करोड़ों में खेलने वाले तिहाड़ में बंद कैदी नंबर 1449 हैं चिदंबरम, हो गए हैं ‘पाई-पाई’ को मोहताज


पी. चिदंबरम की कलम कल तक अरबों-खरबों के बजट ‘पास-फेल’ कर देती थी, वे पूर्व वित्त मंत्री फिलहाल तो जिंदगी के बीच में ‘जेल-मैनुअल’ के आ जाने से ‘पाई-पाई’ को तरस गए है

नई दिल्ली: जेल का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छे अपराधियों के चेहरे पर एक खौफ नज़र आने लगता है और जब जेल किसी ऐसे व्यक्ति को मिली हो जो एक जमाने में देश का सबसे कद्दावर नेता रहा हो तो फिर सोचिए क्या हाल होगा उसका. तिहाड़ जेल में अजीबो-गरीब भय और दमघोटू कोठरी में गुजर बसर कर रहे विचाराधीन कैदी नंबर 1449 का भी उन दिनों ऐसा ही हाल है. 1449 पहचनान बन चुकी है देश के पूर्व वित्तमंत्री पलनिअप्पन चिदंबरम की.

तिहाड़ की सात नंबर जेल की सूनी सी संकरी दमघोटू कोठरी (सेल) में पी. चिदंबरम को रखा गया है, अतीत में वही पी. चिदंबरम वित्त और गृहमंत्री रहते हुए इसी तिहाड़ जैसी देश की और न मालूम कितनी जेलों के इंतजामात के लिए बजट ‘ओके’ किया करते थे. यह अलग बात है कि, समय का पहिया घूमने पर चिदंबरम जेल पहुंचे, तो जेल में उनके हिसाब से आज कुछ भी ‘ओके’ नहीं है.

जेल में पहली सुबह उन्हें उम्मीद रही थी कि नाश्ते में इडली, वड़ा-डोसा मिलेगा, मगर परोसा गया तिहाड़ के रसोई (लंगर) में बना दलिया-चाय-बिस्किट, जिसे देखकर उनका मन खिन्न हो गया. ना-पसंद ‘ब्रेक-फास्ट’ से उपजी झुंझलाहट, जेल की सलाखों के अंदर की मजबूरी के अहसास ने मगर कुचल डाली.

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