घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे PAK बैट कमांडो और आतंकी, सेना ने ग्रेनेड से मार गिराया

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने के बाद पाकिस्तान आतंकी साजिशों से बाज नहीं आ रहा है. अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लांचिंग पैड से आतंकियों के घुसपैठ का नया वीडियो सामने आया है जिसमें आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं. भारतीय फौज ने 12 और 13 सितंबर को बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) की कई घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया है.

वीडियो में दिख रहा है कि बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) की ओर से घुसपैठ की कोशिश के दौरान पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) कमांडो और आतंकियों पर भारतीय सेना ने ग्रेनेड से हमला किया और उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया.

इससे पहले पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान सेना की बड़ी साजिश का नाकाम कर दिया था. सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे बैट के 4 से 5 घुसपैठियों को ढेर कर दिया. भारतीय सेना घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकियों का वीडियो भी जारी किया था.

250 से ज्यादा आतंकी सक्रिय

अनुच्छेद 370 के बाद से एलओसी के बेहद करीब पाक सेना की ओर से कई लॉन्च पैड सक्रिय हो गए हैं. ये लॉन्च पैड नियंत्रण रेखा से कुछ सौ मीटर से 2 किमी की दूरी पर हैं. गुरेज, मच्छल, केरन, तंगधार, उरी, पुंछ, नौशेरा, सुंदरबनी, आरएस पुरा, रामगढ़, कठुआ जैसे क्षेत्रों में इन लॉन्च पैड में 250 से अधिक आतंकवादी हैं. सूत्रों का कहना है कि आतंकवादियों की अनुमानित संख्या 150 है, लेकिन अनुमान 200 से 240 के बीच है.

कालीघाटी में कम्युनिकेशन सेंटर को अगस्त की शुरुआत में घुसपैठ कराने के लिए एक्टिव किया गया था. कम्युनिकेशन सेंटर पूरी तरह से सक्रिय है.

ऐसी खबर है कि पाकिस्तान के पंजाब में आतंकवादियों की भर्ती भी शुरू हो गई है और लश्कर के दाउरा-ए-आम और ऐसी ही ट्रेनिंग जेएमएम ने शुरू कर दी है. ये प्रशिक्षण गतिविधियां मुजफ्फराबाद-मंझेरा-कोटली क्लसटर्स में चल रही हैं. पाक सेना की ओर से आतंकी हाफिज सईद और मौलाना मसूद अजहर को भी यहां पूरा सहयोग दिया जा रहा है.

8 महीने में 139 आतंकी ढेर

साल 2019 में शुरुआती आठ महीनों में भारतीय सेना ने 139 आतंकवादियों को मार गिराया है. इस संख्या में नियंत्रण रेखा के साथ-साथ राज्य के भीतरी इलाकों में सेना के साथ विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए आतंकवादियों की संख्या भी शामिल है. ये आंकड़े एक जनवरी से 29 अगस्त तक सेना द्वारा मारे गए आतंकवादियों की संख्या के बारे में हैं. इसी अवधि के दौरान, घाटी में आतंकवाद संबंधी अभियानों में विभिन्न रैंकों से जुड़े 26 जवान शहीद हुए.

जनवरी से अगस्त तक जम्मू-कश्मीर में कुल 87 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं. जुलाई के अंतिम सप्ताह में पाकिस्तान के विशेष सेवा समूह के कमांडो बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के प्रयास को भी भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया था. सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे चार से अधिक बैट कमांडो को मार गिराया.

भारत ने रविवार को जानकारी दी कि इस साल पाकिस्तान ने 2,050 बार अकारण संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जिसमें इसमें 21 भारतीय मारे गए हैं. पिछले दिनों एक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने बार-बार पाकिस्तान से 2003 के संघर्ष विराम समझौते का पालन करने और अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने का आह्वान किया है.

अयोध्या केस में 30 दिन में पूरी हो बहस, साथ-साथ चले मध्यस्थता: CJI

बहस के साथ जारी रहेगी मध्यस्थता की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में कई वर्षों से चल रहे रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में अब फैसले की उम्मीद जग रही है. बुधवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 18 अक्टूबर तक इस मामले की सुनवाई पूरी होगी, सभी पक्ष इसमें प्रयास करें. हालांकि, इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के रास्ते को भी खुला रखा है.

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर पक्षकार चाहते हैं तो मध्यस्थता का रास्ता भी अपना सकते हैं. इस बारे में वह अदालत को बता सकते हैं.

चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली पांच जजों की बेंच ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें मध्यस्थता पैनल की ओर से चिट्ठी मिली है, जिसमें इस बात का जिक्र किया है कि कुछ पक्ष अभी भी मध्यस्थता करना चाहते हैं, अगर ऐसा है तो इसपर आगे बढ़ा जा सकता है.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ किया कि इस दौरान मामले की रोजाना सुनवाई बंद नहीं होगी, बल्कि सुनवाई ऐसे ही चलती रहेगी. साथ ही अदालत ने भरोसा दिया कि मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय रहेगी.

सुप्रीम कोर्ट की ओर से सक्षी पक्षों से अपील की गई है कि वह इस तरह प्रयत्न करें कि 18 अक्टूबर तक बहस पूरी हो सके, क्योंकि बाद में चार हफ्ते के लिए समय फैसला लिखने को चाहिए.

आपको बता दें कि 6 अगस्त से इस मामले की रोजाना सुनवाई शुरू हुई. हालांकि, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस मामले में मध्यस्थता का मौका दिया गया था और एक पैनल का गठन किया गया था.

इस पैनल में सुप्रीम कोर्ट के जज एफएम कलीफुल्ला, वरिष्ठ वकील श्रीराम पंचू और अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का नाम था. पैनल ने इस विवाद से जुड़े पक्षकारों से 155 दिनों तक बातकर मामले का समाधान निकालने की कोशिश की हालांकि इसमें कामयाबी नहीं मिली. इसी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की रोजाना सुनवाई करने का फैसला किया था.

मध्‍य प्रदेश: परिवार के सदस्‍यों के हाथ और पैर में 12 उंगलियां, अचरज में लोग

बैतूल 
मध्‍य प्रदेश के एक परिवार में जेनेटिक गड़बड़ी उनके लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इसकी वजह से न तो उन्‍हें जॉब मिल रही है और न ही उनकी पढ़ाई पूरी हो पा रही है। बैतूल के अथनेर तहसील में रहने वाले इस परिवार के कुछ सदस्‍यों के हाथ और पैर में 10 से ज्‍यादा उंगलियां हैं। इस जेनेटिक गड़बड़ी ने उनके जीवन को नरक बना दिया है।भुक्‍तभोगी परिवार के एक सदस्‍य बलदेव यावले ने बताया कि उनके परिवार में कुल 25 लोग हैं और हरेक को 10 से ज्‍यादा उंगलियों की समस्‍या है। उन्‍होंने कहा, ‘मेरे बच्‍चे स्‍कूल गए लेकिन वे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। स्‍कूल के बच्‍चे मेरे बच्‍चों को परेशान करते थे। मुझे सरकार से मदद की जरूरत है। मेरे पास जमीन नहीं है। हम बेहद गरीब हैं।’ 

बलदेव के बेटे संतोष यावले ने कहा कि वह अपनी शारीरिक गड़बड़ी की वजह से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए और अब नौकरी भी नहीं मिल पा रही है। उन्‍होंने कहा, ‘सामान्‍य स्‍लीपर या जूते मेरे पैरों में फिट नहीं होते हैं। मैंने कक्षा 10 तक पढ़ाई की। मैं एक बार सेना की परीक्षा में गया था लेकिन शारीरिक परीक्षा में फेल हो गया। मैं चाहता हूं कि सरकार हमारी मदद करे। मेरे हाथ में 12 उंगलियां हैं और पैरों में 14 उंगलियां हैं। मैं इस वजह से नौकरी नहीं पा सका। मुझे गांव की पंचायत से भी कोई मदद नहीं मिल रही है।’ 

हालांकि इस पूरी समस्‍या का एक सुखद पहलू भी है। यावले परिवार ने अपने गांव को दूर-दूर तक फेमस कर दिया है। आसपास गांवों और सटे हुए जिलों से लोग उन्‍हें देखने के लिए आते रहते हैं। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर भड़के सिंधिया, कहा कांग्रेस से पूछो ऐलान में देरी का सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर एक बार फिर पार्टी के बड़े नेता और अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार ज्योतिरादित्य सिंधिया की तल्खी सामने आई है। भोपाल पहुंचे सिंधिया से जब मीडिया ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम के ऐलान में देरी को लेकर सवाल पूछा तो सिंधिया ने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि यह सवाल आप कांग्रेस से पूछिए। इतना कहते हुए सिंधिया आगे बढ़ गए। 

मीडिया के सवालों पर  सिंधिया ने कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अपना रुख पहले ही साफ कर दिया है। कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर मचे घमासान के बीच सिंधिया इन दिनों प्रदेश के दौरे पर हैं। इंदौर ,ग्वालियर के दौरे के बाद मंगलवार को सिंधिया भोपाल पहुंचे जहां उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए सिंधिया ने साफ तौर पर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कुछ भी बोलने से मना कर दिया, लेकिन अध्यक्ष के नाम के ऐलान को लेकर देरी के सवाल पर कहा, इसे कांग्रेस से पूछिए। वहीं सिंधिया ने कहा कि वह इस मामले में निर्णयकार नहीं हैं इसलिए कुछ नहीं बता सकते। 

सिंधिया ने कहा कि वह दिसंबर में ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह राजनीति में पद के लिए नहीं बल्कि सेवा के लिए हैं। इससे पहले ऐसी खबरें आई थी कि सिंधिया के नाम पर पार्टी ने अपनी अंतिम मोहर लगा दी है, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री कमलनाथ के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सिंधिया के नाम के ऐलान को रोक लिया गया था। 

   सिंधिया ने कहा कि किसानों को किस तरह सही मुआवजे दिए जाएं इसको लेकर उनकी मुख्यमंत्री से चर्चा हुई। चर्चा के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि जैसे ही बारिश का दौर खत्म हो उसके बाद सर्वे कराकर किसानों को पूरी मदद दी जाए।

इसके लिए कलेक्टर नुकसान को लेकर अपनी जो रिपोर्ट दें उसमें सरकार की तरफ से कोई कटौती नहीं की जाए। इसके साथ ही किसानों को उनकी फसल की पूरी बीमा राशि मिल सके इसके लिए बीमा कंपनियों को सरकार निर्देशित करे। सिंधिया के मुताबिक मुख्यमंत्री ने  उन्हें किसानों को हुए नुकसान का  सर्वे सही ढंग से और  फिर से करवाने का आश्वासन दिया है।

कमलनाथ सरकार का संत सम्मेलन: लगे ‘जय श्री राम’ के नारे, सीएम ने साधुओं के लिए किए कई लुभाने वाले ऐलान

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने मंगलवार को एक संत सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में खुद सीएम कमलनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शामिल हुए। इस सम्मेलन के दौरान ‘जय श्री राम’, ‘जय बजरंग बली’ और ‘गौमाता की जय हो’ जैसे नारे खूब लगे। सम्मेलन के दौरान संतों ने पूर्व की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा और संत समाज के लिए कुछ ना करने का आरोप लगाया।

बता दें कि इस संत सम्मेलन का आयोजन कमलनाथ सरकार के अध्यात्मिक विभाग द्वारा भोपाल के मिंटो हॉल में किया गया। मिंटो हॉल एक प्राचीन इमारत है, जो कि पूर्व में मध्य प्रदेश की विधानसभा हुआ करती थी। फिलहाल इसे एक कन्वेंशन सेंटर में तब्दील कर दिया गया है। संत सम्मेलन के दौरान सीएम कमलनाथ ने भाजपा का नाम ना लेते हुए कहा कि ‘कुछ लोगों को इससे ‘पेट में दर्द’ हो रहा होगा और कुछ लोग समझते हैं कि धर्म उनकी जागीर है।’

सीएम ने पूर्व की भाजपा सरकार पर धर्म के नाम पर वित्तीय अनियमित्ता करने का आरोप लगाया। कमलनाथ ने कहा कि ‘उनकी सरकार नर्मदा नदी के किनारे हुए पौधारोपण, सिंहस्थ कुंभ के दौरान हुई वित्तीय अनियमित्ता की जांच कराएगी।’

संत सम्मेलन के दौरान कंप्यूटर बाबा ने सरकार के सामने कुछ मांगें रखीं, जिनमें धार्मिक संगठनों के आश्रम, कुटिया, जो कि पांच साल से ज्यादा समय से बने हुए हैं, उन्हें नियमित किया जाए। इसके साथ ही संतों को पेंशन और स्वास्थ्य बीमा आदि की सुविधा भी मिले। सीएम कमलनाथ ने भी संतों की इस मांग को पूरा करने की अपनी सहमति दे दी और कहा कि संतों को आश्रम, मंदिर, गौशाला और कुटिया के लिए सरकारी जमीन पर स्थायी पट्टा दिया जाएगा।

सीएम कमलनाथ ने ये भी कहा कि इस तरह के संत सम्मेलन समय-समय पर होते रहने चाहिए और अगले सम्मेलन से पहले सरकार की कोशिश होगी कि संतों की मांगों को पूरा कर दिया जाए। मठ मंदिर सलाहकार समिति के चेयरमैन स्वामी सुबोधानंद महाराज ने भाजपा सरकार पर संत समाज को धोखा देने का आरोप लगाया। भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का नाम ना लिए बगैर उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसे लोगों को संसद भवन भेजा है, जो कि बम विस्फोट के आरोपी हैं।

सांसद डॉ. के.पी.यादव ने खेतों में उतर कर खराब सोयाबीन फसल का मुआयना किया.

सहज कृषक की भांति उतरे बीच खेत में।

किसानों के दर्द को समझा और दूसरों को समझाने का भी किया प्रयास।
किसानों की समस्या किसान बेटा ही समझ सकता है। आज शिवपुुुरी संसदीय क्षेत्र के दौरे पर ग्राम- कांकर में खेत मे जाकर अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआयना किया। बारिश से फसलें तबाह हुई फसलों से अन्नदाता की आर्थिक कमर तोड़ दी है। माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी इनकी पीड़ा देखिए आज किसान खून के आंसू रो रहा है। कर्जमाफी ना होने से किसानों को बैंकों द्वारा नोटिस भेजे जा रहे हैं। किसानों की समस्या को प्रथम दृष्ट्या प्रमुखता के साथ गंभीरता से लीजिए प्रदेश का अन्नदाता बहुत दुखी और मायूस है।पूरी तरह से वे खुद भी किसानों के दर्द को देख विचलित नजर आए।

जशोदाबेन को देख प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली आ रहीं ममता बनर्जी दौड़ पड़ीं.

बनर्जी बुधवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वाली हैं और इस दौरान वह राज्य को बकाया कोष जैसे कई मुद्दों को उठायेंगी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को कोलकाता के हवाईअड्डे से नयी दिल्ली के लिये विमान में सवार होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी को देख उनसे मिलने के लिये दौड़ पड़ीं और दोनों के बीच सुखद बातचीत हुई. मुख्यमंत्री के एक करीबी सूत्र ने बताया कि पड़ोसी झारखंड के धनबाद की दो दिन की यात्रा के बाद जशोदाबेन वहां से लौट रही थीं. सूत्र ने बताया, ‘यह अचानक हुई मुलाकात थी और उनके बीच अभिवादन का आदान-प्रदान हुआ. मुख्यमंत्री ने उन्हें एक साड़ी उपहार में दी.’

बनर्जी बुधवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वाली हैं और इस दौरान वह राज्य को बकाया कोष जैसे कई मुद्दों को उठायेंगी. जशोदाबेन ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल में कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा की. आसनसोल धनबाद से करीब 68 किलोमीटर दूर है.

बता दें, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताते हुए कहा कि वह इस दौरान राज्य से जुड़े कई मुद्दों को उनके सामने उठाएंगी, जिसमें राज्य को मिलने वाला कोष का मुद्दा अहम है. मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने से पहले हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि वह राज्य के नाम में परिवर्तन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय जैसे मुद्दों को उठाएंगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की उनकी यात्रा ‘नियमित कामकाज’ का हिस्सा है. दोनों नेताओं के बीच मुलाकात को लेकर बने माहौल के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है. हाल के आम चुनाव से ही उनके रिश्ते अच्छे नहीं है. राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात बुधवार शाम साढ़े चार बजे होनी है.

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा, ‘मैं अमूमन दिल्ली नहीं जाती हूं. मैं कहीं भी इसलिए नहीं जाती हूं, क्योंकि यहां पर मेरे पर कुछ जिम्मेदारियां हैं. हमें कुछ प्रशासनिक कारणों से नयी दिल्ली जाना पड़ रहा है, क्योंकि यह राजधानी है और वहीं पर संसद है, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री वहीं रहते हैं. इसलिए हमें वहां जाने की जरूरत है. यह नियमित काम का हिस्सा है.’

बनर्जी ने कहा, ‘इस बार मैं उस पैसे के बारे में बात करने जा रही हूं जो पश्चिम बंगाल को मिलना चाहिए. मैं पश्चिम बंगाल का नाम बदलने जैसे मुद्दे भी उठाऊंगी.’ उन्होंने कहा, ‘संकट से जूझ रहे एयर इंडिया, बीएसएनएल और रेलवे का मुद्दा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय जैसे मुद्दों को उठाएंगी. इन लोगों (इन संगठनों के कर्मचारी) की सुनवाई जब कहीं नहीं हुई तो वे हमारे पास आये.

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था. केंद्र ने कहा था कि इस कदम के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता है. इसके बाद बनर्जी ने जुलाई में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुद्दे को उठाया था और उनसे मामले में शीघ्रता बरतने की अपील की थी.

कश्मीर में 370 हटने के बाद से नहीं हुई हिंसा: अमितशाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को 46वें राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन की अध्यक्षता की. कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (AIMA) की ओर से किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर अमित शाह ने कहा कि यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने पिछले पांच वर्षों में प्रत्येक नागरिक को विश्वास दिलाया है कि 21वीं सदी भारत की हो सकती है.

अमित शाह ने हैदराबाद में पुलिस कार्रवाई करने के अपने साहसिक निर्णय के लिए सरदार पटेल को भी याद किया. जिसके कारण 1948 में इस दिन भारत के साथ राज्य का विलय हुआ.

‘सभी को साथ लेकर चलना जरूरी’

अमित शाह ने ‘न्यू इंडिया-ग्रेट इंडिया’ विषय पर बोलते हुए कहा कि न्यू इंडिया का विज़न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सुरक्षित, समृद्ध और प्रगतिशील भारत का विज़न है. उन्होंने कहा कि इस तरह के दृष्टिकोण को प्रबंधन के कुछ सबसे बुनियादी सिद्धांतों का पालन करके प्राप्त किया जा सकता है. लक्ष्यों और उद्देश्यों को सुनिश्चित करने के लिए विचारों और कार्यों में तालमेल रखना तथा सभी को साथ लेकर चलना आवश्यक है.

अमित शाह ने कहा कि पिछले पांच साल भारत के लिए परिवर्तनकारी रहे हैं. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले पांच वर्षों में मजबूत और निर्णायक नेतृत्व प्रदान किया और विकास और सावधानीपूर्वक निष्पादन के माध्यम से राष्ट्रीय विकास के उद्देश्यों को निर्धारित किया.

डूबते हुए शख्स को बचाने के लिए भागा हाथी का बच्चा, समझदारी देख लोग हो रहे इमोशनल

नई दिल्ली, एजेंसी। जानवर में इंसानों से ज्यादा इंसानियत बाकी हैं और हम उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। हाल ही में, एक बच्चे के हाथी की एक वीडियो सामने आई, जिसमें वह बच्चा एक आदमी को बचाने की कोशिश कर रहा है। छोटे हाथी को लगता है कि वह आदमी डूब रहा, इसलिए वह तुरंत आदमी की दिशा में दौड़ लगाता है।…और यह क्लिप एक गवाही भी है कि हाथी कितना समझदार है, जो जानवर होकर भी इतना प्रेम और किसी को मरने से बचा रहा है।

जिस वीडियो के बारे में हम बात कर रहे हैं, वह ट्विटर उपयोगकर्ता स्टान्स ग्राउंडेड द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई। इसमें कैप्शन दिया गया, ‘इस बच्चे हाथी ने सोचा कि वह (आदमी) डूब रहा है और उसे बचाने के लिए दौड़ा। हम वास्तव में उनके लायक नहीं हैं।’ बता दें कि वायरल वीडियो में हाथियों के झुंड को एक नदी के किनारे टहलते हुए देखा जा सकता है। फिर जहां अचानक एक आदमी फ्रेम में दिखाई देता है जो पानी में तैरने का आनंद ले रहा होता है।

हाथियों में से एक छोटे हाथी को लगता है कि आदमी डूब रहा है और उसे बचाने के लिए वह भागता है। हालांकि, तैरने वाला व्यक्ति पहले छोटे हाथी से दूर जाने की कोशिश करता है, लेकिन बाद में हाथी द्वारा पकड़ा जाता है। बच्चा हाथी तब बहुत ही प्यार भरे तरीके से आता है और आदमी को किनारे लेजाता है। आदमी को हाथी को थैंक्यू कहते हुए सुना जा सकता है।

इंटरनेट पर इस वीडियो की बहुत तारीफ की जा रही है। एक यूजर ने ट्विटर पर कहा, ‘यह दुख की बात है कि जब इंसानों के मुकाबले जानवर अक्सर मानवता के लिए अधिक प्यार और करुणा दिखाते हैं।’ वहीं, लोगों ने हाथी की समझदारी की भी सराहना की। लोगों ने कहा- वे बहुत ही स्मार्ट और इमोशनल हैं।