**धरती पर इंद्र का अवतार है फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र**

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[संपादक करुणेश शर्मा शिवपुरी मध्य प्रदेश की कलम से]

भारत अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ रहा था. स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में अंग्रेजो के द्वारा दमनकारी चक्र चलाकर भारतीयों को विशेषकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को अंग्रेज कुचल रहे थे , देश महात्मा गांधी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजादी आजादी की लड़ाई लड़ रहा था.
ऐसे समय में दिसंबर 1935 को धर्म सिंह देओल आज के धर्मेंद्र का जन्म हेड मास्टर श्री केवल कृष्ण देव जी के यहां नसरोली पंजाब में हुआ .
धर्मेंद्र जी देओल परिवार में सबसे बड़े बेटे व देओल परिवार की प्रथम संतान हैं , अपने भाई-बहनों में धर्म जी सबसे बड़े पुत्र हैं इस कारण माता पिता ने बड़ी उम्मीदों के साथ  साहनेवाल स्थित प्राइमरी स्कूल में जिसमें स्वयं धर्मेंद्र के पिता हेड मास्टर थे , दाखिला कराया ताकि उनके मार्गदर्शन में बच्चा शिक्षा प्राप्त करें.
घर में अन्य जाट परिवारों की तरह धार्मिक व संस्कारित माहौल घर में था . हम कह सकते हैं कि धर्मेंद्र का जन्म देहात की मजबूत मिट्टी से हुआ .
धर्मेंद्र के पिता अनुशासन प्रिय ईमानदार शिक्षक थे वह चाहते थे कि उनका पुत्र बड़ा होकर कॉलेज का प्रोफेसर बनकर खानदान का नाम रोशन करें .
उम़ की  पहली पायदान पर पैर रखते ही धर्मेंद्र की पढ़ाई में रुचि कम हो गई , किसी प्रकार कॉलेज की पढ़ाई फगवाड़ा में रहकर उन्होंने पूरी की इसी दौरान 19 वर्ष की आयु में उनका विवाह संस्कारी परिवार की पुत्री प्रकाश कौर के साथ हो गया . इस प्रकार पढ़ाई के उपरांत पारिवारिक जवाबदारियाॆ बढ़ चुकी थी. हालांकि संयुक्त परिवार के चलते यह बोझ काफी कम हो जाता है किंतु धर्म जी को अपनी जिम्मेदारी का एहसास था , इस अवधि में धर्मेंद्र जी ने पढ़ाई के दौरान ही अभिनेता दिलीप कुमार की फिल्म फगवाड़ा में देखी यहीं से उनके मन में फिल्म अभिनेता बनने का विचार आया . फिल्मों में जाने का विचार इस हद तक जुनून के रूप में था की मुंबई की ओर जाने वाली फ्रंटियर मेल ट्रेन को वह हसरत भरी नजरों से देखा करते थे , अपने  इंटरव्यू में उन्होंने फ्रंटियर मेल का जिक्र किया है. लुधियाना से मुंबई उस समय यही ट्रेन जाया करती थी धर्मेंद्र ने फैसला किया कि वह मुंबई जाकर फिल्मों में काम करेंगे एवं फिल्मों में दिखाई जाने वाली अप्सराओं से अवश्य मिलेंगे

इस अवधि में एक ट्यूबवेल कंपनी में उन्होंने नौकरी कर ली जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें किंतु दिव्य स्वप्नों ने उन्हें यह नौकरी नहीं करने दी उन्होंने अपने मन की बात अपनी मां व पत्नी को बता दी मां ने सुनकर कहा तेरे पिताजी इजाजत नहीं देंगे वह चाहते हैं कि तू नौकरी कर परिवार का नाम रोशन करें इस अवधि में उनकी पत्नी प्रकाश कौर ने सदैव इन हौसला दिया धर्मेंद्र मन मसोसकर नौकरी करते रहे, किंतु विधाता ने  तो धर्मेंद्र को इंद्र का अवतार बनाकर धरती पर भेजा था.
किंतु दिवा सपनों ने उन्हें ज्यादा दिन तक नौकरी नहीं करने दी.
क्योंकि विधाता को इंद्र के इस अवतार को  फिल्म उद्योग में अप्सराओं के पास भेजना था. इस कारण ऐसे संयोग पैदा हुए कि उसी समय फिल्म फेयर कॉन्टेस्ट का एक विज्ञापन प्रसारित किया गया, जिसे धर्मेंद्र जी ने अपने फोटो के साथ मुंबई चुपचाप भेज दिया इंटरव्यू के लिए बुलाना आया तो वह उसी फ्रंटियर मेल में बैठकर मुंबई जा पहुंचे . इंटरव्यू में सिलेक्ट होने के बाद उन्हें थोड़ा संतोष हुआ कि अब मेरी मंजिल दूर नहीं है.
इतने बड़े कांटेस्ट में जीतने के बाद भी धर्मेंद्र को एक भी फिल्म में काम नहीं मिला था .  कॉन्टेस्ट के निर्माता विमल राय शक्ति सामंत इत्यादि उन्हें काम देने के लिए कह चुके थे , इनमें शायद गुरुदत्त भी शामिल है , किंतु इनकी फिल्में उस समय शुरू नहीं हुई थी. कॉन्टेस्ट में जीतने के बाद भी धर्मेंद्र जी खाली थे उसी पीरियड में अर्जुन हिंगोरानी उनके मित्र ने उन्हें अपनी फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरा में काम करने का अवसर दिया . अर्जुन हिंगोरानी के इस एहसान को धर्मेंद्र जी आज तक मानते हैं
इसी समय से धर्मेंद्र की ख्याति फिल्म उद्योग में खूबसूरत अभिनेता के रूप में हो चुकी थी. इसी अवधि में वह अपने परिवार को साहनेवाल से मुंबई ले आए परिवार के साथ रहकर उन्होंने फिल्मों में तेजी से काम करना शुरू किया.

अपने कैरियर की शुरुआत में ही धर्मेंद्र ने मीना कुमारी ,आशा पारेख ,सायराबानो, वहीदा रहमान ,शर्मिला टैगोर ,नंदा ,मुमताज जैसी टॉक की हीरोइनों के साथ रोमांटिक फिल्में की. शुरुआती दौर में हर हीरोइन धर्मेंद्र के साथ काम करना चाहती थी क्योंकि रोमांटिक लीड में धर्मेंद्र काफी खूबसूरत व चर्चित अभिनेताओं में गिने जाने लगे थे .यह धर्मेंद्र का स्वर्ण में काल रहा है .अब धर्मेंद्र का दिवास्वप्न पूरा हो चुका था वह इंद्र की तरह अप्सराओं के साथ रहकर देश के खूबसूरत कलाकार के रूप में स्थापित हो चुके थे.
लंबा चौड़ा गठे हुए शरीर वाले खूबसूरत और कई विशेषताओं से युक्त धर्मेंद्र फिल्म उद्योग में लवर बॉय के रूप में प्रसिद्ध हो चुके थे . देश में युवतियों में व फिल्म हीरोइनों में उनका क्रेज इंद्र देवता की तरह सर चढ़कर बोल रहा था. इस पीरियड में उन्होंने कई हिट फिल्में फिल्म उद्योग को दीं.  इसी अवधि में फिल्म उद्योग में उन्होंने सहयोग पूर्ण रवैया अपनाते हुए,  अपने यार दोस्तों , रिश्तेदारों को भी फिल्म जगत  में   स्थापित कर दिया,  जो आज करोड़ों के स्वामी बन चुके हैं . इस प्रकार का कार्य कोई देवता ही कर सकता है.
धर्मेंद्र के बारे में यह कहा जाता है कि विधाता ने धर्मेंद्र को बनाकर वह सांचा ही तोड़ दिया है तो अतिशयोक्ति न होगी .इतना सुंदर अभिनेता आज तक इस दुनिया में नहीं आया है . यह कहावत धर्मेंद्र जी के बारे में पूर्ण प्रचलित है.
इस प्रकार के सुंदर अभिनेता को अगर इंद्र का अवतार ना कहें तो क्या कहें . कैरियर के अगले पड़ाव में हेमा मालिनी के साथ उनकी जोड़ी काफी लोकप्रिय हुई हेमा मालिनी ड्रीम गर्ल के रूप में प्रसिद्ध थी . धर्मेंद्र के आकर्षण को
स्वीकार करके उनसे विधिवत विवाह किया.
इसके उपरांत धर्मेंद्र ने सैकड़ों लोकप्रिय हिट फिल्में फिल्म उद्योग को दी इसी अवधि में उन्हें एंग्री इमेज की उपाधि से भी विभूषित किया गया .जनता उन्हें अपना आदर्श अभिनेता मानती है .आज की युवा पीढ़ी में भी धर्मेंद्र का क्रेज देखा गया है , युवा पीढ़ी जब उनकी पुरानी फिल्मों को देखती है तो वह उनकी खूबसूरती व अभिनय की कायल हो जाती है.
हिंदुस्तानी फिल्म उद्योग के लिए धर्मेंद्र एक ईश्वर की देन है , व पूरा देश उन्हें बेहद प्यार करता है आज इस दौर में भी वह सक्रिय भूमिका निभाते हुए देखे जा सकते हैं. धर्मेंद्र जी के जीवन पर उनके पुत्र सनी देओल अगर बायोग्राफी के रूप में एक मूवी का निर्माण करें तो यह फिल्म निश्चित ही सुपर हिट होगी ऐसी आशा है.
(करुणेश शर्मा
खुड़ा,
सरकिट हाउस के पीछे
शिवपुरी मध्यप़देश
मो.6264806398)

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