महाराष्ट्र / भाजपा ने पूरी तरह अपने द्वार खोले तो पवार और चव्हाण को छोड़कर उनकी पार्टियों में कोई नहीं बचेगा: शाह

सोलापुर.केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ‘महाजनादेश यात्रा’ के दूसरे चरण में शामिल हुए। इसके समापन समारोह में उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेताओं के भाजपा में शामिल होने पर बयान दिया।

शाह ने सुशील कुमार शिंदे के क्षेत्र में सभा की

शाह ने कहा कि अब तक कई नेता भाजपा की सदस्यता ले चुके हैं। अगर विधानसभा चुनाव से पहले हमने अपने द्वार पूरी तरह खोल दिए तो शरद पवार और पृथ्वीराज चव्हाण को छोड़कर उनकी पार्टियों में कोई नहीं बचेगा। शाह सोलापुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बोल रहे थे। यह कांग्रेस के दिग्गज नेता सुशील कुमार शिंदे का क्षेत्र है।

सभी पार्टियों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कीं

महाराष्ट्र में साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने 1 अगस्त को महाजनादेश यात्रा की शुरुआत की थी। अब तक इस यात्रा के दो चरण पूरे हो चुके हैं।

नेताओं के पार्टी छोड़ने से राकांपा अध्यक्ष दुखी: सुप्रिया

कुछ महीने पहले कांग्रेस और राकांपा के कई नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया था। राकांपा अध्यक्ष शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा था कि नेताओं के पार्टी छोड़कर जाने से पिता को दुख होता है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

थानेदार का 8 महीने में 10 बार तबादला, हाईकोर्ट में सुनवाई

मध्य प्रदेश में एक थानेदार का 8 महीने में 10 बार
ट्रांसफरतबादले से परेशान थानेदार ने जबलपुर कोर्ट में लगाई याचिका

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार शुरुआत से ही धड़ाधड़ तबादलों में लग गई थी. हालात यह बन गए थे कि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कमलनाथ सरकार पर तबादला उद्योग चलाने का आरोप तक लगा दिया था. वहीं राज्य में लगातार हो रहे तबादलों की बीच मध्य प्रदेश पुलिस के एक थानेदार ने जबलपुर हाईकोर्ट का रुख किया है.

दरअसल, बैतूल जिले के सारणी थाना प्रभारी सुनील लाटा ने जबलपुर हाईकोर्ट में अपने लगातार हो रहे तबादलों के खिलाफ याचिका लगाई है. सुनील लाटा का आरोप है कि बीते 8 महीनों में उनके 10 तबादले हो चुके हैं, जिसकी वजह से उन्हें ज्यादा मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है. सुनील लाटा की याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट सुनवाई भी शुरू कर चुका है.

सुनील लाटा के मुताबिक उनके तबादलों की शुरुआत उस वक्त हुई जब मध्य प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद उनका पहला तबादला बैतूल से होशंगाबाद के आईजी ऑफिस में हुआ. सुनील लाटा के मुताबिक इसके कुछ समय बाद उनका तबादला होशंगाबाद से बीएचयू कर दिया गया. वहीं बीएचयू में ही उनका एक बार फिर तबादला हुआ जब उन्हें हेडक्वार्टर के आदिम जाति कल्याण शाखा में भेज दिया गया. इसके बाद एक बार फिर से सुनील लाटा को बैतूल भेजा गया जहां उन्होंने आदिम जाति कल्याण शाखा में जॉइन किया. इसके बाद सुनील लाटा का सागर, छतरपुर और भोपाल तबादला हुआ.

भोपाल से सुनील लाटा को एक बार फिर ट्रांसफर करके बैतूल भेजा गया. इसके बाद सारणी थाने में उनका ट्रांसफर किया गया. वहीं 2 दिन पहले ही सुनील लाटा का निवाड़ी ज़िले में तबादला हुआ है. लगातार हो रहे तबादलों पर आजतक से बात में सुनील लाटा ने कहा कि शुरुआत में उन्हें परेशानी नहीं हुई क्योंकि नई सरकार बनने में तबादले होना आम बात है. लेकिन जब एक के बाद एक कई तबादले होते रहे तो उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी.

BSNL का नया प्लान, सिर्फ 700 रुपये में मिलेगी लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड सेवा, सेट टॉप बॉक्स भी फ्री!

BSNL के इस ट्रिपल प्ले प्लान के लिए ग्राहकों को 700 रुपये खर्च करने होंगे.
इसमें तीनों सेवाओं को एक ऑप्टिकल फाइबर केबल के तहत उपलब्ध कराया जाएगा.

टेलिकॉम कंपनियों (Telecom companies) को कड़ी टक्कर देने के लिए BSNL ने ज़बरदस्त प्लान तैयार किया है. टेलीकॉमटॉक पर छपी खबर के मुताबिक, लोकल केबल ऑपरेटर्स (Cable Operators) के साथ BSNL की बातचीत पूरी हो गई है. इस साझेदारी के तहत BSNL अपने ब्रॉडबैंड ग्राहकों को केबल ऑपरटर्स की ओर से सेट-टॉप बॉक्स (Set-top box) देगा. BSNL की ओर से ग्राहकों को लैंडलाइन (Landline) और ब्रॉडबैंड (Broadband) सेवा मिलेगी.

कीमत की बात करें तो BSNL ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसके बारे में कुछ नहीं कहा है, मगर रिपोर्ट में बताया गया कि कंपनी के इस ट्रिपल प्ले प्लान (Triple Play Plan) के लिए ग्राहकों को 700 रुपये खर्च करने होंगे. इसमें तीनों सेवाओं को एक ऑप्टिकल फाइबर केबल के तहत उपलब्ध कराया जाएगा.

रिपोर्ट के बताया गया कि ये सेवाएं केबल टीवी सेवा प्रदाता के ज़रिए उपलब्ध करवाई जाएंगी. BSNL और केबल टीवी ऑपरेटर्स तीनों कनेक्टिंस के बीच ONT डिवाइस उपलब्ध करवाएंगे.

BSNL ने अपने ब्रॉडबैंड ग्राहकों को सेटटॉप बॉक्स देने के लिए श्रीदेवी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड और सागा सिटी सॉल्यूशंस जैसे केबल ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी की है.

बता दें कि फिलहाल BSNL प्रति महीने 170 रुपये में लैंडलाइन प्लान और प्रति महीने लगभग 440 रुपये में ब्रॉडबैंड प्लान आता है. बाकी स्टैंडर्ड टीवी ऑपरेटर्स की बात करें तो फिलहाल ग्राहकों को 200 से 300 रुपये प्रति माह देना होता है, जिससे इसकी कुल कीमत लगभग 900 रुपये हो जाती है. मगर BSNL के इस ट्रिपल प्लान में इन सभी सेवाओं का फायदा सिर्फ 700 में उठाया जा सकता है.

3 साल बाद जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस, डिप्टी हाई कमिश्नर कर रहे हैं मुलाकात

कुलभूषण जाधव को मिला कॉन्सुलर एक्सेस
2016 से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं कुलभूषण
अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने लगाई है फांसी की सजा पर रोक
PAK में भारत के उपउच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने की मुलाकात

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को लेकर आज बड़ा दिन है. भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर गौरव अहलूवालिया ने इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव से मुलाकात की. 2016 में पाकिस्तान के द्वारा की गई कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस मिला है.

विएना संधि के मुताबिक और अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का पालन करते हुए आज पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस दे रहा है. कुलभूषण जाधव को ये एक्सेस सिर्फ 2 घंटे के लिए दिया गया है.

पाकिस्तान की तरफ से पहले भी इसका ऑफर दिया गया था, लेकिन इसमें उसने कुछ शर्तें जोड़ दी थीं जिसका भारत ने विरोध किया था. अब रविवार को पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बार फिर कॉन्सुलर एक्सेस की जानकारी दी.

हालांकि, इस बैठक की जगह को लेकर संशय बना हुआ है. पहले ये बताया जा रहा था कि ये बैठक पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय में होगी, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.

कुलभूषण से मुलाकात करने से पहले भारत के उपउच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल से मुलाकात की. एक तरफ आज भारतीय अधिकारी कुलभूषण जाधव से मुलाकात करेंगे, तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

PAK विदेश मंत्रालय पहुंचे भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर

कुलभूषण जाधव को 2017 में पाकिस्तान की एक अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई थी, लेकिन भारत ने इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में अपील की थी और भारत वहां पर केस जीत भी गया था. अब लंबी लड़ाई के बाद पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कॉन्सुलर एक्सेस दे रहा है.

क्या थी पाकिस्तान की शर्त?

पाकिस्तान को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में मुंह की खानी पड़ी, जिसके बाद उसे कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस देने पर मजबूर होना पड़ा. हालांकि, पहले पाकिस्तान की ओर से शर्त लगाई गई थी जब भारतीय राजनयिक उससे मुलाकात करेंगे तब पाकिस्तान का एक अधिकारी भी उनके साथ होगा, हालांकि भारत को ये बात मंजूर नहीं थी. इसलिए ये प्रस्ताव काफी समय से लटका हुआ था.

पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को साल 2016 में गिरफ्तार किया था, पाकिस्तान आरोप लगाता है कि कुलभूषण जाधव एक जासूस है. हालांकि, भारत की ओर से इस दावे को नकारा जा चुका है. भारत की लगातार कोशिशों और दबाव के बाद पाकिस्तान को कई बार इस मसले पर झुकना पड़ा.

2017 में पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की कोशिशों के कारण कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां ने उनसे पाकिस्तान की जेल में मुलाकात भी की थी. जिसके बाद ये मसला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट पहुंचा और वहां से फांसी की सजा पर रोक लगा दी गई.

क्या होता है कॉन्सुलेर एक्सेस?

दरअसल, अगर किसी देश का कोई नागरिक किसी दूसरे देश में बंद होता है, तब उसे यह सुविधा मिल सकती है. उदाहरण के तौर पर कुलभूषण जाधव भारतीय नागरिक हैं. उन्हें पाकिस्तान ने जेल में कैद कर रखा है. अब दोनों सरकारों की सहमति के बाद जो भारतीय राजदूत या अधिकारी कुलभूषण जाधव से मुलाकात कर पाएगा, उसे कॉन्सुलेर एक्सेस कहा जाता है. इसमें अधिकारी कैदी से उसके साथ किस तरह का व्यवहार हो रहा है, आगे की प्रक्रिया आदि के बारे में पूछताछ कर सकता है.

राजनीति में सूरज की तरह है,ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम, छुटमुट बादल हैं छट जायेंगे.


हम राजनीति के पटल पर अगर निगाह डालें और ईमानदार व्यक्तित्व को खोजें तो समूचे हिंदोस्तान में राजनीति के फलक पर एक ही नाम उभरकर सामने आता है वो है ज्योतिरादित्य सिंधिया का.
जबसे राजनीति के गलियारे में सिंधिया ने कदम रखा, तबसे बेइंतहा मेहनत गुना शिवपुरी क्षेत्र के विकास और जनता के लिये की. उस समय जब केंद़ में और राज्य में विपक्षी सरकार काबिज थी. अपने आभामंडल और प़भाव के कारण कुछ न कुछ सौगात क्षेत्र में लाते रहे थे सिंधिया.
क्षेत्र की जनता के सुख दुख में भी जहां तक संभव था, हर उस परिवार की चौखट तक उन्होंने पहुंचने की कोशिश की जो उनके साथ काम करते थे.
दूसरी तरफ राहुल गांधी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर राष्ट्रीय राजनीति और संसद में विपक्ष की भूमिका बखूबी निभाते रहे.
ओजस्वी विचार और जनसमस्याओं को लेकर संसद में दिये गये भाषण आज भी याद किये जाते हैं.
आज राहुल गांधी उनके बगैर अकेले पड़ गये हैं और मानसिक अवसाद की स्थिति में चले गये.
ज्योतिरादित्य सिंधिया को राहुलगांधी से अलग करने में गंदी राजनीति की और कुटिल लोगों की खासी भूमिका रही.
मध्यप़देश में मुख्यमंत्री पद सिंधिया को न देना उनके साथ विश्वासघात था ,गांधी परिवार और कुटिल लोगों के द्वारा सिंधिया की पीठ में छुरा घौंपा गया था.
इधर गुना शिवपुरी क्षेत्र में भी जिन लोगों को उन्होंने जमीन से आसमान तक पहुंचाया उन्हीं लोगों ने सिंधिया की पीठ में विश्वासघाती बन छुरा चला दिया.
आज क्षेत्र की जनता अपेक्षा विहीन हो गई है सिंधिया के गुना शिवपुरी क्षेत्र से राजनीति में मोहभंग होने के कारण प़शासन भयविहीन हो मनमानी कर रहा है.
आज भी ज्योतिरादित्य सिंधिया जिनका राजनीतिक कद राष्ट्रीय स्तर का है ,मध्यप़देश के संगठन में प़देश अध्यक्ष के पद के लिये भी अपमानित किया जा रहा है और कुटिल राजनीति के खिलाड़ी अपने हास्यापद बयान देने से बाज नहीं आ रहे हैं.
सिंधिया इस समय धैर्य धारण किये हुये हैं लेकिन अफसोस इसबात का है मध्यभारत में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ लाखों की संख्या में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले और सत्ता से फायदा लेने वाले लोग चुप हैं, इस समय जब सिंधिया अपने अस्तित्व और वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं तो उनके चापलूस समर्थक केवल फेसबुक और अखबारों तक सीमित हैं. बेहतर होता कि वो सड़कों पर निकलकर धरना प़दर्शन, उपवास और अन्य तरीके से अपना विरोध प़दर्शन कर सिंधिया के साथ खड़े हो जाते. शायद बहुत से उनके समर्थक ऐसे भी हैं जो सड़कों पर थे आज करोड़ों के मालिक बने बैठे हैं. इतना जरुर तय है कि ज्योतिरादित्य उस सूरज की तरह हैं जो कुछ समय के लिये बादलों ने ढक लिया है लेकिन फिर से निकलना तय है.

सत्येंद़ सिंह रघुवंशी*
डायरेक्टर &
चीफ एडीटर द न्यूज़ लाइट
थाटीपुर मयुरनगर ग्वालियर

आज खत्म हो रही है पी. चिदंबरम की सीबीआई हिरासत

कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम मामले में आज बड़ा दिन है. INX मीडिया केस में राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 2 सितंबर तक सीबीआई हिरासत में भेजा था, जो आज खत्म हो रही है. सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई कस्टडी के खिलाफ चिदंबरम द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई होगी. वहीं आज पी. चिदंबरम को सीबीआई कोर्ट में पेश करेगी.

आज खत्म हो रही है पी. चिदंबरम की सीबीआई हिरासतराउज़ एवेन्यू कोर्ट में होगी पूर्व वित्त मंत्री की पेशीसुप्रीम कोर्ट में भी सुनी जाएगी चिदंबरम की याचिका21 अगस्त को सीबीआई ने घर से किया था गिरफ्तार

एक ओर सीबीआई आज राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पी. चिदंबरम को पेश करेगी, तो वहीं दूसरी ओर आज इसी मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है. पी. चिदंबरम की तरफ से सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें सीबीआई कस्टडी को चुनौती दी गई है. सीबीआई ने 21 अगस्त को पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया था.

इस मुस्लिम देश से की करेंसी पर विराजमान हैं गणपति.

आज गणेश चतुर्थी पर हम आपको बताते हैं गणेश जी  के बारे में एक ऐसी खास बात जो बहुत ही कम लोग जानते हैं. आइए आपको बताते हैं आखिर दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया  के नोट पर विराजमान हैं गणपति जी..

हिन्दू धर्म में गणेश को सभी देवी-देवताओं में सबसे पहले पूजा जाता है. आज गणेश चतुर्थी पर हम आपको बताते हैं गणेश जी के बारे में एक ऐसी खास बात जो बहुत ही कम लोग जानते हैं. क्या आपने कभी गणेश जी की तस्वीर नोटों पर छपी देखी है. शायद नहीं देखी हो, लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश है जहां के नोट पर गणेश की तस्वीर विराजमान है. आइए आपको बताते हैं आखिर क्यों वहां के नोट पर विराजमान हैं गणपति जी…

दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया के नोट पर गणपति छपे हैं. यहां की करेंसी भी भारत की मुद्रा की तरह ही प्रचलित है. यहां रूपियाह चलता है. आपको बता दें कि इंडोनेशिया में करीब 87.5 फीसदी आबादी इस्लाम धर्म को मानती है. वहां सिर्फ 3 फीसदी हिन्दू आबादी है. वहां, 20 हजार के नोट पर भगवान गणेश की फोटो है. दरअसल, भगवान गणेश को इंडोनेशिया में शिक्षा, कला और विज्ञान का देवता माना जाता है.