पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चोकसी, भारत को प्रत्यर्पण होगा.

न्यूयॉर्क एंटिगुआ और बारबूडा के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने कहा है कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को भारत तब प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा, जब उसकी याचिकाओं का निपटारा हो जाएगा. ब्राउन ने भारत के सरकारी प्रसारणकर्ता डीडी न्यूज से कहा, ‘हम कानून को मानने वाले एक देश हैं, और मामला न्यायपालिका के समक्ष है.’ एंटिगुआ के प्रधानमंत्री ने चोकसी को धूर्त करार देते हुए कहा, ‘उसने (चोकसी) कई याचिकाएं दाखिल कर रखी हैं. और जबतक उसकी याचिकाएं निपट नहीं जातीं, हम कुछ नहीं कर सकते.’

उन्होंने कहा, ‘एंटिगुआ बारबूडा को उससे कोई लाभ नहीं है.’ प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय अधिकारी उससे पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र हैं. बता दें, चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी साल भर पहले देश छोड़कर भाग गए थे. दोनों 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं. चोकसी को एंटिगुआ और बारबूडा ने इस साल के प्रारंभ में नागरिकता दे दी थी.

बता दें, इंटरपोल ने दो अरब डॉलर के पीएनबी घोटाला मामले में मुख्य आरोपी नीरव मोदी के सौतेले भाई नेहल मोदी के खिलाफ इसी रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) धनशोधन मामले की जांच कर रहा है. कहा जाता है कि नेहल मोदी अमेरिका में है और मुंबई की एक अदालत ने उसके खिलाफ दो गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं. ईडी के अनुसार नेहल मोदी 48 वर्षीय नीरव मोदी और एक अन्य आरोपी मेहुल चोकसी का निवेश सलाहकार था.

इंटरपोल या अंतरराष्ट्रीय पुलिस द्वारा जारी आरसीएन के अनुसार, नेहल दीपक मोदी का जन्म बेल्जियम के एंटवर्प में तीन मार्च 1979 को हुआ था और वह अंग्रेजी, गुजराती तथा हिंदी भाषाएं जानता है. किसी भगोड़े के खिलाफ जारी अपने आरसीएन में इंटरपोल अपने 192 सदस्य देशों से उस व्यक्ति को अपने यहां पाए जाने पर उसे गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने के लिए कहता है जिसके बाद देश वापसी या प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू की जा सकती है. ईडी ने इस मामले में दायर किए गए आरोपपत्र में नेहल को नामजद किया है और उस पर सबूतों को नष्ट करने तथा नीरव मोदी की उसके कथित गैरकानूनी कार्यों में ‘‘जानते बूझते हुए” मदद करने का आरोप है

ईडी ने एक बयान में कहा कि वह नीरव मोदी के लिए ट्विन फील्ड्स इन्वेस्टमेंट लिमिटेड और बेली बैंक के मामलों की देखरेख कर रहा था. इन दोनों कंपनियों को नीरव मोदी की ‘डमी’ कंपनियों से लगभग पांच करोड़ अमेरिकी डालर मिले थे. यह राशि पीएनबी के साथ हुयी धोखाधड़ी से मिली थी. ईडी ने आरोप लगाया कि पीएनबी घोटाले के सामने आने के बाद नेहल मोदी ने नीरव मोदी के करीबी मिहिर आर भंसाली के साथ दुबई से 50 किलोग्राम सोना और अच्छी खासी नकदी ली. नेहल मोदी पर मोबाइल फोन सहित अन्य डिजिटल सबूतों को भी नष्ट करने का आरोप है. 

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