अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ शिवपुरी पुलिस सक़िय.

शिवपुरी पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्री गजेंद्र सिंह कंवर एवं एसडीओपी शिवपुरी श्री शिवसिंह भदोरिया के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव द्वारा रेत के अवैध उत्खनन के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम द्वारा ग्वालियर नाके से अवैध रेत भरकर आ रहे डम्फर क्रमांक एमपी 08 जीए 0526, एमपी 33 एच 1489 ,  एमपी 33एच 1043 को पकड़कर जप्त कर अग्रिम कार्रवाई करने हेतु खनिज विभाग को सूचना दी गई।

ओसामा बिन लादेन के बेटे हमजा की मौत की लोकेशन को लेकर उठ रहे कई सवाल

ओसामा बिन लादेन के बेटे हमजा की मौत को लेकर अभी तक सस्पेंस बना हुआ है। आधिकारिक बयान में उसके अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में मारे जाने की पुष्टि की गई। हमजा की मौत अगर पाकिस्तान सीमा में हुई है तो यह पाक सरकार के लिए और असहज करनेवाली स्थिति बन जाएगी।



हमजा की मौत को लेकर बरकरार संशय पर काफी सवाल भी उठ रहे हैंपाकिस्तान क्षेत्र में अगर उसकी मौत हुई है तो पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी का कारण बन सकतीतालिबान के प्रभुत्व वाले अफगानिस्तान में भी हमजा की मौत पर काफी सवाल उठ सकते हैंतालिबान और अमेरिका के बीच अलकायदा को लेकर समझौता हुआ था.

वॉशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शनिवार को हमजा बिन लादेन के मारे जाने की पुष्टि कर दी है। ओसामा बिन लादेन का बेटा हमजा के मारे जाने का ऐलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका की सेना के आंतकरोधी ऑपरेशन में उसकी मौत अफगानिस्तान/ पाकिस्तान क्षेत्र में हो गई। हमजा कहां मारा गया, इसकी निश्चित जानकारी नहीं दी गई और न ही वक्त का सही ऐलान किया गया। नाम प्रकाशित किए बिना सूत्रों के हवाले से न्यू यॉर्क टाइम्स ने जुलाई में हमजा बिन लादेन के मारे जाने की खबर प्रकाशित की थी। खबर के अनुसार हमजा 2017 से 2019 के बीच हुए ऑपरेशन के दौरान मारा गया।
हमजा का कद अलकायदा में लगातार बढ़ रहा था ओसामा बिन लादेन की जीवित 3 पत्नियों में से एक खैरियाह साबर का बेटा हमजा पिछले कुछ वर्षों में अलकायदा में तेजी से आगे बढ़ा था। एबटाबाद में ही अमेरिकी सेना के स्पेशल ऑपरेशन में ओसामा बिन लादेन 2011 में मारा गया था। उस दौरान हमजा की मां खैरियाह भी उसके साथ थीं। बहुत से विशेषज्ञों का कहना है कि अलकायदा में उसका कद लगातार बढ़ रहा था। माना जा रहा था कि जल्द ही वह मौजूदा चीफ अल-जवाहिरी की जगह ले लेगा। यूएन सुरक्षा परिषद ने हमजा को प्रतिबंधित आतंकी संगठन की सूची में डाला था। इस साल मार्च में सऊदी अरब ने उसकी नागरिकता रद्द कर दी थी।

ओसामा का बेटा कहां मरा, अभी तक सस्पेंस
हमजा बिन लादेन की मौत किस जगह पर हुई अभी तक इस पर सस्पेंस है और इस कारण कई सवाल भी उठ रहे हैं। ओसामा बिन लादेन की मौत की जगह और समय का भी ऐलान किया गया था, जबकि उसके बेटे के केस में ऐसा नहीं है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र का अर्थ हो सकता है कि सीमा के आसपास का कोई इलाका हो, जिसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं। अफगानिस्तान की तरफ हमजा की मौत हुई तो इसका अर्थ है कि वह उस इलाके में था जहां मुख्य तौर पर तालिबान का प्रभुत्व है। कुछ दिन पहले ही तालिबान ने अमेरिका के साथ शांति डील की थी और वार्ता भी चल रही थी। हालांकि, काबुल में एक अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने वार्ता रद्द करने का ऐलान किया।

अलकायदा को लेकर तालिबान-यूएस में हुआ था समझौता
तालिबान और अमेरिका के बीच अलकायाद को लेकर समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार, तालिबान अपने क्षेत्र का प्रयोग अलकायदा को नहीं करने देगा। अगर यह ऑपरेशन अफगानिस्तान की सीमा क्षेत्र के अंदर हुआ है तो यह पाकिस्तान के लिए विश्व पटल पर और शर्मिंदा होने की वजह हो सकती है। पाकिस्तान में ओसामा की मौत पर भी उसकी संप्रभुता को लेकर काफी सवाल उठे थे।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल सउदी तेल कंपनी पर हमले के बाद

नई दिल्ली
बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई हैं. सऊदी अरब और अमेरिका ने अरामको रिफाइनरी पर हमले के लिए तेहरान समर्थित हाउती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया और ईरान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है.

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर हौती विद्रोहियों के हमले के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों का असर देखने को मिला है. तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई हैं. सऊदी अरब और अमेरिका ने इस हमले के लिए तेहरान समर्थित हौती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया और ईरान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. हालांकि ईरान ने ऐसे किसी भी आरोप से इनकार किया है. सऊदी अरब के इस प्लांट पर हमले के बाद यहां का उत्पादन आधा हो गया है. हांगकांग के तेल बाजार से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 11.77 प्रतिशत बढ़कर 67.31 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई है.

करोड़ों में खेलने वाले तिहाड़ में बंद कैदी नंबर 1449 हैं चिदंबरम, हो गए हैं ‘पाई-पाई’ को मोहताज


पी. चिदंबरम की कलम कल तक अरबों-खरबों के बजट ‘पास-फेल’ कर देती थी, वे पूर्व वित्त मंत्री फिलहाल तो जिंदगी के बीच में ‘जेल-मैनुअल’ के आ जाने से ‘पाई-पाई’ को तरस गए है

नई दिल्ली: जेल का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छे अपराधियों के चेहरे पर एक खौफ नज़र आने लगता है और जब जेल किसी ऐसे व्यक्ति को मिली हो जो एक जमाने में देश का सबसे कद्दावर नेता रहा हो तो फिर सोचिए क्या हाल होगा उसका. तिहाड़ जेल में अजीबो-गरीब भय और दमघोटू कोठरी में गुजर बसर कर रहे विचाराधीन कैदी नंबर 1449 का भी उन दिनों ऐसा ही हाल है. 1449 पहचनान बन चुकी है देश के पूर्व वित्तमंत्री पलनिअप्पन चिदंबरम की.

तिहाड़ की सात नंबर जेल की सूनी सी संकरी दमघोटू कोठरी (सेल) में पी. चिदंबरम को रखा गया है, अतीत में वही पी. चिदंबरम वित्त और गृहमंत्री रहते हुए इसी तिहाड़ जैसी देश की और न मालूम कितनी जेलों के इंतजामात के लिए बजट ‘ओके’ किया करते थे. यह अलग बात है कि, समय का पहिया घूमने पर चिदंबरम जेल पहुंचे, तो जेल में उनके हिसाब से आज कुछ भी ‘ओके’ नहीं है.

जेल में पहली सुबह उन्हें उम्मीद रही थी कि नाश्ते में इडली, वड़ा-डोसा मिलेगा, मगर परोसा गया तिहाड़ के रसोई (लंगर) में बना दलिया-चाय-बिस्किट, जिसे देखकर उनका मन खिन्न हो गया. ना-पसंद ‘ब्रेक-फास्ट’ से उपजी झुंझलाहट, जेल की सलाखों के अंदर की मजबूरी के अहसास ने मगर कुचल डाली.