शिवपुरी जिले में संवाददाता नियुक्त करना है.

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अगर आप भ्रष्टाचार से परेशान हैं या प्रशासनिक लोगों के भ्रष्टाचारियों को उजागर करना चाहते हैं तो द न्यूज़ लाइट चैनल आपका साथ देगी आप हमसे संपर्क करिए चैनल आपकी पूर्ण मदद करेगी
***संपादक करुणेश शर्मा ****द न्यूज़ लाइट चैनल शिवपुरी*
मोबाइल नंबर 6264 80 63 98
संवाददाता नियुक्त करना है .तहसीलों में द न्यूज़ लाइट चैनल शिवपुरी जिले के तहसीलों में जैसे कोलारस पिछोर खनियाधाना करेरा नरवर मगरोनी पोहरी इत्यादि तहसीलों में संवाददाता नियुक्त करना चाहती है इच्छुक व्यक्ति अपने बायोडाटा सहित संपादक करुणेश शर्मा शिवपुरी से मोबाइल नंबर 6264 80 6398 पर संपर्क कर सकते हैं.

पाकिस्तान: कराची-रावलपिंडी एक्सप्रेस में धमाका, 73 लोगों की मौत, 3 बोगियां खाक

पाकिस्तान में गुरुवार को कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस ट्रेन में धमाका हो गया. यह हादसा पंजाब प्रांत के दक्षिण में रहीम यार खान के पास हुआ. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किए गए गैस कनस्तर में धमाका हुआ. धमाके के बाद तीन बोगियों में आग लग गई. इस हादसे में 73 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं.

घायलों को मुल्तान के बीवीएच बहावलपुर और पाकिस्तान-इटालियन मॉडर्न बर्न सेंटर में भर्ती कराया गया है. रहीम यार खान के उपायुक्त जमील अहमद की देखरेख में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.

चलती ट्रेन से लोगों ने लगाई छलांग

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह इस धमाके में पहले इकॉनमी क्लास की 2 बोगियों में आग लगी वहीं एक बिजनेस क्लास में आग लग गई. घायलों को नजीदीकी अस्पताल के लिए भर्ती कराया गया है.घटनास्थल पर रेस्क्यू टीम पहुंची है. जान बचाने के लिए कई लोग चलती ट्रेन में से नीचे कूद भी गए.

सिलेंडर विस्फोट से लगी आग

पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद ने कहा कि आग एक सिलेंडर विस्फोट के कारण लगी, जब सुबह यात्री अपने नाश्ते की तैयारी कर रहे थे. कई लोगों ने ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई. ट्रेन कराची से रावलपिंडी तक जा रही थी. रेल मंत्री राशिद ने कहा कि क्षतिग्रस्त ट्रैक को दो घंटे के भीतर चालू कर दिया जाएगा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को घायलों कोबेहतरीन चिकित्सा मुहैया कराने का निर्देश दिया. उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की.

दिग्विजय सिंह के भरोसे के अधिकारी राजेश बहुगुणा बने आबकारी आयुक्त

भोपाल। कमलनाथ सरकार ने आखिर आबकारी आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव को हटाने का फैसला कर लिया है। आबकारी आयुक्त की कुर्सी दिग्विजय सिंह के भरोसे के ओएसडी रहे राजेश बहुगुणा को सौंपी जा रही है।
रजनीश श्रीवास्तव को शिवराज सिंह चौहान ने आबकारी आयुक्त बनाया था। पिछले लंबे समय से मुख्यमंत्री कमलनाथ पर उन्हें हटाने का दबाव था। पिछले दिनों आबकारी अधिकारी आलोक खरे के यहां पड़े छापे में ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जो रजनीश श्रीवास्तव को कटघरे में खड़ा करते हैं। संभवत: यही कारण है कि कमलनाथ सरकार ने रजनीश श्रीवास्तव को आबकारी आयुक्त के पद से हटाने का निर्णय लिया है। प्रमोटी आईएएस राजेश बहुगुणा को दिग्विजय सिंह का खास माना जाता है। बताया जाता है कि उन्हें नया आबकारी आयुक्त बनाया जा रहा है। इसके अधिकारीक आदेश शीघ्र निकलने की संभावना है।

कंगाल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की ‘बैसाखी’ बना चीन, पाक को ‘बेस्ट’ इकोनॉमी बनाने की तैयारी!

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा के बाद चीन की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। चीन ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को लेकर भारत पर निशाना साधते हुए कहा है कि कुछ सदस्य देश अपने एजेंडा लागू कराने के लिए FATF का राजनीतिकरण कर रहे हैं। वहीं चीन के इस रुख से स्पष्ट है कि वह इतनी जल्दी पाकिस्तान का हाथ छोड़ने वाला नहीं है और उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में लगा हुआ है।

चीन ने बेकार की कोशिशें

चीनी विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के उप महानिदेशक याओ वेन ने कहा कि चीन नहीं चाहता कि कोई अकेला देश FATF का राजनीतिकरण करे। लेकिन कुछ देश पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट में डालना चाहते हैं। उनके अपने राजनीतिक एजेंडे है, जिनका चीन विरोध करता है। याओ ने कहा कि चीन के चलते उनकी पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करने की कोशिशें बेकार साबित हुईं।

भारत पर साधा निशाना

याओ का कहना है कि हमने भारत और अमेरिका दोनों को स्पष्ट कर दिया है कि चीन इस मुहिम में उनके साथ नहीं है, क्योंकि यह FATF के उद्देश्यों से बाहर है। याओ के मुताबिक एफएटीएफ किसी देश को काली सूची में डालने के लिए नहीं है, बल्कि आतंक में इस्तेमाल हो रही फंडिंग के खिलाफ है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान प्रभावी तरीके से राष्ट्रीय कार्ययोजना पर काम क रहा है और चीन आतंक के खिलाफ कार्रवाई के लिए उसे प्रोत्साहित कर रहा है।

पाक के पास है फरवरी 2020 का वक्त

इसी महीने पेरिस में अक्टूबर में हुई बैठक में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को चार महीने का वक्त दिया है, और फरवरी 2020 तक अपनी सभी 27 कार्य योजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए कहा है। ऐसा न होने पर अगले पूर्ण सत्र में काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में नाम डालने को लेकर चेताया है। पाकिस्तान को जून 2018 में ‘ग्रे सूची’ में रखा गया था और 27 सूत्रीय कार्ययोजना को लागू करने के लिए उसे 15 महीने का समय दिया गया था।

चीन ने स्वीकारा, भारत से हैं मतभेद

याओ वेन ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर अथॉरिटी की तैयारियों को लेकर पाकिस्तान की सराहना भी की। वहीं चीनी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर याओ का कहना था कि चीन और पाकिस्तान के बीच मजबूत रिश्तों पर इस तरह के दौरों का कोई असर नहीं पड़ता। याओ ने यह भी कहा कि चीन और पाकिस्तान के बीच पारस्परिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं, जबकि भारत के साथ ऐसा नहीं है, क्योंकि भारत के साथ कई मुद्दों पर मतभेद हैं। याओ के मुताबिक भारत को पाकिस्तान की तरफ से पहले ही बताया जा चुका है कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता है, और कश्मीर के शांतिपूर्वक समाधान के पक्ष में है।

कश्मीर को बताया विवादास्पद क्षेत्र

वहीं कश्मीर पर रुख को लेकर याओ ने कहा कि चीन पहले से ही स्पष्ट है कि वह कश्मीर को विवादास्पद क्षेत्र मानता है और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सुरक्षा परिषद के संकल्प के मुताबिक हल करने की जरूरत है। साथ ही चीन, कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर भारत की एकतरफा कार्रवाई का समर्थन नहीं करता है और इसके शांतिपूर्ण समाधान के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। हालांकि चीन के वरिष्ठ नेता कश्मीर को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक बयानबाजी से बचते रहे हैं, लेकिन कई चीनी अधिकारी ऐसे बयानों के जरिये चीन का नजरिया सामने रखते रहे हैं।

दो समूह रख रहे हैं निगरानी

वहीं पाकिस्तान को भी लग रहा है कि अगर उसे ग्रे लिस्ट से बाहर रहना है तो चीन की नीतियों का पालन करना पड़ेगा। एफएटीएफ के दबाव और चीनी नीतियों के चलते ही पिछली 23 अक्टूबर को पाकिस्तान के वित्त मामलों के मंत्री हमद अजहर ने कहा कि आतंक के खिलाफ टैरर फंडिंग के 700 से ज्यादा संदेहास्पद मामले प्रक्रिया में हैं और जल्द ही उनपर न्यायिक फैसला आएगा। पाकिस्तान को जनवरी 2020 तक अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) को 27 सूत्रीय कार्ययोजना की कार्यवाही पर अपनी रिपोर्ट देनी है। पाकिस्तान अकेला ऐसा देश है, जिसकी निगरानी एफएटीएफ के दो स्थानीय समूह एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) और इंटरनेशनल कोआपरेशन रिव्यू ग्रुप की टास्क फोर्स कर रही है। एपीजी ने पाकिस्तान को 40 सिफारिशें, जबकि आईसीआरजी ने 27 कार्ययोजना पर काम करने की सलाह दी है।

कंगाल पाक को दे रहा है मदद

वहीं आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की माली हालत को सुधारने के लिए चीन पुरजोर कोशिश कर रहा है। चीन को भी लगता है कि अगर एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट किया तो उसकी कई निवेश योजनाओं पर खतरा मंडरा सकता है और उसकी सबसे महत्वाकांक्षी सीपीईसी परियोजना का काम अटक सकता है। जिसके चलते वह पाकिस्तान को आर्थिक संकट से उबारने में जुट गया है। चीन सीपीईसी के अलावा पाकिस्तान में एक करोड़ डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है। साथ ही, चीन ने पाकिस्तान से निर्यात किए जाने वाले 90 फीसदी उत्पादों पर शून्य शुल्क वसूलने का एलान किया है। जिसके बदले पाकिस्तान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाले 60 अरब डॉलर के ग्वादर बंदरगाह और इसके फ्री जोन पर चीनी ऑपरेटर्स को 23 साल के लिए सेल्स टैक्स और कस्टम ड्यूटी में छूट देने का एलान किया है।  

पाक में बिजनेस करना आसान!

ये चीन के प्रयासों का ही असर है कि इस महीने के आखिर में जारी वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग रिपोर्ट में पाकिस्तान की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। पाकिस्तान की रैंकिंग सुधर कर 108वें स्थान पर पहुंच गई है, जो पिछले साल 136 के मुकाबले 28 स्थान ऊपर है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अपनी अर्थव्यवस्था में छह अहम आर्थिक सुधार किये हैं, जिसका प्रभाव उसकी रैंकिंग पर पड़ा है। हालांकि भारत के मुकाबले पाकिस्तान कहीं भी नहीं ठहरता है क्योंकि भारत का स्थान 63वां है और पहले मुकाबले 12 अंकों का सुधार हुआ है। पाक सरकार ने वैल्यू एडेड टैक्स के साथ कारपोरेट इनकम टैक्स में कटौती का एलान किया था। साथ ही बिजली दरों में पारदर्शिता के साथ लाहौर और कराची में नए आवेदकों के लिए ऑनलाइन पोर्टल के साथ प्रोजेक्ट पूरा करने के लिये समय-सीमा तय की गई है।

ईओडब्ल्यू के एडीजी अफजल की हालत गंभीर

भोपाल। मध्यप्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एसएम अफजल की बुधवार शाम अचानक तबियत खराब होने पर उन्हें बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पहले बताया गया कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ है, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें ट्यूमर है। 
1990 बेच के आईपीएस अधिकारी सैयद मोहम्मद अफजल वर्तमान में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में एडीशनल डीजी के पद पर पदस्थ हैं। सूत्रों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जाता है कि गुरुवार को उन्हें एयर एंबुलेंस से मुंबई शिफ्ट किया जाएगा।

बदल गया इतिहास, आज से देश में 28 राज्य और 9 केंद़ शासित प़देश जम्मू कशमीर ,लद्दाख केंद़ शासित

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और लद्दाख (Ladakh) केंद्र शासित प्रदेशों के नए उपराज्यपाल (एलजी) गिरीश चंद्र मुर्मू (Girish Chandra Murmu) और आर के माथुर (RK Mathur) गुरुवार को पदभार ग्रहण करेंगे.

नई दिल्ली/श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बुधवार मध्यरात्रि को समाप्त हो गया और इसके साथ ही दो नए केंद्रशासित प्रदेश (Union Territories) जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) लद्दाख (Ladakh) अस्तित्व में आ गए. अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष दर्जे को संसद द्वारा समाप्त किए जाने के 86 दिन बाद ये निर्णय प्रभावी हुआ है.

गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी. देर रात जारी अधिसूचना में, मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर संभाग ने प्रदेश में केंद्रीय कानूनों को लागू करने समेत कई कदमों की घोषणा की. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों की अगुवाई उपराज्यपाल (एलजी) गिरीश चंद्र मुर्मू और आर के माथुर करेंगे. वे आज पदभार ग्रहण करेंगे.

आज सुबह शपथग्रहण समारोह

ये पहली बार होगा जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में तब्दील किया गया है. इस सिलसिले में श्रीनगर और लेह में दो अलग-अलग शपथग्रहण समारोहों का आयोजन किया जाएगा. पहला समारोह लेह में होगा जहां माथुर शपथ लेंगे और बाद में श्रीनगर में शपथग्रहण समारोह होगा जिसमें मुर्मू पदभार ग्रहण करेंगे. जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल, मुर्मू और माथुर दोनों को शपथ दिलाएंगी.

अब 9 केंद्रशासित प्रदेश

इसके साथ ही देश में राज्यों की संख्या 28 रह गई और केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर नौ हो गई. इसी के साथ जम्मू-कश्मीर के संविधान और रणबीर दंड संहिता का आज से अस्तित्व खत्म हो जाएगा जब राष्ट्र पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाने के लिए ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मनाएगा. पटेल को भारत संघ में 560 से अधिक राज्यों का विलय करने का श्रेय जाता है.

अगस्त में हुआ था ऐलान

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 कहता है कि दो केंद्रशासित प्रदेशों के गठन का दिन 31 अक्टूबर है और ये मध्यरात्रि (बुधवार-बृहस्पतिवार) को अस्तित्व में आएंगे. राज्य के विशेष दर्जे को खत्म करने और इसके विभाजन की घोषणा पांच अगस्त को राज्यसभा में की गई थी.

क्या होगा बदलाव

कानून के मुताबिक संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पुडुचेरी की तरह ही विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख चंडीगढ़ की तर्ज पर बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश होगा. बृहस्पतिवार को केंद्रशासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होगा, जबकि भूमि वहां की निर्वाचित सरकार के अधीन होगी. लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में होगा.

पुण्यतिथि पर विशेष: इंदिरा गांधी को लगी थीं 28 गोलियां, कुछ ऐसा बीता था हत्या से पहले उनका 1-1 मिनट


28 राउंड गोलियां चलाई गई थीं इंदिरा गांधी पर, काफी बिजी शेड्यूल था उनका उस दिन

नई दिल्ली: हिंदुस्तान के इतिहास में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को आयरन लेडी तो सरदार वल्लभ भाई पटेल को आयरन मैन के नाम से जाना जाता है। आज इंदिरा गांधी की 35. वीं पुण्यतिथी है तो वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल की 142वीं जयंती है। इंदिरा गांधी की हत्या 31 अक्टूबर 1984 को हुई थी। आज तक इंदिरा गांधी की हत्या पर से पर्दा नहीं उठ पाया है।

इंदिरा गांधी का आखिरी दिन
31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की गोली मारकर हत्या की गई थी। इससे पहले इस दिन इंदिरा गांधी का काफी व्यस्त कार्यक्रम था। इस दिन उनका पहला अप्वाइंटमेंट पीटर उस्तीनोव के साथ था जो उन पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे थे। दोपहर में उन्हें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री जेम्स कैलेघन और मिजोरम के एक नेता से मिलना था और शाम मे ब्रिटेन की राजकुमारी ऐन को भोज देने वाली थीं।
इंदिरा गांधी इस दिन सुबह साढ़े सात बजे तक तैयार हो गईं थी। उस दिन उन्होंने केसरिया रंग की साड़ी पहनी थी, जिसका बॉर्डर काला था। नाश्ते के बाद उनके डॉक्टर केपी माथुर उनके रूटीन चेकअप के लिए पहुंचे। वह उन्हें रोज इसी समय देखते थे।
नौ बजकर 10 मिनट पर वह बाहर आईं।

उन्हें धूप से बचाने के लिए सिपाही नारायण सिंह काला छाता लिए हुए उनके बगल में चल रहे थे। कुछ कदम की दूरी पर आरके धवन और उनके भी पीछे थे इंदिरा गांधी के निजी सेवक नाथू राम। सबसे पीछे थे उनके निजी सुरक्षा अधिकारी सब इंस्पेक्टर रामेश्वर दयाल।

जब इंदिरा गांधी एक अकबर रोड को जोडऩे वाले गेट पर पहुंची तो वो धवन से बात कर रही थीं, साथ में आरके धवन थे। अचानक वहां तैनात सुरक्षाकर्मी बेअंत सिंह ने अपनी रिवॉल्वर निकालकर इंदिरा गांधी पर फायर कर दिया। गोली उनके पेट में लगी। इंदिरा ने चेहरा बचाने के लिए अपना दाहिना हाथ उठाया, लेकिन तभी बेअंत ने बिल्कुल प्वॉइंट ब्लैंक रेंज से दो और फायर किए। ये गोलियां उनकी बगल, सीने और कमर में घुस गईं।

वहां से पांच फुट की दूरी पर सतवंत सिंह अपनी टॉमसन ऑटोमैटिक कारबाइन के साथ खड़ा था। इंदिरा गांधी को गिरते हुए देख वो इतनी दहशत में आ गया कि अपनी जगह से हिला तक नहीं। तभी बेअंत ने उसे चिल्ला कर कहा गोली चलाओ। सतवंत ने तुरंत अपनी ऑटोमैटिक कारबाइन की सभी पच्चीस गोलियां इंदिरा गांधी पर दाग दी।

सबसे पहले सबसे पीछे चल रहे रामेश्वर दयाल ने आगे दौडऩा शुरू किया, लेकिन वो इंदिरा गांधी तक पहुंच पाते कि सतवंत की चलाई गोलियां उनकी जांघ और पैर में लगीं और वो वहीं ढेर हो गए। उसी समय बेअंत सिंह और सतवंत सिंह दोनों ने अपने हथियार नीचे डाल दिए।

वहां हर समय एक एंबुलेंस खड़ी रहती थी, लेकिन उस दिन उसका ड्राइवर उस वक्त नहीं था। इंदिरा के राजनीतिक सलाहकार माखनलाल फोतेदार ने चिल्लाकर कार निकालने के लिए कहा।

वहीं गोलियों की आवाज सुनकर सोनिया गांधी मम्मी-मम्मी चिल्लाती हुईं बाहर आईं। इंदिरा गांधी की हालत देखकर वह उसी हाल में कार की पीछे की सीट पर बैठ गईं और ख़ून से लथपथ इंदिरा गांधी का सिर अपनी गोद में ले लिया।

कार नौ बजकर 32 मिनट पर एम्स पहुंची। एमरजेंसी वार्ड का गेट खोलने और इंदिरा को कार से उतारने में तीन मिनट लग गए। डॉक्टरों की एक टीम फौरन वहां पहुंची। इस टीम में डॉक्टर गुलेरिया, डॉक्टर एमएम कपूर और डॉक्टर एस बालाराम पहुंच गए। एक डॉक्टर ने उनके मुंह के जरिये उनकी सांस की नली में एक ट्यूब घुसाई, ताकि फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंच सके और दिमाग को जिंदा रखा जा सके। उन्हें 80 बोतल ख़ून चढ़ाया गया था जो उनके शरीर की सामान्य ख़ून मात्रा का पांच गुना था। डॉक्टरों ने ईसीजी करने के बाद उन्हें मृत बता दिया, हालांकि उनकी मौत की घोषणा उस वक्त नहीं की गई।

गोली मारे जाने करीब चार घंटे बाद 2 बजकर 23 मिनट पर इंदिरा गांधी को मृत घोषित किया गया। लेकिन सरकारी प्रचार माध्यमों ने इसकी घोषणा शाम छह बजे तक नहीं की।

सरकारी एजेंसियों ने जताई थी आशंका
इंदिरा गांधी की जीवनी लिखने वाले इंदर मल्होत्रा बताते हैं कि ख़ुफिया एजेंसियों ने आशंका प्रकट की थी कि इंदिरा गांधी पर इस तरह का हमला हो सकता है। उन्होंने सिफारिश की थी कि सभी सिख सुरक्षाकर्मियों को उनके निवास स्थान से हटा लिया जाए। लेकिन जब ये फाइल इंदिरा के पास पहुंची तो उन्होंने बहुत ग़ुस्से में उस पर तीन शब्द लिखे, ‘आर नॉट वी सेकुलर? (क्या हम धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं?)

उसके बाद ये तय किया गया कि एक साथ दो सिख सुरक्षाकर्मियों को उनके नजदीक ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा। 31 अक्टूबर के दिन सतवंत सिंह ने बहाना किया कि उनका पेट खराब है, इसलिए उसे शौचालय के नजदीक तैनात किया जाए। इस तरह बेअंत और सतवंत एक साथ तैनात हुए।

एअरपोर्ट से सीधे अपनी मां से मिले मोदी आज जायेंगेे स्टेचू आफ यूनिटी

पिछले साल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का पीएम मोदी ने किया था उद्घाटनराष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है सरदार पटेल का जन्मदिन31 अक्टूबर को देशभर में आयोजित की जाती है रन फॉर यूनिटीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार रात अपने गृहराज्य गुजरात पहुंच गए हैं. वो अहमदाबाद एयरपोर्ट से सीधे अपनी मां हीराबेन से मुलाकात करने और आशीर्वाद लेने पहुंचे. अब पीएम मोदी गांधीनगर स्थित राजभवन में रात गुजारेंगे और 31 अक्टूबर को गुरुवार सुबह 6:30 बजे राजभवन से केवडिया के लिए रवाना होंगे.

पीएम मोदी गुरुवार सुबह 8:00 बजे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचेंगे और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी एकता दिवस परेड में हिस्सा लेंगे और फिर सुबह 10 बजे टेक्नोलॉजी डेमन्स्ट्रेशन साइट का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद दोपहर 12:25 बजे पीएम मोदी टेंट सिटी-1 में आईएएस प्रोबेशनर्स के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इस दौरान वो अधिकारियों से मुलाकात भी करेंगे.

इसके बाद 3:50 बजे पीएम मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और शाम पांच बजे वड़ोदरा के लिए रवाना हो जाएंगे. पीएम मोदी वड़ोदरा एयरपोर्ट से ही दिल्ली के लिए वापसी करेंगे. जब से पीएम मोदी केंद्र की सत्ता में आए हैं, तब से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देशभर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन करते हैं. इसमें काफी संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं. सरदार पटेल की जयंती यानी 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है.

क्या मुंबई को समुद़ निगल जायेगा 2050 तक

मुंबई अब तक कई ऐसी रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं, जिसमें कहा गया है कि समंदर का बढ़ता जलस्तर कई शहरों के लिए खतरा है। लेकिन ताजा रिसर्च रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जितना अब तक अंदाजा लगाया जा रहा था, यह खतरा उससे तीन गुना अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2050 तक दुनिया के कई तटीय शहरों का बड़ा हिस्सा समुद्र में समा जाएगा। इन शहरों में भारत की बिजनस कैपिटल माने जाने वाले मुंबई शहर का नाम भी शुमार है।

न्यू यॉर्क टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस रिसर्च को करने वाले लोगों ने सैटलाइट की रिपोर्ट के आधार पर इसे और सटीक ढंग से मापा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जितना अंदाजा अब तक लगाया जा रहा था, खतरा उससे करीब 3 गुना ज्यादा बड़ा है। इसमें कहा गया है कि दुनिया के तटीय शहरों में करीब 15 करोड़ लोग उन जगहों पर रह रहे हैं, जो सदी के मध्य में समुद्र की लहरों के नीचे होगी।

इन शहरों में जहां सबसे ज्यादा खतरा है, दक्षिणी वियतनाम उनमें सबसे ऊपर है। दक्षिणी वियतनाम की करीब एक चौथाई जनसंख्या करीब 2 करोड़ लोग साल 2050 तक इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। यहां का आर्थिक केंद्र माने जाना वाला शहर हो शी मिन्ह शहर पूरी तरह समुद्र में होगा।

यह रिसर्च न्यू जर्जी की एक साइंस ऑर्गेनाइजेशन क्लाइमेट सेंट्रल ने की है। इस रिसर्च में भविष्य में बढ़ने वाली जनसंख्या को लेकर कोई अनुमान नहीं लगाया गया है।

भारत पर भी यह खतरा कम नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले मुंबई शहर पर भी यह खतरा कम नहीं है। अनुमान के मुताबिक 2050 तक मुंबई शहर देश के नक्शे से लगभग साफ हो जाएगा।

थाईलैंड की बात करें तो रिसर्च के मुताबिक, इस देश की 10 प्रतिशत आबादी ऐसी जगह रहती है जो 2050 तक समुद्र में होगी। जबकि पहले अनुमान में बताया गया था कि इस देश की 1 प्रतिशत जनसंख्या ही प्रभावित होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे प्रभावित होने वाले देशों को इसके लिए तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। जिन देशों को इसमें बढ़ा खतरा बताया गया है, उनमें कई और देश शामिल हैं। इनमें ईरान, चीन और पाकिस्तान को लेकर भी खतरा जताया गया है।