चिदंबरम की याचिका में निकली खामी, सुनवाई पर आ सकता है संकट

सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट में पी. चिदंबरम की तरफ से जो याचिका दायर की गई है, उसमें कुछ खामी है. ऐसे में गलत याचिका को CJI के सामने लिस्ट नहीं किया जा सकता है. अब पी. चिदंबरम के वकील इस खामी को दूर करने में लगे हैं, ताकि सुनवाई में किसी तरह की बाधा ना आ पाए

देश के सभी एयरपोर्ट पर अलर्ट

देश के सभी एयरपोर्ट को पी. चिदंबरम पर जारी लुकआउट सर्कुलर की जानकारी दी गई है. अगर पी. चिदंबरम देश से बाहर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें इजाजत नहीं जाएगी.

ED-CBI की तरफ से कैविएट दाखिल

सुप्रीम कोर्ट में ईडी और सीबीआई की तरफ से कैविएट दाखिल किया गया है कि अदालत उनकी दलील सुने बिना कोई फैसला ना सुनाए. कैविएट दाखिल करने का मकसद ये होता है कि अदालत सिर्फ याचिकाकर्ता की दलीलों को सुनकर किसी तरह का फैसला ना दे दे, बल्कि उनकी भी दलील सुने. इस दौरान ED-CBI अदालत को बताएंगी कि पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी क्यों जरूरी है और उनकी जमानत याचिका क्यों रद्द होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट में लंच के बाद पी. चिदंबरम मामले की सुनवाई हो सकती है. इससे पहले सीबीआई की टीम और उनके वकील, चिदंबरम की तरफ से उनके वकील सभी अदालत में मौजूद हैं. 

आज ही हो सकती है चिदंबरम मामले की सुनवाई

पी. चिदंबरम की याचिका पर आज ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है. चीफ जस्टिस ने फाइल को मार्क कर रजिस्ट्रार के पास भेज दिया है. जिसके बाद रजिस्ट्रार जनरल एक लैटर तैयार करेंगे, संबंधित जज के पास भेजा जाएगा. इसी बीच याचिकाकर्ता के वकील को भी सूचना दे दी जाएगी. इस तरह उस बेंच में मामला सुनवाई के लिए पेश होगा.

चिदंबरम के करीबियों का क्या कहना है?

इस पूरे मामले में पी. चिदंबरम के करीबियों की मानें तो 2017 तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं हुई थी. पी. चिदंबरम के अलावा कार्ति चिदंबरम ने भी एजेंसियों का जांच में सहयोग किया है. कार्ति के ठिकानों पर 4 बार छापेमारी की गई, 25 बार वह एजेंसियों के सामने पेश भी हुए. अब चिदंबरम की तरफ से यही दलील रखी जाएगी कि अगर उन्होंने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है तो फिर केस दर्ज क्यों नहीं किया गया. पिता और पुत्र दोनों ही सांसद हैं ऐसे में उनकी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक है.

पी. चिदंबरम की जमानत का मसला अब चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के सामने है. लेकिन वह अभी अयोध्या मसले को सुन रहे हैं, ऐसे में चीफ जस्टिस अब लंच के समय ही इस मसले को सुनेंगे और चिदंबरम को लेकर फैसला लेंगे. 

चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी

सुप्रीम कोर्ट से पी. चिदंबरम को तुरंत गिरफ्तारी पर राहत मिलने से झटका लगा है. दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से पी. चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है. यानी अब पी. चिदंबरम अगर देश से बाहर जाने की कोशिश करेंगे तो एयरपोर्ट पर उन्हें पकड़ा जा सकता है.

चीफ जस्टिस लेंगे चिदंबरम पर फैसला

सुप्रीम कोर्ट में पी. चिदंबरम की तरफ से कपिल सिब्बल मामले को सामने रख रहे हैं. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की जानकारी दी और पूरी तरह मामले की सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने की अपील की. लेकिन जस्टिस रमन्ना ने किसी तरह का फैसला देने से मना किया है और कहा है कि वह इस मामले को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के पास भेज रहे हैं, वह इस पर तुरंत सुनवाई का फैसला करेंगे. पी. चिदंबरम के वकील की तरफ से कहा गया है कि उन्होंने चीफ जस्टिस के सामने ये मामला इसलिए नहीं उठाया क्योंकि वह अभी अयोध्या मसले को सुन रहे हैं.

सवालों से बचकर निकले कार्ति चिदंबरम

एक तरफ पी. चिदंबरम पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है तो दूसरी तरफ कार्ति चिदंबरम मीडिया से बच रहे हैं. चेन्नई में जब कार्ति अपने घर से निकल रहे थे, तब मीडिया ने उनसे सवाल किए लेकिन वह चुपचाप ही निकल गए. गौरतलब है कि कार्ति चिदंबरम पर भी एयरसेल-मैक्सिस मामले में कानूनी तलवार लटकी है. दूसरी ओर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने चिदंबरम पर हो रही कार्रवाई को पूरी तरह से गलत बताया है.

जांच में सहयोग नहीं कर रहे चिदंबरम, SC में जमानत का ऐसे विरोध करेंगी CBI-ED

अब अदालत में किस तरह ये एजेंसियां चिदंबरम की याचिका का विरोध कर सकती हैं, उनके पीछे इस तरह के तर्क हो सकते हैं. सूत्रों की मानें तो सीबीआई और ईडी अदालत को बताएंगे कि पी. चिदंबरम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. सीबीआई अदालत को ये भी बताएगी कि उन्हें लगातार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए. इतना ही नहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया में पी. चिदंबरम के खिलाफ मामला बनता है, ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत नहीं मिलनी चाहिए. हालांकि, ये भी साफ है कि पी. चिदंबरम खुद सुप्रीम कोर्ट में पेश नहीं होंगे बल्कि उनके वकील दलील रखेंगे.

अभी भी मौजूद हैं दो सदस्य…

सीबीआई टीम के दो सदस्य पी. चिदंबरम के घर पर ही मौजूद हैं. सुबह-सुबह पूरी टीम उनके घर पहुंची थी, लेकिन चिदंबरम घर पर नहीं मिले. रात को भी दो सीबीआई के सदस्य उनके घर पर रुके हुए थे, अब उनकी शिफ्ट चेंज हुई है.

एक बार फिर चिदंबरम के घर पहुंची सीबीआई

सीबीआई की टीम एक बार फिर पी. चिदंबरम के घर पहुंची है. बुधवार सुबह-सुबह सीबीआई की टीम पूर्व वित्त मंत्री के घर पहुंची. सीबीआई और ईडी कल रात से ही उनकी तलाश में हैं. चिदंबरम के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुबह 10.30 बजे सुनवाई होनी है.

किस केस के फेर में फंसे चिदंबरम?

पी. चिदंबरम पर INX मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के लिए  रिश्वत लेने का आरोप है. इस केस में अभी तक चिदंबरम को कोर्ट से करीब दो दर्जन बार अंतरिम प्रोटेक्शन यानी गिरफ्तारी पर रोक की राहत मिली हुई है. ये मामला 2007 का है, जब चिदंबरम देश के वित्त मंत्री के पद पर थे.
2017 में CBI ने इस मामले में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से मिली स्वीकृति में गड़बड़ी पर FIR दर्ज की. जबकि ED ने 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया. इस मामले में आईएनएक्स मीडिया की मालकिन और आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को इस केस में अप्रूवर बनाया गया और इसी साल उनका स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया गया. CBI के मुताबिक मुखर्जी ने गवाही दी कि उसने कार्ति चिदंबरम को 10 लाख रुपये दिए.

अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा तो चिदंबरम की तरफ से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया. लेकिन अदालत ने मंगलवार शाम मामला सुनने से इनकार किया, अब बुधवार सुबह 10.30 बजे उनके मामले की सुनवाई होनी है. पी. चिदंबरम ने मंगलवार को ही पार्टी नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद से मुलाकात की थी. 

ईडी-सीबीआई का शिकंजा

दरअसल, INX मीडिया केस में मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने पी. चिदंबरम को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट से चिदंबरम को झटका लगा, तो ईडी-सीबीआई उनकी गिरफ्तारी के लिए तैयार खड़ी थीं. पहले सीबीआई उनके घर पहुंची और फिर ईडी, लेकिन चिदंबरम घर पर नहीं मिले. और फोन भी स्विच ऑफ कर दिया गया. एजेंसियों की तरफ से उनके घर के बाहर नोटिस भी चिपकाया गया है.

पी. चिदंबरम पर कानूनी शिकंजा

कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है. मंगलवार दोपहर से ही उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है और ईडी-सीबीआई उनके घर का चक्कर काट रही है. दिल्ली हाईकोर्ट से INX मीडिया केस में राहत ना मिलने के बाद से ही चिदंबरम गायब हैं, उनका फोन भी स्विच ऑफ है. अब बुधवार को उनके वकील अंतरिम जमानत की अपील लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं.

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