नोटबंदी पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्क्रीनिंग रुकी.


दिल्ली स्थित केरला कल्ब (Kerala Club) में नोटबंदी पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग नहीं हो पाई। सोमवार को कथित रूप से संघ कार्यकर्ताओं के संभावित विरोध को देखते हुए इसका फिल्मांकन नहीं हो पाया। मलयाली भाषा में यह डॉक्यूमेंट्री कोलम में चाय बेचने वाले एक शख्स के बारे में है, जो नोटबंदी की वजह से फजीहत झेलता है। ‘ओरु चायाक्कडकंटेरेंटे मन की बात’ नाम की इस फिल्म में चाय बेचने वाले की संघर्ष की कहानी है।

‘द टेलीग्राफ’ की खबर के मुताबिक केरला क्लब के सदस्यों और आयोजकों का कहना है कि उन्हें इस इस फिल्म को नहीं दिखाने की चेतावनी दी गई थी, क्योंकि, इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को ‘खराब’ ढंग से पेश किया गया। सानू कुम्मिल की डॉक्यूमेंट्री 75 वर्षीय याहिया की जीवन गाथा को दर्शाती है, जिसने नोटबंदी के विरोध में अपना आधा सिर मुंडवा लिया और बदले में मिले धन को जला दिया। ‘द हिंदू’ के मुताबिक डॉक्यूमेंट्री दिखाने के अलावा केरला कल्ब में मौजूदा वित्तीय संकट पर चर्चा भी होनी थी। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद सुकुमार मुरलीधरन के बोलने का कार्यक्रम था।

‘द हिंदू’ ने सानू कुम्मिल से टेलिफोनिक बातचीत की है, जिसमें वह बताते हैं, “कल रात मुझे आयोजकों से एक कॉल मिला, जिसमें कहा गया कि फिल्म की स्क्रीनिंग के साथ समस्या हो सकती है। आज दोपहर उन्होंने मुझे बताया कि उनके पास संघ परिवार (RSS) से जुड़े स्थानीय नेताओं के फोन आए और स्क्रीनिंग रद्द करने को कहा गया। लिहाजा, हमने इसे फिलहाल के लिए रद्द कर दिया है। मैं अब दिल्ली में फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए वैकल्पिक स्थानों की तलाश कर रहा हूं।” यह डॉक्यूमेंट्री केरल में काफी प्रशंसा हासिल कर चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!