जजों की नियुक्ति, तबादले पर फैसले व्यवस्था के तहत, इसमें दखल ठीक नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि जजों की नियुक्ति और तबादले पर फैसला न्यायिक व्यवस्था के तहत किया जाता है। अत: इसमें किसी तरह का दखल देना ठीक नहीं। जस्टिस अकील कुरैशी के तबादले से जुड़ी गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने यह टिप्पणी की। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार की अधिसूचना आने तक इस याचिका पर सुनवाई रोक दी है।

सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, जजों की नियुक्ति और तबादले न्यायिक व्यवस्था की बुनियादी प्रक्रिया हैं। इसमें न्यायिक समीक्षा गंभीर रूप से प्रतिबंधित है। इसलिए किसी तरह का हस्तक्षेप ठीक नहीं। गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने याचिका में सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम की सिफारिशें मानने का निर्देश देने की मांग की है। 

दरअसल, सीजेआई की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने पहले जस्टिस कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की अनुशंसा की थी। सरकार की आपत्ति के बाद आदेश में बदलाव कर उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। सीजेआई, जस्टिस एसए बोबडे  और एसए नजीर की पीठ ने एसोसिएशन की ओर से पेश वकील अरविंद दत्तार से कहा, याचिका पर सुनवाई केंद्र सरकार द्वारा अकील को त्रिपुरा हाईकोर्ट भेजने की कॉलेजियम की सिफारिश पर अधिसूचना जारी करने के बाद की जाएगी।

केंद्र ने भी किया न्यायिक व्यवस्था पर हमला

गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष यतिन ओझा ने कहा, केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश के बावजूद कुरैशी की जगह जस्टिस रविशंकर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाकर न्यायपालिका की स्वतंत्रता व न्यायिक व्यवस्था पर हमला किया है। केंद्र सरकार का यह कदम उच्चतम व उच्च न्यायालयों में जजों की नियुक्ति व तबादले के मामले में न्यायपालिका की सर्वोच्चता को कम करता है।

कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने की ‘हाउडी मोदी’ की तारीफ तो पीएम मोदी ने कही ये बात

मुम्बई: कांग्रेस के पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ह्युस्टन में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम के लिए उनकी प्रशंसा की, इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे. पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी का संबोधन भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक ताकत (सॉफ्ट पावर डिप्लोमैसी) को दर्शाता है. मिलिंद देवड़ा की तारीफ के बाद प्रधानमंत्री ने उनका शुक्रिया अदा करते हुए ट्वीट किया,  ‘आपने मेरे मित्र स्वर्गीय मुरली देवड़ा जी की अमेरिका के साथ मजबूत संबंधों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए बिल्कुल सही कहा है. वह दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत होता देखकर वाकई बहुत खुश होते.’

इससे पहले मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंदा देवड़ा ने ‘हाउडी-मोदी’ कार्यक्रम के लिए पीएम मोदी की तारीफ में ट्विटर पर लिखा था, ‘प्रधानमंत्री का ह्युस्टन संबोधन भारत की सॉफ्ट पावर डिप्लोमैसी का सबसे महत्वपूर्ण क्षण था. मेरे पिता मुरली भाई भारत-अमेरिका के गहरे संबंधों के शुरुआती शिल्पकारों में से एक थे. डोनाल्ड ट्रम्प की मेहमान नवाजी और भारतीय अमेरिकियों के योगदान को मान्यता देना हमें गौरवान्वित महसूस कराता है.’ पीएम मोदी ने देवड़ा के इसी ट्वीट को रीट्वीट किया और उनका शुक्रिया अदा किया. बता दें कि मिलिंद देवड़ा ने इस साल लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. मिलिंद 2004 से 2009 के बीच मुंबई दक्षिण से लोकसभा सांसद रहे थे. 

हालांकि दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस ने सोमवार को मोदी पर ह्युस्टन कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए ‘सक्रिय रूप से प्रचार’ करके किसी अन्य देश के घरेलू चुनावों में हस्तक्षेप नहीं करने की भारत की विदेश नीति के सिद्धांतों के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

UN में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने कराई फजीहत, मांगनी पड़ी माफी

पाकिस्तानी नेताओं को विवादित और हास्यास्पद बयान आए दिन सुर्खियां बंटोरते रहते हैं और कई बार तो पाकिस्तान के मंत्री तक भड़काऊ बयान देने से बाज नहीं आते. इस कड़ी में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की प्रतिनिधि का नाम भी जुड़ गया है जिन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ब्रिटिश विदेश मंत्री बता दिया.

मलीहा लोधी ने एक फोटो ट्वीट की जिसमें पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की मुलाकात हो रही है. इस फोटो का कैप्शन लिखते वक्त लोधी से चूक हो गई और वह जॉनसन को ब्रिटेन का विदेश मंत्री लिख बैठीं. इसके कुछ देर बाद ही उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया.

मलीहा लोधी का ट्वीट

पाकिस्तान की राजदूत ने फिर से ट्वीट करते हुए अपने पुराने ट्वीट पर माफी मांगी और कहा कि टाइप करने में गलती हो गई. प्रधानमंत्री इमरान ने ब्रिटिश पीएम से मुलाकात की है.

बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में हिस्सा लेने अमेरिका गए हुए हैं. यहां इमरान खान ने कई नेताओं से मुलाकात की और कश्मीर को लेकर बातचीत है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सोमवार रात को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे जहां वह ट्रंप से कश्मीर के मसले पर मध्यस्थता करने की गुहार फिर से लगाने वाले हैं. 

मप्र / सीएम की घोषणा- बाढ़ पीड़ित किसानों काे 30 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर तक मुआवजा

नीमच/रामपुरा/मंदसौर | मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को अतिवृष्टि प्रभावित नीमच और मंदसौर जिले का दौरा किया। उन्होंने नीमच के ग्राम रामपुरा में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के दौरान घोषणा की कि पीड़ित किसानों को 8 हजार से 30 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर मुआवजा दिया जाएगा। 15 अक्टूबर तक प्रभावितों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। यदि केंद्र कोई मदद नहीं करेगा तो राज्य सरकार बजट में कटौती कर प्रभावितों को मदद करेगी। 

उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए सरकार पीड़ितों के पास जाएगी। नाथ ने 15 अक्टूबर तक 2 लाख रुपए तक कर्जमाफी की प्रक्रिया पूरी करने का भी दावा किया।सीएम ने कहा कि अगले 6 माह तक प्रत्येक प्रभावित परिवार को 50-50 किलो अनाज, क्षतिग्रस्त मकानों पर 1 लाख रुपए, रबी सीजन में किसानों को सरकार बीज उपलब्ध कराएगी।

ऐसे होगी मुआवजे की गणना

33 से 50% फसल की क्षति होने पर 8 हजार से लेकर 26 हजार रु. प्रति हैक्टयर तक मिलेगा मुआवजा।50% से अधिक फसल की क्षति होने पर विभिन्न फसलों के लिए 16 हजार से लेकर 30 हजार रु. प्रति हैक्टेयर तक मुआवजा दिया जाएगा।

यह भी घोषणाएं की :सीएम ने कहा कि सरकार नया सवेरा योजना मेंे पात्र बाढ़ पीड़ित परिवारों को अगले तीन माह तक 100 यूनिट से कम बिजली उपयोग पर 300 रुपए प्रतिमाह और 100 यूनिट से ज्यादा बिजली उपयोग पर 1000 रुपए तक की राशि देगी।

बाढ़ पीड़ित परिवारों को छह माह तक 5 किलो प्रति सदस्य के मान से खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जाएगा।अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए प्रति मकान एक लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। इसमें 5 हजार रुपए कपड़े आदि के नष्ट होने का मुआवजा भी शामिल है।जिन लोगों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उनको मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल कर मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की राशि सरकार उपलब्ध करवाएगी।पशु मालिकों को गाय, भैंस, ऊँट इत्यादि की हानि पर 30 हजार रुपए तक और भेड़-बकरी की हानि होने पर 3 हजार रुपए प्रति पशु दिए जाएंगे।

9 साल बाद सितंबर में 18 घंटे में 5.7 इंच बारिश

ग्वालियर। सीजन के आखिर में मानसून शहर पर मेहरबान हो ही गया। पिछले 18 घंटे में 5.7 इंच (117.5 मिमी) बारिश हो गई। इससे शहर पानी-पानी हो गया। वहीं तापमान में भी 6.2 डिसे की गिरावट दर्ज की गई। 9 साल बाद सितंबर में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। इससे पहले 20 सितंबर 2010 को 24 घंटे में 6.29 इंच (159.8 एमएम) बारिश हुई थी।

देश में तीन चक्रवात बने हुए हैं। अरब सागर में मुंबई के पास, विशाखापट्टनम, हरियाणा और राजस्थान के बीच में चक्रवात बनने से समुद्र से भरपूर नमी आ रही है। इस नमी की वजह से बीते रविवार की शाम 5:30 बजे से बारिश शुरू हुई, जो सोमवार सुबह 11 बजे तक जारी रही।

कुल 18 घंटे में 5.7 इंच पानी बरस गया। जिससे औसत बारिश का कोटा 866.5 मिलीमीटर पर पहुंचा गया, जो औसत से 76.5 मिमी ज्यादा बारिश है। सीजन के अभी 6 दिन शेष हैं। इन 6 दिनों में भी बारिश की संभावना है। 

दिन व रात के तापमान में 3.6 डिसे का अंतर, दिन में ठंड का अहसास 

बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में गत दिवस की अपेक्षा 6.4 डिसे की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 25.1 डिसे पर आ गया। सामान्य से 9.2 डिसे कम रहा। दिन व रात के तापमान में महज 3.6 डिसे का अंतर था। इससे दिन में ठंडक का अहसास हुआ। यह मानसून सीजन के तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट है। 

48 घंटे तक रहेगा असर

राजस्थान व हरियाणा में बने चक्रवात की वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश हो रही है। अगले 48 घंटे तक बारिश की संभावना है। लौटते हुए मानसून से भी अंचल में बारिश की संभावना बनेगी। करीब 50 मिली मीटर से ज्यादा बारिश हो सकती है।

इमरान खान का कबूलनामा: पाक ने अलकायदा को दी थी ट्रेनिंग, अमेरिका का साथ देना गलती

आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान निशाने पर रहा है। वह लंबे समय से अपनी सरजमीं का इस्तेमाल आतंकवादियों को शरण देने के लिए करता आ रहा है। हालांकि ये बात और है कि उसने कभी इसे स्वीकार नहीं किया। मगर एक साल पहले देश की सत्ता में आने वाले इमरान खान कई बार इस बात को मान चुके हैं उनके देश की जमीन पर आतंक न केवल पाला-पोसा है बल्कि यहां कई आतंकी संगठनों के दहशतगर्दो को प्रशिक्षण दिया गया है।

एक बार फिर सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने विदेश संबंधों की परिषद (सीएफआर) में स्वीकार किया है कि अमेरिका के कहने पर पाकिस्तान ने अलकायदा को प्रशिक्षण दिया जो कि उसकी सबसे बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा 9/11 आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका पर विश्वास किया, उसकी मदद की लेकिन यही पाकिस्तान की सबसे बड़ी भूल साबित हुई। इससे पाक की अर्थव्यवस्था को 200 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान की अमेरिका के सामने लगाई गई गुहार काम नहीं आई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को अपना दोस्त बताया है। यही वजह रही की खान ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उम्मीद करते हैं कि वह भारत को कश्मीर में लगे कर्फ्यू को हटाने के लिए कहेगी। एक सवाल के जवाब में खान ने कहा कि उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष से द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू करने का अनुरोध किया था।

पाक प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने भारत में दोबारा चुनाव होने के बाद बातचीत शुरू होने का इंतजार किया लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बाद में उसे पता चला कि भारत उसे दिवालिया करने के लिए वित्तीय कार्रवाई कार्य बल की काली सूची में डलवाना चाहता है। उन्होंने कहा कि भारत के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने का फैसला न केवल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों, शिमला समझौते का बल्कि अपने संविधान के भी खिलाफ है। मैं संयुक्त राष्ट्र से आग्रह करता हूं कि वह कश्मीर मसले पर ध्यान दे।

जहां एक तरफ पाकिस्तान कश्मीर मसले का अतंरराष्ट्रीयकरण करना चाहता है वहीं भारत ने साफ शब्दों में कह दिया है कि यह भारत का आंतरिक मामला है। इसी बीच जब खान से अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस की उस टिप्पणी पर जवाब देने को कहा गया जिसमें मैटिस ने पाकिस्तान को सबसे खतरनाक देश बताया था। इसपर उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेता को समझना चाहिए कि पाकिस्तान कट्टरपंथी क्यों बना। 9/11 आतंकी हमले के बाद अफगानिस्तान के साथ लड़ाई में हमने अमेरिका का साथ दिया जो हमारी सबसे बड़ी गलती थी।

इमरान खान से जब पूछा गया कि अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन की ऐबटाबाद में उपस्थिति और उसके अमेरिकी नेवी सील्स के हाथों मारे जाने की घटना की पाकिस्तान की सरकार ने जांच क्यों नहीं कराई तो उन्होंने कहा, हमने जांच की थी। मगर मैं कहूंगा कि कि पाकिस्तानी सेना, आईएसआई ने 9/11 से पहले अल कायदा को प्रशिक्षित किया था। इसी वजह से हमेशा लिंक जुड़ते रहे।’

ग्वालियर में 9 साल बाद एक दिन में 4.62 इंच बारिश, घरों में पानी घुसा

ग्वालियर/इंदौर .नाै साल बाद ग्वालियर में साेमवार काे सबसे तेज बारिश हुई। 24 घंटे के दौरान 4.62 इंच बारिश के साथ ही मानसून के सीजन की आैसत बारिश का काेटा (31.12 इंच) भी पार हाे गया। वहीं इंदौर में शाम को जोरदार बारिश हुई। इससे कई इलाकों में पानी भर गया। ढाई घंटे में डेढ़ इंच पानी बरस गया। इसे मिलाकर अब तक कुल 49.90 इंच बारिश हो गई है। देर रात तक जारी बारिश से 25 साल में दूसरी बार आंकड़ा 50 इंच पार हो जाएगा। ग्वालियर में अब तक 34.12 इंच बारिश हाे चुकी है। यानी काेटे से 2.99 इंच ज्यादा। इससे पहले 20 सितंबर 2010 को एक दिन में 6.29 इंच बारिश हुई थी।

इतना ही नहीं 8 साल बाद औसत बारिश का कोटा से सबसे अधिक बारिश इस साल हुई है। इससे पहले वर्ष 2011 में मानसून सीजन में 37 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2011 के बाद मानसून सीजन में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है। हालांकि पिछले वर्ष 32.01 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2011-12 के बाद लगातार दूसरी साल औसत बारिश का कोटा इस साल पूरा हुआ है।

ग्वालियर में करीब साढ़े आठ घंटे लगातार बारिश होने के कारण स्वर्ण रेखा, मुरार नदी में उफान आ गया। मुख्य मार्गों सहित निचली बस्तियों में पानी भर गया। इसके बाद भी जब पानी बंद नहीं हुआ तो सुबह 10 बजे पीएचई अमले ने लक्ष्मीबाई की समाधि के पास स्वर्ण रेखा में स्थित पांचों चैनल गेटों को आनन-फानन में खोला। बैजाताल के बीचोंबीच बना तैरता रंगमंच भी पानी में डूब गया। कई क्षेत्रों में सड़क पर चार फीट तक पानी भर गया।

प्रदेश में अब तक 50.15 इंच बारिश, सामान्य से 36% ज्यादा : प्रदेशमें बारिश का दाैर थम नहीं रहा है। साेमवार काे गुना में 2 इंच, खरगाेन में ढाई इंच, टीकमगढ़ में सवा दाे इंच, खजुराहाे में 1.75 इंच बारिश हुई। इन शहराें के अलावा जबलपुर, सतना अाैर सागर शहर भी बारिश से तर हुए। प्रदेश में साेमवार तक 50.15 इंच बारिश हाे चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 36.86 इंच से 36 फीसदी ज्यादा है। माैसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि प्रदेश में 6 साल बाद सीजन की सबसे

अाज इन 15 जिलाें में तेज बारिश के अासार : नरसिंहपुर, रायसेन, विदिशा, गुना, सागर, टीकमगढ़, सीहाेर, छतरपुर, शिवपुरी, नीमच, हरदा, शाजापुर, अागर, दतिया अाैर देवास।

क्या देश में फिर से पैर फैला रहा स्वाईन फ्लु.

क्या होता है स्वाइन फ्लू

स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जो ए टाइप के इनफ्लुएंजा वायरस से होती है। इसे 1919 में एक महामारी के रूप में मान्यता दी गई थी। स्वाइन फ्लू का कारण एच1एन1 वायरस है। इसकी शुरुआत सुअरों से हुई थी। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, ठंड लगना, कमजोरी और शरीर में दर्द आदि हैं। इससे बचने के लिए साफसफाई पर ध्यान देने की विशेष जरूरत होती है।

लक्षण

स्वाइन फ्लू का उपचार

बरतें अतिरिक्त सावधानी

स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, जो छींकने, खांसने, छूने आदि से फैलती है। इसके वायरस स्टील, प्लास्टिक में 24 से 48 घंटे, कपड़े और पेपर में आठ से 12 घंटे, टिश्यू पेपर में 15 मिनट और हाथ में 30 मिनट तक सक्रिय रहते हैं। इस वायरस को खत्म करने के लिए डिटर्जेंट, अल्कोहल, ब्लीच या साबुन का उपयोग किया जा सकता है।

भारत में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) वायरस फिर पैर फैला रहा है। आए दिन देश में इससे प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल की एक रिपोर्ट में 2012 से लेकर अब तक इससे प्रभावित लोगों के आंकड़े पेश किए गए हैं। सर्वाधिक प्रकोप के वर्ष 2015 और 2017 के बाद अब 2019 में फिर से एक बार इसके मामलों में बढ़ोतरी हुई है।

आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस नहीं जब्त कर सकती अचल संपत्ति: SC


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 102 पर बड़ा फैसला सुनाया. अब आपराधिक मामले की जांच के दौरान पुलिस किसी अचल संपत्ति को जब्त नहीं कर सकती है, लेकिन चल संपत्ति को फ्रीज करने में कोई रोक नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने सहमति से यह फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 102 की शक्तियों पर चर्चा की. इस दौरान मामलों की जांच के दौरान पुलिस द्वारा संपत्ति जब्त करने पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट की फुल बेंच ने बहुमत के फैसले में माना था कि जांच के दौरान पुलिस के पास संपत्ति जब्त करने की कोई शक्ति नहीं है.