केंद्र सरकार का फरमान- कागज़ात न भी हों तो भी ना काटें चालान, लेकिन लगाई ये शर्त

नई दिल्ली: देश में एक सितंबर से नया मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act) लागू हुआ है, जिसके बाद लोगों का हजारों रुपए के चालान हो रहा है. साथ ही लोग यह भी शिकायत कर रहे हैं कि जब वह अपनी आरसी लाइसेंस इंश्योरेंस या पीयूसी डिजिलॉकर (Digilocker) या एम परिवहन ऐप (mparivahan app) में पुलिस वालों को दिखाते हैं तो पुलिस उसको वैध नहीं मानती. उनका चालान कर रही है और जबरन परेशान कर रही है.

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और सभी राज्यों की पुलिस को एक एडवाइजरी जारी की है जिसके मुताबिक अगर वाहन चालक अपने आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, इन्श्योरेंस आदि जानकारी मोबाइल फ़ोन में डिजिलॉकर या एम परिवहन ऐप पर दिखा दे तो उसको वैध माना जाए और उनका चालान ना किया जाए. 

यही नहीं, एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि अगर किसी कारण वाहन चालक के पास मोबाइल नहीं है या ऐसी कोई परिस्थिति है जिसमें वह खुद अपने कागजात प्रत्यक्ष या डिजिटल रूप में पुलिस को नहीं दिखा पा रहा तो भी पुलिस उसका चालान ना करें बल्कि खुद mParivahan app या पुलिस के पास मौजूद e-challan ऐप में उस व्यक्ति की डीटेल्स देखकर वेरीफाई करे और व्यक्ति का चालान ना करे.

लेकिन एक शर्त है…

अगर पुलिस ने आपको रूटीन चेकिंग के दौरान रोका है और आपके पास दस्तावेज नहीं हैं तो आप डिजिटल रूप में अपने दस्तावेज दिखा सकते हैं या पुलिस खुद डिजिटल रूप में आप के दस्तावेज वेरीफाई कर सकती है. लेकिन अगर आपने ट्रैफिक नियम का उल्लंघन किया है तो उस सूरत में आपका चालान होगा. मान लीजिये आपने हेलमेट नहीं पहना, सीट बेल्ट नहीं लगाई, रेड लाइट जंप की है वगैरह वगैरह तो पुलिस आपके बाकी सारे डॉक्यूमेंट मान लेगी लेकिन इन नियमों के उल्लंघन के लिए चालान जरूर करेगी.

और मान लीजिए अगर आप ने दिल्ली के अंदर किसी नियम का उल्लंघन किया है तो आपके पास ओरिजिनल ड्राइविंग लाइसेंस या ओरिजिनल RC होनी ही चाहिए. वह इसलिए क्योंकि पुलिस डिजिटल तौर पर आपके दस्तावेज मान तो लेगी लेकिन क्योंकि दिल्ली के अंदर नए मोटर व्हीकल एक्ट का नोटिफिकेशन नहीं हुआ है इसलिए आप मौके पर चालान की रकम भरके छूट नहीं सकते, बल्कि आपका कोर्ट का चालान होगा. कोर्ट का चालान करने के लिए पुलिस को प्राइवेट वाहन के मामले में ओरिजिनल ड्राइविंग लाइसेंस या ओरिजिनल आरसी चाहिए होती है जबकि कमर्शियल गाड़ियों के मामले में ओरिजिनल ड्राइविंग लाइसेंस, ओरिजिनल आरसी, ओरिजिनल फिटनेस सर्टिफिकेट या ओरिजिनल परमिट कॉपी में से कोई एक चाहिए होती है.

अगर आपके पास उल्लंघन करने पर इन सब दस्तावेजों में से कोई एक की भी ओरिजिनल कॉपी है तो पुलिस केवल उस ओरिजिनल कॉपी को ज़ब्त करके कोर्ट का चालान कर देगी और अगर किसी भी दस्तावेज की ओरिजिनल कॉपी नहीं है तो पुलिस को हर हाल में आपकी गाड़ी को ज़ब्त करना होगा.

चरम पर ईरान-अमेरिका का तनाव, आज ट्रंप के सबसे बड़े ‘दुश्मन’ से मिलेंगे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से गुरुवार को मुलाकात करेंगे. न्यूयॉर्क में होने वाली यह बैठक तब हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को मुलाकात की थी.

इस मुलाकात में आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी. इससे पहले जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ ट्रंप ने मुलाकात की थी तब भी ईरान का मुद्दा उठा था और ट्रंप ने ईरान को आतंकवादियों के लिए नंबर एक देश बताया था.

पीएम मोदी का दौरा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के उस दावे के बाद हो रहा है जिसमें इमरान ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें ईरान के साथ विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए कहा है. दरअसल, इमरान खान ने मंगलवार को कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने मुझसे कहा कि अगर ईरान के साथ तनाव कम होता है, तो हम संभवत: एक दूसरे करार के साथ सामने आ सकते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठक के बाद तुरंत सोमवार को राष्ट्रपति (हसन) रूहानी से बात की. लेकिन, अभी मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता. हम कोशिश कर रहे हैं और मध्यस्थता कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘क्राउन प्रिंस ने भी मुझे तनाव को कम करने के लिए ईरानी राष्ट्रपति से बात करने को कहा है.’

माना जाता है कि पाकिस्तान का तालिबान पर असर है और अफगानिस्तान में शांति तथा वहां से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की कोशिशों में पाकिस्तान की खास भूमिका है. इस समझौते के प्रयास में ट्रंप के लिए इमरान को एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है.

परमाणु सौदे से ट्रंप के बाहर निकलने के बाद बढ़ा तनाव

ईरान के साथ निभाई जाने वाली भूमिका ट्रंप के लिए खान के प्रभाव को और मजबूत कर सकती है. ईरान के साथ 2015 के बहुपक्षीय परमाणु सौदे से ट्रंप के बाहर निकलने के बाद से ही खाड़ी क्षेत्र में संकट पैदा हो गया है. इसके बाद से ट्रंप ने तेहरान पर कई प्रतिबंध लगाए, जिनमें इसके तेल निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध प्रमुख हैं.

तनाव बढ़ने पर ईरान ने जून में एक अमेरिकी सैन्य ड्रोन को मार गिराया था. इसके बाद तनाव चरम पर पहुंच गया, मगर ट्रंप ने अंतिम क्षण में ईरान पर अमेरिकी मिसाइल हमले को रोक दिया. जून में ओमान की खाड़ी में भी दो तेल टैंकरों पर हमला किया गया था और 14 सितंबर को ड्रोन हमलों से सऊदी तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ.

हालांकि, यमन में ईरान समर्थित हैती विद्रोहियों ने सऊदी की रिफाइनरी पर हमलों की जिम्मेदारी का दावा किया है, मगर अमेरिका ने इसके लिए ईरान को ही दोषी ठहराया है. फ्रांस के राष्ट्रपति अमेरिका व ईरान के इस तनाव को कम करने के लिए ट्रंप और रूहानी को मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जोकि फिलहाल संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क में हैं.

रूहानी ने हालांकि अमेरिकी द्वारा प्रतिबंध हटाए जाने तक फिलहाल इस तरह की बैठक पर विचार करने से इनकार कर दिया है. अफगानिस्तान के बारे में खान ने कहा, ‘हम अब कोशिश कर रहे हैं कि तालिबान और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू हो.’

शिलान्यास / मुख्यमंत्री ने कहा- भोज मेट्रो होगा नाम, विधायक मसूद ने कहा- दादा भाई भोपाल मेट्रो ही रहने दो

भाेपाल.मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यहां एमपी नगर स्थित गायत्री मंदिर के पासमेट्राे रेल प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। शिलान्यास से पहले 11पंडितों नेमुख्यमंत्री से भूमिपूजन कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पट्टिका का अनावरण किया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, मंत्री पीसी शर्मा, गोविंद सिंह, आरिफ अकीलऔर जयवर्धन सिंह और पूर्व सांसद पीसी शर्मा मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की खासियत बताते हुए कहा कि भोपाल में चलने वाली मेट्रो का नाम भोज मेट्रो होगा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विधायक आरिफ मसूद धन्यवाद भाषण देने उठे। उन्होंने मंच से ही मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि दादा भाई राजा भोज के नाम से कई काम हो रहे हैं, इस प्रोजेक्ट का नाम राजा भोज मेट्रोनहीं, भोपाल मेट्रो ही रहने दिया जाए।

मंच से विधायक के इतना कहते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ मसूद की तरफअसहज नजर से देखने लगे। इधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कोठारी ने भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर को कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने का विरोध किया। राहुल ने कहा कि भोपाल में इस प्रोजेक्ट का काम पहले ही शुरू हो गया है। कांग्रेस सरकार जनता को धोखा दे रही है।

राजधानी में चलने वाली मेट्राे रेल जयपुर की मेट्राे रेल जैसी ही हाेगी, लेकिन वहां 6 कोच की मेट्राे चलती है, यहां तीन की मेट्रो चलेगी। शुरुआतभले तीन काेच की ट्रेन से हाेगी, लेकिन यात्रियाें की संख्या बढ़ने पर काेच में इजाफा किया जाएगा। यात्रियाें काे स्टेशन पर ज्यादा इंतजार नहीं करना हाेगा, उन्हें हर पांच मिनट में स्टेशन से मेट्राे रेल मिलेगी। हर स्टेशन पर ट्रेन 30 सेकंड ही रुकेगी।

राजधानी में कुल 27.87 किलाेमीटर के दो रूट एम्स से करोंद (14.99 किमी) व भदभदा से रत्नागिरी (12.88 किमी) पर मेट्राे रेल चलनी हैं, इसमें 6941.4 कराेड़ रुपए की लागत आएगी। मेट्राे रेल कार्पोरेशन के अधिकारियाें का दावा है कि दोनों रूट पर 2023 तक रेल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

हालांकि, यह भी संभावना है कि एम्स से सुभाष नगर फाटक के बीच का हिस्सा पहले चालू कर दिया जाए। इन दोनों स्टेशनों की 6.22 किमी के बीच की दूरी 10 मिनट में पूरी हाेगी। मेट्रो के रूट पर कुल 27 मेट्राे रेल दाैड़ेंगी। हालांकि, शुरुआत8 ट्रेनाें से ही हाेगी। शेष ट्रेनें डेढ़ से दाे साल के भीतर यात्रियाें की संख्या काे देखते हुए बढ़ाई जाएंगी।

अब तक क्या हुआ: मेट्रो के लिए अब तक भोपाल में 278 करोड़ रुपए के टेंडर हो चुके हैं। सॉइल टेस्टिंग और डिजाइन टेस्टिंग का काम हो गया है। जमीन में भार की क्षमता के लिए पाइल टेस्टिंग भी सफल हुई है। तीन स्थानों पर डिजाइन के हिसाब से जमीन के नीचे पाइल टेस्टिंग की गई। मेट्रो का टेक्निकल बैकग्राउंड वर्क पूरा हो चुका है।

रफ्तार: 80 किलाे मीटर प्रति घंटा रहेगी- मेट्राे रेल के ट्रैक पर रफ्तार की सीमा 90 किमी/घंटा तक हाेगी। हालांकि मेट्राे रेल अधिकतम 80 किमी/ घंटा की रफ्तार से ही चलेगी।

किराया: यहां मेट्रो के लिए अभी तय नहीं-जयपुर में मेट्राे का किराया पांच से 15 रुपए है। हालांकि, भाेपाल में मेट्राे रेल का किराया अभी तय नहीं किया गया है।

कब चलेगी – यहां मेट्राे चलाने का लक्ष्य 2023 तय किया गया है। पिछले दिनाें मुख्यमंत्री ने काम तय समय से पहले पूरा करने को कहा है।

बड़ा सवाल : ट्रैफिक का बाेझ कम हाेगा? -भोपाल की अाबादी करीब 25 लाख है, जबकि शहर में वाहनाें की संख्या 18 लाख 47 हजार है। एेसे में ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। इस रूट पर सुबह अाैर शाम के पीक अॉवर्स में करीब दाे लाख वाहन गुजरते हैं, एेसे में इस रूट पर मेट्राे रेल की शुरुअात से ट्रैफिक लाेड कम हाेगा

आज बदला रहेगा ट्रैफिक प्लान – सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान गुरुदेव गुप्त चौराहे से गवर्नमेंट प्रेस की ओर एवं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मुख्यालय के सामने एमपी नगर, अरेरा हिल्स, मंत्रालय आदि की ओर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा।

सब कुछ कांग्रेस ने नहीं किया…. मैं श्रेय की लड़ाई की संकीर्णता में कभी नहीं रहा। भोपाल व इंदौर के मेट्रो की सारी औपचारिकताएं भाजपा सरकार ने पूरी कर दी थीं, केवल शिलान्यास रह गया था। कांग्रेस उसका शिलान्यास करे, लेकिन यह न कहे कि उन्होंने 9 महीने में ही सब कर दिया। – शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री

झारखंड: स्कूल कैंपस में दो नाबालिग बहनों से 5 लड़कों ने किया गैंगरेप

केंदुआडीह थाना क्षेत्र के कुसुंडा नयाडीह स्थित एक स्कूल कैंपस में दो सगी बहनों के साथ पांच लड़कों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। मंगलवार की रात गोधर के आकाश वर्मा और उसके चार दोस्तों ने मिलकर उनके साथ दरिंदगी की। पीएमसीएच में हुई मेडिकल जांच में दोनों के साथ दुराचार की पुष्टि हुई है। पुलिस ने एक आरोपी आकाश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है, बाकी की तलाश चल रही है।

पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक दुष्कर्म की शिकार बड़ी बहन और आकाश वर्मा में प्रेम प्रसंग चल रहा था। पुलिस को दिए बयान में बड़ी बहन ने बताया कि वह केंदुआडीह मछली पट्टी में रहती है। मंगलवार की शाम आकाश ने उसे फोन कर साढ़े छह बजे केंदुआ हटिया बुलाया। हटिया पहुंचने पर आकाश उसे और उसकी छोटी बहन को बाइक पर बैठाकर कुसुंडा नयाडीह स्थित राजकीय मध्य विद्यायल ले गया। स्कूल के प्रथम तल पर एक क्लास रूम में ले जाकर पहले आकाश वर्मा ने बड़ी बहन के साथ जोर-जबर्दस्ती की। इसके बाद आकाश ने छोटी बहन के साथ भी गलत किया। दोनों आकाश का विरोध कर रही थीं।

इसी बीच आकाश के चार दोस्त गोधर रवानी बस्ती निवासी प्रेम रवानी, राजा रवानी, सोनू रवानी और अंकित रवानी भी वहां पहुंच गए। इन चारों ने भी बारी-बारी से दोनों बहनों के साथ दरिंगदी की। रात करीब साढ़े नौ बजे लड़कों ने उन्हें छोड़ा। किसी तरह दोनों बहनें अपने घर पहुंचीं। घर पहुंच कर दोनों ने घरवालों को मामले की जानकारी दी।

सुबह थाने लेकर पहुंचे माता-पिता
बुधवार की सुबह उनके माता-पिता दोनों को लेकर केंदुआडीह थाने पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। थाना प्रभारी वीर सिंह ने बड़ी बहन के बयान पर आकाश वर्मा सहित पांच लड़कों पर सामूहिक दुष्कर्म और पोक्सो की धारा में प्राथमिकी दर्ज की। दोनों को मेडिकल के लिए शाम में पीएमसीएच भेजा गया। पीएमसीएच में दोनों के साथ रेप की पुष्टि हो गई। दरिंदों की जोर-जबर्दस्ती के कारण दोनों बहनों की स्थिति बिगड़ गई है। उन्हें पीएमसीएच में भर्ती कर लिया गया है।

भागने की फिराक में था आकाश वर्मा
पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने आकाश वर्मा सहित अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की। इधर मामला पुलिस के पास पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी अपने घरों से फरार हो गए। शाम में पुलिस को जानकारी मिली कि आकाश वर्मा धनबाद छोड़ कर भागने की तैयारी कर रहा है। वह अपने घर आया है। इसी बीच पुलिस ने दबिश देकर गोधर रवानी बस्ती से आकाश को दबोच लिया। आकाश से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए अपने चारों दोस्तों का नाम पुलिस को बता दिया है।

दोनों बहनों के साथ पांच लड़कों ने दुराचार किया है। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बाकी आरोपियों की खोजबीन की जा रही है। शीघ्र सभी आरोपी पकड़े जाएंगे। -अमन कुमार, ग्रामीण एसपी, धनबाद

केंद्र सरकार के पास प्याज का पर्याप्त स्टॉक, लोगों को 24 रुपये किलो मिलेगा: रामविलास पासवान

नई दिल्ली 
प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को बुधवार को केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रीरामविलास पासवान ने बड़ी राहत दी है। पासवान ने कहा है कि केन्द्र सरकार के पास प्याज का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने अभी तक त्रिपुरा को 1,850 टन, हरियाणा को 2,000 टन और आंध्र प्रदेश को 960 टन प्याज तत्काल 15.59 रुपये/किलो की दर से मुहैया करा दिया है। ये अधिकतम 23.90 रुपये/किलो की दर से उपभोक्ता को मुहैया कराएंगे।पासवान ने कहा, ‘दिल्ली सरकार ने 28 सितंबर से 5 दिनों के लिए प्रतिदिन 100 टन प्याज की मांग की है, जो पूरी की जाएगी। इसके अलावा, भी जिस राज्य को जितनी जरूरत होगी उतना प्याज मुहैया कराया जाएगा।’ 

केजरीवाल सरकार भी देगी सस्ता प्याज 
इससे पहले सोमवार को दिल्ली सरकार ने प्याज की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को बड़ी राहत देने का फैसला किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार भारी मात्रा में प्याज खरीदने जा रही है और उसे लोगों को मोबाइल वैन के जरिये 24 रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। 

आसमान छू रहे प्याज के दाम 
बता दें कि इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में प्याज के दाम आसामन छू रहे हैं। फिलहाल यह 60 रुपये से लेकर 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। पिछले 20 दिनों से प्याज के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शुरुआत में रिटेल में प्याज का दाम 30 से 40 रुपये तक चल रहा था, जो अब बढ़कर 60 से 80 रुपये तक पहुंच चुका है। उसका कारण यह है कि मध्य भारत और महाराष्ट्र में अभी भी बारिश व बाढ़ का दौर चल रहा है, इसके चलते प्याज की फसल खराब हो रही है। 

बारिश और बाढ़ का हुआ असर 
आजादपुर मंडी के प्याज कारोबारी राजेंद्र शर्मा के अनुसार, असल में पिछले तीन चार साल से यह होता रहा है कि सितंबर आते-आते बारिश का सीजन लगभग खत्म हो जाता है, जिसके चलते प्याज के दाम लगातार स्थिर रहे। लेकिन इस साल हालत यह हैं कि सितंबर खत्म होने की ओर है, लेकिन मध्य भारत और महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ ने खासी परेशानी पैदा कर दी है। इसके चलते खेतों में खड़ी प्याज की नई फसल बर्बाद हो गई है, जिसने प्याज के दाम बढ़ा दिए हैं। 

अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी- 18 अक्टूबर के बाद नहीं मिलेगा समय

नई दिल्ली, । अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने आज साफ कर दिया कि इस मामले 18 अक्टूबर के बाद पक्षकारों को जिरह के लिए एक भी दिन ज्यादा नहीं मिलेगा। कोर्ट ने साफ किया कि सुनवाई पूरी करने की तिथि बढ़ाई नहीं जाएगी।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गगोई ने सभी पक्षों को कहा कि तय समय पर पूरी हो सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर 4 हफ्तों में फैसला दे दिया तो चमत्कार हो जाएगा। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस बोले कि आज का दिन (गुरुवार) को मिलाकर हमारे पास सिर्फ सुनवाई खत्म करने के लिए साढ़े 10 दिन बचे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अयोध्या केस पर सुनवाई का 32वां दिन है। गुरुवार को जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई तो सबसे पहले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इस मामले पर अपनी राय आगे रखी। बता दें कि अब तक 31 दिनों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हो चुकी है।

हिंदू पक्षकारों ने अपनी दलीलें रख दी हैं और मुस्लिम पक्षकार की दलीलें जारी हैं। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्व वाले पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा कि अगर 18 अक्टूबर तक दलीलें पूरी हो जाती हैं तो चार सप्ताह में फैसला देना किसी करिश्मे से कम नहीं होगा। बता दें कि चीफ जस्टिस गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले भी चीफ जस्टिस रंजन गोगोई इस बात पर टिप्पणी कर चुके हैं कि सभी पक्षों को कोशिश करनी चाहिए कि 18 अक्टूबर तक अयोध्या मामले की सुनवाई पूरी हो सके। इसके बाद क्योंकि सुप्रीम कोर्ट को एक महीने का वक्त इस मसले का फैसला लिखने के लिए चाहिए होगा।

सीजेआई के इसी बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई का समय बढ़ा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में अब अयोध्या मामले को हफ्ते में पांच दिन सुना जा रहा है, साथ ही साथ इस मसले को अदालत रोजाना एक घंटा अधिक सुन रही है। यानी सुनवाई अब शाम 5 बजे तक सुनवाई की जा रही है। अदालत ने इस मामले में ये भी कहा था कि अगर जरूरत पड़ती है तो अदालत शनिवार को भी सुनवाई कर सकती है।

हाफिज सईद के लिए UN गया पाकिस्तान, बैंक खाता इस्तेमाल करने की मिली अनुमति

न्यू यॉर्क 
आतंकियों के हमदर्द पाकिस्तान का चेहरा एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। एक तरफ वह पाबंदियों और ऐक्शन का दिखावा करता है और दूसरी तरफ आतंकियों का दर्द बांटने संयुक्त राष्ट्र भी पहुंच जाता है। मुंबई हमले के गुनहगार हाफिज सईद के खिलाफ टेरर फंडिंग का मामला चल रहा है इस बीच, पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अनुरोध किया कि वैश्विक आतंकी हाफिज सईद के परिवार के मासिक खर्चे के लिए उसे बैंक खाते को इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए। UN ने पाकिस्तान के अनुरोध पर जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को उसके बैंक खाते को इस्तेमाल करने की इजाजत भी दे दी। 15 अगस्त के पत्र में UNSC ने कहा कि इस अनुरोध को मंजूर किया गया क्योंकि तय समयसीमा के भीतर कोई आपत्ति नहीं की गई। UN के पत्र में पाकिस्तान सरकार को जानकारी दी गई है कि हाफिज सईद (ODi.263), हाजी मोहम्मद अशरफ (ODi.265) और जफर इकबाल (ODi.308) को उनके सामान्य खर्चों के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाती है। 

पत्र में बताया गया है कि 15 अगस्त 2019 तक आपत्ति दर्ज कराने की समयसीमा तय की गई थी। अब पाक के अनुरोध को मंजूर किया जाता है। आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 1267 कमिटी को भेजे पत्र में पाकिस्तान ने दलील दी थी कि हाफिज सईद के परिवार में चार सदस्य हैं और उस पर ही परिवार की जिम्मेदारी है। उसे अपने परिवार के लोगों के खाने-पीने, कपड़े आदि का प्रबंध करना पड़ता है इसलिए उसे बैंक खाता इस्तेमाल करने की स्वीकृति दी जाए। 

पाक सरकार ने UN कमिटी को बताया था, ‘उसका (हाफिज सईद) अकाउंट UNSC रेजॉलूशन 1267 के तहत पाकिस्तान सरकार ने ब्लॉक कर दिया था। अकाउंट में 11.50 लाख रुपये हैं।’ यह खबर ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान दुनिया के सामने दावा कर रहा है कि वह आतंकियों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। हाल में टेरर फंडिंग को लेकर मुकदमा और गिरफ्तारी भी दिखाई गई। भारत ने आतंकियों पर इस तरह की कार्रवाई को पाक का ड्रामा बताया था और अब यह साबित होता दिख रहा है। 

Chandrayaan-2 के लेटेस्ट अपडेट पर आया इसरो प्रमुख के सिवन का ये बयान

चंद्रयान-2 मिशन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भले ही अब तक चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है, मगर चंद्रयान का ऑर्बिटर चंद्रमा पर अच्छे से काम कर रहा है। इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर काफी अच्छे से काम कर रहा है। सभी पेलोड संचालन शुरू हो गए हैं, यह बहुत अच्छा कर रहा है। हमें लैंडर से कोई संकेत नहीं मिला है लेकिन ऑर्बिटर बहुत अच्छा काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय स्तर की समिति इस बात का विश्लेषण कर रही है कि वास्तव में विक्रम लैंडर के साथ क्या गलत हुआ।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इसरो चीफ के सिवन ने कहा कि हो सकता है कि जब समितियां रिपोर्ट सौंप दें तब भविष्य की योजना पर हम काम करें। अनुमोदन और अन्य प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है। हम उस पर काम कर रहे हैं।

इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने शनिवार को यहां कहा कि चंद्रयान-2 मिशन ने अपना 98 फीसदी लक्ष्य हासिल किया है जबकि वैज्ञानिक लैंडर ‘विक्रम के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सिवन ने यह भी कहा कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर ठीक से काम कर रहा है और तय वैज्ञानिक प्रयोग ठीक से कर रहा है।

उन्होंने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ”हम कह रहे हैं कि चंद्रयान-2 ने 98 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया है, इसके दो कारण हैं – पहला विज्ञान और दूसरा प्रौद्योगिकी प्रमाण। प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर लगभग पूरी सफलता हासिल की गई है। सिवन ने कहा कि इसरो 2020 तक दूसरे चंद्रमा मिशन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

उन्होंने कहा, ”भविष्य की योजना पर चर्चा जारी है…किसी भी चीज को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। हमारी प्राथमिकता अगले वर्ष तक मानव रहित मिशन है। पहले हमें समझना होगा कि लैंडर के साथ क्या हुआ। उन्होंने कहा कि ‘विक्रम के साथ संवाद होने का विश्लेषण राष्ट्रीय स्तर की समिति कर रही है जिसमें शिक्षाविद और इसरो के विशेषज्ञ शामिल हैं।

सिवन ने कहा, ”हम अभी तक लैंडर के साथ संपर्क नहीं कायम कर सके हैं। जैसे ही हमें कोई आंकड़ा मिलता है, आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसरो प्रमुख ने कहा कि ऑर्बिटर के लिए शुरू में एक वर्ष की योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि संभावना है कि यह साढ़े सात वर्षों तक चलेगा। उन्होंने कहा, ”ऑर्बिटर तय विज्ञान प्रयोग पूरी संतुष्टि के साथ कर रहा है। ऑर्बिटर में आठ उपकरण हैं और आठों उपकरण अपना काम ठीक तरीके से कर रहे हैं

पाकिस्तान के युद्धाभ्यास पर भारतीय नौ सेना की. पैनी नजर

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच, भारतीय नौसेना के कुछ युद्धपोत और युद्धक विमान अगले कुछ दिनों तक उत्तरी अरब सागर में अग्रिम पंक्ति में तैनात रखे गए हैं। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि भारतीय नौसेना इस खास और रणनीति रूप से महत्वपूर्ण समुद्री इलाके में पाकिस्तान के चल रहे बड़े नौसैनिक अभ्यास पर पैनी नजर रख सके।

दरअसल, पाकिस्तान अपनी युद्ध क्षमता का आकलन करने के लिए उत्तरी अरब सागर में युद्धाभ्यास कर रहा है। इस दौरान पाकिस्तान अगले कुछ दिनों तक मिसाइल और रॉकेट फायर करेगा।सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना पाकिस्तानी युद्धाभ्यास पर करीबी नजर रख रही है। सूत्रों ने कहा है कि, हालांकि पाकिस्तान का यह युद्धाभ्यास सामान्य प्रक्रिया के तहत हो रहा है लेकिन नापाक पाकिस्तान का इरादा कभी भी बदल सकता है। 

भारत की नौसेना उन हालातों के लिए भी तैयार रहना चाहती है। वह पाकिस्तान के ऊपर भरोसा करने की गलती नहीं कर सकती। खास ऐसे हालात में जब जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान की सेना और आतंकवादियों की ओर से हमले का खतरा बढ़ गया है। भारत हर मोर्चे पर तैयार रहना चाहता है और पाकिस्तान पर किसी भी तरह भरोसा नहीं करना चाहता इसलिए नौसेना की नजर पाकिस्तान के युद्धाभ्यास पर है।

पाकिस्तान इस युद्धाभ्यास को लेकर उत्तरी अरब सागर से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों के लिए मेरिटाइम अलर्ट जारी कर रहा है कि वह 25 से 29 सितंबर तक मिसाइल, रॉकेट और बंदूकों की फायरिंग करेगा। सूत्रों ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान के इस युद्धाभ्यास पर नौसेना की पैनी नजर रहेगी। अगर पाकिस्तान, इस दौरान एक भी नापाक हरकत करने की कोशिश करता है तो उसका जवाब देने के लिए नौसेना पूरी तरह तैयार है। नौसेना के साथ ही वायुसेना भी इसके लिए तैयार है।