दो महिलाओं की नृशंस हत्या,चांदी के कड़े नही निकले तो काट डाले बुढ़िया के पैर, दूसरी महिला के हाथ पर गुदा नाम चाकू से काट कर मिटाया

ग्वालियर शुक्रवार की सुबह ग्वालियर में दो महिलाओं की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। एक जगह बूढ़ी महिला के साथ हत्या करने के बाद उसके पैर काट दिए गए। वहीं दूसरे केस में 30-32साल की उम्र की महिला की निर्मम हत्या की गई है। उसके हाथ पर बने किसी निशान को मिटाने के लिए उसका हाथ जलाया गया है। जिस वृद्ध महिला के पैर काटे गए हैं वह अपने बेटों के साथ रहती है।

ग्वालियर में दो महिलाओं की हत्या, चांदी के कड़े नहीं निकले तो काट दिए बुढ़िया के पैर

ग्वालियर शहर के सुनारों की बगिया में रहने वाली जुगो बाई की निर्मम हत्या कर दी गई। जुगो की उसकी हत्या सोते वक्त की गई है। घटना के वक्त जुगों नीचे वाले कमरे मे थी। परिवार के अन्य लोग दूसरी मंजिल पर सो रहे थे। पहले हत्यारों ने जुगो की गला घोटकर हत्या की। फिर उनकी नजर जुगो के पैरों में पहने हुए चांदी के कढ़ों पर गई। हत्यारों ने उन्हें उतारने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। चांदी के कड़े पाने के लिए लिए हत्यारों ने जुगो के दोनों पैर पंजों से काट दिए और चांदी के कढ़े लेकर फरार हो गए। घरवालों को इस पूरे हत्याकांड की भनक तक नहीं चली। सुबह हुई तो उन्होंने ये भयानक नजारा देखा और पुलिस को फोन किया। जनकगंज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर महिला का शव बरामद किया और उसे पीएम के लिए भिजवाया है। घरवालों के बात करने पर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। पुलिस पड़ताल कर रही है।

मुरार में मिली अज्ञात महिला की लाश
वहीं दूसरी ओर शहर के मुरार क्षेत्र में 30/32 साल की महिला की लाश मिली है। लाश को देखकर लगता है कि मर्डर गुरूवार-शुक्रवार रात में हुआ है। हत्यारों ने लाश की पहचान छुपाने के लिए लडक़ी के हाथ पर गुदे उसके नाम को काट कर हटा दिया। संभवतः किसी धरादार हत्यार के उसके हाथ मांस काट दिया। मुरार पुलिस लाश मिलने की जानकारी घटनास्थल के पास रह रहे लोगों ने दी। पुलिस लाश की शिनाख्त नहीं कर पाई है। मुरार पुलिस का कहना है कि लाश से जुड़ी हुई जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।

आतंकवाद पर इमरान बड़ा खुलासा, पाकिस्‍तान ने 1980 में जेहादियों को किया तैयार, अमेरिका ने दिया पैसा

इस्‍लामाबाद, । प्रधानमंत्री इमरान खान एक के बाद एक पाकिस्‍तान की नापाक करतूतों को कबूल कर रहे हैं। इमरान खान ने अब कबूल किया है कि 1980 में अफगानिस्‍तान में रूस (तत्‍कालीन सोवियत संघ) के खिलाफ लड़ने के लिए पाकिस्‍तान ने जेहादियों को तैयार किया था। उन्‍हें ट्रेनिंग दी गई थी। रूस के अंग्रेजी न्‍यूज चैनल RT को दिए इंटरव्‍यू में इमरान खान ने यह कबूल किया है। इस इंटरव्‍यू में इमरान अमेरिका पर भी भड़के। उन्‍होंने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि शीतयुद्ध के उस दौर में रूस के खिलाफ पाकिस्‍तान ने अमेरिका की मदद की थी। जेहादियों को रूसियों के खिलाफ लड़ने के लिए ट्रेनिंग दी थी, लेकिन इसके बावजूद अब अमेरिका, पाकिस्‍तान पर आरोप लगा रहा है। पाकिस्‍तान पर अब आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा है।

70 हजार लोगों की जिंदगी गंवाई
इंटरव्‍यू में इमरान खान ने कहा कि यह सोचकर बड़ा अजीब लगता है कि हमने इस समूह का साथ देकर क्‍या पाया है। मुझे लगता है कि पाकिस्तान को इससे अलग रहना चाहिए था, क्योंकि अमेरिका का साथ देकर हमने इन समूहों को पाकिस्तान के खिलाफ कर लिया। हमने इस दौरान बड़ी संख्‍या में कुर्बानी दी। लगभग हमने 70 हजार लोगों की जिंदगी गंवाई। साथ ही इससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को 100 अरब डॉलर से ज़्यादा का नुकसान हुआ है।

जेहादियों को तैयार करने का पैसा सीआइए ने दिया
इमरान खान ने बताया कि 1980 के दशक में पाकिस्तान मुजाहिद्दीन लोगों को ट्रेनिंग दे रहा था, ताकि जब सोवियत यूनियन, अफगानिस्तान पर कब्जा करेगा तो वो उनके खिलाफ जेहाद का एलान करे देंग। इन लोगों को ट्रेनिंग देने के लिए पाकिस्तान को पैसा अमेरिका की एजेंसी सीआइए द्वारा दिया गया था। हालांकि, अमेरिका का नजरिया एक दशक बाद बिल्‍कुल बदल गया। अमेरिका, अफगानिस्तान में आया तो उसने उन्हीं समूहों को जो पाकिस्तान में थे, जेहादी से आतंकवादी होने का नाम दे दिया। अब इसे क्‍या कहा जा सकता है।

आतंकी संगठन पर खर्च किए करोड़ों रुपये
हाल ही में पाकिस्तान के मंत्री ने भी उसके चेहरा से पर्दा उठाते हुए बताया कि पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जमात-उद-दावा पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। राष्ट्रीय टेलीविजन पर  देश के आंतरिक मंत्री ब्रिगेडियर (आर) एजाज अहमद शाह ने खुलासा किया है। शाह ने कहा कि इमरान सरकार ने आतंकी संगठन को मुख्यधारा से जुड़ने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। पाकिस्तानी पत्रकार नदीम मलिक से बात करते हुए समाचार चैनल हम न्यूज़ पर प्रसारित एक टॉक शो के दौरान मंत्री ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठन के सदस्यों को मुख्यधारा में लाने की जरूरत है। इससे पहले, जुलाई में संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया था कि उनके देश में अभी भी  30,000 से 40,000 आतंकवादी मौजूद हैं। जिन्हें अफगानिस्तान और कश्मीर के हिस्सों में ट्रेनिंग दी गई।

पाकिस्तान में धर्म की स्वतंत्रता का बहुत महत्वपूर्ण और लंबा मुद्दा
पाकिस्‍तान अब मानवाधिकार के मुद्दे पर अतंरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर घिरता नजर आ रहा है। जिनेवा में अनरिप्रेजेंटेड नेशन्स एंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (यूएनपीओ) के महासचिव राल्फ बुनचे ने कहा, आज मैं पाकिस्तान, खासकर सिंध में धार्मिक स्वतंत्रता के बारे में बोल रहा था। मैंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पाकिस्तान में धर्म की स्वतंत्रता का बहुत महत्वपूर्ण और लंबा मुद्दा रहा है। राल्फ बुनचे ने बताया कि पिछले साल नवंबर में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियमों के तहत विशेष चिंता वाले देश के रूप में नामित किया, जो इसे धार्मिक स्वतंत्रता के संदर्भ में कुछ बेहद गंभीर राज्यों की साथ में रखता है। इसमें कहा गया कि धार्मिक अतिवाद और पाकिस्‍तान में हो रहे उत्पीड़न के मामलों की अनदेखी नहीं की जा सकती है।

लौट रहा मानसून पूर्वांचल में झूमकर बरसा, जानिए कैसा रहेगा सप्‍ताह भर के मौसम का हाल

वाराणसी, लौटता हुआ मानसून अब जाते जाते जोरदार बारिश की सौगात भी देता जा रहा है। पूर्वांचल में गुरुवार की शाम से ही रह रह कर शुरू हुई बरसात सुबह भी जारी रही। रात भर हुई बरसात से जहां तापमान भी गिरा वहीं मौसम का रुख बदलने से लोगों को उमस से भी राहत मिली। मौसम विभाग की ओर से जारी सप्‍ताह भर के आंकडों के अनुसार पूर्वांचल में बादलों की आवाजाही का रुख बना रहेगा और बूंदाबांदी होने के साथ ही तापमान में गिरावट भी आएगी।

शुक्रवार की सुबह जहां बारिश और बूंदाबांदी से हुई वहीं दिन चढ़ने के साथ ही बादल छंटते चले गए और नौ बजे के आसपास हल्‍की धूप भी खिली। हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आने वाले दिनों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी अौर पर्याप्‍त नमी मिलने पर बादल पानी भी गिराएंगे। 

बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज किया गया जाे सामान्‍य से एक डिग्री अधिक था वहीं न्‍यूनतम पारा 25.5 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा। जबकि सामान्‍य बारिश भी इस दौरान दर्ज की गई जो गुरुवार की शाम तक 0.1 मिमी थी। इस दौरान आर्द्रता अधिकतम और न्‍यूनतम 86 फीसद दर्ज किया गया। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में पूर्वांचल में बादलों की सघन सक्रियता नजर आ रही है।

मध्य प्रदेश: भोपाल में गणपति विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, 11 लोगों की मौत, 6 को बचाया गया

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के भोपाल में खटलापुरा घाट पर गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हुआ है. विसर्जन के दौरान कई लोग नाव में सवार थे, तभी नाव पटल गई और कई लोग डूब गए. इस हादसे में गणपति विसर्जन के लिए गए 11 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 6 लोगों को बचा लिया गया है. बताया जा रहा है कि दो नावों में कुल 17 लोग सवार थे. हादसे में राहत और बचाव दल ने 6 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है और उन्हें अस्पताल में भेज दिया गया. मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवज़ा देने का एलान किया है. 

कमलनाथ ने दिये पुलिस को आदेश मनचले को सबक सिखाने के आदेश

 

ग्वालियर। अपने कारनामों को लेकर पुलिस प्रशासन पर कई बार सवालिया निशान लगते आए हैं। इसी कड़ी में पुलिस प्रशासन एक बार फिर कटघरे में है। दरअसल 8 वीं की छात्रा ने मनचलों की दहशत के चलते स्कूल जाना छोड़ दिया है। इतना ही नहीं मनचले के खौफ के चलते छात्रा की दो अन्य बहनें भी स्कूल नहीं जा रहीं हैं। मामले को लेकर पीड़ित छात्रा की मां ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मारपीट का प्रकरण दर्ज कर मामले को नजरअंदाज कर दिया।

वहीं, इस मामले की जानकारी होने पर सीएम कमलनाथ ने आरोपियों के खिलाफ शख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि ”ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र की एक 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग़ छात्रा की न्याय की मांग पर आईजी ग्वालियर को सख़्त निर्देश दिये कि आरोपी मनचले पर करे कड़ी से कड़ी कार्यवाही। बच्ची व उसके परिवार को सुरक्षा देकर उसका स्कूल जाना सुनिश्चित करें।”

देश को मिलने जा रहा है नया संसद भवन, जानिए मोदी सरकार का ‘ड्रीम प्लान’

नई दिल्ली: पिछले कुछ समय से यह चर्चा चल रही है कि देश को आजाद हुए 75 साल होने वाले हैं और देश का संसद भवन  अब काफी पुराना हो चुका है. उसमें अलग-अलग तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं. जब देश अपनी आजादी की 75 वीं वर्षगांठ मना रहा हो तो देश को नया संसद भवन मिले. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू नए संसद भवन की जरूरत को लेकर वकालत कर चुके हैं. NDTV इंडिया को सूत्रों से जानकारी मिली है कि मोदी सरकार (Modi Government) ने इस पर अपना एक ड्रीम प्लान तैयार कर लिया है. जिस पर अब वह तेजी से आगे बढ़ने की मंशा रखती है. इस प्लान के तहत केवल संसद नहीं बल्कि केंद्र दरकार के सारे मंत्रालय और दफ़्तर भी शामिल हैं.

आज़ादी की 75 वीं वर्षगांठ पर नया संसद भवन
मोदी सरकार का इरादा है कि जब देश 15 अगस्त 2022 को अपनी आजादी की 75 की वर्षगांठ मना रहा हो तब सांसद नए संसद भवन में बैठें. इसलिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने RFP यानी रिक्वेस्ट फ़ॉर प्रपोजल जारी कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से आवेदन मंगाए हैं. इस आवेदन में कंपनियां अपने डिज़ाइन, आर्किटेक्चर और प्लानिंग के बारे में सरकार को बताएंगी. इसके बाद सरकार 15 अक्टूबर तक एक डिजाइन फाइनल करके उस पर आगे बढ़ेगी. यानी यह तय है कि नया संसद भवन बनना है, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि क्या मौजूदा संसद भवन को तोड़कर नया संसद भवन बनाया जाएगा? मौजूदा संसद भवन में बदलाव करके उसको रीडेवलप किया जाएगा? या एक बिल्कुल नया संसद भवन किसी और जगह बनाया जाएगा? सब कुछ कंपनियों के प्रस्ताव को देखने के बाद तय किया जाएगा.

मौजूदा संसद भवन 1911 में बनना शुरू हुआ था. तब अंग्रेजों के शासन के दौर में दिल्ली राजधानी बनी थी. सन 1927 में संसद भवन का उद्घाटन हुआ था. लेकिन आज के समय के हिसाब से संसद भवन में काफी समस्याएं देखी जाने लगी हैं. सबसे बड़ी समस्या है कि संसद में मंत्रियों के बैठने के लिए तो चैम्बर हैं लेकिन सांसदों के लिए नहीं हैं. साथ ही बिजली सप्लाई का सिस्टम भी पुराना है, जिसके चलते शॉर्ट सर्किट की समस्या होती रहती है.

केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने दो सितंबर को नए भवन के लिए रिक्वेस्ट फ़ॉर प्रपोजल जारी कर दिया है.
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नया कॉमन सेंट्रल सेक्रेट्रिएट
मोदी सरकार की मंशा है कि एक कॉमन सेंट्रल सेक्रेट्रिएट बनाया जाए जिससे सभी मंत्रालयों, विभागों और दफ्तरों में कोआर्डिनेशन ठीक से हो सके. यह सभी लगभग एक सी इमारत में हों. अभी केंद्र सरकार के अलग-अलग करीब 47 मंत्रालयों विभागों और दफ्तरों में 70000 कर्मचारी और अधिकारी काम कर रहे हैं. राष्ट्रपति भवन के दोनो तरफ नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक के अलावा शास्त्री भवन, निर्माण भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन आदि जैसी कई इमारत हैं जिनमें अलग-अलग मंत्रालयों के दफ्तर हैं.

सूत्रों ने बताया कि नार्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जैसी इमारतें तो भूकंपरोधी भी नहीं हैं. अलग-अलग मंत्रालयों के अलग-अलग दफ्तरों में एकरूपता नहीं है. कई जगह तार लटके दिखते हैं. एसी से पानी टपकता दिखता है. यही नहीं केंद्र सरकार ने निजी इमारतों में भी अपने अलग-अलग मंत्रालयों के दफ्तर बना रखे हैं जिनका सालाना किराया करीब 1000 करोड़ रुपये है.

इसलिए अब विचार है कि एक कॉमन सेंट्रल सेक्रेट्रिएट बनाया जाए जिसमें सभी मंत्रालय के सभी मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी एक साथ काम करेंगे. इस नई बड़ी इमारत का स्वरूप कैसा होगा, यह भी 15 अक्टूबर के बाद पता चलेगा जब कंपनियां अपना डिजाइन पेश करेंगी और सरकार चुनिंदा डिजाइन को मंजूरी देगी. सरकार का लक्ष्य है कि सन 2024, यानी जब मोदी सरकार अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रही हो उससे पहले यह कॉमन सेंट्रल सेक्रेट्रिएट शुरू हो जाए.

विश्व स्तरीय सेंट्रल विस्टा
राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक का तीन किलोमीटर का इलाका सेंट्रल विस्टा कहलाता है. सेंट्रल विस्टा पूरे देश का सबसे बड़ा टूरिस्ट स्पॉट है जिसको देखने लोग देश-विदेश से आते हैं. सरकार की मंशा है कि इस तीन किलोमीटर के इलाके को विश्व स्तरीय लुक दिया जाए. इसमें वेंडर की समस्या, पार्किंग की समस्या, लोगों के बैठने की समस्या के लिए बाकायदा प्लानिंग करके काम किया जाएगा. सरकार का इरादा है कि नवंबर 2020 तक इस काम को पूरा कर लिया जाए.
कुल मिलाकर मोदी सरकार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसमें लागत कितनी आएगी, इसका अभी सटीक आकलन नहीं हो सका है क्योंकि जैसी डिजाइन मंजूर की जाएगी उसी हिसाब से लागत का पता चलेगी. लेकिन सरकार ने यह डेडलाइन जरूर तय की है कि मंजूरी मिलने के तीन साल के अंदर सारा काम पूरा कर लिया जाएगा.

आर्मी चीफ बिपिन रावत का पाक को सख्त संदेश, पीओके पर कभी भी ऐक्शन के लिए तैयार

अमेठी 
जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को पिछले महीने खत्म किए जाने के बाद से पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ चलाए जा रहे दुष्प्रचार और उकसावे वाले बयानों के बीच सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बड़ा बयान दिया है। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर को लेकर सेनाध्यक्ष रावत ने कहा है कि आर्मी पीओके को लेकर किसी भी अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देश पर सेना किसी भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के पीओके को लेकर दिए बयान के सवाल पर बिपिन रावत ने कहा कि इस पर फैसला सरकार को लेना है। उन्होंने कहा, ‘अन्य संस्थाएं तो जैसा सरकार कहेगी, वैसी तैयारियां करेंगी।’ सेना की तैयारी को लेकर पूछे जाने पर बिपिन रावत ने कहा कि सेना तो हमेशा किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार ही रहती है। 

जनरल रावत ने कहा कि पीओके को लेकर सरकार के बयान से खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि इस पर फैसला सरकार को लेना है, लेकिन हम निर्देश के आधार पर तैयार हैं। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पीओके को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान से अब कोई भी बातचीत पीओके को लेकर ही होगी। यही नहीं 6 अगस्त को होम मिनिस्टर अमित शाह ने भी संसद में 370 पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए संसद में कहा था कि हम जान दे देंगे, लेकिन पीओके लेकर रहेंगे। 

सुरक्षा बलों को कुछ मौका दें कश्मीर के लोग: रावत 
पीओके को लेकर सेना प्रमुख जनरल बिपिन सिंह रावत ने कहा, ‘सरकार को पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (POK) को लेकर फैसला लेना है, सेना किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।’ जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले का आर्मी चीफ ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग भी हमारे देश के ही हैं। वे हमारे ही लोग हैं। कश्मीर के लोगों को शांति बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों को कुछ मौका देना चाहिए। उन्होंने 30 साल तक आतंकवाद झेला है, अब उन्हें कुछ वक्त शांति के लिए भी देना चाहिए।’ 

सोनिया गांधी की अध्यक्षता में चल रही कांग्रेस की अहम बैठक में आखिर क्यों नहीं गए राहुल गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी  की अगुवाई में पार्टी महासचिवों, प्रदेश अध्यक्षों, पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठक जारी है. लेकिन इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी मौजूद नहीं है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी इस बैठक में आने की पात्रता नहीं रखते हैं क्योंकि वह सिर्फ सांसद और कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य मात्र हैं. आपको बता दें कि बैठक में मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी, अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा पार्टी के कई महासचिव-प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता शामिल हैं. इसमें मनमोहन सिंह और एके एंटनी विशेष आमंत्रित हैं. दूसरी ओर राहुल गांधी का कुछ देर पहले ही एक ट्वीट आया है जिसमें उन्होंने  एक अंग्रेजी दैनिक में छपे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साक्षात्कार का हवाला देते हुए गांधी ने यह भी कहा कि पहले सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को लेकर समस्या है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘इस समय दुष्प्रचार, मनगढ़ंत खबरों और युवाओं के बारे में मूर्खतापूर्ण बातें करने की जरूरत नहीं है, बल्कि भारत को एक ठोस नीति की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति को ठीक किया जा सके.” गांधी ने कहा, ‘‘पहले स्वीकार करिये कि हमारे सामने समस्या है. यह स्वीकार करना ही अच्छी शुरुआत होगी.” उन्होंने मनमोहन सिंह के जिस साक्षात्कार का हवाला दिया उसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि नोटबंदी और गलत ढंग से जीएसटी लागू करने के कारण अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई है. 

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद अध्यक्ष पद से राहुल गांधी ने इस्तीफा दे दिया था. उनके इस फैसले के बाद पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन वह इस पर अडिग रहे. इस्तीफे के साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि गांधी परिवार का कोई सदस्य अध्यक्ष नहीं बनेगा.  इसके बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई जिसमें एक बार फिर उन्हें फैसले पर विचार करने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने  साफ मना कर दिया. 

बाद में कोई और रास्ता न देख कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सर्वसम्मति से सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष चुना गया. लेकिन अभी पार्टी का संकट का दूर नहीं हुआ है. एक ओर जहां राष्ट्रीय स्तर पर मतभेद उभर रहे हैं तो दूसरी ओर राज्यों के संगठन में भी सिर फुटौवल वाले हालात हैं. 

UN में मुंह की खाने के बावजूद PAK राष्ट्रपति ने संसद में थपथपाई सरकार की पीठ

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी पाकिस्तानी संसद (नेशनल एसेंबली) के गुरुवार को संयुक्त सत्र को संबोधित किया. इस दौरान विपक्षी दलों के विरोध से बचने के लिए पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कश्मीर राग अलापा. हालांकि उनकी यह चाल काम नहीं आई. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के भारत सरकार के फैसले का विरोध किया. पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जोरशोर से उठाया.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इमरान सरकार की कोशिशों का ही नतीजा रहा कि 50 साल बाद कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चर्चा हुई. हालांकि भारत ने इसका जमकर विरोध किया. आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान ने चीन को मिलाकर कश्मीर मसले को उठाने की कोशिश की थी, लेकिन उनको मुंह की खानी पड़ी थी.

जब पाकिस्तान के राष्ट्रपति संसद में इमरान खान सरकार की पीठ थपथपा रहे थे, तभी दूसरी ओर पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियां विरोध प्रदर्शन कर रही थीं. इस दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति अल्वी ने आरएसएस को भी जमकर कोसा, लेकिन उनकी यह रणनीति भी विरोध प्रदर्शन को नहीं रोक पाई. उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू और महात्मा गांधी के हिंदुस्तान को आरएसएस बदल रहा है.

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मसले के अलावा पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पुलवामा आतंकी हमले और वायुसेना के पायलट अभिनंदन रिहाई का भी जिक्र किया. इससे पहले पाकिस्तान पाकिस्तान की मुख्य विपक्षी पार्टियां पीएमएल-एन और पीपीपी ने नेशनल एसेंबली के संयुक्त सत्र के दौरान सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को घेरने की पूरी तैयारी कर ली थी.

बुधवार को पीएमएल-एन और पीपीपी के नेताओं ने कहा था कि पकिस्तान के चुनाव आयोग के दो सदस्यों की असंवैधानिक तरीके से नियुक्त के खिलाफ नेशनल एसेंबली के संयुक्त सत्र के दौरान विरोध किया जाएगा. इसके अलावा गिरफ्तार किए गए सांसदों को पेश नहीं किए जाने का भी मुद्दा उठाया जाएगा. पीपीपी के नेता सईद नवीद कमर ने कहा था कि नेशनल एसेंबली के संयुक्त सत्र का शांतिपूर्ण चलाना बड़ा मुश्किल है.

पाकिस्तान अखबार डॉन ने पीएमएल-एन की इन्फॉर्मेशन सेक्रेटरी मरियम औरंगजेब के हवाले से बताया था कि पाकिस्तान की सत्तारूढ़ सरकार ने चुनाव आयोग के सदस्यों की गैर कानूनी तरीके से नियुक्त करके विवाद को आमंत्रित किया है.