चिदंबरम भेजे गए तिहाड़ जेल, 19 सितंबर तक रहेंगे सलाखों के पीछे

सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि जेल में उनकी ओर से अलग सेल की मांग की गई है। यही नहीं, उन्होंने जेल में जेड कैटेगरी वाली सुरक्षा भी मांगी है।

दिल्ली INX Media Scam Case में आरोपी कांग्रेसी नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार शाम उन्हें कोर्ट ने आदेश देते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया। वह अब 19 सितंबर तक सलाखों के पीछे रहेंगे।

सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि जेल में उनकी ओर से अलग सेल की मांग की गई है। यही नहीं, उन्होंने जेल में जेड कैटेगरी वाली सुरक्षा भी मांगी है।

इससे पहले, चिदंबरम को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया था। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दर्ज किया है।

कोर्ट ने चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से मना करने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के 20 अगस्त के फैसले को चुनौती देते हुए कांग्रेस नेता की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा था कि आर्थिक अपराध के मामलों में अलग तरीके से निबटना होगा क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।

जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस ए.एस बोपन्ना की बेंच ने कहा कि यह अग्रिम जमानत देने के लिए उचित मामला नहीं है। इस समय चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। मामले में अपनी जांच करने के लिये पर्याप्त स्वतंत्रता दी जानी होगी।

आज जियो फाइबर होगा लॉन्च, हर कनेक्शन के साथ मुफ्त सेट टॉप बॉक्स

नयी दिल्ली : दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो डायरेक्ट टु होम (डीटीएच) और केबल ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रत्येक ब्रॉडबैंड कनेक्शन के साथ सेट टॉप बॉक्स मुफ्त दे सकती है.  मुकेश अंबानी की कंपनी आप्टिकल फाइबर आधारित जियोफाइबर ब्रॉडबैंड सेवा आज पांच सितंबर से शुरू करने जा रही है. सूत्रों ने कहा कि जियोफाइबर के सभी ग्राहकों को सेट टॉप बॉक्स नि:शुल्क दिया जायेगा.  रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने घोषणा की है कि जियोफाइबर के ग्राहकों को जीवनभर के लिए लैंडलाइन से मुफ्त वॉयस कॉल, 700 रुपये से शुरू होने वाले प्लान पर 100 मेगाबिट (एमबीपीएस) से एक गीगाबिट प्रति सेकेंड की ब्रॉडबैंड स्पीड और वार्षिक प्लान के लिए प्रतिबद्धता पर मुफ्त एचडी टीवी सेट देने की घोषणा की है.  सूत्र ने कहा कि जियोफाइबर के ग्राहकों को प्रमुख मनोरंजक मोबाइल एप्स के जरिये फिल्मों और अन्य वीडियो सामग्री तक पहुंच मिलेगी. इनका शुल्क मासिक ब्रॉडबैंड कनेक्शन में ही शामिल होगा और उपभोक्ताओं को इसके लिए अलग शुल्क नहीं देना होगा. सेट टॉप बॉक्स टीवी सेटों पर वीडियो कॉलिंग की सेवा भी उपलब्ध करायेगा. इसके लिए उपभोक्ता को सेट टॉप बॉक्स से कैमरा को जोड़ना होगा.

पाकिस्तान में मंदिर की खुदाई के दौरान मिली सुरंग, अंदर से निकली बेशकीमती भगवान हनुमान की मूर्ति

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में एक मंदिर की खुदाई के दौरान बेशकीमती प्राचीन मूर्तियां बरामद हुई हैं. मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. मूर्तियां कराची के सोल्जर बाजार के प्रसिद्ध श्री पुंज मुखी हुनमान मंदिर की खुदाई के दौरान मिलीं. इन प्राचीन मूर्तियों को बेशकीमती बताया गया है. यह मूर्तियां पीले पत्थर से बनाई गई हैं और इन पर सिंदूर के निशान देखे जा सकते हैं.

यह मूर्तियां महावीर हनुमान, गणेश महाराज और नंदी महावीर की हैं. सोल्जर बाजार की तंग और घनी आबादी वाली गलियों में स्थित इस मंदिर की साज सज्जा और मरम्मत के लिए खुदाई के काम में मजदूरों को अलग-अलग आकार की पंद्रह मूर्तियां मिलीं.

मंदिर के पुराने हिस्से में फर्श की खुदाई के दौरान इन मूर्तियों के साथ एक हवन कुंड और एक छोटी सुरंग भी मिली है जिसमें अस्थि कलश मिला है. माना जा रहा है कि यह किसी साधु-संत का है क्योंकि इस कलश के पास व्यक्ति के कुछ निजी सामान मिले हैं.

मंदिर प्रबंधन और खुदाई करने वालों का कहना है कि इन्हें देखने से लग रहा है कि यह पंद्रह सौ साल पुरानी हैं. प्रबंधन ने विशेष पुरातत्वविदों को यह जांचने के लिए बुलाया है कि यह कितनी पुरानी हैं. साथ ही मंदिर प्रबंधन ने सरकार से आग्रह किया है कि मंदिर को एक राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर वह इसके पुनर्निर्माण में योगदान दे.

आईएनएक्स केस / चिदंबरम को ईडी से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गिरफ्तार कर पूछताछ जरूरी

नई दिल्ली.आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तार कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिलने को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। गुरुवार को कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि मनी ट्रेल को उजागर करना जरूरी है। ईडी के दावे से सहमत हैं कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ जरूरी है। जमानत देने से जांच पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, चिदंबरम की सीबीआई रिमांड भी आज खत्म हो रही है। इस पर विशेष सीबीआई अदालत सुनवाई करेगी।

चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा- अग्रिम जमानत को किसी को उसके अधिकार के तौर पर नहीं दिया जा सकता। ये मामलों पर निर्भर करता है। हमने प्रवर्तन निदेशालय की केस डायरी देखी है और मनी ट्रेल को उजागर करना जरूरी है। ईडी के दावे से सहमत हैं कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ जरूरी है। ईडी ने सीलबंद लिफाफे में कुछ दस्तावेज दिए थे। लेकिन हमने उन्हें नहीं देखा। 20 अगस्त को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अगले दिन चिदंबरम की गिरफ्तारी हुई थी।

सीबीआई रिमांड खत्म, आज ट्रायल कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चिदंबरम की सीबीआई रिमांड 5 सितंबर तक बढ़ाई थी। उन्होंने एक याचिका में विशेष अदालत (ट्रायल कोर्ट) से गैर-जमानती वारंट जारी होने और सीबीआई रिमांड को चुनौती दी थी। लेकिन ईडी केस में राहत नहीं मिलने पर उन्होंने सीबीआई रिमांड से जुड़े फैसले के खिलाफ दायर याचिका भी वापस ले ली। बेंच ने कहा है कि ईडी केस में भी नियमित जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाएं। आज चिदंबरम की रिमांड खत्म हो रही है, सीबीआई से जुड़े मामले में उनकी जमानत पर सुनवाई होगी।

वित्त मंत्री रहते हुए विदेशी निवेश की मंजूरी दी थी
आरोप है कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर आईएनएक्स को 2007 में 305 करोड़ रु. लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी। जिन कंपनियों को फायदा हुआ, उन्हें चिदंबरम के सांसद बेटे कार्ति चलाते हैं। सीबीआई ने 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था। 2018 में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। एयरसेल-मैक्सिस डील में भी चिदंबरम आरोपी हैं। इसमें सीबीआई ने 2017 में एफआईआर दर्ज की थी।

शिक्षक दिवस पर दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ को याद दिलाया कांग्रेस का वादा

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की रार कम होती नजर नहीं आ रही है. कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार से विवाद के बाद अब दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक बार फिर कांग्रेस का वादा याद दिलाया. उन्होंने शिक्षक दिवस के बहाने कमलनाथ से चुनावी घोषणा पत्र के वादों को पूरा करने की नसीहत दी है.

दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को कहा, ‘शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं. अतिथि शिक्षक व अतिथि विद्वान शिक्षकों को कांग्रेस वचन पत्र में किए गये वादों को हमें पूरा करना है. मुझे विश्वास है मुख्य मंत्री कमल नाथ कांग्रेस वचन पत्र में किया गया हर वचन पूरा करेंगे.’

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले दिए गए वचन पत्र में प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था. कांग्रेस ने कहा था कि सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर  शिक्षकों को नियमित कर दिया जाएगा.

पूर्व में कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस करके गुरुजियों की भांति अतिथि शिक्षकों को भी नियमित करने की घोषणा की थी, जिसकी गारंटी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने ली थी, और कहा था कि 90 दिनों के भीतर अतिथि शिक्षकों का नियमितिकरण किया जाएगा. कांग्रेस को प्रदेश की सत्ता में आए 8 महीने हो गए हैं, लेकिन यह वादा पूरा नहीं हो सका है. यही वजह है कि दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ से शिक्षक दिवस पर शिक्षकों से किए गए वादे को पूरा करने की याद दिलाई है.

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह इससे पहले भी मुख्यमंत्री कमलनाथ को वचन पत्र निभाने का वादा याद दिला चुके हैं. चुनावी नतीजे आने के बाद कमलनाथ को जब विधायक दल का नेता चुना गया था, उसी समय दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके कहा था, ‘कांग्रेस विधायक दल द्वारा सर्वसम्मति से कमलनाथ को नेता चुन लेने पर सभी नव निर्वाचित विधायकों को हार्दिक धन्यवाद व बधाई. अब कमलनाथ कि जिम्मेदारी है कि खुद के द्वारा बनाए गए वचन पत्र का हर वचन पूरा करें. ताकि मप्र की जनता का विश्वास कांग्रेस में बना रहे.’

मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 15 साल बाद मिली सत्ता के महज 8 महीने ही हुए हैं. मध्यप्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी अब चारदीवारी से बाहर सड़क पर आ गई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में आपसी रस्साकसी का ही नमूना है कि कमलनाथ सरकार के वन मंत्री दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर कहते हैं.

वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक खुलकर अपने नेता को मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं. इसके साफ जाहिर है कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच जबर्दस्त गुटबाजी जगजाहिर है.

नजरबंद महबूबा मुफ्ती से मिलेंगी उनकी बेटी इल्तिज़ा, सुप्रीम कोर्ट ने दी श्रीनगर जाने की इजाजत

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पीडीपी चीफ और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिज़ा को चेन्नई से श्रीनगर जाने और अपनी मां से मुलाकात की इजाज़त दे दी है. हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि इसके अलावा श्रीनगर में उन्हें कहीं आने-जाने के लिए प्रशासन की इजाज़त लेनी होगी. जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से महबूबा मुफ्ती नजरबंद हैं, उन्हें  किसी से मिलने की इजाजत नही हैं.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सना इल्तिज़ा ने एबीपी न्यूज़ से कहा, ‘’जम्मू-कश्मीर में क्रूर बंदी को लागू किए आज एक महीना पूरा हो गया. इस दौरान 8 मिलियन लोगों को कैद कर लिया गया और वग लगातार डर में रह रहे हैं. उनसे उनके अधिकारों और गरिमा को छीन लिया है. मेरे पास न्याय के लिए माननीय अदालत का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था. कोर्ट के फैसले का स्वागत करती हूं. मैं कश्मीर के लिए क्या सही है, इस पर अपने मन की बात जारी रखूंगी. जैसा कि किसी भी स्वतंत्र और जिम्मेदार नागरिक को करना चाहिए.’’

इल्तिजा ने दाखिल की थी सुप्रीम कोर्ट में याचिका

बता दें कि महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. याचिका में मांग की गई थी कि उन्हें उनकी मां महबूबा मुफ्ती से मिलने दिया जाए. इल्तिजा ने कहा था कि महबूबा मुफ्ती पिछले एक महीने से नजरबन्द है और अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित है. पिछले एक महीने से वो अपनी मां से नहीं मिल सकी हैं.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही घाटी में महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, शाह फैसल, गिलानी समेत कई नेता नजरबंद हैं.

भाजपा विधायक यशोधरा राजे के साथ ट्रेन से दिल्ली रवाना हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया, स्टेशन में हंगामा

ग्वालियर. मध्यप्रदेश कांग्रेस में इन दिनों सियासी घमासान मचा हुआ है। सियासी घमासान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया दो दिनों के दौरे पर ग्वालियर पहुंचे थे। बुधवार शाम वह ग्वालियर से दिल्ली रवाना हुए। ज्योतिरादित्य सिंधिया शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हुए। उनके साथ भाजपा विधायक और शिवराज सरकार में मंत्री रहीं उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया भी थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया औरयशोधारा राजे सिंधिया का एक ही बोगी में रिजर्वेशन था। सिंधिया का रिजर्वेशन ई-1 में था।

स्टेशन में हुआ हंगामा
हालांकि इस दौरान रेलवे स्टेशन पर हंगामा भी हुआ। हंगामे के कारण यशोधरा राजे सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी गुस्सा हुईं हालांकि बाद में बुआ और भतीजे दोनों एक साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दरअसल, ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को छोड़ने के लिए उनके समर्थक पहुंचे हुए थे। इसी दौरान यशोधरा राजे सिंधिया भी स्टेशन पहुंचीं थी।

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले ट्रेन में चढ़ गए थे। जब यशोधरा राजे सिंधिया ट्रेन में चढ़ी उस दौरान यहां मौजूद किसी कार्यकर्ताओं का यशोधरा राजे सिंधिया को धक्का लग गया। जिस कारण से यशोधारा राजे सिंधिया नाराज हो गईं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने अपनी नाराजागी ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी जताई। हांलाकि बाद में सिंधिया ने यशोधरा राजे को बोगी में बैठाया।

कार्यकर्ताओं ने मांगी माफी
यशोधारा राजे सिंधिया की नाराजगी के बाद कार्यकर्ता उनसे माफी मांगने लगे। माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ। करीब 3 मिनट तक हंगामा चला। बाद में मामला शांत हो गया और बुआ-भतीजे एक साथ दिल्ली रवाना हुए।

दो दिन के दौरे पर थे सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार सुबह दो दिन के दौरे पर ग्वालियर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दौरान कमल नाथ सरकार पर हमला भी बोला था। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन को लेकर कमलनाथ सरकार पर हमला बोला था।

शिंजो आबे से मिले PM मोदी, आज इंडिया बिजनेस पवेलियन का भी करेंगे दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के व्लादिवोस्तोक में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की. इस औपचारिक मुलाकात के दौरान पीएम मोदी और शिंजो आबे के बीच दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर बातचीत हुई. पीएम मोदी ने आज मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर बिन मोहम्मद से भी मुलाकात की. पीएम मोदी मंगोलिया के राष्ट्रपति से भी मुलाकात की.

आज पीएम नरेंद्र मोदी सुबह 9.40 बजे इंडिया बिजनेस पवेलियन का दौरा करेंगे. इसके बाद सुबह 10 बजे इस्टर्न इकोनॉमिक फोरम के नेताओं के साथ वर्किंग लंच करेंगे. पीएम मोदी सुबह 11.30 बजे इस्टर्न इकोनॉमिक फोरम के प्लेनरी सेशन में हिस्सा लेंगे. इसके बाद दोपहर 3 बजे जूडो टूर्नामेंट में जाएंगे.

दो दिन के ऐतिहासिक दौरे पर रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. साझा प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं के सामने कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, साथ ही साथ दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मसलों पर चर्चा की. इस दौरान पीएम मोदी ने अफगानिस्तान के मसले पर कहा कि भारत हमेशा स्वतंत्र अफगानिस्तान की आशा करता है. इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि भारत-रूस मानते हैं कि किसी देश के आंतरिक मसले में किसी तीसरे देश को दखल नहीं देना चाहिए.

देश के 8 वे राष्ट्रपति आर वैंकटरमन की उस बेटी से मिलिए, जो मजदूरों के बच्चों को करती हैं शिक्षित


विजयाराम चन्द्रन

कानपुर में 25 ‘अपना स्कूल’ में 25-30 भट्टों के लगभग हजार बच्चे प्रतिदिन पढ़ने आते हैं। कानपुर में 280 ईंट-भट्टे हैं। एक ईंट-भट्टे पर 80-100 परिवार काम करते हैं। ईंट-भट्टों पर रहने वाले परिवार ज्यादातर बिहार के मुसहर समुदाय से हैं।

आज से 30 साल पहले ये बच्चे शिक्षा से कोसों दूर थे, विजयाराम चन्द्रन के मन को ये बात खटकती थी कि आखिर इन बच्चों का क्या कसूर है, जिसकी वजह से ये शिक्षा से वंचित हैं। दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा लगाने वाले बच्चों को इन्होंने अपने घर से पढ़ाना शुरू किया और वर्ष 1986 में ‘अपना स्कूल’ की नींव रखी। अपना स्कूल के शुरुआती दौर में विजयाराम चन्द्रन कई किलोमीटर पैदल चलकर कड़ी दोपहरी में काम कर रहे मजदूरों के पास जाकर उनके बच्चों को स्कूल भेजने की गुजारिश करती थी। आज इन्होंने उम्र के 72 साल भले ही पूरे कर लिए हों लेकिन आज भी ये सिलाई केंद्र खोलकर कई लड़कियों और लड़कों को कई तरह की रोजगारपरक शिक्षा दे रही हैं।

पूर्व राष्ट्रपति की उस बेटी से मिलिए, जो मजदूरों के बच्चों को करती हैं शिक्षित

कानपुर। विजयाराम चन्द्रन पिछले 30 वर्षों से मजदूर के बच्चों को शिक्षित कर रही हैं। वे ‘अपना स्कूल’ नाम से स्कूल चला रही हैं, जिसकी अब 25 से ज्यादा शाखाएं हैं। विजयाराम उन बच्चों को पढ़ा रही हैं जो समाज की मुख्यधारा से दूर हैं। आइये जानते हैं कैसे विजयाराम अपनी इस सोच को आगे बढ़ा रही हैं।

विजयाराम अब तक करीब 20 हजार बच्चों को शिक्षित कर चुकी हैं। कानपुर रेलवे स्टेशन से 16 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में आईआईटी हाउसिंग सोसाइटी के गोपालपुर मोहल्ले में रहने वाली विजयाराम चन्द्रन (72 वर्ष) बताती हैं, ”मजदूरी कर रहे श्रमिकों के बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते थे क्योंकि मजदूरी करने के लिए उनके मां-बाप को एक स्थान से दूसरे स्थान पलायन करना पड़ता था, इसलिए मैंने उन स्थानों पर ही ‘अपना स्कूल’ नाम से विद्यालय खोल दिए जहां ये मजदूरी करते थे।”

विजयाराम चन्द्रन मूलरूप से तमिलनाडु की रहने वाली हैं और देश के आठवें राष्ट्रपति आर वेंकटरमण की बेटी हैं, इनके पति वर्ष 1968 में कानपुर आईआईटी में प्रोफ़ेसर हुए। तब से ये कानपुर में आकर बस गई.