शिवपुरी कलेक्टर का ईमानदार प्रयास


[संपादक करुणेश शर्मा की कलम से]
शिवपुरी कलेक्टर अनुग्रह पी को लगभग 7 या 8 माह का समय हो चुका है इस अवधि में उन्होंने लोकसभा चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तभी से प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने में जुट गई. शिवपुरी कलेक्टर ने
चार्ज लेते ही प्रथम प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को अपना मोबाइल नंबर दिया जिस पर कोई भी पत्रकार सीधे शिकायत कर सकता है . साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आपको अगर कहीं भी कोई कमी दिखाई देती है तो कृपया मुझसे इस नंबर पर संपर्क करें उसी वक्त उन्होंने अपनी ईमानदार छवि का परिचय दे दिया था. मीडिया को तवज्जो देते हुए कलेक्टर महोदया ने प्रशासन को चुस्त दुरुस्त कर औचक निरीक्षण शुरू कर दिए थे. स्कूलों का निरीक्षण पर्यटक स्थल छतरी तथा पर्यटक स्थल पवा का निरीक्षण कर मौके पर सुधार करने के आवश्यक निर्देश दिए थे .तबसे वहां पर सुधार की प्रक्रिया में भी बढ़ोतरी हुई है और वहां पर सुधार दिखाई दे रहा है.
प्रशासनिक बैठक के साथ-साथ कलेक्टर मैडम क्षेत्र भ़मण को विशेष महत्व देती हैं. परिवहन कार्यालय का भी कलेक्टर ने भ्रमण कर परिवहन अधिकारी मधु सिंह के साथ पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लिया ,इसके पश्चात परिवहन विभाग की बारीकी से जांच की क्योंकि परिवहन विभाग की शिकायतें काफी समय से कलेक्टर महोदया के पास आ रही थी.
हाल के दिनों में प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन का शिवपुरी जिले में दौरे का कार्यक्रम था पूरे समय कलेक्टर मुख्य सचिव महोदय के साथ रहकर उनके साथ समीक्षा बैठक की .इसी प्रकार जिले में छात्रावास पोहरी बैराड़ में भी स्कूलों का व प्रशासनिक तहसील का भ्रमण किया इसके साथ-साथ पिछोर तहसील में भ्रमण के साथ जिला मुख्यालय पर जिला चिकित्सालय मंगलम बुजुर्गों का आश्रम आंगनवाड़ी केंद्र का भी भ्रमण कर चुकी हैं. वह मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देकर सुधार की प्रक्रिया शुरू करवा चुकी हैं.
इसके साथ-साथ कलेक्टर महोदय को महिला बाल विकास आबकारी विभाग जिला खाद्य विभाग जिला कृषि विभाग भू-अभिलेख कार्यालय शिक्षा विभाग कार्यालय पीडब्ल्यूडी विभाग जल संसाधन विभाग पशु चिकित्सालय विभाग मत्स्य विभाग जिला पंचायत कार्यालय नापतोल विभाग इत्यादि कार्यालयों में कर्मचारियों में कसावट की आवश्यकता है. कलेक्टर महोदय इन कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें तो बहुत सी कमियां विभागों में दिखाई देंगी क्योंकि इन विभागों में आम जनता को अपना कार्य कराने के लिए बहुत परेशान होना पड़ता है कलेक्टर अगर इन कार्यालयों में स्वयं जाकर मौके पर देखें तो पाएंगे कि भारी अनियमितता कर्मचारियों द्वारा की जा रही है व कर्मचारी कभी भी समय पर कार्यालयों में नहीं आते.
कलेक्टर अनुग्रह पी इमानदारी से अपना कार्य कर रही हैं और इसमें काफी हद तक उन्हें सफलता भी मिल रही है लेकिन इसके बावजूद जिले में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है जैसे अवैध उत्खनन डंके की चोट पर पत्थर व रेत का उत्खनन किया जा रहा है . इस उत्खनन से मध्यप्रदेश शासन को करोड़ों का चूना लग रहा है . इस दिशा में सार्थक प्रयास की आवश्यकता है .इसके साथ-साथ अतिक्रमण शहर में पांव पसारे पड़ा हुआ है , जिस पर यदा-कदा कभी-कभी कार्रवाई होती देखी जाती है सिरे से अगर अतिक्रमण को हटाया जाए तो व्यवस्था काफी चुस्त दुरुस्त हो सकती है. इसके साथ ही नगरपालिका में भी भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है व कर्मचारी कभी भी समय पर ड्यूटी पर बैठे नहीं देखे जा रहे नगर पालिका में कोई भी कार्य सुचारू रूप से नहीं होता है वहां पर बगैर लेनदेन के कोई भी कार्य संपादित नहीं हो सकता है . नगरपालिका में जितना भ्रष्टाचार है शायद ही किसी विभाग में हो.
दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में कच्ची शराब माफियाओं द्वारा उतारी जाकर ग्रामीण नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, एवं शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है .इसी प्रकार अंग्रेजी शराब की दुकान पर बोतलों पर जो मूल्य अंकित है वह मूल्य ना लेकर उससे ज्यादा दाम ग्राहकों से वसूला जा रहा है . ग्राहकों ने इस आशय की शिकायत कई बार विभाग में की किंतु विभाग कानों में तेल डालें बैठा हुआ है. कच्ची शराब माफियाओं की बड़ी कार्रवाई विभाग द्वारा क्यों नहीं की जा रही है इसके साथ साथ जिला चिकित्सालय शिवपुरी में डॉक्टर समय पर ओपीडी में नहीं बैठे हैं . कम समय के लिए डॉक्टर ओपीडी में बैठते हैं और समय पूरा होने पर चले जाते हैं मरीजों की अक्सर यह शिकायत है कि डॉक्टर अस्पताल में मरीजों को ढंग से नहीं देखते वही डॉक्टर घर पर मोटी फीस लेकर मरीजों को देखते हैं एवं प्राइवेट नर्सिंग होम में जाकर ऑपरेशन जैसे कार्य संपादित करते हैं शहर के बड़े-बड़े नर्सिंग होम में जिला चिकित्सालय के डॉ ऑपरेशन करते व मरीजों को इलाज करते देखे जा सकते हैं और इन अस्पतालों की फीस गरीब आदमियों के वश के बाहर है क्या कलेक्टर महोदय इस पर कोई कार्रवाई करेंगे क्योंकि प्राइवेट नर्सिंग होम में जाना गरीब जनता के काबू से बाहर है और अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को ढंग से देखते नहीं है ऐसी स्थिति में मरीज झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाना पसंद करते हैं विशेषकर गरीब जनता की कलेक्टर महोदय से दरकार है की झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध भी बड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए
इसी प्रकार कलेक्टर कार्यालय के पास मौजूद नापतोल विभाग के अधिकारी कभी भी बाजार में पेट्रोल पंपों पर दुकानों पर छापा मारते नहीं देखे गए हैं . सब्जी मंडी इत्यादि जगहों पर आज भी पुरानी तराजू पुराने बांट से ग्राहकों को लूटते हुए देखा जा सकता है .पेट्रोल पंप वाले पेट्रोल पंपों में चिप डालकर ग्राहकों को लूटने में लगे हुए हैं क्या कलेक्टर महोदय नापतोल विभाग को लगाम कसने का प्रयास करेंगी जिससे जनता को राहत मिल सके
इसी प्रकार जिला पंचायत जनपद पंचायत इत्यादि में शासन द्वारा प्रदत आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारियां मीडिया को आम जनता को नहीं दी जाती हैं अगर श्रीमान कलेक्टर महोदय जांच करें तो पाएंगी की आरटीआई की फाइलों का ढेर लगा हुआ है किंतु अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है आरटीआई की जानकारी इस कारण नहीं देते हैं क्योंकि जिला पंचायत जनपद पंचायत और कई विभागों में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है इस कारण आरटीआई के प्रकरण सूचना आयोग भोपाल तक अपील करते देखे जा सकते हैं इसी प्रकार 181 पर शिकायत को अधिकारी गंभीरता से नहीं लेते हैं इस कारण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है कलेक्टर महोदय अगर आरटीआई 181 के प्रकरणों की जांच करें तो पाएंगी कि उन पर विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है इससे आम जनता एवं मीडिया को जानकारी नहीं मिलती है और भ्रष्टाचार फूलता फलता है कलेक्टर महोदय से बड़ी कार्यवाही की दरकार है.
इसी प्रकार परिवहन विभाग में बगैर मोटे कमीशन के ना तो लाइसेंस मिलता है ना कोई कार्य बगैर पैसों के होता है ऐसा देखा गया है की वहीं का एक कर्मचारी जनता से वसूली करके काम करवाता है कलेक्टर महोदय अगर इसकी गोपनीय तरीके से जांच कराएं तो कई चौंकाने वाले तत्व सामने आएंगे उम्मीद है की ईमानदार कलेक्टर जनता की समस्याओं को समझ कर इस दिशा में गंभीर प्रयास कर जनता को राहत पहुंचाएगी.

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