Paytm को 4217 करोड़ का भारी घाटा, आमदनी अठन्नी तो खर्च रुपैया

नई दिल्ली, 
डिजिटल पेमेंट वर्ल्ड की दिग्गज Paytm की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस को 31 मार्च को खत्म पिछले वित्त वर्ष में भारी घाटा हुआ है. कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी को 4,217 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है. इसमें पेटीएम मनी, पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज, पेटीएम एंटरटेनमेंट सर्विसेज आदि के कारोबार शामिल हैं.

कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार इसके एक साल पहले उसे 1,604.34 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. यानी एक साल के भीतर कंपनी का घाटा बढ़कर दोगुने से ज्यादा पहुंच गया. पिछले वित्त वर्ष में वन97 कम्युनिकेशंस को अकेले 3,959.6 करोड रुपये का घाटा हुआ है, जबकि इसके एक साल पहले कंपनी को सिर्फ 1,490 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

आय बढ़ी, लेकिन खर्च भी बहुत ज्यादा बढ़ा

इस दौरान कंपनी की कुल आय 8.2 फीसदी बढ़कर 3,579.67 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. दूसरी तरफ, कंपनी का खर्च दोगुना होकर 7,730.14 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है, ‘ब्रैंड तैयार करने और कारोबारी गतिविधि मजबूत करने के लिए कंपनी को भारी पूंजीगत व्यय करना पड़ा है. कई पूंजीगत और संचालनात्मक खर्चों के लिए हमें भारी राशि लगानी पड़ी जिसकी वजह से वित्त वर्ष के दौरान घाटा हुआ है.’

गौरतलब है कि वन97 कम्युनिकेशंस में पेटीएम के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर विजय शेखर शर्मा की हिस्सेदारी 15.7 फीसदी है. शर्मा ने कहा कि भारी घाटे के बावजूद कंपनी अगले दो साल में बाजार से पूंजी उगाहने के लिए आईपीओ लाने पर विचार कर रही है.

कंपनी को साल 2018 में अमेरिकी निवेश कंपनी बर्कशायर हैथवे से 30 करोड़ डॉलर की पूंजी मिली थी. इसमें सॉफ्टबैंक और अलीबाबा जैसी विदेशी कंपनियों ने भी निवेश किया है.  

पेटीएम ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1.2 अरब से ज्यादा व्यापारी लेन-देन दर्ज किया है. इसके अलावा पेटीएम का दावा है कि पी2पी और मनी ट्रांसफर लेन-देन के बूते ऑफलाइन भुगतान में उसने देश में नेतृत्वकारी स्थिति बरकरार रखी है.  

वन97 कम्युनिकेशंस लि. के स्वामित्व वाली पेटीएम को करीब 1.4 करोड़ खुदरा दुकानों पर स्वीकार किया जाता है और इस क्षेत्र में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 70 फीसदी है.

कंपनी ने इस साल घोषणा की थी कि वह अब अपना ध्यान पीयर-टू-पीयर (पी2पी) लेन-देन से हटाकर किराना स्टोरों, रेस्टोरेंटों, कम्यूट और अन्य दैनिक खर्चो में डिजिटल भुगतान के प्रयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित कर रही है.

पेटीएम ने कहा कि उसने इसके अलावा यूजर्स को क्यूआर कोड को स्कैन करना सिखाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है, ताकि वे किराना दुकानों पर लेनदेन कर सकें.

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