गांधी और शास्त्री की जयंती आज, पीएम मोदी, सोनिया और मनमोहन सिंह ने दी श्रद्धांजलि

आज देशभर में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी 116वीं जयंती है। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपतिा की समाधि स्थल राजघाट पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल एवं हरदीप सिंह पुरी और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी राष्ट्रपिता को पुष्पांजलि अर्पित की।

उपराष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ‘हम महात्मा गांधी को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हैं। आइए, हम दैनिक जीवन में गांधीवादी सिद्धांतों को लागू कर और अपनाकर हमारे जीवन में बदलाव लाने का प्रयास करें।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश मानवता के प्रति गांधी के चिरस्थायी योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करता है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हम उनके सपनों को साकार करने और एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए लगातार कड़ा परिश्रम करने का संकल्प लेते हैं।’ मोदी ने गांधी पर एक छोटा वीडियो भी ट्वीट किया जिसके जरिए बताया कि बापू का शांति का संदेश वैश्विक समुदाय के लिए अब भी प्रासंगिक है।

प्रधानमंत्री ने उन सात बुराइयों का जिक्र किया जिनसे गांधी ने बचने को कहा था और ये बुराइयां हैं: बिना काम किए अर्जित संपत्ति, अंतरात्मा के बिना उपभोग, चरित्र के बिना अर्जित ज्ञान, नैतिकता बिना व्यापार/व्यवसाय, मानवता से रहित विज्ञान, त्याग बिना धर्म तथा सिद्धांत विहीन राजनीति।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘जय जवान जय किसान’ के उद्घोष से देश में नव-ऊर्जा का संचार करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर शत-शत नमन।’ प्रधानमंत्री ने शास्त्री पर एक छोटा वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें उन्होंने शास्त्री के साहस एवं दृढ़ निश्चय और खादी के लिए उनके प्रेम का जिक्र किया। शास्त्री जी का जन्म उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में 1904 में हुआ था।

आज पीएम देश को खुले में शौच से मुक्त करेंगे
महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित करेंगे। वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने 158 कैदियों को रिहा करने का एलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार शाम को गुजरात दौरे पर रहेंगे। शाम सात बजे वह वह गांधी आश्रम पहुंचकर बापू को स्मरण करेंगे। 

रिवरफ्रंट पर 20 हजार सरपंचों को संबोधित करेंगे
वहीं, प्रधानमंत्री आज रिवरफ्रंट पर देश भर से आए 20 हजार सरपंचों को संबोधित करेंगे। इस समारोह में पीएम भारत को खुले में शौच से मुक्त घोषित करेंगे। जिसके बाद शाम को मोदी राज्य सरकार की ओर से आयोजित गरबा मोहत्सव में जाएंगे जहां मां दुर्गा जी की आरती करेंगे। 

उपराष्ट्रपति ने बापू और शास्त्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर बुधवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशवासियों से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। नायडू ने 150वीं गांधी जयंती के अवसर पर बापू की समाधि राजघाट और शास्त्री की समाधि विजय घाट पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी महात्मा गांधी को राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही वह विजय घाट भी गए जहां उन्होंने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी

मध्यप्रदेश हनीट्रैप की पूरी कहानी, वीडियो-ब्लैकमेलिंग से लेकर नौकरशाहों में टकराव तक

17 सितंबर को मध्यप्रदेश के इंदौर जिले नगर निगम में कार्यरत इंजीनियर हरभजन सिंह ने पलासिया थाने में खुद को ब्लैकमेल किए जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी तो उन्हें भी इसका अंदाजा नहीं था कि यह मामला इतना बड़ा बन सकता है। अब जैसे-जैसे प्रदेश में फैली हनीट्रैप मामले की कहानियां उजागर होनी शुरू हुई है वैसे-वैसे इसमें कई नौकशाह, राजनेता और पत्रकारों की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है।

एफआईआर में हरभजन सिंह ने दावा किया था कि उन्हें 29 वर्षीय आरती दयाल नाम की एक महिला द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। उक्त महिला ने तीन करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी और ऐसा न करने पर इंजीनियर के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई थी।

पुलिस ने जब जांच शुरू की तब पता चला कि एक गैर सरकारी संगठन ने कथित तौर पर राजनेताओं, नौकरशाहों और कई बड़े रसूखदारों को ब्लैकमेल करने के लिए उनके अश्लील वीडियो बनाए हैं। जिन्हें सार्वजनिक करने की धमकियों के एवज में जबरन वसूली की जाती थी।

जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में गिरोह के द्वारा छह वरिष्ठ राजनेताओं और कम से कम 10 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के अलावा सिविल इंजीनियरों और बिल्डरों को लालच दिया गया था। इनमें से कुछ से वसूली करने की भी खबरें हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

इस मामले में पुलिस ने भोपाल की संदिग्ध मास्टरमाइंड श्वेता स्वप्निल जैन सहित पांच महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया है। जबकि इनके वकीलों ने दावा किया है कि इस मामले को जबरन गढ़ा गया है, वहीं आरोप लगाया गया कि पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में यातना भी दी है।

इस बीच, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे मध्यप्रदेश की नौकरशाही और राजनीति में उथल-पुथल मचती दिख रही है। भाजपा और कांग्रेस भी मामले को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

हनीट्रैप की सूत्रधार श्वेता विजय जैन, आरती से बनवाती थी वीडियो

हनीट्रैप कांड की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन अफसर और नेताओं से आरती की दोस्ती करवा देती थी। बाद में आरती उन्हें अपने जाल में फंसा कर वीडियो बना लेती थी। फिर श्वेता के इशारे पर रुपये वसूलने का काम होता था। इंजीनियर हरभजन के लिए भी इसी तरह जाल बिछाया गया था। 

एमपी पुलिस के अनुसार, आरती दयाल उर्फ आरती सिंह उर्फ ज्योत्सना ने पूछताछ में बताया कि गिरोह की मुखिया श्वेता विजय जैन है। उसकी हरभजन सिंह से करीब 10 साल पुरानी दोस्ती है। इसके बदले वह अपने भाई राजा के लिए सरकारी ठेके लेती थी। श्वेता ने हरभजन से आरती से मुलाकात करवा दी। श्वेता को दोनों की नजदीकी का पता था, लेकिन आरती ने हरभजन को बताया कि दोस्ती के बारे में श्वेता को जानकारी नहीं मिलनी चाहिए।

पुलिस के अनुसार इंजीनियर हरभजन भी ठेके दिलाने का वादा कर संबंध बनाते रहे। वीडियो बनने के बाद योजना के मुताबिक आरती ने हरभजन को कॉल कर तीन करोड़ रुपये मांगे। हरभजन ने उससे कहा कि उसके पास तीन करोड़ रुपये नहीं हैं। 

आरती ने श्वेता को कॉल कर कहा कि वह रकम कम करने को बोल रहा है। श्वेता के कहने पर आरती ने हरभजन को दो करोड़ रुपये देने का कहा और बैठक से रवाना हो गई। अंत तक हरभजन को यह पता नहीं था कि इस मामले में श्वेता भी शामिल है। 

मीडिया के सामने बयान देने से घबराई पुलिस

हनीट्रैप मामले में आरोपी आरती और बरखा ने इंदौर के एमवाय अस्पताल में मेडिकल के दौरान मीडिया के सामने पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए थे और कई बड़े लोगों पर साजिश में शामिल होने का आरोप भी लगाया था। जिसके बाद एसआईटी ने पुलिस अफसरों ने फटकार लगाई और जांच की गोपनीयता को और बढ़ा दिया है। आरोपियों के मीडिया से किसी भी प्रकार की चर्चा करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

जांच प्रभावित करने के लिए टकराव को हवा दे रहे नौकरशाह

हनीट्रैप मामले की एसआईटी जांच को प्रभावित करने के लिए नौकरशाह कथित तौर पर दिन-रात एक किए हुए हैं। पहले इस जांच को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई और कहा गया कि इसमें कई वरिष्ठ राजनेता भी संलिप्त हैं, लेकिन जब उनका यह पैंतरा काम नहीं किया तो अब प्रदेश के वरिष्ठ नौकरशाहों में टकराव कराने की कोशिश कराकर जांच प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

हनीट्रैप मामले में की प्रारंभिक पूछताछ में कई नेता और अफसरों के नामों की चर्चा थी। इसी कारण डीजीपी वीके सिंह ने एसआईटी का गठन किया। लेकिन, विवादों को टालने के लिए नौ दिनों के अंदर ही इस टीम के प्रमुख को तीसरी बार बदल दिया गया। 

23 सितंबर को गठित एसआईटी की जिम्मेदारी सबसे पहले पहले 1997 बैच के आईपीएस डी श्रीनिवास वर्मा को दी गई। लेकिन, गठन के 24 घंटे के अंदर ही एसआईटी की जिम्मेदारी तेजतर्रार अफसरों में शुमार एडीजी संजीव शमी को दी गई। एक अक्तूबर को संजीव शमी को एसआईटी प्रमुख के पद से हटाकर अब राजेंद्र कुमार को एसआईटी जांच की कमान सौंपी गई है।

मददगार तीन पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज

हनीट्रैप में आरोपियों की मदद करने वाले तीन पुलिसकर्मियों पर क्राइम ब्रांच ने अड़ीबाजी का केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। ये पुलिसकर्मी आरोपी लड़कियों के इशारे पर लोगों से रुपये देने का दबाव बनाते थे। तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान सुभाष गुर्जर, अनिल जाट और लाड़ सिंह के रूप में हुई है। इस मामले में टीम ने नौ लड़कियों, आठ ग्राहक और तीन दलालों को बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया था।

सरकारी गवाह नहीं बनेगी आरती

पुलिस ने बताया कि वह आरती को अपना गुनाह कबूल करने के बाद सरकारी गवाह नहीं बनाएगी। हालांकि पुलिस ने पहले ही एक छात्रा को सरकारी गवाह बना लिया है। छात्रा को इंदौर की पलासिया  थाना पुलिस अपने साथ लेकर भोपाल लेकर पहुंची है।

आरोपियों के बैंक खाते सील करने की तैयारी

हनीट्रैप गैंग की चारों महिला आरोपियों के बैंक खाते सीज करने के लिए पुलिस ने भोपाल की बैंकों को पत्र लिखे हैं। पुलिस के अनुसार, अभी उनके पांच खातों की जानकारी ही मिल सकी है। एक टीम चारों महिलाओं की वैध और अवैध संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। वहीं, पुलिस को पांच कंपनियों और कुछ एनजीओ के नामों की जानकारी भी मिली है जो आरोपियों के द्वारा संचालित किए जा रहे थे।

कॉलेज की छात्राओं को भेजा जाता था अफसरों के पास

हनीट्रैप की मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन ने पूछताछ में एसआईटी को बताया है कि मध्यवर्गीय परिवार से आने वाली 20 से अधिक छात्राओं को अफसरों के पास भेजा गया। श्वेता ने इस बात का भी खुलासा किया है कि हनी ट्रैप का मुख्य उद्देश्य सरकारी ठेके, एनजीओ को फंडिंग करवाना और वीआईपी लोगों को टारगेट करना था। श्वेता ने बताया कि कई बड़ी कंपनियों को ठेके दिलवाने में मदद की। इस काम में उसकी साथी रही आरती दयाल ने भी अहम भूमिका निभाई।

इसके अलावा श्वेता ने एसआईटी को बताया कि आईपीएस और आईएएस अफसरों की डिमांड पर कॉलेज की छात्राओं को उनके पास भेजा जाता था। इन अधिकारियों में कई तो उन छात्राओं की पिता की उम्र के बराबर थे। श्वेता ने मोनिका यादव नाम की छात्रा का भी नाम लिया। 

मोनिका ने एसआईटी को बताया कि श्वेता ने उसे नामी कॉलेज में दाखिला करवाने में मदद के नाम पर ऐसा करने के लिए कहा था। श्वेता के बड़े अफसरों से खास संबंध थे। मुझे विश्वास दिलाने के लिए वह मंत्रालय भी लेकर गई थी। जहां उसने सचिव स्तर के तीन आईएएस अफसरों से मिलवाया। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि श्वेता ने मोनिका को लग्जरी कार ऑडी भी इंदौर-भोपाल आने जाने के लिए दी थी।

एसआईटी को लेकर एमपी पुलिस में खींचतान, आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी

हनीट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी को लेकर एमपी पुलिस के स्पेशल डीजी साइबर क्राइम और एसटीएफ पुरुषोत्तम शर्मा ने खुलकर प्रदेश पुलिस के मुखिया वीके सिंह पर निशाना साधा था। उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा था कि जांच के लिए गठित एसआईटी के सुपरविजन से डीजीपी को हटाया जाए। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए सरकार ने उनका तबादला कर संचालक, लोक अभियोजन संचालनालय बना दिया है।

एसआईटी की नजर कई अधिकारियों पर

हनीट्रैप मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की नजर मध्यप्रदेश के कई आईएएस अफसरों पर है। इनमें से एक अधिकारी आरोपी के घर भी देखे गए थे। माना जा रहा है कि टीम जल्द ही उनसे सवाल-जवाब कर सकती है।

वीडियो बनाने के लिए आरोपियों ने लिपस्टिक और चश्मों को बनाया था हथियार

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में पकड़ी गईं आरोपियों ने अश्लील वीडियो तैयार करने के लिए स्वदेशी तरीकों से लिपस्टिक, चश्मों और यहां तक सामान्य मोबाइल में छिपाए गए कैमरों का इस्तेमाल किया था। इसी कारण उनके वीडियो बनाने का कभी किसी को शक नहीं हुआ।

इन सभी के कब्जे से हाईप्रोफाइल लोगों की सैकड़ों आपत्तिजनक वीडियो क्लिप बरामद की गई थीं। इंदौर की एसएसपी रुचि वर्द्धन मिश्रा ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मीडिया को इनके पास से स्पाई कैमरे भी बरामद होने की जानकारी दी थी, लेकिन इन कैमरों का ब्योरा अभी तक नहीं दिया गया था।

 मामले की जांच से जुड़े सूत्रों ने इन स्पाई कैमरों का ब्योरा दिया। हालांकि इसकी पुष्टि करने के लिए मिश्रा या उनके साथ जांच में सहयोग कर रहे क्राइम ब्रांच के अपर पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र सिंह से संपर्क के प्रयास रविवार को सफल नहीं हो सके।

गाजियाबाद में सायबर सेल के फ्लैट पर भी बवाल

मध्यप्रदेश पुलिस की सायबर सेल ने गाजियाबाद के पॉश इलाके में बिना सरकारी मंजूरी के फ्लैट ले रखा था। पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने इस मामले की जानकारी होने के बाद कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को फटकारा था और पूछा था कि इतनी दूर सायबर सेल के लिए फ्लैट लेने का क्या कारण था। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने आनन-फानन में सायबर सेल से फ्लैट खाली करवा लिया।

सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश पुलिस की सायबर सेल ने सरकारी कामकाज के नाम पर दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले के एक पॉश इलाके में किराये का फ्लैट लिया हुआ था। जांच शुरू हई तो सवाल उठा कि फ्लैट दिल्ली से दूर वो भी बिना शासकीय अनुमति के क्यों लिया गया।

आरोपी महिला ने काटी कलाई, पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

मामले की एक आरोपी महिला ने पुलिस हिरासत में कांच से कलाई काटने का प्रयास किया। पीड़िता के वकील ने पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी मुवक्किल द्वारा यह कदम उठाने का आरोप लगाया है। लेकिन, जिला अभियोजन अधिकारी ने किसी भी महिला के घायल होने से इनकार करते हुए इसे दबाव बनाने की रणनीति करार दिया है। 

रिमांड पूरी होने के बाद जेल भेजे गए आरोपी

पुलिस ने रिमांड पूरा होने के बाद श्वेता स्वप्निल जैन (48), श्वेता विजय जैन (39), आरती दयाल (29), मोनिका यादव (19) और बरखा सोनी (34) को मंगलवार को जुडिशियिल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (जेएमएफसी) मनीष भट्ट की अदालत में पेश किया था।

अदालत ने पांचों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत के बाहर श्वेता विजय जैन के वकील धर्मेंद्र गुर्जर ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उनकी मुवक्किल के साथ बुरी तरह मारपीट की है।

हालांकि जिला अभियोजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख ने वकील के आरोपों को झूठा करार दिया। शेख ने कहा कि पुलिस रिमांड के दौरान किसी भी आरोपी को शारीरिक तौर पर टार्चर नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पांचों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद अदालत के सामने पेश किया गया है। 

सीमा पार से बौखलाहट भारत में दे सकती हैं आतंकवादी हमले को अंजाम- अमेरिका

वॉशिंगटन, । संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंगलवार को कई देशों को जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर नजर रखने को कहा। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जे को खत्म करने के बाद पाकिस्तानी आतंकवादी भारत में आतंकवादी हमले शुरू कर सकते हैं। पाकिस्तान इनपर लगाम नहीं कसता तो। बता दें कि भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से Article 370 को हटा दिया गया है।

यह कदम राज्य में विकास करने के लिए जरूरी था। हालांकि, भारत के इस कदम से पाकिस्तान को झटका लगा है, क्योंकि पाकिस्तान कश्मीर में भारत के खिलाफ जहर उगलता था। अब भारत ने यह विशेष दर्जा समाप्त पर जम्मू-कश्मीर को भी बाकी राज्यों की तरह एक शासन के अंदर काम करने वाला राज्य बना दिया है। 

पाकिस्तान, चीन और कश्मीर

वाशिंगटन के दर्शकों से बात करते हुए इंडो पैसिफिक सिक्योरिटी अफेयर्स के सहायक सचिव रक्षा रान्डेल श्राइवर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि कई लोगों को चिंता है कि पाकिस्तान कश्मीर के फैसलों के परिणामस्वरूप सीमा पार गतिविधियों का संचालन कर सकता है।’ वहीं इससे अलग उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि चीन इस तरह के किसी संघर्ष को चाहता है और ना ही उसका समर्थन करेगा।

श्राइवर ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के चीन के समर्थन पर एक सवाल के जवाब में कहा था कि भारत ने जम्मू और कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 और 35A को रद्द कर दिया है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कश्मीर पर चीन, पाकिस्तान का समर्थन करेगा, यह डिप्लोमैटिक और राजनीतिक समर्थन होगा।

पेंटागन के एक शीर्ष अधिकारी ने कश्मीर के मामले पर कहा कि मैं इसे मामले को ज्यादा अधिक बढ़ता हुआ नहीं देखता। हालांकि, इस दौरान उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (चीनी) अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का समर्थन किया है। इस बारे में कुछ चर्चा है कि कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र में ले जाया जाएगा या नहीं, पर चीन इसका समर्थन करेगा।’

श्राइवर ने कहा कि चीन के पाकिस्तान के साथ लंबे समय से संबंध हैं और भारत के साथ उनकी बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। भारत चीन के साथ एक स्थिर संबंध चाहता है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की चल रही यात्रा का उल्लेख करते हुए, श्राइवर ने कहा कि अमेरिका उनके साथ परामर्श कर रहा है। उन्होंने कहा, हमने चीन के साथ संबंधों के बारे में बात की है। वे(भारत) चीन के साथ एक स्थिर संबंध चाहते हैं, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि वहां(भारत और चीन) चिंता और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इसलिए मुझे लगता है कि कश्मीर के मामले पर चीन पाकिस्तान की ओर झुक गया है।

मीनाक्षी लेखी ने कश्मीर पर बात करते हुए कहा, अगर ढील दी गई तो पूर्व मुख्यमंत्रियों की हो जाएगी लिंचिंग

हैदराबाद, । जम्मू-कश्मीर पर आए दिन कुछ ना कुछ बयान आते रहते है। जहां अब इस पर भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने टिप्पणी की है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता उनसे इतनी गुस्सा है कि अगर कश्मीर में थोड़ी सी भी ढील दी गई तो वहां के पहले शासकों की लोग मिलकर उनकी लिंचिंग कर देंगे। 

लेखी फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन (एफएलओ) द्वारा एक कार्यक्रम के मौके पर मीडिया से बात करते हुए कहती है, जम्मू-कश्मीर में जनता कुछ राजनीतिक परिवारों के भ्रष्टाचार से गुस्सा है कि अगर कर्फ्यू में थोड़ी सी भी ढील दी गई तो लोग पूर्व मुख्यमंत्रियों की लिंचिंग कर देंगे। हालांकि, उन्होंने कश्मीर में कर्फ्यू की स्थिति का बचाव किया और कहा कि सब सामान्य है, कोई कर्फ्यू नहीं लगा।

उन्होंने इंटरनेट पर पाबंदी को सही बताते हुए कहा कि फेक चीजों को रोकने के लिए यह जरूरी था। लेखी ने बिना किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘…. मुझे यकीन है कि जो लोग इन तीन परिवारों के कार्यों से निराश हैं, राजनीतिक गतिशीलता और उनके द्वारा शासन से नाराज थे, अगर प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं, तो वे शायद सड़कों पर उतर आएंगे और लिंचिंग कर देंगे। राज्य में उन लोगों ने गलत किया है।

लेखी ने बताया कि जम्मू और कश्मीर में हिंदुओं और कई अन्य लोगों सहित अल्पसंख्यकों के अधिकारों को प्रभावित किया गया था जबकि जम्मू और कश्मीर में Article 370 के कारण कई योजनाओं को लागू नहीं किया जा सका था, जिसे हाल ही में रद्द कर दिया गया था। वहीं, उनसे आप सरकार द्वारा दिल्ली की जनता को कई नई योजनाओं के तहत फायदा पहुंचाने पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे चुनावी हथकंडे बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता बहुत चालाक हैं और वे कोई ऐसे व्यक्ति नहीं हैं, जिन्हें ऐसी योजनाओं से लुभाया जा सके।

देश को खुले में शौच मुक्त घोषित करेंगे PM मोदी, क्या है हकीकत?

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी आज गुजरात जाएंगे. पीएम मोदी आज देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित करेंगे. पीएम मोदी जहां एक तरफ देश के खुले में शौच मुक्त होने का ऐलान करेंगे तो वहीं दूसरी तरफ देश की राजधानी दिल्ली में आज भी कई लोग हों जो खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं. महिलाओं को रोज सुबह 4:00 बजे उठकर रेलवे ट्रैक पर या जंगलों में जाकर शौच करना पड़ता है. इतना ही नहीं स्कूली बच्चे भी खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं. आजतक ने राजधानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के शौच मुक्त होने के हकीकत का जायजा लिया. जो तस्वीरें जो सामने आईं वह काफी शर्मनाक हैं.

सबसे पहले हम पहुंचे साउथ दिल्ली के बारापूला फ्लाईओवर के पास बनी सेवानगर बस्ती में. इस बस्ती में तकरीबन सौ से डेढ़ सौ परिवार रहते हैं. यहां का एक पूरा परिवार पुल के नीचे बने रेलवे ट्रैक पर सुबह के वक्त शौच करने जाता है. रेलवे ट्रैक पर सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं और बच्चे भी सुबह के वक्त ट्रेनों की आवाजाही के बीच शौच करते हैं. बस्ती में रहने वाले सुरेश से हमने बात की. उन्होंने बताया कि वह पिछले 10 सालों से इस बस्ती में रहते हैं लेकिन किसी भी नेता या अधिकारी ने उनकी इस तकलीफ के बारे में गौर ही नहीं किया. यही वजह है कि उनको मजबूरी में रेलवे ट्रैक पर शौच करने जाना पड़ता है.

वहीं महिलाओं के लिए यह परेशानी तब बढ़ जाती है जब उनको सुबह 4:00 बजे उठकर जंगलों में या फिर रेलवे ट्रैक के पास शौच करने जाना पड़ता है. बस्ती में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि उन्हें रोज सुबह अपने बच्चों को लेकर रेलवे ट्रैक के पास जंगलों में शौच के लिए जाना पड़ता है. इसकी वजह से आए दिन उनके साथ छेड़छाड़ की घटनाएं भी होती हैं लेकिन मजबूरी के चलते उनको रोजाना इसी तरह से खुले में शौच करने जाना पड़ता है.

निजामुद्दीन के पास बसी मद्रास कॉलोनी का बुरा हाल

वहीं साउथ दिल्ली के निजामुद्दीन के पास में बसी मद्रास कॉलोनी में भी ऐसा ही हाल है. इस कॉलोनी में लगभग 400 परिवार रहते हैं. 40 साल पुरानी इस बस्ती में भी लोग शौच करने के लिए रेलवे ट्रैक पर जाते हैं. इलाके के लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले एक पब्लिक टॉयलेट चुनावों से पहले लगाया गया था लेकिन चुनाव बाद वह भी हटा लिया गया. ऐसे में महिलाओं को और बुजुर्गों को भी सुबह-सुबह रेलवे ट्रैक पर जाकर खुले में शौच करना पड़ता है.

बस्ती में स्कूली बच्चे 10:00 बजे के बाद शौच करने नहीं जाते क्योंकि उन्हें और उनके माता-पिता को डर है कि कभी उनके बच्चे किसी हादसे का शिकार ना हो जाएं. जब हमने स्कूली बच्चों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वह रोजाना या तो सुबह 4:00 बजे उठकर रेलवे ट्रैक पर शौच करने जाते हैं या फिर अपने स्कूल में ही वह शौच करते हैं. लोगों का यह भी कहना है कि जो भी नेता उनके इलाके में टॉयलेट बनवा देगा वह उसी को वोट दे देंगे.

लालबहादुर शास्त्री वो प़धानमंत्री बैंंक लोन से कार खरीदी

लाल बहादुर शास्त्री जयंती:  2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए राष्ट्रीय गौरव का दिन है. आज ही के दिन देश की दो बड़ी शख्सियतों का जन्मदिन है. आज जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है तो वहीं जय जवान जय किसान का नारा देने वाले लोकप्रिय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती आज ही है. आज ही के दिन साल 1904 में उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में उनका जन्म हुआ था. बाद में वह आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने. नेहरू के निधन के बाद प्रधानमंत्री पद की दौड़ में लाल बहादुर शास्त्री और मोरारजी देसाई का नाम सबसे आगे था, लेकिन शात्री प्रधानमंत्री बने. उनके जिंदगी के कई किस्से प्रचलित है. ऐसा ही एक किस्सा है उनके कार से जुड़ा हुआ है. दरअसल उन्होंने कभी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से कार खरीदने के लिए लोन लिया था. बाद में उनकी पत्नी ने वह लोन चुकाया था.

आज उनकी जयंती पर आइए जानते हैं क्या है वह दिलचस्प कहानी ?

यह किस्सा उस वक्त का है जब वह देश के प्रधानमंत्री बन गए थे. उस वक्त उनके पास कोई कार नहीं थी. ऐसे में परिवार के सदस्यों ने उन्हें कार खरीदने का आग्रह किया. बहुत सोच-विचार करने के बाद उन्होंने अपने सचिव को बुलाया और फिएट कार की कीमत पता करने के लिए कहा. सचिव ने कार की कीमत 12000 रुपए बताई.

कार की कीमत 12 हजार थी लेकिन उस वक्त शास्त्री के पास केवल 7 हजार रुपये ही थे. कार खरीदने के लिए उन्होंने उस वक्त पांच हजार रुपये पंजाब नेशनल बेंक से लोन लिया था. लोन लेने के दौरान एक और दिलचस्प वाकया हुआ. लाल बहादुर शास्त्री को लोन बैंक से पास करवाने में सिर्फ आधे घंटे लगे. लाल बहादुर शास्त्री ने तुरंत कहा कि देश के लोगों को भी लोन लेने में इतना ही समय लगना चाहिए.

नहीं लौटा पाए थे लोन

11 जनवरी 1966 को उज्बेकिस्तान के ताशकंत में जब शास्त्री जी का निधन हुआ उस वक्त तक पंजाब नेशनल बैंक का लोन वह नही चुका पाए थे. इसके बाद बैंक ने उनकी पत्नी ललिता शास्त्री को लोन को लेकर खत लिखा, जिसके बाद ललिता शास्त्री ने अपने पेंशन में पैसे कटाकर उस कार का लोन चुकाया था.

लाल बहादुर शास्त्री का परिवार

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 मुगलसराय में हुआ था. उन्होंने काशी विद्यापीठ से अपनी पढ़ाई पूरी की. 1928 में उनका विवाह ललिता से हुआ. उनके कुल 6 बच्चे हुए. दो बेटियां-कुसुम और सुमन. चार बेटे-हरिकृष्ण, अनिल, सुनील और अशोक. उनके दो बेटों का निधन हो चुका है. अनिल शास्त्री और सुनील शास्त्री अपनी राजनीति में सक्रिय हैं. अनिल शास्त्री कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता हैं और सुनील शास्त्री बीजेपी में हैं. उनके नाती आदर्श शास्त्री आम आदमी पार्टी के नेता है.

आज से सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगी क्या है इतिहास

नई दिल्ली:  आज से देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लग गया है. आज से सिंगल-यूज प्लास्टिक से बनने वाले प्रोडक्ट्स जैसे प्लास्टिक बैग स्ट्रॉ, कप्स, प्लेट, बोतल और शीट्स सब प्रतिबंधित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 तक भारत को सिंगल-यूज प्लास्टिक से फ्री करने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने इस साल लाल किले से अपने भाषण में देशवासियों से सिंगल-यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने की अपील की थी. इस को पूर्ण रूप से प्रतिबंध करने के लिए पीएम मोदी ने गांधी जयंती का दिन चुना था. अब जब देशभर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लग गया है तो ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर इस प्लास्टिक का इतिहास क्या है. साथ ही इसके जनक के बारे में भी आज हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं.

क्या है प्लास्टिक का इतिहास और कौन है इसके जनक

आज समूचे विश्व में पर्यावरण की क्या हालत है यह किसी से छिपी हुई बात नहीं है. प्लास्टिक और पॉलीथीन ने वातावरण में जहर घोल दिया है. आज जो प्लास्टिक लोगों के जीवन के लिए नासूर बन गया है उसके अविष्कार को सदी गुजर गए. इसका मकसद लोगों की ज़िंदगी को आसान बनाना था. प्लास्टिक के जनक लियो बैकलैंड हैं, जिन्होंने 43 साल की उम्र में फिनॉल और फार्मल डीहाइड नामक रसायनों पर प्रयोग के दौरान एक नए पदार्थ की खोज की. उन्होंने अपने प्रयोग के दौरान पहला कम लागत वाला कृत्रिम रेसिन बनाया जो दुनिभार में अपनी जगह बनाने वाला प्लास्टिक बना. इसका नाम बैकलाइट रखा गया.

बैकलाइट प्लास्टिक बनते ही पूरी दुनिया के बाजारों में आ गया. बीसवीं सदी के पहले तीस सालों के अंदर ही यह पूरी दुनिया में मशहूर हो गया. इसकी जमकर बिक्री शुरू हो गई. इससे लियो को काफी धन मिला. उनकी स्थिति अब पहले जैसी नहीं थी. इसके बाद हर जगह उनकी चर्चा इस अविष्कार के लिए होनी लगी. साल 1924 में मशहूर टाइम मैगजीन ने लियो की तस्वीर छापी. उनकी तस्वीर पहले पेज पर छपी थी.लियो की तस्वीर के नीचे लिखा था-न जलेगा और न पिघलेगा. इसके बाद देखते-देखते प्लास्टिक दुनिया भर में विकास का एक हिस्सा हो गया.

भारत में प्लास्टिक 60 के दशक में आया. प्लास्टिक आने के बाद से ही इसके अच्छे या बुरे परिणाम को लेकर बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों का हमेशा से यह तर्क रहा है कि प्लास्टिक कागज और लकड़ी का सबसे उत्तम विकल्प है इसलिए वे इसे इको फ्रैंडली मानते हैं.

कितना खकरनाक है प्लास्टिक

प्लास्टिक सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए काफी नुकसानदायक है. इसके बनने से लेकर इस्तेमाल होने तक यह काफी बुरा प्रभाव छोड़ता है. दरअसल प्लास्टिक का निर्माण पेट्रोलियम से प्राप्त रसायनों के होता है और ऐसा माना जाता है कि इससे निकली जहरिली गैस सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होती है. साथ ही प्लास्टिक पानी को भी प्रदुषित करता है. इससे उत्पादन के दौरान व्यर्थ पदार्थ निकलकर जल स्रोतों में मिलकर जल प्रदूषण का कारण बनते हैं. इसके अलावा गौरतलब तथ्य यह भी है कि इसका उत्पादन ज्यादातर लघु उद्योग क्षेत्र में होता है जहां गुणवत्ता नियमों का पालन नहीं हो पाता.

कौन हैं प्लास्टिक के जनक लियो बैकलैंड और कैसे किया अविष्कार ?

प्लास्टिक के जनक लियो बैकलैंड काफी गरीब परिवार से थे. उनके पिताजी जूतों की मरम्मत करते थे, वहीं मां घर-घर काम करती थी. लियो बैकलैंड काफी होनहार छात्र थे. पहले उनके परिवार ने उन्हें घर पर ही पढ़ने के लिए प्रेरित किया. फिर बाद में उन्हें महज 20 साल की उम्र में घेंट यूनिवर्सिटी में पीएच.डी. करने के लिए छात्रवृति मिली.

बैकलैंड की असली कहानी तब शुरू हुई, जब वह अमेरिका आये और न्यूयॉर्क में हडसन नदी के किनारे पर एक घर खरीदा. इस घर में समय बिताने के लिये उन्होंने एक प्रयोगशाला (लैब) बनाई थी, जहां पर 1907 में उन्होंने रसायनों के साथ समय बिताते हुए प्लास्टिक का अविष्कार किया था. प्लास्टिक का अविष्कार करने के बाद 11 जुलाई, 1907 को एक जर्नल में लिखे अपने लेख में बैकलैंड ने लिखा, ‘अगर मैं गलत नहीं हूं तो मेरा ये अविष्कार (बैकेलाइट) एक नए भविष्य की रचना करेगा.’

बैकलैंड असल में इलेक्ट्रिक मोटरों और जेनरेटरों में तारों की कोटिंग के लिये एक ऐसे पदार्थ की खोज कर रहे थे तो प्राकृतिक रूप से कीटों से प्राप्त पदार्थ लाख (गोंद जैसा एक चिपचिपा द्रव जो सूखने पर किसी भी सतह पर चिपककर पपड़ी तैयार कर देता है) का स्थान ले सके. बैकलैंड ने अपनी खोज 1907 में शुरू की और फिनॉल व फॉर्मेल्डिहाइड के मिश्रण से लाख जैसा चिपचिपा द्रव तैयार कर लिया. गर्म करने पर यह द्रव पिघल जाता था और ठंडा होने पर सख्त हो जाता था. शुरुआती प्रयोगों के तीन साल बाद 1912 में बैकलैंड ने अपने आविष्कार की घोषणा की और इसका नामकरण बैकेलाइट किया गया.

भारत एक हिंदु राष्ट्र है मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि संघ को किसी भी विचारधारा में नहीं बांधा जा सकता है. संघ किसी भी विचार में विश्वास नहीं करता है और उसे किसी भी पुस्तक से दर्शाया जा सकता है. जिसमें संघ के दूसरे प्रमुख एम एस गोलवलकर की किताब भी शामिल है. उन्होंने कहा, ‘संघ का मुख्य मूल्य यह है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता है.’

मोहन भागवत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की छात्र विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रमुख सुनील अम्बेकर की नई किताब के विमोचन के मौके पर यह बात कही. 

संघ को किसी विचारधारा में नहीं बांध सकते

मोहन भागवत ने कहा, ‘संघ की विचारधारा के रूप में कुछ भी कहना या वर्णन करना गलत है. संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने कभी नहीं कहा कि वे संघ को पूरी तरह से समझ सकते हैं. इतने लंबे समय तक सरसंघचालक होने के बावजूद गुरु जी ने कहा कि मैं शायद संघ को समझने लगा हूं.’

संघ प्रमुख ने पुस्तक के विमोचन के दौरान एक सांस में हनुमान, शिवाजी और आरएसएस संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार का नाम लिया. भागवत ने अपने संबोधन में आरएसएस को उदारवादी चेहरे के रूप में पेश करते हुए संघ के भीतर असंतोष पनपने के महत्व पर जोर दिया.

बीजेपी से मतभेद पर क्या बोले

एबीवीपी के प्रमुख सुनील अम्बेकर की नई किताब के विमोचन के मौके पर उन्होंने कहा, “हमारे यहां मतभेद हो सकते हैं लेकिन मनभेद नहीं.” उन्होंने कहा कि ऐसा जरूरी नहीं है कि आरएसएस से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का किसी खास मुद्दे पर संघ के समान ही विचार हो. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मोहन भागवत ने यहां तक कहा कि बीजेपी के साथ मतभेद होना आम बात है. लेकिन आरएसएस बहस में नहीं, बल्कि सहमति तक पहुंचने में विश्वास करता है.

किताबों पर प्रतिबंध में भरोसा नहीं

मोहन भागवत ने कहा, “आरएसएस पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाने में विश्वास नहीं करता, कोई भी हमारे बारे में बोल सकता है. हम भले ही दृष्टिकोण से सहमत हो या ना हों, आरएसएस प्रतिबंध के लिए कभी नहीं कहता.” उन्होंने आरएसएस के वरिष्ठ कार्यकर्ता और किताब के लेखक अम्बेकर की तारीफ करते हुए कहा कि यह पुस्तक संघ के बारे में दुनिया को बताने का एक ईमानदार प्रयास है.

इमरान खान ने किया पाकिस्तान को आर्थिक तौर पर कंगाल

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान  इन दिनों हर जगह कश्मीर का राग अलाप रहे हैं. कश्मीर से आर्टिकल 370  हटाए जाने के मुद्दे पर पहले ही अलग-थलग पड़ चुके इमरान खान अब अपने देश में भी आलोचनाओं का शिकार हो रहे हैं. दरअसल पाकिस्तान के हालात पर करीबी नजर डालें तो प्रतीत होता है कि इमरान खान ने गरीबी से जूझ रहे देश को और कंगाल बन दिया है. इमरान ने अगस्त 2018 में पाकिस्तान की सत्ता संभाली थी और इकॉनमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद से पाकिस्तान की हालत और भी खराब हो गई है.

इकॉनमिक ग्रोथ

पाकिस्तान की इकॉनमिक ग्रोथ  5.5 फीसदी से गिरकर 3.3 फीसदी पर पहुंच गई है. अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले साल ये 2.4 फीसदी तक पहुंच सकता है.

रुपये में गिरावट

पाकिस्तानी रुपये भी लगातार गिरावट आ रही है. पिछले साल अगस्त में एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपये की कीमत 122 रुपये थी, लेकिन अब ये 156 रुपये पर पहुंच गया है. जानकारों का कहना है कि इसमें और गिरावट दर्ज हो सकती है.

महंगाई दर

इमरान खान के पीएम बनने के बाद मंहगाई दर में भी भारी इज़ाफा हुआ है. पिछले साल महंगाई दर 3.9 फीसदी थी जो अब बढ़कर 7.3 फीसदी पर पहुंच गया है. कहा जा रहा है कि ये अगले साल 13 फीसदी तक पहुंच सकता है.
FDI का हाल

इस साल जुलाई अप्रैल के बीच विदेशी निवेश में 51.7 फीसदी की कमी आई है. विदेशी प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में भी 64.3 फीसदी की गिरावट आई है.

6 लाख करोड़ का कर्ज

देश को चलाने के लिए पाकिस्तान लगातार कर्ज ले रहा है. मार्च 2019 तक पाकिस्तान पर 85 बिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपये में 6 लाख करोड़ से ज़्यादा कर कर्ज है. पाकिस्तान ने पश्चिमी यूरोप और मध्य पूर्व के देशों से भारी भरकम कर्ज ले रखा है. पाकिस्तान को सबसे कर्ज चीन ने दिया है. इसके अलावा पाकिस्तान ने कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से लोन ले रखा है