नया मोटर व्हीकल एक्ट आगामी विधानसभा चुनावों को देख डर गये कई राज्य जुरमाना राशि को घटाया.

नई दिल्ली
1 सितंबर से लागू हुए कानून के तहत हजारों की राशि के चालान कटे, लेकिन राज्य सरकारें इससे सतर्क हो गई हैं. कई राज्य सरकारों ने कानून में संशोधन कर जुर्माना राशि को ही घटा दिया और इन राज्यों की लिस्ट में भारतीय जनता पार्टी के राज्य ही अव्वल हैं.

नए मोटर व्हीकल एक्ट पर रारकई राज्यों ने घटाई जुर्माना राशिलिस्ट में बीजेपी राज्य अव्वल

‘एक देश एक विधान’ का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार के लिए उसका ही एक कानून मुसीबत बन गया है. ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए लाए गए नए मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माना राशि को काफी बढ़ाया गया. 1 सितंबर से लागू हुए कानून के तहत हजारों की राशि के चालान कटे, लेकिन कई राज्य सरकारें इससे सतर्क हो गई हैं. कई राज्य सरकारों ने कानून में संशोधन कर जुर्माना राशि को ही घटा दिया और इन राज्यों की लिस्ट में भारतीय जनता पार्टी के राज्य ही अव्वल हैं.

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के इस नए कानून के तहत जुर्माना राशि 1000 से बढ़कर 5 हजार या 10 हजार रुपये तक बढ़ा दी गई. नया कानून लागू हुआ तो 25 हजार, 50 हजार तक के चालान की खबरें आने लगीं और तीखी बहस शुरू हो गई.

गुजरात ने दिखाया रास्ता

आम लोगों के बीच चालान को लेकर मची हलचल के बीच राज्य सरकारों ने इस कानून का ही एक जुगाड़ निकाल लिया और इस फॉर्मूले की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात ने की. राज्य के मुखिया विजय रूपाणी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जुर्माना राशि में कटौती का ऐलान किया और कई जुर्मानों में राशि को 90 फीसदी तक घटा दिया.

चुनावी चिंता में डूबी भाजपा

गुजरात ने एक रास्ता दिखाया तो अन्य राज्य भी उसपर चल दिए. और इनमें सबसे आगे रहे वो राज्य जहां कुछ ही महीनों में चुनाव होने वाले हैं. और खास बात ये है कि ये तीनों ही राज्य भाजपा शासित प्रदेश हैं. गुजरात के बाद महाराष्ट्र जागा और राज्य के परिवहन मंत्री ने नितिन गडकरी को चिट्ठी लिख दी, जुर्माना राशि पर चिंता जताई. देवेंद्र फडणवीस की सरकार को चिंता है कि कहीं बढ़ी हुई राशि वोटों की संख्या ना घटा जाए.

महाराष्ट्र की ही राह पर झारखंड और हरियाणा चल पड़े, झारखंड जल्द ही विशेष सत्र बुलाकर केंद्र के नए मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर सकता है तो वहीं हरियाणा ने अभी 45 दिनों का जागरूक अभियान चलाने की बात कही है.

बिना चुनाव भी चिंता जारी है

महाराष्ट्र-झारखंड-हरियाणा में तो चुनाव हैं इसलिए जुर्माना घटाने के फैसले को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है लेकिन इनसे इतर उत्तराखंड और कर्नाटक भी इस पंक्ति का हिस्सा बन गए हैं. उत्तराखंड ने 90 फीसदी जुर्माना राशि कम करने का ऐलान कर दिया तो कर्नाटक की ओर से अभी विचार कहे जाने की बात कही जा रही है.

इन राज्यों के अलावा भी कई बीजेपी शासित राज्य ऐसे हैं, जहां नए कानून का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. उदाहरण के तौर पर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अभी नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं हुआ है. सिर्फ बीजेपी राज्य ही नहीं बल्कि कई विपक्षी पार्टियों के राज्यों ने भी इस कानून को लागू नहीं किया है.

अब तक इन राज्यों ने घटाई जुर्माना राशि

गुजरात

महाराष्ट्र

झारखंड (विचार)

उत्तराखंड

हरियाणा (जागरूकता अभियान)

कर्नाटक (विचार)

उत्तर प्रदेश (अभी लागू नहीं)

पश्चिम बंगाल (विरोध)

क्या बोले नितिन गडकरी?

नितिन गडकरी की गिनती उन मंत्रियों में होती है जो हमेशा कुछ नया फॉर्मूला सामने लाते हैं. गडकरी सड़क बनाने में नई तकनीक लाते हैं, लाइसेंस बनाने के लिए नए फॉर्मूले लाते हैं और अब ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए गडकरी नया कानून लाए तो अकेले पड़ते नजर आ रहे हैं. हालांकि, नितिन गडकरी ने कहा है कि राज्य सरकार अपने अधिकार का इस्तेमाल कर कानून में बदवाव कर सकते हैं

डीके शिवकुमार की बेटी के पास 100 करोड़ की संपत्ति, जानिए कैसे आया केस में नाम

नई दिल्ली
कर्नाटक सरकार में मंत्री शिवकुमार के पास करीब 600 करोड़ की संप्पति है जबकि उनकी बेटी के पास 108 करोड़ की संपत्ति दिखाई गई है. शिवकुमार की बेटी ऐश्वर्या 22 साल की हैं और मैनेजमेंट ग्रेजुएट हैं.

मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच का सामना कर रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ली रही हैं. शिवकुमार पहले ही 13 सितंबर तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिमांड पर हैं और अब उनकी अरबपति बेटी पर भी जांच की आंच आ गई है. शिवकुमार की बेटी ऐश्वर्या से ईडी गुरुवार को पूछताछ करेगा जिसके लिए वह दिल्ली पहुंच चुकी हैं. एजेंसी की ओर से शिवकुमार की बेटी को नोटिस भेजा गया था और जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता अपनी बेटी के नाम पर करोडों की संपत्ति खरीद चुके है साथ ही कई जगह निवेश भी कर चुके हैं.

कर्नाटक विधानसभा में विधायक शिवकुमार के पास करीब 600 करोड़ की संप्पति है जबकि उनकी बेटी के पास 108 करोड़ की संपत्ति दिखाई गई है. शिवकुमार की बेटी ऐश्वर्या 22 साल की हैं और मैनेजमेंट ग्रेजुएट हैं. शिवकुमार ने 2013 के हलफनामे में ऐश्वर्या की संपत्ति सिर्फ एक करोड़ के करीब दिखाई थी जो 5 साल बाद बढ़कर 100 करोड़ के पार पहुंच गई है. सबसे पहले साल 2016 में नोटबंदी की दौरान शिवकुमार चर्चा में आए थे, साल 2017 में इनकम टैक्स के छापे में दिल्ली स्थिति उनके घर से 8.50 करोड़ से ज्यादा की रकम जब्त की गई थी.

ऐश्वर्या पर क्या आरोप

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “हमने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए 12 सितंबर को ऐश्वर्या को बुलाया है.” अधिकारी ने कहा कि शिवकुमार के वित्तीय सौदों की जांच करते हुए, एजेंसी को उनकी बेटी के एक ट्रस्ट से संबंधित दस्तावेज मिले हैं. उन्होंने कहा, “ट्रस्ट के कामकाज और उसके वित्तीय लेन-देन का ब्योरा हासिल करने के लिए हमने ऐश्वर्या को पूछताछ के लिए बुलाया है.”

कांग्रेस नेता शिवकुमार के तीन बच्चों में से एक ऐश्वर्या हैं जिनसे नाम सबसे ज्यादा संपत्ति है. ईडी उनके खिलाफ पिता के साथ साल 2017 में कारोबारी समझौते के लिए की गई सिंगापुर की यात्रा को लेकर जांच करने वाली है. माना जा रहा है कि इसी सिंगापुर दौरे को लेकर PMLA के तहत ईडी कागजात और शिवकुमार की ओर से यात्रा पर दिए बयानों से ऐश्वर्या का सामना करा सकती है और उनसे इस बारे में पूछताछ की जा सकती है.

बता दें कि डीके शिवकुमार को ईडी ने 3 सितंबर को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था. ईडी की कस्टडी में शिवकुमार को प्रतिदिन आधा घंटे परिजनों और वकील से मिलने की इजाजत दी गई है. वह 13 सितंबर कर कस्टडी में रहेंगे.

बुजुर्ग बन US जाने का प्लान: अमरीक सिंह बने जयेश पटेल का सिर्फ एक दिन में बन गया था पासपोर्ट

जयेश पटेल को 81 साल का बूढ़ा बनाकर कालकाजी के पते पर असली पासपोर्ट बनवाया गया था। असल में इस पासपोर्ट को बनवाने के लिए 20 अगस्त 2019 को ही पासपोर्ट ऑफिस में अप्लाई किया गया था। अगले दिन यानी 21 अगस्त को ही न केवल पासपोर्ट बनकर तैयार हो गया था, बल्कि अमरीक सिंह बने जयेश पटेल को डिलिवर भी हो गया था.

   नई दिल्ली
महज 32 साल की आयु के युवक के 81 साल के बुजुर्ग बन अमेरिका जाने की कोशिश के मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। युवक ने फर्जी नाम और पते पर असली पासपोर्ट हासिल कर लिया था। लेकिन, दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह भी है कि उसने महज 1 दिन में ही पासपोर्ट पा लिया, जिसके लिए 15 दिन का समय निर्धारित है। यही नहीं आरोपी युवक ने तत्काल में अप्लाई भी नहीं किया था। अहदमदाबाद के रहने वाले 32 साल के जिस जयेश पटेल को 81 साल का बूढ़ा बनाकर कालकाजी के पते पर असली पासपोर्ट बनवाया गया था। असल में इस पासपोर्ट को बनवाने के लिए 20 अगस्त 2019 को ही पासपोर्ट ऑफिस में अप्लाई किया गया था। हैरानी की बात यह है कि अगले ही दिन यानी 21 अगस्त को ही न केवल पासपोर्ट बनकर तैयार हो गया था, बल्कि अमरीक सिंह बने जयेश पटेल को डिलिवर भी हो गया था। इस पासपोर्ट को बनवाने के लिए तत्काल में अप्लाई भी नहीं किया गया था। बावजूद इसके पासपोर्ट बनवाने के लिए जिस कानूनी प्रक्रिया से होकर गुजरा जाता है, उसकी कोई परवाह न करते हुए नकली नाम और एड्रेस पर असली पासपोर्ट जारी कर दिया गया था।

जांच कर रहे पुलिस सूत्रों ने बताया कि पासपोर्ट बनवाने के लिए विटनेस के तौर पर जो दो पड़ोसियों या वहीं आसपास रहने वाले जानकारों के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है, उस कानूनी प्रक्रिया को पूरा ही नहीं किया गया था। फिंगर प्रिंट वाले सिस्टम को भी ताक पर रखा गया था। मामले में सिद्धु और गणेश नाम के दो दलालों के बारे में जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस गैंग को पकड़ने की कोशिश कर रही है।

मुमकिन है कि पासपोर्ट ऑफिस से लेकर पुलिस वेरिफिकेशन करने वालों में भी कुछ लोग शामिल हों। साथ ही, पुलिस जांच में इसकी संभावना को भी नहीं टाला जा रहा है कि टी-3 से अमेरिका जाने की कोशिश करने के मामले में यहां इमिग्रेशन से भी कोई न कोई शख्स मिला हुआ हो। क्योंकि एक ही दिन में पासपोर्ट बनवाने का आवेदन करने से लेकर हाथ में आ जाना, जाहिर करता है कि दिल्ली में भी फर्जी नाम और पते पर धड़ल्ले से असली पासपोर्ट बनवाए जा रहे हैं। इसके लिए न केवल वोटर कार्ड बनवाया गया था, बल्कि आधार और पैन कार्ड भी बनवाए गए थे। अब ये कैसे बने, यह गंभीर जांच का विषय है। क्योंकि आधार कार्ड आदि के लिए जो फिंगर प्रिंट की जरूरत पड़ती है, उससे कैसे निपटा गया।

INX मीडिया केस: चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई आज

नई दिल्ली
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में चिदंबरम ने अपनी न्यायिक हिरासत और गिरफ्तारी दोनों को चुनौती दी है. बुधवार को दी गई याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होगी.

चिदंबरम फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैंचिदंबरम ने जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है

आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी. दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में चिदंबरम ने अपनी न्यायिक हिरासत और गिरफ्तारी दोनों को चुनौती दी है.

आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने जमानत के लिए बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत के सीबीआई अदालत के आदेश को भी चुनौती दी है. इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है.

चिदंबरम फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं. उन्होंने विशेष सीबीआई जज अजय कुमार कुहर की ओर से दिए गए न्यायिक हिरासत के आदेश को चुनौती दी है. पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम को पिछले गुरुवार को अदालत में पेश किया गया था, जहां विशेष सीबीआई जज कुहर ने उन्हें 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया था.

अदालत ने चिदंबरम की ओर से दायर किए गए आवेदनों को भी स्वीकार कर लिया था. इनमें जेड-श्रेणी की सुरक्षा के साथ एक खाट, बाथरूम के साथ एक अलग सेल और दवाओं की अनुमति मांगी गई थी. उन्होंने जेल में पश्चिमी शैली के शौचालय (इंग्लिश टॉयलेट) की भी मांग की थी.

चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में समर्पण करने की अनुमति के लिए अदालत में एक और आवेदन दिया था. अदालत ने वित्तीय निगरानी एजेंसी को नोटिस जारी किया था और इस पर सुनवाई 12 सितंबर को होगी.