•••••••••••• लावण्या एग्जीबिशन मे डिजाइनरो अपने कलेक्शन प्रेजेंट किये. ➖➖➖➖➖➖➖➖

इन्दोर।लावण्या एग्जीबिशन, होटल सायाजी मे 30सितंबर एवं 1अक्टुबर को लगी.इस एग्जीबिशन मे अनेक शहरों के डिजाइनरो ने अपनी डिजाईन प्रजेंट किये.दो दिन मे पारम्परिक,वेस्टर्न डिजाईनो को पसंद किया.

एग्जीबिशन मे बनारसी, पटोला साडियां अंग्रेजी कलर्वनिंग गाउँस,18 वी सदी के राजवाडों के रेशमी वस्त्रो पर किया वाला अंगूर जंगला वर्क ओर स्टाइलिश वनपीस,धोती सारीज,डेप सारीज, जम्प शूट सारीज नये एकसपेरिमेन्ट गल्र्स ने पंसद किये.महिलाओ ने अनेक डिजाइन पसंद किये.
आयोजिका अनुप्रिया बिदसारिया अनेक बार एग्जीबिशन लगा चुकी है.देश भर की डिजाईनर हमेशा हिस्सेदारी निभाने आती है.यह श्रेष्ठ एग्जीबिशन लगाती है.लावण्या मेग्जीन का प्रकाशन भी करती है.

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भूपेन्द्र विकल.
9669848501
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PM मोदी ने बताया- MLA बनने तक मेरे खाते में नहीं था एक पैसा

पीएम मोदी ने ये बातें इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आपका बैंक आपके द्वार) की शुरुआत करते हुए कही. उन्होंने बताया, ‘देना बैंक ने एक गुल्लक मुझे भी दी, लेकिन मेरा गुल्लक हमेशा खाली रहता था.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने शनिवार को कहा कि विधायक बनने से पहले तक उनके पास कोई ऑपरेशनल बैंक खाता (जिसमें लेनदेन होता हो) नहीं था ,क्योंकि उनके पास कभी ज्यादा पैसा आया ही नहीं. मोदी ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि बताया कि उन दिनों किस तरह देना बैंक एक योजना लाई थी, जिसके तहत छात्रों को गुल्लक दी जाती थी. उनका खाता खोलाभी जाता था.

पीएम मोदी ने ये बातें इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आपका बैंक आपके द्वार) की शुरुआत करते हुए कही. उन्होंने बताया, ‘देना बैंक ने एक गुल्लक मुझे भी दी, लेकिन मेरा गुल्लक हमेशा खाली रहता था. बाद में मैंने गांव छोड़ दिया. बैंक खाता चलता रहा और अधिकारियों को उसे हर साल आगे बढ़ाना पड़ता था. बैंक अधिकारी खाता बंद करने के लिए मेरी तलाश में थे.’

पीएम मोदी ने बताया कि कैसे 32 साल बाद बैंक अधिकारियों ने उन्हें ढूंढ़ निकाला और खाता बंद करने के लिए संपर्क किया. मोदी ने बताया, ‘32 वर्ष बाद उन्हें पता चला कि मैं किसी खास जगह पर हूं. फिर बैंक अधिकारी वहां आए और कहा, प्लीज साइन कीजिए. हमें आपका खाता बंद करना है.’

गुजरात में विधायक बनने के बाद मिला वेतन

पीएम ने बताया, ‘जब वह गुजरात में विधायक बने. उन्हें वेतन मिलना शुरू हुआ. इसलिए बैंक खाता खुलवाना पड़ा. मोदी ने कहा, ‘…इससे पहले कोई कामकाज वाला खाता नहीं था.’

3 लाख डाकियों को कवर करेगा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक सर्विस

बता दें कि पीएम मोदी ने शनिवार को इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक सर्विस लॉन्च की. इसका स्कीम का मकसद करीब तीन लाख डाकियों और ‘ग्रामीण डाक सेवक’ और डाकघर की शाखाओं के व्यापक तंत्र का उपयोग करके आम आदमी के दरवाजे तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना है. इस दौरान स्थानीय समूहों के साथ डाकियों के भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जनता का सरकार पर से विश्वास डगमगा सकता है, लेकिन डाकिए से नहीं.

पीएम मोदी ने कहा, ‘दशकों पहले जब डाकिये एक गांव से दूसरे गांव जाता था, तो डकैत और लुटेरे कभी पेास्टमैन पर कभी हमला नहीं करते थे, क्योंकि वे जानते थे कि वह शायद वो पैसे ले कर जा रहा है, जो किसी बेटे ने गांव में रहने वाली अपनी मां के लिए भेजे हैं.’

कैसे खुलेगा खाता?

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के लिए ऑनलाइन ऐप डाउनलोड कर भी खाता खोला जा सकता है. इसमें एक मिनट से कम का समय लगेगा. लेकिन 12 महीने के भीतर आपको पोस्ट ऑफिस या फिर चेक पोइंट में अपने डॉक्युमेंट जमा कराने होंगे.

हनी ट्रेप मामला सभी आरोपी महिला 14 अक्टोबर तक जेल भेजीं

इंदौर मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में इंदौर कोर्ट ने पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पांचों की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने इनका मेडिकल कराया और कोर्ट में पेश किया गया। यहां जज ने सभी आरोपियों को 14 अक्टूबर तक जेल भेजने का फैसला सुनाया। बताया जा रहा है कि एक आरोपी महिला ने कोर्ट में पेशी के वक्त पुलिस टीम पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।मंगलवार सुबह इंदौर के एमवाय अस्पताल में मेडिकल के बाद सभी आरोपियों को जज मनीष भट्ट की कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने सभी को 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। इससे पहले सोमवार को एसआईटी ने तीन आरोपी श्वेता स्वप्निल और श्वेता विजय के साथ बरखा के लिए भोपाल कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मांगी थी।

पुलिस रिमांड खत्म होने पर मिली जेल
एसआईटी ने कोर्ट के सामने हवाला दिया था कि तीनों आरोपियों की पुलिस रिमांड सोमवार को खत्म हो गई। हालांकि आखिरी दिन पूछताछ के दौरान पुलिस को अहम जानकारी मिली है जिसके चलते एसआईटी आरोपियों को इंदौर कोर्ट में पेश नहीं कर पाई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के लिए मंगलवार दोपहर एक बजे तक के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी थी जिस पर कोर्ट ने सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक की रिमांड मंजूर की थी।

14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में
भोपाल कोर्ट के आदेश के बाद तीनों आरोपियों को इंदौर की अदालत में पेश किया गया। वहीं बाकी दोनों आरोपी आरती दयाल और 18 साल की युवती को भी पुलिस रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया। यहां कोर्ट ने पांचों को 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

दो दिन हुई सघन पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों से पिछले दो दिन तक गहराई से सवाल पूछे गए और सोमवार रात उनकी पूछताछ से पुलिस को उनकी रिमांड बढ़ाने का फैसले लेने में मदद मिलेगी। मामले की अन्य दो आरोपी 18 साल की युवती और आरती दयाल की पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म हो रही है। तीनों महिलाओं के खिलाफ मानव तस्करी का केस दर्ज कर मामला सीआईडी भोपाल को ट्रांसफर कर दिया गया है।

चुनाव के दौरान अपने सेक्स टेप से बेचैन थे नेता
उधर, देश का सबसे बड़ा ‘सेक्स स्कैंडल’ माने जा रहे मध्य प्रदेश के हनी ट्रैप कांड में नया खुलासा हुआ है। हनी ट्रैप की आरोपियों ने सेक्स विडियो का इस्तेमाल सिर्फ जाल में फंसे नेताओं, अधिकारियों को ब्लैकमेल करने के लिए नहीं किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान नेताओं के सेक्स विडियो को मुंहमांगी कीमत पर उनके विरोधी दलों के नेताओं को बेचने की भी कोशिश हुई थी।

आरोपियों को लगता था कि नेताओं के अश्लील विडियो के लिए उनके प्रतिद्वंद्वी मुंहमांगी कीमत देने के लिए तैयार हो जाएंगे ताकि संबंधित नेताओं की छवि खराब कर राजनीतिक फायदा लिया जा सके। लेन-देन को लेकर हनी ट्रैप कांड की 2 आरोपियों की कांग्रेस और बीजेपी के कुछ नेताओं से कई दौर की बातचीत भी हुई लेकिन पैसों को लेकर सौदेबाजी अटक गई।

SC/ST एक्ट: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की बात मानी, अब फिर से पहले की तरह तुरंत होगी गिरफ्तारी


नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) ने एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Ac) मामले में केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका को स्वीकार कर लिया है. अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने फैसले को पलट दिया है. यानी इस एक्ट के तहत अब पहले की तरह ही शिकायत के बाद तुरंत गिरफ्तारी हो सकेगी. बता दें कि 20 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट में बदलाव करते हुए तुरंत गिरफ्तारी पर रोक हटा दी थी. उस वक्त सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पहले जांच होगी और फिर गिरप्तारी होगी.

न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने केन्द्र सरकार की पुनर्विचार याचिका पर ये फैसला सुनाया. पीठ ने कहा कि समानता के लिये अनुसूचित जाति और जनजातियों का संघर्ष देश में अभी खत्म नहीं हुआ है. पीठ ने कहा कि समाज में अभी भी ये वर्ग के लोग छुआछूत और अभद्रता का सामना सामना कर रहे हैं और वे बहिष्कृत जीवन गुजारते हैं.

शीर्ष अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15 के तहत अनुसूचित जाति और जनजातियों के लोगों को संरक्षण प्राप्त है, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ भेदभाव हो रहा है. इस कानून के प्रावधानों के दुरूपयोग और झूठे मामले दायर करने के मुद्दे पर न्यायालय ने कहा कि ये जाति व्यवस्था की वजह से नहीं, बल्कि मानवीय विफलता का नतीजा है.

SBI ने खाते में न्यूनतम राशि की सीमा घटाई, फ्री ATM ट्रांजैक्शन की सीमा निर्धारित


मुंबई: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में अगर आपका बैंक अकाउंट है तो ये खबर आपके लिए है. एसबीआई ने अब खाते में मिनिमम अकाउंट बैलेंस रखने की जरूरी सीमा को घटा दिया है. इसके तहत महानगरों और बड़े शहरों में मिनिमम अकाउंट बैलेंस की सीमा 3 हजार रुपए कर दी गई है पहले यह सीमा 5 रुपए की थी. अगर अकाउंट होल्डर इतनी राशि अपने खाते में नहीं रखते हैं तो फाइन वसूला जाएगा. ये नए नियम आज से लागू हो गए हैं.

महानगरों में इतना लगेगा फाइन 

फाइन की वसूली तीन तरह से की जाएगी. महानगरों में अगर किसी व्यक्ति के खाते में न्यूनतम अकाउंट बैलेंस से 50 फीसदी तक कम राशि है तो जीएसटी के साथ 10 रुपए का जुर्माना लिया जाएगा. खाते में मिनिमम बैलेंस से 50 से 75 फीसदी के बीच में राशि की कमी है तो जीएसटी के साथ 12 रुपए का जुर्माना लगेगा. वहीं, मिनिमम बैलेंस की तुलना में अगर खाते में 75 फीसदी से कम राशि है तो जीएसटी के साथ 15 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.

सेमी-अर्बन सिटी के लिए नियम

सेमी-अर्बन सिटी में एसबीआई बैंक अकाउंट है तो खाते में कम से कम 2 हजार की राशि रखनी होगी. इससे कम राशि खाते में रखने पर जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माने की रकम तीन तरीके से ली जाएगी. अगर खाते में न्यूनतम बैंक बैलेंस से 50 फीसदी तक कम राशि है तो जीएसटी के साथ 7.5 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा. न्यूनतम राशि में अगर 50-75 फीसदी की कमी है तो जीएसटी के साथ 10 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा. वहीं, खाते में अगर मिनिमम बैंक बैलेंस की तुलना में 75 फीसदी से कम राशि है तो जीएसटी के साथ 12 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा.

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नियम

ग्रामीण क्षेत्रों में एसबीआई बैंक अकाउंट में कम से कम एक हजार रुपए रखने होंगे. अगर कोई खाता धारक इतनी रकम अपने खाते में नहीं रखते हैं तो उनसे जुर्माना वसूला जाएगा. खाते में न्यूनतम राशि में अगर 50 फीसदी तक की कमी है तो जीएसटी के साथ 5 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा. न्यूनतम राशि की तुलना में मिनिमम बैंक बैलेंस 50-75 फीसदी कम रहने पर जीएसटी के साथ 7.5 रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा.

इन अकाउंट पर मिनिमम बैंक बैलेंस का नियम नहीं होगा लागू

सेविंग बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर जहां जुर्माना लिया जाता है वहीं, सैलरी अकाउंट, बेसिक सेविंग डिपॉजिट अकाउंट और जनधन खाते पर मिनिमम राशि रखने की कोई बाध्यता नहीं है.

एटीएम ट्रांजैक्शन के बदले नियम 

एसबीआई ने एटीएम से पैसे निकालने के नियम में बदलाव किया है. अब महानगरों में लोग एसबीआई एटीएम से 10 बार फ्री में ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. अभी ये नियम सिर्फ 6 ट्रांजैक्शन का है. वहीं अन्य जगहों पर अधिकतम 12 बार फ्री ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा. बता दें कि सैलरी बैंक अकाउंट से फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की कोई सीमा नहीं है.

एसबीआई बैंक ब्रांच से नकद निकासी

खाते में राशि 25 हजार तक- 2 नकद निकासी फ्री
खाते में राशि 25 से 50 हजार तक- 10 नकद निकासी फ्री
खाते में राशि 50 हजार से एक लाख तक- 15 नकद निकासी फ्री
खाते में राशि एक लाख से अधिक- अनगिनत नकद निकासी फ्री

आज से ड्राईविंग लॉयसेंस बनवाने के नियम बदल जायेंगे.

नई दिल्ली: देश में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद ट्रैफिक नियमों में कई सारे बदलाव हुए हैं. आज यानी 1 अक्टूबर से कुछ नियम और बदल रहे हैं. इन नियमों के बदलने का सीधा असर आप पर भी होगा इसलिए इन बदले हुए नियमों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.

आपको बता दें कि आज से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का नियम बदल जाएगा और आपको अपना पुराना लाइसेंस अपडेट करना होगा. यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी. इस नियम के बाद ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) एक ही रंग का हो जाएगा. इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी में माइक्रोचिप के अलावा क्यूआर कोड भी दिए जाएंगे.

क्यूआर कोड होने की वजह से कोई भी अपना पिछला रिकॉर्ड छुपा नहीं सकेगा. जानकारी के मुताबिक इन क्यूआर कोड को रीड करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हैंडी ट्रैकिंग डिवाइस उपलब्ध कराया जाएगा. इन नए बदलावों के चलते सरकार अब से वाहनों और ड्राइवरों का ऑनलाइन डाटाबेस भी तैयार कर सकेगी.

अभी तक जो नियम था उसके मुताबिक देश के हर राज्य में अलग-अलग ड्राइविंग लाइसेंस होता है. लेकिन नए नियम के आने से पूरे देश में डीएल एक जैसा हो जाएगा. अब से न सिर्फ डीएल और आरसी का रंग एक जैसा होगा, बल्कि उनकी प्रिटिंग भी एक जैसी ही हो जाएगी. सरकार ने इसके लिए पहले ही अधिसूचना जारी कर दी थी.

अर्थव्यवस्था को लेकर सुब़मण्यम स्वामी ने फिर मोदी को चेताया सच सुनने की आदत डालें

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दी है कि उन्हें अप्रिय सच्चाई सुनने का स्वभाव विकसित करना चाहिये और यदि वह अर्थव्यवस्था को संकट से बाहर निकालना चाहते हैं तो उन्हें अपनी सरकार के अर्थशास्त्रियों को ‘‘डराना’’ बंद करना चाहिये।

स्वामी ने कहा, ‘‘जिस तरह से मोदी सरकार चला रहे हैं उस तौर तरीके में बहुत कम लोग ही तय सोच के दायरे से बाहर निकल सकते हैं। उन्हें लोगों को इसके लिये प्रोत्साहित करना चाहिये कि वे उनके सामने कह सकें कि नहीं यह नहीं हो सकता है। लेकिन मुझे लगता है कि वह अभी इस तरह की सोच विकसित नहीं कर पाये हैं।’’ सत्ताधारी दल के राज्यसभा सदस्य की तरफ से ये टिप्पणियां ऐसे समय आईं हैं जब देश की आर्थिक वृद्धि छह साल के निम्न स्तर पांच प्रतिशत पर आ गई है और सरकार इस सुस्ती से बाहर निकलने के लिये कई गैर- परंपरागत उपाय कर रही है। सरकार ने हाल ही में कंपनियों के लिये कर दर में बड़ी कटौती की है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने अर्थव्यवस्था में मौजूदा संकट के लिये नोटबंदी को भी दोषी ठहराया है। इस मामले में उन्होंने खासतौर से रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इन्होंने वास्तविक मुद्दों को नहीं उठाया और न ही ठीक से तैयारी की। इसके साथ ही उन्होंने माल एवं सेवाकर (जीएसटी) को जल्दबाजी में लागू करने को भी अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति के लिये जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च वृद्धि के लिये कौन सी नीतियों की जरूरत है सरकार उसे नहीं समझ पाई हैं।

गुना_शिवपुरी लोकसभा सांसद के पी यादव ने स्वास्थय सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये जनता से सुझाव मांगे हैं.


ग्वालियर  गुना_शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र में स्वास्थ सेवाओं को लेकर स्थानीय सांसद के पी यादव ने आम जनता से अपने सुझाव मांगे हैं.
गत माह सांसद के पी यादव ने शिवपुरी अस्पताल का दौरा किया था, उन्होंने स्वयं अपनी आंखों से जिला चिकित्सालय की हालत देखी थी. अव्यवस्थाओॆ को लेकर उन्होंने जिला प़शासन  और अस्पताल प़शासन को जो सुधार के निर्देश दिये थे उन पर कतई अमल नहीं हुआ है.
स्वास्थ सेवाओं  में मुख्य समस्या यही है कि चिकित्सालयों नें पदस्थ डॉक्टर अपनी सेवायें पूरी ईमानदारी से नहीं निर्वाह करते, ग़ामीण अंचलों में डॉक्टर या तो हैं ही नहीं और हैं तो गायब रहते. मरीजों को मिलने वाली दवाओं की कालाबाजारी, छोटी छोटी जांचों के लिये मरीज को इधर उधर भागना आम बातें हैं.
हमारे सांसद स्वास्थ सेवाओं को दुरस्त करना चाहते हैं तो जनता को भी उनको सहयोग करना चाहिये.
जनता अपने सुझाव इस नंबर पर व्हाटसएप कर सकती है नंबर है.
*9285207875. और मेल आई डी से  अगर सुझाव भेजना चाहें तो आई डी है.
Mpgunaofficial@gmail.com
अशोकनगर जनसंपर्क कार्यालय को भी जनता अपने सुझाव 7 अक्टोंबर तक पत्र के माध्यम  से भेज सकती है पता है.
#जनसंपर्क कार्यालय  न्यू विदिशा वॉयपास रोड़. ,सिद्धि विनायक कॉलोनी के सामने अशोकनगर.

अगर आप अपने क्षेत्र के विकास में सहयोग करना चाहते हैं तो आपको जनता में प़िय होते सांसद के पी यादव का कंधा से कंधा मिलातर साथ देना होगा,  जिससे जनता क्षेत्र में क्या चाहती है हमारे व्यवहार कुशल जनप़तिनिधि के माध्यम से देश के लोकप़िय प़धानमंत्री तक पहुंचे और  सालों से पिछड़े इस क्षेत्र का विकास तेजी से हो सके.

सत्येंद़ सिंह रघुवंशी
चीफ एडीटर, द न्यूज लाईट
मयूर नगर, ग्वालियर.