इमरान की पार्टी के नेता ने भारत में मांगी शरण, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार से दुखी

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार से त्रस्त एक पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने भारत से राजनीतिक शरण की मांग की है. खास बात ये है कि बलदेव सिंह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ (PTI) के नेता हैं और पाकिस्तान के खैबर पख्तून ख्वा प्रांत के बारीकोट आरक्षित सीट से विधायक रहे हैं.

बलदेव कुमार इस वक्त भारत के पंजाब राज्य के खन्ना में मौजूद हैं. बलदेव कुमार अपने परिवार समेत पाकिस्तान से जान बचाकर भारत आए हैं. उनका कहना है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक दहशत के माहौल में रहने को मजबूर हैं. खैबर पख्तून ख्वा विधानसभा में अल्पसंख्यकों की आवाज बुलंद करने वाले बलदेव कुमार ने कहा कि इमरान खान से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके सत्ता में आने के बाद हालात और बिगड़े हैं और हिंदुओं, सिखों पर जुल्म बढ़ा है.

बलदेव कुमार ने कुछ महीने पहले अपने परिवार को पंजाब के लुधियाना में अपने रिश्तेदारों के पास खन्ना शहर भेज दिया था. 12 अगस्त को तीन महीने के वीजा पर खुद बलदेव कुमार भी यहां आ गए. लेकिन, अब वो वापस पाकिस्तान नहीं जाना चाहते हैं. बलदेव कुमार ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान में अत्याचार हो रहे हैं. हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं की जा रही हैं, इसलिए वो जल्द ही भारत में शरण के लिए आवदेन करेंगे.

किराये के मकान में कट रही जिंदगी

बलदेव कुमार की शादी 2007 में पंजाब के खन्ना की रहने वाली भावना से हुई थी. शादी के समय वो पाकिस्तान में पार्षद थे और बाद में विधायक बने. बलदेव इन दिनों खन्ना के समराला मार्ग पर स्थित मॉडल टाउन में दो कमरों के किराये के मकान में अपने परिवार के साथ दिन गुजार रहे हैं. बलदेव की पत्नी भावना अभी भारतीय नागरिक है. बलदेव कुमार के दो बच्चे हैं. 11 साल की रिया और 10 साल का सैम. ये दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं. उनकी बेटी रिया थैलेसीमिया से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है.

36 घंटे के लिए बने विधायक

साल 2016 में बलदेव कुमार के विधानसभा क्षेत्र के विधायक की हत्या हो गई थी. इस मामले पर उन पर झूठे आरोप लगाए गए और उन्हें दो साल तक जेल में रखा गया. 2018 में वो इस मामले से बरी हो गए थे. पाकिस्तान के कानून के मुताबिक अगर विधायक की मौत हो जाए तो दूसरे नंबर पर रहने वाले उम्मीदवार को विधायक बना दिया जाता है. बलदेव कुमार को इस मामले में तब बरी किया गया जब विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने में मात्र दो दिन बाकी रह गया था. इस केस से बरी होते ही बलदेव शपथ लेकर विधायक बने, लेकिन वे मात्र 36 घंटे के लिए ही विधायक रहे. उन्होंने कहा कि  इमरान खान से उम्मीदें थीं कि वो एक नया पाकिस्तान बनाएंगे, लेकिन वो अपनी जनता, खासतौर पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में नाकाम रहे हैं.

स्वामी का दावा- नमो अड़चनें हटाएं तो खोल दूंगा दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एनएसई और इंडिया बुल्स को दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला करार दिया है. स्वामी का आरोप है कि इन दोनों कंपनियों में टीडीके और पीसी लाभार्थियों के रूप में शामिल है. अगर नमो (पीएम नरेंद्र मोदी) सेबी, वित्त और वाणिज्य मंत्रालय की अड़चनों को दूर कर दें, तो इसको मैं सामने ला सकता हूं. एनएसईएल की सहायक कंपनी जीएसटीएन में थी, जब तक नमो ने मेरे आग्रह पर इसका राष्ट्रीयकरण नहीं किया था.
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सुब्रमण्यम स्वामी ने यह दावा ऐसे समय किया है जब पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में हैं.

चिदंबरम की 14 दिनों की सीबीआई हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें गुरुवार को उच्च सुरक्षा वाले तिहाड़ जेल भेजा गया था. वरिष्ठ कांग्रेस नेता कथित रूप से अपने बेटे कार्ति चिदंबरम के कहने पर आईएनएक्स मीडिया को एफआईपीबी की मंजूरी दिलाने में कथित अनियमितता के कारण केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय के जांच के घेरे में हैं.

चिदंबरम और उनके बेटे का नाम आईएनएक्स मीडिया के सह संस्थापकों पीटर और इंद्राणी मुखर्जी ने लिया था. ये फिलहाल मुंबई में इंद्राणी की बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं.

बहरहाल, चिदंबरम ने अपने एक ट्वीट के जरिये यह रेखांकित करने की कोशिश की है कि उन्होंने छह सदस्यी विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुशंसा पर केवल हस्ताक्षार किए थे. गुरुवार को, चिदंबरम ने तिहाड़ जेल जाने से पहले सरकार पर निशाना बनाने का आरोप लगाया और अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित बताया. साथ ही उन्होंने सुस्त अर्थव्यवस्था पर केंद्र का मजाक भी उड़ाया था.
सुनवाई के बाद, चिदंबरम ने अपनी गिरफ्तारी पर और कुछ कहने के स्थान पर कहा था, “पांच प्रतिशत. क्या आप जानते हैं कि पांच प्रतिशत क्या है?” वह नवीनतम जीडीपी आंकड़ों का संदर्भ दे रहे थे.

बारिश-बाढ़: भोपाल से हरदा तक आधा MP ‘डूबा’, अगले 2 दिन मौसम विभाग का अलर्ट

भोपाल 
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बाद जिंदगी ठहर गई है। राजधानी भोपाल में भारी बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनकर आई है। शहर के कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। वहीं, 2016 के बाद पहली बार कोलार डैम के गेट खोलने पड़े हैं। हरदा में हुई भारी बारिश ने जेल के कैदियों को मुश्किल में डाल दिया। इस बीच मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन सूबे के लोगों पर भारी पड़ सकते हैं। राज्य के 32 जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान है। सोमवार से 48 घंटे के लिए मौसम विभाग ने रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।

भोपाल में पिछले तीन दिन से भारी बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश का सिलसिला सोमवार शाम तक जारी रहा, जिसके चलते आम जनजीवन ठप हो गया। रविवार सुबह से सोमवार शाम तक यहां 160 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शहर के कई निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कोलार, समर्धनगर और नेहरूनगर जैसे इलाके बुरी तरह प्रभावित हैं। 100 से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है। 

सोमवार को भोपाल के कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने डीआईजी इरशाद वली के साथ मंडीदीप के पास बारिश से बेहाल इलाकों का जायजा लिया। भोपाल नगर निगम के स्टाफ को बंद नालियों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। भारी बारिश की वजह से भोपाल में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री कम है। 
बीते 24 घंटों के दौरान खंडवा में 118 मिमी, भोपाल में 29.8 मिमी, धार में 43.2 मिमी, सीधी में 57.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। राज्य में मौसम के साथ तापमान में भी बदलाव का दौर बना हुआ है। मंगलवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 23.4, ग्वालियर का 25 और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 25.1 सेल्सियस दर्ज किया गया। 

तीन साल में पहली बार कोलार डैम के गेट खोले गए हैं। क्षेत्र में भारी बारिश की वजह से डैम के 8 में से दो गेट खोल दिए गए हैं। इस बीच मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने अगले दो दिन बारिश से कोई राहत नहीं मिलने का अनुमान लगाया है। भोपाल सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में मंगलवार को भी बादल छाए हुए हैं, वहीं मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में सामान्य से भारी बारिश होने की संभावना जताई है। राज्य में बीते कई दिनों से अलग-अलग हिस्सों में बारिश का क्रम बना हुआ है। आसमान पर बादलों के छाने के साथ कहीं बौछारें पड़ीं तो कहीं भारी बारिश हुई। 
32 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट 
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है सेंट्रल एमपी के ऊपर मॉनसूनी हवाओं की वजह से कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से राज्य में 15 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार को भी भोपाल के अलावा 32 जिलों में सामान्य से बेहद भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने रायसेन, हरदा, नीमच, मंदसौर, सीहोर, रतलाम और नरसिंहपुर में रेड अलर्ट जारी किया है। 

इसके अलावा धार, देवास, दमोह, बड़वानी, इंदौर, उज्जैन, विदिशा और राजगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, राजधानी भोपाल के अलावा बालाघाट, बैतूलस, अलीराजपुर, आगर, अशोकनगर, सागर, सिवनी, खंडवा, खरगोन, जबलपुर और गुना समेत कई जिलों में यलो अलर्ट (भारी बारिश) की चेतावनी दी गई है। 

हरदा जिला जेल में घुसा पानी 
सोमवार शाम तक मिले आंकड़ों के मुताबिक सिवनी में 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 31 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और प्रदेश के कई जगहों पर सड़क यातायात अवरुद्ध होने के साथ-साथ कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। सुखनी नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से सोमवार सुबह हरदा जिला जेल में पानी घुस गया, जिसके बाद 4 महिला कैदियों समेत 331 कैदियों को दूसरी बैरकों में शिफ्ट करना पड़ा। पिछले कुछ दिन से हो रही भारी बारिश के बाद यहां 9 रिलीफ कैंप बनाए गए हैं। 

सोमवार तक बारिश का आंकड़ा 
पूर्वी मध्य प्रदेश में मॉनसून सक्रिय और पश्चिमी मध्य प्रदेश में मॉनसून प्रबल रहा। इस दौरान टिमरनी में 25 सेंटीमीटर, विदिशा एवं हरदा में 18-18 सेंटीमीटर, केवलारी में 15 सेंटीमीटर, रायसेन में 13 सेंटीमीटर, गुलाबगंज एवं नैनपुर में 12-12 सेंटीमीटर एवं सागर में 11 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। यह नदी नरसिंहपुर एवं खरगोन जिले में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 

नरसिंहपुर जिले के बरमन घाट में इस नदी का जलस्तर 324.90 मीटर पहुंच गया है, जो वहां पर खतरे के निशान 323 मीटर से 1.90 मीटर अधिक है। वहीं, खरगोन के मोरटक्का में इस नदी का जल स्तर 164.84 मीटर हो गया है, जो वहां पर खतरे के निशान 163.98 मीटर से 0.86 मीटर अधिक है। 

भारी बारिश के चलते सोमवार को मध्य प्रदेश के 28 बड़े बांधों में से 21 बांधों के गेट खोले गए हैं, जिनमें खंडवा जिले में स्थित प्रदेश के सबसे बड़े बांध इंदिरा सागर एवं जबलपुर जिले में स्थित बरगी बांध भी शामिल हैं। नर्मदा नदी पर बने इस इंदिरा सागर बांध के 20 में से 12 गेट खोले गये हैं, जबकि नर्मदा पर ही बने बरगी में 21 में से 17 गेट खोले गये हैं। भारी बारिश के साथ-साथ इन बांधों से पानी छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति और विकराल हुई है। 

सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले शख्स की हार्ट अटैक से मौत, पिता बोले- ट्रैफिक पुलिस से हुई थी तकरार


दिल्ली से सटे नोएडा में सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले एक शख्स की हॉस्पिटल में हार्ट अटैक से मौत हो गई.

सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले शख्स की हार्ट अटैक से मौतपिता बोले- ट्रैफिक पुलिस से हुई थी तकरारघटना रविवार शाम को गाजियाबाद के पास हुई

यूपी: दिल्ली से सटे नोएडा में सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले एक शख्स की हॉस्पिटल में हार्ट अटैक से मौत हो गई. मृतक के पिता का आरोप है कि उनके बेटे की मौत किसी नियम के उल्लंघन करने पर ट्रैफिक पुलिस से तकरार के बाद हुई. नोएडा पुलिस का कहना है कि यह घटना रविवार शाम को गाजियाबाद के पास हुई और ट्रैफिक पुलिस के लोग जिले के ही थे. अधिकारियों के मुताबिक, ’35 साल का शख्स एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता था और वह डायबिटीज का मरीज था. वह अपने माता-पिता के साथ कार में था, तभी ट्रैफिक पुलिस के जवान ने गाजियाबाद में सीआईएसएफ कट के पास उन्हें पूछताछ के लिए रोका.’

मृतक के 65 साल के पिता ने आरोप लगाया कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के नाम पर ट्रैफिक पुलिस ने बदतमीजी की. उन्होंने कहा, ‘किसी भी चीज का एक तरीका होता है. यह सही है कि ट्रैफिक नियम बदल गए हैं. पुलिस को विनम्र होना चाहिए और किसी को निरीक्षण के लिए कहना चाहिए. यह तेज गाड़ी चलाने जैसा मामला नहीं था. वहां 2 बुजुर्ग लोग बैठे थे लेकिन उन्होंने डंडे से कार पर मारा. यह चेकिंग का तरीका नहीं है. मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई नियम है.’

उन्होंने नोएडा सेक्टर 58 पुलिस स्टेशन के अधिकारियों से कहा, ‘मुझे यह नहीं देखना कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने विनम्रता से बात की थी. मैंने अपने जवान बेटे को खो दिया. मेरी 5 साल की पोती ने अपने पिता को खो दिया. मैं नहीं जानता कि उसकी देखभाल कौन करेगा. मैं खुद 65 साल का हो गया हूं. उसकी बेसिक जरूरतों को कौन पूरा करेगा.’ मृतक के पिता ने उम्मीद जताई है कि पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ उन्हें न्याय देंगे.

 नोएडा पुलिस का कहना है कि उन्हें मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से इस घटना का पता चला और उन्होंने आंतरिक पूछताछ की है. गौतम बुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्णा ने कहा, ‘जांच के बाद यह सामने आया है कि मृतक की मौत का कारण हार्ट अटैक है और वह डायबिटीज का मरीज था. घटना गाजियाबाद में सीआईएसएफ कट के पास हुई. घटना का समय शाम 6 बजे है. मामले की जानकारी गाजियाबाद पुलिस को दे दी गई है.’

Paytm को 4217 करोड़ का भारी घाटा, आमदनी अठन्नी तो खर्च रुपैया

नई दिल्ली, 
डिजिटल पेमेंट वर्ल्ड की दिग्गज Paytm की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस को 31 मार्च को खत्म पिछले वित्त वर्ष में भारी घाटा हुआ है. कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी को 4,217 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है. इसमें पेटीएम मनी, पेटीएम फाइनेंशियल सर्विसेज, पेटीएम एंटरटेनमेंट सर्विसेज आदि के कारोबार शामिल हैं.

कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार इसके एक साल पहले उसे 1,604.34 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. यानी एक साल के भीतर कंपनी का घाटा बढ़कर दोगुने से ज्यादा पहुंच गया. पिछले वित्त वर्ष में वन97 कम्युनिकेशंस को अकेले 3,959.6 करोड रुपये का घाटा हुआ है, जबकि इसके एक साल पहले कंपनी को सिर्फ 1,490 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.

आय बढ़ी, लेकिन खर्च भी बहुत ज्यादा बढ़ा

इस दौरान कंपनी की कुल आय 8.2 फीसदी बढ़कर 3,579.67 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. दूसरी तरफ, कंपनी का खर्च दोगुना होकर 7,730.14 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

कंपनी ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है, ‘ब्रैंड तैयार करने और कारोबारी गतिविधि मजबूत करने के लिए कंपनी को भारी पूंजीगत व्यय करना पड़ा है. कई पूंजीगत और संचालनात्मक खर्चों के लिए हमें भारी राशि लगानी पड़ी जिसकी वजह से वित्त वर्ष के दौरान घाटा हुआ है.’

गौरतलब है कि वन97 कम्युनिकेशंस में पेटीएम के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर विजय शेखर शर्मा की हिस्सेदारी 15.7 फीसदी है. शर्मा ने कहा कि भारी घाटे के बावजूद कंपनी अगले दो साल में बाजार से पूंजी उगाहने के लिए आईपीओ लाने पर विचार कर रही है.

कंपनी को साल 2018 में अमेरिकी निवेश कंपनी बर्कशायर हैथवे से 30 करोड़ डॉलर की पूंजी मिली थी. इसमें सॉफ्टबैंक और अलीबाबा जैसी विदेशी कंपनियों ने भी निवेश किया है.  

पेटीएम ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1.2 अरब से ज्यादा व्यापारी लेन-देन दर्ज किया है. इसके अलावा पेटीएम का दावा है कि पी2पी और मनी ट्रांसफर लेन-देन के बूते ऑफलाइन भुगतान में उसने देश में नेतृत्वकारी स्थिति बरकरार रखी है.  

वन97 कम्युनिकेशंस लि. के स्वामित्व वाली पेटीएम को करीब 1.4 करोड़ खुदरा दुकानों पर स्वीकार किया जाता है और इस क्षेत्र में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 70 फीसदी है.

कंपनी ने इस साल घोषणा की थी कि वह अब अपना ध्यान पीयर-टू-पीयर (पी2पी) लेन-देन से हटाकर किराना स्टोरों, रेस्टोरेंटों, कम्यूट और अन्य दैनिक खर्चो में डिजिटल भुगतान के प्रयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित कर रही है.

पेटीएम ने कहा कि उसने इसके अलावा यूजर्स को क्यूआर कोड को स्कैन करना सिखाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है, ताकि वे किराना दुकानों पर लेनदेन कर सकें.

चिन्मयानंद केस: पीड़िता का खुलासा- एक साल से यौन शोषण कर रहे स्वामी


लखनऊ पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली लॉ की छात्रा सोमवार को मीडिया के सामने आई और कहा कि वह अपने बयान पर कायम है कि स्वामी चिन्मयानंद ने एक साल तक उसका यौन शोषण किया.

पीड़िता बोली-धमकी की वजह से यूपी छोड़कर दिल्ली और राजस्थान में रह रही थीपिछले दिनों सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर स्वामी पर लगाए थे गंभीर आरोप

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली लॉ कॉलेज की छात्रा सोमवार को मीडिया के सामने आई और उसने चिन्मयानंद के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज करने की मांग की. पीड़िता का कहना है कि उसे उत्तर प्रदेश सरकार पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है कि उसे किसी तरह का न्याय मिलेगा.

पीड़िता का दावा है कि यूपी पुलिस स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है, जबकि दिल्ली के कड़कड़डूमा थाने में शून्य पर रेप की शिकायत दर्ज की जा चुकी है, जिसे एसआईटी को ट्रांसफर भी कर दिया गया है. पीड़िता ने कहा कि उसके पास स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न करने के सारे सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वह कोर्ट में पेश करेगी.

जिलाधिकारी को सस्पेंड किया जाएः पीड़िता

पीड़िता ने आरोप लगाया कि स्वामी चिन्मयानंद पिछले एक साल से उसका यौन शोषण कर रहे हैं. स्वामी चिन्मयानंद की धमकी के बाद ही उसने उत्तर प्रदेश छोड़कर दिल्ली और राजस्थान में शरण ली थी.

पीड़िता ने शाहजहांपुर के जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह पर भी परिवार को धमकी देने का आरोप लगाया है. पीड़िता की मांग है कि जिलाधिकारी को तत्काल सस्पेंड किया जाए.

एसआईटी के हाथ में मामले की जांच

गौरतलब है कि पीड़ित छात्रा ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद पीड़िता के पिता ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था. इससे पहले स्वामी चिन्मयानंद की तरफ से भी अज्ञात लोगों के खिलाफ 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है.

अब आर-पार की लड़ाईः पीड़िता के पिता

पीड़िता के स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराने की मांग से पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. वहीं, पीड़िता के पिता ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला कर लिया है. उनका कहना है कि वह चिन्मयानंद के असली चेहरे को सबके सामने लाकर रहेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन स्वामी चिन्मयानंद के दबाव में काम कर रहा है.

भारतीय मजदूर संघ ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सौपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

राज्य कर्मचारी एवं आगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ सहित कई संगठन हुए शामिल

शिवपुरी कर्मचारियों की लंबित मांगो के निराकरण के लिए सोमवार की शाम भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले उसकी अनुषांगिक संगठनों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर।को सौपा।
जानकारी देते हुए बीएमएस के विभाग प्रमुख रमेश शिवहरे, राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अजमेर सिंह यादव, सचिव दिलीप शर्मा, मीडिया प्रभारी मुकेश आचार्य, पावर इंजीनियर एंड एम्प्लॉय एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह गुर्जर , महिला बाल विकास से हरभजन कौर , जिलाध्यक्ष हरीश चौबे, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पूरनलाल बाथम, योगेश मिश्रा, अजय श्रीवास्तव, मनमोहन जाटव, अचलेश जौहरी, ज्योति शर्मा, कल्पना लाम्बा, फतेह सिंह गुर्जर, गोविंद श्रीवास्तव , अखिलेश रमन शर्मा, अरुणेश रमन शर्मा,महावीर मुदगल, महेंद्र श्रीवास्तव सहित भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध संगठनों के प्रतिनिधि व कार्यकर्ता शामिल हुए। 

इन मांगों को लेकर सौपा ज्ञापन
भारतीय मजदूर संघ सरकारी व गैर सरकारी इकाइयों ने इन प्रमुख मांगो को लेकर ज्ञापन सौपा जिनमें अधिकारियों कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए, कर्मचारियों को मोबाइल भत्ता, छटबे वेतनमान की विसंगतियों को दूर किया जाए, सहायक शिक्षकों को क्रमोनन्त, पदोन्नति, सेवानिवृत्त की आयु 62 वर्ष की जगह 65 वर्ष की जाए, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमित के स्थान पर नियमित किया जाए। शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रधान अध्यापक को विकास खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नति की जाए। सहायक शिक्षकों को अघ्यापक संवर्ग के समान वरिष्ठता दी जाए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को नियमित किया जाए, मानदेय में कटौती की गई है उसे वापिस किया जाए व उसका एरियर दिया जाए। मानदेय का भुगतान व भवन किराया भुगतान प्रत्येक माह 5 तारीख तक किया जाए सहित अन्य मांगों का निराकरण किया जाए।

द न्यूज लाइट की टीम श्रीजी मंदिर डिग्गी पुरी जिला टोंक राजस्थान में, श्री जी के दर्शनों का लाभ उठाएं एवं अपने जीवन में सुख समृद्धि व सफलता पाएं.


संपादक करुणेश शर्मा की रिपोर्ट
टोंक राजस्थान द न्यूज़ लाइट की टीम ने आज डिग्गी पुरी जिला टोंक राजस्थान में स्थित तीर्थ श्रीजी धाम के दर्शन किए व दर्शन लाभ उठाया यह स्थान हजारों वर्ष पुराना स्थान है यहां पर भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी जी की मूर्ति स्थापित है भगवान विष्णु लक्ष्मी जी की मूर्ति समुद्र से स्वयं ही प्रकट हुई थी जिसे डिग्गी पुरी के राजा डिग्गी ने तत्कालीन संसाधनों से मूर्तियों को लाकर इस स्थान पर डिग्गी पुरी में स्थापित किया भगवान विष्णु के स्वयं प्रकट होकर यहां पर स्थापना करने का आदेश राजा को दिया तभी से हजारों वर्ष से यह मंदिर श्रीजी के नाम से डिग्गी पुरी जिला टोंक में स्थित है यहां पर दर्शन मात्र से व्यक्तियों के जीवन में सुख संपन्नता रोगों का विनाश इत्यादि होता है. यहां पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन लाभ करते हैं यह भारत में बहुत ही प्राचीन व प्रसिद्ध स्थल है श्रीजी धाम की मान्यता है कि जो व्यक्ति यहां पर दर्शन लाभ करता है उसके जीवन में सुख संपन्न संपन्नता वैभव सब कुछ प्राप्त होता है व हमेशा हमेशा के लिए मुक्त हो जाते हैं . व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से काफी लाभ मिलता है वह व्यक्ति जीवन मरण के बंधन से मुक्त होकर परम मोक्ष को प्राप्त होता है.