रिस्क फैक्टर कम करती है. क्योंकि किसान बांस के बीच दूसरी खेती भी कर सकता है.

निजी जमीन पर नहीं लगेगा वन कानून लेकिन…

जनवरी 2018 में केंद्र सरकार ने बांस को पेड़ की कैटेगरी से हटा दिया. हालांकि ऐसा सिर्फ निजी जमीन के लिए किया गया है. जो फारेस्ट की जमीन पर बांस हैं उन पर यह छूट नहीं है. वहां पर वन कानून लागू होगा.

136 तरह की प्रजातियां

सरकारी नर्सरी से पौध फ्री मिलेगी. इसकी 136 प्रजातियां हैं. अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग बांस की किस्में. लेकिन उनमें से 10 का इस्तेमाल सबसे ज्यादा हो रहा है. यह देखकर प्रजाति का चयन करना होगा कि आप किस काम के लिए बांस लगा रहे हैं. अगर फर्नीचर के लिए लगा रहे हैं तो संबंधित प्रजाति का चयन करना होगा.

SC में मुस्लिम पक्ष बोला- बाबर नहीं था विध्वंसक, मीर बाकी ने बनाई मस्जिद

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने शुक्रवार को अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान कहा है कि बेंच शनिवार को इस मसले की सुनवाई नहीं करेगी. शुक्रवार को अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की रोजाना सुनवाई का 37वां दिन है. SC ने इस मामले को सुनने के लिए 18 अक्टूबर तक की तारीख तय की है. शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने अदालत में अपनी दलीलें रखीं.

शुक्रवार की सुनवाई…

: सुप्रीम कोर्ट में राजीव धवन ने कहा कि 1934 में दंगा-फसाद के बाद ही ये तय हो गया था कि हिंदू बाहर पूजा करेंगे, तो 22/23 दिसंबर 1949 की रात हिंदू इमारत में कैसे गए? संविधान के अनुच्छेद 12 के जरिए देश भर के सार्वजनिक संस्थान भी नियमित किए गए. उन्होंने कहा कि 1934 में दंगों के दौरान इमारत को नुकसान पहुंचा और धारा 144 लगाई गई.

राजीव धवन ने कहा कि ये बाबर पर मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने का इल्जाम लगाते हैं, बाबर कोई विध्वंसक नहीं था. मस्जिद तो मीर बाकी ने बनाई, एक सूफी के कहने पर. इस दौरान उन्होंने पढ़ा कि ‘है राम के वजूद पर हिन्दोस्तां को नाज़ अहले नज़र समझते हैं उसको इमाम ए हिन्द!’

मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने अदालत में कहा कि सांप्रदायिक विभाजन का आरोप मुसलमानों पर लगाया जाता है लेकिन ये उनपर (हिंदू पक्ष) पर भी लागू होता है जब उन्होंने बाबरी मस्जिद को ढहाया था. इसके पहले 1934, 1949 में भी ऐसा ही किया गया था.

शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने अपनी दलीलें शुरू कीं. सुनवाई के दौरान जस्टिस बोबड़े ने पूछा कि क्या इस्लाम में देवत्व को किसी वस्तु पर थोपा जाता है? इस पर मुस्लिम पक्ष की ओर से जवाब दिया कि दोनों धर्मों में ऐसा ही होता है, इस्लाम में मस्जिद इसका उदाहरण है.

जस्टिस बोबड़े ने कहा कि हम हमेशा सुनते हैं कि ऐसा कुछ नहीं है, आप अल्लाह की पूजा करते हैं ना कि किसी वस्तु की. हम देखना चाहते हैं कि क्या किसी संस्था ने मस्जिद को पूज्य माना है, क्योंकि सिर्फ अल्लाह को पूजे जाने की बात आती है.

मुस्लिम पक्ष की ओर से राजीव धवन ने कहा कि हम (मुस्लिम) पांच बार अल्लाह की पूजा करते हैं, नमाज़ मस्जिद में अदा की जाती है. उन्होंने कहा कि इस मामले में मस्जिद पर जबरन कब्जा किया गया, लोगों को धर्म के नाम पर उकसाया गया, रथयात्रा निकाली गई, लंबित मामले में दबाव बनाया गया.

मुस्लिम पक्ष की ओर से कहा गया कि मस्जिद ध्वस्त की गई और उस समय मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने एक दिन कि जेल अवमानना के चलते काटी. अदालत से गुजारिश है कि तमाम घटनाओं को ध्यान में रखें.

अब कब-कब होगी सुनवाई?

बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया था कि वह हफ्ते में पांच दिन इस मामले को सुनेंगे और अगर जरूरत पड़ेगी तो शनिवार को भी अदालत इस मामले को सुन सकती है. अभी अयोध्या केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सोमवार से शुक्रवार तक हो रही है, अदालत रोजाना एक घंटे अधिक मसले को सुन रही है.

गुरुवार को अदालत में क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हिंदू पक्षकार की ओर से दलीलें रखी गईं. गुरुवार को पहले रामलला के वकील की ओर से पक्ष रखा गया, फिर निर्मोही अखाड़ा और बाद में गोपाल सिंह विशारद की ओर से पक्ष रखा गया. इन दलीलों के बाद मुस्लिम पक्ष इन दलीलों का जवाब देगा.

संजय निरुपम ने दी कांग्रेस छोड़ने की धमकी, कहा-सोनिया गांधी के इर्द-गिर्द बैठे हैं चापलूस लोग

मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के लिए परेशानी बढ़ गई है, मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षसंजय निरुपम ने टिकट बंटवारे से नाराज होकर पार्टी को छोड़ने की धमकी दी है। संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से उनके प्रति जो व्यव्हार किया जा रहा है वह अगर बना रहा तो प्रार्टी छोड़ने की नौबत आ जाएगी। हालांकि संजय निरुपम ने कहा कि उनमें अभी सहने की क्षमता है और तुरंत वे पार्टी को नहीं छोड़ेंगे। 

संजय निरुपम ने कहा कि 5 महीने से सुनियोजित तरीके से उन्हें इग्नोर किया जा रहा है, उन्होंने कहा वे जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और जनता के लिए काम करना पसंद करते हैं लेकिन पार्टी की तरफ से इसकी कोई वेल्यू नहीं है। संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में चुनाव लड़ने की कोई सोच ही नहीं है। संजय निरुपम ने कहा कि वे 4 साल तक मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं और उन्हें नहीं लगता कि इस समय मुंबई कांग्रेस के अंदर मुंबई को समझने वाला उनसे योग्य कोई और व्यक्ति है। 

संजय निरुपम ने यहां तक कह दिया कि कांग्रेस पार्टी में शीर्ष नेतृत्व में कोई सुनने वाला नहीं है, उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी के चारों तरप चापलूस घूम रहे हैं जो काम करने वाले लोगों की आवाज उनतक पहुंचने ही नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे एक बार टिकट के लिए योग्य 4 लोगों को केंद्रीय नेतृत्व से मिलवाने के लिए दिल्ली लेकर गए थे और वहां वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़से से उनके बारे में सिफारिश की, लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन नेताओं से बात तक नहीं की। 

संजय निरुपम ने यह भी कहा कि हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा कांग्रेस पार्टी की लाइन के खिलाफ लगातार बोलते हैं लेकिन पार्टी अब उनके सामने झुग गई है, 

चिन्मयानंद की हिरासत 14 दिन बढ़ी सामाजिक संगठन ने धारा 376 लगाने की मांग की

शाहजहांपुर: एलएलएम छात्रा के यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की मुश्किलें कम होती नजर आ रहीं. शाहजहांपुर जेल में बंद चिन्मयानंद की न्यायिक हिरासत गुरूवार को 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गयी. जेल से चिन्मयानंद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेशी कराई गई थी. अब अगली पेशी 16 अक्टूबर को होगी.

चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने बताया कि चिन्मयानंद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था. सीजेएम की अदालत में उनकी पेशी होनी थी परंतु सुरक्षा कारणों के चलते जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनकी पेशी हुई. अधिवक्ता ने बताया कि सीजेएम ओमवीर सिंह ने चिन्मयानंद की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए और बढ़ा दी है.

वकील पूजा सिंह ने भाषा को बताया कि स्वामी को मोतियाबिंद है और उनकी नजर तेजी से कम हो रही है क्योंकि मोतियाबिंद के कारण आंख के पास नस में तेज दर्द हो रहा है.

पूजा सिंह ने कहा कि उन्होंने अदालत में भी इस बात को रखा है कि स्वामी पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हैं. ऐसे में जेल में उन्हें ‘ए’ क्लास की सुविधाएं मिलनी चाहिए परंतु उन्हें साधारण बंदियों की तरह भोजन और साधारण बंदियों की तरह फर्श पर लेटना पड़ रहा है.

ओम सिंह ने बताया कि स्वामी और पीड़िता की आवाज के नमूने लेने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सीजेएम की अदालत में अर्जी दी है जिस पर सुनवाई होनी है.

उधर कलेक्ट्रेट में ‘जनता की आवाज’ नामक संगठन के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और चिन्मयानंद पर धारा 376 लगाने की मांग की. उन्होंने राज्यपाल के नाम भेजे गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार स्वामी का बचाव कर रही है.

चिन्मयानंद को 23 सितंबर को सीने में दर्द और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था . उनकी ‘एंजियोग्राफी’ की गयी लेकिन कोई अवरोध नहीं पाया गया. स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं के कारण वह अब तक पीजीआई में ही भर्ती थे.

बता दें कि स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल कर चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण और कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाए थे. लड़की ने अपनी और अपने परिवार को जान का खतरा बताया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पीड़िता को न्यायालय में तलब किया और मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को एसआईटी के गठन का निर्देश दिया था.

कोर्ट के निर्देश के बाद एसआईटी ने यौन शोषण के आरोपी चिन्मयानंद एवं रंगदारी मांगने के मामले में पीड़िता समेत चार लोगों को जेल भेज दिया. इसी मामले में स्वामी की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए और बढ़ाई गई है.

रीवा के गांधी भवन में 1948 से रखीं महात्मा गांधी की अस्थियां चोरी.

रीवा देशभर में 2 अक्टूबर को जहां एक ओर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई गई, वहीं मध्य प्रदेश के रीवा में उनकी अस्थियां चोरी होने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं कुछ अज्ञात बदमाशों ने उनकी तस्वीर पर ‘देशद्रोही’ भी लिख दिया। यह घटना रीवा शहर के बापू भवन की है जहां लगी महात्मा गांधी की तस्वीर पर अज्ञात लोगों ने ‘राष्ट्रद्रोही’ लिखने के साथ-साथ वहां रखा हुआ उनका अस्थि कलश चुरा लिया। घटना के बाद हड़कंप मच गया। रीवा पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वह इसकी जांच कर रही है। रीवा एसपी आबिद खान ने कहा कि रीवा जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। सीसीटीवी के फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी .

बता दें कि गांधी की अस्थियां मध्य प्रदेश के भारत भवन में 1948 से रखी हुई थीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसके पीछे बीजेपी से जुड़े लोगों का हाथ बताया है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जो लोग गांधी की हत्या करने वाले गोडसे को बढ़ावा दे रहे हैं वही लोग इस घटना के पीछे हो सकते हैं।

क्या पाकिस्तान तख्तापलट केे नजदीक है..?

पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार का तख्तापलट होने की आशंका है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल बाजवा के आदेश पर यहां की 111 ब्रिगेड की छुट्टियां रद्द कर दी गई है।

नई दिल्ली पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार का तख्तापलट होने की आशंका है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल बाजवा के आदेश पर यहां की 111 ब्रिगेड की छुट्टियां रद्द कर दी गई है।

जानकार मानते हैं कि पाकिस्तान में 111 बिग्रेड का ही इस्तेमाल हमेशा से तख्तापलट करने में किया जाता रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि जनरल बाजवा ने पाकिस्तान के बड़े कारोबारियों के साथ गुप्त बैठक की है। इन दोनों घटनाक्रम को देखते हुए पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका जताई जा रही है।

कमर जावेद बाजवा ने अधिकारियों के साथ की बैठक

पाकिस्तान के कराची में सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने कारोबारियों के साथ एक बैठक की। पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा की कारोबारियों के साथ ये तीसरी मीटिंग थी।

ये तीनों बैठकें कराची, रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालयों में हुई हैं। मीटिंग इतने गुप्त तरीके से हुई कि वहां लिए फैसलों की जानकारी तक बाहर नहीं आ पाई है।

इस उठापठक पर सिटी बैंक के पूर्व अधिकारी और बैंकर यूसुफ नजर ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि ये तख्तापलट करने का नरम तरीका है और कुछ नहीं। 10 साल में यह पहला मौका है जब केंद्रीय बजट में सेना का कोटा नहीं बढ़ाया गया। पाकिस्तान सरकार के इस फैसले से बाजवा की फौज नाराज बताई जा रही है।

सेना पहले से ही पाकिस्तान में कई तरह के कारोबार चला रही है और इमरान खान सेना की मदद से प्रधानमंत्री बने हैं। कश्मीर के मुद्दे पर इमरान खान हर मोर्चे पर फेल हो चुके हैं।

तमाम कोशिशों के बाद भी दुनिया के किसी देश ने उनका साथ नहीं दिया और इन सबके बीच पाकिस्तान की माली हालत भी बेहद खराब हो चुकी है।

क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गुना शिवपुरी सांसद के पी यादव सतत प़यत्नशील.

अशोकनगर।सांसद डॉ.केपी यादव द्वारा संसदीय क्षेत्र में यात्रियों के रेल सुविधायें बढ़ाने के लिए भोपाल मण्डल रेल प्रबंधक के समक्ष विभिन्न सुझावों के प्रस्ताव रखे गए।
भोपाल मण्डल के रेल प्रबंधक उदय बोरवणकर गुरुवार को अशोकनगर रेलवे स्टेशन के आधुनिकरण हेतु निरीक्षण करने आए हुए थे। इस अवसर पर सांसद केपी यादव के प्रतिनिधि मण्डल के रूप में जयकुमार सिंघई, सुभाष जैन एडवोकेट एवं डॉ.अनुराधा यादव, विजया शुक्ला,देवेन्द्र ताम्रकार उनसे मिले। इस अवसर पर जयकुमार सिंघई द्वारा रेल प्रबंधक बोरवणकर को गुना,अशोकनगर एवं रेल सुविधायें बढ़ाने के सुझाव पत्र दिया गया।
सुविधायें बढ़ाने के सुझाव पत्र दिया गया।
उल्लेखनीय हो कि पिछले दिनों सांसद डॉ.केपी यादव द्वारा रेल सुविधायें बढ़ाने के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल एवं भोपाल में रेल प्रबंधक की बैठक के दौरान भोपाल-इंदौर इंटरसिटी के अलावा कई और ट्रेनों व रेल सुविधायें बढ़ाने की मांग रखी थी। जिनमें अशोकनगर स्टेशन का आधुनिकी करण शुरू हो चुका है।
सांसद केपी यादव के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा रेल प्रबंधक के अशोकनगर आगमन पर दिए गए पत्र में विभिन्न सुझाव दिए गए जिनमें-
सबसे पहले मैं क्षेत्र के सभी श्रद्धालु जो धार्मिक यात्रा के लिए प्रयागराज एवं मथुरा जाते हैं, उनको इन तीर्थ स्थलों के लिए कोई ट्रेन न होने से भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस हेतु एक गाड़ी वाया कोटा, गुना, बीना, कटनी होकर चलाई जाने की महती आवश्यकता परिलक्षित होती है। इसके लिए जल्द से जल्द कार्यवाही किये जाने की आवश्यकता है। जिससे क्षेत्र के संपूर्ण तीर्थयात्रियों को इसका लाभ मिल सके।
1- अशोकनगर स्टेशन: यह एक जिला मुख्यालय पर स्थित स्टेशन है, लेकिन वर्तमान में अधिकांश गाडिय़ों का स्टॉपेज केवल 2 मिनिट है, जिस कारण प्रतिदिन यात्रियों को ट्रेन में चडऩे में कम समय मिल पाता है, और आये-दिन दुर्घटना होती रहती हैं। यात्रियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए सभी गाडिय़ों का स्टॉपेज का समय 05 मिनिट किये जाने का कष्ट करें।

2- स्टेशन पर स्थित फुट ऑवर ब्रिज की चौड़ाई काफी कम है, इसकी चौड़ाई यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से बढ़ायी जाना अति आवश्यक है। इसके साथ ही फुट ऑवर ब्रिज पर दिव्यांग यात्रियों के लिए रैम्प की व्यवस्था भी की जाये।

3- यात्रियों की समस्या को देखते हुए 11701/02 इंदौर-जबलपुर इंटरसिटी को चालू किया जाये एवं रात को इसे प्रारंभ किया जाने की महती आवश्यकता है। इस ट्रेन को भरपूर यात्री भी मिलेंगे जिससे रेल्वे को भी राजस्व प्राप्त होगा।

4- स्टेशन पर इलेक्ट्रोनिक कोच गाईडेंस/पोजीशन लगाये जाने की महती आवश्यकता है, इनके अभाव में अभी यात्रियों को भटकना पड़ता है। इस पर जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ किया जाये।

5- प्लेटफार्म नंबर 2 पर बुकिंग खिडक़ी प्रारंभ की जाये, बैठने की बैंचेंस, एवं प्रतीक्षालय का भी निर्माण कराया जाये। बुकिंग खिडक़ी के अभाव में यात्रियों को परेशान होना पड़ता है।

6- गर्मियों के समय पीने के पानी की बहुत किल्लत रहती है, इसको दूर करने के लिए अभी से आवश्यक कदम उठाये जायें, यात्रियों को बेहतर पेयजल उपलब्ध हो सके इसके लिए प्रयास कियें जायें।

7- व्यापारियों को अपने माल को माल गोदम तक लाने के लिए एप्रोच रोड़ का निर्माण कराये जाये एवं माल गोदाम की बाउ़ंड्रीबॉल, प्लेटफार्म, शेड एवं दो हाईमास्ट लाईट लगाई जाये। जिससे व्यापारियों को असुविधा न हो, एवं रेल्वे के राजस्व में भी वृद्धि हो सके।

8-निम्नलिखित गाडिय़ों का स्टॉपेज अशोकनगर स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए किये जाने की अति आवश्यकता है।

1- 19659/60 शालीमार एक्सप्रेस-उदरयपुर शालीमार एक्सप्रेस
2- 18573/74 भगत की कोठी- विशाखापट्टनम एक्सप्रेस
3- 14719/20 बीकानेर-बिलासपुर अंत्योदय एक्सप्रेस

9- अधिकांश यात्रि जो इंदोर जाते हैं लेकिन इंदोर के लिए कोई ट्रेन न होने से उन्हें अत्यंत असुविधा होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए उज्जैन-देहरादून एक्सप्रेस को इंदोर तक बढाया जाये, इससे यात्रियों को लाभ तो होगा ही साथ ही रेल्वे को भरपूर यात्री भी मिलेंगे।

10- भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस में दो डिब्बे एसी एवं 14309/10 ग्वालियर-भोपाल एक्सप्रेस में एसी के डिब्बे लगाये जायें एवं इसका समय भोपाल पहुँचने का सुबह 10 या 11 बजे किया जाये। इससे यात्रियों को राजधानी में पडऩे वाले शासकीय कार्यों एवं मरीजों को सुविधा होगी एवं उनके धन, समय की बचत होगी।

11- अभी अशोकनगर स्टेशन से रात्रि 8.40 के बाद सुबह 11 बजे पहली गाड़ी बीना के लिए है, इन 15 घंटों में कोई ट्रेन न होने से दिल्ली-भोपाल जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा होती है। इस समस्या को जल्द से जल्द दूर करने के लिए एक गाड़ी रात को जो फ्लाईओवर जाती है उसे वाया बीना होकर चलाया जाये।

1- 19809/10 कोटा जबलपुर एक्सप्रेस
2- 12181/81 अजमेर-जबलपुर दयोदय सुपर फास्ट एक्सप्रेस

12- पथवे जो प्लेटफार्म की समाप्ति पर बनाये जाते हैं, उनका निर्माण कराये जाने की अति आवश्यकता है। अभी एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर भारी सामान लाने के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं है। इसके निर्माण से यात्रियों को सुविधा होगी।

13- पीआरएस रेल्वे रिर्जेवेशन काउंटर का समय यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सुबह 08 बजे से रात्रि 08 बजे तक अन्य स्टेशनों की तरह किये जाने की आवश्यकता है। अशोकनगर स्टेशन पर पर्यटन नगरी चंदेरी की झलक दिखाई जाये इस रूप में निर्मित किया जाये।

2- मुंगावली स्टेशन यह एक प्राचीन एवं ऐतिहासिक नगरी हैं। जो महान व्यक्तित्व के धनी श्री गणेश शंकर विद्यार्थी की कर्मस्थली भी रहा है। इन स्टेशन पर निम्नांकित कमियां जिन्हें दूर किये जाने की महती आवश्यकता परिलक्षित होती है।

1- यहां स्टेशन पर इलेक्ट्रोनिक कोच गाईडेंस/पोजीशन लगाये जाने की महती आवश्यकता है, इनके अभाव में अभी यात्रियों को भटकना पड़ता है। इस पर जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ किया जाये।
2-यहां पर कम्यूटर इंक्वायरी सिस्टम लगाया जाये, जिससे जनता को सुविधा हो।
3- प्लेटफार्म नम्बर दो पर भारी कमी है, यहां पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है एकमात्र हेडपंप लगा हुआ है। इस पर ध्यान देते हुए जल्द से जल्द पीने के पानी की समुचित व्यवस्था हेतु वाटर कूलर की व्यवस्था की जाये, एवं शौचालय की व्यवस्था भी की जाये।
4- 19659/60 शालीमार एक्सप्रेस-उदरयपुर शालीमार एक्सप्रेस एवं दुर्ग विजयपुर सुपरफास्ट ट्रेन के स्टॉपेज को यात्रियों की सुविधा को देखते हुए उनका स्टॉपेज मुंगावली स्टेशन पर किया जाये।
5- प्लेटफार्म नं 1 पर वाटर कूलर एसी वेंटिंग हॉल इत्यिादी का निर्माण कराया जाये।

6-शिवपुरी स्टेशन- शिवपुरी एक पर्यटक नगरी है, इसको इस तरह निर्मित किया जाये की जिले में स्थित सभी ऐतिहासिक धरोहरों को स्टेशन पर अंकित कर यात्रियों को आकर्षित किया जा सके।

7- सवारी गाड़ी 51881/8आगरा-ग्वालियर पैंसेजर प्रात: 07.05 पर आगरा से चलकर 09.50 पर ग्वालियर आती है एवं वापसी सांय 06.10 पर चलकर 09.50 पर आगरा पहुँचती है। इन 09 घंटों में ट्रेन ग्वालियर में यार्ड में खड़ी रहती है। इस ट्रेन को आगरा से वाया ग्वालियर शिवपुरी तक बढ़ाया जाये जिससे दोपहर में यात्रियों को शिवपुरी के लिए एक ट्रेन भी मिल सकेगी और यात्रियों के साथ-साथ रेल्वे को भी लाभ होगा।