US में मोदी का भव्य सम्मान, इमरान का हुआ अपमान, भड़के पाकिस्तानी

एक तरफ जहां पीएम मोदी हाउडी मोदी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन शहर पहुंच चुके हैं. वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी राष्ट्रपति ट्रंप से मदद की गुहार लगाने के लिए अमेरिका पहुंचे हैं. अमेरिका के ह्यूस्टन में पीएम मोदी का भव्य स्वागत देखकर अब पाक पत्रकार और लोग ही अपने पीएम इमरान खान का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ा रहे हैं.

दरअसल जब पीएम मोदी वहां पहुंचे तो अमेरिकी सरकार के कई मंत्री और अधिकारी उनका स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे थे और उन्हें वहां रेड कॉर्पेट ग्रैंड वेलकम दिया गया. जबकि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के अमेरिका पहुंचने पर उन्हें ऐसा कोई भव्य स्वागत नहीं मिला. 
पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने एक ट्वीट के जरिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए वीडियो शेयर किया, जिसमें भारत-पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सम्मान में अंतर को बताया. वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि इमरान के स्वागत के लिए वहां अमेरिकी सरकार का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था.

इमरान खान के लिए रेड कॉर्पेट तो दूर अमेरिकी सरकार का कोई अधिकारी भी वहां नजर नहीं आया. वहां सिर्फ पाकिस्तान के ही अधिकारी उनके स्वागत के लिए मौजूद थे. इस पर किसी ट्विटर यूजर ने इमरान खान का एक मीम शेयर किया है जिसमें बताया गया है कि इमरान खान भी अपना चेहरा छुपाकर हाउडी मोदी कार्यक्रम देखने पहुंचे हैं.

वहीं कुछ लोगों ने पाकिस्तान की खराब अर्थव्यवस्था को लेकर भी इमरान खान का मीम शेयर किया है, जिसमें एक बार फिर वो मदद के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाए दिख रहे हैं.

एक पाकिस्तानी ट्विटर यूजर ने इमरान खान को सम्मान नहीं मिलने पर तंज कसते हुए खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन की तस्वीर शेयर की है, जिस पर लिखा हुआ है कि पाकिस्तान बेहद शांतिप्रिय देश है क्योंकि मैंने खुद यहां शांति से दस साल गुजारे हैं.

कर्नाटक उपचुनाव: 6 MLA तय करेंगे येदियुरप्पा की किस्मत, हार से पलटेगी बाजी

कर्नाटक में उपचुनाव की घोषणा हो गई है. निर्वाचन आयोग ने यहां 21 अक्टूबर को चुनाव कराए जाने का ऐलान किया है. इससे कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के अयोग्य घोषित किए गए बागी विधायकों को सबसे बड़ा झटका लगा है. ये सभी विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं. इनकी योजना सुप्रीम कोर्ट जाने की है. ये सभी विधायक याचिका दाखिल करने वाले हैं कि उपचुनाव अभी नहीं कराए जाएं.

बता दें, यह उपचुनाव कर्नाटक में बीजेपी सरकार के लिए काफी अहम है क्योंकि इससे येदियुरप्पा सरकार के बहुमत का सीधा संबंध है. येदियुरप्पा को सरकार में बने रहने के लिए कम से कम 6 सीटें जीतनी होंगी. कर्नाटक में 15 बागी विधायक इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे. बाद में ये सभी विधायक अयोग्य ठहराए गए थे (कुल 17 विधायकों को विधानसभा स्पीकर ने अयोग्य करार दिया था). इन सीटों पर दोबारा चुनाव होगा. 21 अक्टूबर को होने वाले मतदान की गिनती 24 अक्टूबर को होगी.

कर्नाटक विधानसभा का समीकरण

कर्नाटक विधानसभा में कुल 225 सदस्य हैं. इनमें एक मनोनित सदस्य है. इसलिए सीटों का आंकड़ा 224 होता है. 17 विधायकों के अयोग्य करार दिए जाने के बाद 15 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान हुआ है.

15 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना के बाद कर्नाटक विधानसभा की ताकत 222 हो जाएगी. सत्तारूढ़ बीजेपी के पास वर्तमान में 106 विधायकों का समर्थन है, जिसमें निर्दलीय विधायक एच. नागेश भी शामिल हैं. कांग्रेस के पास 66 और जेडीएस के पास 34 विधायक हैं. बसपा के पास 1 और एक निर्दलीय विधायक भी है. हालांकि निर्दलीय का समर्थन बीजेपी के साथ है, इसलिए बीजेपी के पास 106 विधायकों का समर्थन है. इस दशा में बीजेपी को 6 और विधायकों की जरूरत होगी. लिहाजा उपचुनाव में जीत हार बीजेपी का भविष्य तय करेंगे.

इन सीटों पर उपचुनाव

चुनाव में शामिल होने वाले निर्वाचन क्षेत्रों में गोकक, अथानी, रानीबेनूर, कागवाड़, हिरेकर, येलापुर, यशवंतपुरा, विजयनगर, शिवाजीनगर, होसाकोट, हुनसुर, कृष्णराजपेट, महालक्ष्मी लेआउट, केआर पुरा और चिकबल्लापुरा शामिल हैं. चुनाव आयोग ने हालांकि आर.आर. नगर और मस्की विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई चुनावी घोषणा नहीं की है.

बागी विधायकों ने अपनी अयोग्यता को समाप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था. वे फिर सुप्रीम कोर्ट जाने वाले हैं. इस बार उनकी मांग है कि फिलहाल कर्नाटक में उपचुनाव न कराए जाएं.

अयोध्या केस: स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने कल्याण सिंह को समन जारी किया

लखनऊ: अयोध्या विवादित ढांचा गिराए जाने के आपराधिक मामले में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने राजस्थान के पूर्व गवर्नर कल्याण सिंह को समन जारी कर 27 सितंबर को तलब किया है. स्पेशल जज सुरेंद्र कुमार यादव ने बार के सदस्यों की सूचना पर खुद संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया है. बीते नौ सितंबर को सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट से इस मामले में कल्याण सिंह को तलब करने की मांग की थी. सीबीआई ने कहा था कि कल्याण सिंह अब संवैधानिक पद पर नहीं हैं, लिहाजा उन्हें इस मामले में बतौर आरोपी समन जारी किया जाए. इस मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल है, लेकिन राज्यपाल होने के नाते उन पर आरोप तय नहीं हो सका था.

सीबीआई की कल्याण सिंह को तलब करने की मांग के बाद विशेष अदालत ने एजेंसी से इस संदर्भ में प्रमाणित तथ्य प्रस्तुत करने को कहा था. 11 सितंबर को सीबीआई प्रमाणित तथ्य दाखिल नहीं कर सकी. उसने कहा कि अभी उसे इस संदर्भ में मुख्यालय से कोई लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुयी है, लिहाजा उसे समय दिया जाए. 16 सितंबर को भी सीबीआई प्रमाणित तथ्य दाखिल करने मे असफल रही. साथ ही विशेष अदालत से एक बार फिर से समय की मांग की. 21 सितंबर को भी सीबीआई ने समय देने की मांग की.

हर दिन हो रही मामले की सुनवाई 

30 मई, 2017 को इस आपराधिक मामले में स्पेशल सीबीआई कोर्ट (अयोध्या प्रकरण) ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार और विष्णु हरि डालमिया पर आईपीसी की धारा 120 बी (साजिश रचने) के तहत आरोप तय किया था. इसके बाद मामले में सुनवाई शुरू हुई. राज्यपाल होने के नाते कल्याण सिंह के खिलाफ आरोप तय नहीं हो सका था. सीबीआई ने जांच के बाद इस मामले में कुल 49 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था जिनमें 16 आरोपियों की मौत हो चुकी है. अब इस मामले में 32 आरोपियों के खिलाफ दिन-प्रतिदिन सुनवाई हो रही है. अभियोजन की ओर से अब तक करीब 336 गवाह पेश किए जा चुके हैं.

19 अप्रैल, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी कर इस मामले की सुनवाई दो साल में पूरे करने का आदेश दिया था. हालाकि, अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यह अवधि नौ माह के लिए बढ़ा दी है. छह दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले में कुल 49 एफआईआर दर्ज हुए थे.

मंत्रियों-विधायकों को हनीट्रैप में फंसाकर कमलनाथ सरकार गिराने की कोशिश? मिनिस्टर के बीजेपी पर सनसनीखेज आरोप

मध्य प्रदेश के शहर इंदौर में दो दिन पहले एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है जिस पर सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को हनीट्रैप में फंसाने का आरोप है। उधर, राज्य के कानून और जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने शनिवार को आरोप लगाया कि इस गैंग के निशाने पर कुछ मंत्री और कांग्रेस विधायक थे और मकसद राज्य की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करना था।

शर्मा ने दावा किया कि राज्य सरकार को इस बात के इनपुट्स मिले थे कि बीजेपी के कुछ पूर्व मंत्री इस गिरोह के पीछे हो सकते हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि पूरा मामला कमलनाथ की सरकार को अस्थिर करने की साजिश है। मंत्री ने यह भी दावा किया कि कुछ आरोपी महिलाओं का संबंध विपक्षी पार्टी बीजेपी से है। हालांकि, जब सीएम कमलनाथ से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

बीजेपी के प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय ने मंत्री के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने कहा, ‘मामले को राजनीतिक रंग दिए जाने के बजाए उन्हें असली गुनहगारों को पकड़ना चाहिए।’ बता दें कि मंगलवार और बुधवार को इंदौर और भोपाल से पांच महिलाओं और एक पुरुष ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया था।

इंदौर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के एक इंजीनियर ने पुलिस से शिकायत की थी कि उसे कुछ उसके आपत्तिजनक वीडियोज और तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा है। एसएसपी रूचि वर्द्धन मिश्रा ने द संडे एक्सप्रेस से कहा कि इंदौर पुलिस की जांच का दायरा इंजीनियर की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के इर्दगिर्द है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से जब्त सामग्री को फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस उस होटल भी जाएगी, जहां वीडियो बनाया गया।

बड़े फिल्मी सितारे एक विज्ञापन फिल्म करने के 11 करोड़ तक चार्ज करते हैं.

आप अलग-अलग प्रोडक्ट्स के ऐड में अलग-अलग सितारों को हैं. किसी क्रीम का प्रमोशन कोई खान कर रहा है, तो वहीं किसी बिस्कुट में ऐड में कोई हीरोइन नजर आ रही है. आप तो ऐड देखकर निकल लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन ऐड और कमर्शियल कैंपेन से ये बॉलीवुड स्टार्स कितना कमाते हैं. अगर ब्रांड एंडोर्समेंट से होने वाली कमाई की लिस्ट बनाई जाए तो आमिर खान टॉप पर आएंगे.

मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान (Aamir khan) एक प्रोडक्ट एंडोर्स करने के लिए 11 करोड़ रुपए लेते हैं. वहीं शाहरुख खान एक ब्रांड से 9 करोड़ रुपए चार्ज करते हैं. रेट लिस्ट में अमिताभ बच्चन तीसरे नंबर पर हैं. वह एक ऐड के लिए 8 करोड़ रुपए लेते हैं. भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षय कुमार-7 करोड़, सलमान खान-7 करोड़, विक्की कौशल-3 करोड़, टाइगर श्रॉफ-2.5 करोड़, आयुष्मान खुराना-2.25 करोड़, राजकुमार राव – 1.5 करोड़ रुपए लेते हैं.

ऐड में उभरते नए चेहरों में विक्की कौशल टॉप पर हैं. इस बारे में ऐड गुरु प्रहलाद कक्कड़ कहते हैं, ‘विक्की कौशल का शांत, शर्मीला और जमीनी स्वभाव है. इसने उन्हें ऐड इंडस्ट्री का सबसे चहेता चेहरा बना दिया है. खासतौर पर ‘उरी’ के बाद कंपनियां उनसे अपने उन प्रोडक्ट्स के ऐड करवा रही हैं, जो उनके निभाए कैरेक्टर्स को सूट करते हों. विक्की कौशल के पास एक ओर ‘उरी’ में सोल्जर का निभाया सीरियस, देशभक्त संजीदा किरदार है तो दूसरी तरफ ‘संजू’ में सधी हुई कॉमेडी भी. लिहाजा कंपनियों के पास हर तरह के ऐड करवाने की ठोस वजहें हैं. ‘उरी’ ने विक्की को बड़ी लीग में ला दिया.

चिन्मयानंद ने की थी आसाराम को बचाने की कोशिश आज स्वयं जेल में हैं.

यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तारी के बाद जेल भेजे गए पूर्व केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर आरोप है कि उन्होंने यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम को बचाने की कोशिश की थी।
चिन्मयानंद मामले की तरह देश के बहुचर्चित आसाराम रेप प्रकरण में भी शाहजहांपुर की एक बेटी ने आवाज उठाई थी
इस वजह से आज आसाराम जेल में, आरोप है कि उस वक्त स्वामी चिन्मयानंद ने आसाराम को बचाने की कोशिश की थी
कथित रूप से छात्रा के केस को कमजोर करने के लिए चिन्मयानंद ने अपने स्कूल से फर्जी मार्कशीट और टीसी बनाकर दी
चिन्मयानंद मामले की तरह देश के बहुचर्चित आसाराम रेप प्रकरण में भी शाहजहांपुर की एक बेटी ने आवाज उठाई थी। जिसकी वजह से आज आसाराम सलाखों के पीछे सजा काट रहे हैं। आरोप है कि उस वक्त स्वामी चिन्मयानंद ने अपनी ताकत का इस्तेमाल कर आसाराम को बचाने की कोशिश की थी जो बेकार गई। छात्रा से यौन शोषण के आरोप में चिन्मयानंद जेल में हैं।आसाराम को बचाने के लिए पीड़िता की फर्जी टीसी बनाई

गौरतलब है कि जब आसाराम रेप प्रकरण सामने आया था तो आरोप लगा था कि पीड़ित छात्रा के केस को कमजोर करने के लिए चिन्मयानंद ने अपने स्कूल से फर्जी मार्कशीट और टीसी बनाकर दी थी, जिससे आसाराम पर लगा पॉक्सो ऐक्ट हट सके। चिन्मयानंद ने अपने स्कूल की प्रिंसिपल को भी जोधपुर आसाराम के पक्ष में गवाही देने के लिए भेजा था। पीड़िता परिजनों का कहना है कि स्वामी चिन्मयानंद के निर्देशन में चलने वाली एसएसएमवी से रेप पीड़िता को बालिग साबित करने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट दिए गए थे।

प्रिंसिपल ने दो बार दी थी गवाही
फरवरी 2014 में जोधपुर पुलिस ने ये सर्टिफिकेट हासिल कर कोर्ट को सौंपे थे। मामले में तत्कालीन प्रिंसिपल जया कामत ने दो बार गवाही भी दी थी। हालांकि, पिता ने जो स्कूली डॉक्युमेंट कोर्ट में रखे उसके हिसाब से पीड़िता को नाबालिग माना गया। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रिंसिपल की गवाही को अविश्वसनीय करार दिया था। जोधपुर कोर्ट ने पीड़िता को नाबालिग मानकर पॉक्सो की धारा को बरकरार रखा और आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित गौरव गिल की कार से 3 लोगों की मौत

नई दिल्ली
रेसर गौरव गिल की कार से 3 लोगों की मौतगौरव गिल को आई चोट, अस्पताल में भर्ती

अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित गौरव गिल की कार शनिवार (21 सितंबर)  को राष्ट्रीय रैली चैम्पियनशिप की रेस के दौरान एक मोटरसाइकिल से जाकर टकरा गई. इस दौरान गिल की कार से कुचलकर 3 लोगों की मौत हो गई .न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक ये हादसा शनिवार सुबह हुआ. हादसे के बाद आयोजकों ने इंडियन कार रैली का जोधपुर चरण को रद्द कर दिया है. इस हादसे में एक बच्चे समते 3 लोगों की जान चली गई.

 गिल हाल ही में पहले रैली ड्राइवर बने. इस हादसे में गौरव गिल को भी चोट आई और फिलहाल वे अस्पताल में भर्ती हैं. यह हादसा एफएमएससीआई इंडियन रैली चैम्पियनशिप 2019 के तीसरे दौर के दौरान हुआ. इसका नाम मैक्सपीरिएंस रैली रखा गया था.

जानकारी के मुताबिक, ये हादसा तब हुआ जब गिल की कार होतरड़ा गांव के पास ट्रैक पर सामने आ रही बाइक को टक्कर मारी. बाइक प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गई थी. रेसिंग से पहले बाइक चलाने वाले लोगों को इशारा कर दिया गया था कि ट्रैक पर न आएं. मरने वाले तीन लोग एक ही बाइक पर सवार थे. वहीं, ये भी बताया जा रहा है कि इनमें से किसी शख्स ने हेलमेट नहीं पहना था.

वहीं, तहसीलदार राकेश जैन ने बताया कि हादसे में नरेंद्र (पुत्र नेमराम), उसकी पत्नी पुष्पा व उनके बेटे जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने बताया कि यह कार एक कार रेसिंग काफिले का हिस्सा थी. इस कॉम्पिटिशन का आयोजन हरियाणा की एक कंपनी मैक्सपीरियंस कर रही थी.

मालूम हो कि यहां चैम्पियंस याच क्लब एफएमएससीआई इंडियन नेशनल रैली चैम्पियनशिप (आईएनआरसी) के तीसरे चरण में गौरव गिल एक बार फिर खिताब के लिए दावेदारी पेश कर रहे थे. जोधपुर में इस रैली को मैक्सपीरिएंस नाम दिया गया है, जिसमें गौरव गिल को चेन्नई में हुए राउंड-1 के विजेता डीन मैस्केरेनहस से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद थी.

रैली के स्थानीय आयोजक अरविंद बालन ने कहा कि रैली में शामिल एक कार द्वारा मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों को टक्कर मारे जाने की दुखद: घटना के बाद आईएनआरसी इंडियन रैली चैंपियनशिप के तीसरे दौर को रद्द कर दिया गया. बाइक गलती से प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गई थी. कार काफी तेज रफ्तार में थी और चालक तीखे मोड़ के कारण मोटरसाइकिल को देख भी नहीं सका.

आईएनआरसी के प्रमोटर वाम्सी मेरला ने कहा कि स्टेज-1 में गौरव की कार सबसे आगे थी. वह लगभग 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. वह एक तीखे मोड़ पर मुड़ते ही बाइक से टकरा गई. गौरव ने ब्रेक लगाकर कार रोकने की कोशिश की लेकिन रफ्तार के कारण वह कुछ नहीं कर सके.

एफएफएससीआई के अध्यक्ष और प्रतियोगिता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जे. पृथ्वीराज ने कहा कि सभी तरह के सुरक्षा मानकों का पालन करने के बावजूद ट्रैक पर यह दुखद: घटना हुई. हम इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं. दुख के इस पल में समूचा मोटरस्पोर्ट्स परिवार उनके साथ खड़ा है.

क्या होगा ‘Howdy Modi’ में

‘Howdy Modi’ समारोह का आयोजन अमरीका के टेक्सस प्रदेश में बसे भारतीयों के एक संगठन टेक्सस इंडिया फ़ोरम (टीआईएफ़) ने किया है.

ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में होनेवाला तीन घंटे का ये कार्यक्रम भारतीय समयानुसार रात साढ़े आठ बजे शुरू होगा.

यहाँ मोदी और ट्रंप की मौजूदगी में संगीत-नृत्य की प्रस्तुति होगी जिसके बाद दोनों नेता वहाँ लोगों को संबोधित भी करेंगे.

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समारोह की शुरूआत 90 मिनट के सांस्कृतिक कार्यक्रम से होगी जिसमें अमरीका में बसे भारतीयों के अमरीका से जुड़ाव को दर्शाया जाएगा.

इस प्रस्तुति में पूरे अमरीका से आए लगभग 400 कलाकार और अन्य लोग हिस्सा लेंगे. इसमें 27 ग्रुप अपनी प्रस्तुतियाँ पेश करेंगे.

ये कार्यक्रम हिंदी, अंग्रेज़ी और स्पैनिश भाषा में प्रसारित किया जाएगा.

टीआईएफ़ के अनुसार इस समारोह में 50,000 से ज़्यादा लोग मौजूद होंगे.

बताया जा रहा है कि समारोह में अमरीका के लगभग 60 सांसद भी मौजूद रहेंगे जिनमें हवाई से अमरीका की पहली हिंदू महिला सांसद तुलसी गैबार्ड और इलिनॉय से सांसद राजा कृष्णमूर्ति शामिल हैं.