मसूद अजहर रिहा, राजस्थान बॉर्डर पर अतिरिक्त सैनिक तैनात किए

नई दिल्ली. भारतीय खुफिया विभाग इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने जम्मू और राजस्थान बॉर्डर पर आतंकी घुसपैठ और धमाकों को लेकर अलर्ट जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईबी के दो अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान ने आतंकी हमलों के लिए जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को रिहा कर दिया है। साथ ही पाक ने जम्मू और राजस्थान सेक्टर में अपने अतिरिक्त सैनिक भी तैनात किए हैं।

खुफिया जानकारी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से ही बॉर्डर पर लगातार घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी हैं। पाक और आतंकी संगठन बड़े धमाकों की साजिश रच रहे हैं। आतंकी लगातार बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। आईबी ने राजस्थान-जम्मू बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ और सेना अधिकारियों को भी अलर्ट भेजा है।

पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने 6 सितंबर को कहा था कि भारत जम्मू-कश्मीर में जो कुछ कर रहा है, उसका हरसंभव जवाब दिया जाएगा। भारत ने अनुच्छेद 370 खत्म करके जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित राज्य बनाया। भारत के इस कदम को वैश्विक समुदाय ने नजरअंदाज किया। इसके कारण नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव की स्थिति बनी है। वहीं, पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने कहा था कि कश्मीर हमारी दुखती रग है, इसके लिए हम आखिरी गोली तक लड़ेंगे।

भारी बारिश से बेहाल मध्य प्रदेश, भोपाल में घरों में घुसा पानी, स्कूल-कॉलेज बंद

दो दिनों की बारिश ने मध्य प्रदेश का हाल-बेहाल कर दिया है. नदी-नाले उफान पर हैं. भोपाल और विदिशा में बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया. मंडला जिले में रिकॉर्ड 134 मिली मीटर बारिश हुई. सीहोर में पार्वती नदी उफान पर है.

बारिश की वजह से जबलपुर में नर्मदा नदी पर बना बरगी बांध पानी से लबालब हो गया. इस कारण बांध के 21 गेट खोले गए. पूरे मध्य प्रदेश में अगले 3-4 दिनों तक बारिश की चेतावनी है. भोपाल समेत कई जिलों में में आज स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे.

वहीं सिवनी- वैनगंगा नदी में तीन लोग बह गए. इसमें से एक को बचा लिया गया है जबकि दो लोग लापता हैं.  यह सिवनी के पुसेरा गांव की घटना बताई जा रही है. सिवनी में दो दिन से लगातार बारिश जारी है. एएसपी और होमगार्ड कमांडेंट मौक़े पर तैनात हैं.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित राज्य के कई हिस्सों में हुई जोरदार बारिश के कारण जन-जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बारिश के कारण निचली बस्तियों में पानी भर गया है, और आवागमन प्रभावित हुआ है.

राज्य में बीते 36 घंटों से कहीं रुक-रुक कर तो कहीं तेज बारिश हो रही है. रविवार रात तक बारिश का दौर जारी रहा. बारिश के कारण राजधानी की भी कई निचली बस्तियों में पानी भर गया. राज्य के जनसम्पर्क मंत्री पी़ सी़ शर्मा ने भोपाल में लगातार जारी भारी वर्षा के बीच प्रभावित गरीब बस्तियों का दौरा किया.

शर्मा ने जिला कलेक्टर तरुण पिथोड़े को निर्देश दिया कि जल-भराव से प्रभावित परिवारों को राशन और राहत सामग्री तुरंत उपलब्ध कराई जाए. निचले क्षेत्र में बसे झुग्गीवासियों को मल्टी बिल्डिंग्स में शिफ्ट किया जाए. प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उन्हें तत्काल राहत प्रदान किया जाए.
मंत्री शर्मा ने पंचशील नगर, नया बसेरा, राजीव नगर तथा अन्य गरीब बस्तियों का दौरा किया. उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.

जनसम्पर्क मंत्री शर्मा ने कलेक्टर और नगर निगम अमले को निर्देश दिया कि “लगातार बारिश को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल-रूम को 24 घंटे चालू रखें. जल-भराव वाले क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखें. बाढ़ नियंत्रण दस्ता इन क्षेत्रों में मुस्तैदी से तैनात रहे.”

राज्य में भारी बारिश के चलते बांध लबालब हो गए और निकासी के लिए गेट खोलने पड़े हैं. जबलपुर में बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने पर 21 गेट खोलकर पानी की निकासी की गई. इस मौके पर पुलिस और प्रशासन ने नर्मदा नदी किनारे की बस्तियों के निवासियों को सतर्क कर दिया है.

इसी तरह सिवनी जिले में बैनगंगा नदी पर बने संजय सरोवर बांध के पांच गेट खोले गए हैं. बारिश के चलते भोपाल-सागर मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है. छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा के हर्रई बस्ती में पानी घुस गया है.

पत्नी ने खाना नहीं दिया तो शेर के बाड़े में कूदने पहुंचा युवक, जानें फिर क्‍या हुआ

नई दिल्ली, ।  पत्नी के खाना नहीं देने से परेशान युवक चिड़ियाघर में शेर का निवाला बनने के लिए पहुंच गया। हालांकि, बाड़े की दीवार पर चढ़े युवक को कूदने से पहले ही वहां मौजूद गार्ड ने अन्य लोगों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया। इसके बाद पुलिस को सौंप दिया।

शाम को टहलते-टहलते शेर के बाड़े के पास पहुंच गया
चिड़ियाघर के अधिकारियों के मुताबिक आनंद विहार निवासी एक युवक (30) बृहस्पतिवार शाम चार बजे टहलते-टहलते बीट नंबर 17 स्थित शेर के बाड़े के पास पहुंच गया। काफी देर तक युवक को संदिग्ध अवस्था में बाड़े के पास टहलता देख ड्यूटी पर तैनात गार्ड शत्रुघ्न सिंह ने उसे वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन युवक नहीं माना और तेजी से बाड़े के बाहर लगी रेलिंग को कूदकर दीवार पर खड़ा हो गया।

युवक के दीवार पर चढ़ते ही गार्ड वहां पहुंचा

इस पर गार्ड भी दौड़कर दीवार पर चढ़ गया और युवक का हाथ पकड़ लिया। युवक भी बचाने की गुहार लगाने लगा। ऐसे में पास मौजूद लोग भी मदद के लिए तुरंत दौड़ पड़े व गार्ड के साथ युवक को बाड़े से खींचकर बाहर निकाला।

पुलिस के हवाले किया 
सूचना मिलने पर आनन-फानन में चिड़ियाघर के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए व युवक को निजामुद्दीन पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि यदि कुछ पल की देरी हो जाती तो युवक बाड़े में कूद जाता। ऐसे में भूखे शेर का निवाला बनने से उसे बचाना मुमकिन नहीं था।

युवक ने बयां की दर्द
इधर युवक ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह अपनी पत्नी से बेहद परेशान है। आरोप है कि उसने दो दिन से उसे खाना नहीं दिया था। ऐसे में बृहस्पतिवार को वह अपनी जान देकर शेर का खाना बनने के लिए आया था। एक अधिकारी ने बताया कि युवक मानसिक रूप से बीमार लग रहा था।

पहले भी हो चुका है हादसा
सितंबर 2014 में भी इसी तरह की एक एक घटना हो चुकी है। उस समय दिल्ली का यह चिड़ियाघर देशभर में चर्चा में आ गया था। उस वक्त 19 वर्षीय मकसूद नाम के युवक की सफेद बाघ के बाड़े में गिरने से बाघ का निवाला बन गया था। इसके बाद से चिड़ियाघर में खतरनाक वन्यजीवों के बाड़े के बाहर रेलिंग व गार्डो की तैनाती कर दी गई थी।

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह जी तोमर को मातृशोक, सीएम श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे

      ग्वालियर ।  केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह  तोमर की 90 वर्षीय पूज्य माताजी श्रीमती शारदा देवी सिंह जी का आज सोमवार, 9 सितंबर 2019 को सुबह नई दिल्ली में निधन हो गया. । वे लंबे समय से बीमार थी और वेंटिलेटर पर थी । मुख्यमंत्री कमलनाथ दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे श्री तोमर के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे ।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार श्री तोमर की माताजी  ने आज तड़के देह त्यागी । उनके परिजन उनकी पार्थिव देह लेकर दिल्ली से ग्वालियर के लिए रवाना हो चुके हैं । उनके दोपहर तक ग्वालियर पहुंचने की संभावना है । आन्तिम  यात्रा गृहनगर-आर्य नगर मुरार, ग्वालियर से शाम 5 बजे  मुरार शमशान के लिए प्रस्थान करेगी.

विक़म लैंडर से संपर्क साधने में इसरो के पास केवल 12 दिन

बेंगलुरु. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) मिशन चंद्र (Lunar Mission) के लिए गए चंद्रयान-2(Chandrayan-2) के लैंडर ‘विक्रम’ (Vikram) से संपर्क करने की कोशिशों में जुटा है. शनिवार को ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने के दौरान ही लैंडर ‘विक्रम’ का ग्राउंड स्टेशन से कनेक्शन टूट गया था. हालांकि, इसरो ने रविवार को जानकारी दी कि ‘विक्रम’ की लोकेशन पता चल गई है. इसके साथ ही इसरो का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. विक्रम से संपर्क साधने के लिए इसरो के पास अब बस 12 दिन बचे हैं, वरना ‘मिशन चंद्र’ पूरा होने की उम्मीदें खत्म हो सकती हैं.

दरअसल, इसरो (ISRO) का कहना है कि चंद्रयान-2 (Chandrayan-2) के लैंडर विक्रम (Vikram) ने चांद की सतह पर सॉफ्ट नहीं, बल्कि हार्ड लैंडिंग की थी. इस वजह से लैंडर के गिरने से एक एंटीना दब गया है. इस एंटीना के जरिये कम्युनिकेशन सिस्टम को कमांड भेजी जाती है. इसरो फिलहाल इसी कोशिश में है कि किसी तरह एंटीना के जरिये विक्रम को कमांड कर के वापस एक्टिव किया जा सके. इसके लिए उसके बाद 12 दिन रह गए हैं

दरअसल, चांद पर अभी लूनर डे चल रहा है. एक लूनर डे धरती के 14 दिनों का होता है. इसमें से 2 दिन चले गए हैं. मतलब यह है कि आने वाले 12 दिन चांद पर दिन रहेगा. उसके बाद चांद पर रात हो जाएगी. रात में विक्रम से संपर्क साधने में परेशानी होगी और इसरो का इंतजार लंबा हो जाएगा.

कुछ अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का कहना है, ‘ऐसा हो सकता है कि लैंडर ने एक निर्धारित गति से चांद पर लैंडिंग न की हो या उसने चारों पैरों पर लैंडिंग न की हो, जिसके चलते उसे झटका लगा हो और नुकसान पहुंचा हो.’

कैसे ठीक हो लैंडर विक्रम?
चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ में ऑनबोर्ड कंप्यूटर है. इसी वजह से ये खुद ही कई काम कर सकता है. लैंडर के नीचे की तरफ 5 थ्रस्टर्स लगे हैं, जिसके जरिए इसे चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी. लैंडर के चारों तरफ भी थ्रस्टर्स लगे हुए हैं. इन्हे स्पेस में यात्रा के दौरान दिशा निर्धारित करने के लिए ऑन किया जाता है. लैंडर के जिस हिस्से में एंटीना दबा है, उसी हिस्से में ये थ्रस्टर्स भी हैं. अगर ऑर्बिटर के जरिये दबे हुए एंटीना ने पृथ्वी से भेजे जा रहे कमांड को रिसीव कर लिया, तो विक्रम अपने एक बार फिर खड़ा हो जाएगा. ऐसे में इसरो का ‘मिशन चंद्र’ फिर से शुरू हो जाएगा, जो कि फिलहाल अटका हुआ है.

इसरो में ‘मिशन चंद्र’ से जुड़े एक सीनियर साइंटिस्ट के मुताबिक, ‘जैसे-जैसे समय बीतता जाएगा, लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित करना और भी मुश्किल होता जाएगा. अगर जल्द से जल्द विक्रम से संपर्क स्थापित कर लिया गया, तो इसमें अभी भी एनर्जी जनरेट की जा सकती है. क्योंकि, इसमें सोलर पैनल लगे हैं. अगर सूरज की रोशनी विक्रम पर पड़ रही होगी, तो इसके सोलर पैनल के जरिए बैटरी रिचार्ज हो जाएगी. लेकिन, ये सब जितनी जल्दी हो सके करना होगा. नहीं हो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं.
चांद से 2.1 किलोमीटर दूरी पर खो गया था विक्रम
इसके पहले इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने बताया था कि शुक्रवार देर रात चांद से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर आकर लैंडर विक्रम खो गया था. चांद की सतह की ओर बढ़ा लैंडर विक्रम का चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर पहले संपर्क टूट गया था. इससे ठीक पहले सबकुछ ठीकठाक चल रहा था.

बता दें कि लैंडर ‘विक्रम’ का ग्राउंड स्टेशन से संपर्क तीसरे चरण के दौरान टूटा. तीसरे चरण में चंद्रयान-2 को पांच किमी से नीचे उतरना था. इसमें 89 सेकंड लगने थे, लेकिन इसी दौरान इसरो का संपर्क टूट गया. इसके बाद विक्रम को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली.

इसके बाद चौथे चरण में 400 मी. ऊपर से 100 मी. तक आकर विक्रम को रुकना था. यहां दो क्रेटर हैं। पहला मैजिनियस सी और दूसरा सिंपेलियस। इन दोनों क्रेटरों की एक-दूसरे से 1.6 किमी की दूरी है. लैंडर विक्रम को इसमें से एक साइट चुननी थी. उसकी दिशा में उतरते हुए 100 मी. की ऊंचाई से 10 मी. तक पहुंचने में 65 सेकेंड लगने थे. रविवार को इसकी लोकेशन पता चली है.

लैंडर के अंदर ही है रोवर ‘प्रज्ञान’
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रोवर प्रज्ञान अभी भी लैंडर के अंदर है. यह बात चंद्रयान-2 के ऑनबोर्ड कैमरे के जरिए खींची गई लैंडर की तस्वीर को देखकर पता चलती है. साथ ही इसरो ने यह भी बताया कि चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर जो कि पूरी तरह से सुरक्षित है और सही तरह से काम कर रहा है. वह चंद्रमा के चक्कर लगातार लगा रहा है.

इससे पहले बेंगलुरु स्थित इसरो के हेडक्वार्टर की ओर से यह बयान भी जारी किया गया था कि ऑर्बिटर का कैमरा सबसे ज्यादा रिजोल्यूशन वाला (0.3m) कैमरा है. जो अभी तक किसी भी चंद्र मिशन में इस्तेमाल हुए कैमरे से ज्यादा अच्छी रिजोल्यूशन वाली तस्वीर खींच सकता है. यह तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय विज्ञान समुदाय के लिए बहुत ज्यादा काम की हो सकती हैं.

बता दें कि इसरो ने 22 जुलाई को चंद्रयान-2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की थी. चंद्रयान-2 के तीन हिस्से हैं. ऑर्बिटर, लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान. ऑर्बिटर फिलहाल अपना काम कर रहा है. ये एक साल तक चांद की तस्वीरें भेजता रहेगा.

कानून और व्यवस्था-आइएनएक्स का साया और पी चिदंबरम



नई दिल्ली पी. चिदंबरम के खिलाफ मामला यह है कि आइएनएक्स मीडिया ने विदेशी निवेश/धन शोधन के जो उल्लंघन किए, उनमें कथित तौर पर वे शामिल थे

दरअसल, पी. चिदंबरम के खिलाफ मामला यह है कि आइएनएक्स मीडिया ने विदेशी निवेश/धन शोधन के जो उल्लंघन किए, उनमें कथित तौर पर वे शामिल थे. यह कंपनी मीडिया के पूर्व ताकतवर उद्योगपति इंद्राणी और पीटर मुखर्जी ने बनाई थी.

2007 में जब चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे, आइएनएक्स मीडिया ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआइ) लाने और इस रकम का कुछ हिस्सा दूसरी कंपनियों में निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआइपीबी) की इजाजत मांगी थी. एफआइपीबी ने 4.6 करोड़ रुपए की एफडीआइ की मंजूरी दी, पर दूसरी कंपनियों में निवेश की मंजूरी नहीं दी.

इन शर्तों का उल्लंघन करते हुए कंपनी 2007 और 2008 के बीच 305 करोड़ रुपए की एफडीआइ ले आई और उसने अपनी निवेश योजनाओं को भी अंजाम दे दिया. 2008 की शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने इस पर उंगली उठाई और कंपनी से सफाई मांगी. आइएनएक्स मीडिया ने मामले के निपटारे के लिए चेस मैनेजमेंट सर्विसेज की सेवाएं लीं.

यह कंपनी चिदंबरम के बेटे कार्ति ने बनाई थी. सीबीआइ का आरोप है कि तब वित्त मंत्री चिदंबरम के मातहत आने वाले एफआइपीबी ने जांच का आदेश देने के बजाए सुझाव दिया कि आइएनएक्स मीडिया जो रकम पहले ही ला चुका है, उनकी मंजूरी के लिए नए सिरे से आवेदन करे. हाइकोर्ट ने जिस दिन चिदंबरम की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी और उन्हें मामले का मुख्य षड्यंत्रकर्ता बताया, उसके अगले दिन 21 अगस्त, 2019 को सीबीआइ ने देर शाम चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया.

जनता के मध्य से आये अब भी जनता के साथ सांसद के पी यादव शिवपुरी की जनता के बीच

शिवपुरी सांसद केपी यादव कल माधव चौक शिवपुरी पर जनता के बीच पहुंचे. सांसद के पी यादव जनता के बीच से ही आयें हैं और जनता के बीच ही रहना चाहते हैं.
जनता के मध्य रहेंगे तब ही सांसद जनता की समस्यायों को अच्छे से जान सकेंगे. दो तीन घेरों के बीच में रहना जनता से दूरी ही बनाता है.
पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया यही बात भूल गये थे और यह भी की अब प़जातंत्र है राजशाही का युग बीते काफी समय बीत गया है.
ज्योतिरादित्य सिंधिया का व्यवहार भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ गुलामों की तरह रहा, हर कार्यकर्ता बेचारा बिना किसी स्वार्थ के महाराज महाराज कह काम करता रहा लेकिन कभी कार्यकर्ता को वो प्यार नहीं मिला जो आज सांसद के पी यादव जनता के बीच जाकर बांट रहे.
ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने और कार्यकर्ताओं के बीच तीन घेरे रखते थे. बाहरी लोग पहले घेरे में आते थे जो कार्यकर्ता और सिंधिया के मध्य सेतु का काम करते थे. जनता की बात तो सिंधिया सुनना पसंद ही नहीं करते थे,शायद ही कभी शिवपुरी की जनता के बीच इस तरह पहुंचे हों जैसे आज सांसद केपी यादव पहुंच रहे.
सांसद के पी यादव निश्चित ही ऐक दिन जनता के दिलों में पहुंच कर लोकप़िय होंगे, और जनसमस्याओं से रुबरु हो सकेंगें.
खैर शिवपुरी की जनता के लिये तो यह एक नये युग की शुरुआत है और खुश भी है कि उनका सांसद सुख दुख जानने उनके बीच आ रहा है. सांसद के इस कदम से हमारे पूर्व आदरणीय भी सबक सीखेंगे ऐसी उम्मीद है और जनता के बीच आकर उनकी समस्याओं को जानेंगे, सत्ता का केंद़ अब भी आदरणीय के पास ही है. अगर आयेंगे तो उनकी यह कहावत भी चरितार्थ होगी की में पद के बगैर जन सेवा कैसे की जाती है.

सत्येंद़ सिंह रघुवंशी
डायरेक्टर &
चीफ एडीटर द न्यूज़ लाइट
थाटीपुर मयुरनगर ग्वालियर