भारतीय नौसेना में शामिल हुआ ‘साइलेंट किलर’ खंडेरी

भारतीय नौसेना (Indian Navy) पिछले कुछ सालों से INS कलवरी का इस्तेमाल कर रही है. INS खंडेरी (INS Khanderi) उसी की अगली पीढ़ी की ताकतवर और अत्याधुनिक पनडुब्बी ह

नई दिल्ली. भारतीय नौसेना (Indian Navy) की पनडुब्बी INS खंडेरी (INS Khanderi) को बेड़े में शामिल कर लिया गया है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने खंडेरी को नौसेना के बेड़े में शामिल किया. इसके निर्माण में पूरे 10 साल का समय लगा. यहां तक पंहुचने के क्रम में ये कई कड़ियों से होकर गुजरा है. जिसमें इंजिनियरों की दिनरात मेहनत और कई फेज की टेस्ट‍िंग शामिल है. ये समंदर में 350 मीटर की गहराई तक गोता लगाने में सक्षम है. इसमें मौजूद परमानेंटली मैग्नेटाइज्ड प्रोपलसन मोटर के कारण ये पनडुब्बी समुद्र में एकदम साइलेंट रहती है और दुश्मनों को इसका पता भी नहीं चल पाता.

 इसलिए रखा गया खंडेरी नाम

खंडेरी का नाम महान मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज के खंडेरी दुर्ग के नाम पर रखा गया है. इस दुर्ग या किले की खासियत यह थी कि यह एक जल दुर्ग था मतलब चारों और पानी से घिरा हुआ इसलिए दुश्‍मन के लिए अभेद्य था.

12 हजार किमी जाने में सक्षम

INS खंडेरी समंदर में पूरे 45 दिन तक रहकर 12 हजार किमी जाने में सक्षम है. इससे पहले कलवरी स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली पनडुब्बी थी. इसके बाद INS खंडेरी के निर्माण की कार्य शुरू हुआ था. भारतीय नौसेना पिछले कुछ सालों से INS कलवरी का इस्तेमाल कर रही है. INS खंडेरी उसी की अगली पीढ़ी की ताकतवर और अत्याधुनिक पनडुब्बी है.

INS खंडेरी समंदर में पूरे 45 दिन तक रहकर 12 हजार किमी जाने में सक्षम है.

बगैर आवाज किए चलती है ये पनडुब्बी

INS खंडेरी की लंबाई लगभग 67.5 मीटर है. इसकी चौड़ाई 12.3 मीटर है. ये समुद्र में 350 मीटर की गहराई तक गोता लगाने सक्षम है. साथ ही ये पानी के अंदर बिल्कुल खामोश रहती है. समंदर की सतह के ऊपर से देखने पर किसी तरह की हलचल का पता लगा पाना कठिन है. INS खंडेरी अपने बेस से 12 हजार किमी की दूरी तक गहरे समुद्र में दौड़ लगा सकता है.

INS खंडेरी की लंबाई लगभग 67.5 मीटर है. इसकी चौड़ाई 12.3 मीटर है.

इसकी रफ्तार है इसकी ताकत

खंडेरी समंदर के भीतर पानी में करीब 20 समुद्री मील और पानी के ऊपर करीब 11 मील की रफ्तार से चलने की क्षमता से लैस है. INS खंडेरी में कुल 360 बैटरियां हैं. इसमें से हर बैटरी का वजन 750 किग्रा है. इसमें स्थित परमानेंटली मैग्नेटाइज्ड प्रोपलसन मोटर की वजह से पनडुब्बी समंदर में एकदम शांत रहती है.

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