जानें, धरती के स्वर्ग कश्मीर का ईसा और हजरत बल से क्या है नाता

धरती पर बसे जन्नत से रूबरू करवाने वाला कश्मीर आज अपनी खूबसूरत वादियों से ज्यादा अनुच्छेद 370 को लेकर सुर्खियों में बना हुआ हैं. मोदी सरकार के जम्मू-कश्मीर से आर्ट‍िकल 370 को हटाने का एतिहासिक फैसला लिया तो देश का बड़ा तबके ने इसे सराहा तो चंद लोग इस निर्णय को लेकर निराश भी नजर आए. भारत पाकिस्तान के बीच झूलते कश्मीर का इतिहास बेहद खास और खूबसूरत है. 

कश्मीर का इतिहास खंखालने पर आपको भारत की ही तरह इसमें हिंदू, मुस्लिम और ईसाई जैसे सभी धर्मों की झलक साफ देखने को मिलेगी. जिसे देखकर कोई भी कह सकता है कि कश्मीर भी अंखड भारत का ही हिस्सा है. आइए जानते हैं कैसे इस खूबसूरत धरती का इतिहास हजरत बल और ईसा से जुड़ा हुआ है.

रौजाबल-

कश्मीर में श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में एक इमारत है. इस इमारत को रौजाबल के नाम से पहचाना जाता है. रौजाबल एक गली के नुक्कड़ पर पत्थर से बनी एक साधारण सी इमारत है. इस जगह के इतिहास में ऐसे लोगों की भी दिलचस्पी है, जो कश्मीर के भूगोल में कोई इंट्रेस्ट नहीं रखते. दावा किया जाता है कि ये रोज़ाबल श्राइन, ईसामसीह की कब्र है. वैसे रौज़ा का अर्थ होता है कब्र और बल का मतलब जगह होता है. 

रौजाबल-

ऐसी मान्यता है कि ईसा मसीह ने सूली से बचकर 2000 साल पहले अपनी ज़िंदगी के बाकी दिन कश्मीर में ही गुज़ारे थे. जिसके बाद श्रीनगर में उनकी एक मजार बना दी गई. जो आज विदेशियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन चुकी है. ईसा मसीह की 13 से 30 साल की उम्र के बीच की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. कई लोग दावा करते हैं कि इस बीच वे हिंदुस्तान आए और बुद्ध के प्रभाव में रहे. ईसा की शिक्षाओं में कई जगहों पर बुद्ध की बातों के साथ समानताओं को इसका आधार बनाया जाता है.

हजरतबल दरगाह-

हजरतबल दरगाह जम्मू कश्मीर के श्रीनगर शहर में स्थित एक प्रसिद्ध दरगाह है. मान्यता है कि इस दरगाह में इस्लाम के नबी, पैगम्बर मुहम्मद, का एक दाढ़ी का बाल रखा हुआ है, जिस से लाखों लोगों की आस्थाएं जुड़ी हुई हैं. कश्मीरी भाषा में ‘बल’ का अर्थ ‘जगह’ होता है, और हजरतबल का अर्थ है ‘हजरत (मुहम्मद) की जगह’. हजरतबल डल झील की बाई ओर स्थित है और इसे कश्मीर का सबसे पवित्र मुस्लिम तीर्थ माना जाता है. फारसी भाषा में ‘बाल’ को ‘मू’ या ‘मो’ कहा जाता है, इसलिए हज़रतबल में सुरक्षित बाल को ‘मो-ए-मुक़द्दस’ या ‘मो-ए-मुबारक’ (पवित्र बाल) भी कहा जाता है. 
हजरतबल दरगाह-

हज़रतबल को लेकर यह मान्यता है कि पैगम्बर मुहम्मद के वंशज सय्यद अब्दुल्लाह साल 1635 में मदीना से चलकर भारत आए और यहां के आधुनिक कर्नाटक राज्य के बीजापुर क्षेत्र में बस गए थे. अपने साथ वह इस पवित्र केश को भी लेकर आए थे. जब सय्यद अब्दुल्लाह का स्वर्गवास हुआ तो उनके पुत्र, सय्यद हामिद, को यह पवित्र केश विरासत में मिला. उसी काल में मुग़ल साम्राज्य का उस क्षेत्र पर क़ब्ज़ा हो गया और सय्यद हामिद की ज़मीन-सम्पत्ति छीन ली गई. 

हजरतबल दरगाह-

मजबूर होकर उन्हें यह पवित्र-वस्तु एक धनवान कश्मीरी व्यापारी, ख़्वाजा नूरुद्दीन एशाई को बेचनी पड़ी. व्यापारी द्वारा इस लेनदेन के पूरा होते ही इसकी भनक मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब तक पहुंच गई, जिसपर यह बाल नूरुद्दीन एशाई से छीनकर अजमेर शरीफ़ में मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर भेज दिया गया और व्यपारी को बंदी बना लिया गया. कुछ अरसे बाद औरंगज़ेब का मन बदल गया और उसने बाल नूरुद्दीन एशाई को वापस करवाया और उसे कशमीर ले जाने की अनुमति दे दी. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नूरुद्दीन एशाई ने कारावास में ही दम तोड़ दिया था. 

हजरतबल दरगाह- 

पवित्र बाल उनके शव के साथ साल 1700 में कश्मीर ले जाया गया जहां उनकी बेटी, इनायत बेगम, ने पवित्र वस्तु के लिये दरगाह बनवाई. इनायत बेगम का विवाह श्रीनगर की बान्डे परिवार में हुआ था इसीलिए तब से इसी बान्डे परिवार के वंशज इस पवित्र केश की निगरानी के लिये ज़िम्मेदार हो गए.

महाराज हरि सिंह-

महाराज हरि सिंह का जन्म 21 सितंबर 1895 को जम्मू में हुआ था. जबकि मत्यु 26 अप्रैल 1961 मुंबई में हुई. महाराजा हरि सिंह जम्मू और कश्मीर रियासत के अंतिम शासक महाराज थे. वे महाराज अमर सिंह के सबसे छोटे पुत्र थे. हरि सिंह को जम्मू-कश्मीर की राजगद्दी अपने चाचा, महाराज प्रताप सिंह से वीरासत में मिली थी. उन्होंने अपने जीवनकाल में चार विवाह किए थे. 

महाराज हरि सिंह-

हरि सिंह, डोगरा शासन के अंतिम राजा थे जिन्होंने जम्मु के राज्य को एक सदी तक जोड़े रखा. जम्मु राज्य ने 1947 तक स्वायत्ता और आंतरिक सपृभुता का आनंद लिया. यह राज्य न केवल बहुसांस्कृतिक और बहुधमी॔ था, इसकी दूरगामी सीमाएं इसके दुर्जेय सैन्य शक्ति तथा अनोखे इतिहास का सबूत हैं. हरि सिंह ने २६ अक्तुबर १९४७ को परिग्रहन के साधन पर हस्ताक्षर किए और इस प्रकार अपने जम्मु राज्य को भारत के अधिराज्य से जोड़ा.

महाराज हरि सिंह-

हरि सिंह ने नेहरु जी तथा सरदार पटेल के कहने पर १९४९ में अपने पुत्र तथा वारिस युवराज करन सिंह को जम्मु का राज-प्रतिनिधि नियुक्त किया. उन्होंने अपने जीवन के आखरी पल जम्मु में अपने हरि निवास महल में बिताए. उनकी मृत्यु २६ अप्रैल १९६१ को मुंबई में हुई. उनकी इच्छानुसार उनकी राख को जम्मु लाकर तवि नदी में बहा दिया गया.  

विद्या के अंतिम दर्शन को पहुंचे ये सितारे, फिल्मी दुनिया के बड़े चेहरे ‘गायब’

एक ज़माने में बॉलीवुड की बड़ी एक्ट्रेस में शुमार विद्या सिन्हा का 71 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया. उन्होंने जुहू स्थित क्रिटीकेयर अस्पताल में आखिरी सांस ली. विद्या सिन्हा लंबे वक्त से बीमार थीं. 

कई सुपरहिट फिल्मों में नजर आईं विद्या के निधन से बॉलीवुड और टीवी सेलेब्स शोक में हैं. गुरुवार को विद्या सिन्हा के अंतिम दर्शन के लिए कई सितारे जुटे. परिवार और करीबी अंतिम यात्रा में शामिल हुए. 

तस्वीर में विद्या सिन्हा के पार्थिव शरीर को ले जाते हुए. परिवार के करीबी और इंडस्ट्री के नामी सितारे एक्ट्रेस की अंतिम यात्रा में शामिल हुए. हालांकि इंडस्ट्री के बड़े चेहरे नजर नहीं आए. 

विद्या सिन्हा को लंग्स और कार्डिएक डिसऑर्डर की शिकायत थी. पिछले साल भी एक्ट्रेस को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बीते दिनों में विद्या की हालत बहुत नाजुक हो गई थी. 
विद्या सिन्हा को फिल्म छोटी सी बात, रजनीगंधा, पति, पत्नी और वो के लिए याद किया जाता है. विद्या सिन्हा ने फिल्मों के अलावा टीवी शोज में भी काम किया है.

त्रिवेणी नदी ने लिया उग्र रूप! जल्द छलक सकता है ‘बीसलपुर‘ बांध, टूट गया पिछले साल का रिकॉर्ड

जयपुर/राजमहल। मौसम विभाग ( IMD ) की चेतावनी के बाद राजस्थान में भारी बारिश ( Heavy Rain in Rajasthan ) का दौर जारी है। भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़, राजसमंद सहित कई जिलों में भारी बारिश होने से सभी नदियां उफान पर आ गई है। प्रदेश की सबसे बड़ी पेयजल परियोजना बीसलपुर बांध ( Bisalpur Dam ) में पानी की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे बांध इस बार छलकने को आतुर हो गया है। बीसलपुर बांध ( Bisalpur Dam Water Level ) में हुई पानी की आवक ने पिछले साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है और सुबह 9 बजे बांध का गेज 311.21 आरएल मीटर पहुंच गया है। पिछले साल मानसून ( Monsoon ) के दौरान बीसलपुर बांध में जलस्तर 310.26 आरएल मीटर सर्वोच्च स्तर रहा था। वहीं इस बार सीजन में पिछले सप्ताह ही डेम ने यह आकंड़ा पार कर लिया। बीती शाम 6 बजे डेम में जलभराव 310.78 आरएल मीटर था। बांध क्षेत्र में बीते 24 घंटों के दौरान कुल 71 एमएम बारिश दर्ज की गई है वहीं सीजन की अब तक कुल 538 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है।

त्रिवेणी ने लिया उग्र रूप 
वहीं बीसलपुर बांध को भरने वाली त्रिवेणी नदी ( Triveni River ) पहली बार इतने उग्र रूप में नजर आ रही है। त्रिवेणी नदी पूरे शबाब पर बह रही है और उसका गेज 7 मीटर पर चल रहा है। जिसके चलते बीसलपुर बांध में पानी बांध के छलकने के आसार बनने लगे है। जल संसाधन विभाग के अनुसार भीलवाड़ा, चित्तौडगढ़़ और राजसमंद जिलों में हुई तेज बारिश से गंभीरी, खारी, डाई और भेड़च नदियों में पानी से बीसलपुर बांध में पानी की आवक शुरू हो गई है और आगामी दिनों में पानी की आवक इसी गति से रहने पर पर बांध के गेट खोलने की पूरी उम्मीद जाग गई है।

दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड को खरीदना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संपत्तियां खरीदने का काफी शौक है. उनके नाम पर ट्रंप टावर है. राष्ट्रपति बनने से पहले वह रियल एस्टेट के बिजनेस में थे. अब उनकी ख्वाहिशों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है. ट्रंप अब डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदना चाहते हैं. इसको लेकर उन्होंने अपने सहयोगियों से चर्चा भी की है. ट्रंप के एक सहयोगी ने न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए चर्चा की, हालांकि वह इसपर गंभीर नहीं थे.

ये कोई पहला मौका नहीं है जब अमेरिकी नेता दुनिया के सबसे सबसे बड़े द्वीप, डेनमार्क के एक स्वायत्त क्षेत्र को खरीदने की कोशिश की. साल 1946 में अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने ग्रीनलैंड को खरीदने के लिए डेनमार्क को 100 मिलियन डॉलर देने का प्रस्ताव दिया था.

हालांकि ट्रंप की ताजा कोशिशों पर ना ही व्हाइट हाउस और ना ही डेनमार्क ने कोई टिप्पणी की. द्वीप के उत्तर-पश्चिम में ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सेना का पहले से ही एक बड़ा एयरबेस है. इसपर 600 कर्मचारी हैं और देश की वैश्विक रडार प्रणाली में महत्वपूर्ण है.

डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर डेनमार्क जाएंगे, हालांकि माना जा रहा है कि ग्रीनलैंड उनके एजेंडे में नहीं होगा. वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक ट्रंप को मालूम पड़ा था कि डेनमार्क को आर्थिक सहयोग की जरूरत है. पिछले साल डिनर के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को भी उठाया था. ग्रीनलैंड को खरीदने की बात सोचते हुए उन्होंने मेहमानों से पूछा था कि आप लोग इसके बारे में क्या सोचते हैं.

BSP प्रमुख मायावती बोलीं- सरकार जम्मू कश्मीर के निवासियों की भलाई का दावा कर रही है, मगर…

लखनऊ: बसपा अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को कहा कि सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों को विश्वास दिलाना चाहिए कि वह उनकी भलाई के लिए काम कर रही है. मायावती ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से दिए गए सम्बोधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि सरकार जम्मू कश्मीर के निवासियों की भलाई का दावा कर रही है, मगर उसे जनता को इसका एहसास भी दिलाना चाहिए. उन्होंने अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने के बाद उत्पन्न हालात की तरफ इशारा करते हुए कहा “जहां तक जम्मू-कश्मीर की बात है, तो वहां के लोगों को इस बात का एहसास होना चाहिए कि सरकार उनके हित और भलाई के लिए काम कर रही है, जैसा कि दावा किया जा रहा है.” 

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का अपने भाषण में देश भर में छाई खासकर व्यापक गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और अशिक्षा के साथ-साथ हिंसा, तनाव और जातिवादी द्वेष जैसे मुद्दों का कोई जिक्र ना करना यह साबित करता है कि देश की आम जनता के जीवन में बेहतर बदलाव की आशा बहुत कम है. उन्होंने कहा कि ज्यादातर सरकारी घोषणाएं और दावे कागजी ही नजर आते हैं. जमीन पर कुछ भी नहीं दिखाई देता. इससे देश का भला कैसे हो सकता है. प्रधानमंत्री अपने भाषण में इन मुद्दों के साथ साथ देश में भयमुक्त वातावरण बनाने के बारे में भी कुछ बोलते तो अच्छा होता.  

मप्र / कमलनाथ ने हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया; बोले- अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने की जरुरत

भोपाल.मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार कोकहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ ही अपराधों, खासतौर पर महिला अपराधों पर सख्ती से रोक लगाएजाने की आवश्यकता है।कमलनाथ यहां भोपाल जिले के अत्याधुनिक सुसज्जित पुलिस कंट्रोल रूम का उद्घाटन कर रहे थे। इस भवन में सीसीटीवी सिस्टम भी स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को नागरिकों से सहयोग लेना चाहिए। पुलिस और जनता के बीच में आपसी तालमेल और संबंध भी मजबूत करने की आवश्यकता है। इससे हमें अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपराधों की रोकथाम के लिए स्थापित निगरानी सिस्टम का अधिक से अधिक उपयोग करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (दूरसंचार) उपेंद्र जैन ने पुलिस कंट्रोल रूम में स्थापित सीसीटीवी सिस्टम से भोपाल शहर में की जा रही निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी। इस तरह के अत्याधुनिक सुसज्जित कंट्रोल रूम मध्यप्रदेश के सात शहरों में स्थापित किए गये हैं। इसमें 11 हजार 500 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। इस सीसीटीवी कैमरे के जरिए यातायात प्रबंधन के साथ अपराधों पर भी सीधे निगरानी रखी जा सकेगी।

अनुच्‍छेद 370: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर वकील को लगाई कड़ी फटकार, कहा- ये क्‍या बकवास अर्जी है

नई दिल्‍ली : जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने पर वकील एमएल शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से कड़ी फटकार मिली है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने याचिकाकर्ता से पूछा ‘यह कैसी याचिका है. इतने गम्भीर मसले पर बकवास तरह से याचिका दायर की गई है’.

सीजेआई ने याचिकाकर्ता वकील को जमकर फटकार लगाते हुए कहा- जनहित याचिका के साथ कोई एनेक्‍सचर नहीं लगाया गया है. मैं आपकी याचिका आधे घंटे से पढ़ने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन कुछ समझ नहीं पा रहा. आपकी प्रेयर क्या है.. कुछ पता नहीं, आप कहना क्या चाहते हैं.. कुछ पता नहीं?

इसके साथ ही चीफ जस्टिस ने कहा कि आपकी याचिका ऐसी नहीं है जिस पर सुनवाई की जा सके. आपकी याचिका हम खरिज कर देते, लेकिन ऐसा करने से इस मामले में दायर कई और याचिकाओं पर असर पड़ेगा.

दरअसल, वकील एमएल शर्मा ने याचिका में जम्मू-कश्मीर से अनुचछेद 370 हटाने का विरोध किया है.

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उल्‍लेखित किया कि जम्‍मू कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाए जाने को लेकर छह याचिकाएं दायर हुई हैं, लेकिन उनमें से चार अभी भी दोषपूर्ण हैं और यह मुद्दे पर याचिकाकर्ता की गंभीरता को दर्शाता है. कोर्ट ने कहा कि सभी याचिकाओं को एक साथ सुनेगें. सभी याचिकाओं में डिफेकट दूर होने के बाद सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाएगा.

सीमा पर PAK को करारा जवाब, सेना की गोली से एक और पाकिस्तानी सैनिक ढेर

इस्लामाबाद। भारतीय सेना ने सीमा पर पाकिस्तान आर्मी को एक और करारा जवाब दिया है। भारतीय सेना ने सीमा पर गोलीबारी में एक और पाकिस्तानी सैनिक को ढेर कर दिया है। पाकिस्तानी आर्मी ने शुक्रवार को कहा कि एक दिन पहले सीजफायर उल्लंघन में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई गोलीबारी में एक और पाकिस्तानी सैनिक की मौत हो गई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक ट्वीट कर खुद इस बात की जानकारी दी कि उनका एक और पाकिस्तानी सैनिक सीमा पर मारा गया है।

बता दें, इससे पहले भारतीय सेना ने गुरुवार को सीमा पर गोलीबारी में तीन पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर कर दिया था। इस तरह भारत ने पिछले 24 घंटे में 4 पाकिस्तानी सैनिकों को सीमा पर मार गिराया है।

ना’पाक’  मंसूबों को सेना का करारा जवाब
गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के दिन भी पाकिस्तानी सेना ने सीमा पर अपने नापाक मंसूबे एकबार फिर दिखाए।सेना के सूत्रों ने बताया कि उसी दिन उरी और राजौरी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए भारी गोलाबारी शुरू कर दी। इस पर भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की ओर पाक सेना के तीन जवान मार गिराए और दुश्मन के कई बंकर भी नष्ट कर दिए। इसके अलावा पाकिस्तान के कई सैनिकों के घायल होने की भी खबर है।इसके अलावा पाकिस्तान के कई सैनिकों के घायल होने की भी खबर है।

हालांकि, भारतीय सेना के सूत्रों ने पाकिस्तान द्वारा किए गए उन दावों का खंडन किया है जिसमें कहा गया है कि नियंत्रण रेखा के पास सीजफायर उल्लंघन में पांच भारतीय सैनिक भी मारे गए।

बता दें, पाकिस्तानी आर्मी की ओर से तब सीजफायर उल्लंघन किया गया, जब भारत अपना 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था।भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की गई असुरक्षित गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत ने पाकिस्तान से दोनों देशों के बीच 2003 के संघर्ष विराम व्यवस्था का सम्मान करने का हमेशा आग्रह किया है, लेकिन पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से कभी बाज नहीं आता और आए दिन सीमा पर गोलीबारी करता रहता है।

पूर्व PM वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि, राष्ट्रपति-PM समेत दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता रहे अटल बिहारी वाजपेयी की आज पहली पुण्यतिथि है. देश के कई बड़े नेता आज उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. नई दिल्ली में उनके स्मृति स्थल ‘सदैव अटल’ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे. अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत काफी लंबी समय से खराब थी, लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त, 2018 को उनका निधन हो गया था.

दिल्ली स्थित सदैव अटल पर अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर बड़ा कार्यक्रम किया जा रहा है. अटल बिहारी वाजपेयी की बेटी नमिता कौल भट्टाचार्य, पोती निहारिका समेत परिवार के भी कई अन्य सदस्य वहां पर पहुंचे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री के स्मृति स्थल पर आज भजन का कार्यक्रम चल रहा है, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है.

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी ट्विटर पर अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी.

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के निधन के बाद BJP ने उनकी अस्थियों को देश की 100 नदियों में प्रवाहित किया था और इसकी शुरुआत हरिद्वार में गंगा में विसर्जन के साथ हुई थी. अपनी कविताओं और भाषणों के लिए हमेशा जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा के संस्थापकों में से एक थे.  

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को 2014 में देश के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था. वो पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही चल पाई थी.

1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीने तक चली थी. 1999 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया. 2004 के बाद तबीयत खराब होने की वजह से उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली थी.