हाजीपुर सेक्टर में भारतीय जवानों ने मार गिराए पाकिस्तानी सैनिक, सफेद झंडा लहराकर ले गए शव

श्रीनगर,।   भारतीय सेना ने एक बार फिर पाकिस्तानी सैनिकों को मुहंतोड़ जवाब दिया है। सेना ने गुलाम कश्मीर (PoK) के हाजीपुर सेक्टर में पाकिस्तान के दो सैनिकों को मार गिराया है। इतना ही नहीं सेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को झुकना पड़ा और सफेद झंडा लहराकर वह अपने सैनिकों के शव लेकर गया।  दरअसल, पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम का उल्लंघन किए जाने के बाद भारतीय जवानों ने ये कार्रवाई की। बता दें कि सफेद झंडे का मतलब आत्मसमर्पण करना या युद्धविराम की मांग करना है। 

भारतीय सेना ने सफेद झंड़े को देखकर उसका मान रखा, उन्होंने पाकिस्तान के सैनिकों पर गोली नहीं चलाई और उनके सैनिकों के शव ले जाने दिए। ये पूरी घटना एलओसी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

भारतीय सेना के सामने घुटनों पर आया पाकिस्तान
सेना के सूत्रों ने कहा कि 10-11 सितंबर को भारतीय सेना के जवानों ने गुलाम कश्मीर (पीओके) के हाजीपुर सेक्टर में सिपाही गुलाम रसूल को मार गिराया था।  रसूल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत बहावलनगर से था। शुरू में पाकिस्तानी सैनिकों ने संघर्ष विराम उल्लंघन को तेज करते हुए शव को बरामद करने की कोशिश की। इस दौरान पाकिस्तान के दूसरे पंजाबी मुस्लिम सैनिक को मार गिराया गया। सेना के सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी सेना दो दिनों से लगातार कोशिशों के बावजूद शवों को बरामद नहीं कर सकी। नाकामयाबी हाथ लगने के बाद 13 सितंबर को पाकिस्तानी सेना ने सफंद झंडा दिखाकर अपने सैनिकों के शव हासिल किए। 

पुंछ में भी संघर्ष विराम का उल्लंघन
पाकिस्तानी सेना ने पुंछ सेक्टर में भी शनिवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर चौकियों और गांवों पर भारी गोलीबारी और मोर्टार दागे। अधिकारियों ने कहा कि सीमा पार से गोलीबारी और मोर्टार गोलाबारी सुबह 10 बजे के आसपास बालाकोट और मनकोट इलाके में शुरू हुई। अधिकारी ने आगे कहा कि अंतिम जानकारी मिलने तक दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी चालू थी। पुंछ के उपायुक्त राहुल यादव ने कहा कि पाकिस्तानी गोलीबारी में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

केरन सेक्टर में सेना ने मारे थे पाकिस्तानी सैनिक
जानकारी के लिए बता दें कि केरन सेक्ट से भी खबरें आई थी कि सीमा पर पाकिस्तानी आर्मी के BAT (बॉर्डर ऐक्शन टीम) अटैक को नाकाम करते हुए पाकिस्तान के कम से कम 5 से 7 सैनिक मारे गए थे। पाकिस्तान अपने इन सैनिकों को लेकर नहीं गए थे। उनके शव वहीं पड़े रहे थे। हालांकि, सेना ने इन शवों की सैटलाइट तस्वीरें भी ली हैं। गौरतलब, है कि पाकिस्तान लगातार कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिश करता रहता है। 

आतंकी भी कर रहे घाटी में घुसपैठ
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद  इंटेलिजेंस सूत्रों ने बताया था कि घाटी में कई आतंकियों को देखा गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 5 अगस्त से लेकर अबतक घाटी में 40 पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ कर चुके हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों के अनुसार, ये सभी आतंकी जैश ए मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए हैं। इंटेलिजेंस सत्रों का कहना है कि इन आतंकियों के निशाने पर  सुरक्षा बल हैं। साथ ही कहा गया है कि ये आतंकी किसी बड़े हमले की फिराक में हैं। इतना ही नहीं पाकिस्तान कोशिश में लगा है कि वह और आतंकी भेजे। 

सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी से ‘कॉमन सिविल कोड’ फिर चर्चा में, क्या ‘तीन तलाक’ बिल के बाद इस पर भी आगे बढ़ेगी मोदी सरकार?

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी से एक बार फिर समान नागरिक संहिता का मुद्दा चर्चा में आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिए गए एक फैसले में कहा कि देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया है. जबकि सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में कई बार कह चुका है. न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि गोवा भारतीय राज्य का एक चमचमाता उदाहरण है जिसमें समान नागरिक संहिता लागू है, जिसमें सभी धर्मों की परवाह किए बिना यह लागू है, वो भी कुछ सीमित अधिकारों को छोड़कर. पीठ ने  एक संपत्ति विवाद मामले में ये टिप्पणियां की. पीठ ने कहा कि गोवा राज्य में लागू पुर्तगाली नागरिक संहिता, 1867 है, जो उत्तराधिकार और विरासत के अधिकारों को भी संचालित करती है. जबकि भारत में कहीं भी गोवा के बाहर इस तरह का कानून लागू नहीं है. 

पीठ ने कहा कि यह गौर करना दिलचस्प है कि राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों से जुड़े भाग चार में संविधान के अनुच्छेद 44 में निर्माताओं ने उम्मीद की थी कि राज्य पूरे भारत में समान नागरिक संहिता के लिए प्रयास करेगा. लेकिन आज तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है. पीठ ने 31 पृष्ठ के अपने फैसले में कहा, ‘हालांकि हिंदू अधिनियमों को वर्ष 1956 में संहिताबद्ध किया गया था, लेकिन इस अदालत के प्रोत्साहन के बाद भी देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है’. शीर्ष अदालत ने इस सवाल पर भी गौर किया कि क्या पुर्तगाली नागरिक संहिता को विदेशी कानून कहा जा सकता है. पीठ ने कहा कि ये कानून तब तक लागू नहीं होते जब तक कि भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हो और पुर्तगाली नागरिक संहिता भारतीय संसद के एक कानून के कारण गोवा में लागू है. पीठ ने कहा, ‘इसलिए, पुर्तगाली कानून जो भले ही विदेशी मूल का हो, लेकिन वह भारतीय कानूनों का हिस्सा बना और सार यह है कि यह भारतीय कानून है. यह अब विदेशी कानून नहीं है. गोवा भारत का क्षेत्र है, गोवा के सभी लोग भारत के नागरिक हैं.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी इसलिए भी अहम है क्योंकि तीन तलाक पर बिल पास करा चुकी बीजेपी सरकार के एजेंडे में कॉमन सिविल कोड भी है. मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में इस पर सभी की राय मांगने के लिए लॉ कमीशन भी बनाया गया था जिसने अपनी रिपोर्ट भी सरकार को सौंपी थी. लेकिन विपक्ष के भारी विरोध के चलते तीन तलाक की तरह इससे भी सरकार को पीछे हटना पड़ा. लेकिन दूसरा कार्यकाल आते ही मोदी सरकार ने तीन तलाक बिल संसद में पास करा लिया क्योंकि इस बार उसे राज्यसभा में कई दलों का समर्थन मिला हुआ है. इसलिए माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद एक बार फिर सरकार इस पर विचार कर सकती है. 

वहीं इस मुद्दे पर विरोध करने  वालों का कहना है कि सरकार कॉमन सिविल कोड के सहारे अल्पसंख्यकों पर हिंदू कानून थोपना चाहती है. हर धर्म और समुदाय की अलग-अलग मान्यताएं और विश्वास हैं और उनको अपने हिसाब से मानने का उन्हें पूरा संवैधानिक अधिकार है. वहीं इस मामले में नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ,  में इन बातों पर अलग राय रखी. उनका कहना है ‘पूरे देश के मुसलमानों को मैं बता दूं कि अमेरिका में, विदेशों में एक ही लॉ है और वहां पर इस्लाम खूब फल-फूल रहा है. लॉ बनने से कुछ नहीं होता है. 1981 से कई हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि तीन तलाक इनवेलिड है’.

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के परिवार के नाम 317 खाते, 800 करोड़ की बेनामी संपत्तियां! ईडी ने लगाए गंभीर आरोप

D K Shivakumar, ED: ईडी ने अदालत को बताया कि जांच के अनुसार शिवकुमार के पास करीब 800 करोड़ रुपये मूल्य की बेनामी संपत्ति है। इतना ही नहीं उनके पास 317 खाते हैं और उन्होंने 200 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की ह
दिल्ली धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में बंद कर्नाटक की कनकपुरा विधानसभा सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक डी के शिवकुमार पर ईडी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को राउज एवेन्यू अदालत ने शिवकुमार की कस्टडी पांच दिन के लिए बढ़ा दी है। 57 वर्षीय शिवकुमार धनशोधन मामले में तीन सितंबर को गिरफ्तारी के बाद से ईडी की हिरासत में हैं। ईडी ने शुक्रवार को बताया कि अब तक की जांच से पता चला है कि कांग्रेस विधायक के परिवार के नाम 317 खाते हैं और करीब 800 करोड़ की बेनामी संपत्तियां हैं।

ईडी ने बताया कि जांच के अनुसार शिवकुमार के पास करीब 800 करोड़ रुपये मूल्य की बेनामी संपत्ति है। इतना ही नहीं उनके पास 317 खाते हैं और उन्होंने 200 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की है। बता दें कि 3 सितंबर को अरेस्ट किए गए शिवकुमार की नौ दिन की कस्टडी शुक्रवार को समाप्त होने के बाद उन्हे कोर्ट में पेश किया गया था। जहां कोर्ट ने उनकी कस्टडी बढ़ाते हुए 17 सितंबर तक ईडी की हिरासत में बने रहने का आदेश दिया

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने अदालत को बताया कि शिवकुमार पूछताछ के दौरान सवालों को टालते हैं और उन्होंने अप्रासंगिक जवाब दिए हैं। ईडी का आरोप है कि जांच से पता चला है कि शिवकुमार ने विधायक और कर्नाटक सरकार में मंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करके बड़ी रकम का सृजन किया है। ईडी ने उनकी पांच दिन की हिरासत मांगी थी। इसका विरोध करते हुए शिवकुमार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि उनके मुवकिल उच्च रक्तचाप सहित गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। न्यायाधीश ने ईडी को कहा कि वह शिवकुमार को डॉक्टर के पास ले जाए, उनके स्वास्थ्य का ख्याल रखे और फिर उनसे पूछताछ करे।

सोनिया गांधी बोलीं- नए मोटर व्हीकल एक्ट का विरोध नहीं करेगी कांग्रेस

नई दिल्ली
कांग्रेस बहुचर्चित नए मोटर व्हीकल एक्ट का विरोध नहीं करेगी. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के नेताओं से दो टूक कहा कि सैद्धांतिक तौर पर पार्टी इसका विरोध नहीं करेगी. सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि इस कानून को लागू किए जाने के दौरान कोई गलत एक्शन हो तो उसका विरोध किया जाना चाहिए.

नए मोटर व्हीकल एक्ट के गलत इस्तेमाल पर करें विरोधकांग्रेस शासित राज्य कानून में संशोधन की बात कर रहे थे

कांग्रेस बहुचर्चित नए मोटर व्हीकल एक्ट का विरोध नहीं करेगी. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के नेताओं से दो टूक कहा कि सैद्धांतिक तौर पर पार्टी इसका विरोध नहीं करेगी. सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि इस कानून को लागू किए जाने के दौरान कोई गलत एक्शन हो तो उसका विरोध किया जाना चाहिए.

सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को पार्टी नेताओं के साथ बैठक में सोनिया गांधी ने यह बात कही. सोनिया गांधी ने यह बात ऐसे समय पर कही है जब नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू किए जाने को लेकर कांग्रेस शासित राज्य कश्मकश की स्थिति में दिख रहे थे, और कानून में बदलाव की पैरवी कर रहे थे.

असल में, लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद सोनिया गांधी का ध्यान सांगठनिक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त करने पर है. लिहाजा उन्होंने शुक्रवार को 10 जनपथ पर कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक बुलाई थी और सूत्रों के मुताबिक इसी मीटिंग में नए मोटर व्हीकल एक्ट पर पार्टी का रुख साफ कर दिया.

सोनिया गांधी ने कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, प्रदेश प्रभारियों और प्रमुखों के साथ बैठक में उन्हें समन्वय के साथ काम करने को कहा. उन्होंने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कांग्रेस सरकारों के प्रदर्शन पर जोर दिया.

सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी, मध्य प्रदेश के पार्टी प्रभारी दीपक बबरिया राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडेय, पंजाब की प्रभारी आशा कुमारी शामिल थे.

यूपी में फिलहाल लागू नहीं होगा नया मोटर व्हीकल एक्ट, मंत्री बोले- जुर्माने की पुरानी दरें ही लागू होंगी

राज्य के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा कि जो अधिनियम बनाया गया है, वह आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनया गया है, इसलिए वाहन चालकों को इन नियमों का पालन करना चाहिए.

लखनऊउत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में फिलहाल नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं करेगी. राज्य के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में यातायात नियमों के उल्लंघन पर अभी जुर्माने की पुरानी दरें ही लागू हैं. नई दरों पर सरकार विचार कर रही है. कटारिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो अधिनियम बनाया है, वह एक सितंबर से पूरे देश में लागू है. लेकिन सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में इसे लागू करने पर विचार कर रही है.

यातायात पुलिस अभी नई दरों से चालान न करे- यूपी के परिवहन मंत्री

यूपी के परिवहन मंत्री ने कहा, ”जब तक कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक प्रदेश में जुर्माने की पुरानी दरें ही लागू रहेंगी.” मंत्री ने कहा कि चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट न लगाने, दुपहिया वाहन पर हेलमेट न लगाने जैसी गलती पकड़े जाने पर प्रदेश में फिलहाल पुरानी दर से ही शमन शुल्क देय होगा. यातायात पुलिस अभी नई दरों से चालान न करे, इसके लिए सभी को निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि जुर्माना लगाए जाने पर यदि कोई वाहन चालक अदालत जाता है तो उसे नई दरों के हिसाब से ही शमन शुल्क वहन करना होगा.

नियमों का पालन करें वाहन चालक- यूपी के परिवहन मंत्री

कटारिया ने कहा कि यातायात नियम जितनी कड़ाई के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों के चालकों पर लागू हैं, उतनी ही कड़ाई के साथ उनका पालन टैक्सी, टेम्पो और बसों पर भी लागू है, इसलिए यातायात पुलिस इनके खिलाफ भी उसी तत्परता से कार्रवाई करेगी, ताकि लोगों की जान जोखिम में पड़े.

मंत्री ने कहा कि जो अधिनियम बनाया गया है, वह आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनया गया है, इसलिए वाहन चालकों को इन नियमों का पालन करना चाहिए.

होशंगाबाद अवैध रेत को लेकर कलेक्टर एसडीएम भिड़े

भोपाल मध्यप्रदेश
रेत को लेकर अफसरों में जूतम पैजार
कलेक्टर ने एसडीएम को तीन घंटे बंधक बनाया
एसडीएम ने प्रमुख सचिव से की शिकायत
भोपाल। रेत के अवैध कारोबार के मामले में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भाजपा को बहुत पीछे छोड़ दिया है। अब तो इस अवैध धंधे को लेकर अधिकारियों में ही जूतम पैजार शुरू हो गई है। आरोप है कि होशंगाबाद कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने अवैध रेत भण्डारण के खिलाफ कार्रवाई करने मौके पर गए एसडीएम रविश श्रीवास्तव को रात 12 बजे अपने बंगले पर बुलाया और तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा। श्रीवास्तव ने इसकी शिकायत मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को भेज दी है। मप्र में पहला मामला है जब अवैध रेत व्यापार को लेकर दो अधिकारियों की लड़ाई इस तरह सड़क पर आई है। एक खबर यह भी आ रही है कि अवैध रेत डंपरों को लेकर होशंगाबाद और सीहोर कलेक्टर भी आमने-सामने आ गए हैं।

होशंगाबाद में शीलेंद्र सिंह को जब से कलेक्टर बनाया गया है। उनका पूरा फोकस रेत खनन और परिवहन पर है। ऐसे समय में जबकि ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद राज्य सरकार ने रेत भण्डारण को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि सब रेत भण्डारणों से परिवहन रोका जाए, सभी भण्डारण की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाए। इस आदेश के बाद भी कलेक्टर होशंगाबाद ने नियम विरूध तरीके से होशंगाबाद के 8 रेत भण्डारण करने वालों को रेत परिवहन की अनुमति जारी कर दी। मजेदार बात यह है कि इनमें भाजपा के दिग्गिज नेता डॉ. सीतासरण शर्मा के भतीजे सहित भाजपा समर्थित लोगों के भण्डारण अधिक हैं।

कलेक्टर-एसडीएम के झगड़े की शुरुआत
गुरुवार देर रात होशंगाबाद एसडीएम रविश श्रीवास्तव को खबर लगी कि कुलामर्णी के रेत भण्डारण पर 50 से ज्यादा डंपर रेत परिवहन के लिए पहुंचे हैं। खबर लगते ही वे वहां पहुंचे तो रात 12 बजे कलेक्टर ने उन्हें अपने निवास पर बुला लिया। एसडीएम का आरोप है कि वे इस परिवहन को न रोक सके इसलिए उन्हें कलेेक्टर बंगले में बंधक बना लिया गया। उनकी कार की चाबी छीन ली गई और उन्हें मोबाइल का उपयोग नहीं करने दिया और बंगले के बाहर निकलने पर रोक लगा दी। सुबह 3 बजे वे बमुश्किल कलेक्टर बंगले से बाहर आए हैं। इस संबंध में एसडीएम श्रीवास्तव ने मुख्य सचिव, अतिरक्ति मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग और प्रमुख सचिव, खनिज विभाग को पत्र लिखकर पूरी घटना की जानकारी दी है।

कलेक्टर का तर्क
इस मामले में कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ढंग से जवाब नहीं दे पा रहे। उनका सिर्फ यह कहना है कि क्या कोई कलेक्टर रात 12 बजे एसडीएम को अपने घर नहीं बुला सकता। कलेक्टर ने शुक्रवार सुबह ही आदेश जारी कर श्रीवास्तव को होशंगाबाद एसडीएम के पद से हटा दिया है।

पूर्व स्पीकर की भूमिका
बताया जाता है कि कलेक्टर होशंगाबाद पूर्व स्पीकर डॉ. सीतासरण शर्मा के प्रभाव में काम कर रहे हैं। सीतासरण के भतीजे वैभव शर्मा को अनुमति देेने कलेक्टर ने नियमों की धज्जियां उड़ा दी हैं।

होशंगाबाद-सीहोर कलेक्टर में टकराव
होशंगाबाद में अवैध रेत परिवहन की अनुमति दिए जाने के बाद होशंगाबाद और सीहोर कलेक्टर में भी टकराव की नौबत आ गई है। होशंगाबाद से रेत लेकर सीहोर की सीमा में घुसने वाले डंपरों को सीहोर कलेक्टर ने जब्त करना शुरू कर दिया है। सीहोर कलेक्टर का कहना है कि जब राज्य शासन ने परिवहन पर रोक लगाई है तो वह अपने जिले में रेत का परिवहन नहीं होने देेंगे। जबकि डंपर चालक होशंगाबाद कलेक्टर की अनुमति और पर्चियां दिखा रहे हैं।

कलेक्टर की विदाई तय
यह भी खबर है कि होशंगाबाद के प्रभारी मंत्री पीसी शर्मा ने कलेक्टर शीलेंद्र सिंह की कार्यशैली की जानकारी मुख्यमंत्री को पहले ही दे दी थी। इस मामले में चर्चा है कि बहुत जल्द ही कलेक्टर शीलेंद्र सिंह की होशंगाबाद से विदाई हो जाएगी।

कलेक्ट्रेट गुना पर शंख झालर वह घंटियां बजाकर किया भाजपाइयों ने प्रदर्शन गुना के सांसद के पी यादव ने किया आंदोलन का नेतृत्व


[संपादक करुणेश शर्मा की रिपोर्ट]
झालर और थाली बाजकर किया कलेक्टे्रट का घेराव
भाजपाइओं ने शंख झालक थाली बजाकर कर जगाया शासन प्रशासन को
गुना। भारतीय जनता पार्टी के शंखनाद और घंटानाद आंदोलन के दौरान पार्टी ने हाट रोड पर सभा कर एवं ढोलक शंख झालर,थाली, बैलों की घंटी आदि बजाकर कलेक्टे्रट का घेराव किया,इस दौरान पुलिस ने कलेक्ट्रेट के आसपास चाकचौबंद व्यवस्था की थी,हालांकि पूरा आंदोलन शांति पूर्वक रहा।
भाजपा ने प्रदेश सरकार की नाकामी और आम जनता की समस्या को लेकर घंटा आंदोलन और कलेक्टे्रट का घेराव सांसद केपी यादव और जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह सिकरवार, विधायक गोपीलाल जाटव,आंदोलन प्रभारी पूर्व विधायक नरेंद्र विरथरे के नेतृत्व में किया। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद भाजपा का यह अनूठा आंदोलन समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की तर्ज पर किया गया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता अलग ही रंग ढंग में दिखाई दिए,कोई शंख बजा रहा था तो कई बैलों के गले की घंटियां,कई किसान अपने साथ थालियां लेकर आए थे। ढोलक मजीरों के बजाते हुए किसान कांग्रेस सरकार की नाकामी और किसानों की समस्याओं को लेकर नारे लगा रहे थे।


नहीं हो रही किसानों की सुनवाई- सांसद
इस मौके पर धरने को संबोधित करते हुए सांसद केपी यादव ने कहा कि अतिवर्षा से जिले में फसलें गल गईं हैं और किसान परेशान है लेकिन उनकी फसलों के सर्वे ही नहीं हो रहे हैं। अधिक वर्षा के कारण सोयाबीन में फली भी नहीं आई है। इसके अलावा लोगों के मकान गिर गए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निष्क्रिय है और जनता की समस्याओं की ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं को जानबूझकर फसा रही है। वहीं पूर्व भाजपा सरकार की सभी योजनाएं ठप करने से जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि वह जनता के साथ है और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर आंदोलन करेंगे।


बढ़ रहे हैं अपराध,ध्वस्त है कानून व्यवस्था
जिले अपराध बढ़ रहे हैं बमौरी ब्लाक में चोरी की कई घटनाएं हो गर्ईं है लेकिन पुलिस चोरियों को नहीं पक ड़ पाई है। इसके चलते जनता में भय व्याप्त है। वहीं मारपीट और कई गंभीर अपराध जिले में हो रहे हैं जिन पर पुलिस काबू नहीं कर पा रही है। जबकि भाजपा नेताओं पर झूठे प्रकरण दर्ज किया जा रहे हैं। बजरंगगढ़ में प्रदीप भट्ट और राघौगढ़ में गोलू गुर्जर पर मामले दर्ज किए गए है।उन्होंने कहा कि जिले में किसानों की समस्याओं पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रभारी नरेंद्र बिरथरे ने कहा कि भाजपा सरकार ने टेकरी के विकास के लिए चार करोड़ स्वीकृत किए थे उक्त राशि को प्रशासन द्वारा अन्य स्थानों पर लगाया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार पर जमकर हमले किए । इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता सूर्यप्रकाश तिवारी,पन्नालाल शाक्य, ममता मीणा, राधेश्याम पारीक, हरिसिंह यादव,ओएन शर्मा, राजेंद्र सलूजा ब्रजमोहन आजाद सिंह,भूपेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।