मेरे पीएम मोदी से बहुत अच्छे संबंध हैं और मेरे पीएम खान से अच्छे रिश्ते हैं ट्रंप बोले

भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अमेरिकी शहर ह्यूस्टन में मंच साझा करने के एक दिन बाद यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अगर भारत और पाक दोनों चाहें तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के साथ दि्वपक्षीय बातचीत से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘मैं हमेशा मदद के लिए तैयार हूं। हालांकि, यह इन दोनों भद्रजनों पर निर्भर करता है। मैं तैयार हूं, इच्छुक हूं और सक्षम हूं। अगर दोनों ही ऐसा चाहते हैं तो मैं ऐसा जरूर करूंगा।’

ट्रंप ने आगे कहा, ‘मेरे पीएम मोदी से बहुत अच्छे संबंध हैं और मेरे पीएम खान से अच्छे रिश्ते हैं। एक मध्यस्थ के तौर पर मैं कभी नाकाम नहीं हुआ। मैं पहले भी ऐसा किया है। हालांकि, ऐसा करने के लिए दूसरे पक्ष को भी मुझे कहना होगा।’ बता दें कि ट्रंप और मोदी मंगलवार को दि्वपक्षीय मीटिंग के लिए मिलने वाले हैं।

हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कम से कम तीन बार यह साफ किया कि वह तभी मदद करेंगे, जब दोनों ही पक्ष इसके लिए तैयार हों। बता दें कि इस साल जुलाई में ट्रंप ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया था कि भारतीय पीएम ने उन्हें कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता कराने के लिए कहा है। इस दावे को भारत ने तुरंत ही सिरे से खारिज कर दिया था।

ट्रंप ने ह्यूस्टन में दिए मोदी के भाषण का भी जिक्र किया, जहां पीएम ने अप्रत्यक्ष तौर पर पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए ‘आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक जंग’ छेड़ने का आह्वान किया था। ट्रंप ने कहा, ‘मैंने कल भारत की ओर से बेहद आक्रामक बयान सुना। मुझे नहीं पता था कि मैं भारत या पीएम की ओर से ऐसा कोई बयान सुनने वाला हूं।’पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के मोर्चे पर उठाए जा रहे कदमों पर सवाल पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘मैं सुना है कि वे काफी बेहतर कर रहे हैं। आपके पास एक महान नेता है। और ऐसा ही होना चाहिए वर्ना सिर्फ अराजकता और गरीबी होगी।’

वहीं, इमरान खान अधिकतर बातचीत के दौरान चुपचाप ही नजर आए। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे ताकतवर देश होने के नाते अमेरिका की एक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वह ट्रंप से कहेंगे कि वह मोदी से कहें कि कश्मीर में कथित पाबंदियां हटाई जाएं। खान ने कहा, ‘अमेरिका मदद करना चाहता है, अगर दोनों देश ऐसा चाहें तो। हालांकि, भारत इससे इनकार कर रहा है। यही संकट की शुरुआत है और यह और बड़ा भी हो सकता है।’

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