मानसून ने बदला ट्रैक, इस वजह से झमाझम की उम्मीद हुई कम

ग्वालियर, । मानसून के बादलों ने फिर से ट्रैक बदल लिया है। छत्तीसगढ़ से पूर्वी मध्य प्रदेश होते भोपाल-मालवा की ओर निम्म दाब का क्षेत्र चला गया। इससे ग्वालियर चंबल संभाग में जोरदार बारिश की संभावना कम हो गई है। अगले 24 घंटे में हलकी से मध्यम बारिश की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में एक निम्नदाब का क्षेत्र बना हुआ था। मानसून ट्रफ लाइन ग्वालियर-चंबल संभाग की ओर सिस्टम खींच रही थी, लेकिन गुरुवार को सुबह मानसून ट्रफ भोपाल, मालवा की ओर झुक गई। इस वजह से निम्नदाब का क्षेत्र छत्तीसगढ़ के पेड्रा से भोपाल की ओर मुड़ गया। जबलपुर-भोपाल में बारिश करते हुए मालवा, राजस्थान की ओर सिस्टम चला गया है।

इस कारण 9 अगस्त के अच्छी बारिश की संभावना जताई थी, वह खत्म हो गई। ग्वालियर-चंबल संभाग में मध्यम से हलकी बारिश की ही संभावना है। वहीं दूसरी ओर गुरुवार को शाम को हलकी व तेज बारिश हुई। खंड वर्षा हुई। इससे लोगों को चौमासे का अहसास नहीं हो रहा है। मानसून की बेरुखी के चलते औसत बारिश से भी पिछड़ते जा रहे हैं। 8 अगस्त तक औसत बारिश 403 मिमी होनी चाहिए। औसत से 38.4 मिमी पीछे चल रहे हैं।

अधिकतम तापमान-34 डिग्री

न्यूनतम तापमान- 25.3 डिग्री

बारिश-1.8 मिमी

कुल बारिश 364.6 मिमी

8 अगस्त तक औसत बारिश की स्थिति

भारतीय फिल्में बैन करने के बाद अब रोएगा पाकिस्तान, पीएम मोदी से की गई ऐसी डिमांड

भारत के अनुच्छेद 370 के पहले खंड को छोड़कर बाकी खंडों को खत्म करने के फैसले से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को कम कर दिया।इसी में एक और कदम आगे बढ़ते हुए उसने भारतीय फिल्मों को पाकिस्तान में रिलीज करने से मना कर दिया है। ऐसा करने के बाद अब एक बार फिर पाकिस्तान मुंह की खाने को तैयार है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के सहयोगी डॉ फिरदौर आशिक एवान ने कहा कि अब पाकिस्तान में भारतीय फिल्में नहीं दिखाई जाएंगी। ये पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने भारतीय फिल्मों अपने देश में दिखाने से मना किया है। इससे पहले भी वह ऐसे फैसले लेता रहा है। 

पाकिस्तान की इस हरकत के बाद भारत के ऑल इंडिया सिने वर्कस एसोसिएशन(AICWA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बॉलीवुड में पाक कलाकारों पर ब्लैंकेट बैन (पूर्णत: प्रतिबंध) की मांग की है। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। 

एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुरेश गुप्ता ने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बधाई दी है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय फिल्मों को बैन किए जाने पर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन फिल्म इंडस्ट्री, फिल्म फ्रेटरनिटी से आग्रह करती है कि पाकिस्तानी कलाकारों, संगीतकारों और राजनयिकों पर बैन लगाया जाए। 

पत्र में आगे लिखा है कि AICWA इस बात की मांग करता है कि पाकिस्तान से किसी मामले पर बात न की जाए। जब तक पाकिस्तानी फिल्म मेकर्स, कलाकारों और ट्रेड पार्टनर्स को बैन नहीं किया जाएगा कोई भी काम नहीं करेगा। 

मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल के खिलाफ गैर जमानती वारंट

नई दिल्ली .दिल्ली की काेर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे और व्यवसायी रतुल पुरी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। वीवीआईपी हेलीकाॅप्टर घाेटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी उनकी जांच कर रहा है।

विशेष जज अरविंद कुमार की काेर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पुरी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी। ईडी ने कोर्ट से कहा था कि पुरी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और उनसे संपर्क भी मुश्किल है। अपने आवेदन में जांच एजेंसी ने दलील दी थी कि पुरी से मंगलवार को जांच में शामिल होने को कहा गया था लेकिन वह पेश नहीं हुए। कोर्ट ने मंगलवार को पुरी की

अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ईडी के समन पर वह एकबार पेश भी हुए थे लेकिन टॉयलट जाने के बहाने निकल गए थे और फिर पेश नहीं हुए। ईडी ने गुरुवार को कोर्ट से कहा था कि अगर पुरी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ अाैर गवाहाें काे प्रभावित कर सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- चीन के साथ व्यापार सौदा करने को तैयार नहीं है अमेरिका

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह चीन के साथ व्यापार सौदे को अंतिम रूप देने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने संकेत दिया कि वह सितंबर में होने वाली बातचीत को रद्द कर सकते हैं. इससे अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के और अधिक तेज होने की उम्मीद है.

ट्रंप ने छुट्टियों के लिए व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले संवाददाताओं से कहा, ”हम देखेंगे कि हम सितंबर में बैठक कर पाते हैं या नहीं.” उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ट्रंप द्वारा चीनी उत्पादों पर नये तरह के दंडात्मक शुल्क लगाये जाने और इसके जवाब में बीजिंग द्वारा अमेरिका से सभी तरह के कृषि उत्पादों की खरीद रोके जाने के बाद दोनों देशों के संबंधों में और अधिक कड़वाहट आ गयी है. 

ट्रंप ने कहा, ”हम सौदे के लिए तैयार नहीं है लेकिन हम देखते हैं कि क्या होता है.” उन्होंने कहा, ”हमारे पास सभी तरीके हैं. हम अच्छा कर रहे है.” अमेरिका और चीन के वार्ताकारों के बीच जुलाई में बैठक हुई थी और अगले दौर की बैठक सितंबर में होनी है. ट्रंप ने कहा, ”बैठकें होती हैं या रद्द होती हैं, यह हम देखेंगे.”

टेरर फंडिंग केस: पूर्व कश्मीरी विधायक इंजीनियर राशिद को NIA ने किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद को गिरफ्तार कर लिया है. टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में राशिद की गिरफ्तारी हुई है. इससे पहले एनआईए ने रविवार को इंजीनियर राशिद से टेरर फंडिंग से जुड़े केस में पूछताछ की थी. इंजीनियर राशिद से दिल्ली में यह पूछताछ की गई थी.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 4 अगस्त को कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद से टेरर फंडिंग से जुड़े केस में पूछताछ की थी. इंजीनियर राशिद से दिल्ली में यह पूछताछ की गई.

इंजीनियर राशिद इसके पहले भी एनआईए के निशाने पर आ चुके हैं. सितंबर 2017 में जांच एजेंसी ने उन्हें पहली बार पूछताछ के लिए समन भेजा था. उस वक्त राशिद ने एनआईए की इस कार्रवाई और जांच को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया था. इंजीनियर राशिद लंगेट विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.

साल 2017 में राशिद को एनआईए ने टेरर फंडिंग के एक केस में पूछताछ के लिए समन भेजा था. राशिद पर आरोप है कि उनका जहूर वताली नाम के एक बिजनेसमैन से संपर्क है. एनआईए टेरर फंडिंग मामले में वताली को गिरफ्तार कर चुकी है.

आरोपों के मुताबिक जहूर वताली का संबध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके आका हाफिज सईद से है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और एनआईए दोनों एजेंसियां वताली से जुड़े आरोपों की जांच कर रही हैं. एक ताजा मामले में ईडी ने गुरुवार को वताली की 1.73 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी कुर्क की. यह कुर्की मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई.

पहले संसद सत्र में अपनी ही पार्टी के लिए किरकिरी का कारण बने ये नेता

नई लोकसभा के गठन के बाद संसद के पहले सत्र में कुछ नेता अपनी ही पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बन गए. कुछ का नाम विवाद से जुड़ा तो कुछ की जुबान ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दीं. यही नहीं सपा के 3 राज्यसभा सदस्यों ने इसी सत्र के दौरान अपनी पार्टी का साथ छोड़ दिया. वहीं, कांग्रेस के भी एक सदस्य ने बीच सत्र में बीजेपी ज्वाइन कर ली. ऐसे में इन नेताओं की वजह से संसद के भीतर इन पार्टियों को शर्मिंदा होना पड़ा.

आजम खान

पहली बार जीतकर संसद पहुंचे सपा सांसद आजम खान की वजह से उनकी पार्टी की सबसे बड़ी फजीहत हुई. लोकसभा में आसन पर बैठीं बीजेपी सांसद रमा देवी पर विवादित बयान देकर आजम ऐसे फंसे कि उन्हें सदन में माफी तक मांगनी पड़ी. उनके बयान को तमाम दलों ने महिला विरोधी और संसदीय गरिमा के खिलाफ बताया, यहां तक कि बीजेपी सांसदों ने स्पीकर से आजम को सस्पेंड करने की मांग कर डाली. हालांकि, स्पीकर ओम बिड़ला ने विषय की गंभीरता को समझा और आजम खान से सदन में माफी मंगवाकर विवाद को बढ़ने से रोक दिया.

अधीर रंजन चौधरी

लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपनी पार्टी लाइन से अलग बात कहकर कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि संयुक्त राष्ट्र 1948 से कश्मीर में मॉनिटरिंग करता आ रहा है. इसके जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस का स्टैंड है कि संयुक्त राष्ट्र कश्मीर को मॉनिटर कर सकता है. अधीर के इस बयान से यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी नाराज दिखीं. बाद में उन्हें अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी.

भुवनेश्वर कलिता

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर राज्यसभा में वोटिंग से पहले कांग्रेस के सांसद भुवनेश्वर कलिता ने पार्टी के स्टैंड को न मानते हुए अपनी सदस्यता छोड़ दी. भुवनेश्वर से सांसद कलिता कांग्रेस के चीफ व्हिप थे. वोटिंग के दिन सभी सदस्यों को हाजिर रखने की जिम्मेदार उन्हीं पर थी, लेकिन ऐसे अहम दिन वह खुद ही सदन से नदारद रहे. सत्तापक्ष के सांसदों ने इस पर कांग्रेस सांसदों से चर्चा के दौरान चुटकी भी ली, जो पार्टी के लिए मुसीबत बनी. भुवनेश्वर कलिता जल्द बीजेपी में शामिल होने वाले हैं.

संजय सिंह

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर सरकार का समर्थन किया. बिल के पक्ष में वोटिंग की. सरकार का साथ देना पार्टी सांसद संजय सिंह के लिए मुश्किल वक्त ले आया क्योंकि सदन में ही सपा के रामगोपाल ने उन पर तंज कर दिया. यादव ने कहा कि दिल्ली में रोज इनके नेता गवर्नर के सामने रोते रहते हैं. आज ये एक और गवर्नर वाले राज्य के गठन का पक्ष ले रहे हैं. दिल्ली सरकार और उप-राज्यपाल की बीच की लड़ाई कोई नई नहीं है. AAP नेताओं को इसे लेकर धरने तक पर बैठना पड़ा था. इसके बाद संजय सिंह ने भी संसद से बाहर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ धारा 370 हटाने का समर्थन किया था.

नीरज शेखर

सपा से राज्यसभा सांसद रहे नीरज शेखर बीच सत्र में पार्टी का साथ छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए. सरकार के खिलाफ उच्च सदन में नीरज शेखर सबसे मुखर आवाजों में से एक थे. विभिन्न मुद्दों पर उन्हें पुरजोर तरीके से विरोध दर्ज कराते देखा गया. शेखर के अलावा गांधी परिवार के करीबी और अमेठी राजघराने के संजय सिंह भी पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए. पहले ही सत्र में राज्यसभा में सपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर और संजय सेठ ने भी पार्टी का साथ छोड़ दिया है.

भारत के साथ ट्रेड खत्‍म करने से डरे पाकिस्‍तानी, कहा- इमरान हमें क्‍या खिलाना चाहते हैं… घास?

इस्‍लामाबाद, । जम्‍मू कश्‍मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद 370 के प्रावधानों को खत्‍म किए जाने से बेचैन पाकिस्‍तान ने सबसे पहले भारत के साथ व्‍यापारिक संबंधों को खत्‍म कर लिया, जिससे वहां की जनता के मन में कई आशंकाएं उठ रही हैं। सबसे पहले तो इन्‍हें खाद्य सामान की कीमतें बढ़ जाने का डर सता रहा है। इस डर के कारण यहां की जनता में सरकार को लेकर भी गुस्‍सा है। बड़़ी़ संख्‍या में लोगों का कहना है कि भारत से आयात बंद होने के कारण इस बार की ईद सच में फीकी रहेगी, वहीं कुछ लोगों के मन में सवाल है कि न प्‍याज होगा और न सब्‍जियां, हम क्‍या खाएंगे?

रसोई के सामान की कीमतों को लेकर तनाव

वहां के व्‍यापारी वर्ग व आम जनता का कहना है कि भारत से आयात होने वाले खाद्य सामग्रियों का आना बंद हो जाने के कारण इस बार की ईद मुश्‍किल भरी होगी। पाकिस्‍तान की एक गृहिणी नजमा ने बताया, ‘बढ़ती महंगाई के कारण रोजमर्रा के रसोई के सामान की कीमतों से हम परेशान हैं। आय में कोई वृद्धि नहीं है, लेकिन दूध, सब्‍जियों, मीट से लेकर तमाम चीजें महंगी हो गई हैं। और अब भारत के साथ व्‍यापारिक संबंध को तोड़ने का फैसला न जाने क्‍या असर करेगा, नहीं पता, हम इसे कैसे मैनेज करेंगे।’ यहां तक कि फेरीवालों को भी सरकार के इस कदम का असर पता है।

पाकिस्‍तानी प्‍याज विक्रेता ने कहा, ‘ईद के लिए केवल 3-4 दिन ही बचे हैं और मार्केट में सुस्‍ती है। प्‍याज और सब्‍जियों के लिए हम भारत पर ही आश्रित हैं, जो कि ईद के खाने के लिए जरूरी सामान हैं। मुझे पक्‍का विश्‍वास है कि प्‍याज की कीमत काफी बढ़ जाएगी। हमें इमरान खान क्‍या खिलाना चाहते हैं? घास?’

ईद के बाद शादियों का मौसम भी नहीं हो पाएगा गुलजार

पाकिस्‍तान में भारत से केमिकल, टमाटर और प्‍याज जैसे कई खाद्य सामग्रियों का आयात किया जाता था। यहां के बैंकर अशफाक ने कहा, ‘हकीकत में यह ईद ‘फीकी ईद’ होगी। और फिर यहां शादी का मौसम होगा, जिसपर भारत के साथ खत्‍म हुए व्‍यापारिक संबंधों का असर होगा। इसके बाद मुहर्रम भी सूना सा होगा। वास्तव में मुझे समझ में नहीं आ रहा कि इस कदम से हमारी अपनी अर्थव्यवस्था में सेंध लगाने वाली प्रतिक्रिया से सरकार क्‍या दिखाना चाहती है।’

रोटी-नान पहले ही हैं महंगी

इस माह की शुरुआत में पाकिस्‍तानी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश: 5.15 रुपये प्रति लीटर और 5.65 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। इसके अलावा केरोसिन तेल की कीमत में भी 5.38 रुपये का इजाफा हुआ है। इससे पहले सरकार द्वारा यहां के लोकप्रिय ब्रेड, नान और रोटी की कीमतों में कमी के आदेश दिए गए थे। फिलहाल पाकिस्‍तान के विभिन्‍न शहरों में एक नान की कीमत 12-15 रुपये, रोटी की 10-12 रुपये है। नई कीमतें अभी लागू नहीं की गई हैं।

पाकिस्‍तान को ये सामान भेजता है भारत

पाकिस्तान भारत से जैविक रसायन, कपास, प्लास्टिक उत्पाद, अनाज, चीनी, कॉफी, चाय, लौह और स्टील के सामान, दवा और तांबा आदि का आयात करता है।

भारत पाकिस्‍तान से मंगवाता है ये सामान

पाकिस्तान भारत को ताजे फल, टमाटर और प्‍याज जैसे कई खाद्य सामग्रियां, सीमेंट, खनिज, अयस्क, तैयार चमड़ा, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, अकार्बनिक रसायन, कच्चा कपास, मसाले, ऊन, रबड़ उत्पाद, अल्कोहल पेय, चिकित्सा उपकरण, समुद्री सामान, प्लास्टिक, डाई और खेल  आदि का निर्यात करता है।

पुलवामा के बाद 200 फीसद सीमा शुल्क लगाए जाने के बाद आयात में कमी आई है। आतंकवादी हमले के बाद 16 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी आर्थिक कार्रवाई करते हुए भारत ने पड़ोसी देश से आयातित सभी वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 200 फीसद कर दिया था।

अब गैर गांधी होगा सियासी चक्रव्यूह में घिरी कांग्रेस का नया चेहरा, ये दिग्‍गज नेता हैं प्रबल दावेदार

नई दिल्ली, । कांग्रेस अपना नया अध्यक्ष चुन लेगी या राहुल गांधी के उत्तराधिकारी की तलाश अभी और लंबी होगी, शनिवार को इसकी तस्वीर साफ हो जाएगी। पिछले ढाई महीने से नए नेतृत्व का चेहरा तय करने पर जारी सियासी चुनौती को अनुच्छेद 370 पर पार्टी में मचे घमासान ने और बढ़ा दिया है।

कांग्रेस के सबसे संकटपूर्ण दौर में फिलहाल गांधी परिवार का नेतृत्व होते हुए जब पार्टी नेता खुलेआम पार्टी लाइन से असहमति जता रहे हैं। तब गांधी परिवार से बाहर के नये नेतृत्व की भविष्य की चुनौती कितनी गंभीर होगी इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। बहरहाल, चुनौतियों के इस चक्रव्यूह से बाहर आने का रास्ता निकालने की पहली कोशिश में उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस कम से कम अपना नया अंतरिम अध्यक्ष तो चुन लेगी।

 ये दिग्‍गज नेता हैं प्रबल दावेदार
पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक अंतरिम अध्यक्ष की रेस में प्रबल दावेदार माने जा रहे। वरिष्ठ नेताओं की पीढ़ी में मल्लिकार्जुन खड़गे की दावेदारी भी गंभीर है। वासनिक और पिछली लोकसभा में कांग्रेस के नेता रहे खड़गे के अलावा पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा के नाम भी संभावितों में हैं।

खास बात यह है कि ये सभी नेता दलित समुदाय से हैं। वहीं, युवा दावेदारों में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का नाम है तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अनुच्छेद 370 पर पार्टी लाइन की मुखालफत कर खुद को दौड़ से बाहर कर लिया है।

राहुल गांधी का इस्तीफा होगा स्‍वीकार!
कांग्रेस कार्यसमिति की यह बैठक पार्टी के नये अध्यक्ष का फैसला करने के लिए ही विशेष रूप से बुलाई गई है। इसीलिए पार्टी संविधान के अनुसार कार्यसमिति सबसे पहले राहुल गांधी का इस्तीफा स्वीकार करेगी और इसके बाद नये अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में व्यापक अंदरूनी राय यही है कि नये पूर्णकालिक अध्यक्ष पर कोई फैसला नहीं हो पाता है, तो कार्यसमिति को अस्थायी या अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त कर देना चाहिए।

लिया जा सकता है विशेष पैनल बनाने का फैसला
गांधी परिवार से बाहर के चेहरे पर पार्टी नेताओं के बीच सहमति बनाने की चुनौती को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि कार्यसमिति फिलहाल अंतरिम अध्यक्ष का ही चुनाव करेगी। संकेत यह भी हैं कि चार से छह नेताओं का एक विशेष पैनल बनाने का भी फैसला लिया जा सकता है। इस पैनल को पार्टी में चर्चा कर अंतरिम अध्यक्ष के नाम का चयन करने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

नेताओं के बीच घमासान ज्यादा नहीं हुआ और शनिवार को कार्यसमिति में अंतरिम अध्यक्ष का चयन हो जाता है, तो फिर पैनल को अगले छह-आठ महीने में संगठन चुनाव कराने की रूपरेखा तय करने का जिम्मा सौंपा जा सकता है। पूर्णकालिक अध्यक्ष का चयन चुनाव के जरिए करा गांधी परिवार से बाहर के नेतृत्व की पार्टी में स्वीकारोक्ति मौजूदा हालातों में पार्टी के लिए ज्यादा मुफीद होगा।

गैर गांधी होगा कांग्रेस का नया चेहरा!
पार्टी के हाशिए पर चले जाने के बाद भी गांधी परिवार से बाहर के नेतृत्व को कबूल करने को लेकर नेताओं में सहजता नहीं दिख रही। इसीलिए पहले राहुल गांधी पर इस्तीफा वापस लेने का नेताओं ने दबाव डाला। मगर जब वे नहीं माने और इस्तीफे की चिट्ठी डेढ़ महीने पहले सार्वजनिक कर दी तो फिर कांग्रेस के कई नेताओं ने प्रियंका गांधी वाड्रा को अध्यक्ष बनाने की वकालत शुरू कर दी।

गांधी परिवार से बाहर के चेहरे को ही कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाने के राहुल गांधी के अडिग रुख को देखते हुए प्रियंका फिलहाल दौड़ में नहीं हैं। ऐसे में यह तय है कि दो दशक बाद एक बार फिर गांधी परिवार से बाहर का कोई नेता कांग्रेस का अध्यक्ष होगा। सीताराम केसरी को हटाए जाने के बाद मार्च 1998 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभाली थी। तब से दिसंबर 2017 तक करीब 20 वर्षों तक पार्टी की कमान उनके हाथ में रही। हालांकि, राहुल गांधी का कार्यकाल महज 20 महीने का ही रहा है।

पाकिस्तान की बौखलाहट जारी, समझौता एक्सप्रेस के बाद रोकी लाहौर बस सेवा

जम्मू कश्मीर को लेकर भारत की ओर से किए गए फैसले के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और लगातार एक के बाद एक फैसला करता दिखाई दे रहा है. अब पाकिस्तान ने पाकिस्तान-भारत बस सेवा को रोक दिया है. इसके साथ ही भारत-पाकिस्तान के बीच लाहौर से नई दिल्ली चलने वाली बस सेवा भी बंद कर दी गई है. इसस पहले पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस रोकने का ऐलान किया था.

बस सेवा रोकने से पहले और जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस रोक दी थी. पाकिस्तान ने अपने ट्रेन ड्राइवर और गार्ड को समझौता एक्सप्रेस के साथ भेजने से मना कर दिया. जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर लगातार टांग अड़ा रहा है. जबकि भारत साफ शब्दों में इसे आंतरिक मामला बता चुका है. पाकिस्तान ने कश्मीर से 370 हटाने के फैसले को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है.

वहीं तिलमिलाए पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस के बाद मुनाबाव-खोखरापार ट्रेन सेवा रद्द कर दी है. इसके साथ ही थार एक्सप्रेस को रोकने का फैसला किया गया है. राजस्थान के जोधपुर से थार एक्सप्रेस पाकिस्तान जाती है.

बता दें कि भारत ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया है और जम्मू कश्मीर राज्य को जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बांट दिया है. इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है.