बुजुर्ग बन US जाने का प्लान: अमरीक सिंह बने जयेश पटेल का सिर्फ एक दिन में बन गया था पासपोर्ट

जयेश पटेल को 81 साल का बूढ़ा बनाकर कालकाजी के पते पर असली पासपोर्ट बनवाया गया था। असल में इस पासपोर्ट को बनवाने के लिए 20 अगस्त 2019 को ही पासपोर्ट ऑफिस में अप्लाई किया गया था। अगले दिन यानी 21 अगस्त को ही न केवल पासपोर्ट बनकर तैयार हो गया था, बल्कि अमरीक सिंह बने जयेश पटेल को डिलिवर भी हो गया था.

   नई दिल्ली
महज 32 साल की आयु के युवक के 81 साल के बुजुर्ग बन अमेरिका जाने की कोशिश के मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। युवक ने फर्जी नाम और पते पर असली पासपोर्ट हासिल कर लिया था। लेकिन, दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह भी है कि उसने महज 1 दिन में ही पासपोर्ट पा लिया, जिसके लिए 15 दिन का समय निर्धारित है। यही नहीं आरोपी युवक ने तत्काल में अप्लाई भी नहीं किया था। अहदमदाबाद के रहने वाले 32 साल के जिस जयेश पटेल को 81 साल का बूढ़ा बनाकर कालकाजी के पते पर असली पासपोर्ट बनवाया गया था। असल में इस पासपोर्ट को बनवाने के लिए 20 अगस्त 2019 को ही पासपोर्ट ऑफिस में अप्लाई किया गया था। हैरानी की बात यह है कि अगले ही दिन यानी 21 अगस्त को ही न केवल पासपोर्ट बनकर तैयार हो गया था, बल्कि अमरीक सिंह बने जयेश पटेल को डिलिवर भी हो गया था। इस पासपोर्ट को बनवाने के लिए तत्काल में अप्लाई भी नहीं किया गया था। बावजूद इसके पासपोर्ट बनवाने के लिए जिस कानूनी प्रक्रिया से होकर गुजरा जाता है, उसकी कोई परवाह न करते हुए नकली नाम और एड्रेस पर असली पासपोर्ट जारी कर दिया गया था।

जांच कर रहे पुलिस सूत्रों ने बताया कि पासपोर्ट बनवाने के लिए विटनेस के तौर पर जो दो पड़ोसियों या वहीं आसपास रहने वाले जानकारों के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है, उस कानूनी प्रक्रिया को पूरा ही नहीं किया गया था। फिंगर प्रिंट वाले सिस्टम को भी ताक पर रखा गया था। मामले में सिद्धु और गणेश नाम के दो दलालों के बारे में जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस गैंग को पकड़ने की कोशिश कर रही है।

मुमकिन है कि पासपोर्ट ऑफिस से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन करने वालों में भी कुछ लोग शामिल हों। साथ ही, पुलिस जांच में इसकी संभावना को भी नहीं टाला जा रहा है कि टी-3 से अमेरिका जाने की कोशिश करने के मामले में यहां इमिग्रेशन से भी कोई न कोई शख्स मिला हुआ हो। क्योंकि एक ही दिन में पासपोर्ट बनवाने का आवेदन करने से लेकर हाथ में आ जाना, जाहिर करता है कि दिल्ली में भी फर्जी नाम और पते पर धड़ल्ले से असली पासपोर्ट बनवाए जा रहे हैं। इसके लिए न केवल वोटर कार्ड बनवाया गया था, बल्कि आधार और पैन कार्ड भी बनवाए गए थे। अब ये कैसे बने, यह गंभीर जांच का विषय है। क्योंकि आधार कार्ड आदि के लिए जो फिंगर प्रिंट की जरूरत पड़ती है, उससे कैसे निपटा गया।

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