चरण चुम्बन दर असल चमचागिरी और चाटुकारिता के लिए प्रयोग की जाने वाली कहावत है – धैर्यवर्धन शर्मा


इस मुहावरे को अश्लील क्यों बता रहे हैं कांग्रेसी ? महिला हो या पुरुष जब वह कलेक्टर के तौर पर कार्यरत हैं तो उनको सांसद से मिलने का समय भी निकालना चाहिए और जनता की बात सुनने का सलीका भी होना चाहिए ।
गुना सांसद के पी यादव ने नाराजी प्रकट करते हुए लोकोक्ति प्रयोग कर अशोकनगर कलेक्टर के भेदभाव पूर्ण व्यवहार पर चरण चुम्बन शब्द का प्रयोग किया है जो कि पूर्णतः प्रासंगिक है । आम बोलचाल की भाषा में अश्लीलता ढूंढने वाले या तो जान समझकर खुराफात कर रहे हैं ।
पूरे प्रदेश में जन सुनवाई कार्यक्रम ठप्प है । अधिकारियों में लोगों की समस्या के निराकरण की कोई रुचि नहीं है । अाज मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर तक सभी आम जनता से दूरी बनाए हुए हैं ।

धैर्यवर्धन
पैनलिस्ट एवम् प्रदेश कार्य समिति सदस्य
भारतीय जनता पार्टी
मध्यप्रदेश

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