शिलान्यास / मुख्यमंत्री ने कहा- भोज मेट्रो होगा नाम, विधायक मसूद ने कहा- दादा भाई भोपाल मेट्रो ही रहने दो

भाेपाल.मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यहां एमपी नगर स्थित गायत्री मंदिर के पासमेट्राे रेल प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। शिलान्यास से पहले 11पंडितों नेमुख्यमंत्री से भूमिपूजन कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पट्टिका का अनावरण किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मंत्री पीसी शर्मा, गोविंद सिंह, आरिफ अकीलऔर जयवर्धन सिंह और पूर्व सांसद पीसी शर्मा मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की खासियत बताते हुए कहा कि भोपाल में चलने वाली मेट्रो का नाम भोज मेट्रो होगा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विधायक आरिफ मसूद धन्यवाद भाषण देने उठे। उन्होंने मंच से ही मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि दादा भाई राजा भोज के नाम से कई काम हो रहे हैं, इस प्रोजेक्ट का नाम राजा भोज मेट्रोनहीं, भोपाल मेट्रो ही रहने दिया जाए।

मंच से विधायक के इतना कहते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ मसूद की तरफअसहज नजर से देखने लगे। इधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी ने भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर को कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने का विरोध किया। राहुल ने कहा कि भोपाल में इस प्रोजेक्ट का काम पहले ही शुरू हो गया है। कांग्रेस सरकार जनता को धोखा दे रही है।

राजधानी में चलने वाली मेट्राे रेल जयपुर की मेट्राे रेल जैसी ही हाेगी, लेकिन वहां 6 कोच की मेट्राे चलती है, यहां तीन की मेट्रो चलेगी। शुरुआतभले तीन काेच की ट्रेन से हाेगी, लेकिन यात्रियाें की संख्या बढ़ने पर काेच में इजाफा किया जाएगा। यात्रियाें काे स्टेशन पर ज्यादा इंतजार नहीं करना हाेगा, उन्हें हर पांच मिनट में स्टेशन से मेट्राे रेल मिलेगी। हर स्टेशन पर ट्रेन 30 सेकंड ही रुकेगी।

राजधानी में कुल 27.87 किलाेमीटर के दो रूट एम्स से करोंद (14.99 किमी) व भदभदा से रत्नागिरी (12.88 किमी) पर मेट्राे रेल चलनी हैं, इसमें 6941.4 कराेड़ रुपए की लागत आएगी। मेट्राे रेल कार्पोरेशन के अधिकारियाें का दावा है कि दोनों रूट पर 2023 तक रेल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

हालांकि, यह भी संभावना है कि एम्स से सुभाष नगर फाटक के बीच का हिस्सा पहले चालू कर दिया जाए। इन दोनों स्टेशनों की 6.22 किमी के बीच की दूरी 10 मिनट में पूरी हाेगी। मेट्रो के रूट पर कुल 27 मेट्राे रेल दाैड़ेंगी। हालांकि, शुरुआत8 ट्रेनाें से ही हाेगी। शेष ट्रेनें डेढ़ से दाे साल के भीतर यात्रियाें की संख्या काे देखते हुए बढ़ाई जाएंगी।

अब तक क्या हुआ: मेट्रो के लिए अब तक भोपाल में 278 करोड़ रुपए के टेंडर हो चुके हैं। सॉइल टेस्टिंग और डिजाइन टेस्टिंग का काम हो गया है। जमीन में भार की क्षमता के लिए पाइल टेस्टिंग भी सफल हुई है। तीन स्थानों पर डिजाइन के हिसाब से जमीन के नीचे पाइल टेस्टिंग की गई। मेट्रो का टेक्निकल बैकग्राउंड वर्क पूरा हो चुका है।

रफ्तार: 80 किलाे मीटर प्रति घंटा रहेगी- मेट्राे रेल के ट्रैक पर रफ्तार की सीमा 90 किमी/घंटा तक हाेगी। हालांकि मेट्राे रेल अधिकतम 80 किमी/ घंटा की रफ्तार से ही चलेगी।

किराया: यहां मेट्रो के लिए अभी तय नहीं-जयपुर में मेट्राे का किराया पांच से 15 रुपए है। हालांकि, भाेपाल में मेट्राे रेल का किराया अभी तय नहीं किया गया है।

कब चलेगी – यहां मेट्राे चलाने का लक्ष्य 2023 तय किया गया है। पिछले दिनाें मुख्यमंत्री ने काम तय समय से पहले पूरा करने को कहा है।

बड़ा सवाल : ट्रैफिक का बाेझ कम हाेगा? -भोपाल की अाबादी करीब 25 लाख है, जबकि शहर में वाहनाें की संख्या 18 लाख 47 हजार है। एेसे में ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। इस रूट पर सुबह अाैर शाम के पीक अॉवर्स में करीब दाे लाख वाहन गुजरते हैं, एेसे में इस रूट पर मेट्राे रेल की शुरुअात से ट्रैफिक लाेड कम हाेगा

आज बदला रहेगा ट्रैफिक प्लान – सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान गुरुदेव गुप्त चौराहे से गवर्नमेंट प्रेस की ओर एवं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मुख्यालय के सामने एमपी नगर, अरेरा हिल्स, मंत्रालय आदि की ओर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा।

सब कुछ कांग्रेस ने नहीं किया…. मैं श्रेय की लड़ाई की संकीर्णता में कभी नहीं रहा। भोपाल व इंदौर के मेट्रो की सारी औपचारिकताएं भाजपा सरकार ने पूरी कर दी थीं, केवल शिलान्यास रह गया था। कांग्रेस उसका शिलान्यास करे, लेकिन यह न कहे कि उन्होंने 9 महीने में ही सब कर दिया। – शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!