चीन को लेकर WTO पर अमेरिका की भौंहें तनीं, कहा-निकल जाएंगे बाहर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थितियों में सुधार न होने पर अमेरिका को विश्व व्यापार संगठन से बाहर निकालने की धमकी दी है. ट्रंप ने मंगलवार को पेंसिल्वेनिया में एक शेल रासायनिक संयंत्र में श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि हम ये करेंगे. असल में, अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में चीन का विकासशील राष्ट्र का दर्जा उससे वापस लेने की चेतावनी दी है जिसे चीन ने अमेरिका का घमंड और उसका स्वार्थीपन करार दिया है.

बहरहाल, ट्रंप ने कहा, ‘हम जानते हैं कि वे (चीन) सालों से हमसे पंगा ले रहे हैं और ऐसा दोबारा नहीं होने जा रहा है.’ ट्रंप ने डब्ल्यूटीओ को उसके पिछले कई कदमों का जिक्र करते हुए उस पर निशाना साधा है और अमेरिका को डब्ल्यूटीओ से बाहर निकालने की धमकी दी है. उन्होंने दावा किया कि डब्ल्यूटीओ अमेरिका के प्रति अनुचित व्यवहार कर रहा है और कहा कि डब्ल्यूटीओ वॉशिंगटन की अनदेखी नहीं कर सकता है.

ट्रंप ने कहा कि संगठन में शामिल किए जाने के वक्त चीन को प्रदान की गई शर्तों को लेकर अमेरिका की शिकायत है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रौद्योगिकी के चीन द्वारा चोरी के बारे में अमेरिका ने शिकायतें दी थीं. लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका के पास वास्तव में वैश्विक व्यापारिक संस्था द्वारा मध्यस्थता से विवादों को जीतने का एक सफल रिकॉर्ड है. ट्रंप का दावा है कि संस्थान के नियमों में सुधार के लिए जब भी कहा गया ट्रंप प्रशासन ने प्रभावी रूप से अपने रुख में नरमी बरती है.

चीन जता चुका है आपत्ति

बता दें कि चीन ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका का विश्व व्यापार संगठन में चीन का ‘विकासशील राष्ट्र’ का दर्जा उससे वापस लेने की चेतावनी उसके ‘घमंड’ और ‘स्वार्थीपन’ को बताता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गत शुक्रवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइथाइजर को भेजे गए एक निर्देश के बाद चीन ने सोमवार को यह प्रतिक्रिया जाहिर की थी.

इस निर्देश में कहा गया है कि व्यापार नियमों की वैश्विक व्यवस्था का संचालन और विवादों का निपटारा करने वाले डब्ल्यूटीओ द्वारा विकसित और विकासशील देशों के बीच किया जाने वाला विभाजन अब पुराना पड़ गया है. इसका परिणाम यह हो रहा है कि डब्ल्यूटीओ के कुछ सदस्य बेजा फायदा उठा रहे हैं.

माना जा रहा है कि यह निर्देश चीन को ध्यान में रखकर दिया गया है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ट्रंप प्रशासन की यह मांग उसके ‘घमंड’ और ‘स्वार्थीपन’ को बताती है. उन्होंने कहा कि एक या कुछ देशों को यह निर्णय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि किसी देश को विकासशील देशों की श्रेणी में रखना है और किसे नहीं.

गौरतलब है कि डब्ल्यूटीओ में विकासशील देश का दर्जा मिलने से विश्व व्यापार संगठन संबंधित सरकारों को मुक्त व्यापार प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए लंबी समय-सीमा प्रदान करता है और साथ ही ऐसे देशों को अपने कुछ घरेलू उद्योगों का संरक्षण करने और राजकीय सहायता जारी रखने की अनुमति होती है.

मुशर्रफ के रिश्तेदार के फंक्शन में गाना पड़ा महंगा, मीका सिंह पर भारत में लगा बैन

नई दिल्ली, । पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के रिश्तेदार की बेटी की शादी के फंक्शन में परफॉर्म करना सिंगर मीका सिंह को काफी महंगा पड़ गया है। अपनी इस परफॉर्मेंस के लिए कड़ी आलोचना झेल रहे मीका को अब ऑल इंडियन सिने वर्कर्स असोसिएशन (AICWA) के गुस्से का भी सामना करना पड़ा है। AICWA ने मीका पर बैन लगा दिया है। जिसका एक ऑफिशियल स्टेटमेंट भी जारी किया गया है।

अगर बैग के खिलाफ मीका के साथ किसी ने काम किया तो….

बीते दिनों कराची में मीका ने मुशर्रफ के रिश्तेदार की बेटी की शादी में परफॉर्म किया था, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हुई थी। अब सिंगर की इस परफॉर्मेंस के लिए AICWA ने सख्त कदम उठाते हुए उनपर बैन लगा दिया है। असोसिएशन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि अगर बैन के खिलाफ जाकर कोई भी मीका के साथ काम करना चाहता है, तो उसके भी खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपने बयान में AICWA ने ये भी कहा कि मीका ने देश और देश के सम्मान के ऊपर पैसों को अहमियत दी, जो की दुर्भाग्यपूर्ण है।

जानें, मीका सिंह से जुड़ा ये पूरा विवाद क्या है?
8 अगस्त की रात को कराची में मीका सिंह ने परफॉर्म किया था। जिस पार्टी में उन्होंने परफॉर्म किया, वहां ISI के शीर्ष अधिकारी समेत भारत के मोस्टवांडेड दाऊद इब्राहिम के परिवार के लोग में मौजूद थे।
ये जनरल मुशर्रफ के रिश्तेदार की बेटी की शादी के फंक्शन की पार्टी थी। मीका ने मेंहदी की रस्म के दौरान परफॉर्म किया था।
कराची की इस हाईप्रोफाइल पार्टी का आयोजन मुशर्रफ के करीबी कहे जाने वाले और उनके रिश्तेदार अदनान असद ने किया था। असद की ही बेटी की शादी का ये फंक्शन था। जिसके मेंहदी के फंक्शन में उन्होंने ‘मीका सिंह नाइट’ का आयोजन किया था।
लोगों का गुस्सा इसलिए भी मीका पर है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद उन्होंने ये पर्फार्मेंस दी। जबकि पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ बयानबाजी कर रहा था। यहां तक की, पाकिस्तान ने तो भारतीय सिनेमा पर भी बैन लगा दिया था। मीका के इस कदम को लोगों ने देशभक्ति से जोड़ते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बता दें कि 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के प्रभाव को खत्म करने का प्रस्ताव संसद में पेश किया गया था। धारा 370 जम्मू-कश्मीर को कई विशेषाधिकार देती थी। इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया गया है- एक लद्दाख और दूसरा जम्मू-कश्मीर। यहां तक की जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा भी छीनकर उसे और लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश घोषित कर दिया गया है।

जानिए- कौन हैं PM नरेंद्र मोदी की पाकिस्तानी बहन, 24 सालों से बांध रहीं उन्हें राखी

नई दिल्ली,एजेंसी। रक्षाबंधन… भाई और बहन के प्यार का प्रतीक, इस त्यौहार का सभी भाई-बहनों को लंबे समय से इंतजार रहता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी महिलाओं से लेकर स्कूल की लड़कियां तक राखी भेजती है। लेकिन, अब जो कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं वो सीधा आपके दिल को छू जाएगी। पाकिस्तान की एक महिला जिसका नाम कमर मोहसिन शेख हैं वह लगभग पिछले 24 सालों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी बांधती आ रहीं हैं। 

कौन है कमर मोहसिन शेख
कमर मौहशीन शेख ने मूल रूप से पाकिस्तान की है। शादी के बाद वह भारत आ गई थीं। तभी से वह भारत में रह रही हैं। फिलहाल, वह अहमदाबाद में रहती है। उनके पति एक पेंटर है। 
कैसे हुई पीएम मोदी और मोहसिन की मुलाकात
मोहसिन और पीएम मोदी की मुलाकात उन दिनों हुई थी जब वह आरएसएस से जुड़े हुए थे। दरअसल, एक बार मोहसिन अपने पति का साथ दिल्ली किसी काम से आईं थी। उस दिन रक्षाबंधन था। तब उन्होंने पीएम मोदी से राखी बांधने का आग्रह किया। पीएम ने भी हामी भरी और तभी से मोहसिन उन्हें राखी बांधती आ रही है। 

2017 में पीएम मोदी ने खुद फोन करके बुलाया था
साल 2017 में मोहसिन को लगा की शायद पीएम मोदी काम में व्यस्त हैं इस वजह से उन्होंने फैसला किया कि वह इस बार उन्हें राखी बांधने नहीं जाएंगी। लेकिन, पीएम मोदी ने खुद दो दिन पहले उन्हें फोन करके आने के लिए कहा। मोहसिन ने कहा कि वह फोन कॉल आने के बाद बेहद खुश हुई थी।

मोहसिन ने एक बार कहा था कि उन्होंने पीएम मोदी से कहा था कि मैं आज जो कुछ भी हूं सिर्फ आपकी वजह से हूं। पीएम सिर्फ मेरा ही हाल चाल नहीं पूछते बल्कि मेरे बेटे सुफियान और मेरे पति के बारे में भी पूछते हैं। ये सब देखकर मुझे लगता है कि मैं इस दुनिया की सबसे खुशकिस्तम इंसान हूं। 

पीएम मोदी से क्या तोहफा चाहती है उनकी बहन
मोहसिन से जब पूछा गया था कि वह पीएम मोदी से तोहफे में क्या चाहती हैं तो उन्होंने जवाब दिया था कि वह सिर्फ उनका आशीर्वाद चाहती हैं। उनका आशीर्वाद ही उनके लिए सबकुछ है। 

इस साल स्वतंत्रता दिवस के दिन ही रक्षाबंधन है, पीएम मोदी पहले लाल किले से लोगों को संबोधित करेंगे इसके बाद वह अपना 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर रक्षाबंधन मनाएंगे।

22 शहरों में झमाझम, भोपाल-सागर मार्ग 7 घंटे बंद, छिंदवाड़ा में 9 लोगों को बचाया

भाेपाल .प्रदेश में दाे मानसूनी सिस्टम फिर सक्रिय हाे गए हैं। इस वजह से मंगलवार काे 22 शहराें में झमाझम बारिश हुई। राजधानी सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में झमाझम का दौर जारी है।सागर व दमाेह में ढाई इंच से ज्यादा और गुना- जबलपुर में दाे इंच पानी बरसा। इसके अलावा मालवा- निमाड़, बुंदेलखंड, महाकाैशल, ग्वालियर- चंबल इलाकाें के कई शहर भी बारिश से तर हुए। लगातार हाे रही बारिश की वजह से जबलपुर के बरगी, गुना के गाेपीकृष्ण और राजगढ़ के कुंडलिया डैम के गेट भी खाेलना पड़े।

स्थानीय मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के सागर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, रीवा, सतना, सिंगरौली, दतिया, गुना, अशोकनगर, श्योपुरकलां, मुरैना, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, बालाघाट, खंडवा, हरदा, होशंगाबाद, देवास, सीहोर, विदिशा एवं रायसेन जिलों में आज कहीं-कहीं भारी वर्षा और कहीं अति भारी वर्षा होने की भी चेतावनी दी है।

एक किसान की मौत, तीन गंभीर:सागर जिले के भानगढ़ थाना क्षेत्र में नदी में डूबने से एक किसान की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आज सुबह चार किसान उफनती पुलिया पार कर अपने खेत पर जा रहे थे। तभी एक किसान बह गया। उसे बचाने बाकी के तीन किसान भी गहरे पानी में कूद गए। पीछे आ रहे अन्य ग्रामीणों चारों को बमुश्किल बाहर निकाला। तबतक एक किसान की मौत हो चुकी थी। अन्य तीन किसानों की हालत गंभीर बनी हुई है।

सुरक्षित बचाया: सागर के दारी गांव में बने एक ब्रिज पर भी पानी भर गया था। पानी से लबालब हुए ब्रिज को पार करने के चक्कर में एक गाड़ी उसमें फंस गई। गाड़ी में कई लोग सवार थे और पानी तेजी से बढ़ता जा रहा था। इसके चलते गाड़ी आधी से ज्यादा डूब गई थी। ऐसे में फंसे लोगों को निकालने के लिए कई लोग अपनी जान पर खेल गए और गाड़ी में फंसे लोगों को एक-एककर बाहर निकालना शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद सभी लोग सकुशल बाहर आ गए।

राजधानी में मंगलवार शाम इस सीजन में दूसरी बार भदभदा के गेट खोले गए। रात में सीहोर में हुई बारिश के कारण डैम फिर लबालब हो गया है। दोपहर बाद एक बार फिर गेट खोले जाएंगे।भारी बारिश के कारण मंगलवार काे भोपाल-सागर मार्ग 7 घंटे बंद रहा। राहतगढ़ टोल नाके के आगे होरा परासरी पुलिया के ऊपर बाढ़ का पानी आ गया। जिससे सुबह 11 से शाम 6 बजे तक इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रही। इस दौरान बसें विदिशा मार्ग से निकलीं। बीना नदी में उफान की बजह से खुरई से पठारी व राहतगढ़ के रास्ते भी बंद रहे।

प्रदेश के बांधाें की स्थिति

बरगी- फुल लेवल : 422.76अब तक भरा : 421.50गांधी सागर : फुल लेवल : 399.90अब तक : 392.62तवा डैम: फुल लेवल : 355.40अब तक 353.69इंदिरा सागर : फुल लेवल : 262.13अब तक : 260.10(आंकड़े मीटर में)

कहां-कितनी बारिश

सागर 68.0दमाेह 67.0रायसेन 18.0नाैगांव 19.0जबलपुर 56.2गुना 50.0खजुराहाे 43.0पचमढ़ी 27.0रीवा 24.0इंदाैर 8.0

(बारिश मिमी में)

अलीराजपुर : पिकनिक मनाने गए थे 78 बच्चे, एक डूबा : जिले के डान बास्को स्कूल एकेडमी के 78 बच्चों का दल 7 शिक्षकों के साथ गुजरात स्थित छोटा उदयपुर के वनार में पिकनिक मनाने गया था। वहां कक्षा 7वीं के छात्र सौरभ (12) पिता थानसिंह की डूबने से मौत हो गई। घटना सोमवार दोपहर की है। जिसकी सूचना परिजनों को शाम को दी गई। परिजन ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार काे बेटे के शव को स्कूल के गेट के सामने रख प्रदर्शन किया।

आज व कल भी प्रदेशभर में बारिश :माैसम विशेषज्ञ एसके नायक ने बताया कि बुधवार एवं गुरुवार काे प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में भारी बारिश हाेने का अनुमान है।

पिकनिक मनाने गए नौ लाेग फंसे, पुलिस ने निकाला :छिंदवाड़ा में माचागोरा बांध पर पिकनिक पर गए नौ लोग वहां जलस्तर बढ़ने से फंस गए। अचानक करवाचा नदी का प्रवाह तेज हो गया तो वहां फंसे लोग एक पेड़ पर चढ़ गए। बाद में पुलिस की टीम ने उन्हे सुरक्षित बाहर निकाला।

बुरहानपुर : दाे दाेस्तों के डूबने का वीडियो सामने आया, शव भी मिले – महलगुलआरा की उतावली नदी में डूबे दाे युवकों का मौत से चंद सेकंड पहले का वीडियाे सामने आया है। इसमें रेहान गहरे पानी में डूब रहा है और उसे बचाने के प्रयास में अरमान भी उसके साथ डूब गया। दोनों बुरहानपुर के निवासी थे, जो सोमवार को नदी में डूब गए थे। मंगलवार को उनके शव मिल गए हैं। यह वीडियाे उनके साथ गया दोस्त शादाब बाहर खड़े होकर बना रहा था। वह मदद के लिए चिल्लाया भी।

अयोध्या केस LIVE: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- मंदिर बाबर के आदेश पर गिरा था, इसका क्या सबूत?

रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई जारी है. 5 अगस्त से शुरू हुई इस सुनवाई का बुधवार को छठा दिन है. मंगलवार की सुनवाई में रामलला की तरफ से वकील सी. एस. वैद्यनाथन ने अपनी दलीलें रखीं और आज भी वह ही अपनी बात आगे बढ़ा रहे हैं. इस दौरान अदालत ने एक बार फिर रामलला पक्ष से जन्मभूमि पर कब्जे के सबूत मांगे थे. रामलला विराजमान से पहले निर्मोही अखाड़ा अपने तर्क अदालत में रख चुका है. बुधवार की सुनवाई के अपडेट यहां पढ़ें…

14.8.2019 की सुनवाई के अपडेट.

12.23 PM: रामलला के वकील वैद्यनाथन ने कहा कि अयोध्या शहर में जब बौद्ध का राज था, तभी से ही शहर का पतन शुरू हुआ. कई लोगों ने इस स्थान को खराब किया, हिंदुओं की मुख्य जगहों पर तीन मस्जिदें बनाई गईं. जिनमें से एक रामजन्मभूमि था. इस दौरान उन्होंने पुरातत्व विभाग की 1863, 1864, 1865 की रिपोर्ट भी पढ़ी. इसमें चीनी स्कॉलर फा हाइन के द्वारा राम की नगरी अयुता में आने का जिक्र है. राजा विक्रमादित्य ने अयोध्या में 368 मंदिर बनवाए, जिसमें रामजन्मभूमि पर बनाया गया मंदिर भी शामिल है.

11.55 AM: रामलला विराजमान के वकील वैद्यनाथन ने इस दौरान ब्रिटिश सर्वाईवर मार्टिन के स्केच का जिक्र किया, जिसमें 1838 के दौरान मंदिर के पिलर दिखाए गए थे. रिपोर्ट में दावा किया गया कि रामजन्मभूमि पर मंदिर ईसा मसीह के जन्म से 57 साल पहले मंदिर बना था. हिंदुओं का मानना है कि मुगलों के द्वारा मंदिर को तोड़ा गया. उन्होंने कहा कि यूरोप के इतिहास में तारीखों का जिक्र अहम है, लेकिन हमारे इतिहास में घटना महत्वपूर्ण है.

इस पर जस्टिस बोबडे ने कहा कि तभी हमारे यहां इसे इतिहास कहा गया है, जिसमें तारीख नहीं इवेंट का जिक्र है. बाद में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि तो आप हमें इस वक्त तारीख या फैक्ट दिखाने के लिए बल्कि लोगों की आस्था को दर्शाने के लिए सबूत पेश कर रहे हैं.

11.41 AM: अयोध्या मसले पर सुनवाई जारी है. इस दौरान रामलला के वकील वैद्यनाथन ने जोसेफ टाइफेंथलर का हवाला देकर कुछ पढ़ा. जिसमें राम की याद में सरयू नदी के किनारे कुछ इमारतें बनाई गई हैं. जिसमें से एक स्वर्ग द्वार भी था. जो बाद में औरंगजेब के द्वारा गिराया गया, कुछ जगह जिक्र है कि बाबर के द्वारा गिराया गया.

इस पर जस्टिस भूषण ने कहा कि इसी में 5 इंच के एक पालना का भी जिक्र है, क्या आप मानेंगे कि वह कोर्टयार्ड के अंदर है या बाहर? जिस पर वकील ने इसके अंदर होने की बात कही.

तभी जस्टिस बोबडे ने उनसे पूछा कि इस जगह को बाबरी मस्जिद कब से कहना शुरू किया गया? रामलला के वकील ने इसपर जवाब दिया कि 19वीं सदी में, उससे पहले के कोई साक्ष्य नहीं हैं. उन्होंने पूछा कि इसका क्या सबूत है कि बाबर ने ही मस्जिद बनाने का आदेश दिया था. क्या इसका कोई सबूत है कि मंदिर को बाबर या उसके जनरल के आदेश के बाद ही ढहाया गया था.

इस पर रामलला के वकील ने कहा कि मंदिर को किसने ढहाया इस पर कई तरह के तथ्य हैं, लेकिन ये तय है कि इसे 1786 से पहले गिराया गया था.

11.05 AM: रामलला के वकील के द्वारा स्कन्द पुराण का जिक्र किए जाने पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आप जिन शब्दों का जिक्र कर रहे हैं, उनमें रामजन्मभूमि के दर्शन का जिक्र है. इसमें किसी देवता का जिक्र नहीं है. जिसपर वकील वैद्यनाथन ने कहा कि रामजन्मभूमि ही अपने आप में देवता है.

10.54 AM: अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. रामलला विराजमान की तरफ से सीएस. वैद्यनाथन अपनी दलीलें रख रहे हैं, उन्होंने अदालत के सामने पुराणों का हवाला देना शुरू किया है. मंगलवार को राजीव धवन ने कहा था कि रामलला के वकील सिर्फ अदालत के फैसले को पढ़ रहे हैं, कोई तथ्य नहीं दे रहे हैं. जिसके बाद अब उन्होंने पुराणों का जिक्र करना शुरू किया है.

रामलला के वकील की तरफ से अदालत में स्कन्द पुराण का जिक्र किया गया है. उन्होंने इस दौरान सरयू नदी-राम जन्मभूमि के इतिहास और महत्व के बारे में बताया.

दलीलों में छाए रहे ऐतिहासिक तथ्य

रामलला विराजमान की तरफ से दलीलें रख रहे सी. एस. वैद्यनाथन ने कई बार अदालत में ऐतिहासिक और पौराणिक तथ्यों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इतिहास से जुड़ी कई रिपोर्ट्स में इस बात को माना गया है कि वहां पर मस्जिद से पहले मंदिर था.

इसके अलावा उन्होंने तर्क दिया कि बाहरी लोगों ने मंदिर को तोड़ा और मस्जिद बनाई थी. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ये मस्जिद बाबर ने ही बनवाई थी.

अदालत ने वकीलों से दागे सख्त सवाल

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की पीठ कर रही है. मंगलवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने रामलला के वकील से सख्त सवाल दागे, उन्होंने कहा कि अगर आप दूसरे पक्ष से जमीन पर दावे के सबूत मांग रहे हैं, तो आपको भी सबूत पेश करने चाहिए. साथ ही अदालत ने कहा कि रामलला के वकील का नजरिया ही हर किसी का नजरिया नहीं हो सकता है, आप अपने तर्क रखें और लोगों को अपने तर्क रखने दें.

रामलला विराज के वकील सी. एस. वैद्यनाथन से पहले अदालत में के. परासरण, निर्मोही अखाड़ा की तरफ से सुशील कुमार जैन ने अपनी बात रखी. इस मसले को हफ्ते में पांच दिन सुना जा रहा है, हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से वकील राजीव धवन ने इसका विरोध किया था लेकिन अदालत ने उनकी इस मांग को ठुकरा दिया.

गौरतलब है कि अयोध्या मामले की सुनवाई CJI रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ कर रही है. इस पीठ में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए. नजीर भी शामिल हैं.

राहुल ने स्वीकारा राज्यपाल का न्योता, पूछा- कब आ सकता हूं कश्मीर?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का न्यौता स्वीकार कर लिया है. ट्विटर पर राहुल गांधी ने लिखा, ‘मलिक जी, मेरे ट्वीट पर आपके जवाब को मैंने देखा. मैं जम्मू-कश्मीर की यात्रा करने और लोगों से मुलाकात करने के आपके निमंत्रण को स्वीकार करता हूं. इसमें कोई भी शर्त नहीं जुड़ी है. मैं कब आ सकता हूं?’

राहुल गांधी ने सत्यपाल मलिक पर इशारों ही इशारों पर तंज भी कसा है. उन्होंने सत्यपाल मलिक के सरनेम को ‘मालिक’ लिखा है. उनका इशारा जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल होने पर था.

वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर राज्यपाल मलिक पर निशाना साधा है. आरजेडी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शेयर किया, ‘मालिक जी के दो मालिक हैं. एक दिल्ली में बैठे हुए हैं. हामी आने से रही.’

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था कि मैंने राहुल गांधी को यहां आने के लिए न्योता दिया है. मैंने उनसे कहा कि मैं आपके लिए विमान भेजूंगा ताकि आप स्थिति का जायजा लीजिए और तब बोलिए. आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और आपको ऐसे बात नहीं करनी चाहिए.

ट्वीट का स्क्रीनशॉट

राहुल गांधी ने शनिवार की रात कहा था कि जम्मू-कश्मीर से हिंसा की कुछ खबरें आई हैं और प्रधानमंत्री मोदी को पारदर्शी तरीके से इस मामले पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए. राज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने में कोई सांप्रदायिक दृष्टिकोण नहीं है.

पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को आड़े हाथों लिया था. चिदंबरम ने कहा कि राहुल गांधी को भेजा गया निमंत्रण सामान्य नहीं है. यह एक तरह से प्रोपेगेंडा है. यह कहना गलत है कि राहुल गांधी की शर्तें बकवास हैं.

राहुल ने सेना के जवानों के साथ कश्मीरियों से मिलने की आजादी मांगी है. यह कैसी स्थिति है. क्या कोई भी समाज के सभी तबकों और जवानों से मिलने की स्वतंत्रता की मांग नहीं कर सकता है.

73 साल पहले 75 करोड़ लेकर अलग हुआ था PAK, इस वजह से हुआ बर्बाद

आज की तारीख में पाकिस्तान की आबादी 20 करोड़ से ज्यादा है और यह दुनिया का छठा बड़ी आबादी वाला देश है. आबादी में पाकिस्तान ने रूस और ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है. 1951 की जनगणना के मुताबिक आजादी के समय पाकिस्तान की कुल आबादी करीब साढ़े 7 करोड़ थी. 

दरअसल पाकिस्तान 14 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था और आज अपनी आजादी की 73वीं वर्षगांठ मना रहा है. उस समय पाकिस्तान को भारत ने 75 करोड़ रुपये दिए थे, ये पैसे आर्थिक मदद के तौर पर पाकिस्तान को मिले थे.
बंटवारे के वक्त पाकिस्तान को अचल संपत्ति का 17.5 फीसदी हिस्सा मिला था, जबकि भारत के हिस्से में 82.5 फीसदी था. इस अचल संपत्ति में मुद्रा, सिक्के, पोस्टल और रेवेन्यू स्टैंप, गोल्ड रिजर्व और आरबीआई के एसेट्स शामिल थे. 

दोनों देशों के बीच के चल संपत्ति की बात करें तो यहां बंटवारे का फॉर्मूला 80-20 के अनुपात का था. जिसमें सरकारी टेबल, कुर्सियां, स्टेशनरी, लाइटबल्ब, इंकपॉट्स और ब्लॉटिंग पेपर भी शामिल थे. जब बंटवारा हुआ था तो उस वक्त दोनों देशों की आर्थिक सेहत करीब-करीब एक जैसी थी

बता दें, 1947 में पाकिस्तानी करेंसी की खासी वैल्यू थी. उस समय एक अमेरिकी डॉलर 12 रुपये 15 पैसे के बराबर था. जो आज की तरीख में बढ़कर 160 रुपये तक पहुंच गया है. जबकि पिछले साल यानी 18 अगस्त 2018 को पाकिस्तानी रुपया 123.35 पर था. इससे पहले 2006 में एक अमेरिकी डॉलर का वैल्यू 104 पाकिस्तानी रुपये था. 

दरअसल गलत नीतियों की वजह से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही संकट में घिरी है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से रुपये में लगातार गिरावट ने संकट और बढ़ा दिया है. इसकी बड़ी वजह है कि विदेशी कर्ज तेजी से बढ़ता जा रहा है. 

वैसे तो पाकिस्तान एक विकासशील देश है. लेकिन विकास हो नहीं रहा है. साल 2007 तक पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 7 प्रतिशत की वार्षिक दर से घट रही थी. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान तेजी से लुढ़का है. राजनीतिक उथल-पुथल के कारण आज यह पड़ोसी देश दिवालिया होने के कगार पर आ गया है.

पिछले एक साल से पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान देश की सेहत सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन हालात और बेकाबू होते जा रहे हैं. पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्दा कोष (IMF) से 6 अरब डॉलर का कर्ज ले रहा है. लेकिन इस कर्ज को देने के साथ IMF ने पाकिस्तान पर कड़ी शर्तें थोप दी हैं, जिसे इमरान सरकार ने स्वीकार भी कर लिया है. पाकिस्तान पर दबाव है कि अगले 12 महीने में 700 अरब रुपये के फंड की व्यवस्था करे. 2013 में पाकिस्तान ने आईएमएफ से 6.6 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया था, जो अभी भी बकाया है.

वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के खजाने में विदेशी पूंजी भंडार इतना बचा है कि महज 2 महीनों के आयात के काम आ सकता है. इससे वहां भुगतान संकट की स्थिति पैदा हो सकती है. संभावना है कि समीक्षा में पाकिस्तान को काली सूची में डाल दिया जाएगा. इसके बाद वैश्विक वित्तीय प्रणाली तक पाकिस्तान की पहुंच कम हो जाएगी और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा उसे दिए जा रहे 6 अरब डॉलर के कार्यक्रम पर भी असर पड़ेगा. मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के समक्ष भुगतान का संकट मुंह बाए खड़ा है.

करीब 280 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला पाकिस्तान अब GDP के आंकड़ों की रेस में बांग्लादेश से भी पिछड़ सकता है. क्योंकि पाकिस्तान सरकार का कर्ज और देनदारी जीडीपी के 91 फीसदी के स्तर तक पहुंच गया है. यही नहीं, फिलहाल पाकिस्तान पर कर्ज और देनदारी करीब 35 लाख करोड़ रुपये की हो गई है. 

आर्थिक तरक्की की राह में पाकिस्तान लगातार फिसलता जा रहा है. पाकिस्तान सरकार अर्थव्यवस्था के लगभग सभी क्षेत्रों में लक्ष्य को पाने में असफल रही है. पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर गिरकर 3 फीसदी के करीब पहुंच गई है. यह पाक सरकार द्वारा 6.3% के लक्ष्य की तुलना में बहुत कम है.

कौन जिम्मेदार
पाकिस्तान में जो टैक्स प्रणाली की व्यवस्था है, वह पारदर्शी और अनुकूल नहीं है. पाकिस्तान में टैक्स कलेक्शन जीडीपी का लगभग 10 फीसदी ही है, जो कि बेहद कम है और इसी वजह से टैक्स की मार आम आदमी पर पड़ रही है. दूसरी बात भ्रष्टाचार चरम पर है. पाकिस्तान में अमीर लोगों की तादाद काफी है, लेकिन वहां ऐसा कोई फ्रेम नहीं है जिससे अमीरों से टैक्स वसूला जाए.

दिग्विजय ने कहा- कश्मीर में शांति का दावा, लेकिन विदेशी रिपोर्ट्स तो कुछ और ही बता रहीं

भोपाल.कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में हालात खराब होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भले ही राज्य मेंसबकुछ सामान्य बता रही है, लेकिन विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स अलग बातें सामने आई हैं। दिग्विजय ने कहा कि मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाकर अपने हाथ जला लिए हैं। अब हमारा पहला लक्ष्य कश्मीर को बचाना है।

उन्होंनेकहा, ”कांग्रेस को आरोपी बनाया जा रहा है कि उसने अनुच्छेद 370 को बनाए रखा, जिससे आतंकवाद पनपा। मगर मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि 35ए भी उसी कानून का विस्तार है जो 1927 में जम्मू-कश्मीर के शासक के द्वारा बनाया गया था। यह प्रदेश से बाहर के लोगों को नौकरी करने या जमीन खरीदने की इजाजत नहीं देता है। यह नियम कश्मीरी पंडितों की अनुशंसा पर तब के शासक ने बनाया था। रविवार को सिंह नेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, एनएसए अजीत डोभाल से अपील की थी कि कोई भी कदम विचारकर उठाएं, नहीं तो कश्मीर हमारे हाथ से निकल सकता है।

पुलवामा हमला इंटेलिजेंस फेल होने से हुआ:सिंह
दिग्विजयने आरोप लगाया है कि पुलवामा में सीआरपीए के काफिले पर आतंकी हमला इंटेलिजेंस के असफल होने के कारण हुआ था। मगर जिन लोगों ने इस बारे में सवाल उठाए, सरकार ने उन्हें देशद्रोही घोषित कर दिया। जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी पुलवामा हमले में इंटेलिजेंस फेल होने की बात स्वीकार की थी। यदि कोई और देश होता तो गृह मंत्री को इस्तीफा देना पड़ता। मगर यहां तो सवाल उठाने वाले को ही देशद्रोही घोषित कर दिया गया।

इस प्रक्रिया के लिए कुछनियम बनाए गए हैं: प्रियंका

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर कहा था- जिस तरीके से यह सबकुछ किया गया, वह पूरी तरह से असंवैधानिक है। यह लोकतंत्र के नियमों के खिलाफ है। ऐसे कार्यों को किए जाने को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं। उनका बिल्कुल पालन नहीं किया गया।

CJI ने सीबीआई को घेरा, कहा- राजनीतिक मामलों में खरी नहीं उतरती आपकी जांच

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) रंजन गोगोई ने मंगलवार को सीबीआई पर तंज कसते हुए कहा कि जब मामला राजनीति से जुड़ा नहीं होता तो सीबीआई अच्छा काम करती है. लेकिन राजनीति से जुड़े संवेदनशील मामले में उनकी पड़ताल न्यायिक जांच के मानकों को पूरा नहीं कर पाती.

हाई प्रोफाइल मामलों में दोषी को सजा दिलाने में नाकाम रहने को लेकर भी सीजेआई ने सीबीआई को जमकर घेरा. डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर के 18वें संस्करण में सीजेआई ने मंगलवार कहा कि सीबीआई की अपनी एक खास जगह है. लेकिन उनकी नाकामी ने ध्यान ज्यादा खींचा है. चीफ जस्टिस ने सीबीआई में असमानता को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि एक्जीक्यूटिव में 15 फीसदी पद खाली हैं. जबकि सीबीआई की टेक्निकल यूनिट में भी 28 प्रतिशत पदों पर भर्तियां नहीं हुईं.

एजेंसी के लीगल डिपार्टमेंट में भी 50 प्रतिशत पद रिक्त पड़े हुए हैं. इससे काम का भार बढ़ता जा रहा है. सीजेआई ने कहा कि राजनीतिक प्रभाव के कारण जांच प्रभावित होती है. सीबीआई में पर्याप्त निवेश नहीं हो पा रहा है, जिससे जांच पर असर पड़ता है. सीजेआई ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा क्यों होता है कि जब कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं होता तो सीबीआई अच्छा काम करती है.

सुप्रीम कोर्ट ने विनीत नारायण मामले में सीबीआई डायरेक्टर के पद के लिए गाइडलाइंस जारी की थी. इन सभी कारणों से सीबीआई की स्वायत्तता पर बुरा असर पड़ रहा है. गोगोई ने आगे कहा, सीबीआई की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए न्यायपालिका लगातार कोशिश कर रही है. सीबीआई को राजनीतिक प्रभाव से बचाने के लिए अदालतों ने कई गाइडलाइंस जारी की हैं. उन्होंने कहा कि CBI को सीएजी की तरह सांविधिक अधिनियम के जरिए स्वायत्तता मिलनी चाहिए.