खुले में शौच को लेकर मासूमों की पीट पीटकर की गई हत्या हृदय विदारक हैः यशोधरा राजे सिंधिया.


*राजमाता श्रीमन्त विजयाराजे सिंधिया सेंटर फॉर डेवलपमेन्ट से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार को
शिवपुरी जिले के सिरसौद थाने के अंतर्गत विगत चार दिन पहले खुले में शौच करने को लेकर दबंगों द्वारा लाठी से पीट पीट कर दो मासूमोंं की हत्या कर दी गई थी.
यह घटना सिरसौद थाना क्षेत्र के गांव भावखेड़ी (Bhavkhedi Village) की है. गांव के युवकों हाकिम सिंह यादव ओर रामेश्वर सिंह यादव ने सड़क के किनारे शौच कर रहे 2 बच्चों- 12 वर्षीय रोशनी वाल्मीक (पुत्री कल्ला वाल्मीकि) और 10 वर्षीय अविनाश (पुत्र मनोज वाल्मीकि) को लाठियों से पीट दिया. पिटाई से बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, फौरन उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.
इस घटना की अंतर्राष्ट्रीय मीडिया जगत में भी काफी चर्चा हुई थी और इस क़ूरतम अपराध की हर जगह आलोचना की गई थी.
आज शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने भावखेड़ी जाकर पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होने ट्विटर पर ट्विट कर इस घटना को हृदय विदारक बताया और कहा.
आज शिवपुरी के भावखेड़ी में मृत बच्चो के पीड़ित परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया एवं हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।।
राजमाता श्रीमन्त विजयाराजे सिंधिया सेंटर फॉर डेवलपमेन्ट से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पीड़ित परिवार को आवास स्थापना के लिए प्रदान की .

🌻🌻अब युवा शक्ति एवं प्रियंका गांधी ही बचा सकती हैं कांग्रेस के डूबते जहाज को🍃🍃


[ संपादक करुणेश शर्मा शिवपुरी मध्य प्रदेश की कलम से]

इतिहास गवाह है कि युवा शक्ति ने देश-विदेश की राजनीति में सत्ता में भारी परिवर्तन समय समय पर किए हैं , जिस समय इंदिरा गांधी  ने आपातकाल की घोषणा की थी, उस समय वह पूरे पावर में थीं, सारे विपक्ष को एक तरफ रख कार्य कर रही थीं. उस समय इंदिरा गांधी इस कारण सत्ता से बाहर हुई थीं कि उन को सत्ता से बाहर करने के लिये जयप्रकाश नारायण  ने एक आंदोलन छेड़ा था,  जिसमें युवा शक्ति को लेकर उन्होंने बहुत बड़ा देशव्यापी आंदोलन किया था, उसी आंदोलन से बड़े-बड़े नेताओं का जन्म हुआ था, जो आज सत्ता में काबिज हैं.
युवा की इस ताकत को  संजय गांधी समझ चुके थे, उन्होंने इस युवा शक्ति को संगठित कर
फिर से कांग़ेस को पुनर्जीवित  किया था और 1980 में आमचुनाव में विजय श्री हासिल  की.
इन्हीं युवाओं के दम पर इंदिरा जी व कांग्रेस की सत्ता में फिर से वापसी हुई थी.
प्रियंका गांधी में  वह ऊर्जा है, जो संजय गांधी व श्रीमती इंदिरा गांधी में थी यह एक संयोग ही है कि उनकी शक्ल सूरत इंदिरा गांधी से मिलती है . किंतु उनमें ऊर्जा का भाव अन्य कांग्रेसी नेताओं के अपेक्षा बहुत ज्यादा दिखाई देता है.

प्रियंका गांधी  अपनी इसी ऊर्जा का इस्तेमाल करके युवा शक्ति को अपने साथ लेकर संजय गांधी की तर्ज पर युवाओं को पावर दे सकती हैं जिस प्रकार संजय गांधी ने कांग्रेसमें युवाओं को पूरी पावर दे दी थी .  उसी प्रकार प्रियंका गांधी को भी सिर्फ युवाओं को लेकर आगे चलना होगा.

जिस प्रकार संजय गांधी ने सत्ता में वापसी की थी , उसी प्रकार प्रियंका गांधी युवा वर्ग को साथ लेकर सत्ता में वापसी कर सकती हैं किंतु इसके लिए उनको अथक परिश्रम व अपने मार्गदर्शन में कांग्रेस का संचालन  करना होगा.  युवाओं को एकजुट करने की दरकार देश के कांग्रेसियों को है उस समय के युवा कांग्रेसी नेता जो संजय गांधी लाए थे ,  सोनिया गांधी के आसपास प्रियंका के आसपास दिखाई देते हैं. वह कांग्रेसी नेता अब गुजरे हुए जमाने के नेता बन चुके हैं उन्हें देश की जनता पसंद नहीं करती है .यह प्रियंका गांधी को समझना होगा उन्हें घर विश्राम करवाने की व्यवस्था प्रियंका गांधी ही कर सकती हैं .
जिस प्रकार नरेंद्र मोदी ने परामर्श समिति बनाकर बड़े बुजुर्ग नेताओं को घर बैठा दिया है तभी नरेंद्र मोदी सत्ता के केंद्र बिंदु बन पाए हैं नरेंद्र मोदी की टीम में पुराने सारे नेता बाहर  किए जा चुके हैं , नतीजा सबके सामने हैं. कांग्रेस के इन्हीं पुराने नेताओं ने युवा ***ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्यप़देश में हासिये पर ला खड़ा कर दिया है,*** इससे मध्यप़देश का युवा हताश  हो गया और सारे देश की युवा शक्ति को अच्छा संदेश नहीं गया है.*सचिन पायलट को भी हम इसीक़म में रख सकते हैं.**

इस समय कांग्रेस  वह जहाज है जो डूब चुका है.  देश में कांग़ेस को एक युवा और उर्जावान चेहरे की जरुरत है जिसके मापदंड पर प़ियंका गांधी खरा उतरती हैं और जनता भी उनको सक़िय राजनीति में देखना चाहती है.
देश की युवा शक्ति के मन मस्तिक को केवल प्रियंका गांधी ही परिवर्तन कर कांग़ेस की तरफ मोड़ सकती हैं. इस समय सभी कार्यकर्ताओं के गिरे हुए मनोबल में ऊर्जा का संचार करना बहुत जरुरी होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेशक कामयाब प्रधानमंत्री हैं किंतु आर्थिक मोर्चे पर विफलता सरकार की साफ दिखाई दे रही है. प्रियंका गांधी को  सरकार की इसी कमजोरी का फायदा उठा उग़ आंदोलन छेड़ देना चाहिये.
प्रियंका गांधी आर्थिक मोर्चे पर विफल सरकार के इसी बिंदु पर चोट युवा शक्ति को लेकर करें  और बुजुर्ग कांग़ेस को  विसर्जित करने का समय शायद आ गया  है, तभी कांग्रेस की आने वाले समय में वापसी संभव हो सकती है अन्यथा जहाज तो डूब ही चुका है.
** करुणेश शर्मा**
सरकिट हाउस के पीछे
शिवपुरी
मों 6264806398

########## ***********################

प़ियंका गांधी ने चिन्मयानंद केस मेंं सरकार की आलोचना की

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री चिन्मयानंद मामले में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की रविवार को तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेता के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया गया है और प्रशासन पूर्व केन्द्रीय मंत्री को ‘बचा’ रहा है. 

कानून की एक छात्रा ने चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाया था. बाद में 23 वर्षीय छात्रा को पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोप में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था. उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘महज एक साल पहले शाहजहांपुर के कई प्रशासनिक अधिकारी चिन्मयानंद की आरती उतारते दिखे. मामला अखबारों में उछला था.’

कांग्रेस महासचिव ने लिखा, ‘बलात्कार पीड़िता द्वारा पूरी आपबीती कहने के बावजूद बलात्कार का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, कैसे होता? जब पूरा महकमा गले लगाकर उनका बचाव कर रहा था.’

चिन्मयानंद फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

तीन साल पहले आज के दिन ही सर्जीकल स्ट्राईक की थी सेना ने

नई दिल्ली भारत के इतिहास में 29 सितंबर को आतंकी कैंपों को तबाह करने के लिए उठाए गए कदम के गवाह के रूप में याद किया जाएगा. दरअसल, 18 सितंबर 2016 को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में इंडियन आर्मी के कैंप पर हमला किया था, जिसमें 18 जवान शहीद हो गए थे. इससे देशभर में गुस्से की लहर दौड़ रही थी.

पाकिस्तान मानने को तैयार नहीं था. बस फिर क्या था. भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया और ऐसा कदम उठाया कि न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि पूरी दुनिया देखती रह गई. भारत ने 28-29 सितंबर की रात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक की और उन्हें तबाह कर दिया.

18 सितंबर को जैश-ए-मोहम्मद फिदाइन दस्ते ने भारतीय सेना की 12 ब्रिगेड के एडमिनिस्ट्रेटिव स्टेशन पर हमला किया. हमले में 18 जवान शहीद हो गए. इस दौरान मौके पर मारे गए आतंकियों से जब्त जीपीएस सेट्स से हमलावरों के पाकिस्तान से जुड़े होने का पता चला. उरी आतंकी हमले के बाद पकड़े गए दो स्थानीय गाइड्स ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने हमलावरों को घुसपैठ में मदद की.

उरी आतंकी हमले के तीन दिन बाद यानी 21 सितंबर 2016 को तत्कालीन भारतीय विदेश सचिव एस. जयशंकर ने पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित को समन कर बुलाया. साथ ही उन्हें उरी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के सबूत सौंपे गए. हालांकि, इस्लामाबाद ने इन सबूतों को खारिज कर दिया.

22 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भड़काऊ भाषण में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी को हीरो के तौर पर पेश किया. तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग और डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को जवाबी कार्रवाई के तौर पर सभी सैन्य विकल्पों की जानकारी दी. जब जवाबी कार्रवाई की संभावना के तौर पर भारतीय मीडिया में रिपोर्ट आ रही थी तो पाकिस्तान को भी खतरा महसूस होने लगा.

इस्लामाबाद ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर अपने रडार सिस्टम को सक्रिय कर दिया. साथ ही पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब के नभक्षेत्र पर नजर रखने के लिए एयरबॉर्न-वारनिंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट (स्वीडिश साब 2000) को तैनात कर दिया.

भारत ने पाक को सबक सिखाने की योजना बनाई और 28-29 सितंबर की रात 150 कमांडोज की मदद से सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया. ये पहला मौका था जब आतंकियों के खिलाफ लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार कर सेना ने ऑपरेशन को अंजाम दिया. भारतीय सेना के जवान पूरी प्लानिंग के साथ 28-29 सितंबर की आधी रात पीओके में  3 किलोमीटर अंदर घुसे और आतंकियों के ठिकानों को तहस-नहस कर डाला.

28 सितंबर की आधी रात घड़ी में 12 बज रहे थे. MI 17 हेलिकॉप्टरों के जरिए 150 कमांडोज को LoC के पास उतारा गया. यहां से 4 और 9 पैरा के 25 कमांडोज ने एलओसी पार की और पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया.

कमांडोज ने वहां घुसकर बिना मौका गंवाए आतंकियों पर ग्रेनेड फेंक दिया. अफरा-तफरी फैलते ही स्मोक ग्रेनेड के साथ ताबड़तोड़ फायरिंग की. देखते ही देखते 38 आतंकवादियों को मार गिराया गया. हमले में पाकिस्तानी सेना के 2 जवान भी मारे गए. इस ऑपरेशन में हमारे 2 पैरा कमांडोज भी लैंड माइंस की चपेट में आने से घायल हुए थे. रात साढ़े 12 बजे शुरू हुआ ये ऑपरेशन सुबह साढ़े 4 बजे तक चला. दिल्ली में इस ऑपरेशन पर सेना मुख्यालय से रात भर नजर रखी गई थी

देश के प़धानमंत्री भी रखते हैं नवरात्रि में उपवास

नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. 29 सितंबर से शुरू हुई नवरात्रि 7 अक्टूबर को खत्म होगी. देश भर में माता के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. इन दिनों भक्त कड़े नियमों का पालन करते हुए उपवास रखते हैं. कई लोग फलाहार उपवास रखते हैं तो कुछ निर्जला व्रत भी रखते हैं. ऐसे में हमेशा से ही लोगों में जानने की इच्छा रहती है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नवरात्रि कैसे मनाते हैं. वो किस तरह से उपवास रखते हैं.

पीएम मोदी पिछले 40 वर्षों से दोनों नवरात्रि, चैत्र और शारदीय नवरात्रि पर व्रत रखते हुए आ रहे हैं. पीएम मोदी सिर्फ प्रतिपदा और नवमी को ही उपवास नहीं रखते, बल्कि पूरे नौ दिन उपवास पर रहते हैं, और सख्ती से नियमों का पालन भी करते हैं.

उपवास के दौरान पीएम मोदी सुबह और शाम दोनों समय वे माता की पूजा अर्चना करते हैं. नवमी के साथ नौ दिन के नवरात्र खत्म होने के अगले दिन यानी दशमी तिथि को जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है को पीएम मोदी शस्‍त्र की भी पूजा करते हैं.

मोदी कितनी सख्ती से नियम का पालन करते हैं इसका उदाहरण साल 2014 में सामने आया था तब पीएम मोदी नवरात्रि के समय यानी सितंबर में अमेरिकी दौरे पर गए थे. उस समय अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस में शानदार दावत दी थी. उस समय पीएम मोदी ने ने नियमों का पालन करते हुए सिर्फ नींबू पानी ही पीया था.

शारदीय नवरात्रि की तिथियां-

29 सितंबर 2019 में मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी.
30 सितंबर 2019 में मां बह्मचारिणी की पूजा की जाएगी.
1 अक्‍टूबर 2019 में मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी.
2 अक्‍टूबर 2019 में मां कुष्‍मांडा की पूजा की जाएगी.
3 अक्‍टूबर 2019 में मां स्‍कंदमाता की पूजा की जाएगी.
4 अक्‍टूबर 2019 में मां सरस्‍वती की पूजा की जाएगी.
5 अक्‍टूबर 2019 में मां कात्‍यायनी की पूजा की जाएगी.
6 अक्‍टूबर 2019 में मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी.
7 अक्‍टूबर 2019 में मां महागौरी की पूजा की जाएगी.
8 अक्‍टूबर 2019 में विजयदशमी मनाई जाएगी.