आदिम जाति के AD बी के माथुर ने 3 राहगीरो को टक्कर मारी, 1 की मौत

कोलारस। खबर जिले की विधानसभा कोलारस थाने क्षेत्र से आ रही है जहां ग्राम देहरदा पर आदिम जाति के अस्डिेंट डारेक्टर ने सडक पर खडे तीन राहगीरो को अपनी बुलेरो कार MP33 T1231 से उडा दिया हैं। खबर लिखे जाने तक इन 3 घायलो में से 1 घायल की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार आदिम जाति विभाग गुना के अस्डिेंट डारेक्टर बी के माथुर निवासी शिवपुरी बुलेरो गाडी से गुना की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा हैं कि गाडी को बी के माथुर की चला रहे थे, ओर वह गाडी चलाते हुए मोबाईल पर भी बात कर रहे थे।

कोलारस थाने अंतर्गत आने वाले देहरदा गांव पर फोनलेन सडक पर गाडी अनियत्रिंत हो गई और सडक पर चलते 3 राहगीरो पर चढ चढते हुए एक घर में घुस गई। इन तीनो घायलो में से राजाराम पुत्र बुदेंला सिंह रघुवंशी की हालत अधिक खराब है। उक्त घायल को कोलारस के डॉक्टरो ने शिवपुरी ईलाज हैतु अस्पताल में रैफर कर दिया हैं। वही साहब को पब्लिक ने पकड कर पुलिस के हवाले कर दिया हैं।  

300 करोड़ की लागत से उज्जैन के महाकाल मंदिर का कायाकल्प करेगी कमलनाथ सरकार

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर लगातार बीजेपी को कड़ी टक्कर दे रही है. राम, गौशाला और नर्मदा के बाद अब कमलनाथ सरकार ने विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के कायाकल्प का बीड़ा उठाया है.

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर सूबे में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. 12 ज्योतिर्लिंग में से एक महाकाल मंदिर में हर साल देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. कई प्रमुख हस्तियों का भी यहां लगातार आना लगा रहता है. बीजेपी के दिग्गज नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या फिर उमा भारती सभी की महाकाल मंदिर में अगाध श्रद्धा रही हैं.

अब यही श्रद्धा का भाव लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महाकाल मंदिर के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की योजना बनाई है. भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना शुरू होगी. महाकाल मंदिर के विस्तार और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मंत्रियों की एक त्रिस्तरीय सदस्य समिति गठित होगी. इसके साथ ही महाकाल मंदिर के अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी कैबिनेट में लाया जाएगा.

दरअसल, सूबे के मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को मंत्रालय में भगवान महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार और सुविधाओं के विस्तार पर बैठक रखी गई थी. इस बैठक में सीएम कमलनाथ ने कहा कि भगवान महाकाल के कारण पूरे विश्व में मध्य प्रदेश की पहचान है. करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के इस केन्द्र का सुनियोजित विकास किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि श्रद्धालु सिर्फ दर्शन करने के लिए नहीं आएं, बल्कि उज्जैन में ऐसी व्यवस्थाएं हो, ताकि वो एक-दो दिन यहां रूकें भी. इसके लिए महाकाल मंदिर से जुड़ी पौराणिक गाथाओं और अन्य आकर्षण की सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए. इससे उज्जैन शहर और यहां के निवासियों का भी विकास होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्तार और व्यवस्था में सुधार के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि महाकाल मंदिर के मूल ढांचे के साथ कोई छेड़छाड़ न हो.

सीएम कमलनाथ ने मंत्रियों की बनाई कमेटी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने योजना पर काम करने के लिए 3 कैबिनेट मंत्रियों की समिति बनाई है. इसमें उज्जैन जिले के प्रभारी और पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, आध्यात्म विभाग के मंत्री पीसी शर्मा और नगरीय निकाय मंत्री जयवर्धन सिंह हैं. यह कमेटी महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों, जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर विकास और विस्तार के संबंध में जरूरी निर्णय लेगी.

महाकाल मंदिर के विकास और विस्तार योजना में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही प्रवेश और निर्गम, फ्रंटियर यार्ड, नंदी हाल का विस्तार, महाकाल थीम पार्क, महाकाल कॉरिडोर, धर्मशाला, रुद्रसागर की लैंड स्केपिंग, रामघाट मार्ग का सौंदर्यीकरण, पर्यटन सूचना केन्द्र, रुद्र सागर झील का पुनर्उद्धार, हरि फाटक पुल, यात्री सुविधाओं और अन्य सुविधाओं का निर्माण और विस्तार किया जाएगा.

इमरान के नए पाकिस्‍तान में लोगों को खाने के लाले, ब्रेड, दूध और रोटी भी हुई महंगी

नई दिल्‍ली । नया पाकिस्‍तान का नारा देने वाले प्रधानमंत्री इमरान खान जब से सत्‍ता में आए हैं तब से देश की हालत लगातार खराब हो रही है। एक तरफ बेकाबू होती महंगाई तो दूसरी तरफ गैस और तेल के दामों में होती बढ़ोतरी सभी ने आम इंसान की हालत पतली कर रखी है। इस पर भारत से संबंध तोड़ना पाकिस्‍तान के लिए खुदकुशी करने जैसा कदम रहा है। पाकिस्‍तान पर चीन का कर्ज भी इस खराब होती हालत की एक बड़ी वजह है। यही वजह है कि इस बार की ईद भी वहां पर कमोबेश सूनी ही रही है। भारत संबंध तोड़ने के फैसले पर लोगों ने पीएम इमरान खान से यहां तक पूछ डाला कि वह आखिर क्‍या घास खाएं।

हर मोर्चे पर विफल इमरान 
आपको बता दें कि पाकिस्‍तान में इस्‍तेमाल की जाने वाली कई सारी चीजें भारत से ही जाती हैं। इनमें टमाटर और प्‍याज खास हैं। 18 अगस्‍त 2019 को उनकी सरकार को एक साल पूरा हो गया। इस एक साल के दौरान वह हर मोर्चे पर पूरी तरह से विफल साबित हुए हैं। आतंकवाद को रोकने का मसला हो या फिर देश के विकास की बात हो इमरान की सरकार किसी भी मोर्चे पर न तो अपनी आवाम को न ही दुनिया को संतुष्‍ट कर सकी है। इसका जीता जागता सुबूत एफएटीएफ की वो तलवार है जो पिछले करीब दो वर्ष से पाकिस्‍तान के ऊपर टंगी हुई है। 

बीते एक वर्ष में बढ़ी आम आदमी की मुश्किलें 
पाकिस्‍तान की मीडिया में भी यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि इमरान सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2011 के बाद पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि देश में मुद्रास्फिति की दर दहाई के आंकड़े को पार कर गई है। इतना ही नहीं सरकार के अपने अनुमान के मुताबिक इसके 11 फीसद तक बढ़ने की उम्‍मीद की गई है। 

हर क्षेत्र में बढ़ी महंगाई 
पाक मीडिया के मुताबिक सीएनजी, पीएनजी, रुपये में गिरावट, जरूरत की चीजों के दाम और टैक्‍स में बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब ढीली हो रही है। एक डॉलर की कीमत बीते एक वर्ष में 35 रुपये तक बढ़ी है। अगस्‍त 2018 में एक डॉलर की कीमत 123 थी वह अब बढ़कर 158 तक पहुंच चुकी है। वहीं पेट्रोल के दाम 95.24 रुपये से बढ़कर 117.84 तक हो चुके हैं और डीजल 112.94 रुपये से बढ़कर 132 रुपये के पार हो चुका है। इमरान सरकार की काबलियत और उनकी विफलता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब वह सरकार में आए थे तब सीएनजी की कीमत 81.70 रुपये थी जो अब 123 प्रति किग्रा तक पहुंच चुकी है। यह कीमत भी स्थिर नहीं है। उम्‍मीद की जा रही है कि यह अभी और बढ़ेगी।  

रोटी से लेकर ब्रेड तक हुई महंगी 
अब जरा दूसरी चीजों पर भी गौर कर लिया जाए। चपाती और नान की कीमत इमरान के सत्‍ता में आने के बाद से दो रुपये से बढ़कर 12 रुपये तक हो चुकी है। इसके अलावा श्रीमल और ताफतान जो रोटी के ही एक प्रकार हैं की कीमत 40 रुपये तक हो चुकी है। ब्रेड की कीमत की बात करें तो रमजान से पहले ही इसकी कीमतों में आठ फीसद की तेजी आ चुकी थी, ईद के बाद इसमें नौ फीसद की तेजी देखने को मिली है। 

स्‍टील, तेल, घी और चीनी की कीमत भी बढ़ी 
चीनी की कीमतों में इमरान के सत्‍ता में आने के बाद 12 रुपये तक का इजाफा हुआ है। स्‍टील की कीमतों में भी जबरदस्‍त इजाफा इमरान के सत्‍ता में आने के बाद दिखाई दिया है। पिछले वर्ष अगस्‍त में इसकी कीमत 103,000 रुपये हुआ करती थी जो अब बढ़कर 120,000 प्रति टन तक हो चुकी है। इसी तरह से सीमेंट के दामों में बीते एक वर्ष में सौ रुपये तक का इजाफा हो चुका है। घी और तेल से लेकर दालों की कीमत में 100-150 रुपये तक बढ़ चुकी है। इसी तरह से दूध और घी का भी हाल है। इसमें 20-30 रुपये की तेजी इमरान सरकार के बाद आई है। 

किसानों पर भी पड़ी महंगाई की मार 
पाकिस्‍तान में बढ़ती महंगाई की मार किसी एक क्षेत्र में ही नहीं पड़ी है, बल्कि हर क्षेत्र में इसका जबरदस्‍त असर देखा गया है। किसान भी इससे अछूता नहीं रहा है। यूरिया या खाद के लिए किसानों को 300 रुपये तक अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं बिजली की कीमतें बढ़ चुकी हैं। जहांं तक बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी की बात है तो आपको बता दें कि सरकार ने इस पर से सब्सिडी कम की है। मीठ के लिए भी लोगों को अब पहले से ज्‍यादा रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। चाय हो या दूध के पैकेट सभी पर महंगाई की मार पड़ी है। पाउडर वाले दूध की कीमत में तो करीब दो सौ रुपये की बढ़ोतरी बीते एक वर्ष में हो चुकी है। 

मप्र / चंबल नदी में उफान से भिंड, मुरैना, श्योपुर के 27 गांव बने टापू, तीसरे दिन भी कोटा मार्ग बंद

भिंड / मुरैना .कोटा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से चंबल नदी उफान पर है। इसके चलते श्योपुर, मुरैना और भिंड के 27 गांव टापू बने हुए हैं । काेटा बैराज से अब तक 2.79 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शनिवार को चंबल नदी मुरैना राजघाट पर खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर यानी 140.50 मीटर पर बही। जबकि पुराने पुल से पानी महज 5 फीट ऊपर रह गया। सरायछौला और अंबाह के आसपास गांवों में पानी भीतर तक घुस गया।

इससे गांवों के रास्ते बंद हो गए। छह गांव टापू बन गए हैं। यहां ग्रामीणों को मोटर बोट की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भिंड के अटेर क्षेत्र में 19 गांव पानी भरने से टापू बन गए हैं। दतिया में भी सिंध नदी के किनारे बसे गांवाें में अलर्ट किया गया है। उधर, श्योपुर में शनिवार को श्योपुर-सवाईमाधौपुर और श्योपुर-बारां मार्ग तो खुल गया। लेकिन खातौली पुल पर अभी भी चार से पांच फीट पानी होने से श्योपुर-कोटा मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। श्योपुर में दो गांव टापू बने हुए हैं। शिवपुरी के मड़ीखेड़ा डैम के चार गेट खुले हैं।

मुरैना के नदुआपुरा गांव में घरों में घुसा पानी :मुरैना. जिले के नदुआपुरा गांव में घरों में पानी घुस आया। इसकी वजह से ग्रामीणों के घर-झोपड़ियां डूब गईं। बच्चों को मोटर बोट से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने घर से सामान निकाला।

बड़वानी: राजघाट में पानी, फिर भी बसे हैं 40 डूब प्रभावित परिवार :बड़वानी. राजघाट टापू बन चुका है। बावजूद 40 परिवार यहीं पर बसे हुए हैं। पानी दुकानों व घराें में घुस गया है। डूब प्रभावित थावलीबाई दोपहर में घर के पीछे सुख रहे कपड़े निकालती मिलीं। इनके घर के पीछे पानी आ गया है। पति धूरसिंह ने कहा- कुकरा बसाहट में प्लाट मिला है लेकिन मकान बनाने के लिए अभी तक 5.80 लाख रुपए नहीं मिले हैं। कोई और ठिकाना भी तो नहीं है। ऐसे में हम जाएं तो कहां जाएं।

धार : पानी में फंसे 14 साधुओं को निकाला :धार/निसरपुर. निसरपुर के पास कोटेश्वर तीर्थ भी पानी में घिर गया है। इसमें 14 साधु फंस गए। एनडीआरएफ की टीम ने साधुओं को बोट में बैठाकर निकाला। कोटेश्वर मंदिर में सालों से राम नाम का जाप किया जा रहा है। साधुओं को कोठड़ा के भरत मुकाती के घर लाया गया। पहली बार किसी के घर में यूं राम नाम का जाप करते हुए सभी पहुंचे और जप जारी रखा।

काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के आने जाने पर रोक लगा दी गई है. आगे से सभी श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे से ही जलाभिषेक कर सकेंगे. श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने कहा कि विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने यहां मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर स्थायी रोक लगा दी है.

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सावन महीने में अस्थायी तौर की गई इस बार की व्यवस्था को स्थायी कर दिया गया है. 

उन्होंने कहा, “मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे से ही जलाभिषेक की व्यवस्था की गई थी. इससे पूरे सावन भर काफी अच्छे परिणाम देखने को मिले. सभी श्रद्धालुओं ने बिना किसी परेशानी के आसानी से जलाभिषेक किया. 

वहीं, प्रशासन को भी भीड़ से ज्यादा परेशानी नहीं हुई.”

विशाल सिंह ने बताया कि ऐसी ही व्यवस्था झारखंड के देवघर में स्थित बैजनाथ धाम में भी की गई है. इसीलिए अब मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि इस अस्थायी व्यवस्था को स्थायी किया जाए. अब श्रद्घालुओं का गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.
सिंह ने कहा, “मंदिर में गर्भगृह के चार द्वार हैं. श्रद्धालुओं प्रवेश करने और बाहर जाने के लिए दो द्वारा का ही इस्तेमाल करते है. भीड़ बढ़ने पर दबाव काफी हो जाता है. वहीं चारों द्वार पर अर्घा लगाकर सीधे जलाभिषेक की व्यवस्था होने से सभी का आराम रहेगा. यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए लिया गया है.”

पीएम मोदी बोले- एक दिन भूटान के वैज्ञानिक भी सेटेलाइट बनाएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय भूटान दौरे पर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान की यात्रा के दूसरे दिन वहां की रॉयल यूनिवर्सिटी, थिंपू में कहा कि यह खुशी की बात है कि भूटान के अपने छोटे उपग्रह को डिजाइन करने और लॉन्च करने के लिए युवा भूटानी वैज्ञानिक भारत की यात्रा करेंगे.  मुझे उम्मीद है कि किसी दिन जल्द ही आप में से कई वैज्ञानिक, इंजीनियर और इनोवेटर्स होंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि भूटान के वैज्ञानिक भी सेटेलाइट बनाएंगे.  हमने दक्षिण एशिया उपग्रह के थिंपू ग्राउंड स्टेशन का उद्घाटन किया और अपने अंतरिक्ष सहयोग का विस्तार किया. उपग्रहों के जरिए टेली मेडिसिन के लाभ, दूरस्थ शिक्षा, मानचित्रण, मौसम पूर्वानुमान, प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी आदि सुनिश्चित होगी.

पीएम मोदी ने कहा कि आज, भारत तमाम सेक्टर में ऐतिहासिक परिवर्तनों का गवाह बन रहा है. पिछले पांच साल में बुनियादी ढांचे के निर्माण कीर रफ्तार दोगुनी हो गई है. उन्होंने कहा कि भारत और भूटान की साझा संस्कृति है. आज के समय में अवसरों की कमी नहीं है. भारत और भूटान के लोगों में जबर्दस्त जुड़ाव है. पीएम मोदी ने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लिए भारत में तेजी से काम चल रहा है. पीएम मोदी ने यूनिवर्सिटी के छात्रों से कहा कि वे परीक्षा को लेकर कतई तनाव न लें. पीएम मोदी ने अपनी लिखी पुस्तक एग्जाम वॉरियर्स की भी चर्चा की. कहा कि यह पुस्तक बुद्ध की शिक्षा से प्रेरित होकर उन्होंने लिखी थी.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवा और आध्यात्मिकता हमारी ताकत है.

इससे पहले भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग और पीएम मोदी ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी किया था. तब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि दूसरे कार्यकाल के शुरुआत में भूटान आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भूटान हमारा पड़ोसी है, यह हमारा सौभाग्य है. दोनों देश मिलकर आगे बढ़ रहे हैं.भूटान के प्रधानमंत्री ने शनिवार को पीएम मोदी का पारो हवाईअड्डे पर भव्य स्वागत किया था. पीएम मोदी को एयरपोर्ट पर गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया था

इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को अधिक मजबूत करने के लिए भूटानी नेताओं के साथ चर्चा करेंगे.

शनिवार को पीएम मोदी ने 9 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. इनमें से एक समझौते के तहत इसरो थिम्पू में अर्थ स्टेशन बनाएगा. इसके अलावा दोनों देशों के बीच एक बिजली खरीद समझौता भी हुआ. अन्य समझौते के तहत विमान हादसे और दुर्घटना की जांच, न्यायिक शिक्षा, अकादमिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विधिक शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एमओयू किए गए.

FATF को गुमराह करने के लिए आतंकियों के खिलाफ फर्जी FIR दर्ज करा रहा पाकिस्तान

गुजरांवाला (पाक) 
आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन को दुनिया को दिखाने के लिए पाकिस्तान ने नया तरीका ढूंढ निकाला है। दरअसल, पाकिस्तान को आतंकी फंडिंग रोकने और आतंकियों के खिलाफ ठोस कदम उठाने को कहा गया था। अब तक हीलाहवाली करते आ रहे पड़ोसी मुल्क ने दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए नई चाल चली है। फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैंकॉक में अहम बैठक से पहले पाकिस्तान ने अपनी सरजमीं से संचालित आतंकी संगठनों और आतंकियों के खिलाफ फर्जी और कमजोर पुलिस FIR दर्ज करा रहा है। सूत्रों ने पुख्ता सबूतों को सामने रखते हुए जानकारी दी है कि कैसे पाकिस्तान वैश्विक समुदाय को अंधेरे में रखने की कोशिश कर रहा है। 1 जुलाई को ऐसी ही एक एफआईआर गुजरांवाला पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई। एक सूत्र द्वारा दी गई सूचना के आधार पर प्रतिबंधित दावत-वल-इरशाद द्वारा की गई एक लैंड डील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह संगठन हाफिज सईद के आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा का ही सहयोगी संगठन है। 

गौर करने वाली बात यह है कि इस एफआईआर को इस तरह से ड्राफ्ट किया गया है कि आगे इसकी जांच भी नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि लश्क-ए-ताइबा और दावत-उल-इरशाद आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं और इस तरह की प्रॉप्रटी का इस्तेमाल कर ये प्रतिबंधित संगठन आतंकियों की फंडिंग के लिए पैसा इकट्ठा करते हैं। 

लश्कर-ए-ताइबा के सरगना हाफिज सईद और चार अन्य अब्दुल गफ्फार, हाफिज मसूद, आमिर हमजा और मलिक जफर इकबाल के खिलाफ एफआईआर में इस बात का जिक्र नहीं है कि इन आतंकियों के पास जमीन कब थी। एफआईआर में कहा गया है, ‘प्रतिबंधित लश्कर-ए-ताइबा के सदस्य इन लोगों ने आतंकी गतिविधियों के लिए इस संपत्ति का इस्तेमाल किया। इन लोगों ने आतंकी वारदात के लिए फंड जुटाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किया।’ 

FIR में जमात-उद-दावा या फलाह-ए-इंसानियत के बारे में कोई जिक्र नहीं है। FIR में दावत-उल-इरशाद के नाम का जिक्र है जो जमात-उद-दावा का पुराना नाम है। कानूनी जानकार कहते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और टाइमलाइन का भी जिक्र नहीं है। एक कानूनी विशेषज्ञ ने कहा कि आतंकवाद के मामले में FIR में काफी सामान्य शब्दों का इस्तेमाल हुआ है जबकि कानून से जुड़े विशेष ऐक्ट्स का जिक्र किया जा सकता था। एक सूत्र ने कहा कि एफआईआर में इस बात का भी जिक्र नहीं है कि कैसे आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया गया। ऐसे में साफ है कि यह पूरी एक्सर्साइज़ FATF की आंखों में धूल झोंकने के लिए है। 

आपको बता दें कि FATF की फाइनल मीटिंग अक्टूबर के पहले हफ्ते में हो सकती है और इस दौरान पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकालने, रखने या देश को ब्लैकलिस्ट करने पर फैसला होगा। एजेंसी ने 27 पॉइंट्स का ऐक्शन प्लान दिया है जिसमें से सात पॉइंट्स में प्रतिबंधित संगठनों के आतंकी फंडिंग में शामिल होने की बात है। 

FATF द्वारा प्रतिबंध से बचने के लिए पाकिस्तान आतंकी संगठनों के खिलाफ कमजोर और फर्जी केस दर्ज करा रहा है, जिनका कोई कानूनी आधार नहीं है। 

गडकरी ने अफसरों से कहा- 8 दिन में काम पूरा करो, नहीं तो लोगों से कहकर धुलाई करा दूंगा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक कार्यक्रम में दिया बयान सुर्खियों में है. उन्होंने अफसरों को हिदायत देते हुए कहा है कि अगर उन्होंने आठ दिनों में यह काम पूरा नहीं किया तो वे लोगों से कहेंगे कि कानून व्ववस्था हाथ में लेकर धुलाई कर दो. ये बातें नितिन गडकरी ने लघु उद्योग भारती के नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में कही. वह दरअसल लालफीताशाही पर नाराजगी व्यक्त कर रहे थे.

एमएसएमई सेक्टर में काम करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुडे़ संगठन लघु उद्योग भारती के कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने हाल में कुछ अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर कुछ मामले नहीं सुलझते हैं तो वह लोगों से कहेंगे कि धुलाई कर दो.

आप चोर हैंः गडकरी

नितिन गडकरी ने कहा, ‘हमारे पास यह लालफीताशाही क्यों है. ये सब इंस्पेक्टर क्यों आते हैं. वे रिश्वत लेते हैं. मैं उनके मुंह पर कहता हूं कि आप सरकारी नौकर हैं, मैं जनता के द्वारा चुना गया हूं. मैं लोगों के प्रति जवाबदेह हूं. यदि आप चोरी करते हैं, तो मैं कहूंगा कि आप एक चोर हैं. ‘

नितिन गडकरी ने इस दौरान कहा, ‘आज मैंने आरटीओ कार्यालय में एक बैठक की, जिसमें निदेशक और परिवहन आयुक्त ने भाग लिया. मैंने उनसे कहा कि आप आठ दिनों के भीतर इस समस्या को हल करें, अन्यथा मैं लोगों को कानून हाथ में लेकर धुलाई करने को कहूंगा.’ उन्होंने आगे कहा कि उनके शिक्षकों ने यह सिखाया है कि उस सिस्टम को बाहर फेंक दो जो न्याय नहीं देती है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अधिवेशन में भाग लेने आए उद्यमियों से निडर होकर अपने व्यापार का विस्तार करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि अधिकारी व्यापारियों को परेशान नहीं कर सकते.

आपकी सरकार आपके द्धार कार्यक्रम के मंच से ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो गायब,सोशल पर छाया मुद्दा

शिवपुरी। आज जिले के कोलारस के ग्राम डांग पडौरा में प्रशासन द्धारा आयोजित आपकी सरकार आपके द्धार कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो गायब होने का मामला आज दिन भर सोशल मीडिया पर छाया रहा। आज इस फोटों को लेकर शहर के लोगों ने जमकर सरकार को कोसा। कुछ लोगों ने इसे प्रोट्रोकॉल का मामला बताते हुए सफाई दी तो कुछ लोगों ने सिंधिया को अब कोई भी पदाधिकारी नहीं होने की बात कही।

आज डांग पडौरा में आपकी सरकार आपके द्धार कार्यक्रम में मुख्याथिति प्रभारी मंत्री प्रधुम्मन सिंह तोमर रहे। जिन्होनें इस कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों की समस्या सुनी। लेकिन इस दौरान मंच पर लगे फ्लैक्स ने बबाल खडा कर दिया। इस पोस्टर में एक तरफ मुख्यमंत्री कमलनाथ और दूसरी और प्रभारी मंत्री प्रधुम्मन सिंह तोमर का फोटो लगा हुआ था। जिस बैनर में कही भी ज्योतिरादित्य सिंधिया का फोटो दिखाई नहीं दे रहा।

जिसे लेकर यूजरों ने शोसल पर जमकर खिल्ली उडाई। कई लोग इसे हार का कारण तो कुछ लोग इस प्रोटोकॉल के साथ साथ सिंधिया की उपहास की बात कह रहे है। कारण जो भी रहा हो परंतु कांग्रेस की सरकार में ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस उपेक्षा से उनके चाहने बालों के चहरे पर से हबाईया उडी हुई है।