जम्मू-कश्मीरः कश्मीर में आतंकी संगठनों ने अपनाया नया पैंतरा; मस्जिदों से एलान, बाहरी को न दें मकान-दुकान

श्रीनगर, । श्रीनगर, नवीन नवाज। जिहादी और अलगाववादी एजेंडे को नाकाम होते देख हताश राष्ट्र विरोधी तत्वों ने अब वादी में गैर कश्मीरी नागरिकों के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है। कई जगह मस्जिदों में किसी बाहरी व्यक्ति को मकान-दुकान किराए पर न देने का फरमान जारी किया गया है। कुछ आतंकी भी मस्जिदों में यह फरमान सुनाने पहुंचे हैं। इन फतवों से राज्य प्रशासन के लिए नई चुनौती पैदा हो गई है। वहीं, वादी में बचे हुए गैर कश्मीरी भी सहमे हुए हैं। 

एक अनुमान के अनुसार 5 अगस्त से पूर्व घाटी में देश के अन्य भागों से आए करीब साढ़े पांच लाख लोग काम कर रहे थे। इनमें से अधिकांश हलवाई, नाई, पलंबर, राज मिस्त्री, ठेलों में सब्जियां और अन्य सामान बेचने का धंधा करते थे। राज्य के पुनर्गठन के फैसले से पूर्व प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इन लोगों को घाटी छोडऩे की नसीहत दी थी। इसके बाद अब वादी में एक हजार से भी कम बाहरी राज्यों के श्रमिक हैं। शेष केंद्र के कर्मचारी, सुरक्षाबल या फिर विभिन्न संस्थानों के कर्मी हैं।

आतंकियों ने दुष्प्रचार के लिए लगाए पोस्टर :

370 खत्म होने के बाद कई जगह बाहरी लोगों को कथित तौर पर धमकाने और मारपीट के मामले भी सामने आए। दुष्प्रचार किया जा रहा है कि बाहरी लोगों को बसाकर हमारी रिवायतों और मजहब को कमजोर करने की साजिश चल रही है। इसलिए कोई किसी बाहरी को मकान या दुकान किराये पर न दे, न ही किसी बाहरी को जमीन या मकान बेचेगा। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और पुलवामा में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने इस तरह के पोस्टर लगाकर जहर फैलाने की साजिश रची है।

दिखने लगा दुष्प्रचार का असर :

इस दुष्प्रचार का कई स्थानों पर असर भी दिखा। श्रीनगर के बाहरी इलाके में रहने वाले एक युवक ने कहा कि हमने किसी से मारपीट नहीं की। लेकिन हमने यहां आए श्रमिकों को जाने के लिए कहा है। हम नहीं चाहते कि यहां हम लोगों की रिवायतों और मजहब को नुकसान हो। उत्तर प्रदेश में मेरठ के रहने वाले शफीक ने कहा कि मैं यह सोचकर रुक गया था कि जल्द हालात सुधर जाएंगे। लेकिन अब दुकान पर जाने से डरता हूं। मकान मालिक ने मुझे मकान खाली करने के लिए सीधे तौर पर नहीं कहा है, लेकिन तरह-तरह की बातें सुन परेशान हूं।

ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो :

पेशे से बिल्डर फिरोज अहमद फाफू ने कहा कि मुझे भी अपनी पहचान और संस्कृति प्यारी है लेकिन किसी को डराकर इसका संरक्षण नहीं हो सकता। ऐसे तत्व कश्मीर और कश्मीरियों को ही बदनाम कर रहे हैं। साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचा रहे हैं। श्रमिकों के पलायन से विकास योजनाएं ठप हैं। सरकार को इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

मोहम्मद अकबर को मजाक महंगा पड़ा :

खनयार में दो दशक से हलवाई की दुकान चला रहा मोहम्मद अकबर ने केंद्र के फैसले के बाद मजाक में अपने पड़ोसी से कह दिया अब मुझे यहां से कोई नहीं निकाल सकता। बस यह बात फैली और कुछ ही देर में दुकान और मकान का मलिक आ पहुंचे। उसे 24 घंटे का समय देते हुए निकल जाने को कहा। इसके बाद उसे कश्मीर से 20 साल का नाता तोड़ बिजनौर लौटना पड़ा।

बसपोरा से इमाम को निकाला गया :

बसपोरा में एक मस्जिद में 32 साल इमाम रहे एक व्यक्ति ने कोई मजाक भी नहीं किया। लेकिन कुछ लड़के आए और उसे अपना बोरिया बिस्तर समेटने या फिर गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा। उसने इस्लाम का वास्ता दिया, लेकिन बात नहीं बनी और उसे परिजनों संग एक ट्रक में सामान लेकर भागना पड़ा।

अब खुद सीबीआई की कस्टडी में रहना चाहते हैं चिदंबरम, ये है वजह

चिदंबरम के तिहाड़ जेल जाने के बढ़ रहे आसार
चिदंबरम के वकील की मांग, CBI हिरासत में रहने दिया जाए

आईएनएक्स मीडिया मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम इन दिनों सीबीआई की हिरासत में हैं. चिदंबरम की गिरफ्तारी को लेकर अब ये खबरें तेज हो गई हैं कि क्या कानूनी दांव और सीबीआई के पेंच में फंस जाएंगे चिदंबरम? हालात तो ऐसे ही बन रहे हैं कि चिदंबरम शुक्रवार शाम को ही तिहाड़ पहुंच जाएं. वहीं घबराए हुए चिदंबरम के दिग्गज वकीलों ने तो चिदंबरम को सीबीआई हिरासत में रखने की पेशकश तक सुप्रीम कोर्ट में कर डाली, लेकिन फिर भी हासिल कुछ नहीं हुआ.

लेकिन सवाल ये है कि तीन दिन बाद ही ऐसा क्या हो गया कि सिब्बल जोर दे रहे हैं कि हुजूर सीबीआई की हिरासत में ही चार दिन और रहने दिया जाए. हम इसके लिए भी राजी हैं. हालांकि इस अप्रत्याशित दलील और अपील पर सीबीआई और ईडी के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को खुश होना चाहिए था. लेकिन वो तो फौरन इसके खिलाफ तन गए.

बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले चिदंबरम की सीबीआई हिरासत अवधि आगे बढ़ाने के जबरदस्त हिमायती मेहता फौरन सिब्बल और सिंघवी पर राशन पानी लेकर टूट पड़े थे. अब उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट इसमें क्यों दखल दे. ये तो स्पेशल कोर्ट को तय करना चाहिए कि किसे कब तक हिरासत में रखना है और कब न्यायिक हिरासत में भेजना है. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट इस बारे में कुछ ना करे.

सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को सीबीआई चिदंबरम की हिरासत और बढ़ाने पर जोर नहीं डालेगी. जिससे नतीजा ये होगा कि चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजना होगा.

5 सितंबर को सीबीआई सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद तय करेगी कि इंद्राणी मुखर्जी और अन्य `गवाहों’ से चिदंबरम का आमना-सामना कराने के नाम पर फिर हिरासत की मांग की जाये या नहीं. इसी दौरान ईडी के दांव भी सुप्रीम कोर्ट के रूख पर निर्भर करेंगे. क्योंकि पांच तारीख तक तो सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को रोक रखा है.

बड़े वकीलों की फौज ने चिदंबरम को सीबीआई और ईडी के मुकदमों और जेल जाने के जंजाल से निकलवाने के लिए हर संभव कोशिश की. वहीं देश की बड़ी जांच एजेंसियां भी किसी मामले में कम नजर नहीं आ रही हैं. चिदंबरम के वकीलों के हर दांव को दूसरे कानूनी नुक्तों से काटा जा रहा है. यानी सियासी शतरंज पर कानूनी मोहरों से शह मात का खेल जारी है.

सुप्रीम कोर्ट में चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल चिदंबरम को स्पेशल कोर्ट की हिरासत में रखने का पुरजोर विरोध कर रहे थे. अब वहीं सुप्रीम कोर्ट के आगे गिड़गिड़ाते दिखे कि सोमवार तक उनको सीबीआई की हिरासत में ही रहने दिया जाए और वे इसके लिए खुशी खुशी तैयार हैं. स्पेशल कोर्ट में जब सीबीआई ने और पांच दिन की हिरासत मांगी तो सिब्बल और सिंघवी तो मानों बिफर ही पड़े थे. उन्होंने कहा, ‘माइ लॉर्ड कोई जरूरत नहीं है अब हिरासत की. हमारे मुवक्किल से एक ही एक सवाल बार बार पूछे जा रहे हैं. उनको सिर्फ नीचा दिखाने की गरज से सीबीआई हिरासत में लेना चाहती है.

क्या जंग लड़ने की हालत में है पाकिस्तान? दम तोड़ रही अर्थव्यवस्था

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के मोदी सरकार के फैसले के बाद से पाकिस्तान लगातार भारत को युद्ध की धमकियां दे रहा है. पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को हर मंच से उठाने की कोशिश की पर उसे कहीं से भी समर्थन नहीं मिला. इसके बाद, पाकिस्तान ने भारत के साथ कूटनीतिक रिश्तों में कमी लाने और व्यापारिक संबंध खत्म करने का ऐलान कर दिया. 

गुरुवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिट इंडिया का मंत्र दे रहे थे तो दूसरी तरफ पाकिस्तान गजनवी मिसाइल का परीक्षण कर दुनिया का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहा था. पाकिस्तान के पीएम इमरान खान खुद कई बार परमाणु युद्ध की धमकी दे चुके हैं.
मंगलवार को पाकिस्तान के विज्ञान एवं तकनीक मंत्री फवाद चौधरी ने ट्विटर पर लिखा कि इमरान खान भारत के लिए एयरस्पेस पूरी तरह से बंद करने पर विचार कर रहा है. ट्विटर पर पाकिस्तानियों ने भारतीय उत्पादों का बहिष्कार कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने की भी अपील की. हालांकि, पाकिस्तान भारत को आर्थिक रूप से चोट पहुंचाने की धमकी ऐसे समय में दे रहा है जब उसकी अपनी अर्थव्यवस्था बेहद बुरे दौर से गुजर रही है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कश्मीरियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए कश्मीरी ऑवर का आयोजन करवा रहे हैं और आधे घंटे के लिए सारा कामकाज रोककर सड़कों पर उतरने की अपील कर रहे हैं जबकि देश की अर्थव्यवस्था में एक रुपए का राजस्व खोने की क्षमता नहीं बची है.

पाकिस्तानी पत्रकार गुल बुखारी ने कश्मीरी ऑवर बुलाए जाने पर तंज किया, आईएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) बहुत खुश होगा क्योंकि मंत्री हर सप्ताह आधा घंटे के लिए सारा कामकाज रोकने का आदेश दे रहे हैं. इससे हमारी उत्पादकता बढ़ेगी, हमारा राजस्व बढ़ेगा और हम आईएमएफ का कर्ज लौटा सकेंगे.

आज के समय में किसी देश की अर्थव्यवस्था ही उसकी असली ताकत को बयां करती है. पाकिस्तान की सेना भारतीय सेना के आगे कहीं नहीं टिकती है लेकिन आर्थिक मोर्चे पर भी उसकी हालत ऐसी नहीं है कि वह जंग की धमकियां दे.

विश्व बैंक के मुताबिक, पाकिस्तान की जीडीपी (कुल सकल घरेलू उत्पाद)  2018 के अंत में 254 अरब डॉलर की थी जबकि भारत की जीडीपी 2.84 ट्रिलियन की थी. यानी भारत की कुल अर्थव्यवस्था पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की 11 गुना है. अगर 2019 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7 फीसदी भी रहे तो एक साल के भीतर इसमें 200 अरब डॉलर जुड़ जाएंगे जोकि पाकिस्तान की 2018 की कुल जीडीपी का 80 फीसदी के बराबर होगा.

पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर 4.3 फीसदी से आगे बढ़ रही है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से गर्त में जा रही है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुताबिक, 2019 और 2020 में पाक की वृद्धि दर 3 फीसदी से भी नीचे रहने वाली है. पाकिस्तानियों के लिए स्थिति इसलिए और खराब है कि उन्हें भीषण महंगाई का भी सामना करना पड़ रहा है. मई 2019 में पाकिस्तान में महंगाई दर 9 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर थी.

पाकिस्तान की सरकार बजट घाटे की समस्या से जूझ रही है. पाकिस्तान की सरकार लगातार कर्ज ले रही है लेकिन उसके राजस्व में बढ़ोतरी नहीं आई है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का बजट घाटा जीडीपी का 8.9 फीसदी तक पहुंच गया है जो पिछले तीन दशकों में सबसे अधिक है.

कमजोर अर्थव्यवस्था की वजह से पाकिस्तान की मुद्रा की विनिमय दर भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. मई महीने में पाकिस्तानी रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 140 के स्तर पर था और इसी सप्ताह डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपए की कीमत 157 पहुंच गई थी.
पाकिस्तान अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कर्ज लेने का आदी हो चुका है. मार्च 2019 में पाकिस्तान का कुल कर्ज 85 अरब डॉलर (6 लाख करोड़) से ज्यादा पहुंच चुका है. चीन से लेकर सऊदी अरब तक से पाकिस्तान ने कर्ज ले रखा है.

देशों के अलावा, पाकिस्तान ने कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का भी दरवाजा खटखटाया है. इस साल मई महीने में पाकिस्तान ने 23वीं बार आईएमएफ का दरवाजा खटखटाया था और 6 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज कड़ी शर्तों पर हासिल किया था. आईएमएफ की शर्त है कि पाकिस्तान को इस साल अपना राजस्व 40 फीसदी तक बढ़ाना होगा.

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को कहां से मिलेगी राहत
जुलाई महीने में आईएमएफ ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई थी. आईएमएफ ने कहा था, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गंभीर मोड़ पर है. खराब आर्थिक नीतियों, रिकॉर्ड बजट घाटा, ढीली-ढाली मुद्रा नीति, ओवरवैल्यूज एक्सचेंज रेट का बचाव, अल्प अवधि की वृद्धि दर की वजह से पाकिस्तान पर कर्ज बढ़ रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो रहा है.

मोदी सरकार की कोशिशों के बावजूद नहीं रुक रहे बैंक फ्रॉड, 1 साल में 15% बढ़े केस

जालसाजी के मामलों की तत्काल पहचान और जवाबदेही तय करने के मोदी सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद बैंक फ्रॉड केस कम नहीं हो रहे. रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में बैंकों में जालसाजी के मामले 15 फीसदी बढ़ गए हैं. रिपोर्ट में इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि रकम के हिसाब से जालसाजी में 73.8 फीसदी की भारी बढ़त हुई है. हालांकि, रिजर्व बैंक का कहना है कि ये सभी केस पिछले वित्त वर्ष में पकड़े जरूर गए हैं, लेकिन ज्यादातर कई साल पुराने हैं.

71,543 करोड़ की जालसाजी

रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में बैंकिंग सेक्टर में 6,801 जालसाजी के मामले हुए जिसमें 71,542.93 करोड़ रुपये की रकम शामिल थी. इनमें सबसे बड़ा हिस्सा सार्वजनिक बैंकों का ही है, जिनमें 64,509.43 करोड़ रुपये के 3,766 फ्रॉड केस हुए. इसके पिछले वित्त वर्ष यानी 2017-18 में 41,167.04 करोड़ रुपये रकम के 5,916 फ्रॉड केस हुए थे. देश में बैंक कर्ज में सबसे बड़ा हिस्सा भी सार्वजनिक बैंकों का ही होता है.

जालसाजी की पहचान में देरी

चौंकाने वाली जानकारी यह भी सामने आई है कि मोदी सरकार में भी जालसाजी के मामलों की पहचान में काफी देर लग रही है. रिपोर्ट के अनुसार बैंकों को जालसाजी की पहचान करने में केस होने के बाद औसतन 22 महीने लग जा रहे हैं. यह हाल तब है जब नीरव मोदी जैसे मामलों के बाद रिजर्व बैंक और सरकार ने काफी सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं. इससे भी बदतर बात यह है कि वर्ष 2018-19 में 100 करोड़ या उससे ऊपर के कुल 52200 करोड़ रुपये की बड़ी जालसाजी वाले मामलों की जो पहचान हुई है उसमें औसतन 55 महीने यानी करीब 6 साल लग गए.
सार्वजनिक बैंकों के बाद जालसाजी के ज्यादा मामले निजी बैंकों में पाए गए हैं, लेकिन जानकार इस बात से अचंभित हैं कि विदेशी बैंक इससे काफी बचे रहे हैं. 2018-19 में विदेशी बैंकों में जालसाजी के सिर्फ 762 केस पकड़े गए जिनमें करीब करीब 955 करोड़ रुपये की रकम ही शामिल थी.

सबसे ज्यादा जालसाजी कर्जों को लेकर हुई है. इसके बाद कार्ड/इंटरनेट से संबंधित जालसाजी और उसके बाद जमा संबंधी जालसाजी हुई है.

महिला शिक्षक, 10 साल तक रेप हुआ, छात्रा के पेरेंट्स ब्लैकमेल कर रहे थे |

ग्वालियर। यदि किसी कहानी में छात्रा, टीचर और पेरेंट्स किरदार हों तो अक्सर टीचर विलेन होता है जो छात्रा का वीडियो बनाकर पेरेंट्स को ब्लैकमेल करता है परंतु इस कहानी में उल्टा हुआ है। महिला शिक्षक ने अपनी छात्रा के पेरेंट्स के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया है। महिला शिक्षक का आरोप है कि पिछले 10 साल से मुरार निवासी वीरेंद्र अग्रवाल और उनकी पत्नी उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं एवं उसका रेप किया जा रहा है। 

पति ने रेप किया, पत्नी ने वीडियो बनाया

थाटीपुर के सुरेश नगर में रहने वाली टयूशन टीचर मुरार थाना क्षेत्र के काली माई संतर रहने वाले वीरेंद्र अग्रवाल की बेटी को उसके घर पर पढ़ाने जाती थी। 12 जनवरी 2009 के दिन पीड़ित शिक्षिका जब उसे घर पर पढ़ाने के लिए पहुंची तो महिला अंजू अग्रवाल कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर ले आई और उसे पीने के लिए दे दिया। जब उसने कोल्ड ड्रिंक पी ली तो वह बेहोश होने लगी तभी अंजू का पति वीरेंद्र अग्रवाल उसे कमरे में ले गया और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दे डाला। इस दौरान उसकी पत्नी ने उसका वीडियो बना लिया।

10 साल तक रेप हुआ, पति गिरफ्तार, पत्नी फरार

वीरेंद्र अग्रवाल ने उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को यह बात बताई तो वह अश्लील वीडियो वायरल कर देगा। शिक्षिका का कहना है कि तभी से लगातार 10 सालों से उसका यौन शोषण करता रहा था। जब सारी हदें पार हो गई तब युवती ने हिम्मत कर 13 मई 2019 को मुरार थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करते हुए आरोपी पति वीरेंद्र को आज उसके घर से धर दबोच लिया और उसे पकड़कर थाने ले आई लेकिन उसकी पत्नी फरार हो गई जिसकी पुलिस तलाश में जुट गई है।

मंडी कमेटी शिवपुरी में लाखों रुपए की राजस्व की चोरी


शिवपुरी की कृषि उपज मंडी समिति शिवपुरी आजकल राजस्व लूट का अड्डा बनी हुई है. किसान मेहनत मजदूरी करके कृषि उपज लेकर जब मंडी शिवपुरी में आते हैं , तो कृषि उपज, मंडी शिवपुरी में लाइसेंसी व्यापारी व विभाग के कर्मचारी मिलकर मनमानी बोली लगाकर, किसान की कृषि उपज कम दामों में खरीद लेते हैं. किसान को अनाज का कम मूल्य मिलता है इतना ही नहीं इस अवधि में उसके अनाज के बोरे अगर चोरी हो जाए तो कोई गारंटी नहीं है. इसके लिए अनाज मंडी के चेक पोस्ट से बगैर गेट पास दिए एक निश्चित राशि लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली निकलवा दी जाती है .इस चोरी से प्रतिदिन लाखों रुपए एकत्रित करके बंदरबांट विभाग के लोगों द्वारा कर लिया जाता है .चेक पोस्ट पर स्थित सीसीटीवी कैमरा की अगर जांच करवाई जाए तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी इस बारे में जब सचिव से संपर्क किया जाता है तो वह कोई भी उत्तर देना पसंद नहीं करते.
इसके अलावा एक संगठित गैंग द्वारा शहर के बाहर ही किसान की ट्रैक्टर ट्रॉली रोककर आनाज को कम दामों में खरीद लिया जाता है. इस प्रकार बिगर मंडी शुल्क अदा किए व्यापारियों का एक वर्ग किसानों से अनाज खरीद लेता है ,वह शासन को मंडी शुल्क को अदा ना करके कम दाम में उसे अनाज मिल जाता है. किसान द्वारा खरीदे गए अनाज को गोदामों में पहुंचा दिया जाता है फिर वहां से बाहर भेज दिया जाता है, इस प्रकार मध्यप्रदेश शासन को मंडी शुल्क के रूप में प्रतिदिन लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है . कलेक्टर महोदया से बड़ी कार्रवाई करें जिससे शासन को राजस्व की हानि ना हो एवं किसान को उसका उचित मूल्य मिल सके.
[करुणेश शर्मा: संपादक करुणेश शर्मा की रिपोर्ट]

स्कूल वाहन पेड़ से टकराया 5 बच्चे घायल.

शिवपुरी। ।मध्य प्रदेश के शिवपुरी में वनस्थली विद्या वैली स्कूल का एक वाहन अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में 5 स्कली बच्चे घायल हुए हैं। घायलों को शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। बताया जा रहा है कि स्कूली वाहन तेज गति से चल रहा था तभी एक पेड़ से टकरा गया।

नेशनल हेराल्ड केस: आज होगी मामले की सुनवाई, स्वामी से होगी जिरह

शुक्रवार को राजधानी दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में नेशनल हेराल्ड केस में सुनवाई होनी है. इस मामले में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई बड़े कांग्रेसी नेताओं के नाम हैं

नेशनल हेराल्ड केस में आज सुनवाईराउज़ एवेन्यू कोर्ट में होनी है सुनवाईसोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कई नेताओं पर हैं आरोपसुब्रमण्यम स्वामी से किए जाएंगे सवाल-जवाब

INX मीडिया केस में एक ओर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम इस वक्त सीबीआई की हिरासत में हैं, इस मामले के बीच अब कांग्रेस के लिए एक और चुनौती सामने खड़ी है. शुक्रवार को राजधानी दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में नेशनल हेराल्ड केस में सुनवाई होनी है. इस मामले में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई बड़े कांग्रेसी नेताओं के नाम हैं. ये याचिका राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दायर की थी.

आज अदालत में कांग्रेस नेताओं की तरफ से वकील सुब्रमण्यम स्वामी से सवाल-जवाब करेंगे. इससे पहले ये सुनवाई पहले ही होनी थी, लेकिन 5 जुलाई को स्वामी की ओर से अपील की गई थी कि अभी संसद का सत्र चल रहा है इसलिए तारीख को आगे बढ़ा दिया जाए. कांग्रेस के वकील आर.एस. चीमा की ओर से सुब्रमण्यम स्वामी के लिए 18 सवालों की लिस्ट तैयार की गई है.

सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार सुबह को ट्वीट भी किया कि नेशनल हेराल्ड केस की सुनवाई आज शुरू हो रही है और कल भी जारी रहेगी. ये मामला उन कागजों पर आधारित है जो मैंने फाइल किए थे. इस मामले में जीत निश्चित है.

क्या है नेशनल हेराल्ड केस?

आपको बता दें कि इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष (अंतरिम) सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगे हैं. आरोप है कि कांग्रेस के फंड से 1938 में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) नाम की कंपनी खड़ी की गई, जो नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और क़ौमी आवाज़. नाम के 3 अखबारों का संचालन करती थी.

1 अप्रैल 2008 को सभी अखबार बंद हो गए थे. इसके बाद कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को इसकी 90 करोड़ रुपये की देनदारियों को अपने जिम्मे ले लिया था. पार्टी ने इसे 90 करोड़ का लोन दे दिया. इसके बाद 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी (YIC) बनाई गई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 % हिस्सेदारी है.

बाद में घालमेल कर यंग इंडियन के कब्जे में AJL कंपनी को कर दिया गया. इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन भी माफ कर दिया. यानी ‘यंग इंडियन’ को एक प्रकार से मुफ्त में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड नाम की कंपनी का मालिकाना हक मिल गया.

अब इसी केस में BJP राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि यह सब कुछ दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 1600 करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया है.

शाहजहांपुर केस: लापता लड़की को ढूंढने में जुटी UP पुलिस, 7 टीमों का गठन

जब से लड़की के द्वारा स्वामी चिन्मयानंद पर आरोप लगाया गया है तभी से उसका पता नहीं चल पाया है. अब इस मामले में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और लड़की को ढूंढने के लिए सात टीमों का गठन किया है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद केस में बड़ा अपडेटलड़की को ढूंढने के लिए UP पुलिस ने 7 टीमों का किया गठनसुप्रीम कोर्ट में भी सुना जाएगा ये मामला

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ धमकी देने और उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में लॉ कॉलेज की 23 साल की छात्रा गायब है. जब से लड़की के द्वारा स्वामी चिन्मयानंद पर आरोप लगाया गया है तभी से उसका पता नहीं चल पाया है. अब इस मामले में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और लड़की को ढूंढने के लिए सात टीमों का गठन किया है.

फिलहाल आखिरी बार लापता लड़की को देश की राजधानी दिल्ली के एक होटल के बाहर देखा गया था, जहां पर पहुंची टीम ने उसके साथ गए एक लड़के का पहचान पत्र भी रिकवर किया है. हालांकि, लड़की नहीं मिली है.

बताया जा रहा है कि आखिरी बार उसने अपनी मां से बात की थी, जब वह काफी घबराई हुई थी. पुलिस पिछले तीन दिनों से लड़की की तलाश में जुटी है लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई है.

गौरतलब है कि जब से ये मामला सामने आया है, उसपर विवाद बढ़ता गया है. राजनीतिक बयानबाजी के बाद इस मामले ने और भी जोर दिया, बाद में डीजीपी के निर्देश पर स्वामी चिन्मयानंद पर केस दर्ज कर लिया गया. लापता लड़की के पिता ने स्वामी चिन्मयानंद पर धमकी देने, 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है. अब पुलिस इसी आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.